अवैध निर्माण और भू-माफिया के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’, सख्त कार्रवाई जारी
शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास मास्टर प्लान और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है। एमडीडीए की टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों, अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत सड़क कटान और नियमों के विपरीत किए गए निर्माणों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास केवल निर्धारित मानकों और स्वीकृत मास्टर प्लान के अनुरूप ही होगा। एमडीडीए को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ भू-माफिया और निजी डेवलपर्स नियमों को दरकिनार कर कृषि भूमि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं। इन गतिविधियों से न केवल शहर की भौगोलिक संरचना और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भ्रमित कर अवैध रूप से भूखंड बेचे जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए ने विशेष प्रवर्तन टीमें गठित की हैं, जो नियमित रूप से क्षेत्रवार निरीक्षण कर रही हैं।
प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों में बनाई गई आंतरिक सड़कें, बाउंड्री वॉल और प्लॉटिंग के अन्य ढांचे ध्वस्त किए गए। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर दबाव या प्रभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी भूमि या भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें और एमडीडीए से स्वीकृति की पुष्टि करें। अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी अव्यवस्था को बढ़ावा देती है, बल्कि जल निकासी, यातायात, हरित क्षेत्र और बुनियादी सुविधाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। प्रवर्तन कार्यवाही के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार नोटिस, सीलिंग और विधिक प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है। एमडीडीए यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, ड्रोन सर्वे और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल ध्वस्तीकरण नहीं, बल्कि आमजन में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुनियोजित, सुरक्षित व पर्यावरण संतुलित विकास को बढ़ावा देना है।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास मास्टर प्लान और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा। जो लोग नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पुष्टि एमडीडीए से अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चल रही कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी है। प्रवर्तन टीमें नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि शहर का सुनियोजित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना है।
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिता का उद्घाटन किया तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी श्रीमती एकता बिष्ट और खेल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जनपद अल्मोड़ा में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जी.आई.सी. ग्राउंड में हॉकी एवं फुटबॉल के लिए दिन एवं रात्रि उपयोग हेतु बहुउद्देशीय आर्टिफिशियल टर्फ मैदान का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छ व हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने हेतु 200 सोलर लाइटें उपलब्ध कराई जाएंगी। हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में 50 बिस्तरों की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा। वहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम का बैडमिंटन कोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पुनर्निर्मित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से “फिट युवा फॉर विकसित भारत” की थीम पर आयोजित हो रहा यह “सांसद खेल महोत्सव” केवल एक सामान्य खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महाभियान है। यह हमारे गाँव-गाँव में छिपी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त मंच प्रदान करने के साथ ही युवा शक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और संघर्षशीलता जैसे गुणों को विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन से उत्तराखंड “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित हुआ है। राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर एक नया इतिहास रचा है। उत्तराखंड अब विश्वस्तरीय “स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर” के मामले में भी देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाने लगा है और अब प्रदेश में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी होने लगा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में शीघ्र ही एक “स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान” लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में एक महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेज़ी से कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति भी लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदियमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते युवा खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा के समग्र विकास के लिए पर्यटन, रोजगार और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने हेतु भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत पिछले चार वर्षों में अल्मोड़ा जनपद में ढाई सौ किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। साथ ही करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न मोटरमार्गों का निर्माण एवं नवीनीकरण भी किया गया है। लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा- पौड़ी गढ़वाल-रुद्रप्रयाग