पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का निधन..
देश-विदेश: जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव नहीं रहे। गुरुवार रात गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह 75 साल के थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी ने निधन की जानकारी दी। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के छतरपुर स्थित उनके निवास स्थान पर रखा गया, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शरद यादव की बेटी शुभाषिनी यादव ने ट्वीट करके पिता के निधन की जानकारी दी। शुभाषिनी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘पापा नहीं रहे।’ सूत्रों के मुताबिक, अपने अंतिम समय में वे बीमार चल रहे थे और उनका इलाज गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था। शरद यादव के निधन से पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
मध्य प्रदेश में पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार..
शरद यादव के दामाद राज कमल राव ने कहा, उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था, हम उन्हें अस्पताल लेकर गए। वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्हें किडनी की समस्या थी और डायलिसिस पर थे। उनके पार्थिव शरीर को मध्य प्रदेश में उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके थे
शरद यादव जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनका नाम देश के बड़े समाजवादी नेताओं में शुमार किया जाता था। उनके करीबियों के मुताबिक, शरद यादव का राजनीतिक कद इतना ऊंचा था कि जब वे बोलते थे तो पूरा देश सुनता था। मंत्री रहे हों या विपक्ष के सांसद, उनके सामने कभी कोई ऐसा सवाल नहीं आया जिसका जवाब उन्हें नहीं सूझा हो। उनका जवाब सुनकर प्रश्न पूछने वाले चुप रह जाया करते थे।
शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के बंदाई गांव में किसान परिवार में हुआ था। किसान के घर जन्मे शरद पढ़ने लिखने में काफी तेज थे। छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने वाले शरद यादव ने बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुकाम हासिल किया था। शरद यादव ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और फिर बिहार में अपना राजनीतिक परचम लहराया था। नीतीश कुमार से हुए विवाद के बाद उन्होंने जदयू का साथ छोड़ दिया था। वो बिहार की मधेपुरा सीट से कई बार सांसद रह चुके थे।
वे डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से बहुत प्रेरित थे। उन्हीं से प्रेरणा पाकर शरद यादव ने कई आंदोलनों में हिस्सा लिया था। इतना ही नहीं, वे MISA के तहत 1969-70, 1972 और 1975 में जेल भी गए। सक्रिय राजनीति में शरद यादव ने साल 1974 में कदम रखा था तब वे वे पहली बार जबलपुर लोकसभा सीट से सांसद बने। वे कुल सात बार यूपी एमपी और बिहार से चुनकर लोकसभा पहुंचे थे। उनके राजनीतिक कद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे कई सरकारों में केंद्रीय मंत्री भी रहे।
शरद यादव ने अपनी खुद की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल शुरू की थी। मार्च 2020 में उन्होंने लालू यादव के संगठन राजद में विलय कर लिया। उन्होंने कहा था कि एकजुट विपक्ष की ओर पहला कदम था।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव में शामिल होंगे 30 हजार युवा..
देश-विदेश: केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का कहना हैं कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव के उद्घाटन समारोह में देशभर से तीस हजार से अधिक युवा शामिल होंगे। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा उत्सव आयोजित किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के हुबली में 12 जनवरी से शुरू होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव का उद्घाटन करेंगे। महोत्सव 16 जनवरी तक चलेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस दौरान कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
उनका कहना हैं कि देश स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना रहा है। हमें उम्मीद है कि सशक्त होने के साथ ही युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ठाकुर ने कहा कि भारत के पांच पारंपरिक खेल जैसे, मलखम, योगासन, कलारेपट्टू, थंगटा और गटका को महोत्सव में शामिल किया जाएगा, ताकि लोगों को उनके बारे में पता चल सके और वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल बन सकें।
1984 में राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित..
