राजा जगतदेव त्याग और वीरता के प्रतीक- मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उधमसिंह नगर के गदरपुर क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत रोशनपुर डलबाबा में बुक्सा जनजाति समाज के राजा जगतदेव की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजा जगतदेव का जीवन त्याग, वीरता, धर्मनिष्ठा और संस्कृति संरक्षण का अमूल्य उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल एक प्रतिमा के अनावरण का नहीं, बल्कि बुक्सा जनजाति की गौरवशाली परंपरा, संस्कृति और बलिदान की स्मृति को नमन करने का दिवस है। उन्होंने कहा कि राजा जगत देव ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह केवल वीरता की नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आस्था की अदम्य शक्ति की प्रतीक गाथा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, कोटद्वार सहित अनेक क्षेत्रों में बसे बुक्सा समाज के लोग अपनी संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को जीवंत रखे हुए हैं। राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के सांस्कृतिक संरक्षण, इतिहास के दस्तावेजीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा जगत देव जी की गौरवगाथा को शोध कार्य भी होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास से संबंधित तीन घोषणाएँ भी कीं—ग्राम सभा रोशनपुर स्थित श्री डलबाबा मंदिर परिसर में चाहरदीवारी, टीनशेड, फर्श और शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। ग्राम बलरामनगर से खेमपुर तक 3 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा। ग्राम सीतापुर से एएनके इंटर कॉलेज तक 4 किमी सड़क का पुनर्निर्माण कार्य कराया जाएगा।
इस अवसर ब्लॉक प्रमुख ज्योति ग्रोवर, नगर पंचायत अध्यक्ष सतीश चुघ, दर्जामंत्री मंजीत सिंह राजू, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर श्री नितिन भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा मौजूद थे।
सरकार का लक्ष्य प्रदेश में कृषि को लाभकारी बनाते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास परिसर में परिवार के साथ विभिन्न प्रजातियों के ट्यूलिप बल्ब रोपित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में ट्यूलिप सहित विभिन्न पुष्पों की खेती तेजी से स्वरोजगार के एक सशक्त माध्यम के रूप में उभर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां पुष्प उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यावसायिक पुष्प खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति पर प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। इन योजनाओं के तहत आधुनिक बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है और किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में कृषि को लाभकारी बनाते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
खेलों से बनेगा स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज गढ़ी कैंट स्थित गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज में युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग द्वारा शिक्षा एवं खेल विभाग के सहयोग से आयोजित विधानसभा स्तरीय विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26 का चैंपियनशिप ट्रॉफी के फ्लैग के मध्यम से ध्वजारोहण कर विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री जोशी ने 800 मीटर की दौड़ में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि खेल महाकुंभ-2025 की प्रतियोगिताएं विगत सात वर्षों से युवा कल्याण एवं प्रान्तीय रक्षक दल विभाग द्वारा शिक्षा एवं खेल विभाग के सहयोग से आयोजित की जाती रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इन प्रतियोगिताओं को मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के नाम से आयोजित किया जा रहा है, जो एक सराहनीय पहल है।
मंत्री जोशी ने कहा कि विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं के स्थान पर अब विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी तथा जनपद स्तर की प्रतियोगिताएं सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी के नाम से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में सीधे विधानसभा स्तर पर अंडर-14 एवं अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं की खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, पिट्ठू एवं मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विधायक स्तर पर विजेता खिलाड़ी आगे चलकर सांसद स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इन खेल प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खेलों का वातावरण तैयार करना, ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों को ई-कल्चर से पी-कल्चर अर्थात इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से खेल मैदान तक लाना, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना, स्कूल ड्रॉपआउट खिलाड़ियों को खेलों से जोड़ना तथा स्वास्थ्य संवर्द्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वस्थ शरीर और सफल जीवन के लिए खेलकूद एवं योगिक क्रियाएं अत्यंत आवश्यक हैं। खेलों से ही शारीरिक और मानसिक विकास संभव है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें खेल के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी उपस्थित लोगों को नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, मनोज क्षेत्री, ज्योति कोटिया, लक्ष्मण सिंह रावत, विष्णु प्रसाद गुप्ता, सारिका खत्री, धीरज ठाकुर, प्रदीप शर्मा, युवा कल्याण अधिकारी इमरान सहित कई लोग उपस्थित रहे।
देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की
देहरादून/बीरभूम। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कंकालीतला मंदिर में दर्शन किए। यह मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व है।
मंदिर दर्शन के दौरान मंत्री धन सिंह रावत ने मां कंकालीतला के चरणों में प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती के कमर (कंकाल) का हिस्सा गिरा था, जिसके कारण यह स्थल श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र है।

मंदिर परिसर में स्थित पवित्र कुंड और समीप बहने वाली कोपई नदी के शांत वातावरण ने आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान की। मंत्री ने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों से सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
प्रदेश में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं पर हुई चर्चा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं।

भेंट के अवसर पर दोनों के बीच विकसित उत्तराखंड के निर्माण को लेकर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही प्रदेश में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री गणेश जोशी ने राज्य में सैनिक कल्याण से जुड़ी पहलों की जानकारी राज्यपाल को दी।
मैदानों में घना कोहरा छाने को लेकर येलो अलर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में शुक्रवार से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक दो जनवरी को प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की वर्षा के साथ बर्फबारी हो सकती है। खासतौर पर 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का असर अधिक रहने की संभावना है। वहीं देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम में बदलाव के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है। गुरुवार को भी मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण दिनभर सर्दी का असर महसूस किया गया।
आगामी दिनों की बात करें तो तीन और चार जनवरी को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। इसके बाद पांच जनवरी को एक बार फिर मौसम के बदलने के संकेत हैं, जबकि छह और सात जनवरी को प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।
मार्च 2026 तक जनपद की 115 न्याय पंचायतों में लगेंगे शिविर
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 17 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक जनपद में कुल 16 बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं रखीं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि इन शिविरों में अब तक कुल 3891 लोगों ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 2141 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविरों के दौरान 504 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 309 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिविरों में प्रमाण पत्रों से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया। विभिन्न विभागों द्वारा 205 आवेदन पत्र भरवाए गए, जिससे लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने बताया कि जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम के माध्यम से शासन सीधे आम जनता के द्वार तक पहुंच रहा है। इस अभियान का उद्देश्य दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना है। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर शिकायतों का समाधान कर रहे हैं, जिससे शासन और जनता के बीच विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
उन्होंने बताया कि यह शिविर जनपद की 115 न्याय पंचायतों में आगामी 18 मार्च 2026 तक आयोजित किए जाएंगे।
देहरादून और नैनीताल में सबसे ज्यादा बार लाइसेंस आवेदन
देहरादून। नए साल के स्वागत में उत्तराखंड में जश्न इस बार रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जिसका असर आबकारी विभाग के आंकड़ों में भी साफ दिखाई दिया। नववर्ष समारोह को व्यवस्थित और नियमों के तहत आयोजित करने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा वन-डे बार लाइसेंस की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिस पर भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। विभाग को इस बार 600 से अधिक आवेदन मिले, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग दोगुने हैं।
