सुर्खियों में रहने को वरुण धवन का नया पैंतरा..
एजेंसी का दावा मिला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार..
देश-विदेश: हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे अभिनेता वरुण धवन को यहां मुंबई में हुए एक पुरस्कार समारोह में ‘क्रिटिक्स च्वाइस बेस्ट एक्टर’ अवार्ड मिला और इसे हाथ में लहराकर वह काफी खुश भी नजर आए।पुरस्कार समारोह का पूरा नाम है, दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स 2023 और इस पुरस्कार समारोह में रणबीर कपूर से लेकर रेखा तक तमाम सितारों के नाम स्टेज से पुकारे गए।
पुरस्कार समारोह के अगले दिन मंगलवार को वरुण धवन की टीम की तरफ से उनकी फोटो के साथ जो रिलीज जारी की गई है, उसमें इस पुरस्कार समारोह का पूरा नाम जानबूझकर नहीं लिखा गया और ये जताने की कोशिश की गई है कि वरुण धवन ने दादा साहेब फाल्के पुरस्कार जीत लिया है।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार देश में सिनेमा का सबसे बड़ा राष्ट्रीय सम्मान है जो हर साल किसी ऐसे शख्स को दिया जाता है जिसने सिनेमा की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया हो।वरुण धवन को ‘क्रिटिक्स च्वाइस बेस्ट एक्टर’ देने वाली संस्था ने ये पुरस्कार दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स के नाम से दिए हैं।
यहां गौरतलब है कि दादा साहेब फाल्के के नाम से एक पुरस्कार भारत सरकार हर साल सिनेमा की किसी ऐसी शख्सीयत को देती है जो किवदंती बन चुका हो। सबसे बड़े राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार यानी दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से मिलते जुलते पुरस्कार मुंबई में कई संस्थाएं दादा साहेब फाल्के के नाम से देती रही हैं। इन्हीं में से एक संस्था दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स के नाम से कई साल से पुरस्कार देती रही है। हालांकि पुरस्कार पाने वाले अधिकतर कलाकार या तकनीशियन इस समारोह में पहुंचते नहीं हैं।
दादा साहब फाल्के के नाती चंद्रशेखर पुसालकर बताते हैं, ‘मुझे मुंबई में बंटने वाले दादा साहेब फाल्के अवार्ड्स में खास मेहमान के तौर पर लोगों ने खूब आमंत्रित किया। मैने देखा कि लोग पैसे लेकर ऐसे लोगो को अवार्ड दे रहे है जो उस काबिल नहीं। उसी के बाद से मैने ऐसे किसी भी अवार्ड समारोह में जाना बंद कर दिया।
आपको जानकर हैरानी होगी कि एक बार मराठी की एक मशहूर अभिनेत्री का मेरे पास फोन आया कि अमेरिका में उनसे कोई दादा साहेब फाल्के अवार्ड का आयोजक मिला है और अवार्ड के लिए दस लाख की मांग कर रहा है। मैं तो यह सुनकर भौचक्का रह गया और बहुत दुखी हुआ।’
दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स 2023 का आयोजन मुंबई के एक पंचसितारा होटल में हुआ। तमाम कंपनियां इसमें प्रायोजक के तौर पर हर साल जुड़ती भी हैं। इस साल के पुरस्कार समारोह में हिंदी सिनेमा के सितारों में जिन प्रमुख सितारों ने हिस्सा लिया उनमें वरुण धवन के अलावा आलिया भट्ट और आर बाल्की शामिल हैं। इन सितारों का प्रचार कार्य भी वही एजेंसी देखती है जिसने मंगलवार की सुबह वरुण धवन के ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ जीत लेने को लेकर सूचना जारी की।
किसी भी पुरस्कार की गुणवत्ता, प्रतिष्ठा और उसका महत्व पुरस्कार समारोह में रेड कारपेट पर दिखे सितारों से तय होता है। दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स 2023 में रोनित रॉय और श्रेयस तलपडे ही दिखे। रेखा और हरिहरन को इस समारोह में सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मोहित चौहान ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के मनोरंजन के लिए अपनी प्रस्तुति भी दी।
हरिद्वार और देहरादून में छात्रवृत्ति की 50 फीसदी रकम डकार गए घोटालेबाज..
