गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम किया, ट्रक चालक फरार, फैक्ट्री प्रबंधन से मांगी जवाबदेही
पटना। बिहार की राजधानी पटना में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिगरियावा स्टेशन के पास हिलसा-दनियावां मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रक और टेम्पो की सीधी टक्कर में 10 लोगों की जान चली गई। मृतकों में नौ महिलाएं और टेम्पो चालक शामिल हैं। हादसे की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि टेम्पो पूरी तरह चकनाचूर हो गया और सवार यात्री बुरी तरह फंस गए।
टक्कर के बाद सड़क पर खून फैल गया और कई शव इधर-उधर बिखरे पड़े थे। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर जुटे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस व ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान तीन घायलों की मौत हो गई, जबकि कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
गुस्साए लोगों ने सड़क जाम किया
हादसे की खबर फैलते ही लोगों का आक्रोश भड़क उठा। ग्रामीणों ने सड़क जाम कर हंगामा किया और फैक्ट्री प्रबंधन को मौके पर बुलाने की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर सीधे पास की सीमेंट फैक्ट्री के अंदर चला गया। पुलिस हालात को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटी रही।
गंगा स्नान के लिए निकले थे यात्री
पुलिस जांच में पता चला है कि सभी मृतक नालंदा जिले के मलावा गांव के निवासी थे। वे टेम्पो से फतुहा के त्रिवेणी घाट गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। रास्ते में यह हादसा हो गया। पूरे गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतकों की पहचान हुई
हादसे में मरने वालों की पहचान संजू देवी, उदेशा देवी, कंचन देवी, बबीता देवी, रेणु कुमारी, दीपिका पासवान, गंगा देवी, कुसुम देवी, काजल कुमारी और चालक चंदन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ट्रक चालक की तलाश जारी है।
बिहार में मतदाता सूची विवाद पर सियासी तापमान बढ़ा
बिहार। बिहार में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सियासी हंगामा बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दल इस कदम को लेकर विरोध कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बिहार दौरे पर हैं और उन्होंने तेजस्वी यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर जमकर विरोध किया।
वहीं, भाजपा ने स्पष्ट किया है कि देश का नागरिक नहीं होने वाले लोगों को मतदाता सूची से हटाना उचित है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने तय किया है कि देश का भविष्य घुसपैठियों से प्रभावित नहीं होगा और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
गयाजी में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि घुसपैठियों की बढ़ती संख्या देश के लिए चिंता का विषय है। सीमावर्ती इलाकों की डेमोग्राफी बदल रहा है। एनडीए सरकार जल्द ही डेमोग्राफी मिशन की शुरुआत करने जा रही है। कांग्रेस और राजद जैसे दल बिहार के गरीबों का हक छीनकर घुसपैठियों को देना चाहते हैं। यह सब वह वोटबैंक और तुष्टिकरण के लिए कर रहे हैं। उन्हें बिहार की कोई परवाह नहीं है। इसलिए लगातार सरकार का विरोध कर रहे हैं। लेकिन, हमलोगों को राजद और कांग्रेस की बुरी नजर से बिहार को बचाना है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम घुसपैठियों को बिहार के युवाओं का रोजगार नहीं छीनने देंगे। जिन सुविधाओं पर भारतीयों का अधिकार है। उसपर घुसपैठियों काे डाका नहीं डालने देंगे। बहुत जल्द डेमोग्राफी सर्वे का कार्य शुरू होगा। हम हर घुसपैठी को देश से बाहर करके रहेंगे। पीएम मोदी ने पूछा कि क्या घुसपैठिए आपका रोजगार छीन लें और आपकी जमीन पर कब्जा कर लें यह मंजूर है? कांग्रेस और राजद ने बिहार के लोगों का हक छीनकर घुसपैठियों को देना चाहते हैं। एनडीए को हराने के लिए कांग्रेस-राजद कितना भी नीचे जा सकते हैं। इसलिए बिहार के लोगों को सतर्क रहने की जरुरत है। हमें बिहार को कांग्रेस-राजद की बुरी नजर से बचाकर रखना है। बिहार के लिए यह समय बेहद खास है। बिहार के लोगों के सपने पूरे हो। यहां के लोगों की उम्मीदों को नई उड़ान मिले। इसके लिए डबल इंजन की सरकार लगातार मेहनत कर रही है। आज का कार्यक्रम इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मैं एक बार फिर इन परियोजनाओं के लिए बिहार को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
