6 दिवसीय कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स को भूकंप, बाढ़, CBRN डिजास्टर और फर्स्ट एड की दी गई विशेष ट्रेनिंग
चमोली। भारत सरकार की युवा आपदा योजना के तहत जनपद चमोली में आयोजित व्यापक आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया है। यह कार्यक्रम 14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ था और 20 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक समाप्त हुआ। प्रशिक्षण भारत सरकार, उत्तराखंड शासन के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग तथा जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया।
छह दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में एनसीसी कैडेट्स को आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां और व्यावहारिक अभ्यास कराए गए। प्रशिक्षकों ने कैडेट्स को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तैयारी और सुरक्षा के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके अलावा कैडेट्स को फर्स्ट एड, केमिकल, न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल आपदाओं में बचाव के उपाय, रोड सेफ्टी, रस्सी बांधने की तकनीकें, गहरी खाइयों व नदियों को पार करने के तरीके, सैटेलाइट फोन का उपयोग, जंगल की आग नियंत्रण, स्ट्रेचर बनाना और घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने जैसी आवश्यक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित की। अधिकारियों का मानना है कि ये प्रशिक्षित एनसीसी कैडेट्स भविष्य में आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में स्थानीय प्रशासन की मदद कर सकेंगे, जिससे राहत और बचाव कार्यों की गति और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।
समापन समारोह में आपदा प्रबंधन मास्टर ट्रेनर राजू शाही, सुशील सिंह कैन्तुरा, किशन राजगुरु, युवा आपदा मित्र टीम, तथा 01 यूके बटालियन गोपेश्वर के कर्नल शराजेश रावत, सूबेदार समर सिंह, सूबेदार जगदीश सिंह, हवलदार वीरेंद्र, ललित, साजिद अली, अजय उपस्थित रहे।
इसके अलावा जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून की ओर से जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
माणा बाजार में मंत्री गणेश जोशी ने स्थानीय उत्पादों की खरीददारी डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भुगतान कर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का संदेश दिया
चमोली। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी आज जनपद चमोली स्थित देश के प्रथम गांव माणा पहुंचे। मंत्री जोशी ने माणा आगमन पर भारतीय सेना के जवानों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उनके उत्साह एवं सेवा भाव की सराहना की।
इसके उपरांत ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने माणा बाजार का भ्रमण किया, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों, तीर्थयात्रियों एवं दुकानदारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं व सुझावों पर संवाद किया। उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर यात्रा व्यवस्था एवं सुविधाओं की भी जानकारी ली। माणा बाजार में मंत्री गणेश जोशी ने स्थानीय उत्पादों की खरीददारी करते हुए डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भुगतान किया और लोगों को डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
मंत्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अंतिम गांव माणा गांव देश का प्रथम गांव बनाया। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की संस्कृति, परंपरा एवं देशभक्ति पूरे उत्तराखण्ड के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश में 1.65 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। जो राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण व आजीविका वृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने बदरीनाथ धाम से लौटते समय वृद्ध बद्री के पास अपने काफिले को रोक कर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार्य कर रहे श्रमिकों को मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सभी कार्मिकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि कठोर परिस्थितियों में भी आप सभी जिस भावना और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं, वह वास्तव में प्रशंसनीय है।
इस दौरान बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
सीएम धामी ने समस्त नए मंत्रिमंडल को भी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी
कहा- डबल इंजन सरकार बिहार में सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करेगी
