निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण किया
लोहाघाट/चंपावत। चंपावत जनपद के लोहाघाट में बन रहे महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शुक्रवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था और विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य तय समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने तैयार हो चुके सिंथेटिक ट्रैक का निरीक्षण किया और उन्होंने यहां अभ्यास करने आए युवा खिलाड़ियों से भी बातचीत की। पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज बनने से अब उत्तराखंड की लड़कियां भी खेल जगत में प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
उन्होंने कहा कि इस स्पोर्ट्स कॉलेज में सभी खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की रिपोर्ट ली और उन्हें आवश्यक निर्देश दिए।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में रनिंग ट्रैक (एथलेटिक ट्रैक), फुटबाल ग्राउंड एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, वॉलीबाल कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, तीन छात्रावास (कुल 300 बालिकाओं के लिए), स्टाफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, मल्टीपर्पज हॉल, एडमिन ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का निर्माण किया जा रहा है।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, सुभाष बगोली, हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, उपजिलाधिकारी नीतू डागर सहित अन्य संबंधित अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पिथौरागढ़ में “जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री
पिथौरागढ़। जनपद पिथौरागढ़ में गुरुवार को आयोजित “जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सैकड़ो जन समस्याओं का समाधान किया। कार्यक्रम में अपनी अपनी समस्याएं लेकर भारी संख्या में लोग शामिल हुए।
पिथौरागढ़ के राजकीय इंटर कॉलेज सातशिलिंग में न्याय पंचायत बीसा बजेड की समस्याओं को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने टूटी हुई नाली और सड़क बनवाने, फसलों की सुरक्षा के लिए तार बाड लगाने, पेयजल सप्लाई नियमित करने, राशन कार्ड व अन्य सरकारी दस्तावेज बनवाने, चेक डैम बनवाने और खेल मैदान बनवाने जैसी समस्याएं व मांगे उठाई।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कार्यक्रम में मौजूद सभी विभागों के जिला स्तर के अधिकारियों से इन समस्याओं पर जवाब तलब किया और मौके पर ही उनके निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के दूरस्थ गांव में भी विकास की धारा को प्रवाहित करने के लिए प्रयासरत है । उन्होंने कहा कि इस तरह के जनसुनवाई कार्यक्रम पहले जिला और ब्लॉक स्तर या विधानसभा स्तर पर आयोजित होते थे लेकिन अब न्याय पंचायत के स्तर पर इस तरह की सुनवाई से समस्याओं के समाधान में तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से विकास की राजनीति करती आई है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत भी है।
कार्यक्रम के दौरान पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं की सहायता राशि के चेक और महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान कुल मिलाकर 683 लाभार्थियों ने अपनी समस्याओं का निराकरण कराया।
इस अवसर पर मेयर पिथौरागढ़ कल्पना देवलाल, राज्यमंत्री गणेश भंडारी, राज्यमंत्री अशोक नबियाल, जिलाधिकारी आशीष भटगई, मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी, उप जिलाधिकारी मनजीत सिंह, प्रभागीय वन अधिकारी आशुतोष सिंह, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र रावत आदि उपस्थित रहे।
‘समान कार्य–समान वेतन’ का निर्णय राज्य सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति का स्पष्ट प्रमाण- मुख्यमंत्री
देहरादून। उपनल कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर भेंट कर ‘समान कार्य–समान वेतन’ को लेकर कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह फैसला लंबे समय से उपनल कर्मियों की मांग थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपनल कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
सीएम धामी ने कहा कि ‘समान कार्य–समान वेतन’ का निर्णय राज्य सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति का स्पष्ट प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों को उनके परिश्रम और जिम्मेदारी के अनुरूप सम्मान और अधिकार मिलें।
