सीएम प्रमोद सावंत घटनास्थल पर पहुंचे, कहा—दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पणजी/गोवा। उत्तर गोवा के अर्पोरा गांव में स्थित एक नाइटक्लब में देर रात हुए सिलिंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। विस्फोट के बाद लगी भीषण आग से कम से कम 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। गोवा के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने जानकारी दी कि हादसे में जान गंवाने वालों में 14 क्लब कर्मचारी, 4 पर्यटक और 7 अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। मौके से प्राप्त साक्ष्य बताते हैं कि आग का स्रोत सिलिंडर में हुआ जोरदार विस्फोट ही था।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, प्रभावितों के लिए मुआवजे का ऐलान
अर्पोरा में हुई इस त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में हादसे को हृदयविदारक बताया और कहा कि उनकी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।
पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। पीएम ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से बात कर राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री सावंत ने लिया घटनास्थल का जायजा, कहा– “केंद्र सरकार हर मदद के लिए तैयार”
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। सीएम सावंत ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को राहत कार्य की पूरी जानकारी दी है और केंद्र से उन्हें हरसंभव सहयोग मिल रहा है।
लोबो ने बताया कि शुरुआती सूचनाओं में पर्यटकों के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं प्रशासन ने राहत व बचाव दलों को रातभर मौके पर लगाया, ताकि आग पर काबू पाया जा सके और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके।
सावंत ने बताया—“अवैध संचालन व लापरवाही बनी हादसे की वजह”
मुख्यमंत्री ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर क्लब चलाया, उनके कारण यह बड़ा नुकसान हुआ। उन्होंने संकेत दिया कि शुरुआती जांच में क्लब प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन न किए जाने की बात सामने आई है।
सावंत ने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आग लगने की वास्तविक वजह की विस्तृत जांच होगी।
प्रारंभिक जांच में आग सुरक्षा नियमों की अनदेखी की पुष्टि
अधिकारियों के अनुसार, नाइटक्लब ने आग सुरक्षा और लाइसेंसिंग से जुड़े कई अनिवार्य नियमों को पूरा नहीं किया था। पुलिस ने बताया कि यह क्लब पिछले साल ही शुरू हुआ था और राजधानी पणजी से लगभग 25 किमी दूर स्थित है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमों ने रातभर अभियान चलाया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने तथा आग बुझाने का काम जारी रखा।
मृतक तिपन्ना तलाक देने को तैयार नहीं था, पत्नी हसीना ने करवाया कत्ल
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में वैवाहिक विवाद ने एक दिल दहला देने वाली वारदात का रूप ले लिया। तलाक को लेकर चल रहे तनाव के बीच एक महिला ने अपने पति की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस को मुंबई–नासिक राजमार्ग के पास झाड़ियों में एक जला हुआ और सड़ा हुआ शव मिला, जिसकी पहचान बाद में कर्नाटक के बेल्लारी निवासी तिपन्ना के रूप में हुई। मामले की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने पत्नी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि तिपन्ना और उसकी पत्नी हसीना महबूब शेख के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था, जिसके चलते दोनों अलग-अलग रह रहे थे। हसीना तलाक चाहती थी, लेकिन तिपन्ना इसके लिए तैयार नहीं था। इसी विवाद ने हत्या का रूप ले लिया।
भाई और साथियों के साथ रची साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने अपने भाई फैयाज जाकिर हुसैन शेख (35) और उसके दो साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई। 17 नवंबर को ये तीनों तिपन्ना को घुमाने के बहाने शाहपुर के पास एक जंगली इलाके में ले गए, जहां उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की और बाद में उसे राजमार्ग के किनारे फेंक दिया।