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर नीतीश कुमार को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने समस्त नए मंत्रिमंडल को भी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की डबल इंजन सरकार बिहार में सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करेगी। उन्होंने बिहार की जनता को भी इस अवसर पर बधाई दी और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिए गहन जांच के निर्देश, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने को आयोग की ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू
ऋषिकेश। दहेज उत्पीड़न से जुड़े एक गंभीर मामले में उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सीओ ऋषिकेश डॉ. पूर्णिमा गर्ग और एडिशनल एसपी जया बलूनी को तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने पुलिस को मामले की गंभीर जांच कर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
शिकायत पत्र के अनुसार, ऋषिकेश निवासी उमेश कुमार ने अपनी पुत्री सोनी की दहेज उत्पीड़न और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुत्री की शादी 02 जुलाई 2023 को सुमित पुत्र विनोद निवासी जाटव बस्ती, रेलवे रोड, ऋषिकेश से हुई थी। शादी के शुरुआत से ही पुत्री को उसके पति व ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। इस संबंध में 30 सितंबर 2023 को थाना पुलिस को तहरीर भी दी गई थी।
पीड़ित पिता के अनुसार 18 नवंबर 2025 की शाम करीब 6 बजे पुत्री के ससुराल वालों—पति सुमित, सास जसवंती, ससुर विनोद, जेठ अमित, जेठानी रूबी, ननद कामिनी, शिया सहित अन्य रिश्तेदार ने मिलकर सोनी की हत्या कर दी। आरोप है कि घटना के बाद सभी आरोपी शव को सरकारी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए।
गंभीर आरोपों को देखते हुए महिला आयोग ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला मानते हुए पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और दोषियों को कानूनन कठोर सजा दिलाई जाए।
आयोग का कहना है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले ऐसे अपराधों पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आईआईटी की मदद से यूपीसीएल ने तैयार किया लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने बिजली प्रबंधन की पुरानी चुनौतियों को खत्म करने के लिए एक बड़ा तकनीकी नवाचार किया है। अब कंपनी को मांग के उतार-चढ़ाव के कारण हर वर्ष लगने वाले भारी-भरकम जुर्माने से राहत मिलने की उम्मीद है। यूपीसीएल ने आईआईटी विशेषज्ञों के सहयोग से ऐसा स्मार्ट सिस्टम विकसित किया है, जो वास्तविक समय में बिजली की खपत व उपलब्धता की सटीक निगरानी कर सकेगा।
लंबे समय से यूपीसीएल के लिए राज्य में आने-जाने वाली बिजली का प्रबंधन करना एक जटिल प्रक्रिया रहा है। रोजाना की मांग का अनुमान, बाजार से खरीद की योजना, नेशनल ग्रिड से मिलने वाली ऊर्जा पर निगरानी—इन सभी चरणों को परंपरागत तरीके से संभालना न केवल कठिन था, बल्कि किसी भी तरह की कमी या अधिक खपत पर भारी पेनाल्टी का खतरा भी बना रहता था। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं तक पहुंचता था।
इसी समस्या को समाप्त करने के लिए ऊर्जा निगम ने आईआईटी के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर ऑटोमैटिक डिमांड रिस्पांस सिस्टम (ADRS) तैयार किया है। यह अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर उन सभी पॉइंट्स की लाइव रीडिंग उपलब्ध कराता है, जहां से बिजली राज्य में प्रवेश करती है या बाहर जाती है। सिस्टम स्क्रीन पर ग्राफिकल रूप में रियल-टाइम डेटा दिखाता है, जिससे बिजली की उपलब्धता, मांग और प्रवाह की सटीक स्थिति तुरंत स्पष्ट हो जाती है।
यूपीसीएल के परियोजना निदेशक अजय अग्रवाल के अनुसार, इस सॉफ़्टवेयर की मदद से यदि अचानक किसी समय बिजली की मांग बढ़ जाती है तो मुख्यालय से ही तुरंत नियंत्रण किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर कुछ इलाकों में सप्लाई को सीमित भी किया जा सकता है, जिससे ग्रिड संतुलन बना रहे और अनावश्यक जुर्माना न लगे।
उन्होंने बताया कि इस तरह की उन्नत लाइव मॉनिटरिंग तकनीक अपनाने वाला यूपीसीएल देश का पहला विद्युत निगम बन गया है, जो स्मार्ट एनर्जी मैनेजमेंट की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सोशल मीडिया मंथन कार्यक्रम में बोले धामी—फेक नैरेटिव की काट बनें जिम्मेदार क्रिएटर्स
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स से अपने कंटेंट में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, सांस्कृतिक धरोहरों और सामाजिक उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, फेक न्यूज या नकारात्मक नैरेटिव की भी प्रभावी काट कर सकते हैं।