हिमालयी क्षेत्रों के लिए आपदा प्रबंधन पर ठोस रणनीति बनाने पर जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सहनशीलता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आपदा-पूर्व तैयारी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा। साथ ही, तकनीकी नवाचार, अनुसंधान सहयोग एवं साझेदारी को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस रणनीतियां तैयार की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड सहित संपूर्ण हिमालयी क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के कारण आने वाली प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, अतिवृष्टि, हिमस्खलन एवं वनाग्नि का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका दुष्प्रभाव वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समयबद्ध तैयारी एवं सामूहिक प्रयासों से कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए 4P (Predict, Prevent, Prepare, Protect) मंत्र दिया है, उसी के आधार पर 10-सूत्रीय एजेंडा पर इसके लिए कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपदा-पूर्व तैयारी, एआई आधारित चेतावनी प्रणालियां, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग, रैपिड रिस्पॉन्स टीमें, फॉरेस्ट फायर अर्ली वार्निंग सिस्टम एवं वनाग्नि प्रबंधन कार्ययोजना पर निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग, वन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आईआईटी रुड़की के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार आईआईटी के सहयोग से इस प्रणाली के विस्तार, भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग एवं बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणालियों के विकास पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए राज्य में पौधारोपण, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। जल संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में स्प्रिंग रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सुरक्षित घरों एवं इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर ध्यान देने तथा अधिकारियों से सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जोनल कॉर्डिनेटर, प्रज्ञा प्रवाह, भगवती प्रसाद राधव , निदेशक, आईआईटी रुड़की प्रो. के. के. पन्त , उपनिदेशक, आईआईटी रुड़की, प्रो. यू .पी.सिंह , प्रो.संदीप सिंह एवं विभिन्न राज्यों से आए वैज्ञानिक उपस्थित थे।
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके कैंप कार्यालय में भेंट कर 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मिठाई खिलाकर पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के निरंतर प्रयासों एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के परिणामस्वरूप राज्य सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मियों के पक्ष में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट के सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगे भी चरणबद्ध तरीके से उपनल कर्मियों को समान पद–समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। अभी जिन उपनल कर्मियों की सेवाएं निरंतर 10 वर्ष पूर्ण कर लेंगे, उन्हें इस निर्णय का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर एमडी उपनल ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। लोकभवन, उत्तराखंड में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह जी से स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड की नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
भेंट के दौरान स्टेट प्रेस क्लब की ओर से राज्यपाल को लोकभवन की ओर से ब्रह्म कमल के रूप में स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने पत्रकारिता के क्षेत्र में स्टेट प्रेस क्लब की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
महामहिम राज्यपाल ने पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड को ओपन यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) करना चाहिए, जिससे पत्रकारों को शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़े विभिन्न लाभ प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से पत्रकारों के पेशेवर विकास के साथ-साथ उनके भविष्य को भी मजबूती मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल में स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड के महामंत्री चंद्रशेखर जोशी, कोषाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश पांडे तथा उपाध्यक्ष दीपिका रावत भंडारी उपस्थित रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को क्लब की गतिविधियों, पत्रकारों के हित में किए जा रहे प्रयासों एवं भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया।
भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और राज्यपाल ने भविष्य में भी पत्रकारों के कल्याण से जुड़े सकारात्मक प्रयासों में सहयोग का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर सीएम धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता की भावना नवाचार, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के कारण आज भारत विश्व के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। इस पहल ने युवाओं को नवाचार के लिए प्रेरित किया है और उन्हें अपने विचारों को साकार करने का अवसर प्रदान किया है।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। वर्तमान में राज्य में 200 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नवोन्मेषी विचारों और युवाओं की ऊर्जा से उत्तराखंड का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।
