राष्ट्रीय युवा महोत्सव में शामिल होंगे 30 हजार युवा..
देश-विदेश: केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का कहना हैं कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव के उद्घाटन समारोह में देशभर से तीस हजार से अधिक युवा शामिल होंगे। स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा उत्सव आयोजित किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक के हुबली में 12 जनवरी से शुरू होने वाले राष्ट्रीय युवा उत्सव का उद्घाटन करेंगे। महोत्सव 16 जनवरी तक चलेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस दौरान कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
उनका कहना हैं कि देश स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना रहा है। हमें उम्मीद है कि सशक्त होने के साथ ही युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ठाकुर ने कहा कि भारत के पांच पारंपरिक खेल जैसे, मलखम, योगासन, कलारेपट्टू, थंगटा और गटका को महोत्सव में शामिल किया जाएगा, ताकि लोगों को उनके बारे में पता चल सके और वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल बन सकें।
1984 में राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित..
भारत सरकार ने वर्ष 1984 में इस दिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया था। 1985 से प्रति वर्ष देश 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहा है। स्वामी विवेकानंद के भाषण, उनकी शिक्षाएं और उद्धरण हमेशा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। युवा दिवस की थीम, महत्व, भारत में कार्यक्रमों की समय-सारणी यहां देखी जा सकती है।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन हर साल हमारे प्रतिभाशाली युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति का विश्व बंधुत्व का संदेश प्रदान करने के लिए किया जाता है। यह देश के सभी हिस्सों से विविध संस्कृतियों को एक साझा मंच पर लाता है और प्रतिभागियों को एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना से जोड़ता है। इस वर्ष यह महोत्सव 12 जनवरी से 16 जनवरी तक कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ में आयोजित किया जा रहा है, जिसकी थीम “विकसित युवा – विकसित भारत” है। यह दिन देश के युवाओं के लिए मनाया जाता है, और उन्हें विवेकानंद के विचारों और दर्शन को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह भारत का 26वां राष्ट्रीय युवा महोत्सव होगा।
जोशीमठ के बाद अलीगढ में भी आयी दरारे..
उत्तराखंड: जोशीमठ कस्बे पर इस वक़्त बड़ा संकट मंडरा रहा है, 723 मकानों में दरार की वजह से हजारों परिवार संकट में है।लेकिन इसी बीच खबर आ रही हैं कि यूपी के अलीगढ़ में भी कई घरों में दरार आयी हैं। जिसकी वजह से लोगों में दहशत है।जोशीमठ के बारे में कहा जा रहा है कि भूंकपीय जोन में अनियंत्रित विकास का सामना वहां के लोग कर रहे हैं। मकानों में दरार के लिए एनटीपीसी की सुरंग को भी जिम्मेदार बताया जा रहा हैं। लेकिन अलीगढ़ के घरों में दरार का कारण क्या है? अलीगढ़ के जिन मकानों के घरों में दरारें आ गई हैं, वहां के निवासियों का कहना हैं कि स्मार्ट सिटी के निर्माण के लिए किए जा रहे उत्खनन कार्य किये जा रहे हैं। उसकी वजह से मकानों में दरारें आई हैं। बता दे कि इसके साथ ही उत्तराखंड के कर्णप्रयाग शहर में आवासों में दरारें आ रही हैं।
कावरीगंज इलाके में मकानों में दरार
आपको बता दे कि अलीगढ़ के कांवरीगंज इलाके में पांच घरों में दरारें आ गई हैं, जिससे उत्तराखंड के जोशीमठ के निवासियों को संभावित जमीन धंसने की चिंता है। पावन नगरी जोशीमठ में इस भीषण सर्दी के कारण सैकड़ों परिवार बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। पिछले कई दिनों से हमारे कुछ घरों में दरारें आ गई हैं जिससे हम दहशत में जी रहे हैं। हालांकि इसकी शिकायत भी की जा चुकी है लेकिन नगर निगम के अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और केवल आश्वासन दे रहे हैं। हमें डर है कि घर गिर सकते हैं।
स्मार्ट सिटी अभियान को दोष
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के हिस्से के रूप में स्थापित पाइपलाइन पहले ही लीक कर रही हैं। जिससे और दरारें आ रही हैं। करीब चार दिन हो गए हैं। हमने संबंधित विभागों को सूचित कर दिया है, लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं दी गई है। हमें आतंक में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा हैं। मकानों में आई दरारों का संज्ञान लेते हुए नगर निकाय की टीम रात में बुलडोजर लेकर पहुंची। मुख्य अभियंता सतीश चंद्र ने सुरक्षा चिंताओं को लेकर प्रभावित घरों को तुरंत खाली करने को कहा।
शुरू हुआ अग्निवीरों का प्रशिक्षण, चेहरे पर दिखा देश सेवा का जज्बा..
