तीसरे साल लगातार खिताब से चूके नीरज
नई दिल्ली। भारतीय स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा डायमंड लीग फाइनल में लगातार तीसरे साल खिताब नहीं जीत सके। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास 85.01 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.51 मीटर के शानदार थ्रो के साथ इस बार फाइनल का खिताब अपने नाम कर लिया।
नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन इस सीजन मिलाजुला रहा। डायमंड लीग के चार क्वालिफाइंग चरणों में से दो में भाग लेने के बावजूद, उन्होंने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। इस दौरान उन्होंने 90 मीटर का आंकड़ा भी पार किया, जिसमें मई में दोहा चरण में 90.23 मीटर का थ्रो शामिल था। जून में पेरिस चरण में 88.16 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने जीत दर्ज की।
फाइनल मुकाबले में नीरज की शुरुआत कठिन रही। पहले प्रयास में उन्होंने 84.35 मीटर का थ्रो किया और तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, जूलियन वेबर ने पहले ही प्रयास में 91.37 मीटर फेंककर अपने दबदबे की झलक दी। दूसरे प्रयास में नीरज ने 82 मीटर का थ्रो किया, जबकि वेबर ने लगातार दूसरी बार 91 मीटर से अधिक फेंककर शीर्ष पर बने रहे।
तीसरे, चौथे और पांचवें प्रयास में नीरज फाउल रहे, लेकिन उन्होंने अंतिम छठे प्रयास में तकनीक बदलकर 85.01 मीटर का थ्रो किया और दूसरे स्थान पर पहुँच गए। इस थ्रो ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोर्न वालकॉट को तीसरे स्थान पर धकेल दिया।
नीरज के प्रदर्शन से यह स्पष्ट हुआ कि वह लगातार शानदार थ्रो कर रहे हैं, लेकिन इस बार खिताबी जीत जर्मनी के जूलियन वेबर के हिस्से रही।
सिफत कौर ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में चीन की यांग यूजी को पछाड़ा
नई दिल्ली। भारत की युवा ओलंपियन निशानेबाज सिफत कौर सामरा ने एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया। सामरा ने न सिर्फ महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण पदक जीता, बल्कि टीम स्पर्धा में भी भारत को सोना दिलाया।
फाइनल में सिफत ने 459.2 अंक बनाकर चीन की यांग यूजी (458.8) को पीछे छोड़ा, जबकि जापान की नोबाता मिसाकी (448.2) को कांस्य पदक मिला। टीम इवेंट में सिफत, अंजुम मुद्गिल और आशी चौकसे की तिकड़ी ने 1753 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।
सिफत क्वालीफिकेशन में भी दमदार प्रदर्शन करते हुए 589 अंक के साथ शीर्ष पर रहीं। आशी चौकसे ने 586 और अंजुम मुद्गिल ने 578 अंक बनाए। इस तरह भारतीय टीम ने जापान (1750 अंक) और दक्षिण कोरिया (1745 अंक) को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
हालांकि, फाइनल में पहुंची आशी 402.8 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहीं, जबकि अंजुम 41 प्रतिभागियों में 22वें स्थान पर रहीं। बावजूद इसके, सामरा के स्वर्णिम प्रदर्शन ने भारत की झोली में दो कीमती सोने डाले।
दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी ने 54 मिनट में 17-21, 19-21 से भारत के स्टार खिलाडी को दी मात
नई दिल्ली। भारत के बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन का बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में सफर बेहद निराशाजनक रहा। पुरुष एकल में उनका मुकाबला दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी चीनी स्टार शी यूकी से हुआ, जिसमें लक्ष्य शुरुआती दौर में ही हारकर बाहर हो गए। 54 मिनट तक चले मुकाबले में लक्ष्य 17-21, 19-21 से पीछे रहे और फाइनल में प्रवेश का मौका गंवा बैठे।
शी यूकी ने लक्ष्य के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखा और लंबे समय से चल रहे मुकाबलों में उन्हें चौथी बार हराया। शुरुआती लम्बी रैलियों और आक्रामक खेल के बावजूद लक्ष्य महत्वपूर्ण पलों में पिछड़ गए और शी की मजबूत डिफेंस और शानदार फिनिशिंग का सामना नहीं कर सके। लक्ष्य इस विश्व चैंपियनशिप में पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान की निराशा को भुलाकर वापसी की उम्मीद में आए थे, लेकिन शी ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
