वायु सेना प्रमुख बोले—तीनों सेनाओं का समन्वय हमारी सबसे बड़ी ताकत
ओटीए से 155 भारतीय कैडेट बने अधिकारी, विदेशी कैडेटों ने भी पूरा किया प्रशिक्षण
चेन्नई। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) में आयोजित पासिंग आउट परेड में भाग लेते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और तीनों सेनाओं के बीच हुए असाधारण समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने वायु सेना, नौसेना और थल सेना के बीच एकजुटता, तालमेल और बेहतर एकीकरण की मिसाल पेश की है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शॉर्ट सर्विस कमीशन से पास आउट हुए युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे-जैसे आप अपने सैन्य करियर में आगे बढ़ेंगे, आपको इस सहयोग और एकजुटता की भावना को हमेशा आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने इस मौके पर प्रशिक्षण पूरा करने वाले कैडेटों की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
गौरतलब है कि इस वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस दौरान पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकी ढांचों को सटीक हमलों से ध्वस्त किया गया। पाकिस्तानी सेनाओं के जवाबी प्रयासों को भी भारतीय बलों ने नाकाम कर दिया था।
कार्यक्रम में कुल 130 पुरुष और 25 महिला कैडेट भारतीय सेना के विभिन्न अंगों में कमीशन प्राप्त कर अधिकारी बने। इसके साथ ही 21 विदेशी कैडेटों (जिसमें 12 महिला कैडेट शामिल हैं) ने भी अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मित्रता को नई दिशा देता है।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने नव-नियुक्त अधिकारियों को संदेश देते हुए कहा—”हमेशा अपनी वर्दी को गर्व से पहनें, नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाएं और सबसे पहले एक अच्छे इंसान बनने का प्रयास करें।”
राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दायर
नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी एक बार फिर विवादों में हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में उनके खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दाखिल की गई है। आरोप है कि भारतीय नागरिकता लेने से पहले ही उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कर दिया गया था। यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बनता जा रहा है।
शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी का दावा है कि सोनिया गांधी का नाम पहली बार 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि आधिकारिक तौर पर उन्होंने अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल की। त्रिपाठी के अनुसार 1980 में नाम जुड़ने के बाद 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में दोबारा शामिल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला हो सकता है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया की अदालत में इस शिकायत पर संक्षिप्त सुनवाई हुई। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद मामले को अध्ययन हेतु स्थगित कर दिया और अगली तारीख 10 सितंबर तय की। फिलहाल सोनिया गांधी या दिल्ली पुलिस को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि इसे संज्ञेय अपराध माना जाए और दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है, ऐसे में 1980 और 1982 में नाम दर्ज होना कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है।
यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील माना जा रहा है। विपक्ष में सोनिया गांधी हमेशा एक अहम चेहरा रही हैं। ऐसे में यह विवाद न केवल अदालत में बल्कि राजनीतिक हलकों में भी गरमा सकता है।
त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने NextGenGST सुधारों को बताया ऐतिहासिक कदम
नई दिल्ली। सांसद हरिद्वार एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जीएसटी परिषद द्वारा लागू किए गए NextGenGST सुधारों को ऐतिहासिक और भविष्यगामी करार दिया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में लिए गए ये निर्णय कर प्रणाली को सरल बनाने के साथ-साथ करोड़ों भारतीयों के जीवन और व्यवसाय को भी सहज बनाएंगे।
त्रिवेन्द्र ने बताया कि इन सुधारों से Ease of Doing Business में सुधार, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ये कदम स्थानीय विनिर्माण, लघु-मध्यम उद्यम और स्वरोज़गार को बढ़ावा देंगे और भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं समावेशी बनाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सुधार भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर नई पहचान और ताकत प्रदान करेंगे।
दूध, पनीर, ब्रेड और दवाएं हुईं सस्ती, पान मसाला-सिगरेट पर बढ़ा टैक्स
22 सितंबर से लागू होंगी नई जीएसटी दरें
नई दिल्ली। दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने जनता को राहत का बड़ा पैकेज दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में व्यापक कटौती का ऐलान किया। अब कई रोजमर्रा की वस्तुएं और सेवाएं सस्ती होंगी, जबकि कुछ लग्जरी और हानिकारक उत्पादों पर कर बढ़ा दिया गया है। जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।
जीएसटी में संशोधन के बाद अधिकांश वस्तुएं 5% और 18% स्लैब में आ गई हैं। कई उत्पादों को जीरो टैक्स (0%) श्रेणी में रखा गया है, जबकि तंबाकू, पान मसाला और शुगरी ड्रिंक्स जैसे आइटम अब 40% ‘सिन टैक्स’ स्लैब में आ गए हैं।
क्या सस्ता हुआ?