25 नवंबर को शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुँची। पूछताछ के दौरान फैयाज ने स्वीकार किया कि उसने बहन के कहने पर ही हत्या को अंजाम दिया।
शाहपुर पुलिस ने हसीना, उसके भाई और दो साथियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 103(1) (हत्या) और 238 (साक्ष्य नष्ट करने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब वारदात की हर कड़ी की गहन जांच कर रही है।
सोनिया गांधी ने कहा- प्रदूषण की वजह से बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर विपक्षी दलों ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। खराब होती हवा और बिगड़ते AQI को देखते हुए विपक्ष ने सरकार से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की। मकर द्वार के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और हाथों में प्लेकार्ड लेकर नारे लगाए।
सोनिया गांधी ने कहा कि प्रदूषण की वजह से बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, इसलिए सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कई सांसद मास्क पहनकर प्रदूषण की गंभीरता का प्रतीकात्मक संदेश दे रहे थे।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वायु प्रदूषण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का संकट है, इसलिए इसपर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ठोस समाधान तलाशने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि हर साल हालात बिगड़ रहे हैं, लेकिन सिर्फ बयानबाजी होती है, ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
सांसद मनीष तिवारी ने संसद में ‘काम रोको प्रस्ताव’ भी दिया और कहा कि दिल्ली–एनसीआर का AQI लगातार 400 के आसपास बना हुआ है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातस्थिति बताते हुए सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की।
अश्विनी वैष्णव बोले – डीपफेक वीडियो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा
नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण, आईटी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि फर्जी खबरें और एआई से बने डीपफेक वीडियो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने इन पर रोक लगाने और फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंत्री वैष्णव ने कहा कि फेक न्यूज और एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो केवल झूठी जानकारी नहीं हैं, बल्कि ये लोकतांत्रिक संस्थाओं और समाज में भ्रम फैलाने वाला बड़ा खतरा हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग और समूह ऐसी सामग्री फैलाते हैं, वे भारतीय कानून का पालन नहीं करते, इसलिए उन पर कार्रवाई अनिवार्य है।
वैष्णव ने संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे द्वारा दी गई सिफारिशों की सराहना की और कहा कि समिति के सुझावों के आधार पर सरकार नए नियम तैयार कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फेक न्यूज पर नियंत्रण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।
मंत्री ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी गेम्स पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इसे रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध कार्यों के खिलाफ कदम उठाने से सरकार कभी पीछे नहीं हटती। इसके अलावा, कुछ टीवी चैनलों द्वारा झूठी खबरें दिखाने के आरोपों पर उन्होंने बताया कि सरकार और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया शिकायतों की जांच करते हैं और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाती है।
अंत में, वैष्णव ने फेक न्यूज और डीपफेक वीडियो के खिलाफ एक मजबूत निगरानी और नियंत्रण प्रणाली बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया।
35 साल से लगातार जीतते आ रहे भाजपा नेता डॉ. प्रेम कुमार, अब बने विधानसभा अध्यक्ष