भारत सरकार ने वर्ष 1984 में इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था। 1985 से प्रति वर्ष देश 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहा है। स्वामी विवेकानंद के भाषण, उनकी शिक्षाएं और उद्धरण हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। युवा दिवस की थीम, महत्व, भारत में कार्यक्रमों की समय-सारणी यहां देखी जा सकती है।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन हर साल हमारे प्रतिभाशाली युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति का विश्व बंधुत्व का संदेश प्रदान करने के लिए किया जाता है। यह देश के सभी हिस्सों से विविध संस्कृतियों को एक साझा मंच पर लाता है और प्रतिभागियों को एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना से जोड़ता है। इस वर्ष यह महोत्सव 12 जनवरी से 16 जनवरी तक कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ में आयोजित किया जा रहा है, जिसकी थीम “विकसित युवा – विकसित भारत” है। यह दिन देश के युवाओं के लिए मनाया जाता है, और उन्हें विवेकानंद के विचारों और दर्शन को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह भारत का 26वां राष्ट्रीय युवा महोत्सव होगा।
जोशीमठ के बाद अलीगढ में भी आयी दरारे..
उत्तराखंड: जोशीमठ कस्बे पर इस वक़्त बड़ा संकट मंडरा रहा है, 723 मकानों में दरार की वजह से हजारों परिवार संकट में है।लेकिन इसी बीच खबर आ रही हैं कि यूपी के अलीगढ़ में भी कई घरों में दरार आयी हैं। जिसकी वजह से लोगों में दहशत है।जोशीमठ के बारे में कहा जा रहा है कि भूंकपीय जोन में अनियंत्रित विकास का सामना वहां के लोग कर रहे हैं। मकानों में दरार के लिए एनटीपीसी की सुरंग को भी जिम्मेदार बताया जा रहा हैं। लेकिन अलीगढ़ के घरों में दरार का कारण क्या है? अलीगढ़ के जिन मकानों के घरों में दरारें आ गई हैं, वहां के निवासियों का कहना हैं कि स्मार्ट सिटी के निर्माण के लिए किए जा रहे उत्खनन कार्य किये जा रहे हैं। उसकी वजह से मकानों में दरारें आई हैं। बता दे कि इसके साथ ही उत्तराखंड के कर्णप्रयाग शहर में आवासों में दरारें आ रही हैं।
कावरीगंज इलाके में मकानों में दरार
आपको बता दे कि अलीगढ़ के कांवरीगंज इलाके में पांच घरों में दरारें आ गई हैं, जिससे उत्तराखंड के जोशीमठ के निवासियों को संभावित जमीन धंसने की चिंता है। पावन नगरी जोशीमठ में इस भीषण सर्दी के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। पिछले कई दिनों से हमारे कुछ घरों में दरारें आ गई हैं जिससे हम दहशत में जी रहे हैं। हालांकि इसकी शिकायत भी की जा चुकी है लेकिन नगर निगम के अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और केवल आश्वासन दे रहे हैं। हमें डर है कि घर गिर सकते हैं।
स्मार्ट सिटी अभियान को दोष
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के हिस्से के रूप में स्थापित पाइपलाइन पहले ही लीक कर रही हैं। जिससे और दरारें आ रही हैं। करीब चार दिन हो गए हैं। हमने संबंधित विभागों को सूचित कर दिया है, लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं दी गई है। हमें आतंक में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा हैं। मकानों में आई दरारों का संज्ञान लेते हुए नगर निकाय की टीम रात में बुलडोजर लेकर पहुंची। मुख्य अभियंता सतीश चंद्र ने सुरक्षा चिंताओं को लेकर प्रभावित घरों को तुरंत खाली करने को कहा।
बिग बी ने लोगों को समझाया ‘अवतार 2’ के पीछे छुपा संदेश..