को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण कराया गया है। लगभग 922 करोड़ रुपये की लागत से अल्मोड़ा-बागेश्वर सड़क के चौड़ीकरण को भी मंजूरी दी गई है। ‘उड़ान योजना’ के अंतर्गत अल्मोड़ा में पर्यटन को बढ़ावा देने और आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से हेली सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। फलसीमा में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है, जो क्षेत्र को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए आवागमन को और अधिक सुलभ बनाएगा। क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को सशक्त बनाने के लिए गगास नदी पर 31.27 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय परियोजना का कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए शोभन सिंह जीना मेडिकल इंस्टीट्यूट में 100 नई एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के साथ-साथ 36 आईसीयू बेड भी जोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में चिकित्सा सुविधाएं और अधिक बेहतर होंगी।
कार्यक्रम के दौरान सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री भारत सरकार अजय टम्टा, मेयर नगर निगम अजय वर्मा, जागेश्वर विधायक मोहन सिंह मेहरा, उपाध्यक्ष महिला उद्यमिता परिषद श्रीमती गंगा बिष्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती हेमा गैड़ा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा महेश नयाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रुद्रपुर में नेशनल ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप के खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
देश भर के 600 से ज्यादा साइकिलिस्ट कर रहे हैं शिरकत
रुद्रपुर। रुद्रपुर स्थित शिवालिक वेलोड्रोम में आयोजित 77वी सीनियर, 54वी जूनियर और 40वी सब जूनियर नेशनल ट्रैक साइकिलिंग चैंपियनशिप में पहुंचकर खेल मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को साइकिलिस्टों का उत्साहवर्धन किया। इस आयोजन में देश भर के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 600 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि साइकिलिंग वेलोड्रोम के बनने के बाद अब यह उम्मीद की जा सकती है कि उत्तराखंड जल्द ही साइकिलिंग की नर्सरी के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान प्रदेश में जो खेल ढांचा विकसित किया गया है उसमें साइकलिंग वेलोड्रोम सबसे अहम है। खेल मंत्री ने कहा कि आमतौर पर नेशनल गेम्स में ज्यादातर राज्यों को साइकिलिंग का आयोजन दूसरे प्रदेशों में करना पड़ता है क्योंकि यह सुविधा देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में ही उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी नियमित रूप से यहां आकर अभ्यास करें, जिससे वें 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम और 2036 के ओलंपिक में पदक के दावेदार बन सके।
इस अवसर पर साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ओंकार सिंह, सचिव मनिंदर पाल सिंह, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह, उत्तराखंड साइकलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल चौधरी, उत्तराखंड साइकलिंग एसोसिएशन के सचिव देवेश पांडे, जिला अध्यक्ष डॉ नागेंद्र शर्मा, विजय पाठक आदि उपस्थित रहे।
2047 के विकसित भारत लक्ष्य को साधेगा वीबी-जी राम जी मिशन- गणेश जोशी
देहरादून। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आज सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में नवीन विधेयक “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)” अर्थात वीबी-जी राम जी बिल 2025 के संबंध में प्रेस वार्ता की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर योजनाएं लागू की जाती रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1989 में जवाहर रोजगार योजना की शुरुआत की गई थी, जिसे बाद में वर्ष 2001 में सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना में सम्मिलित किया गया। वर्ष 2006 में इसे नरेगा तथा 2009 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के रूप में लागू किया गया।
ग्राम्य मंत्री जोशी ने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों को रोजगार मिला। हालांकि, ग्रामीणों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए अब वीबी-जी राम जी योजना प्रारंभ की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में स्थायी परिसंपत्ति निर्माण, जल से जुड़े कार्य, ग्रामीण आधारभूत ढांचे का विकास, आजीविका एवं कृषि संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस नई योजना के तहत एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का गारंटीशुदा रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों एवं संघशासित प्रदेशों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश एवं जम्मू-कश्मीर) के लिए केंद्र एवं राज्य के बीच धनराशि का अनुपात 90:10 होगा। साथ ही, उत्तराखंड जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) को अनुमन्य कार्यों की श्रेणी में शामिल किया गया है।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कृषि कार्यों के व्यस्त समय, जैसे बुवाई और कटाई के दौरान, राज्य सरकार वर्ष में कुल 60 दिन ऐसे निर्धारित कर सकेगी, जिनमें इस योजना के अंतर्गत कोई कार्य नहीं कराया जाएगा, ताकि खेती के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हो सकें और कृषि को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि योजना का लक्ष्य वर्ष 2047 तक एक समृद्ध और मजबूत ग्रामीण भारत के लिए सशक्तिकरण, विकास और पूरी देखरेख के साथ बढ़ाया जायेगा। जल जीवन मिशन के अधीन सृजित कार्यों की रिपेयर एवं रखरखाब किया जायेगा। मंत्री जोशी ने वीबी जी राम जी योजना के अन्तर्गत नियमों का उल्लघन करने वाले व्यक्ति पर रू0 10 हजार का जुर्माना लगाया जायेगा।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन के अंतर्गत रजिस्टेड जाब कार्ड धारक परिवार -10.10 लाख। सक्रिय परिवार- 06.71 लाख, जाब कार्ड धारक श्रमिक- 16.15 लाख। सकिय श्रमिक- 09.35 लाख। वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित धनराशि 01 लाख 51 हजार 282 करोड उत्तराखण्ड हेतु प्रस्तावित धनराशि-840 करोड रुपए है।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और पूर्व में भी योजनाओं के नाम व स्वरूप में बदलाव होते रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वीबी-जी राम जी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर सचिव ग्राम्य विकास धीरज सिंह गर्ब्याल, आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल भी उपस्थित रही।
