भारत मंडपम में देश में आकांक्षी ब्लॉकों के लिए संकल्प सप्ताह का पीएम मोदी ने किया शुभारंभ..
उत्तराखंड: पीएम मोदी ने भारत मंडपम में देश में आकांक्षी ब्लॉकों के लिए संकल्प सप्ताह का शुभारंभ किया। संकल्प सप्ताह आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन से जुड़ा है। आकांक्षी ब्लॉकों के लिए चलने वाले कार्यक्रम संकल्प सप्ताह भर चलेगा। इस दौरान पीएम मोदी ने लोगों से बातचीत भी की। उद्घाटन कार्यक्रम में भारत मंडपम में देशभर से लगभग 3,000 पंचायत और ब्लॉक स्तर के जन प्रतिनिधि और पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसके साथ ही ब्लॉक और पंचायत स्तर के पदाधिकारियों, किसानों और अन्य क्षेत्रों के व्यक्तियों सहित लगभग दो लाख लोग कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे।
329 जिलों के 500 ब्लॉकों में लागू..
आपको बता दें कि राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम सात जनवरी, 2023 को पीएम मोदी ने लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए ब्लॉक स्तर पर प्रशासन में सुधार करना है। इसे देश के 329 जिलों के 500 आकांक्षी ब्लॉकों में लागू किया जा रहा है। आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम को लागू करने तथा एक प्रभावी ब्लॉक विकास रणनीति तैयार करने के लिए देश भर में गांव और ब्लॉक स्तर पर चिंतन शिविर आयोजित किए गए। ‘संकल्प सप्ताह’ इन्हीं चिंतन शिविरों का परिणाम है। 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2023 तक मनाए जाने वाले संकल्प सप्ताह में प्रत्येक दिन एक विशिष्ट थीम को समर्पित है, जिस पर सभी आकांक्षी ब्लॉक काम करेंगे। पहले छह दिनों की थीम में संपूर्ण स्वास्थ्य सुपोषित परिवार, स्वच्छता, कृषि,शिक्षा, समृद्धि दिवस शामिल हैं। सप्ताह के अंतिम दिन यानी नौ अक्टूबर 2023 को पूरे सप्ताह के दौरान किए गए कार्यों का संकल्प सप्ताह समावेश समारोह उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।
राज्य में अन्तिम रूप से एकीकरण के उपरान्त मतदेय स्थलों की संख्या 11647 से बढ़कर हुयी 11724..
उत्तराखंड: मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री वी.षणमुगम की अध्यक्षता में शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में राज्य में मतदान प्रतिशत में वृद्धि के लिए मतदान के समय विशेषकर शहरी क्षेत्रों में मतदान के प्रति मतदाताओं की उदासीनता को कम करने के उद्देश्य से मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टिगत ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और ऊंची इमारतों के परिसरों तथा शहरी / अर्द्ध शहरी क्षेत्रों के आस-पास के झुग्गी-झोपड़ी समूहों के पास ही मतदान केन्द्रों को स्थापित किये जाने हेतु मतदेय स्थलों के मानकीकरण एवं पुनर्निर्धारण के संबंध में वर्तमान नियमों के परिपेक्ष्य में राज्य के मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ बैठक आयोजित हुई।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि, प्रायः यह देखने में आया है कि, शहरी क्षेत्र के मतदाता मतदान के प्रति उदासीन रहते है, इसको ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और ऊंची इमारतों के परिसरों तथा शहरी / अर्द्ध शहरी क्षेत्रों के आस-पास के झुग्गी-झोपड़ी समूहों के पास ही मतदान केन्द्रों को स्थापित किये जाने हेतु मतदेय स्थलों के मानकीकरण एवं पुनर्निर्धारण के कार्य को समय प्रदान किये जाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वर्तमान पुनरीक्षण कार्यक्रम को संशोधित किया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि, वर्तमान में राज्य के सभी मतदेय स्थलों का शत् प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराये जाने के पश्चात, मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण / संशोधन के संबंध में विभिन्न स्तरों से प्राप्त सुझाव / प्रस्तावों के आधार पर जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा नियत प्रारूप पर मतदेय स्थलों का आलेख्य प्रकाशन करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है, जिसकी प्रति जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय पदाधिकारियों को भी यथासमय उपलब्ध करायी गयी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य में स्थापित 11647 मूल मतदेय स्थल एवं आलेख्य मतदेय स्थलों की सूची पर प्राप्त प्रस्तावों पर जनपद स्तर पर मान्तया