केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को स्टेट बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान-2019 के चौथे एडिशन के तहत ईज आफ डूईंग बिजनेस के क्षेत्र में राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग जारी की। रैकिंग में आंध्र प्रदेश ने पहला, उत्तर प्रदेश ने दूसरा व तेलंगाना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उत्तराखण्ड 2015 में 23वें स्थान पर था, उसे अब 11वां स्थान प्राप्त हुआ है।
![](https://himdoot.com/wp-content/uploads/2020/09/IMG-20200905-WA0009-1024x682.jpg)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वित्त मंत्रियों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में यह रैंकिंग जारी की। वित्त मंत्री ने पहले तीन स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों को लगातार सुधारवादी कदम उठाने के लिए बधाई दी और आशा जताई कि आने वाले समय में यह सुधार और दिखेंगे।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मकसद अपने तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि अपनी शक्ति बढ़ाने का है। इस तरीके से हम अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि आत्मनिर्भर भारत अधिक से अधिक निर्यात को बेहतर मूल्य निर्धारण व गुणवत्ता की प्रतिस्पर्धा के साथ नेतृत्व करेगा और उस भारतीय कौशल को प्रदर्शित करेगा, जो उसे पूर्णता प्रदान करते हैं।
![](https://himdoot.com/wp-content/uploads/2020/09/20200905_225753.jpg)
वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 से राज्यों की ईज ऑफ डूईंग बिजनेस रैंकिंग जारी की जा रही है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अंतर्गत राज्यों द्वारा किये जा रहे रिफॉर्म, केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकारों के बीच सकारात्मक साझेदारी की अनूठी मिसाल है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के पश्चात निर्धारित रिफॉर्म एक्शन प्लान राज्यों को निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए एक समुचित रोड मैप प्रदान करता है। उत्तराखण्ड ने आरंभ से ही ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के क्षेत्र में लगातार सक्रियता से कार्य किया है। वर्ष 2015 की पहली रैंकिंग में हम 23वें स्थान पर थे और वर्ष 2019 में 11वें स्थान पर रहे हैं। उत्तराखण्ड राज्य राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि प्राप्त करने वाले राज्यों की श्रेणी में सम्मिलित हो इसके लिये प्रभावी प्रयास किये जायेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य को निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में हम कृत संकल्प है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा राज्य में निवेश हेतु उद्यमियों को अनेक सहुलियतें दिये जाने से सम्बन्धित कार्ययोजना बनायी है, जिसका परिणाम शीघ्र धरातल पर दिखायी देगा।
![](https://himdoot.com/wp-content/uploads/2020/09/20200905_225718.jpg)
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों के अनुकूल माहोल तैयार करने के साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा आत्म निर्भर भारत के लिए की गई पहल को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा कारगर प्रयास किये जा रहे हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही एक जनपद एक उत्पाद की दिशा में भी योजना बनायी जा रही है।