49 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
उत्तरकाशी। पुरोला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजेश जुंवाठा का लंबी बीमारी के बाद 49 वर्ष की उम्र में देहरादून में निधन हो गया। वह काफी समय से अस्वस्थ थे और देहरादून के एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजेश जुंवाठा वर्ष 2007 में पुरोला विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और सक्रिय राजनीति में बने रहे। वे एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके पिता बर्फियालाल जुंवाठा, मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में एकीकृत उत्तर प्रदेश सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री रह चुके हैं, जबकि उनकी माता विकासनगर नगर पालिका की अध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं।
पूर्व विधायक के निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राजेश जुंवाठा के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिवारजनों और समर्थकों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत, फिंगरप्रिंट जांच जारी
हल्द्वानी। कुसुमखेड़ा इलाके में स्थित एक ज्वैलर की दुकान को निशाना बनाकर शातिर चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने पहले से पूरी रेकी और तैयारी के बाद दुकान में घुसकर 25 सेल्फ तोड़ डाले और उनमें रखे सोने-चांदी के आभूषण समेट ले गए। पूरी घटना को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि शुरुआती तौर पर किसी को भनक तक नहीं लगी।
दुकान के हर कोने को खंगाला
चोरों ने ज्वैलरी शॉप के अंदर मौजूद हर हिस्से को बारीकी से खंगाला। जहां भी आभूषण नजर आए, उन्हें उठाकर ले गए। इसके बाद उन्होंने दुकान में रखी तिजोरी को भी खोलने की कोशिश की। ड्रिल मशीन से तिजोरी काटने का प्रयास किया गया, लेकिन इसमें वे सफल नहीं हो सके।
ज्वैलर की दिनचर्या से थे वाकिफ
जांच में सामने आया है कि चोरों को ज्वैलर की हर गतिविधि की जानकारी थी। आमतौर पर दुकानदार दुकान बंद करने के बाद नकदी और कीमती जेवरात घर ले जाते हैं, लेकिन इस दुकान में ऐसा नहीं किया जाता था। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए चोरों ने वारदात की पूरी रणनीति तैयार की।
ज्यादा किराया देकर ली बगल की दुकान
कुसुमखेड़ा चौराहे के आसपास जहां दुकानों का किराया 13 से 14 हजार रुपये के बीच है, वहीं चोरों ने ज्वैलर की दुकान के पास वाली दुकान को हर हाल में लेने के लिए 22,500 रुपये मासिक किराया तय किया। किरायेदार गौरव को पहले चाय और फिर कपड़े की दुकान खोलने का झांसा दिया गया। महंगे किराये के लालच में सौदा तय हो गया, जो बाद में चोरी की कड़ी साबित हुआ।
साप्ताहिक बंदी का उठाया फायदा
चोरों ने वारदात के लिए शुक्रवार की रात चुनी। चोरी के बाद उन्होंने किराये की दुकान का शटर बंद किया और फरार हो गए। शनिवार को हल्द्वानी में साप्ताहिक बंदी होने के कारण बाजार बंद रहा, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। रविवार को जब ज्वैलर ने दुकान खोली, तब चोरी का खुलासा हुआ।
फोरेंसिक टीम जुटा रही सबूत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ज्वैलरी शॉप और बगल की किराये की दुकान से अहम साक्ष्य जुटाए। जिस दुकान के रास्ते चोर अंदर दाखिल हुए थे, वहां से शराब की खाली बोतलें, ड्रिल मशीन और वेल्डिंग उपकरण बरामद हुए। इन सभी पर फिंगरप्रिंट लिए गए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द खुलासे का दावा कर रही है।
सीएम धामी ने नितिन नवीन को नए दायित्व की जिम्मेदारी मिलने पर दी शुभकामनाएं
देहरादून/ नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें पार्टी में नए दायित्व की जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में नितिन नवीन का अनुभव, ऊर्जा और संगठनात्मक दक्षता पार्टी को नई मजबूती प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हुए विश्वास जताया कि पार्टी संगठन आने वाले समय में और प्रभावी भूमिका निभाएगा।
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा मसूरी स्थित अटल उद्यान में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। लगभग 23 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह प्रतिमा राष्ट्र के प्रति अटल जी के अतुलनीय योगदान, उनके दूरदर्शी नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का स्थायी प्रतीक है।
प्रतिमा का लोकार्पण महेन्द्र भट्ट, सांसद (राज्यसभा) एवं प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखण्ड के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर गणेश जोशी, मंत्री, कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण एवं ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों ने सहभागिता कर आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
अटल जी के विचार और विरासत को समर्पित स्मारक: प्रेरणा का स्थायी केंद्र