प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ विचार-विमर्श करने के उपरान्त जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों से प्राप्त विवरण के अनुसार मतदेय स्थलों के पुनर्निर्धारण / संशोधन / परिवर्तन प्रस्ताव Manual on Polling Stations तथा आयोग से समय-समय पर प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार कर आयोग के अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किये गये है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उक्त पुनर्निधारण में मतदाताओं के लिए 02 किमी से अधिक पैदल दूरी के कारण 99 मतदेय स्थल नये प्रस्तावित किये गये है तथा वर्तमान में मतदाताओं की संख्या 1500 से अधिक होने के कारण 5 मतदेय स्थलों की संख्या को बढाया गया है। इस प्रकार के कुल 104 मतदेय स्थलों की वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त एक ही भवन में एक से अधिक मतदेय स्थलों की समीक्षा में 27 मतदेय स्थलों को समायोजित/विलय कर कम किया गया। 121 मतदेय स्थलों के कुछ ग्राम, वार्ड, मुहल्ले (अनुभाग) आदि को मतदाताओं की सुविधा के दृष्टिगत उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत अन्य मतदेय स्थल में सम्मिलित किया गया है। 524 मतदेय स्थल भवनों से संबंधित शिक्षण संस्थानों के उच्चीकरण, मतदेय स्थल भवनों के नाम में परिवर्तन / संशोधन के फलस्वरूप मतदेय स्थल / भवन के नाम में परिवर्तन तथा 187 मतदेय स्थल भवन के क्षतिग्रस्त होने, अथवा जीर्ण-शीर्ण होने के कारण उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत अन्य उपयुक्त शासकीय भवन में, भवन परिवर्तन का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि विधान सभा सामान्य निर्वाचन, 2022 के दौरान कोविड गाइडलान के अनुरूप 1200 से अधिक मतदाताओं वाले 59 मतदेय स्थलों को तद्समय सहायक मतदेय स्थल के रूप में तैयार किये जाने का अनुमोदन प्राप्त हुआ था तथा तद्समय 09 मतदेय स्थलों के मतदाताओं को माईग्रेशन के कारण कम किया गया था, जिन्हें वर्तमान प्रस्तावों में समायोजित कर लिया गया है। इस प्रकार राज्य में अन्तिम रूप से एकीकरण के उपरान्त मतदेय स्थलों की संख्या 11647 से बढ़कर 11724 हो गयी है।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत पोलिंग स्टेशन का सुव्यवस्थीकरण एवं पुनः व्यवस्था, कन्ट्रोल टेबल का अद्यतीकरण जैसे कार्य 09 अक्टूबर, 2023 तक सम्पन्न किए जाएंगे। जबकि अर्हता तिथि 01 अक्टूबर 2024 के संदर्भ में पूरक और एकीकृत ड्राफ्ट रोल को 10 अक्टूबर, 2023 से 26 अक्टूबर, 2023 तक तैयार किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। एकीकृत मसौदा निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 27 अक्टूबर 2023 को किया जाएगा। 27 अक्टूबर 2023 से 09 दिसम्बर के मध्य दावे तथा आपत्तियां दर्ज की जाएंगी। 4, 5, 25, 26 नवम्बर 2023 को विशेष शिविर दिवस आयोजित किए जाएंगे। 26 दिसम्बर 2023 को दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 01 जनवरी 2024 को मानकों की जांच तथा अन्तिम प्रकाशन हेतु आयोग की अनुमति ली जाएगी। इसके साथ ही इस दिन सप्लीमेंटस की प्रिंटिंग तथा डाटाबेस का अद्यतीकरण किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अन्तिम प्रकाशन 05 जनवरी 2024 को किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में सभी उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया कि. मतदेय स्थलों के संशोधन के संबंध में यदि कोई उपयुक्त प्रस्ताव हो, तो उसे आयोग की नियत समय सीमा से पूर्व सम्बन्धित जिला निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराये जाने हेतु जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया जाय, ताकि उस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के उपरान्त आयोग का अनुमोदन प्राप्त किया जा सकें।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, डा. विजय कुमार जोगदण्डे व सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास के अतिरिक्त आम आदमी पार्टी से श्री जोत सिंह बिष्ट, भारतीय जनता पार्टी से श्री पुनीत मित्तल, श्री राजीव शर्मा, श्री संजीव विज, इण्डियन नेशनल कांग्रेस से श्री अमरजीत सिंह, बहुजन समाज पार्टी, श्री प्रमोद कुमार, प्रतिनिधि बहुजन समाज पार्टी श्री जय प्रकाश व कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) से श्री अनन्त आकाश उपस्थित थे।
स्टेडियम खाली कराकर कुत्ता टहलाने वाली IAS को सरकार ने रिटायर कर दिया..