उत्तराखंड: देश में पहली बार सेना की अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए 796 अग्निवीरों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। कुमाऊं रेजीमेंट सेंटर के ऐतिहासिक सोमनाथ मैदान में एक जनवरी से पहले बैच का प्रशिक्षण चल रहा है। अग्निवीरों को भी पहले की रिक्रूटों की भांति प्रशिक्षण दिया जा रहा है लेकिन प्रशिक्षण की अवधि नौ से घटाकर छह महीने कर दी गई है।
मंगलवार को केआरसी कमांडेंट ब्रिगेडियर आईएस सम्याल ने प्रशिक्षण का जायजा लिया। सैन्य अधिकारियों ने पत्रकारों को विभिन्न प्रशिक्षण सुविधाओं स्थलों का निरीक्षण कराया। अग्निवीरों को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण, एथलेटिक निर्देश और हथियारों के उपयोग से जुड़े अभ्यास प्राप्त करते हैं। हालांकि कुछ बदलाव के साथ अग्निवीरों को भी पहले के रिक्रूटों की तरह ही प्रशिक्षित किया जा रहा है।
बटालियन कमांडर कर्नल विक्रमजीत सिंह ने फायरिंग की नई तकनीक, अग्निवीरों के रहन-सहन की परिस्थितियों और अन्य विषयों पर बात की। उनका कहना हैं कि अग्निवीरों के पहले बैच ने 25 से 31 दिसंबर के बीच विभिन्न भर्ती कार्यालयों से यहां केआरसी में उपस्थिति दर्ज कराई। पहले बैच के अग्निवीरों को सेना के कुशल प्रशिक्षक ड्रिल, फिजिकल, फायरिंग, कमांडो ट्रेनिंग दे रहे हैं। बता दे कि प्रशिक्षण के दौरान रिक्रूटों के चेहरे पर देश सेवा का जज्बा भी साफ देखा जा रहा था। एक हफ्ते के प्रशिक्षण के बाद ही रिक्रूटों में काफी बदलाव देखने के लिए मिला।
दूसरा बैच मार्च में लेगा प्रशिक्षण : कमांडेंट साम्याल..
केआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर आईएस साम्याल का कहना हैं कि इस साल कुल 1,150 अग्निवीरों को प्रशिक्षण लेना है जबकि पहले बैच में 796 रिक्रूटों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नई तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण देने के प्रयास चल रहे हैं। मार्च में दूसरे बैच का प्रशिक्षण शुरू होगा। प्रशिक्षण के बाद अग्निवीरों को उनकी इकाइयों में भेजा जाएगा।
CS ने मोबाइल टावर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के दिए निर्देश..