बड़ी स्क्रीन, दमदार साउंड और आरामदायक सीटिंग, आईएसबीटी मल्टीप्लैक्स में आधुनिक सुविधाओं की भरमार
देहरादून- देहरादून शहर के पश्चिमी और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों के लिए मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित सौगात दी है। आईएसबीटी परियोजना के अंतर्गत विकसित मॉल में अत्याधुनिक मल्टीप्लैक्स का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है। माइक्रोमल्टीप्लेक्स कंपनी का चयन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है और अब यहां बॉलीवुड व हॉलीवुड फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मल्टीप्लैक्स के शुरू होने से सुभाष नगर, ग्राफिक एरा–क्लेमेंट टाउन, मेहुवाला, माजरा, कारगी, बंजारावाला सहित आसपास के क्षेत्रों के मनोरंजन प्रेमियों को अब अपने घर के नजदीक ही आधुनिक सिनेमा अनुभव उपलब्ध हो सकेगा। एमडीडीए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत विकसित आईएसबीटी मॉल का उद्देश्य केवल व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय नागरिकों को समग्र सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। इसी सोच के अनुरूप मॉल में मल्टीप्लैक्स की शुरुआत की गई है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को शहर के अन्य हिस्सों में स्थित मल्टीप्लैक्स तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उनका समय व संसाधन दोनों बचेंगे।
आईएसबीटी मल्टीप्लैक्स की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बड़ी स्क्रीन, अत्याधुनिक साउंड सिस्टम और आरामदायक बैठने की व्यवस्था है। यहां दर्शकों को बेहतर विजुअल क्वालिटी और शानदार ऑडियो अनुभव प्रदान किया जा रहा है, जो इसे शहर के अन्य मल्टीप्लैक्सों से अलग और बेहतर बनाता है। इसके साथ ही मल्टीप्लैक्स परिसर में खुली और सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे वाहन पार्किंग को लेकर लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस मल्टीप्लैक्स में कुल तीन आधुनिक स्क्रीन स्थापित की गई हैं, जिनमें एक ही समय पर तीन अलग-अलग फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे दर्शकों को अपनी पसंद के अनुसार फिल्मों का चयन करने की सुविधा मिल रही है। नई फिल्मों के साथ-साथ परिवार, युवाओं और बच्चों के लिए उपयुक्त मनोरंजन विकल्प भी यहां उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

एमडीडीए के अनुसार, आईएसबीटी मॉल को एक मल्टी-यूटिलिटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मल्टीप्लैक्स की शुरुआत इस दिशा में एक अहम कदम है। आने वाले समय में मॉल के भीतर शॉपिंग, फूड कोर्ट, दैनिक जरूरतों से जुड़ी दुकानें और अन्य नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि स्थानीय लोगों को अपने घर के नजदीक ही सभी आवश्यक सेवाएं प्राप्त हो सकें। स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने मल्टीप्लैक्स के शुभारंभ का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि अब उन्हें मनोरंजन के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण में समय बिताने का अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। एमडीडीए का मानना है कि इस परियोजना से न केवल नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और आसपास के इलाकों के विकास को गति मिलेगी। आईएसबीटी क्षेत्र को एक व्यवस्थित, सुविकसित और नागरिक–अनुकूल केंद्र के रूप में स्थापित करना प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने मल्टीप्लैक्स के शुभारंभ पर कहा कि आईएसबीटी परियोजना प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना है, जिसका उद्देश्य देहरादून शहर के इस क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक सुव्यवस्थित केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि मल्टीप्लैक्स की शुरुआत से सुभाष नगर, क्लेमेंट टाउन, मेहुवाला, माजरा, कारगी और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को अपने घर के नजदीक ही उच्च स्तरीय मनोरंजन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि मल्टीप्लैक्स को अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर साउंड सिस्टम और बड़ी स्क्रीन के साथ विकसित किया गया है, ताकि दर्शकों को श्रेष्ठ सिनेमा अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि मॉल में अन्य सुविधाओं के विकास का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है और आने वाले समय में यहां शॉपिंग, खानपान और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एमडीडीए का प्रयास है कि आमजन को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें और आईएसबीटी क्षेत्र एक आदर्श शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो।