दूध, पनीर, छेना, ब्रेड, खाखरा और चपाती पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
बटर, खोआ, घी और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स 12% से घटकर 5% टैक्स पर आ गए हैं।
33 जीवन रक्षक दवाओं और हेल्थ इंश्योरेंस/एलआईसी पॉलिसियों पर टैक्स शून्य कर दिया गया है।
कृषि और बागवानी मशीनरी, ट्रैक्टर, ट्यूब-टायर, कीटनाशक और उर्वरक सामग्री पर टैक्स 18% से घटकर 5% हो गया है।
मोटरसाइकिल (350 सीसी तक), एसी, टीवी, डिशवॉशर और छोटे वाहनों पर जीएसटी 28% से घटकर 18% हो गया है।
क्या महंगा हुआ?
कोल्ड ड्रिंक, शुगरी बेवरेज और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक अब 40% स्लैब में चले गए हैं।
लग्जरी कारें, रेसिंग कारें और 350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलें भी महंगी हो गई हैं।
पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
जुआ, कैसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और रेस क्लब में एंट्री भी अब 40% जीएसटी स्लैब में आएगी।
रिवॉल्वर, पिस्तौल और निजी उपयोग के लिए विमान व नाव पर भी 40% टैक्स लगेगा।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से आम और मध्यम वर्ग को सीधी राहत मिलेगी, जबकि हानिकारक व विलासिता वाली वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स लगाकर राजस्व भी बढ़ाया जाएगा।
4.5 लाख लोग प्रभावित, 37 की मौत, 3.5 लाख एकड़ फसल बर्बाद
चंडीगढ़। पंजाब में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पंजाब के सभी 23 जिलों के 1400 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है। सभी विभागों को सेवाएं बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
अब तक 37 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। लगभग 3.5 लाख एकड़ फसल बर्बाद हो गई है।
तीन बांधों पर दबाव से बिगड़े हालात
भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांध में जलस्तर खतरे के निशान के करीब या ऊपर पहुंच चुका है। बीबीएमबी ने पौंग बांध से रोजाना छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाकर 1 लाख क्यूसेक करने का फैसला लिया है। रणजीत सागर बांध के सातों गेट इतिहास में पहली बार खोले गए हैं।
स्कूल-कॉलेज 7 सितंबर तक बंद
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने सभी सरकारी, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूल-कॉलेज व विश्वविद्यालय 7 सितंबर तक बंद रखने का फैसला किया है।
केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग
राज्य को आपदा प्रभावित घोषित करने के बाद उम्मीद है कि केंद्र से अतिरिक्त राहत पैकेज मिलेगा। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की तैनाती बढ़ाई जा सकती है। इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल वीरवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वहीं, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से पंजाब समेत उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है।
निगम बोध घाट, यमुना बाजार और मोनेस्ट्री मार्केट में पानी घुसा, एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी
नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और राजधानी के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। यमुना बाजार, निगम बोध घाट, ओल्ड उस्मानपुर, ओल्ड गढ़ी मेंडू और आईएसबीटी का वासुदेव घाट सहित मोनेस्ट्री मार्केट के आसपास के इलाके पानी में डूब गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में 5 तारीख तक हल्की से भारी बारिश जारी रह सकती है। यमुना का जलस्तर अब 207 मीटर के पार पहुंच गया है, जो खतरे के स्तर से 2 मीटर ऊपर है। इस कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।
ओल्ड उस्मानपुर और ओल्ड गढ़ी मेंडू गांवों में यमुना का पानी घुसने से लगभग 2,500 लोग अपने घर खाली करने के बाद राहत शिविरों में पहुंचाए गए। स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि पानी तेजी से बढ़ रहा है और कई घरों में घुस चुका है। वहीं मोनेस्ट्री मार्केट और आस-पास के इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
एनडीआरएफ कमांडेंट ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि रात से बचाव और राहत कार्य जारी हैं, और टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
मुंबई पुलिस की रणनीति सफल, पांच दिन का आंदोलन बिना बवाल खत्म