व्यक्ति ने पेड़ का सहारा लेकर दीवार फांदी और परिसर में घुसने की कोशिश की, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत काबू पाया
नई दिल्ली। संसद भवन की सुरक्षा में एक बार फिर बड़ी चूक सामने आई है। सुबह लगभग 6:30 बजे एक व्यक्ति पेड़ का सहारा लेकर दीवार फांद संसद भवन में घुस गया। आरोपी रेलभवन की ओर से दीवार पार कर नई संसद भवन के गरुड़ द्वार तक पहुंचा। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया और उससे पूछताछ की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है।
सुरक्षा में पहले भी चूक के मामले
अगस्त 2024 में भी नई संसद भवन की सुरक्षा में चूक हुई थी, जब एक युवक रेड क्रॉस रोड की तरफ से दीवार फांदकर परिसर में घुस गया था। सुरक्षाकर्मियों ने उसे संसद में प्रवेश करने से पहले ही काबू में कर लिया था। प्रारंभिक जांच में युवक मानसिक रूप से कमजोर पाया गया था।
दिसंबर 2023 में भी सुरक्षा व्यवस्था में कमज़ोरी सामने आई थी। उस दौरान दो संदिग्ध लोकसभा विजिटर गैलरी में कूद गए थे, जिससे कार्यवाही के दौरान अफरा-तफरी मच गई थी। तत्काल सुरक्षाकर्मियों और मार्शलों ने दोनों को काबू में लिया था।
संसद भवन में बार-बार सुरक्षा चूक की यह घटनाएँ चिंता का विषय बन गई हैं और सुरक्षा एजेंसियों के लिए सतर्कता की घड़ी है।
सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्याओं पर अहम आदेश जारी करते हुए 11 अगस्त के अपने पूर्व आदेश में संशोधन किया है। कोर्ट ने साफ किया है कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद आवारा कुत्तों को उसी क्षेत्र में छोड़ा जाएगा, बशर्ते वे आक्रामक न हों और न ही रेबीज से संक्रमित हों। साथ ही अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक लगाते हुए नगर निगम को इसके लिए अलग स्थान तय करने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सड़कों और गलियों में कुत्तों को मनमाने तरीके से खाना खिलाने से कई घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें रोकना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति किसी लोक सेवक को अपना कर्तव्य निभाने से रोकता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
इसी के साथ अदालत ने नगर निगम को यह व्यवस्था करने का निर्देश दिया कि इच्छुक पशु प्रेमी कुत्तों को गोद लेने के लिए आवेदन कर सकें।
राष्ट्रीय नीति पर राय मांगी गई
कोर्ट ने आवारा कुत्तों की समस्या को व्यापक दृष्टिकोण से देखते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पशुपालन विभाग के सचिवों से इस विषय पर राष्ट्रीय नीति बनाने को लेकर राय मांगी है।
सभी मामले सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित होंगे
शीर्ष अदालत ने अपनी रजिस्ट्री को आदेश दिया है कि उन सभी उच्च न्यायालयों से लंबित याचिकाओं की जानकारी हासिल की जाए जो आवारा कुत्तों के मुद्दे से संबंधित हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब ऐसे सभी मामले सुप्रीम कोर्ट में ही सुने जाएंगे।
ओम बिरला बोले– विपक्ष का आचरण लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि संसद के भीतर और बाहर सांसदों की भाषा और व्यवहार गरिमामय होना चाहिए, लेकिन विपक्ष का आचरण लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने चेताया कि जनता सब देख रही है कि किस तरह महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा बाधित की जा रही है।
सिर्फ 37 घंटे चर्चा संभव
बिरला ने बताया कि पूरे मानसून सत्र के दौरान 419 प्रश्न पूछे गए, लेकिन उनमें से केवल 55 सवालों के ही मौखिक उत्तर दिए जा सके। सदन की कार्यवाही के लिए 120 घंटे का समय तय था, जबकि हंगामे के कारण सिर्फ 37 घंटे चर्चा हो पाई। इस बीच लोकसभा ने कुल 12 विधेयक पारित किए।
सदन की गरिमा पर चिंता
गुरुवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही विपक्ष के शोर-शराबे के कारण तुरंत स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे पुनः शुरू हुई बैठक में अध्यक्ष ने खेद जताया कि सत्र बार-बार बाधित हुआ। उन्होंने कहा कि यह समय सभी के लिए आत्मचिंतन का है, क्योंकि पूरे महीने चले सत्र में गंभीर बहस और विमर्श नहीं हो सका।
