गंगोत्री धाम में आज नहीं होगी पूजा पाठ, बंद रहेगा मंदिर..
उत्तराखंड: चारों धामों के तीर्थ पुरोहित देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं लेकिन उसके बावजूद भी देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की ओर सरकार कोई भी कदम उठाती नजर नहीं आ रही है। प्रदेश सरकार की ओर से देवस्थानम बोर्ड को भंग करने को लेकर कोई भी सकारात्मक कार्यवाही ना करने पर गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
जिसके कारण है कि धाम के कपाट बंद होने से पहले उन्होंने सोमवार यानि की आज संपूर्ण गंगोत्री धाम को बंद रखने के साथ ही वहां पर किसी भी प्रकार का पूजा-पाठ ना करने का निर्णय लिया है। गंगोत्री धाम के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने के साथ ही वहां के तीर्थ पुरोहितों ने किसी भी प्रकार की पूजा पाठ ना करने एवं जन आक्रोश रैली निकालने का निर्णय लिया है।
आपको बता दे कि रविवार को गंगोत्री धाम में श्री पंच मंदिर गंगोत्री समिति, तीर्थ पुरोहितों, हक हकूक धारियों तथा स्थानीय व्यापारियों की एक बैठक हुई जिसमें सभी ने देवस्थानम बोर्ड का पुरजोर विरोध किया और देवस्थानम बोर्ड को भंग ना करने पर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की।
तीर्थ पुरोहितों का कहना हैं कि बीती 11 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ वार्ता हुई थी इसमें उन्होंने 30 अक्टूबर तक देवस्थान बोर्ड को भंग किए जाने को लेकर निर्णय लेने की बात कही थी मगर अभी तक सरकार की ओर से कोई भी सख्त कार्यवाही इस ओर नहीं की गई है जिसके बाद तीर्थ पुरोहितों ने 1 नवंबर यानी कि आज संपूर्ण गंगोत्री धाम बंद रखने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड में मेडिकल छात्रों को बड़ी सौगात, पढ़िए पूरी खबर..
उत्तराखंड: प्रदेश सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को बड़ी सौगात दी है। एमबीबीएस के छात्रों की एक साल की निर्धारित चार लाख रुपये की फीस को 1.45 लाख रुपये कर दिया गया है। मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद उत्तराखंड में ही सेवाएं देने का बांड भरने वाले छात्रों के लिए 50 हजार रुपये शुल्क तय किया गया है।
आपको बता दे कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मेडिकल छात्रों की फीस ढाई लाख रुपये सालाना घटाई गई है। शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल का कहना हैं कि पूरे देश में उत्तराखंड मेडिकल छात्रों की सबसे कम फीस हो गई है। उन्होंने कहा हैं कि गुरुवार को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों के 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, इनमें से एक प्रकरण पर निर्णय के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत कर दिया गया है।
आपको बता दे कि सरकार ने एक ओर जहां बांड की व्यवस्था सभी मेडिकल कॉलेजों में बहाल कर दी है तो वहीं छात्रों की मांग सुनते हुए दूसरी ओर फीस भी चार लाख रुपये से घटाकर एक लाख 45 हजार रुपये कर दी है। इससे निश्चित तौर पर छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। इसी के साथ बैठक में और भी कई अन्य फैसलों पर मुहर लगाई गई।
कैबिनेट मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल का कहना हैं कि मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना के तहत राज्य में महिलाओं को सप्ताह में दो दिन फल, सूखे मेवे और अंडे जैसे पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराए जाएंगे। महिला कल्याण बाल विकास विभाग उक्त सामग्री आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए गर्भवती और धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराएगा। इसका लाभ करीब एक लाख 80 हजार महिलाओं को मिलेगा। सरकार चुनाव से पहले इस योजना को लागू करने की तैयारी कर रही है।
तैयारियों में जुटा देवस्थानम बोर्ड, मुख्य सचिव सहित कई अधिकारी पहुंचे केदारनाथ..
उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच नवंबर के केदारनाथ दौरे को लेकर उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड मंदिर को विशेष रूप से सजाने और पूजा अर्चना की तैयारियों में जुट गया है। गुरुवार को मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधू, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर और बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन केदारनाथ जाकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
छह नवंबर को बंद हो रहे हैं बाबा केदार के कपाट..
आपको बता दे कि इस साल बाबा केदार के कपाट छह नवंबर को बंद हो रहे हैं। कपाट बंद होने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी केदारपुरी पहुंच कर पूजा अर्चना करेंगे। इसके साथ ही केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे
साथ ही प्रधानमंत्री शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। देवस्थानम बोर्ड के सीईओ एवं आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर सभी तैयारियां चल रही हैं। केदारनाथ में आदिगुरु शंकराचार्य की मूर्ति स्थापित कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच नवंबर को इसका अनावरण करेंगे। यह मूर्ति 35 टन वजनी है और कर्नाटक में बनाई गई है। सितंबर में इसे चिनूक से केदारनाथ पहुंचाया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल केदारनाथ पुनर्निर्माण में आदिगुरु शंकराचार्य के समाधिस्थल का पुनर्निर्माण भी है। 20 अक्तूबर 2017 को केदारनाथ पहुंचकर पीएम मोदी ने पहले चरण के पुनर्निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया था। तब, उन्होंने धाम में आदिगुरु शंकराचार्य के समाधिस्थल को भव्य व दिव्य बनाने की बात कही थी।
इसी के तहत नवंबर 2019 से तीन चरणों में समाधि स्थल का कार्य शुरू किया गया। इसके दूसरे चरण का काम लगभग पूरा हो गया है। वहीं, अब समाधिस्थल में आदिगुरु शंकराचार्य की 35 टन वजनी मूर्ति को भी स्थापित कर दी है। इस मूर्ति को अभी कपड़े से ढका गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 नवंबर को मूर्ति का अनावरण करेंगे।
ट्रैकिंग और पर्वतारोहण पर जाने के लिए उत्तराखंड में पंजीकरण होगा अनिवार्य..
उत्तराखंड: ट्रैकिंग और पर्वतारोहण पर जाने वाले पर्यटकों व दलों के लिए जल्द ही उत्तराखंड में पंजीकरण करना अनिवार्य हो जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से नई गाइडलाइन तैयार की जा रही है। कैबिनेट में प्रस्ताव को मंजूरी देकर जल्द ही इसे लागू किया जाएगा। साथ ही ट्रैकिंग के दौरान ट्रैकरों की लोकेशन का पता लगाने के लिए जीपीएस सिस्टम को भी गाइडलाइन में शामिल किया जा सकता है।
आपको बता दे कि साहसिक पर्यटन के शौकीन पर्यटकों समेत विशेष अभियान दल हर साल उत्तराखंड में ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के लिए आते हैं। लेकिन अभी तक ट्रैकिंगपर जाने वाले वाले पर्यटकों के पंजीकरण की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। न तो ट्रैकिंग दल के सदस्यों के बारे में विभाग के पास कोई जानकारी होती है और न ही लोकेशन का पता लगाने के लिए कोई सिस्टम होता है।
छितकुल में हुई थी सात पर्यटकों की मौत
हाल ही में उत्तरकाशी जिले से छितकुल की ट्रैकिंग पर गए 11 सदस्यीय दल के साथ घटना हुई है, जिसमें सात शव बरामद हो चुके हैं। कुमाऊं में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। ट्रैकिंग दलों के साथ हादसों को देखते हुए अब पर्यटन विभाग की ओर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई गाइडलाइन बनाई जा रही है। जिसमें ट्रेकरों के पंजीकरण को अनिवार्य किया जाएगा।
जिससे ट्रेकरों के बारे में पूरा डाटा विभाग के पास होगा। प्रदेश में ट्रैकिंग और माउंटेरिंग के लिए नई गाइडलाइन बनाई जा रही है। जिसमें ट्रैकिंग दल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ट्रेकिंग के लिए पंजीकरण के साथ ट्रेकरों को ट्रैकिंग से संबंधित दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।
आपदा प्रभावितों की उपेक्षा के खिलाफ कांग्रेस का उपवास आज, कई कांग्रेस नेता होंगे शामिल..