सुगंधित फसलों से बढ़ेगी किसानों की आय, मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र को मजबूत करने के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जनपद देहरादून के सेलाकुई में स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हाई वैल्यू फसलों के उत्पादन और प्रसंस्करण से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी में बेहतर सुधार हो सकता है। उन्होंने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा प्रदेश के किसानों को डूर स्टेप सहायता उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सगन्ध पौधा केन्द्र को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया, ताकि सगन्ध पौधा केन्द्र प्रदेशभर में अपनी गतिविधियों को बढ़ा सके।
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में उनकी जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एरोमैटिक फसलों का चयन कर प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को इसमें जोड़े जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को सगन्ध फसलों के उत्पादन में अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में तैयार किए जा रहे सैटेलाईट सेंटर्स को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परफ्यूमरी एंड ऐरोमैटिक सेक्टर में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अंतर्गत डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेशन कार्यक्रम संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने अपने पूर्व में दिए निर्देशों को दोहराते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों में भ्रमण कर समीक्षा कर फीडबैक लेने के लिए लगातार दौरे करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य विभागों द्वारा संचालित फल एवं सब्जियों से जुड़े आजीविका की योजनाओं को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसान इस सगन्ध पौध उत्पादन और प्रसंस्करण कार्य से जुड़ें इसके लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने की बात दोहराते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण हो सकें इसके लिए जनपदों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।
इस अवसर पर निदेशक सगन्ध पौधा केन्द्र डॉ. निर्पेंद्र चौहान ने बताया कि सगन्ध पौधा केन्द्र को खुशबूदार फसलों के वाणिज्यीकरण के लिए एक सफल मॉडल के रूप में विकसित किया है, जो एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि यह एक बिज़नेस इनक्यूबेटर के तौर पर काम करता है, जो किसानों, उद्यमियों और एसेंशियल ऑयल इंडस्ट्री को सपोर्ट देता है, जिसमें खेती, प्रोसेसिंग और डिस्टिलेशन, मार्केटिंग, क्वालिटी एनालिसिस और स्टैंडर्डाइजेशन ट्रेनिंग और खुशबू वाले सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए दूसरी प्रमोशनल स्कीम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 5 नाली तक के किसानों को मुफ्त रोपण सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है, जबकि 9 एरोमैटिक फसलों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
निदेशक डॉ. चौहान ने बताया कि डिस्टिलेशन यूनिट और ड्रायर के लिए पर्वतीय जनपदों में 75 प्रतिशत तक सब्सिडी और मैदानी जनपदों में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख) उपलब्ध करायी जा रही है। किसानों की सहायता के लिए 27 एसेंशियल ऑयल और एरोमैटिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड ताकुला के अंतर्गत मनान से चंद्रपुर तक मोटर मार्ग के 2 किलोमीटर सड़क के नवनिर्माण कार्य का आज भूमिपूजन किया गया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने स्वयं जेसीबी चलाकर शिलान्यास किया। इस कार्य की स्वीकृत लागत 53.04 लाख रुपये है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय लोगों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के विकास के प्रति पूर्ण प्रतिबद्ध है। सोमेश्वर क्षेत्र में इसका जीवंत प्रमाण देखने को मिल रहा है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि विकास कार्यों की कोई भी मांग हो, तो सबसे पहले उनसे संपर्क करें। ऐसी मांगों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस विकास कार्यों को अटकाने और भटकाने की राजनीति करती है जबकि भाजपा का एक ही लक्ष्य है तीव्र विकास। प्रदेश की भाजपा सरकार इसी लक्ष्य को लेकर चल रही है।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, गणेश जलाल, लाल सिंह बजेठा, मनोज कुमार, दिनेश चंद्र पांडे, संजय कुमार, भूपाल मेहरा, राजेंद्र कैड़ा, राहुल खोलिया, शंकर बिष्ट, दीवान राम, पंकज बजेली, प्रकाश बिष्ट, रामचंद्र भट्ट, प्रकाश चंद्र, नवीन चंद्र भट्ट, चंद्रशेखर भट्ट, शंकर मेहरा, भरत भाकुनी, विनोद मेहरा, हिमांशु कोहली, कमल, देवेंद्र कुमार, नरेंद्र नेगी आदि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