उत्तराखंड: जिन स्थानों पर प्रभावित परिवारों को रखा गया है, उन स्थानों पर उनके रहने खाने की उचित व्यवस्था हो। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि प्रभावित नागरिकों एवं शासन प्रशासन के मध्य किसी प्रकार का संवादहीनता न हो। उच्चाधिकारी भी लगातार प्रभावित परिवारों के संपर्क रहें, और परिस्थितियों पर नजर बनाए रखें। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-धंसाव के कारण मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हो सकता है। मोबाइल टावर अन्यत्र सुरक्षित स्थान में शिफ्ट कर अथवा नए टावर लगाकर संचार व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।
उनका कहना हैं कि स्थानीय लोगों को साथ लेकर एक आकलन समिति बनाई जाए। प्रतिदिन पूरे क्षेत्र में टीम भेज कर निरीक्षण करवाया जाए कि पिछले 24 घंटे में क्षेत्र में किस प्रकार का और कितना परिवर्तन हुआ हुआ है। जो भवन अधिक प्रभावित हैं उन्हें प्राथमिकता पर ध्वस्त किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोशीमठ से सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, अरविंद सिंह ह्यांकी, डॉ. रंजीत सिन्हा एवं बृजेश कुमार संत सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त गढ़वाल सुशील कुमार एवं जिलाधिकारी चमोली हिमांशु खुराना सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
ड्रेनेज और सीवरेज प्लान पर काम शुरू करें..
जोशीमठ के स्थिर क्षेत्र के लिए ड्रेनेज और सीवेज प्लान पर भी काम शुरू किया जाए। भवनों को ध्वस्त करने में विशेषज्ञों का सहयोग लिया जाए ताकि ध्वस्तीकरण में कोई अन्य हानि न हो। साथ ही, कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव मोड पर रखा जाए और आमजन को किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए प्रचार किया जाए।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से जोशीमठ में भू-धंसाव की स्थिति की जानकारी ली। उनका कहना हैं कि भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सबसे अहम है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रभावितों के अस्थायी पुनर्वास का उचित प्रबंध किया जाए। सीएम ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह से मुलाकात की। सीएम ने जोशीमठ में भू-धंसाव क्षेत्र में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। कहा, नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावितों की सुरक्षा एवं पुनर्वास के लिए तात्कालिक एवं दीर्घकालिक कार्य योजना पर काम किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा, प्रभावित हुए लोगों को ठंड एवं खराब मौसम में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इससे पहले राज्यपाल से मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने भी मुलाकात कर जोशीमठ में भू-धंसाव क्षेत्र में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि राहत और बचाव से जुड़ी सभी एजेंसियों का समन्वय सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस दौरान राज्यपाल ने मुख्य सचिव से अन्य कई विषयों पर भी वार्ता की।
प्रदेश में मिला नए वैरियंट का पहला मरीज, देहरादून के युवक में हुई पुष्टि..
उत्तराखंड: अमेरिका में कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार एक्सवीवी 1.5 स्ट्रेन का एक नया मामला उत्तराखंड में पाया गया है। अमेरिका से लौटे देहरादून के एक युवक का दिल्ली एयरपोर्ट पर एहतियात के तौर पर सैंपल लिया गया है। जो जांच में कोरोना संक्रमित पाया गया था। युवक के सैंपल की देहरादून में जिनोम सीक्वेंसिंग की गई जिसमें एक्स बी बी 1.5 वैरियंट की पुष्टि हुई है। युवक में कोरोना से संबंधित किसी तरह की कोई लक्षण भी नहीं दिखाई देते थे। राज्य कोविड कंट्रोल रूम के नोडल अधिकारी डॉ पंकज सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
भारतीय सार्स कोच-2 जिनोनिकी संगठन (इसाकोग) के अनुसार अब देश में वायरस के इस वेरिएंट से संबंधित मामलों की कुल संख्या आठ हो गई है। इसाकोग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में स्ट्रेन का नया मामला उत्तराखंड में मिला है। इससे पहले गुजरात में तीन, कर्नाटक, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में एक-एक मामले मिले थे। एक्सबीबी 1.5 स्ट्रेन, ओमिक्रॉन एक्सबीबी वेरिएंट का रिश्तेदार है. जोकि ऑमिक्रॉन चीए 2.10.1 और बीए 2.75 का मिलाजुला रूप है।
एक्सवीची और एक्सबाबी 1.5 का संयुक्त रूप अमेरिका में कोविड मामलों में 44 प्रतिशत वृद्धि के लिए जिम्मेदार है। वहीं, उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कमार का कहना है कि प्रदेश में अभी तक नए वैरिएट का कोई मामला सामने नहीं आया है। 30 दिसंबर से अब तक के मरीजों की जीनोम सीक्वसिंग चल रही है।
जोशीमठ की तत्काल सुनवाई से SC का इनकार, अदालत ने कहा- हर मामले में यहां आना जरूरी नहीं..