उत्तराखंड: शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर अधिकारी हरिद्वार और देहरादून जिलों से जारी छात्रवृत्ति की रकम में से 50 फीसदी का गबन कर गए। इन दोनों जिलों से करीब 200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति शिक्षण संस्थानों को भेजी गई थी। इसमें से 100 करोड़ रुपये अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों ने तमाम तिकड़म लगाते हुए खुद के प्रयोग में ले लिए।
आपको बता दे कि शुरुआत में यह घोटाला 400 करोड़ रुपये का बताया जा रहा था। इसके लिए कुमाऊं और गढ़वाल में जांच टीम लगाई थी। हरिद्वार और देहरादून के कॉलेजों की जांच के लिए एसआईटी हरिद्वार में बनाई गई थी। एसआईटी ने पाया कि दोनों जिलों से देहरादून, हरिद्वार, सहारनपुर, मेरठ आदि शहरों के करीब 150 शिक्षण संस्थानों को उत्तराखंड के छात्रों के लिए 200 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति जारी की थी। एसआईटी के अनुसार, जब इसका सत्यापन किया गया तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आई थीं। अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों ने कई तरीके अपनाते हुए इसमें से 100 करोड़ रुपये का गबन कर डाला।
इस मामले में समाज कल्याण विभाग के बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से कई को जमानत मिल चुकी है। वर्तमान में कई अधिकारी बहाल होकर शासन में उच्च पदों पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि एसआईटी के रडार पर अब भी कई अधिकारी हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति का एसआईटी इंतजार कर रही है।
उत्तराखंड के गांव सड़क मार्ग से जुड़े, बढ़ रहे रोजगार के अवसर..
उत्तराखंड: रोजगार मेले के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि आज जैसे-जैसे उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्र सड़क, रेल और इंटरनेट से जुड़े हैं, वैसे वैसे पर्यटन भी बढ़ रहा है। पर्यटन मानचित्र को नए स्थलों के साथ अद्यतन किया जा रहा है। इससे उत्तराखंड के युवाओं को अब उसी क्षेत्र में रोजगार मिल पा रहा है, जिसके लिए उन्हें पहले बड़े शहरों का का रुख करते थे।
प्रधानमंत्री मोदी का कहना हैं कि उत्तराखंड को इस समय अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में इतना बड़ा निवेश मिल रहा है कि दूर-दूर तक आना-जाना आसान होने के साथ-साथ रोजगार की नई संभावनाएं भी पैदा हो रही हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में देश भर के हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र भेजे हैं। केंद्र सरकार पहाड़ों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मुहैया कराने के लिए लगातार काम कर रही है केंद्र सरकार का निरंतर यह प्रयास रहा है कि पहाड़ में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनाए जाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तराखंड के रोजगार मेले में पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड में इस संकल्प को जमीन पर उतारने का दायित्व आप जैसे मेरे युवा साथियों के कंधों पर है। केंद्र सरकार हो या उत्तराखंड की भाजपा सरकार हो हमारा यह निरंतर प्रयास है कि हर युवा को उसकी रुचि, योग्यता के अनुसार नए अवसर मिलें। सभी को आगे बढ़ने का उचित माध्यम मिले। अपने सेवा भाव से आपको राज्य और राष्ट्र में विकास और विश्वास के प्रयासों में अपना भरपूर योगदान देना है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से भारत के युवाओं को नई सदी के लिए तैयार करने का संकल्प आज देश ने लिया है।
यात्रा में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण देने के दिए निर्देश..
