देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज कैंप कार्यालय पर मसूरी विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 82 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें संस्करण को केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता के साथ सुना।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश में बढ़ती एंड्यूरेंस स्पोर्ट्स की लोकप्रियता, रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन, खेल जगत में भारत की उपलब्धियों और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने देश में बढ़ते शहद उत्पादन और विंटर टूरिज्म की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। विंटर टूरिज्म के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में विंटर टूरिज्म तेजी से लोगों को आकर्षित कर रहा है और कई स्थलों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में आयोजित आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड मैराथन रन की भी सराहना की और इसे उत्तराखंड की सामर्थ्य और संभावनाओं का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम सदैव ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी होता है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस कार्यक्रम को नियमित रूप से सुनने की अपील भी की।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उत्तराखंड के एंड्यूरेंस स्पोर्ट्स और हाई एल्टीट्यूड मैराथन का उल्लेख राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि देश में शहद उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है और राज्य सरकार भी किसानों को शहद उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें लाभान्वित कर रही है।
मंत्री गणेश जोशी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी का देशवासियों से आत्मीय संवाद बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम समाज के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने वाला और देश को जोड़ने वाला प्रभावशाली मंच बन चुका है। उन्होंने लोगों से कार्यक्रम को नियमित रूप से सुनने की अपील करते हुए कहा कि इससे समाज हित में कार्य करने की प्रेरणा और ऊर्जा प्राप्त होती है।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, पूनम नौटियाल, पार्षद मोहन बहुगुणा, सत्येंद्र नाथ, आनंद गुसाईं, हेमंत गुसाईं, राजेश शर्मा, हेमंत जोशी, कंचन ठाकुर, रमेश प्रधान सहित कई लोग उपस्थित रहे।
देहरादून- भूकंप के खतरे को लेकर उत्तराखंड के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय मानक ब्यूरो ने अपनी नई रीति संहिता–2025 के तहत भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र को अपडेट करते हुए राज्य को जोन-6 में शामिल कर दिया है। यह देश का सबसे संवेदनशील भूकंप जोन माना जा रहा है। अब तक राज्य के हिस्सों को जोन-4 और जोन-5 में बांटा गया था, लेकिन नए वर्गीकरण के अनुसार पूरा उत्तराखंड अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में आ गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से राज्य में भविष्य के निर्माण मानकों में बड़ा परिवर्तन होगा। भवनों, सड़कों और बड़े बांधों जैसी संरचनाओं के लिए अधिक मजबूत भूकंपरोधी तकनीक को अनिवार्य करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों की राय: सभी पहाड़ी राज्य समान खतरे की श्रेणी में
वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ. विनीत गहलोत ने बताया कि नया भूकंपीय मानचित्र करीब नौ साल बाद जारी किया गया है। वर्ष 2016 में पिछली बार जोनिंग की गई थी।
उन्होंने कहा कि “अब सभी हिमालयी राज्यों को समान संवेदनशीलता वाले जोन-6 में शामिल करने का मतलब है कि जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक भूकंप का खतरा समान स्तर का माना जाएगा।”
गहलोत के अनुसार, पहले जोन-5 में आने वाले रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर सबसे अधिक संवेदनशील माने जाते थे, लेकिन अब पूरे राज्य को यह श्रेणी प्राप्त हो गई है। इससे सभी निर्माण परियोजनाओं में एक समान मानक लागू होंगे।
श्रीनगर गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभागाध्यक्ष प्रो. एम.पी.एस. बिष्ट ने कहा कि हिमालय की भू-भौतिक स्थितियां सभी राज्यों में लगभग समान हैं—चट्टानें, प्लेट सीमाएं और भू-आकृतिक संरचनाएं एक जैसी हैं। इसी वजह से जोनिंग को एक श्रेणी में समाहित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भूतकाल के भूकंपों, उनकी तीव्रता और वैज्ञानिक डेटा के आधार पर लिया गया है।
राज्य में बढ़ेगी चेतावनी प्रणाली की क्षमता
उत्तराखंड भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन-बिंदु पर स्थित है, जिसके कारण यहां भूकंप की आशंका हमेशा बनी रहती है।
रिकॉर्ड के अनुसार, 1911 से अब तक प्रदेश में 6 से अधिक तीव्रता के 11 बड़े भूकंप दर्ज किए गए हैं।
अब सरकार भूकंप चेतावनी प्रणाली को और मजबूत करने की तैयारी में है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार—
राज्य में सेंसर और सायरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी,
हाल ही में मॉक ड्रिल आयोजित की गई है,