आबकारी विभाग के अनुसार, बीते साल नए साल के अवसर पर करीब 300 वन-डे बार लाइसेंस जारी किए गए थे, जबकि इस बार इनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कुल आवेदनों में से लगभग 400 आवेदन देहरादून और नैनीताल जिलों से आए, जिससे स्पष्ट है कि इन पर्यटन स्थलों पर नववर्ष का उत्साह सबसे अधिक रहा। इसके अलावा हरिद्वार, टिहरी, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और ऊधमसिंह नगर से भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने बताया कि वर्ष 2026 के स्वागत और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय बार लाइसेंस की प्रक्रिया को ऑनलाइन और त्वरित बनाया गया। इसका परिणाम यह रहा कि 24 से 31 दिसंबर के बीच विभाग को रिकॉर्ड आवेदन मिले और सभी मामलों में समयबद्ध कार्रवाई पूरी की गई।
उन्होंने बताया कि वन-डे बार लाइसेंस नियमों और शर्तों के तहत जारी किए जाते हैं, जिससे अवैध शराब बिक्री और गैरकानूनी बार संचालन पर प्रभावी रोक लगती है। इससे न केवल विभाग के राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि कानून व्यवस्था और पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित रहती है। लाइसेंस की शर्तों में अग्नि सुरक्षा, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और यातायात प्रबंधन जैसे मानकों का सख्ती से पालन अनिवार्य किया गया है।
मसूरी और नैनीताल में सख्त निगरानी
नववर्ष के दौरान शराब तस्करी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए मसूरी और नैनीताल के प्रवेश द्वारों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। संयुक्त और उप आबकारी आयुक्तों के नेतृत्व में प्रवर्तन दल सक्रिय रहा। इसके साथ ही ओवर रेटिंग की शिकायतों को रोकने के लिए शराब दुकानों पर औचक निरीक्षण किए गए। ऋषिकेश, लक्सर, रामनगर, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाहरी राज्यों से आने वाली अवैध शराब पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की गईं।
20 साल बाद घाटे से उबरकर मुनाफे में पहुंचा उत्तराखण्ड परिवहन निगम
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखण्ड परिवहन निगम के बेड़े में शामिल 112 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों में साधारण और एसी श्रेणी की यूटीसी स्मार्ट बसें शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परिवहन निगम की स्मारिका ‘अनवरत’ का भी विमोचन किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही सुशासन को प्राथमिकता में रखा है। इसके परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड परिवहन निगम 20 वर्षों में पहली बार घाटे से बाहर निकलकर लगभग 56 करोड़ रुपये के मुनाफे में पहुंचा है। उन्होंने इसे सरकार की नीतियों और सुधारात्मक कदमों का सकारात्मक परिणाम बताया।

सीएम धामी ने जानकारी दी कि परिवहन निगम को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश में 13 नए बस स्टैंड और कार्यशालाओं का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 14 अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही आईएसबीटी की तर्ज पर विभिन्न बस स्टेशनों का विकास किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, खजान दास और सविता हरबंस कपूर सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने परिवहन निगम के सुधार और विस्तार के प्रयासों की सराहना की।
सीपीसीबी की रिपोर्ट में 242 शहरों का आकलन, देहरादून 15 प्रदूषित शहरों में शामिल
ऋषिकेश की हवा में राहत, एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज
देहरादून। राजधानी देहरादून की आबोहवा लगातार बिगड़ती जा रही है। शहर में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देहरादून का एक्यूआई 329 तक पहुंच गया, जिससे लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी रिपोर्ट में देश के 242 शहरों की वायु गुणवत्ता का आकलन किया गया है। इस रिपोर्ट में 15 शहर ऐसे पाए गए हैं, जहां हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में है, जिनमें देहरादून भी शामिल है। इससे पहले बुधवार को देहरादून का एक्यूआई 318 और 28 दिसंबर को 301 दर्ज किया गया था, जो लगातार बढ़ते प्रदूषण की ओर इशारा करता है।
वहीं ऋषिकेश की हवा की स्थिति देहरादून के मुकाबले बेहतर बनी हुई है। सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को ऋषिकेश का एक्यूआई 136 रहा, जिसे मध्यम श्रेणी में रखा गया है। काशीपुर शहर की ताजा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी, हालांकि 30 दिसंबर को वहां एक्यूआई 182 दर्ज किया गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के मौसम, वाहनों की बढ़ती संख्या और निर्माण कार्यों के कारण वायु गुणवत्ता में गिरावट देखी जा रही है। प्रशासन द्वारा लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है।