उत्तराखंड: आपदा प्रभावितों की उपेक्षा के खिलाफ कांग्रेस गुरुवार को सचिवालय गेट के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना-उपवास करेगी। जिसमे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व सीएम हरीश रावत सहित तमाम नेता शामिल होंगे।
उपाध्यक्ष एवं मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार का कहना हैं कि 17, 18 एवं 19 अक्तूबर को राज्य के विभिन्न स्थानों पर भीषण दैवीय आपदा आने के कारण कई लोेगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। जानमाल का भारी नुकसान हुआ था।
आपको बता दे कि कांग्रेस के तमाम नेताओं ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कांग्रेस ने सरकार से पांच दिन में आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने की मांग की थी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अब तक जरूरी कदम नहीं उठाए गए हैं। इसलिए पार्टी आज धरना-उपवास के माध्यम से सरकार को जगाने का काम कर रही है।
900 करोड़ रुपये के नुकसान का प्राथमिक आकलन..
आपदा में मरने वाले लोगों का आंकड़ा 77 पहुंच गया है। विभागों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर 900 करोड़ रुपये के नुकसान का प्राथमिक आकलन किया गया है। 232 से अधिक परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। क्षति का आंकड़ा और भी बढ़ने के आसार हैं।
विधानसभा चुनाव से पहले छात्रों को टैबलेट देने में जानें क्या बनी बाधा..
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव से पहले 2.65 लाख छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराने की योजना पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। त्योहारी सीजन के चलते विभाग को एक साथ इतनी मात्रा में टैबलेट नहीं मिल पा रहे हैं। इस कारण चुनाव से पहले सभी चिन्हित युवाओं के हाथों में टैबलेट पहुंचने की उम्मीद अब बहुत कम है। प्रदेश सरकार चुनावी साल में सभी सरकारी डिग्री कॉलेजों के साथ ही सरकारी स्कूलों में 10वीं और 12वीं के छात्रों को टैबलेट देने की घोषणा कर चुकी है।
पहले सरकार ने दिवाली से पहले छात्रों के हाथों में टैबलेट पहुंचाने का निर्णय लिया था। लेकिन योजना का प्रस्ताव कैबिनेट तक पहुंचने में ही समय लग गया। अब दिवाली में एक सप्ताह का ही समय रह गया है, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक इसका ऑर्डर नहीं दिया गया। अभी पिछले सप्ताह ही टेक्नीकल कमेटी ने आठ से दस इंच स्क्रीन वाला टैबलेट देने पर मुहर लगाई है अब टेंडर प्रक्रिया के जरिए सरकार टैबलेट का ऑर्डर देगी।
आपूर्ति में संकट
जानकारी के अनुसार शासन स्तर से इस संबंध में बाजार में सर्वे किया गया था। लेकिन त्योहारी सीजन के चलते मांग में आए उछाल के कारण डीलर इतनी मात्रा में एक साथ टैबलेट आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी तरफ टैबलेट निर्माता कंपनियों ने भी ग्लोबल चिप संकट के चलते टैबलेट आपूर्ति करने में एक से डेढ़ महीने का समय लगने की बात कही है। एकरूपता के चलते सरकार के सामने एक ही कपंनी का टैबलेट लेने की भी मजबूरी है।
बीते दिनों आयी आपदा से दहशत में यात्री, रद्द कराई चारधाम यात्रा की बुकिंग..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के दौरान में बीते सप्ताह अतिवृष्टि के बाद दूसरे प्रदेशों के यात्रियों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी हैं। यात्री पैकेज बुक करने वाले एजेंटों से एडवांस जमा की गई धनराशि वापस मांग रहे हैं। बता दे कि एजेंटों ने बुकिंग धनराशि चारधाम यात्रा मार्ग के होटलों और यात्रियों को ले जाने वाली कारो, टैंपो ट्रेवलर वालों को पहले ही दे दी है। जिसको लेकर अब यात्रियों और एजेंटों के बीच एडवांस रुपये वापसी को लेकर विवाद हो रहा है।