उत्तराखंड: सुप्रीम कोर्ट ने जोशीमठ मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने इसपर सुनवाई के लिए अब 16 जनवरी की अगली तारीख दी है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर मामले में शीर्ष अदालत आने की जरूरत नहीं है। इस पर लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित संस्थाएं काम कर रही हैं। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। आपको बता दें कि याचिकाकर्ता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शीर्ष अदालत में अपील करते हुए कहा था कि मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है और इस संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। जिस पर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने मंगलवार यानी आज की तारीख दी थी लेकिन अब अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।
याचिकाकर्ता ने दी थी ये दलील
याचिकाकर्ता का कहना था कि जोशीमठ में आज जो भी हो रहा है वह खनन, बड़ी-बड़ी परियोजनाओं का निर्माण और उसके लिए किए जा रहे ब्लास्ट के चलते हो रहा है। यह बड़ी आपदा का संकेत है। कहा कि नगर में लंबे समय से भू-धंसाव हो रहा है। लोग इसको लेकर आवाज उठाते आ रहे हैं लेकिन सरकार की ओर से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इसका खामियाजा आज एक एतिहासिक, पौराणिक व सांस्कृतिक नगर और वहां रहने वाले लोग झेल रहे हैं।
जोशीमठ शहर में असुरक्षित भवनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक कुल 678 भवन चिह्नित किए जा चुके हैं। सीबीआरआई की टीम ने सोमवार को मलारी इन और माउंट व्यू होटल का सर्वे किया था। आज इन दोनों होटलों से भवनों को ढहाने की शुरुआत होगी। इन होटलों को अत्यधिक क्षति पहुंची है।
सीएम ने की उत्तराखण्ड व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने भेंट..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में उत्तराखण्ड व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने भेंट की। इस अवसर पर यूनाइटेड दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन उत्तराखण्ड के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने टीम को ओडिशा में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता जीतने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और सम्मानित किया।
उनका कहना हैं कि दिव्यांग क्रिकेट टीम की सफलता से राज्य का मान तो बढ़ा ही, साथ ही इससे समाज में दिव्यांग जनों को प्रेरणा भी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों को खेलों की मुख्यधारा से जोड़ने के लिये समेकित प्रयासों की जरूरत बताते हुए यूनाइटेड दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर विधायक सुरेश गड़िया, क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेश शाह, उपाध्यक्ष विजय रमोला, सचिव उपेन्द्र पंवार, टीम के कप्तान धन सिंह, उपकप्तान धनवीर सिंह एवं अन्य खिलाड़ी उपस्थित रहे।
जोशीमठ भू-धंसाव को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग..
सुप्रीम कोर्ट में कल सूचीबद्ध होगा मामला..
उत्तराखंड: जोशीमठ भू-धंसाव मामले में याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्पक्षेप की मांग की है। याचिकाकर्ता ने अपील की है कि मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है और इस संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मामले की सुनवाई के लिए मंगलवार (10 जनवरी) को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। आपको बता दे कि जोशीमठ मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से याचिका दायर की गई थी। सोमवार को याचिकाकर्ता के वकील ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की, जिस पर मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा, उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद मंगलवार को फिर से याचिका उल्लेख करें। याचिका में दावा किया गया है कि यह जोशीमठ में भू-धंसाव बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण के कारण हुआ है और उन्होंने उत्तराखंड के लोगों को तत्काल वित्तीय सहायता और मुआवजे की मांग की है।
15 महार रेजिमेंट के पूर्व सैन्य अधिकारियों को सीएम धामी ने किया सम्मानित..