और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को और आगे बढ़ाया जाएगा।
ऐतिहासिक भूकंपों का रिकॉर्ड
28 अगस्त 1916 — उत्तराखंड में सबसे बड़ा भूकंप, तीव्रता 6.96
1975 से 2024 तक
3–4 तीव्रता वाले भूकंप: 320
4–5 तीव्रता वाले: 90
5–6 तीव्रता वाले: 34
6–7 तीव्रता वाले: 3
7 से अधिक तीव्रता वाला कोई भूकंप दर्ज नहीं
पहले जोन-4 और जोन-5 में बंटा था राज्य
पुराने मानचित्र में—
जोन-5 (अति संवेदनशील):
रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़
जोन-4:
उत्तरकाशी, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल
अब पूरा प्रदेश जोन-6 में शामिल किया जा चुका है।
इन शहरों को पहले भी सबसे संवेदनशील बताया गया था
लोकसभा में 2021 में दिए गए एक जवाब में सरकार ने 38 अत्यधिक संवेदनशील शहरों की सूची जारी की थी, जिनमें उत्तराखंड के—
अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून और रुड़की प्रमुख रूप से शामिल थे।
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और गैरकानूनी प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण क्षेत्र में कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान चलाया। लगातार बढ़ रहे अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगाने के उद्देश्य से एमडीडीए की टीम सुबह से ही मैदान में उतरी और बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई की।
सबसे बड़ी कार्रवाई जस्सोवाल, चकराता रोड क्षेत्र में की गई, जहां रोशन नेगी द्वारा लगभग 22 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी प्लाटिंग व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अवैध प्लाटिंग, अवैध कॉलोनी विकसित करना और बिना अनुमति संरचनाएँ खड़ी करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता मनीष नोटियाल, प्रीतम चौहान, सुपरवाइजरों की टीम तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की ज़िम्मेदारी है कि शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को कानून तोड़कर अव्यवस्थित बसावट बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी,” तिवारी ने कहा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि कार्रवाई प्राधिकरण की शून्य-सहिष्णुता नीति का हिस्सा है। “जो भी लोग बिना स्वीकृति प्लाटिंग कर रहे हैं, नियमों को नजरअंदाज कर निर्माण कर रहे हैं, उन्हें चेतावनी है, ऐसी गतिविधियाँ तुरंत बंद करें, नहीं तो कठोर कार्रवाई होगी,” उन्होंने कहा।एमडीडीए का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
हरिद्वार कुंभ 2027 के लिए सीएम धामी ने संत समाज को दिया औपचारिक निमंत्रण
देहरादून/कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित इंटरनेशनल गीता महोत्सव के तहत विराट संत सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने देशभर से पधारे पूज्य साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति में आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान सीएम धामी ने वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य कुंभ महोत्सव के लिए संत समाज को औपचारिक निमंत्रण भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवद्गीता जीवन का सच्चा मार्गदर्शन देने वाली ग्रंथ है, जो सत्य, धर्म और कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने प्रदेश में मंदिरों के जीर्णोद्धार, धार्मिक स्थलों के विकास, घाटों के सौंदर्यीकरण सहित कई धार्मिक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सब ‘आस्था और संस्कृति के सम्मान’ के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। साथ ही उन्होंने बताया कि स्कूलों में गीता श्लोक वाचन की पहल भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मध्य प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सहित अनेक संत-महात्मा व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
देहरादून। आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जनपद भर में व्यापक स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। सभी थाना क्षेत्रों को संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की विशेष जांच करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके तहत शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में पुलिस की कई टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।
अभियान के दौरान दून पुलिस ने धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जांच को मजबूत बनाया। सभी संबंधित क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में सीमावर्ती नाकों और आंतरिक मार्गों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई।

पुलिस के मुताबिक, 29 नवंबर को चलाए गए सघन चेकिंग अभियान में 1400 से अधिक वाहनों की जांच की गई, जबकि 2700 से ज्यादा व्यक्तियों से पूछताछ कर आवश्यक सत्यापन किया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी की गई।
एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को पहले ही चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने लंबित माँगों पर सकारात्मक कार्रवाई का दिया आश्वासन