आपको बता दे कि गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र व दक्षिण भारत के कई राज्यों से यात्रियों ने अपनी बुकिंग ट्रेवल्स एजेंटों के माध्यम से करा दी थी। बुकिंग के दौरान हरिद्वार से दो धाम व चारधाम यात्रा के दौरान खाना, होटल में ठहरना व कई सुविधाएं भी दी जानी थीं। इसके साथ ही एजेंटों को एडवांस में रकम भी जमा कर दी गई थी। पिछले सप्ताह राज्य में आई आपदा को देखते हुए यात्रियों ने अब अपनी यात्राएं रद्द करने का निर्णय लिया है।
जिसके बाद अब एजेंटों के पास फोन पहुंच रहे हैं। यात्री कह रहे हैं कि उन्हें यात्रा नहीं करनी है। उनका एडवांस में जमा कराया गया रुपया वापस कर दें। ऐसे में ट्रेवल एजेंटों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। ट्रेवल एजेंटों का कहना है कि उन्होंने चारधाम यात्रा के दौरान रुकने के लिए होटल व यात्रियों को लेकर जाने वाली गाड़ियों के संचालकों को एडवांस में रुपया दे दिया है।
यात्रियों ने केदारनाथ जाने के लिए हेलीकॉप्टर के टिकट भी बुक कराए थे। जिन्हें ट्रेवल्स एजेंटों ने समय से बुक कराकर यात्रियों को भेज भी दिया था। अब यात्री अपने हेलीकॉप्टर के टिकट भी कैंसिल कराने का दबाव एजेंटों पर बना रहे हैं।
उत्तराखंड में बारिश की खबरों को देखने के बाद दूसरे प्रदेशों से आने वाले यात्रियों के मन में डर बना हुआ है। ऐसे में यात्री अपनी यात्रा रद्द कर रहे हैं। इसके साथ ही वह अपनी एडवांस की धनराशि को वापस मांग रहे हैं। बारिश के बाद अचानक से यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है। जिसके बाद वह अब अपना एडवांस का रुपया वापस मांग रहे हैं। जबकि एडवांस में दिया गया रुपया आगे की तैयारियों के लिए होटल व टांसपोर्ट संचालकों को दिया जा चुका है।
नवंबर में केदारनाथ आएंगे पीएम मोदी, देवभूमि को मिलेगी 400 करोड़ की सौगात..
उत्तराखंड: 5 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केदारनाथ धाम का दौरा तय हो चुका है। आपको बता दे कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ में बाबा केदार के दर्शन करेंगे और केदार पुरी में 400 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे और इसी के साथ से केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा का भी उद्घाटन करेंगे। केदारनाथ योजना प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है और स्वयं पीएमओ के अधिकारी केदारनाथ प्रोजेक्ट की गहराई से समीक्षा कर रहे हैं।
पीएमओ के कई अधिकारी बीते दिनों केदारनाथ धाम का दौरा कर चुके हैं और वहां चल रहे पुनर्निमाण कार्यों की समीक्षा कर चुके हैं। अब आगामी 5 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी केदारनाथ का दौरा करेंगे। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रधानमंत्री के केदारनाथ दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महीने भर के भीतर उनका उत्तराखंड का यह दूसरा दौरा होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार की देर शाम अधिकारियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियों का जायजा लिया। इसी के साथ ही उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। बैठक में पीएमओ के अधिकारी भी मौजूद थे।
प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी कई बार केदारनाथ आ चुके हैं, लेकिन बीते वर्ष कोरोना के दस्तक देने के बाद से वे केदारनाथ दर्शन के लिए नहीं आ पाए। अब आखिरकार परिस्थितियां कंट्रोल में होने के बाद आने वाली 5 नवंबर को प्रधानमंत्री बाबा केदार के दर्शन करने केदारनाथ पधारेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना हैं कि कि आने वाली 5 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ में बाबा केदार के दर्शन के बाद वहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लेंगे। साथ ही करीब 400 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इसी के साथ में वह केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की समाधि स्थली में स्थापित आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का लोकार्पण भी करेंगे।
रुद्रपुर के सिडकुल में सीईपीटी प्लांट की चपेट में आकर 3 लोगों की मौत..