उत्तराखंड: सीएम धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्यमंत्री सेवक सदन में 15 महार रेजिमेंट के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में रेजिमेंट के पूर्व सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया। सीएम धामी का कहना हैं कि बाल्यकाल में जब वे अपने पिताजी से महार रेजिमेंट के सैनिकों की शौर्य गाथाओं को सुनते थे तो मन में उत्साह व उमंग की भावना पैदा होने लगती थी। यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें आप सभी वीर सैनिकों से मुलाकात का सुअवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर महार रेजिमेंट विविधता में एकता की भावना का बोध कराती है। वहीं इसका प्रत्येक सैनिक भारत की महान संस्कृति व गौरवशाली सैन्य परंपरा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। इस अवसर पर पूर्व सैन्य अधिकारी सु.मे. प्रद्युम्न सिंह, आ. कै. सूरज मणि, ओम नारायण, रोशन लाल, केदार सिंह सहित बड़ी संख्या में अन्य पूर्व सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
डेब्यू सीरीज से ही भुवन बाम ने ओटीटी पर मचाया गदर..
देश-विदेश: भुवन बाम यूट्यूब की दुनिया के बेताज बादशाह तो हैं हीं, साथ ही उन्होंने अपनी डेब्यू वेब सीरीज ‘ताजा खबर’ से ओटीटी पर भी तहलका मचा दिया है। फैंस एक बार फिर से उनकी परफॉरमेंस के कायल हो गए हैं और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। अपनी पहली ओटीटी वेब सीरीज ‘ताजा खबर’ को समय से पहले रिलीज करके वैसे ही फैंस को सरप्राइज कर दिया था और इसके बाद उनकी शानदार एक्टिंग ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया। तो चलिए जानते हैं कि भुवन बाम की ‘ताजा खबर’ के बारे में क्या है जनता की राय।
पहले हम आपको बता दें कि ‘ताज खबर’ 6 जनवरी यानी आज रिलीज होने वाली थी लेकिन इसे एक दिन पहले रात में ही रिलीज कर दिया गया, जिसकी जानकारी अभिनेता ने खुद सोशल मीडिया के जरिए दी। उनकी इस वेब सीरीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार था और भुवन बाम भी दर्शकों की उम्मीदों पर खरे उतरते दिख रहे हैं। तभी तो ट्विटर पर लोग जमकर तारीफ करते नजर आ रहे हैं। एक यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “भुवन बाम, द एक्टर- ताजा खबर एक दम कड़क, कहानी भुवन बाम के साथ। श्रिया पिलगांवकर ‘गिल्टी माइंड्स’ और मिर्जापुर के बाद इसमें भी स्वीकार हैं।
दर्शकों को ‘ताजा खबर’ की दिलचस्प कहानी तो पसंद आई ही है, इसके साथ ही वसंत गावड़े के किरदार में भुवन बाम ने छक्का जड़ दिया है। खुद के यूट्यूब चैनल पर तो भुवन ने फैंस को अपना कायल बनाया ही है साथ ही इस सीरीज में भी उनकी दमदार एक्टिंग ने फैंस का दिल जीत लिया। एक यूजर ने लिखा, “तीन एपिसोड पूरे कर चुका हूं, क्या स्टोरी और स्क्रीनप्ले है, भुवन बाम भाई आप अगले सुपरस्टार हैं, मेरे शब्दों को मार्क करके रख लें।” इसी तरह से दूसरे यूजर ने भी लिखा, “भुवन बाम आपके द्वारा ऐसी परफॉर्मेंस देखने लायक है, पावर पैक ‘ताजा खबर’ वसंत गावड़े…प्यार…ऐसा अमेजिंग एक्टर..जल्द ही अभिनय और प्रतिभा का बादशाह।