देश-विदेश: केंद्र सरकार ने IAS रिंकू दुग्गा को जबरन रिटायर कर दिया है। 54 साल की रिंकू अरुणाचल प्रदेश में इंडीजीनस अफेयर्स की प्रिंसिपल सेक्रेटरी थीं। रिंकू दुग्गा वहीं अफसर हैं जो एक साल पहले दिल्ली में अपने कुत्ते को घुमाने के लिए एथलीटों से स्टेडियम खाली कराए जाने को लेकर चर्चा में आईं थीं
आपको बता दे कि रिंकू दुग्गा को जो पिछले साल कथित तौर पर अपने कुत्ते को घुमाने के लिए एथलीटों का स्टेडियम खाली करने को लेकर विवादों में आई थीं, उन्हे सरकार ने अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है। नौकरशाह रिंकू दुग्गा अरुणाचल प्रदेश में कार्यरत थीं, जब सरकार ने उन्हें अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया। पीटीआई ने एक अफसर के हवाले से कहा कि सरकार को किसी भी सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्त करने का अधिकार है। रिंकू दुग्गा को सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) 1972 के नियम 56(J) के तहत जबरन रिटायर किया गया है।
1994 बैच की IAS थीं रिंकू दुग्गा..
बता दे कि रिंकू दुग्गा 1994 बैच के AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के अधिकारी हैं। उनके पति संजीव खिरवार 1994 बैच के आईएएस अफसर हैं। खिरवार को पिछले साल दिल्ली से ट्रांसफर कर दिया गया था।बताया जा रहा हैं कि दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एथलीटों को अपना प्रशिक्षण जल्दी खत्म करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, ताकि आईएएस दंपत्ति वे अपने कुत्ते को शाम की सैर के लिए सुविधा केंद्र में ला सकते हैं।
कुत्ता टहलाने और एथलीटों को बाहर किए जाने के मामले की केंद्र सरकार ने जांच कराई थी। रिपोर्ट रिंकू दुग्गा और उनके पति खिरवार के खिलाफ थी। इस रिपोर्ट से एथलीटों और जनता में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद दिल्ली सरकार में प्रमुख सचिव (राजस्व) के रूप में काम करने वाले खिरवार को लद्दाख में स्थानांतरित कर दिया गया था। वहीं दुग्गा को अरुणाचल प्रदेश में स्वदेशी मामलों के प्रमुख सचिव के रूप में तैनात किया गया था।
निवेश के समझौतों से उत्साहित सीएम पुष्कर सिंह धामी..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निवेशक सम्मेलन को लेकर लंदन में आयोजित रोड शो में सहयोग के लिए वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों खासतौर पर उत्तराखंड के प्रवासी लोगों का आभार व्यक्त किया है। विदेशी निवेशकों से हुए समझौतों से उत्साहित सीएम ने लंदन दौरे को सफल बताया। सीएम ने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रवासी उत्तराखंड निवासी विदेश में रहकर भी अपनी संस्कृति से जुड़े हुए हैं। अपनी मेहनत से उत्तराखंड के प्रवासी भाइयों ने अपना खास मुकाम बनाया है। उनका कहना हैं कि जिस अपनत्व भाव से उनका स्वागत किया गया उससे वे भावविभोर हैं। विदेश में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासी भाई-बहन, उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर हैं। सीएम ने कहा कि लंदन भ्रमण बहुत ही सफल रहा है। निवेशकों से उत्साहवर्धक बात हुई है। निवेश के महत्वपूर्ण एमओयू हुए हैं। प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके मार्गदर्शन में राज्य का विकास हुआ है।
धामी सरकार में दायित्वों का बंटवारा, इन 10 नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी..