“सोशल मीडिया मंथन” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज सोशल मीडिया संचार और सूचना के आदान-प्रदान का सबसे तेज और प्रभावी माध्यम बन चुका है। दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति अपने विचार और अपना दृष्टिकोण को कुछ ही क्षणों में पूरे विश्व तक पहुँचा सकता है। सोशल मीडिया ने आम नागरिक की आवाज को मंच प्रदान किया है। यही कारण है कि आज विश्व की बड़ी से बड़ी घटना से लेकर एक गांव की छोटी सी समस्या तक कुछ ही सेकंड में लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुँच जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में सत्ता संभालने के साथ ही सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया को संवाद, पारदर्शिता और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का ऐसा सशक्त माध्यम बनाया है, जिसने शासन व्यवस्था को न केवल जनकेंद्रित बनाया, बल्कि प्रत्येक नागरिक को नीति-निर्माण और निर्णय प्रक्रिया से भी प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी ने X, फेसबुक, ‘मन की बात’, माईगॉव और पीएमओ के डिजिटल इकोसिस्टम जैसे माध्यमों से भारत में ‘डिजिटल गवर्नेंस’ की एक नई मिसाल स्थापित की है। वो स्वयं भी विश्व के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले राजनेताओं में शीर्ष स्थान पर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार भी “डिजिटल उत्तराखंड” निर्माण के लिए संकल्पबद्ध है। मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर सभी विभाग तक जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले शिकायत दर्ज करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, परन्तु आज एक ट्वीट या फेसबुक संदेश से तत्काल समाधान मिल जाता है। वो स्वयं प्रतिदिन राज्य के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर आने वाले सुझावों, शिकायतों और जनसमस्याओं की निगरानी करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार सिर्फ एक पोस्ट या लाइव के कारण किसी बच्चे का इलाज संभव हुआ है, किसी बुजुर्ग की पेंशन बहाल हुई है, किसी सड़क की मरम्मत हुई या किसी आपदा या विपत्ति में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बचाने में सहायता मिली है। वहीं, दूसरी तरफ सोशल मीडिया का तेजी से दुरुपयोग भी बढ़ रहा है। आज फेक न्यूज़, अफवाहों और नकारात्मक नैरेटिव्स के माध्यम से समाज में भ्रम फैलाने की प्रवृत्ति एक चुनौती बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग वैचारिक विभाजन पैदा करने, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और सरकार की जनहितकारी योजनाओं को लेकर गलत धारणाएँ फैलाने के लिए भी कर रहे हैं। ऐसे समय में जिम्मेदार सोशल मीडिया वॉरियर की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ धर्म विरोधी और राष्ट्र-विरोधी मानसिकता वाले लोग भ्रामक खबरों, फेक नैरेटिव और झूठे प्रचार के माध्यम से हमारी धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे समय में किसी भी भ्रामक, तथ्यहीन या समाज-विरोधी सामग्री का न केवल तत्काल फैक्ट-चेक किए जाने की जरूरत है, बल्कि उसकी तथ्यात्मक जानकारी भी जन-जन तक पहुँचाए जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कई बार कुछ नेगेटिव कंटेंट क्रिएटर्स सरकार, समाज, धर्म और प्रदेश के गौरव से जुड़ी खबरों को तोड़ मरोड़कर भ्रामक तथ्यों के साथ प्रस्तुत कर अधिक व्यूज और लाइक बटोरना चाहते हैं। लेकिन सभी को ये समझने की आवश्यकता है कि प्रसिद्धि और फॉलोअर्स की दौड़ के बीच एक बारीक रेखा हमारी नैतिक जिम्मेदारी और सामाजिक कर्तव्य की भी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जब से देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप की रक्षा के लिए विभिन्न कानून के माध्यम से अराजक तत्वों खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। तभी से कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व और अर्बन नक्सल गैंग के लोग सोशल मीडिया पर अलग-अलग नामों से फर्जी अकाउंट बनाकर फेक नरेटिव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग अपने कंटेंट में उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों, सांस्कृतिक धरोहरों और सामाजिक उपलब्धियों को प्रमुखता से उजागर करें। इससे “ब्रांड उत्तराखंड” की पहचान और मजबूत होगी। इस मौके पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।
सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मजखाली मंडल के 5 गांवों में जन मिलन कार्यक्रम सम्पन्न