देहरादून। राज्य के अशासकीय (राज्य सहायता प्राप्त) विद्यालयों के शिक्षकों-कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को यमुना कॉलोनी में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से मिला। संघ ने शिक्षक-कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न लंबित माँगों को मंत्री के समक्ष रखकर शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई, जिस पर शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ. महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की मुख्य माँगों में प्रदेश के 417 तदर्थ शिक्षकों का शीघ्र विनियमतीकरण, अशासकीय विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से राजकीय विद्यालयों की तर्ज पर किए जाने, उपार्जित अवकाश (Earned Leave) का नगदीकरण राजकीय विद्यालयों की भाँति उपलब्ध कराने, अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी भारत दर्शन योजना का लाभ दिए जाने जैसे मुद्दे शामिल थे।
उन्होंने कहा कि 417 तदर्थ शिक्षक पिछले लंबे समय से विनियमतीकरण की माँग कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें पूर्ण वेतन प्राप्त हो रहा है, ऐसे में विनियमतीकरण से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. महावीर सिंह बिष्ट के साथ प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय बिष्ट, प्रांतीय प्रवक्ता कैलाश थपलियाल, पौड़ी जिलाध्यक्ष भारत बिष्ट, जिला मंत्री संदीप रावत तथा प्रांतीय मंत्री संदीप मैंदौला आदि शामिल रहे।
एनएच, लोनिवि और पीएमजीएसवाई की संयुक्त बैठक में 2024–25 के स्वीकृत मोटर मार्गों पर हुई विस्तृत चर्चा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर एनएच, लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई अधिकारियों की संयुक्त बैठक की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024–25 में स्वीकृत मोटर मार्गों की प्रगति, शासन स्तर पर लंबित डीपीआर की वर्तमान स्थिति और पीएमजीएसवाई द्वारा निर्मित सड़कों के लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मंत्री रावत ने अधिकारियों से भारत सरकार को भेजे गए नव-निर्माण, डामरीकरण और सुधारीकरण से संबंधित प्रस्तावों की अद्यतन जानकारी ली। साथ ही आपदाग्रस्त सड़कों के लिए मिली स्वीकृत धनराशि के उपयोग एवं एनएच बुआखाल–पाबों–पैठाणी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

बैठक में माण्डाखाल–ग्वड़ख्या–सरणा–चोपड़ियू मोटर मार्ग की स्वीकृति पर चर्चा हुई, जबकि श्रीनगर के पंचपीपल से स्वीत तक एलिवेटेड रोड की डीपीआर जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय राजमार्ग 07 पर फरासू और चामधार के समीप बार-बार हो रहे यातायात अवरोध को ध्यान में रखते हुए ट्रीटमेंट कार्य के लिए 90 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। विभाग के अनुसार, इस परियोजना पर निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
सीएम धामी ने विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन में की शिरकत, प्रतिभाशाली महिला वैज्ञानिकों को किया सम्मानित
मोदी सरकार के ‘4P मंत्र’ का उल्लेख कर सीएम धामी बोले—सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान इसका सफल उदाहरण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन एवं 20वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन–2025 में शिरकत की। कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाशाली महिला वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। राज्यभर के विभिन्न शोध व शैक्षणिक संस्थानों से चयनित वैज्ञानिकों को “Young Women Scientist Achievement Award–2025” तथा “UCOST Young Women Scientist Excellence Award” प्रदान किए गए। इसी मंच पर NDAMA के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल की पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए “4P मंत्र—Predict, Prevent, Prepare और Protect” पर आधारित 10 सूत्रीय एजेंडा लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण हाल ही में हुए सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान के रूप में सामने आया, जहां 17 दिनों के लंबे और कठिन अभियान के बाद 41 श्रमिक सुरक्षित बाहर निकाले गए।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन से प्राप्त सुझाव व शोध आधारित समाधान न केवल उत्तराखंड बल्कि वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन को मजबूती देने में सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान ने मुख्य आरोपी खालिद के लिए किया था पेपर हल
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई की यह इस मामले में पहली गिरफ्तारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, सुमन ने मुख्य आरोपी खालिद के लिए प्रश्नपत्र हल किया था। इससे पहले दून पुलिस खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं।
सीबीआई की ताजा कार्रवाई के साथ पेपर लीक मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। एजेंसी का कहना है कि सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान प्रश्नपत्र हल करने की कड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती दिखीं, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