देश-विदेश: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का कैमरे के सामने बेहतरीन अदायगी करने के साथ ही किताबों और कलम से भी गहरा नाता है। बिग बी अक्सर अपने दिलों-दिमाग में चल रहे विचारों को पन्नो पर उतारना पसंद करते हैं। हालांकि, अब ऐसा करने का उनका माध्यम डिजिटल ब्लॉग होता है। लेकिन अमिताभ बच्चन को आए दिन अपने ब्लॉग के जरिए किसी न किसी मुद्दे पर अपनी राय रखते देखा जाता है। इसी क्रम में हाल ही में अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में जेम्स कैमरून की हालिया रिलीज हुई फिल्म ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ का जिक्र किया है। इस ब्लॉग में अमिताभ ने ‘अवतार 2’ की जमकर तारीफ की है।
पूरी दुनिया में दर्शकों का भरपूर प्यार पा रही जेम्स कैमरून की ‘अवतार 2’ पर अब बॉलीवुड के महानतम कलाकार माने जाने वाले अमिताभ बच्चन ने भी अपनी राय रखी है। अमिताभ बच्चन ने पानी में गोते खाती नावी की दुनिया की अपने लेटेस्ट ब्लॉग में जमकर तारीफ की है। इसके साथ ही बिग बी ने ब्लॉग में फिल्म के पीछे छुपे जेम्स कैमरून के उद्देश्य को भी लोगों को समझाया है।
अमिताभ बच्चन लिखते हैं, ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर को सभी ने देखा और इसे देखने के बाद लोगों के कई अलग-अलग मत आए.. बहुत से लोगों ने महसूस किया कि यह बहुत लंबी थी और कुछ इसका अंत देखने तक का इंतजार नहीं कर पाए… लेकिन सभी लोग इसके पीछे का उद्देश्य समझने में असफल रहे। मुझे लगता है कि इसकी कहानी के पीछे एक गहरा संदेश है। कुदरत से खिलवाड़ मत करो….. क्योंकि वह कभी न कभी इसका बदला लेगी !!’
बिग बी ने आगे लिखा, ‘शेर हमेशा उस कांटे को याद रखेगा जिसे एंड्रोक्लीज ने दर्द में उसके पंजे से निकाला था .. और संकट में उसके बचाव में आया था .. ऐसे ही जल महासागरों का जंगली.. और यह तथ्य भी कि जल हमारे अस्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है..हम पानी में पैदा हुए थे और पानी में ही खत्म हो जाएंगे..।’
पीएम मोदी ने जल संरक्षण के लिए दिए कई मंत्र..
मनरेगा के तहत पानी पर अधिक से अधिक हो काम- पीएम मोदी..
देश-विदेश: जल विजन 2047′ विषय पर आज यानी पांच जनवरी से दो दिवसीय प्रथम अखिल भारतीय राज्य मंत्री वार्षिक सम्मेलन का आयोजन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में किया गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सम्मेलन को संबोधित किया। उनका कहना हैं कि आज भारत जल सुरक्षा में अभूतपूर्ण काम कर रहा है और अभूतपूर्ण निवेश भी कर रहा है। जल संरक्षण के लिए राज्यों के प्रयास देश के सामूहिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में बहुत सहायक होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि मनरेगा के तहत पानी पर अधिक से अधिक काम किया जाना चाहिए।
जन भागीदारी की सोच को जनता के मन में जगाना है: पीएम मोदी..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि जल संरक्षण के लिए जन भागीदारी की सोच को जनता के मन में जगाना है। हम इस दिशा में जितना ज्यादा प्रयास करेंगे उतना ही अधिक प्रभाव पैदा होगा। देश हर जिले में 75 अमृत सरोवर बना रहा है और अब तक 25,000 अमृत सरोवर बन भी चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा कि Water vision 2047 अगले 25 वर्षों के अमृत यात्रा का महत्वपूर्ण आयाम है।
जियो मैपिंग और जियो सेंसिंग जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जियो मैपिंग और जियो सेंसिंग जैसी तकनीक जल संरक्षण के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कई राज्यों ने इसमें अच्छा काम किया है और कई राज्य इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जल संरक्षण के लिए केंद्र ने अटल भू-जल संरक्षण योजना की शुरुआत की है। साथ ही सरकार ने इस बजट में सर्कुलर इकोनॉमी पर काफी जोर दिया है। जल संरक्षण के क्षेत्र में भी सर्कुलर इकोनॉमी की बड़ी भूमिका है। जब ट्रीटेड जल को पुन: उपयोग किया जाता है, ताजा जल को संरक्षण किया जाता है तो उससे पूरे इकोसिस्टम को बहुत लाभ होता है।
शहरीकरण की रफ्तार के मद्देनजर जल संरक्षण पर गंभीरता से सोचना होगा..
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है और जब शहरीकरण की रफ्तार ऐसी हो तो हमें पानी के विषय में पूरी गंभीरता से सोचना चाहिए। इंडस्ट्री और खेती दो ऐसे सेक्टर्स हैं, जिसमें पानी की आवश्यकता अधिक होती है। इन दोनों सेक्टर्स को मिल कर जल संरक्षण अभियान चलाना चाहिए और लोगों को जागरूक करना चाहिए।
‘स्वच्छ भारत अभियान’ से मिला फायदा..