पटना। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और लगातार नौ बार विधायक चुने गए डॉ. प्रेम कुमार को बिहार की 18वीं विधानसभा का नया अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। सोमवार को प्रोटेम स्पीकर के समक्ष विधायक पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण किया। पहले से ही यह स्पष्ट था कि इस पद को लेकर एनडीए की सहयोगी पार्टियों—जेडीयू और भाजपा—के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है।
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि एनडीए नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसके लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा और सदन की मर्यादा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रहेगी। लगातार नौवीं बार गया टाउन सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रेम कुमार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।
प्रेम कुमार का राजनीतिक और व्यक्तिगत परिचय
गया शहर के नई सड़क इलाके में उनका आवास है। चंद्रवंशी समुदाय के कहार जाति से आने वाले प्रेम कुमार का राजनीतिक सफर बिहार की सबसे स्थिर पहचान में से एक माना जाता है। परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों बच्चे शादीशुदा हैं। उनका बेटा भारतीय जनता युवा मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
अपने सरल स्वभाव और जनता से निरंतर संपर्क बनाए रखने की वजह से ही वह 1990 से अब तक एक बार भी चुनाव नहीं हारे हैं।
गया टाउन का राजनीतिक इतिहास और प्रेम कुमार का वर्चस्व
गया टाउन विधानसभा क्षेत्र कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन 1990 में पहली बार इस समीकरण को डॉ. प्रेम कुमार ने बदल दिया। बिहार की राजनीति में उस समय भाजपा अपने विस्तार की कोशिश कर रही थी और गया टाउन सीट पर मिली जीत पार्टी के लिए अहम साबित हुई।
इसके बाद से पिछले 35 वर्षों में न तो पार्टी ने अपना प्रत्याशी बदला और न ही जनता ने अपने प्रतिनिधि को।
सीपीआई, कांग्रेस और अन्य दलों ने कई बार उम्मीदवार बदले, लेकिन प्रेम कुमार की बढ़त हर चुनाव के साथ और मजबूत होती चली गई। 2015 से अब तक कांग्रेस लगातार प्रत्याशी दे रही है, लेकिन जीत का अंतर ही सिर्फ बढ़ा है—विधायक वही बने रहे।
कई इलाकों में AQI अभी भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर जहरीली धुंध की चपेट में है। सप्ताहांत पर प्रदूषण स्तर में मामूली सुधार के बावजूद हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण स्तर ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जबकि आनंद विहार और आईटीओ जैसे इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘बहुत खराब’ श्रेणी के पार पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार कई जगहों पर धुंध की मोटी परत दिनभर छाई रही।
24 दिन बाद हवा में हल्की राहत, फिर भी हालात गंभीर
लगातार 24 दिनों तक एक्यूआई 350+ के बीच रहने के बाद दिल्ली की हवा कुछ हद तक सुधरी। औसत एक्यूआई गिरकर 279 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है लेकिन गंभीर स्थिति से थोड़ी राहत देता है। एनसीआर में भी यही रुझान दिखा—नोएडा का एक्यूआई 279, ग्रेटर नोएडा 268, गाजियाबाद 256 और गुरुग्राम 245 रहा। वहीं फरीदाबाद अपेक्षाकृत कम प्रदूषण के साथ 176 एक्यूआई पर दर्ज किया गया।
प्रदूषण के प्रमुख स्रोत क्या रहे?
दिल्ली की डिसीजन सपोर्ट सिस्टम रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में हवा को खराब करने में सबसे बड़ा योगदान वाहनों का रहा।
वाहन उत्सर्जन: 18.614%
पराली प्रदूषण: 0.967%
निर्माण गतिविधियाँ: 2.805%
पेरिफेरल उद्योग: 3.679%
आवासीय इलाकों से प्रदूषण: 4.574%
रविवार को उत्तर-पश्चिम दिशा से लगभग 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1000 मीटर रही, जबकि वेंटिलेशन इंडेक्स 7000 m²/s दर्ज किया गया—जो प्रदूषण फैलाव की क्षमता को दर्शाता है।
दोपहर 4 बजे पीएम10 का स्तर 224.7 µg/m³ और पीएम2.5 का स्तर 119.1 µg/m³ दर्ज किया गया, जो सुरक्षित मानकों से कहीं ज्यादा है।
अगले 24 घंटे मुश्किल, प्रदूषण और बढ़ सकता है
सीपीसीबी के पूर्वानुमान के अनुसार, हवा की गुणवत्ता फिर से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इससे
सांस के मरीजों,
एलर्जी पीड़ितों,
बुजुर्गों और बच्चों को
अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक बाहरी गतिविधियों से बचने, मास्क पहनने और एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करने की सलाह दी है।
नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नवीनतम संस्करण में देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही प्रगति, खेल उपलब्धियों, सांस्कृतिक आयोजनों और उभरती जीवनशैली प्रवृत्तियों पर विस्तार से चर्चा की। पीएम ने कहा कि भारत में इन दिनों एंड्युरेंस स्पोर्ट्स का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है और युवा बड़ी संख्या में ऐसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें शारीरिक व मानसिक क्षमता की बड़ी परीक्षा होती है।
उन्होंने बताया कि देशभर में हर महीने 1500 से अधिक एंड्यूरेंस ईवेंट आयोजित हो रहे हैं। इसी प्रवृत्ति का उदाहरण देते हुए उन्होंने ‘आयरनमैन’ जैसे कठिन मुकाबले का ज़िक्र किया, जिसमें तैराकी, साइकलिंग और मैराथन—तीनों को एक ही दिन पूरा करना होता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऐसी चुनौतियों में बढ़ती भागीदारी भारतीय फिटनेस संस्कृति को नई दिशा दे रही है।
खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन—कई विश्वस्तरीय उपलब्धियाँ
पीएम मोदी ने कहा कि बीते महीने खेलों के लिहाज़ से भारत के लिए बेहद सफल रहा।
महिला टीम के वर्ल्ड कप जीतने,
बधिर ओलंपिक में 20 पदक हासिल करने,
महिला कबड्डी टीम के विश्व कप चैंपियन बनने,
और बॉक्सिंग में 20 पदक जीतने
जैसी सफलताओं ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने विशेष रूप से ब्लाइंड महिला टीम का उल्लेख किया, जिसने बिना कोई मैच गंवाए वर्ल्ड कप अपने नाम किया। प्रधानमंत्री ने इन जीतों को देश के जज़्बे, समर्पण और टीमवर्क का प्रतीक बताया।
उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत को मिलने की घोषणा को भी एक बड़ी उपलब्धि बताया।
वोकल फॉर लोकल की फिर अपील—G20 नेताओं को दिए स्थानीय कारीगरों के उपहार
प्रधानमंत्री ने कहा कि वोकल फॉर लोकल केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता की नई ताकत बन रहा है।
उन्होंने बताया कि जी20 सम्मेलन के दौरान उन्होंने अन्य देशों के नेताओं को भारतीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उपहार भेंट किए, जैसे—
जापान की प्रधानमंत्री को भगवान बुद्ध की चांदी की प्रतिमा,
इटली की प्रधानमंत्री को करीमनगर की पारंपरिक कला।
उन्होंने कहा कि त्योहारों की खरीदारी में देशवासियों ने भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर इस अभियान को और मजबूत बनाया है। पीएम ने आगामी त्योहारों में भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।
भूटान यात्रा और बुद्ध अवशेषों की वैश्विक प्रशंसा
हाल ही में भूटान यात्रा का अनुभव साझा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि वहां उन्हें भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भेजे जाने के लिए भारत की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना सुनने को मिली। उन्होंने कहा कि कई अन्य देशों ने भी इसी प्रकार आभार व्यक्त किया है।
भारत में विंटर टूरिज्म की बढ़ती लोकप्रियता
प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्दियों के मौसम में भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से उत्तराखंड को उन्होंने विंटर टूरिज्म का उभरता केंद्र बताया।
उन्होंने जानकारी दी कि—
हाल ही में आदि कैलाश क्षेत्र में पहली हाई एल्टीट्यूड मैराथन का आयोजन हुआ,
60 किमी की यह चुनौती भरी रन सुबह 5 बजे, कड़ाके की ठंड में आयोजित की गई,
और अब जहां पहले दो हजार पर्यटक आते थे, वही संख्या अब 30 हजार तक पहुंच चुकी है।
काशी तमिल संगमम की शुरुआत और राष्ट्रीय एकता पर जोर
पीएम मोदी ने बताया कि 2 दिसंबर से काशी तमिल संगमम का नया संस्करण शुरू हो रहा है, जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना और मजबूत होती है।
सुरक्षा, नौसेना दिवस और नए नौसैनिक जहाज
प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आईएनएस माहे के लॉन्च को राष्ट्र की आत्मनिर्भरता के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। 4 दिसंबर को होने वाले नौसेना दिवस पर जवानों के साहस और सेवा को नमन किया।