उत्तराखंड: रुद्रपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही हैं। यहां सिडकुल के सीईपीटी प्लांट में मोटर खराब हो गई थी। तीन लोग मोटर ठीक करने गए थे, लेकिन वो सीईपीटी प्लांट के टैंक की खतरनाक गैस के असर के चलते मौत के मुंह में समा गए। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों की टीम ने किसी तरह शवों को बाहर निकाला।
घटना सिडकुल के सेक्टर सात की है, जहां सीईपीटी प्लांट है। इसमें उद्योगों के गंदे पानी का ट्रीटमेंट किया जाता है। इसका संचालन रेमकी कंपनी करती है। क्षेत्र में जलभराव होने की वजह से प्लांट की मोटर फुंक गई थी। जिसे कंपनी के कर्मचारी ठीक करने की कोशिश कर रहे थे।
सोमवार की शाम कंपनी का हेल्पर हरिपाल निवासी बरेली टैंक में सफाई करते हुए गिर गया था। इसके बाद उसे बचाने के लिए प्लांट हेड रमन निवासी रुद्रपुर और मार्केटिंग कर्मचारी अवधेश टैंक में उतरे थे। इस दौरान तीनों अमोनिया गैस की चपेट में आ गए और बाहर नहीं आ सके। जहरीली गैस की चपेट में आने और दम घुटने से तीनों की मौत हो गई।
हादसा होते ही कंपनी प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी। एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों की टीम ने किसी तरह कड़ी मशक्कत कर शवों को टैंक से बाहर निकाला। कंपनी के सीओ आशीष भारद्वाज का कहना हैं कि तीनों लोग टैंक के अंदर गैस की चपेट में आए, जिससे दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई।
उत्तराखंड के गंगाजल से होगी देश के इन बारह ज्योतिर्लिंगों में पूजा..
देहरादून: उत्तराखंड से गंगाजल मिट्टी के बर्तनों में पैक कर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भेजा जाएगा। प्रादेशिक को-ऑपरेटिव यूनियन (पीसीयू) ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। देहरादून में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आगामी 30 अक्तूबर को ‘गंगाजल’ कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। पीसीयू के चेयरमैन राम मेहरोत्रा का कहना हैं कि फिलहाल गंगाजल की करीब दो लाख पैकिंग तैयार की गई है।
ऑर्डर मिलने पर फिर से गंगाजल की पैकिंग कराई जाएगी। मेहरोत्रा ने कहा कि वर्तमान में 300 मिलीलीटर गंगाजल की पैकिंग तैयार की गई है। इसका मूल्य 150 रुपये रखा गया है। भविष्य में जिस हिसाब से मांग मिलेगी, उसी हिसाब से पैकिंग की जाएगी। गंगाजल से होने वाली आय सहकारिता के क्षेत्र में खर्च की जाएगी।
ये हैं 12 ज्योतिर्लिंग
1- सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, गुजरात
2- मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, आंध्र प्रदेश
3- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, एमपी
4- ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, एमपी
5- केदारनाथ ज्योतिर्लिंग, उत्तराखंड
6- भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र
7- विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, उत्तर प्रदेश
8- त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र
9- वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, झारखंड
10 – नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, गुजरात
11- रामेश्वर ज्योतिर्लिंग, तमिलनाडु
12- घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाराष्ट्र