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने को लेकर बद्री-केदार मंदिर समिति अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय पर केदारनाथ यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली जांए। जो गलतियां पिछले यात्रा सीजन में रह गई हैं, उन गलतियों को सुधारा जाए। जिससे देश-विदेश से यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष ने कहा कि केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफल संचालन के लिए जिस स्तर से व्यवस्थाएं एवं तैयारियां की जानी है, वह सभी व्यवस्थाएं 15 अप्रैल से पूर्व ही पूरी कर ली जांए।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ हटाने का कार्य त्वरित गति से शुरू किया जाए और जहां पर भी मार्ग क्षतिग्रस्त है, उसका मरम्मत कार्य शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं को संपादित करने के लिए तैनात किए जाने वाले सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि यात्रा व्यवस्थाओं को संचालित करने में किसी प्रकार की काई परेशानी न हो। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को संचालित करने में काफी परेशानी होती है, इसके लिए उचित पार्किंग एवं यातायात प्लान तैयार किया जाए।
उन्होंने केदारनाथ धाम सहित यात्रा मार्ग में उचित स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ-सफाई व्यवस्था, पर्याप्त शौचालयों की व्यवस्था तथा संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के लिए उचित पानी की व्यवस्था और यात्रा मार्ग में विद्युत सहित अन्य सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त रखने के भी निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अध्यक्ष को बताया कि केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन के लिए तैनात किए गए अधिकारियों एवं कार्मिकों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है और उन्हें सौंपे गए दायित्वों एवं कार्यों के बारे में पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि यात्रा व्यवस्था में किसी प्रकार की कोई समस्या न आने पाए।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग को सुचारू करने के लिए बर्फ हटवाने का कार्य सोमवार से ही शुरू किया जायेगा तथा यात्रा मार्ग में जिन स्थानों में वर्तमान में बर्फ नहीं है उस क्षेत्र के क्षतिग्रस्त मार्ग को ठीक कराने के निर्देश डीडीएमए को दिए गए हैं। उन्होेंने यह भी बताया कि यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो तथा बीमार व कमजोर घोड़े-खच्चरों का किसी भी दशा में संचालन न किया जाए। इसकी निगरानी के लिए 20 पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है। जिन्हें उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए यात्रा मार्ग में घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए विभिन्न यात्रा पड़ावों में तैनात किए जाएंगे।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एचसीएस मार्तोलिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, मंदिर समिति से आरसी तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष गीता झिंक्वाण, अध्यक्ष नगर पंचायत अगस्त्यमुनि अरुणा बेंजवाल, तिलवाड़ा संजू जगवाण सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
18 मार्च तक गैरसैंण में होगा बजट सत्र,कैबिनेट की बैठक में हुआ फैसला..
उत्तराखंड: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में स्थित विधानसभा में 13 मार्च से 18 मार्च तक बजट सत्र की मेजबानी की जाएगी। कैबिनेट में यह फैसला किया गया। मार्च 2021 को कोविड काल के बाद सरकार ने गैरसैंण में बजट सत्र आयोजित किया था। 2022 के विधानसभा के कारण वहां बजट सत्र नहीं हो पाया था।
नई सरकार के गठन के बाद जून 2022 में बजट सत्र देहरादून विधानसभा में आयोजित किया गया। सरकार ने बजट सत्र को गैरसैंण में न कराने की पीछे चारधाम यात्रा को भी कारण बताया था। गैरसैंण में बजट सत्र नहीं कराने पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की थी।
उसके बाद दिसम्बर 2022 में शीतकालीन सत्र भी देहरादून में आयोजित किया गया। सरकार के निर्णय के अनुसार बजट सत्र अब गैरसैंण में होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। सरकार ने बजट सत्र छह दिन चलाने का निर्णय लिया है।
अजीत डोभाल के पहुंचते ही छात्र हुए उत्साहित, 48 पदकों पर बेटियों का कब्जा..