‘स्वच्छ भारत अभियान’ से जब लोग जुड़े तब जनता में भी चेतना और जागरूकता आई। सरकार ने संसाधान जुटाए,वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और शौचालय जैसे अनेक कार्य किए। लेकिन अभियान की सफलता तब सुनिश्चित हुई जब जनता ने सोचा कि गंदगी नहीं फैलानी है। जनता में यही सोच जल संरक्षण के लिए भी जगानी होगी।
झारखंड की निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत..
देश-विदेश: झारखंड की निलंबित महिला आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को मंगलवार(तीन जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट से एक महीने के लिए अंतरिम जमानत मिल गई है। उन्हें यह जमानत मेडिकल ग्राउंड पर मिली है। सिंघल को गिरफ्तारी के सात माह 23 दिन बाद यह अंतरिम जमानत मिली है। बता दें कि 2000 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी पूजा सिंघल को 11 मई को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। उनके ऊपर मनरेगा योजना में कथित अनियमितता करने का गंभीर आरोप है।
बीमार बेटी की देखभाल के लिए मिली जमानत..
उच्चतम न्यायालय ने पूजा सिंघल को अपनी बीमार बेटी की देखभाल के लिए एक महीना के लिए अंतरिम जमानत दी है। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति अभय एस ओका की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय को सिंघल की मुख्य जमानत याचिका पर तीन सप्ताह में जवाब देने का भी निर्देश दिया। ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि याचिका गलत है और इसमें कोई दम नहीं है। कानून अधिकारी ने कहा कि मैं इस तरह की दलीलों का विरोध करने वाला आखिरी व्यक्ति होऊंगा।
रांची जाने पर फिलहाल रोक
शीर्ष अदालत, जिसने अब निलंबित आईएएस अधिकारी की याचिका को 6 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि जब तक शहर में सुनवाई के लिए अदालत का मामला सूचीबद्ध नहीं हो जाता, तब तक वह रांची नहीं जाएंगी।
11 मई से हिरासत हैं पूजा सिंघल..
पूजा सिंघल 11 मई से उनसे जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी के बाद से हिरासत में हैं। ईडी ने राज्य के खान विभाग के पूर्व सचिव सिंघल पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है और कहा है कि उनकी टीम ने दो अलग-अलग मनी लॉन्ड्रिंग जांचों के तहत कथित अवैध खनन से जुड़े 36 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की है।
रिटायर्ड एयर मार्शल ने पीएम मोदी से की मुलाकात..
देश-विदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सेवानिवृत्त एयर मार्शल पी.वी. अय्यर से मुलाकात की। पीवी अय्यर 92 साल के हैं। इस उम्र में भी वह फिटनेस के प्रति उत्साही हैं। प्रधानमंत्री का कहना हैं कि जीवन के लिए उनका उत्साह सराहनीय है। उत्साही धावक अय्यर ने प्रधानमंत्री को अपनी पुस्तर ‘फिट एट एनी एज: ए प्रैक्टिशनर्स गाइड’ भेंट की। पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, आज एयर मार्शल पी.वी. अय्यर (सेवानिवृत्त) से मिलकर खुशी हुई। जीवन और साथ ही फिट व स्वस्थ रहने के प्रति उनका उत्साह उल्लेखनीय है। उनकी किताब की एक प्रति पाकर खुशी हुई।
पंचतत्व में विलीन हुईं हीराबेन, प्रधानमंत्री मोदी ने भाइयों संग दी मुखाग्नि..
देश-विदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबा नहीं रही। शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए यह जानकारी दी गई। पोस्ट में लिखा गया, शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम… मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है। मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।
आपको बता दे कि 100 वर्षीय हीराबा का आज सुबह निधन हो गया। यूएन मेहता अस्पताल के एक बयान में कहा गया है,पीएम मोदी ने अपने भाई के साथ मिलकर उन्हें मुखाग्नि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के यूएन मेहता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हीराबा के निधन पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शोक जताया है। इसके अलावा, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा,’माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्रभाई मोदी की माता पूज्य हीराबा के निधन से गहरा दुख हुआ। पूज्य हीराबा उदारता, सादगी, परिश्रम और जीवन के उच्च मूल्यों के प्रतिमान थीं। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
गुवाहाटी में महसूस किए गए भूकंप के झटके..
