पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से मिली जीत, टूर्नामेंट में हासिल किया तीसरा स्थान
नई दिल्ली। भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम ने सीएएफए नेशंस कप में शानदार उपलब्धि हासिल की है। टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में ओमान को पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से हराकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब भारत ने ओमान को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पराजित किया।
मैच के नियमित समय में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। ओमान के लिए यहमादी ने गोल किया, जबकि भारत की ओर से उदांता सिंह ने बराबरी दिलाई। निर्णायक पेनल्टी शूटआउट में भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू के शानदार बचाव ने टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
इस मुकाबले में भारत की ओर से लालियनजुआला छांगटे, राहुल भेके और जितिन एमएस ने पेनल्टी को गोल में बदला, जबकि अनवर अली और उदांता अपने प्रयासों में चूक गए। दूसरी ओर, बेहतर रैंकिंग वाली टीम ओमान अपने शुरुआती मौके गंवा बैठी।
भारत के लिए यह जीत ऐतिहासिक है क्योंकि पिछले 25 साल में ओमान के खिलाफ खेले गए नौ मैचों में से छह में उसे हार का सामना करना पड़ा था। दोनों टीमों का पिछला मुकाबला मार्च 2021 में हुआ था, जो 1-1 से ड्रॉ रहा था। इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास बदल दिया।
भारत ने आठ साल बाद जीता खिताब
पूरे टूर्नामेंट में सर्वाधिक गोल दागने वाली टीम बनी टीम इंडिया
राजगीर, बिहार। एशिया कप 2025 का खिताबी मुकाबला भारत और दक्षिण कोरिया के बीच खेला गया, जिसमें भारतीय हॉकी टीम ने 4-1 से शानदार जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। यह जीत भारत के लिए आठ साल बाद एशिया कप की ट्रॉफी लौटाने वाली है और यह टीम की चौथी खिताबी जीत है। पूरे टूर्नामेंट में भारत अजेय रहा और सर्वाधिक गोल दागने वाली टीम बनकर उभरा।
पूल चरण में भारत का दबदबा
भारत ने पूल चरण में लगातार तीन जीत दर्ज की। 29 अगस्त को चीन को 4-3 से हराने के बाद 31 अगस्त को जापान को 3-2 और 1 सितंबर को कजाकिस्तान पर 15-0 से जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन ने टीम इंडिया को नॉकआउट चरण में प्रबल दावेदार बना दिया।
सुपर-4 और क्वालीफायर प्रदर्शन
सुपर-4 में भी भारत अजेय रहा। कोरिया के साथ 2-2 की बराबरी और मलयेशिया पर 4-1 तथा चीन पर 7-0 की जीत ने टीम की मजबूती को दिखाया।
खिताबी मुकाबले में दबदबा
फाइनल में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और अमित रोहिदास के गोल की मदद से भारत ने कोरिया को 4-1 से हराया। कोरिया का एकमात्र गोल मैच के अंतिम क्वार्टर में आया।
आक्रामक रणनीति और विश्व स्तर की तैयारी
पूरे टूर्नामेंट में भारत ने 39 गोल दागे और केवल 9 गोल खाए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम न केवल खिताब जीतने में सफल रही, बल्कि 2026 के विश्व कप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया।
भारत ने इससे पहले 2003, 2007 और 2017 में खिताब जीता था, और अब 2025 में कोरिया को हराकर अपनी शान कायम की है।
मनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारत ने दिखाया जबरदस्त प्रदर्शन, सुपर-4 में मजबूत पकड़
राजगीर (बिहार)। हॉकी एशिया कप 2025 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने सुपर-4 चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने अभियान को मजबूती दी है। बुधवार को भारत ने गत चैंपियन कोरिया के खिलाफ मुकाबला 2-2 से ड्रॉ खेला, जबकि मेजबान टीम ने मलयेशिया को 4-1 से हराकर जीत की पटरी पर वापसी की।
भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में मलयेशिया के शफीक हसन को गोल करने दिया, लेकिन दूसरे और तीसरे क्वार्टर में मनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, शैलेंद्र लाकड़ा और सागर विवेक प्रसाद के गोलों की बदौलत भारत ने 4-1 की निर्णायक बढ़त हासिल की। चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों ने गोल करने का प्रयास किया, लेकिन स्कोर में कोई बदलाव नहीं हुआ।
इससे पहले, सुपर-4 के अपने पहले मैच में भारत ने कोरिया के खिलाफ कड़ी टक्कर देते हुए अंतिम क्वार्टर में मनदीप सिंह के गोल से 2-2 की बराबरी हासिल की थी।
