पांच अलग-अलग देशों में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजों में हुए शामिल
नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही अंडर-19 यूथ वनडे सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भारतीय कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अंतिम मैच में वैभव का बल्ला जमकर बोला और उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में शतक जड़कर टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया, जिसे भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह भुनाया।
भारतीय पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और ऑरोन जॉर्ज ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 227 रनों की शानदार साझेदारी कर टीम को ठोस आधार दिया। कप्तान वैभव ने मात्र 74 गेंदों में 127 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें नौ चौके और 10 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
यह वैभव सूर्यवंशी का सीरीज में पहला बड़ा प्रदर्शन नहीं है। इससे पहले दूसरे यूथ वनडे में भी उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में 68 रन बनाए थे, जिसमें 10 छक्के और एक चौका शामिल था। उस मुकाबले में उनका स्ट्राइक रेट 283.33 रहा था, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा था।
दक्षिण अफ्रीका की धरती पर लगाया गया यह शतक वैभव के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि साबित हुआ। महज 14 वर्ष की उम्र में वह पांच अलग-अलग देशों—भारत, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अब दक्षिण अफ्रीका—में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं।
गौरतलब है कि इसी सीरीज के लिए बीसीसीआई ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी थी। कप्तान बनते ही उन्होंने इतिहास रच दिया और यूथ वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में टीम की कमान संभालने वाले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2007 में 15 साल 141 दिन की उम्र में अंडर-19 टीम की कप्तानी की थी।