मैच की शुरुआत रोमांचक रही। पहले गेम में 47 शॉट की लंबी रैली के दौरान लक्ष्य ने ‘लाइन कॉल’ में गलती की, जिससे शी 3-2 की बढ़त में आगे हो गए। इसके बाद शी ने लगातार तेज स्मैश खेलते हुए 10-6 की बढ़त बनाई, लेकिन लक्ष्य ने वापसी करते हुए स्कोर 11-11 कर दिया। शी ने दमदार स्मैश की मदद से 14-11 की बढ़त बनाई, जिसे लक्ष्य ने 14-16 तक पहुंचाया। अंततः पहले गेम में शी ने 21-17 से जीत दर्ज की।
दूसरे गेम की शुरुआत भी करीबी रही। दोनों खिलाड़ी 5-5 तक बराबरी पर रहे, लेकिन शी ने अपनी गति और ताकत का उपयोग करते हुए 14-9 की बढ़त बनाई। लक्ष्य ने 16-17 तक वापसी की, लेकिन मैच के अंतिम क्षणों में दो आसान गलतियों के कारण शी ने 21-19 से जीत सुनिश्चित की।
शी यूकी इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं और जनवरी 2024 से अब तक अपने सभी नौ फाइनल मुकाबले जीत चुके हैं।
103 टेस्ट, 7195 रन- पुजारा ने अपने शानदार करियर को कहा अलविदा
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुजारा ने अपने क्रिकेट करियर और भावनाओं को साझा किया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में बिताए अपने समय को “जीवन का सबसे खास अनुभव” बताते हुए टीम, परिवार और समर्थकों का धन्यवाद किया।
राजकोट के छोटे शहर से उठकर भारतीय क्रिकेट में अपना नाम रोशन करने वाले पुजारा ने पोस्ट में लिखा कि भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और हर मैच में अपनी पूरी मेहनत देना उनके लिए यह शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “हर अच्छी चीज का अंत होता है, और इसी भाव के साथ मैं क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूँ।”
पुजारा ने अपने पोस्ट में बीसीसीआई, सौराष्ट्र क्रिकेट संघ, टीम, कोच, मार्गदर्शकों और सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने अपने परिवार, पत्नी पूजा और बेटी अदिति के योगदान को भी बेहद अहम बताया और कहा कि अब वह अपने जीवन के अगले चरण में उनके साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं।
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पुजारा ने 103 टेस्ट और 5 वनडे मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 176 पारियों में 7195 रन, 19 शतक और 35 अर्धशतक बनाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 206 रन रहा। वनडे में उनका औसत 39.24 रहा। आईपीएल में उन्होंने 30 मैचों में 390 रन बनाए।
पुजारा का अंतिम टेस्ट जून 2023 में इंग्लैंड में खेला गया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल था, जिसमें भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में पुजारा इंग्लैंड दौरे पर कमेंट्री करते भी नजर आए थे।
10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में चीनी टीम को 17-11 से हराकर भारत पोडियम के शीर्ष पर
नई दिल्ली। भारत के निशानेबाजों ने एशियाई स्तर पर धमाकेदार प्रदर्शन किया है। 16वें एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में अर्जुन बाबुता और इलावेनिल वलारिवान की जोड़ी ने 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीनी टीम डिंगके लू और शिनलु पेंग को 17-11 से हराकर पोडियम के शीर्ष स्थान पर कब्जा किया।
शुरुआती दौर में चीनी टीम आगे थी, लेकिन अर्जुन और इलावेनिल ने 9.5 और 10.1 के स्कोर से जबरदस्त वापसी की और मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। इलावेनिल के लिए यह इस चैंपियनशिप में दूसरा स्वर्ण पदक है, उन्होंने इससे पहले महिला वर्ग में 10 मीटर एयर राइफल में भी स्वर्ण जीता था। इसके अलावा, अर्जुन बाबुता, रुद्राक्ष पाटिल और किरण जाधव की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था।
तमिलनाडु की 26 वर्षीय शूटर ने 253.6 अंक के साथ रचा इतिहास
नई दिल्ली। भारतीय शूटिंग स्टार एलावेनिल वालारिवान ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने शुक्रवार को आयोजित 16वीं एशियाई चैंपियनशिप की महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। तमिलनाडु की 26 वर्षीय एलावेनिल ने फाइनल में 253.6 अंक जुटाकर पहला स्थान हासिल किया।