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मजखाली मंडल के नैनी, डिगोटी, जाना,मल्ली रियूणी और गिनाई गांवों में जन मिलन कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय समस्याओं को सुना और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर पेयजल योजनाओं, सड़क निर्माण, सामुदायिक भवनों और स्कूलों के निर्माण व सुधार कार्यों के लिए विधायक निधि से धन राशि जारी करने की घोषणा की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और जल्द ही सभी लंबित परियोजनाओं को पूरा कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विकास की राजनीति करती है और बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम भी इसी का नतीजा है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2027 में उत्तराखंड में भी कुछ ऐसे ही नतीजे दोहराए जाने वाले हैं।
प्रमुख घोषणाएं और निर्देश
नैनी गांव: भंडार कक्ष निर्माण हेतु 3 लाख रुपये विधायक निधि से जारी किए जाएंगे।
डिगोटी गांव: प्राइमरी पाठशाला निर्माण के लिए 2 लाख, शिल्पकार बस्ती में सामुदायिक कक्ष के लिए 2.5 लाख, मजेटी में कालिका मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए 2.5 लाख रुपये की घोषणा की गई। मजेटी में 10 सोलर लाइट लगाने की घोषणा भी की गई। सड़क निर्माण हेतु 1 लाख रुपये की घोषणा।
जाना गांव: पेयजल योजना के सुधार हेतु विधायक निधि से 2.5 लाख रुपये जारी होंगे।
गिनाई गांव: एएनएम सेवा सप्ताह में दो दिन मिलेगी। बरसात में स्थानांतरित प्राइमरी स्कूल की मरम्मत कर पुनः उसी भवन में शिफ्टिंग होगी। मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए 3 लाख रुपये की घोषणा। 20 सोलर लाइट लगाने की घोषणा भी की गई।
मल्ली रियूणी: प्राचीन शिव मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए 2.50 लाख रुपए, गांव में दो अलग-अलग सड़कों के लिए दो-दो लाख रुपए, 10 सोलर लाइट देने और रोजगार के लिए दो सिलाई मशीन देने की घोषणा
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष दीपक बोरा, मंडल महामंत्री राज अधिकारी, दीपक रावत, जिला पंचायत सदस्य कन्नू शाह, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, ग्राम प्रधान हेमा बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुशीला अधिकारी, ग्राम प्रधान हेमा देवी, हर्ष सिंह बिष्ट, पूरन सिंह बिष्ट, विनोद बिष्ट, महेंद्र बिष्ट, प्रदीप अधिकारी, दीवान राम, सौरभ अधिकारी, दिनेश वर्मा, राजू रावत, मंजू वर्मा, बूथ अध्यक्ष हरीश सिंह, और नरेंद्र नेगी सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर “यूनिटी मार्च” का आयोजन
बाघ के हमले में मारी गई रानी देवी के परिजनों से भी की मुलाकात
पौड़ी (चौबट्टाखाल)। स्वतंत्र भारत के प्रथम गृह मंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का राष्ट्र के एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में उनके आदर्शों पर चलकर प्रदेश में सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास एवं उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उक्त बात प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक सतपाल महाराज ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र तहसील चौबट्टाखाल में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के पर आयोजित “यूनिटी मार्च” के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जगह-जगह लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। उत्तराखण्ड में भी जगह-जगह कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी चौबट्टाखाल द्वारा “यूनिटी मार्च का शुभारंभ नौगांवखाल से होकर समापन तहसील चौबट्टाखाल में किया गया है।

महाराज ने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता के पश्चात उन्होंने 562 से अधिक रियासतों को एकत्रित करके भारत को मजबूत और एकजुट राष्ट्र बनाने में मदद की। उनकी जयंती के अवसर जो यूनिटी मार्च निकाला गया वह भारत की एकता और अखंडता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह यूनिटी मार्च हमें सरदार पटेल के आदर्शों और मूल्यों को याद दिलाता रहेगा।
कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश नैथानी, जिला महामंत्री महिपाल नेगी, पूर्व ब्लाक प्रमुख नीरज पांथरी, सर्वेंद्र, शैलेश दर्शन, नरेंद्र डंडरियाल, वेद प्रकाश वर्मा, प्रभु शरण बुडाकोटी, गणेश रावत, देवेंद्र भट्ट, सुरेंद्र बिष्ट, सीमा सजवान सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनता मौजूद थी।
कार्यक्रम के पश्चात कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने बाघ के हमले में मारी गई विकासखंड पोखडा, बगड़ीगाड निवासी रानी देवी पत्नी रमेशचंद्र के परिजनों से मुलाकात कर मृतक के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