पूल चरण में भारतीय टीम अपराजेय रही। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में टीम ने चीन को 4-3, जापान को 3-2 और कजाखस्तान को 15-0 से हराकर सुपर-4 में अपनी जगह पक्की की थी।
अभिषेक, सुखजीत और जुगराज की हैट्रिक के दम पर टीम ने पूल ए में शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया
नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कजाखस्तान को 15-0 से मात देकर सुपर-चार में जगह बना ली है। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ अपने पूल में शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपनी दमदार मौजूदगी भी दर्ज कराई। इससे पहले भारत चीन और जापान को हराकर लगातार जीत दर्ज कर चुका है।
शुरुआत से ही भारत का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और बढ़त बनाए रखी। टीम के लिए अभिषेक ने चार (5वें, 8वें, 20वें और 59वें मिनट) गोल दागे। वहीं, सुखजीत सिंह (15वें, 32वें, 38वें) और जुगराज सिंह (24वें, 31वें, 47वें) ने भी हैट्रिक पूरी की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह (26वें), अमित रोहिदास (29वें), राजिंदर सिंह (32वें), संजय सिंह (54वें) और दिलप्रीत सिंह (55वें) ने भी स्कोरबोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया।
पहले क्वार्टर में भारत ने तीन गोल दागे, जबकि दूसरे क्वार्टर में चार और जोड़कर मध्यांतर तक बढ़त 7-0 कर ली। अभिषेक ने इस दौरान अपनी हैट्रिक पूरी कर टीम की लय बनाए रखी।
विश्व कप क्वालिफिकेशन की ओर नजरें
भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में भी शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत से भारत का आत्मविश्वास और भी मजबूत हुआ है। उल्लेखनीय है कि एशिया कप का विजेता अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले हॉकी विश्व कप के लिए क्वालिफाई करेगा।
नई दिल्ली। एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से होने जा रही है। भारतीय टीम का नेतृत्व सूर्यकुमार यादव करेंगे, जबकि उनके डिप्टी के रूप में शुभमन गिल खेलेंगे। माना जा रहा है कि टूर्नामेंट के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय स्क्वॉड अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप में भी खेलेगी।
धोनी को मेंटर बनने का प्रस्ताव
बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार, पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को भारतीय टीम का मेंटर बनने का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें उनकी भागीदारी सीनियर, जूनियर और संभवतः महिला टीम में भी शामिल हो सकती है। हालांकि अभी तक इस पर किसी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने इस पर कहा, “धोनी का अनुभव नए खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। आज जो युवा खिलाड़ी उभर रहे हैं और भारतीय टीम के स्टार बन रहे हैं, वे उन्हें काफी सम्मान देते हैं। एमएस धोनी और गौतम गंभीर की जोड़ी भी देखने लायक होगी।”
बीसीसीआई का मानना है कि धोनी का मार्गदर्शन भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकता है।
धोनी की कप्तानी में खिताबों की भरमार
कैप्टन कूल के नाम से प्रसिद्ध धोनी भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं। उन्होंने भारत को अपनी कप्तानी में:
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2007 टी20 विश्व कप
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2011 वनडे विश्व कप
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2013 चैंपियंस ट्रॉफी
और दो बार एशिया कप (2010, 2016) का खिताब दिलाया। धोनी ही ऐसे भारतीय कप्तान हैं, जिनकी कप्तानी में टीम ने तीन आईसीसी खिताब जीते।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास
धोनी ने भारत के लिए आखिरी मैच 2019 वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में खेला। इसके बाद उन्होंने 15 अगस्त 2020 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
अब एशिया कप और आगामी टी20 विश्व कप में धोनी का मार्गदर्शन टीम के लिए फिर से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह के गोलों ने मैच का निर्णायक पल तय किया