चीन की शिनलू पेंग (253) ने रजत और कोरिया की यूंजी क्वोन (231.2) ने कांस्य पदक जीता। वहीं, भारत की एक और खिलाड़ी मेहुली घोष 208.9 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
एलावेनिल का नाम भारतीय शूटिंग में सफलता की गारंटी बन चुका है। वे कई विश्व कप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और विश्व चैंपियनशिप में भी शीर्ष स्थान हासिल कर चुकी हैं। उनका जन्म 2 अगस्त 1999 को तमिलनाडु में हुआ और परवरिश गुजरात में हुई। कम उम्र से ही उन्होंने निशानेबाजी को अपनाया और तेजी से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं।
2019 में म्यूनिख और रियो डी जनेरियो में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारतीय शूटिंग में नया इतिहास रचा। इसके अलावा 2018 जूनियर विश्व कप में भी उन्होंने भारत को कई पदक दिलाए। एलावेनिल 2021 टोक्यो ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रही हैं।
अपने अनुशासन, शांत स्वभाव और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर वे विश्व रैंकिंग में शीर्ष शूटरों में शामिल रही हैं। उनकी उपलब्धियां आज की पीढ़ी की महिला निशानेबाजों के लिए बड़ी प्रेरणा हैं और भविष्य में उनसे ओलंपिक पदक की उम्मीदें भी बंधी हुई हैं।
हांगझोउ में भारत का पहला मुकाबला थाईलैंड से 5 सितंबर को
नई दिल्ली। अनुभवी मिडफील्डर सलीमा टेटे को हांगझोउ (चीन) में 5 से 14 सितंबर तक होने वाले महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई है। हॉकी इंडिया ने गुरुवार को 20 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। यह टूर्नामेंट बेहद अहम है क्योंकि इसका विजेता सीधे 2026 एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में जगह बनाएगा।
भारत को पूल-बी में रखा गया है, जहां टीम को जापान, थाईलैंड और सिंगापुर से भिड़ना होगा। भारतीय टीम का पहला मुकाबला 5 सितंबर को थाईलैंड से, दूसरा मैच 6 सितंबर को जापान से और आखिरी पूल मैच 8 सितंबर को सिंगापुर से होगा।
मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने टीम चयन पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह टीम अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का संतुलित मिश्रण है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य आक्रामक और अनुशासित हॉकी खेलना है और हमें विश्वास है कि खिलाड़ी एशिया की शीर्ष टीमों से कड़ी चुनौती लेने में सक्षम हैं।”
टीम में गोलकीपर की जिम्मेदारी बंसारी सोलंकी और बिचु देवी खारीबाम को दी गई है। डिफेंस लाइन में निक्की प्रधान और उदिता जैसी सीनियर खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरे भी शामिल हैं। मिडफील्ड की कमान सलीमा टेटे के साथ नेहा, लालरेमसियामी, शर्मिला देवी और वैष्णवी फाल्के जैसी खिलाड़ियों के पास होगी। वहीं, फॉरवर्ड लाइन में नवनीत कौर, संगीता कुमारी, मुमताज खान और दीपिका जैसे स्ट्राइकर भारत की आक्रामक ताकत साबित होंगे।
गौरतलब है कि इस बार टीम में अनुभवी खिलाड़ी सविता और सुशीला चानू शामिल नहीं हैं, जिन्होंने हाल ही में एफआईएच प्रो लीग के यूरोपीय चरण में हिस्सा लिया था।
राजगीर में 29 अगस्त से एशिया कप, भारत का पहला मुकाबला चीन से
राजगीर (बिहार)। एशिया कप हॉकी 2025 के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। 18 सदस्यीय स्क्वॉड की कमान अनुभवी ड्रैग-फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह को सौंपी गई है। यह टूर्नामेंट 29 अगस्त से 7 सितंबर तक राजगीर में खेला जाएगा, जिसका विजेता सीधे अगले साल नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच पुरुष विश्व कप में जगह बनाएगा।
टीम में शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह ने अपनी जगह बरकरार रखी है, जबकि डिफेंडर राजिंदर सिंह को शमशेर सिंह की जगह शामिल किया गया है। वहीं, लाकड़ा को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास लेने वाले ललित उपाध्याय का विकल्प चुना गया है।