विपक्ष लगातार करता रहा हंगामा
यह सत्र 21 जुलाई से आरंभ हुआ था। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर लगातार कार्यवाही बाधित की। अंत में ओम बिरला ने समापन भाषण देते हुए सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह बने प्रस्तावक
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने संसद भवन में अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा समेत एनडीए के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। पीएम मोदी ने नामांकन पत्र के चार सेट रिटर्निंग ऑफिसर को सौंपे, जिनमें वे स्वयं, राजनाथ सिंह, अमित शाह और जदयू नेता राजीव रंजन सिंह प्रस्तावक बने।
सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से आने वाले ओबीसी समुदाय (गाउंडर-कोंगु वेल्लालर) से ताल्लुक रखते हैं। वे 1998 में पहली बार सांसद बने और 2023 में झारखंड के राज्यपाल नियुक्त किए गए। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और इससे पहले तेलंगाना व पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल चुके हैं।
नामांकन से पहले गांधीजी को दी श्रद्धांजलि
नामांकन दाखिल करने से पहले सीपी राधाकृष्णन ने संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, धर्मेंद्र प्रधान, राम मोहन नायडू और भाजपा नेता विनोद तावड़े भी उपस्थित रहे।
विपक्ष कल दाखिल करेगा नामांकन
वहीं, विपक्ष की ओर से उम्मीदवार बनाए गए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी कल अपना नामांकन दाखिल करेंगे। 21 अगस्त नामांकन की अंतिम तिथि है।
9 सितंबर को होगा चुनाव
उपराष्ट्रपति पद का चुनाव 9 सितंबर को आयोजित होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 788 सांसद मतदान करेंगे।
सीएम पर हमले की BJP-Congress दोनों ने की कड़ी निंदा
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक युवक ने हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया और थाने ले गई। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक में नाराज़गी देखी जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसुनवाई का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है, ऐसे में मुख्यमंत्री पर हमला अस्वीकार्य है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान गुजरात के राजकोट निवासी राजेश खिमजी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जनसुनवाई के दौरान उसने पहले मुख्यमंत्री को कुछ कागज़ सौंपे और इसके बाद अचानक उन पर हमला कर दिया। हालांकि, मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे काबू में ले लिया।
घटना को लेकर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर राजधानी की मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होता है।”
चश्मदीद अंजलि, जो उस समय जनसुनवाई में मौजूद थीं, ने बताया कि आरोपी ने अचानक सीएम गुप्ता को थप्पड़ मारा जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। वहीं एक अन्य शख्स शैलेंद्र कुमार ने कहा कि वे शिकायत लेकर आए थे, तभी उन्होंने देखा कि सीएम पर हमला हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश का मुकाबला होगा एनडीए प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन से
नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को उनके नाम की औपचारिक घोषणा की। इससे पहले विपक्षी दलों की बैठक 10 राजाजी मार्ग पर हुई, जिसमें सर्वसम्मति से उनका नाम तय किया गया। रेड्डी 21 अगस्त को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
खरगे ने कहा कि “बी. सुदर्शन रेड्डी देश के सबसे सम्मानित और प्रगतिशील न्यायविदों में गिने जाते हैं। न्यायपालिका में उनका लंबा और प्रभावशाली करियर रहा है। वे हमेशा सामाजिक और आर्थिक न्याय के पक्षधर रहे और गरीबों व वंचितों के हक की आवाज उठाई।”
राजग उम्मीदवार से होगा मुकाबला
जस्टिस रेड्डी का सामना एनडीए उम्मीदवार एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से होगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता और आरएसएस से जुड़े राधाकृष्णन को एनडीए ने अपना उम्मीदवार बनाया है। विपक्ष के ऐलान के बाद उन्होंने सभी दलों से समर्थन की अपील की। तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई दल पहले ही रेड्डी के समर्थन का ऐलान कर चुके हैं।