सांसद महेन्द्र भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, जिन्होंने वैचारिक दृढ़ता, संवेदनशीलता और संवाद की संस्कृति से देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और समावेशी विकास का आदर्श उदाहरण है। मसूरी जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व के नगर में उनकी प्रतिमा की स्थापना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के कारण ही उत्तराखण्ड को अलग राज्य का स्वरूप मिला। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण में अटल जी के योगदान की जीवंत स्मृति है। उन्होंने मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण ने इस परियोजना को समयबद्ध, गुणवत्ता-संपन्न और सौंदर्यपरक ढंग से पूर्ण किया है।
नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि अटल उद्यान में स्थापित यह प्रतिमा मसूरी नगर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गरिमा को और अधिक समृद्ध करेगी। उन्होंने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को समर्पित था। यह उद्यान अब केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि विचार, प्रेरणा और सेवा का केंद्र बनेगा।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित यह प्रतिमा उच्च गुणवत्ता की सामग्री से तैयार की गई है, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व की सरलता, ओजस्विता और विचारशीलता को कलात्मक ढंग से उकेरा गया है। प्रतिमा के साथ-साथ अटल उद्यान का सौंदर्यीकरण भी किया गया है, जिससे यह स्थल स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि कवि, विचारक और संवेदनशील मानव थे। उनकी कविताएं, भाषण और विचार आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा, लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों के लिए प्रेरित करते हैं। इस प्रतिमा के माध्यम से उनके आदर्शों और विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे, ताकि विकास के साथ-साथ मूल्यों और परंपराओं का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में प्राधिकरण द्वारा सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया।
मोहन सिंह बर्निया, सचिव, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण मसूरी अटल उद्यान में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का लोकार्पण प्राधिकरण के लिए गौरव का विषय है। यह प्रतिमा अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।
बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण ने कहा श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन राष्ट्रभक्ति, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक रहा है। मसूरी अटल उद्यान में उनकी प्रतिमा का स्थापित होना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विकास ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और वैचारिक विरासत का संरक्षण भी है। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को अटल जी के आदर्शों से प्रेरित करेगी और मसूरी नगर की पहचान को और अधिक सशक्त बनाएगी।
यह मंजूरी ग्रामीण भारत के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार खोलेगी- डा.नरेश बंसल
देहरादून। भाजपा राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष व सांसद डा. नरेश बंसल ने VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन-ग्रामीण) बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है व राष्ट्रपति का आभार वयक्त किया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 का स्थान लेगा और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह ग्रामीण परिवारों को 100 दिन की जगह अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी देगा, और इसमें कुछ बदलाव भी हैं,समग्रतः यह ग्रामीण विकास के लिए एक बड़ा कदम है। इच्छुक ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार देना सरकार की वैधानिक जिम्मेदारी होगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य किया गया है। तय समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं होने पर देरी का मुआवजा देने का भी प्रावधान रखा गया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ाना है। यह मंजूरी ग्रामीण भारत के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार खोलेगी, इसलिए इस पर पूरे भारत मे खुशी व्यक्त की जा रही है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मागृदर्शन मे सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ टिकाऊ और उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, ताकि समावेशी और संतुलित विकास को बढ़ावा मिल सके।
दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा, डीएम सविन बंसल के निर्देश पर सीएसआर फंड जारी
देहरादून। जिले में शिक्षा को मजबूत और समावेशी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और अहम पहल की है। दूरस्थ तहसील त्यूणी के ग्राम एवं पोस्ट अटाल क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कार्यरत एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह पहल जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम अटाल के स्थानीय लोगों और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय एनजीओ ने जिलाधिकारी को अवगत कराया था कि क्षेत्र के कई प्रतिभाशाली बच्चे आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निर्देशों के अनुपालन में यूजीवीएनएल द्वारा सीएसआर फंड के तहत 4.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से ग्राम अटाल क्षेत्र के लगभग 300 जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई में आने वाली आर्थिक बाधाएं दूर हो सकेंगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस सहायता से न केवल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे जनहितकारी प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी बच्चे की प्रतिभा आर्थिक कारणों से बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और पिछड़े इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