भारतीय टीम को एशिया कप में जापान, चीन और कजाखस्तान के साथ पूल-ए में रखा गया है। भारत का पहला मुकाबला 29 अगस्त को चीन से होगा, इसके बाद 31 अगस्त को जापान और 1 सितंबर को कजाखस्तान से भिड़ंत होगी।
गोलकीपिंग की जिम्मेदारी कृशन बी पाठक और सूरज करकेरा पर होगी। डिफेंस की कमान हरमनप्रीत, अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, सुमित, संजय और जुगराज सिंह संभालेंगे। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राजिंदर, राज कुमार पाल और हार्दिक सिंह टीम को मजबूती देंगे। वहीं, फॉरवर्ड लाइन में मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह को मौका मिला है।
मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि टीम चयन में अनुभव को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा, “एशिया कप हमारे लिए बेहद अहम है क्योंकि इसके जरिए सीधे विश्व कप का टिकट दांव पर है। हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए थे जो दबाव झेलकर बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।”
भारतीय टीम इस प्रकार है:
गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृशन बी पाठक
डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, सुमित, संजय, जुगराज सिंह
मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राजिंदर, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह
फॉरवर्ड: मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह
रिजर्व: नीलम संजीप सेस, सेल्वम कार्ति
सूर्यकुमार यादव बने कप्तान, शुभमन गिल को उपकप्तानी
नई दिल्ली। एशिया कप टी20 के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई है। चयनकर्ताओं ने इस बार सूर्यकुमार यादव को कप्तान और युवा बल्लेबाज शुभमन गिल को उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी है। लंबे समय बाद शुभमन की टी20 टीम में वापसी हुई है, जबकि तेज़ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी टूर्नामेंट के लिए फिट घोषित कर दिया गया है।
टीम की घोषणा में कुछ चौंकाने वाले फैसले भी देखने को मिले। रिंकू सिंह एक बार फिर टीम में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं, वहीं श्रेयस अय्यर को चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज किया है। इस स्क्वॉड में चार विशेषज्ञ बल्लेबाज और चार ऑलराउंडर शामिल किए गए हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर संजू सैमसन और जितेश शर्मा को जगह मिली है। तेज गेंदबाजी आक्रमण में बुमराह के साथ अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा होंगे, जबकि स्पिन विभाग की जिम्मेदारी कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती संभालेंगे।
गौरतलब है कि अगले साल टी20 विश्व कप खेला जाना है और उससे पहले भारत को लगभग 20 टी20 मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में एशिया कप टीम को लेकर यह चयन आने वाले विश्व कप की तैयारियों की दिशा भी तय करेगा।
भारतीय टीम (एशिया कप 2025):
सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा, रिंकू सिंह।
सेमीफाइनल मुकाबले में अब नॉर्थईस्ट यूनाइटेड से भिड़ेगी शिलांग लाजोंग एफसी
शिलांग। डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट में शिलांग लाजोंग एफसी ने रोमांचक मुकाबले में भारतीय नौसेना को 2-1 से हराकर लगातार दूसरे साल सेमीफाइनल में जगह बना ली। एक गोल से पिछड़ने के बावजूद घरेलू टीम ने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की और अब उसका सामना गत चैंपियन नॉर्थईस्ट यूनाइटेड से होगा।
भारतीय नौसेना की ओर से विजय मरांडी ने पहले हाफ में गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई थी। हालांकि, दूसरे हाफ में शिलांग लाजोंग एफसी ने दामाइटफांग लिंगदोह और एवरब्राइटसन सना मायलिएमपाड के गोल की बदौलत मैच पलट दिया। दोनों टीमों के गोलकीपरों ने बेहतरीन बचाव किए, लेकिन 79वें मिनट में बढ़त लेने के बाद शिलांग लाजोंग ने अपनी डिफेंस को मजबूत कर नौसेना को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। अब 19 अगस्त को सेमीफाइनल में शिलांग लाजोंग का मुकाबला नॉर्थईस्ट यूनाइटेड से होगा।