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जीवन परिचय
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगारेड्डी जिले में हुआ था। कृषक परिवार से ताल्लुक रखने वाले रेड्डी ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और 1971 में वकालत शुरू की।
उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील के रूप में भी सेवाएं दीं और बाद में केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील बने।
1995 में उन्हें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 2005 में वे गौहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने और 2007 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद पर आसीन हुए। वे वर्ष 2011 में सेवानिवृत्त हुए। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई ऐतिहासिक फैसले दिए और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की।
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देकर कहा– जहां बीजेपी जीती, वहीं नए वोटर जुड़े
गया (बिहार)। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। “वोट चोरी” और “वोटर लिस्ट में हेरफेर” का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त समेत तीनों आयुक्तों को चेतावनी दी कि सरकार बदलने के बाद आयोग की भूमिका की गहन जांच होगी। राहुल गांधी ने कहा कि संविधान पर हमला दरअसल भारत माता पर हमला है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गया में आयोजित सभा के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एक करोड़ “नकली वोटर” जोड़ दिए थे। उनके अनुसार, “हमारे वोट जितने पहले थे उतने ही रहे, लेकिन जहां-जहां बीजेपी की जीत हुई, वहां नए वोटर अचानक जुड़ गए।” उन्होंने बताया कि कर्नाटक की एक सीट पर रिसर्च के दौरान एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटर सामने आए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जानकारी देने के बावजूद आयोग ने कार्रवाई करने के बजाय उनसे ही एफिडेविट मांगने की बात कही। उन्होंने कहा कि, “चोरी पकड़े जाने के बावजूद जिम्मेदारी स्वीकारने के बजाय उल्टा विपक्ष पर दबाव बनाया गया।”
‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत गया से बरबीघा की ओर बढ़ते हुए राहुल गांधी ने लोगों से सवाल किया—”क्या आप बिहार में वोट चोरी होने देंगे?” उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करते हैं, उसी तरह निर्वाचन आयोग “विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)” के नाम पर वोट चोरी का नया पैकेज लेकर आया है।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। सोमवार को भी सुबह से भारी बारिश जारी है, जिसके चलते कई इलाकों में पानी भर गया और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी, सतारा, कोल्हापुर और पुणे के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3–4 घंटों के दौरान कुछ क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर बारिश की तीव्रता और अधिक हो सकती है।
हादसे और असर
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रविवार को मुंबई में छह जगह शॉर्ट सर्किट, 19 स्थानों पर पेड़ या शाखाएं गिरने और दो दीवारें गिरने की घटनाएं हुईं।
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बीएमसी के अनुसार, इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
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शनिवार देर रात तक मुंबई में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
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विखरोली में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो चुकी है।
परिवहन पर असर
भारी बारिश का असर मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी पड़ा है। जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनें 15–20 मिनट की देरी से चल रही हैं। हालांकि, बेस्ट (BEST) बस सेवाओं के किसी भी रूट में बदलाव नहीं किया गया है।
स्कूल-कॉलेज बंद
बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने मुंबई और आसपास के जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया है।