कुरुक्षेत्र में गीता महोत्सव और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का ज़िक्र करते हुए पीएम ने कहा कि इस आयोजन में यूरोप और मध्य एशिया सहित कई देशों की सक्रिय भागीदारी रही। इस वर्ष पहली बार सऊदी अरब में भी गीता की प्रस्तुति की गई।
इतिहास, संस्कृति और विज्ञान—तीनों में भारत की पहचान मज़बूत
पीएम ने जामनगर के महाराजा द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदी बच्चों को शरण देने के ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख किया और कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से करुणा और मानवता को सर्वोपरि मानती है।
उन्होंने चंद्रयान मिशनों में वैज्ञानिकों के समर्पण को याद करते हुए कहा कि चंद्रयान-2 की असफलता के अगले ही दिन वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 की सफलता की कहानी लिखनी शुरू कर दी थी।
कृषि, स्पेस और शहद उत्पादन में नई उपलब्धियाँ
प्रधानमंत्री ने कहा कि—
सुंदरबनी के सुलाई शहद को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है,
भारत का शहद उत्पादन अब 1.5 लाख मीट्रिक टन पार कर चुका है,
और इससे किसानों की आमदनी में बड़ा फायदा हुआ है।
इसके अलावा,
स्काईरूट के ‘इनफिनिटी कैंपस’ से भारत के निजी स्पेस सेक्टर को नई गति मिली है,
और देश ने इस वर्ष 3.57 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन कर नया रिकॉर्ड बनाया है।
संविधान दिवस और राष्ट्रीय आयोजनों पर भी चर्चा
पीएम मोदी ने कहा कि नवंबर का महीना देश को कई प्रेरणाएं देता है—चाहे संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम हों, वंदे भारत की नई पहलें हों या अयोध्या में राम मंदिर परिसर में धर्मध्वजा का आरोहण।
उन्होंने बताया कि ‘मन की बात’ अब 22 भारतीय भाषाओं, 29 बोलियों और 11 विदेशी भाषाओं में प्रसारित होती है।
मोहन भागवत बोले— झगड़ा भारत का स्वभाव नहीं, समरसता हमारी संस्कृति की पहचान
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत की मूल पहचान सदैव भाईचारे, सहअस्तित्व और सामाजिक सद्भाव की रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद और टकराव भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं रहे हैं, बल्कि संवाद और आपसी समझ हमारी परंपरा की आधारशिला हैं।
“भारत की परंपरा संघर्ष नहीं, समरसता की रही है” – भागवत
अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि भारतीय समाज किसी से टकराव की भावना नहीं रखता। उन्होंने कहा, “हमारी किसी से बहस नहीं होती। हम विवादों से दूर रहते हैं। झगड़ा करना हमारे देश का स्वभाव ही नहीं है। मिल-जुलकर रहना और भाईचारे को बढ़ावा देना ही हमारी परंपरा है।”
आरएसएस प्रमुख ने यह भी कहा कि दुनिया के कई क्षेत्रों में संघर्ष की परिस्थितियों से समाज विकसित हुआ, जहां एक विचार हावी होने पर अन्य विचारों को पूरी तरह नकार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर विविध सोच के लिए जगह नहीं होती और उन्हें अक्सर ‘…इज्म’ कहकर सीमित कर दिया जाता है।
“भारतीय राष्ट्र का विचार पश्चिमी सोच से भिन्न है”
मोहन भागवत ने अपने भाषण में भारतीय राष्ट्रीयता की अवधारणा पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी दुनिया अक्सर भारत के राष्ट्र संबंधी विचार को समझ नहीं पाती, इसलिए उसे ‘राष्ट्रवाद’ कहकर परिभाषित कर देती है।
भागवत ने कहा, “भारत प्राचीन काल से एक राष्ट्र रहा है। हमारे यहाँ राष्ट्र का भाव गर्व या अहंकार से नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संस्कृति और प्रकृति के साथ सहअस्तित्व से उपजा है। हम ‘राष्ट्रीयता’ शब्द का उपयोग करते हैं, ‘राष्ट्रवाद’ का नहीं।”
उन्होंने कहा कि अत्यधिक राष्ट्रवादी गौरव से दुनिया दो विश्वयुद्ध झेल चुकी है, इसलिए कुछ लोग इस शब्द को लेकर आशंकित रहते हैं। वहीं भारत का राष्ट्रीय बोध शांत, समावेशी और संतुलित विचारों पर आधारित है।
राम माधव बोले- इस बम धमाके ने आतंकवाद को लेकर बने कई पुराने भ्रमों को तोड़ दिया