भारत-चीन सीमा के 51 और भारत-नेपाल सीमा के 40 गांवों में आधुनिक सुविधाओं के विकास को मिली गति
देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आयुक्त, ग्राम्य विकास से वाइब्रेंट विलेज योजना (वीवीपी) की प्रगति रिपोर्ट विस्तृत रूप से प्राप्त की। मंत्री जोशी ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, व्यापक प्रचार-प्रसार और समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश देते हुए सीमांत गांवों के समग्र विकास पर जोर दिया।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, आजीविका सृजन और आबादी को रोकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा संचालित वाइब्रेंट विलेज योजना (वीवीपी) के तहत उत्तराखण्ड राज्य में भारत-चीन एवं भारत-नेपाल सीमा से सटे कुल 91 गांवों का चयन किया गया है। योजना का उद्देश्य इन दुर्गम सीमांत गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित कर वहां के नागरिकों को बेहतर जीवन-स्तर, सुविधा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
वीवीपी-1 : भारत-चीन सीमा क्षेत्र में 51 गांव चयनित
भारत-चीन सीमा से लगे जनपदों में –उत्तरकाशी (भटवाड़ी ब्लॉक) – 10 गांव, चमोली (जोशीमठ ब्लॉक) – 14 गांव, पिथौरागढ़ (मुनस्यारी – 08, धारचूला – 17, कनालीछीना – 02 गांव) इस प्रकार कुल 51 गांवों को वीवीपी-1 के तहत चयनित किया गया है। इन गांवों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने, संपर्क मार्गों के निर्माण, स्थानीय संस्कृति एवं पर्यटन के प्रसार तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा (₹520.13 करोड़) गृह मंत्रालय को भेजी गई थीं, जिनमें से ₹110 करोड़ से अधिक की धनराशि राज्य को मिल गई है।
वीवीपी-2 : भारत-नेपाल सीमा के 40 गांव शामिल
वीवीपी-2 के अंतर्गत—चम्पावत – 11 गांव, पिथौरागढ़ – 24 गांव, ऊधम सिंह नगर – 06 गांव। इन 40 गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों का डेटा संकलन और सत्यापन कार्य प्रगति पर है। वीवीपी के रोड कंपोनेंट के अंतर्गत पिथौरागढ़ जनपद में पीएमजीएसवाई की 5 सड़कों के निर्माण हेतु ₹119.44 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इससे सीमा क्षेत्रों में आवाजाही, व्यापार और रणनीतिक दृष्टि से सड़क संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सीमांत गांवों के प्रति विशेष लगाव प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि “माणा को देश का अंतिम नहीं, प्रथम गांव बनाने का संदेश प्रधानमंत्री मोदी की उत्तराखंड के प्रति संवेदनशीलता दर्शाता है। मंत्री जोशी ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना राज्य के दूरस्थ गांवों में आधुनिक सुविधाएं, स्थायी आजीविका, कृषि-बागवानी, सुरक्षित वातावरण और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से पलायन पर नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना उत्तराखंड के सीमांत गांवों को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और उन्नत मॉडल विलेज में बदलने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं के विस्तार पर भी जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) शीघ्र तैयार की जाए। सीएम ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना के अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाए। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि इस वित्तीय वर्ष में ही इस योजना पर धरातल पर कार्य प्रारंभ किया जाए। योजना के तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्वतीय उत्पादों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तराखंड की पहचान ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में और प्रबल करेगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शीतकालीन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि शीतकालीन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक और आधुनिक माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए।
सीएम ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार लाना और राज्य की प्राकृतिक व आध्यात्मिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को ठोस कार्यनीति तैयार करने और समयबद्ध मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज जुड़े। बैठक में बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, धीराज सिंह गर्ब्याल, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, अपर सचिव अभिषेक रोहिला और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