नई दिल्ली। एशिया कप हॉकी 2025 में भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। मेजबान टीम ने रोमांचक मुकाबले में चीन को 4-3 से हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज़ किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह के गोलों ने टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई, जबकि मैच में कुल सातों गोल पेनल्टी कॉर्नर से बने, जो मुकाबले को और रोमांचक बनाते हैं।
भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत आक्रामक रणनीति और उत्कृष्ट फिटनेस के साथ की। कप्तान हरमनप्रीत सिंह चोट से उबरकर लौटे और निर्णायक क्षणों में गोल करके टीम की लाज बचाई। कोच क्रेग फुलटन की रणनीति का असर मैदान पर साफ दिखाई दिया।
हालांकि, मिडफील्ड और फॉरवर्ड लाइन में तालमेल की कमी दिखी और कुछ मौकों पर डिफेंस कमजोर पड़ गया। अमित रोहिदास पेनल्टी कॉर्नर डिफेंस में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। युवा फॉरवर्ड्स ने जोश दिखाया, लेकिन गोल करने में चूक की। हार्दिक सिंह ने हमेशा की तरह टीम को मजबूती दी, जबकि गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने बचाव किए लेकिन उनके बॉडी लैंग्वेज में चिंता नजर आई।
मैच का निर्णायक पल आखिरी क्वार्टर में आया, जब हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागकर भारत को जीत दिलाई। चीन ने अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और भारतीय डिफेंस को दबाव में रखा। भारत का अगला मुकाबला जापान से होगा, जिसने अपने पहले मैच में कज़ाकिस्तान को 7-0 से हराया है।
मैच आंकड़े (भारत बनाम चीन):
भारत: पेनल्टी कॉर्नर: 12 | गोल (PC से): 4 | सर्किल एंट्री: 36
चीन: पेनल्टी कॉर्नर: 6 | गोल (PC से): 3 | सर्किल एंट्री: 13
तीसरे साल लगातार खिताब से चूके नीरज
नई दिल्ली। भारतीय स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा डायमंड लीग फाइनल में लगातार तीसरे साल खिताब नहीं जीत सके। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास 85.01 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.51 मीटर के शानदार थ्रो के साथ इस बार फाइनल का खिताब अपने नाम कर लिया।
नीरज चोपड़ा का प्रदर्शन इस सीजन मिलाजुला रहा। डायमंड लीग के चार क्वालिफाइंग चरणों में से दो में भाग लेने के बावजूद, उन्होंने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। इस दौरान उन्होंने 90 मीटर का आंकड़ा भी पार किया, जिसमें मई में दोहा चरण में 90.23 मीटर का थ्रो शामिल था। जून में पेरिस चरण में 88.16 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने जीत दर्ज की।
फाइनल मुकाबले में नीरज की शुरुआत कठिन रही। पहले प्रयास में उन्होंने 84.35 मीटर का थ्रो किया और तीसरे स्थान पर रहे। वहीं, जूलियन वेबर ने पहले ही प्रयास में 91.37 मीटर फेंककर अपने दबदबे की झलक दी। दूसरे प्रयास में नीरज ने 82 मीटर का थ्रो किया, जबकि वेबर ने लगातार दूसरी बार 91 मीटर से अधिक फेंककर शीर्ष पर बने रहे।
तीसरे, चौथे और पांचवें प्रयास में नीरज फाउल रहे, लेकिन उन्होंने अंतिम छठे प्रयास में तकनीक बदलकर 85.01 मीटर का थ्रो किया और दूसरे स्थान पर पहुँच गए। इस थ्रो ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोर्न वालकॉट को तीसरे स्थान पर धकेल दिया।
नीरज के प्रदर्शन से यह स्पष्ट हुआ कि वह लगातार शानदार थ्रो कर रहे हैं, लेकिन इस बार खिताबी जीत जर्मनी के जूलियन वेबर के हिस्से रही।
सिफत कौर ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में चीन की यांग यूजी को पछाड़ा
नई दिल्ली। भारत की युवा ओलंपियन निशानेबाज सिफत कौर सामरा ने एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया। सामरा ने न सिर्फ महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण पदक जीता, बल्कि टीम स्पर्धा में भी भारत को सोना दिलाया।
फाइनल में सिफत ने 459.2 अंक बनाकर चीन की यांग यूजी (458.8) को पीछे छोड़ा, जबकि जापान की नोबाता मिसाकी (448.2) को कांस्य पदक मिला। टीम इवेंट में सिफत, अंजुम मुद्गिल और आशी चौकसे की तिकड़ी ने 1753 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।
सिफत क्वालीफिकेशन में भी दमदार प्रदर्शन करते हुए 589 अंक के साथ शीर्ष पर रहीं। आशी चौकसे ने 586 और अंजुम मुद्गिल ने 578 अंक बनाए। इस तरह भारतीय टीम ने जापान (1750 अंक) और दक्षिण कोरिया (1745 अंक) को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