उत्तराखंड: प्रदेश में नेताओं का लंबे समय से चला रहा है इंतजार खत्म हो गया है। बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले धामी सरकार ने दायित्वों का बंटवारा कर दिया है। 10 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी है। जिसकी सूची जारी कर दी गई है। आपको बता दे कि पिछले लंबे समय से भाजपा में दायित्वों बांटे जाने की इंतजार हो रहा था। सीएम धामी के लंदन जाने से पहले ही दायित्व बांटे जाने की सुगबुगाहट थी। गढ़वाल और कुमाऊं के नेताओं में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति थी कि आखिरकार राज्य सरकार किसको दायित्व से नवाजेगी। इसी कड़ी में पहली लिस्ट 10 दायित्वधारियों की जारी की गई है।
बताया जा रहा है कि कुछ बड़े नेता और कुछ छोटे नेताओं को बड़े दायित्व दिए गए हैं। बुधवार देर रात शासन ने भाजपा के 10 वरिष्ठ नेताओं को दायित्व दिए जाने का आदेश जारी कर दिया। इनमें पांच विभिन्न परिषदों व संस्थाओं में अध्यक्ष और पांच उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। माना जा रहा है अब जल्द ही दूसरी लिस्ट भी जारी कर दी जाएगी। साथ ही दर्जा भी तय किया जाएगा।
इन्हें मिली जिम्मेदारी
1. ज्योति प्रसाद गैरोला : उपाध्यक्ष, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति (राज्य स्तरीय )
2. रमेश गड़िया : उपाध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य स्तरीय जलागम परिषद
3. मधु भट्ट : उपाध्यक्ष, उत्तराखंड संस्कृत साहित्य एवं कला परिषद
4. मुफ्ती शमून कासमी : अध्यक्ष, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद्
5. बलराज पासी : अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य बीज एवं जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण संस्था
6. सुरेश भट्ट : उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं अनुश्रवण परिषद
7. अनिल डब्बू : अध्यक्ष, कृषि उत्पादन एवं विपणन बोर्ड (मंडी)
8. कैलाश पंत : अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य सलाहकार श्रम संविदा बोर्ड
9. शिव सिंह बिष्ट : उपाध्यक्ष, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना राज्य स्तरीय अनुश्रवण परिषद्
10. नारायण राम टम्टा : अध्यक्ष, हरिराम टम्टा परंपरागत शिल्प उन्नयन संस्था
उत्तराखंड के इन गांवों में लगेगा निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने किया ऐलान..
उत्तराखंड: प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने प्रदेश के 15 हजार गांवों में स्वास्थ्य चेकअप कैंप लगाने का ऐलान किया है। जिसके तहत हर छह माह में प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य का नि:शुल्क चेकअप होगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत का कहना हैं कि यदि कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से ग्रसित होगा तो उसे जल्द उपचार दिया जायेगा। उन्होंने डेंगू सहित अन्य बीमारियों के फैलने के दृष्टिगत डॉक्टरों की टीम से विशेष अध्ययन करने की भी बात कही।
इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत का कहना हैं कि आयुष्मान भव कार्यक्रम में 80 प्रतिशत युवाओं का योगदान रहा है। पूरे प्रदेश में आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत 500 कैंप लगाये जा चुके है। रक्तदान के लिए अभी तक एक लाख 47 हजार लोगों ने पंजीकरण कर दिया है। जबकि 49 हजार लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया है।
आयुष्मान कार्ड और आभा कार्ड बनाने का किया आह्वान..
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश में 61 लाख लोगों की आभा आईडी बन चुकी है। जबकि एक करोड़ आभा आईडी बनाने का लक्ष्य है। 53 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके है, जबकि 90 लाख आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने सभी लोगों से आभा और आयुष्मान कार्ड बनाने का आह्वान किया।
उत्तराखंड में दो जगहों पर NIA का छापा..
खालिस्तानी आतंकियों के खिलाफ हो रही कार्रवाई..
उत्तराखंड: प्रदेश में खालिस्तानी आंतकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड के दो जिलों में इसे लेकर एएनआई की छापेमारी चल रही है। बता दें कि देशभर में एनआईए दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब में भी छापेमारी कर रही है। देहरादून के गन हाउस मालिक के घर एनआईए ने छापा मारा है। जानकारी के अनुसार गन हाउस का मालिक परीक्षित नेगी है। जिसे पुलिस ने दो साल पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
परीक्षित नेगी को दो हजार से ज्यादा गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। जोकि फिलहाल जमानत पर बाहर है। खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट को गोलियां सप्लाई करने की एनआईए को जानकारी मिली थी।उधम सिंह नगर जिले में भी एनआईए की छापेमारी हो रही है। बाजपुर में एनआईए की छापेमारी अब भी जारी है। साल 2016 में पंजाब की नाभा जेल में हुए धमाके में बाजपुर के ग्राम धँसारा निवासी आसीम पर आतंकवादियों को हथियार सप्लाई करने का आरोप लगाया गया था। जिसके चलते असीम सजा काट रहा था और चार महीने पहले कोर्ट से मुकदमे में बरी होकर घर आ गया था। एनआईए उस से और उसके परिवर से कर रही है पूछताछ
नहीं थम रहा डेंगू का वार दिख रहा खौफनाक रूप, अलर्ट मोड पर प्रशासन..