उत्तराखंड: एनएसए अजीत डोभाल पंतनगर विश्वविद्यालय के 34 में दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे। उनके पहुंचते ही यहां छात्रों में भारी उत्साह नजर आया। समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह सहित कृषि मंत्री गणेश जोशी, डीजी आईसीएआर डाॅ हिमांशु पाठक व डेयर सचिव भी पहुंचे हैं। पंतनगर विश्वविद्यालय के 34वें दीक्षांत समारोह में गुरुवार को विद्वत शोभा यात्रा दीक्षांत पंडाल में शामिल हुई। शोभा यात्रा में विश्वविद्यालय के लगभग 400 शिक्षकों ने भाग लिया।
शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 और 2021-2022 के लिए दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 2503 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 1269 स्नातक छात्र, 963 स्नातक छात्र और 271 पीएचडी उम्मीदवार शामिल हैं। साथ ही 26 स्वर्ण पदक, 22 रजत पदक और 22 कांस्य पदक सहित विभिन्न अवार्ड भी प्रदान किए गए। इस बार फिर छात्राओं ने बाजी मारी है। 70 में से 48 पदकों पर छात्राओं ने कब्जा किया। वेटरिनरी स्नातक रोशनी व कृषि स्नातक सुरवि को कुलाधिपति स्वर्ण पदक मिला।
जारी हुआ धर्मेंद्र का पहला लुक, सूफी संत शेख सलीम चिश्ती के किरदार में खूब जचे अभिनेता..
देश-विदेश: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र वेब सीरीज ‘ताज डिवाइडेड बाय ब्लड’ के साथ अपने डिजिटल डेब्यू के लिए तैयार हैं। जी5 पर प्रीमियर होने वाली इस सीरीज की घोषणा 14 फरवरी को जायंट स्ट्रीमर द्वारा की गई थी। यह सीरीज एक पीरियड ड्रामा है, जिसमें मुगल साम्राज्य से जुड़ी चीजों को दर्शाया जाएगा। इस सीरीज से दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने आज अपना लुक साझा कर दिया है, जिसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं।
‘ताज डिवाइडेड बाय ब्लड’ में धर्मेंद्र के अलावा नसीरुद्दीन शाह, अदिति राव हैदरी, शुभम कुमार मेहरा, आशिम गुलाटी सहित कई सितारे मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। सीरीज में अनारकली की भूमिका में अदिति राव हैदरी, सलीम की भूमिका में आशिम गुलाटी और जोधा बाई की भूमिका में संध्या मृदुल नजर आएंगी। वहीं, आज अभिनेता ने सूफी संत शेख सलीम चिश्ती के किरदार में अपने पहले लुक को फैंस के साथ साझा कर उन्हें चौंका दिया।
‘ताज डिवाइडेड बाय ब्लड’ से अभिनेता के दो लुक शेयर हुए हैं। पहली तस्वीर में उन्हें लाल रंग की सूफी संत कॉस्टयूम पहनी हुई है और साथ में उनकी सफेद बढ़ी हुई दाढ़ी है। धर्मेंद्र ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, ‘दोस्तों मैं ताज में शेख सलीम चिश्ती का किरदार निभा रहा हूं,जो एक सूफी संत थे। मेरा छोटा और बहुत ही महत्वपूर्ण किरदार है। आप सबकी शुभकामनाएं चाहिए।’ इसके अलावा उन्होंने एक और लुक शेयर किया, जिसमें वह कुर्सी पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं।
रोनाल्ड स्कैल्पेलो के निर्देशन में बनी ‘ताज डिवाइडेड बाय ब्लड’ की कहानी साइमन फैंटाजो ने लिखी है। बता दें कि यह सीरीज अकबर के शासन काल के बारे में है जो अपनी भव्य विरासत के लिए एक उत्तराधिकारी की तलाश में है। यह जल्द ही जी5 पर आने वाली है।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने महिला क्षैतिज आरक्षण को दी चुनौती..