हालांकि, फाइनल में पहुंची आशी 402.8 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहीं, जबकि अंजुम 41 प्रतिभागियों में 22वें स्थान पर रहीं। बावजूद इसके, सामरा के स्वर्णिम प्रदर्शन ने भारत की झोली में दो कीमती सोने डाले।
दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी ने 54 मिनट में 17-21, 19-21 से भारत के स्टार खिलाडी को दी मात
नई दिल्ली। भारत के बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन का बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में सफर बेहद निराशाजनक रहा। पुरुष एकल में उनका मुकाबला दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी चीनी स्टार शी यूकी से हुआ, जिसमें लक्ष्य शुरुआती दौर में ही हारकर बाहर हो गए। 54 मिनट तक चले मुकाबले में लक्ष्य 17-21, 19-21 से पीछे रहे और फाइनल में प्रवेश का मौका गंवा बैठे।
शी यूकी ने लक्ष्य के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखा और लंबे समय से चल रहे मुकाबलों में उन्हें चौथी बार हराया। शुरुआती लम्बी रैलियों और आक्रामक खेल के बावजूद लक्ष्य महत्वपूर्ण पलों में पिछड़ गए और शी की मजबूत डिफेंस और शानदार फिनिशिंग का सामना नहीं कर सके। लक्ष्य इस विश्व चैंपियनशिप में पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान की निराशा को भुलाकर वापसी की उम्मीद में आए थे, लेकिन शी ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया।
मैच की शुरुआत रोमांचक रही। पहले गेम में 47 शॉट की लंबी रैली के दौरान लक्ष्य ने ‘लाइन कॉल’ में गलती की, जिससे शी 3-2 की बढ़त में आगे हो गए। इसके बाद शी ने लगातार तेज स्मैश खेलते हुए 10-6 की बढ़त बनाई, लेकिन लक्ष्य ने वापसी करते हुए स्कोर 11-11 कर दिया। शी ने दमदार स्मैश की मदद से 14-11 की बढ़त बनाई, जिसे लक्ष्य ने 14-16 तक पहुंचाया। अंततः पहले गेम में शी ने 21-17 से जीत दर्ज की।
दूसरे गेम की शुरुआत भी करीबी रही। दोनों खिलाड़ी 5-5 तक बराबरी पर रहे, लेकिन शी ने अपनी गति और ताकत का उपयोग करते हुए 14-9 की बढ़त बनाई। लक्ष्य ने 16-17 तक वापसी की, लेकिन मैच के अंतिम क्षणों में दो आसान गलतियों के कारण शी ने 21-19 से जीत सुनिश्चित की।
शी यूकी इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं और जनवरी 2024 से अब तक अपने सभी नौ फाइनल मुकाबले जीत चुके हैं।
103 टेस्ट, 7195 रन- पुजारा ने अपने शानदार करियर को कहा अलविदा
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुजारा ने अपने क्रिकेट करियर और भावनाओं को साझा किया। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में बिताए अपने समय को “जीवन का सबसे खास अनुभव” बताते हुए टीम, परिवार और समर्थकों का धन्यवाद किया।
राजकोट के छोटे शहर से उठकर भारतीय क्रिकेट में अपना नाम रोशन करने वाले पुजारा ने पोस्ट में लिखा कि भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और हर मैच में अपनी पूरी मेहनत देना उनके लिए यह शब्दों में बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “हर अच्छी चीज का अंत होता है, और इसी भाव के साथ मैं क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूँ।”
पुजारा ने अपने पोस्ट में बीसीसीआई, सौराष्ट्र क्रिकेट संघ, टीम, कोच, मार्गदर्शकों और सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने अपने परिवार, पत्नी पूजा और बेटी अदिति के योगदान को भी बेहद अहम बताया और कहा कि अब वह अपने जीवन के अगले चरण में उनके साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं।
अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पुजारा ने 103 टेस्ट और 5 वनडे मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 176 पारियों में 7195 रन, 19 शतक और 35 अर्धशतक बनाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 206 रन रहा। वनडे में उनका औसत 39.24 रहा। आईपीएल में उन्होंने 30 मैचों में 390 रन बनाए।
पुजारा का अंतिम टेस्ट जून 2023 में इंग्लैंड में खेला गया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल था, जिसमें भारत को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में पुजारा इंग्लैंड दौरे पर कमेंट्री करते भी नजर आए थे।