उत्तराखंड: डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर ने प्रदेश में कहर बरपाया हुआ है। मौसम में बदलाव से सुबह-शाम हल्की ठंड होने लगी है। बावजूद इसके एडीज मच्छर की सक्रियता कम नहीं हो रही है। दिन पर दिन डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। बता दें देहरादून के बाद पौड़ी जनपद डेंगू का हॉटस्पॉट बना हुआ है। बीते मंगलवार को प्रदेश के सात जिलों से डेंगू के 74 नए मरीज मिले हैं। इनमें से सबसे अधिक मामले पौड़ी से सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पौड़ी से 32, देहरादून और हरिद्वार से 13, नैनीताल से 10 मामले उधमसिंह नगर से दो और चंपावत से तीन और चमोली से एक मामला सामने आया है। प्रदेश में अभी तक 2402 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 2079 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि वर्तमान में 308 सक्रिय मामले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में डेंगू से अभी तक 15 लोगों की मौत हुई है।
रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम का ऐलान..
उत्तराखंड: प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में रोडवेज को लाइफ लाइन कहा जाता है। प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में ज्यादातर लोग परिवहन के लिए इन्हीं पर निर्भर हैं लेकिन बुधवार को लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। उत्तराखंड रोडवेज के कर्मचारियों ने चक्काजाम का ऐलान किया है। प्रदेश में रोडवेज से आवागमन करने वाले यात्रियों को 27 सितंबर को परेशानियों से दो चार होना पड़ सकता है। आपको बता दे कि विभिन्न मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने चक्काजाम का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को इसी संबंध में उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने बैठक बुलाई है। मोर्चा का कहना है कि निगम द्वारा उनकी मांगों पर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
11 सितंबर को परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को दिया नोटिस..
उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का कहना है कि वो इस से पहले 11 सितंबर को परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को नोटिस दे चुके हैं। मोर्चा संयोजक अशोक चौधरी, दिनेश पंत, रविनंदन कुमार, राम किशुन राम ने आरोप लगाया है कि आंदोलन नोटिस पर छह अप्रैल और 25 अप्रैल को शासन और निगम स्तर पर वार्ता सकारात्मक हुई थी।लेकिन इसके बाद भी आज तक कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया। मोर्चा का कहना है कि अप्रैल में दो बार वार्ता और फिर जुलाई में दोबारा द्विपक्षीय वार्ता के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया था। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मोर्चा का कहना है कि मंगलवार को बुलाई गई बैठक में चक्काजाम की रणनीति बनाई जाएगी। इसके साथ ही इस आंदोलन में परिवहन निगम के सभी संवर्ग के कर्मचारी शामिल होंगे।
धामी सरकार ने राज्य भर में की 47 गौशालाएं और बनाने की घोषणा..
उत्तराखंड: अब बेसहारा गोवंश सड़कों पर नहीं घूमेंगे। इनके लिए सरकार ने राज्य भर में 47 गोशालाएं और बनाने की घोषणा की है, जिसके लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। उत्तराखंड के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बीती सोमवार की शाम यहां सर्किट हाउस में अनौपचारिक बातचीत में कहा कि सरकार द्वारा चार दिनों में ही पांच सौ से अधिक मवेशियों को सड़क से गोशालाओं में शिफ्ट किया जा चुका है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनी।
पौड़ी पहुंचे कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि जिला स्तर पर जिलाधिकारी को यह अधिकार दिए गए हैं कि सरकारी भूमि को एनजीओ के माध्यम से गोशालाओं के प्रयोग में लाया जाए। पशुपालन मंत्री बहुगुणा का कहना हैं कि बेसहारा पशुओं के उद्धार के लिए अब शहरी विकास और पंचायती राज मंत्री भी मदद के लिए आगे आए हैं। कहा कि प्रदेश में निराश्रित जानवरों के उद्धार के लिए 82 करोड़ की योजना से कार्य शुरू किया गया है।