नई दिल्ली। दिल्ली में हाल ही में हुए बम धमाके पर राम माधव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि इस घटना ने आतंकवाद को लेकर बने कई पुराने भ्रमों को तोड़ दिया है। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक स्तर पर फैलाए गए कई विचार—जैसे आतंकवाद का धर्म या वैचारिक प्रेरणा से संबंध न होना—इस घटना के संदर्भ में टिक नहीं पाते।
आतंकवाद और वैचारिक प्रेरणा पर टिप्पणी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि आतंकवाद को सिर्फ गरीबी, शिक्षा की कमी या सामाजिक स्थिति से जोड़कर देखना स्थिति का सरलीकरण है। उन्होंने कहा कि कई बार आतंकी घटनाओं के पीछे धार्मिक या वैचारिक प्रेरणा की भूमिका होती है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
धार्मिक संदर्भ और आरोप
अपने बयान में उन्होंने यह भी दावा किया कि धमाकों से जुड़े मुख्य आरोपी ने अपने कदमों को सही ठहराने के लिए धार्मिक ग्रंथों का हवाला दिया। उन्होंने बौद्धिक वर्ग और उदारवादी समुदाय से अपील की कि वे ऐसे विषयों पर स्पष्ट रूप से बात करें, ताकि स्थिति की वास्तविकता सामने आए।
विदेशों में लॉबिंग के आरोपों पर सफाई
अमेरिका में आरएसएस द्वारा लॉबिंग किए जाने संबंधी आरोपों पर उन्होंने कहा कि संगठन ने कभी कोई लॉबिंग एजेंसी नियुक्त नहीं की। उन्होंने बताया कि आरएसएस भारत के बाहर कार्य नहीं करता, न ही विदेशी धन लेता है, और इसके सभी ट्रस्ट पंजीकृत हैं जिनका नियमित ऑडिट होता है।
राहुल गांधी पर प्रतिक्रिया
राहुल गांधी द्वारा हाल में लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि उनकी शिकायतों को जनता ने गंभीरता से नहीं लिया और बढ़ी हुई मतदान प्रतिशत इसका संकेत है।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बयान
चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों को उन्होंने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य वोटर लिस्ट से फर्जी या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना है, और बिहार में इस दौरान बड़ी संख्या में गलत प्रविष्टियां पाई गईं।
प्रशांत किशोर को लेकर टिप्पणी
बिहार राजनीति पर पूछे गए सवाल में उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर द्वारा पार्टी बनाकर चुनाव से ठीक पहले पीछे हट जाना चौंकाने वाला कदम है। उनका कहना था कि यदि नेतृत्व ही सक्रिय न रहे तो संगठन को टिकाए रखना मुश्किल होता है।
बीजेपी का गंभीर आरोप—भारत की छवि बिगाड़ने के लिए कांग्रेस ले रही विदेशी ताकतों का सहारा
नई दिल्ली। भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर विदेश से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भारत की छवि धूमिल करने का गंभीर आरोप लगाया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि 2014 से अब तक कांग्रेस और उससे जुड़े कुछ प्रमुख नेता देश के प्रधानमंत्री और भारतीय लोकतंत्र को निशाना बनाने के लिए लगातार विदेशी मंचों और बाहरी प्रभावों का सहारा ले रहे हैं।
पात्रा के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X में हाल ही में आए लोकेशन फीचर से कई कांग्रेस नेताओं के अकाउंट विदेशों से संचालित होते दिखे हैं। उन्होंने दावा किया कि पवन खेड़ा का अकाउंट अमेरिका, महाराष्ट्र कांग्रेस का आयरलैंड और हिमाचल कांग्रेस का अकाउंट थाईलैंड से जुड़ा हुआ दिखाई देता है। पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विदेशों से नैरेटिव सेट करके भारत की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस नेता विदेश जाकर केवल बयानबाज़ी ही नहीं करते, बल्कि विदेशों में बैठी टीमों के जरिए भारत के खिलाफ माहौल तैयार करने की रणनीति भी बनाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि “वोट चोरी”, “ऑपरेशन सिंदूर” और प्रधानमंत्री व सेना को कमजोर दिखाने जैसी कथित ऑनलाइन कैंपेन विदेशी लोकेशन से संचालित हुए, जिनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, पश्चिम एशिया और यूरोप में बैठे लोग शामिल बताए गए।
पात्रा ने कहा कि संघ, सरकार और प्रधानमंत्री को बदनाम करने का अभियान भी विदेश से चलाया गया और कांग्रेस इससे पीछे नहीं हट रही है, चाहे इसके लिए उसे किसी भी विदेशी ताकत का सहारा क्यों न लेना पड़े।