मुंबई। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे हजारों समर्थकों के साथ मुंबई पहुंचे थे। पांच दिन तक चला यह बड़ा आंदोलन आजाद मैदान में हुआ, लेकिन मुंबई पुलिस की सख्त और रणनीतिक तैयारियों के कारण माहौल कभी बेकाबू नहीं हुआ। आंदोलन का समापन तब हुआ, जब राज्य सरकार ने उनकी अधिकतर मांगों को मान लिया और जरांगे ने भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।
राज्यभर से उमड़ा समर्थन
जरांगे ने 29 अगस्त को अनशन शुरू किया था। उनकी अपील पर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग मुंबई पहुंचे। हजारों वाहनों के कारण दक्षिण मुंबई के कई मार्ग जाम हो गए। आंदोलनकारी आजाद मैदान और उसके आसपास डटे रहे, वहीं कुछ लोग रेलवे स्टेशन पर रात गुजारते नजर आए।
पुलिस की सूझबूझ और सख्त निगरानी
मुंबई पुलिस ने आंदोलन को शांतिपूर्वक संचालित करने के लिए 1,500 से अधिक जवानों के साथ सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आरएएफ, एसआरपीएफ और दंगा नियंत्रण बल को भी तैनात किया। हालात पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन का सहारा लिया गया। कई बार रास्ते जाम हुए, लेकिन जरांगे के वीडियो कॉल पर समर्थक पीछे हट गए।
हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
आंदोलन के चलते मुंबई में जनजीवन प्रभावित हुआ तो बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और सभी रास्ते खाली करने का आदेश दिया। अदालत ने साफ किया कि तय शर्तों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को मैदान खाली करने को कहा और अंततः भीड़ शांतिपूर्वक हट गई।
पुलिस की सराहना और सरकार का आश्वासन
आंदोलन समाप्त होने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त सत्य नारायण चौधरी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की। वहीं सरकार ने जरांगे की 8 में से 6 प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं, जबकि दो पर प्रक्रिया जारी है।
मनोज जरांगे की आठ प्रमुख मांगें
सभी मराठा समाज के लोगों को सरलता से कुनबी प्रमाणपत्र (सगे-सोयरे कुनबी प्रमाणपत्र) उपलब्ध कराया जाए।
हैदराबाद, सतारा और औंध गजट को तुरंत लागू किया जाए।
मराठा आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी आपराधिक मामले वापस लिए जाएं।
आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिजनों को तत्काल आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी दी जाए।
58 लाख से अधिक कुनबी नोंदी ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाएं, ताकि मराठा समाज की पहचान स्पष्ट हो।
वंशवली (शिंदे) समिति को स्वतंत्र कार्यालय और अतिरिक्त समय दिया जाए।
सरकार मराठा-कुनबी एक का आधिकारिक आदेश (जीआर) जारी करे।
सगे-सोयरे प्रमाणपत्र की सत्यापन और मान्यता प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
सरकार ने जो छह मांगें स्वीकार की
हैदराबाद गजट लागू करने का निर्णय लिया गया।
सातारा और औंध गजट को लागू करने की प्रक्रिया शुरू, 15 दिनों में कानूनी दिक्कतें दूर होंगी।
आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का आश्वासन।
आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 15 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और योग्यता अनुसार नौकरी।
58 लाख कुनबी नोंदी पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाएगी।
वंशवली (शिंदे) समिति को कार्यालय और कार्यकाल विस्तार मिलेगा।
अधूरी बची 2 मांगें
मराठा-कुनबी एक का जीआर अभी प्रक्रिया में है, लेकिन लागू नहीं हुआ।
सगे-सोयरे प्रमाणपत्र की जांच की प्रक्रिया शुरू है, पर अंतिम फैसला लंबित है।
105 करोड़ रुपये की राशि सीधे जीविका निधि में ट्रांसफर, महिलाओं को मिलेगा आसान ऋण और आर्थिक सहायता
पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार राज्य में ‘जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्यपाल विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में 105 करोड़ रुपये की राशि को जीविका निधि में ट्रांसफर किया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह पहल स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ऋण और आर्थिक सहायता प्राप्त करने में मदद करेगी। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल बिहार की माताओं और बहनों के लिए एक नई सुविधा साबित होगी। उन्होंने योजना की डिजिटल व्यवस्था पर भी संतोष जताया और कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय मदद और ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी।
मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण को विकसित भारत का आधार बताते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं की जीवनशैली सुधारने के लिए अनेक पहल की हैं, जिनमें शौचालय निर्माण, पीएम आवास योजना और मुफ्त राशन योजना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आने वाले महीनों में इस अभियान को और अधिक तेज़ करेगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि माताओं का सम्मान और उनके प्रति श्रद्धा उनके जीवन और समाज की आधारशिला है। उन्होंने हाल ही में राजद-कांग्रेस के मंच से अपनी मां के अपमान की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह हर महिला और माताओं के सम्मान का मामला है।
मोदी ने अंत में कहा कि उनके कार्यों की प्रेरणा मां के आशीर्वाद और मातृत्व से मिली है, और बिहार की महिलाओं के लिए यह योजना नई उम्मीद और सशक्तिकरण का अवसर साबित होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकॉन इंडिया-2025 का किया शुभारंभ
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका स्थित यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया-2025 का शुभारंभ किया। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शो है। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर भारतीय अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि दुनिया आज भारत की क्षमताओं पर भरोसा करती है और भविष्य का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम भारत में ही आकार लेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “तेल को कभी काला सोना कहा जाता था, लेकिन आज चिप्स यानी सेमीकंडक्टर ही असली हीरे हैं।”
इस बार चौथे संस्करण में 48 देशों की 350 से अधिक कंपनियां और रिकॉर्ड संख्या में वैश्विक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन का उद्देश्य भारत को सेमीकंडक्टर महाशक्ति बनाना और एक मजबूत, टिकाऊ तथा लचीले सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
कार्यक्रम 2 से 4 सितंबर तक चलेगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी 3 सितंबर को सीईओ गोलमेज सम्मेलन में भी भाग लेंगे। सम्मेलन में सेमीकंडक्टर फैब, एडवांस पैकेजिंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ-साथ डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना, स्टार्टअप इकोसिस्टम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर विशेष चर्चा होगी।
करीब 150 वक्ता और 50 से अधिक वैश्विक नेता इसमें शामिल होंगे, जबकि 350 प्रदर्शक अपनी तकनीकी क्षमताएं पेश करेंगे। इसके साथ ही छह देशों की राउंडटेबल, स्टार्टअप पवेलियन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
गौरतलब है कि 2021 में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) की शुरुआत के बाद मात्र चार वर्षों में भारत ने इस क्षेत्र के विजन को वास्तविकता में बदल दिया है। सरकार ने इसके लिए 76,000 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना भी शुरू की है।
इम्फाल। मणिपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए हथियारों की तस्करी में लिप्त चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो उग्रवादी प्रतिबंधित संगठन आरामबाई टेंगोल (एटी) से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से अत्याधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है।
इंफाल पश्चिम जिले में हुई कार्रवाई के दौरान एटी संगठन से जुड़े दो उग्रवादियों को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान लैशराम तोंडोम्बा सिंह (27) और तोरंगबाम अमरजीत मैतेई (20) के रूप में हुई है। दोनों थौबल जिले के लामडिंग ममांग लेइकाई के रहने वाले हैं। इनके पास से सात एचके33 राइफलें, दो एम4ए1 कार्बाइन, दो पिस्तौल, 40 मैगजीन और 100 से अधिक कारतूस बरामद किए गए। अदालत ने दोनों आरोपियों को नौ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस ने बताया कि कुकी संगठनों ने आरामबाई टेंगोल पर राज्य में जातीय हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
इसी क्रम में पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में पीआरईपीएके (पीआरओ) संगठन के दो और उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां इंफाल पूर्व के ताखेल अवांग लेइकाई और इंफाल पश्चिम जिले से की गईं। कार्रवाई के दौरान तीन ग्रेनेड, 53 कारतूस और आईईडी जैसी संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई है।
गौरतलब है कि मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों में रह रहे हैं।
