फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों पर आधारित इस फिल्म से मेकर्स को अच्छी शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई उम्मीद से काफी कम रही।
पहले दिन की कमाई
रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म ने रिलीज के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर लगभग 10 लाख रुपये का कारोबार किया है। ओपनिंग डे के हिसाब से यह कलेक्शन काफी कम माना जा रहा है। शुरुआती प्रतिक्रिया से संकेत मिल रहे हैं कि अंधविश्वास पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को ज्यादा आकर्षित नहीं कर पा रही है।
फिल्म की कहानी
चरक: फियर ऑफ फेथ की कहानी पश्चिम बंगाल के एक गांव में लगने वाले पारंपरिक चरक मेले के इर्द-गिर्द घूमती है। यह मेला प्राचीन मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है, जहां लोग अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की उम्मीद में कठिन और जोखिम भरी रस्में निभाते हैं। फिल्म आस्था और अंधविश्वास के बीच की पतली रेखा को दिखाते हुए तंत्र-मंत्र, अघोरी प्रथाओं और मानव बलि जैसे विषयों के अंधेरे पहलुओं को सामने लाती है।
फिल्म के मुख्य कलाकार
फिल्म में अंजलि पाटिल, सुब्रत दत्ता, साहिदुर रहमान, शशि भूषण और संखदीप बनर्जी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म का निर्माण धवल जयंतीलाल गडा ने सुदीप्तो सेन प्रोडक्शंस और सिपिंग टी सिनेमा के सहयोग से किया है।
कहानी का सार
फिल्म में दिखाया गया है कि गांव के लोग मानते हैं कि चरक मेले में पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान करने से संतान प्राप्ति या अन्य मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। लेकिन इन मान्यताओं के पीछे छिपे अंधविश्वास और खतरनाक परंपराएं कहानी को धीरे-धीरे एक रहस्यमय और डरावने मोड़ तक ले जाती हैं।
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