उत्तराखंड: प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में महिलाओं को सार्वजनिक रोजगार में 30% क्षैतिज आरक्षण देने का विधेयक पास करने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद राज्य सरकार से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पीसीएस परीक्षा का परिणाम इस याचिका के अंतिम फैसले के अधीन होगा। अगली सुनवाई 4 जुलाई को होनी है।
उत्तर प्रदेश निवासी आलिया ने उत्तराखंड सरकार की ओर से राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण देने सबंधी अधिनियम को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कहा है कि वह उत्तराखंड की स्थाई निवासी नहीं है और उत्तराखंड अपर पीसीएस परीक्षा 2021 में उत्तराखंड की अभ्यर्थियों से अधिक अंक लाने के बाद भी अनुत्तीर्ण हो गई।
सरकार के वर्ष 2006 के उस आदेश पर हाईकोर्ट की ओर से 24 अगस्त 2022 को रोक लगा दी गई थी। इसके बाद याचिकाकर्ता को पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए चुना गया। लेकिन 10 जनवरी 2023 को राज्य सरकार ने राज्य की महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण देने का विधेयक पारित किया गया। जिसके बाद याची को पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिये अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया।
अधिनियम संविधान का उल्लंघन
याचिकाकर्ता के वकील डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता का कहना हैं कि याचिका में न्यायालय के समक्ष दलील दी गई है कि उत्तराखंड राज्य के पास डोमिसाइल आधारित महिला आरक्षण प्रदान करने के लिए ऐसा कानून बनाने की कोई विधायी अधिकार नहीं है। इस कानून का मकसद हाई कोर्ट के उस आदेश को पलटना है, जो वैधानिक नहीं है। भारतीय संविधान ऐसे आचरण की मनाही करता है। यह अधिनियम भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है।
सीरुद्दीन शाह की मुगलिया कहानी में धमाकेदार एंट्री..
धर्मेंद्र भूल गए उनकी तारीफ करना..
देश-विदेश: जी फाइव की नई सीरीज ‘ताज – डिवाइडेड बाय ब्लड’ के जरिए काफी लंबे समय के बाद धर्मेंद्र और नसीरुद्दीन शाह साथ दिखाई देंगे। सोमवार को इस शो की घोषणा मुंबई के सबसे लोकप्रिय हैंग आउट स्पॉट पर 40 फीट के लोगो स्ट्रक्चर को आग के हवाले करके इसका अनावरण किया गया जिससे देखकर दर्शक दंग रह गए और उत्साहित हो गए।
जल्द ही यह सीरीज जी फाइव पर स्ट्रीम होगी। सीरीज की घोषणा के दौरान धर्मेंद्र ने कहा, ‘रास्ते भर यही सोचता आ रहा था कि आज नसीरुद्दीन शाह के बारे में बात करूंगा, लेकिन भूल गया, उस गुस्ताखी के लिए माफी चाहूंगा।
बता दे कि सीरीज की घोषणा के दौरान नसीरुद्दीन शाह किसी कारणवश नहीं आ सके। बातचीत का सिलसिला धर्मेंद्र से ही शुरू हुआ और बातों बातों में नसीरुद्दीन शाह का जिक्र करना वह भूल गए।
बारी बारी से जब सभी कलाकारों की बात खत्म हो गई तो धर्मेंद्र ने एक बार फिर माइक उठाया और बोले, ‘गुस्ताखी माफ, रास्ते भर यही सोचते आ रहा था कि आज नसीरुद्दीन शाह के बारे में बात करूंगा,लेकिन भूल गया। हमने साथ में कुछ फिल्में की हैं। वह बहुत अच्छे कलाकार हैं, ‘ताज – डिवाइडेड बाय ब्लड’ में भी अब तक तीन चार सीन शूट कर चुका हूं।
धर्मेंद्र और नसीरुद्दीन शाह एक साथ ‘गुलामी’ और ‘तहलका’ जैसी फिल्में कर चुके हैं। ‘ताज – डिवाइडेड बाय ब्लड’ में नसीरुद्दीन शाह बादशाह अकबर और धर्मेंद्र शेख सलीम चिश्ती का किरदार निभा रहे हैं।
सीरीज में अनारकली की भूमिका अदिति राव हैदरी, सलीम की भूमिका आशिम गुलाटी और जोधा बाई की भूमिका संध्या मृदुल निभा रही हैं। इस शो की लांचिंग के दौरान अदिति राव हैदरी और संध्या मृदुल ने धर्मेंद्र को गुलाब का फूल देकर एक दिन पहले ही वैलेन्टाइन्स डे भी मना लिया।
यह सीरीज अकबर के शासन काल के बारे में है जो अपनी भव्य विरासत के लिए एक योग्य उत्तराधिकारी की तलाश कर रहा है। यह सीरीज इस महान राजवंश की सुंदरता, क्रूरता, कला, कविता और वास्तुकला के प्रति उनके जुनून को प्रदर्शित करने वाली पीढ़ियों के उत्थान और पतन को नाटक के रूप में दिखाती है, लेकिन साथ ही साथ अपने परिवार के संबंध में उल्लेखनीय रूप से बिना किसी विचार के लिए गए फैसलों के बारे में भी बताती है।
केदारनाथ जाने का पारंपरिक मार्ग फिर से शुरू होगा..