कैसे सामने आया पूरा मामला
यूकेएसएसएससी ने 21 सितंबर को स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद बेरोजगार संघ ने पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि प्रश्नपत्र हरिद्वार जिले के बहादरपुर जट स्थित परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी परीक्षार्थी खालिद ने पहले से केंद्र में छिपाए मोबाइल फोन से पेपर का फोटो खींचकर अपनी बहन साबिया को भेजा। साबिया ने आगे यह प्रश्नपत्र टिहरी गढ़वाल स्थित शहीद श्रीमती हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय में तैनात सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को भेज दिया।
पहले पुलिस ने पूछताछ कर छोड़ा था
पुलिस ने 22 सितंबर को सुमन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सुमन को यह जानकारी नहीं थी कि भेजा गया प्रश्नपत्र किसी प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित है। इस आधार पर उन्हें सहयोग के आधार पर छोड़ दिया गया था। इसके बाद खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
युवाओं के आंदोलन के बाद केस सीबीआई को सौंपा गया
पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं में आक्रोश बढ़ता गया और आठ दिनों तक सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर पहुंचे और मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद सीबीआई ने 26 अक्टूबर को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया।
सीबीआई की पहली गिरफ्तारी
प्राथमिक जांच के बाद सीबीआई ने सुमन चौहान को षड्यंत्र में शामिल पाते हुए गिरफ्तार कर लिया। उन्हें स्पेशल जज सीबीआई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण, गैरकानूनी प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे आवासीय व व्यावसायिक ढांचों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। मसूरी, विकासनगर, सेरपुर और देहरादून के विभिन्न इलाकों में एमडीडीए की टीमों ने अवैध निर्माणों को सील किया और कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
एमडीडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना अनुमति की प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज की कार्रवाई उसी सख्ती का हिस्सा है, जिसे लागू करने के लिए प्राधिकरण लगातार अभियान चला रहा है।
कैम्पटी–मसूरी रोड पर अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
पहली कार्रवाई कैम्पटी मसूरी रोड पर खुशहाल सिंह द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण पर की गई। बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे इस निर्माण को टीम ने मौके पर सील कर दिया। कार्रवाई में अवर अभियंता अनुराग नौटियाल और सुपरवाइज़र मौजूद रहे। टीम ने स्पष्ट किया कि बिना एमडीडीए स्वीकृति किसी भी प्रकार का व्यावसायिक ढांचा खड़ा करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
हर्बटपुर में 20 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
दूसरी कार्रवाई हर्बटपुर में हुई, जहां लखन सिंह और जगवीर सिंह द्वारा विवेकानंद अस्पताल के निकट लगभग 20 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने बुलडोज़र चलवाकर पूरी अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
कल्याणपुर पोंटा रोड में 15–20 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
तीसरी कार्रवाई कल्याणपुर पोंटा रोड क्षेत्र में प्रवीन बंसल द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और आसपास के क्षेत्र में भी निरीक्षण किया।
सेरपुर–सेलाकुई में 30 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
चौथी कार्रवाई सेरपुर, सेलाकुई क्षेत्र में जब्बार अली द्वारा लगभग 30 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर हुई। एमडीडीए टीम ने पूरे क्षेत्र को चिन्हित कर बुलडोज़र से ध्वस्त कराया। यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन अवैध कॉलोनियों के बढ़ते प्रसार को देखते हुए एमडीडीए ने इसे निगरानी में रखा हुआ है।
एमडीडीए ने दोहराया कि अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही, प्राधिकरण ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसकी विधिक स्थिति अवश्य जानने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। सभी कार्रवाइयों के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता नितेश राणा, अवर अभियंता अमन पाल, ललित सिंह और संबंधित सुपरवाइज़र मौके पर उपस्थित रहे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे सभी आवासीय व व्यावसायिक निर्माणों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आज की कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत और सख्त कदम उठाए जाएंगे। सुव्यवस्थित और नियोजित विकास के लिए एमडीडीए अपनी कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किसी प्रकार की प्लाटिंग, कॉलोनी या निर्माण वैध नहीं माना जाएगा। जनता से अपील है कि किसी भी संपत्ति में निवेश से पहले उसकी कानूनी स्थिति अवश्य जांचें। एमडीडीए नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण रोकने के लिए निरंतर अभियान चला रहा है।