धरती की 10 किलोमीटर गहराई पर था केंद्र..
देश-विदेश: असम के गुवाहाटी के 62 किलोमीटर उत्तरपूर्व में आज दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 3.5 रही। भूकंप की गहराई धरती से 10 किलोमीटर नीचे थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इस घटना की जानकारी दी है। भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
आपको बता दे कि रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते।
वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है। लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
कांतारा 2′ पर लगी मुहर! ऋषभ शेट्टी की फिल्म के मेकर्स ने सीक्वल पर दिया बड़ा बयान..
देश-विदेश: इस साल की दो सबसे सफल फिल्मों का निर्माण ‘होम्बले फिल्म्स प्रोडक्शंस’ बैनर के तले किया गया है। यह दो फिल्में सुपरस्टार यश स्टारर ‘केजीएफ 2’ और ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा’ हैं। ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा’ ने साल के आखिर में सिनेमाघरों में ऐसा धमाल मचाया है जिसे भूल पाना बहुत मुश्किल है। होम्बले प्रोडक्शंस के संस्थापक विजय किरागंदूर और चालुवे गौड़ा ने ऋषभ शेट्टी की इस फिल्म को ऑस्कर नामांकन के लिए भी भेजा है। इतना ही नहीं यह भी खुलासा किया कि वे इस फिल्म का सीक्वल बनाएंगे। हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में, उन्होंने ‘कांतारा 2’ पर खुलकर बात की है।
हाल ही में विजय और चालुवे ने ‘कांतारा’ से दूसरे पार्ट के बारे में खुलासा किया। उन्होंने कहा है कि वह ‘कांतारा 2’ जरूर बनाएंगे, लेकिन इसकी समय सीमा तय नहीं है। सीक्वल के बारे में बात करते हुए, मेकर्स ने खुलासा किया, ‘हमारे पास एक योजना है। हम दूसरे कामों में व्यस्त थे और ऋषभ ने भी एक महीने का ब्रेक लिया था। जैसे ही वह वापस आ जाएंगे तो हम फ्रेंचाइजी के लिए अपने अगले कदम के बारे में फैसला करेंगे।’
इस इंटरव्यू में उन्होंने ‘केजीएफ’ और ‘कांतारा’ की सफलता के पीछे के कारण के बारे में भी बताया और कहा कि वे फिल्मों की कहानी और पटकथा पर अधिक समय देते हैं। मेकर्स बोले, ‘यदि आप हमारी किसी भी स्क्रिप्ट को लेते हैं, उदाहरण के लिए केजीएफ, हमने स्क्रिप्ट पर तीन साल तक काम किया और कंतारा के लिए, हमने स्क्रिप्ट पर छह से आठ महीने तक काम किया। हमारे लिए हम हमेशा उन राइटर्स और डायरेक्टर्स को अहमियत देते हैं, जिन्हें अच्छी स्क्रिप्ट लिखने के लिए समय की जरूरत होती है। हम उन्हें ड्राफ्ट पर काम करने के लिए पर्याप्त समय देते हैं। हम कहानियां पेश करने की जल्दी में नहीं हैं। एक बार जब हम उनसे जुड़ जाते हैं, तो हम कहानी तय होने के बाद ही प्रोडक्शन पर काम करते हैं। हमारा पूरा ध्यान कुछ सामान्य करने के बजाय कुछ अनूठा पेश करने में होता है।
इस साक्षात्कार में उन्होंने यह भी बताया कि वह हिंदी फिल्में करेंगे या नहीं। जब उनसे पूछा गया कि क्या आप लोग हिंदी फिल्मों का निर्माण करेंगे? इसका जवाब देते हुए, वह बोले, ‘हम कुछ लेखकों के साथ काम कर रहे हैं। एक बार कहानी तैयार हो जाने के बाद हम निर्देशकों की पहचान करेंगे और फिर हम उस पर काम करेंगे।