उत्तराखंड: केदारनाथ के परंपरागत मार्ग को दोबारा शुरू करने की उम्मीद जगी है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने रास्ते के निर्माण के लिए चिन्हित क्षेत्र का सर्वेक्षण कर केंद्र सरकार को भेज दिया है। स्वीकृति के बाद जमीन का हस्तांतरण होगा। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो पारंपरिक रास्ते पर निर्माण यात्रा सीजन के दौरान शुरू हो जाएगा।
आपदा के बाद 2016 से केदारनाथ यात्रा को प्रतिवर्ष नया आयाम मिल रहा है। यात्रा में वृद्धि के कारण पारंपरिक मार्ग को पुनर्जीवितकरने के लिए बीते तीन वर्ष से प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। केदारनाथ के वन्य जीवों के भू-सर्वेक्षण का प्रस्ताव राज्य स्तरीय स्वीकृति मिलने के बाद अब शासन को भेजा गया है।
अगले दो महीनों में इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है। वन भूमि के हस्तानांतरण के बाद स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से रास्ता निर्माण की कार्रवाई की जाएगी। इस रास्ते के पुनर्जीवित होने से केदारनाथ की पैदल यात्रा भी आसान हो जाएगी। अधिकारियों की मानें तो आने वाले वर्षों में परंपरागत रास्ते के अस्तित्व में आने पर यात्राकाल में घोड़ा-खच्चरों का संचालन इसी रास्ते से कराया जाएगा।
आपदा में ध्वस्त हो गया था पैदल मार्ग
आपदा में गौरीकुंड-रामबाड़ा-केदारनाथ पैदल मार्ग रामबाड़ा से केदारनाथ तक कई जगहों पर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। मार्च 2014 में मंदाकिनी नदी के दाहिनी ओर रामबाड़ा से केदारनाथ तक एक नया रास्ता बनाया गया, जिस पर वर्तमान में यात्रा संचालन हो रही है। मार्ग पर जहां रामबाड़ा से लिनचोली तक तीखे मोड़ व चढ़ाई है वहीं यह पूरा क्षेत्र एवलांच जोन है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ इंद्र सिंह नेगी का कहना हैं कि पारंपरिक मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए भू- सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। साथ ही प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। उम्मीद है कि अप्रैल तक स्वीकृति मिल जाएगी।
पीएम मोदी की तपस्थली फिर होगी गुलजार..
आपको बता दे कि परंपरागत रास्ता बनने से पीएम मोदी की तपस्थली गरूड़चट्टी दो तरफा जुड़ जाएगा। साथ ही यात्राकाल में यहां काफी संख्या में यात्री रात्रि विश्राम भी कर सकेंगे। केदारनाथ से गरूड़चट्टी को जोड़ने के लिए बीते वर्ष मंदाकिनी नदी पर स्टील गार्डर पुल बनकर तैयार हो चुका है।
