टीजीटी के 5 हजार से ज्यादा पदों पर निकली भर्ती..
देश-विदेश: शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए डीएसएसएसबी टीजीटी भर्ती 2024 की कवायद शुरू हो गई है। डीएसएसएसबी टीजीटी भर्ती 2024 का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसके तहत पांच हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती होने है। जिसके लिए अगले माह से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार 8 फरवरी 2024 से अंतिम तिथि 8 मार्च 2024 तक आवेदन कर सकते है।
जानकारी के अनुसार टीजीटी के कुल 5118 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इस भर्ती के लिए अभ्यर्थी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से संबंधित विषय में ग्रेजुएट और बीएड किए होने चाहिए। इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तक रखी गई है। इस भर्ती के लिए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भारत सरकार के नियमों के मुताबिक आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी। वहीं चयन प्रक्रिया की बात करें तो उम्मीदवार का चयन लिखित एग्जाम, डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जाम के बाद किया जाएगा। वहीं बताया जा रहा है कि इस भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपए रखा गया है। जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पीडब्ल्यूडी, महिलाओं के लिए आवेदन निशुल्क रखा गया है।
उत्तराखंड में UCC को लेकर मिली बड़ी खबर..
उत्तराखंड: यूसीसी (समान नागरिक संहिता) को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान सामने आया है। सीएम धामी का कहना है कि ड्राफ्ट कमेटी ने अपना कार्य पूरा कर लिया है। आपको बता दें समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने वाली समिति का कार्यकाल 22 जनवरी को पूरा हो रहा है। सीएम धामी का कहना है कि ड्राफ्ट कमेटी ने अपना कार्य पूरा कर लिया है। कार्यकाल खत्म होने से पहले समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी। जिसके बाद यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा। बता दे कि इससे पहले सितम्बर माह 2023 में कमेटी का कार्यकाल पूरा हो रहा था। लेकिन समिति ने उस समय रिपोर्ट तैयार नहीं की थी। जिस वजह से धामी सरकार ने समिति के कार्यकाल को चार महीने के लिए बढ़ा दिया था। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इस वजह से सरकार के लिए इस समय सबसे अहम प्रदेश में यूसीसी लागू करना है। अब माना जा रहा है कि इस महीने के आखिर तक यूसीसी को लागू कर दिया जाएगा।
आज से शुरु हुआ राम मंदिर का अनुष्ठान, 11 यजमान 45 नियमों का करेंगे पालन..
उत्तराखंड: मकर सक्रांति पर्व से राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े अनुष्ठान, यम, नियम और संयम की भी शुरुआत हो जाएगी। आठ दिन तक सभी 11 यजमान 45 नियमों का पालन करते हुए कठिन तपस्या से गुजरेंगे। इसमें प्रायश्चित, गोदान, दशविध स्नान, प्रायश्चित क्षौर और पंचगव्यप्राशन भी किया जाएगा। इन नियमों का पालन करते हुए यजमान दंपती इस अनूठे धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न करने योग्य बनेंगे। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही यजमानों का संकल्प और अनुष्ठान भी पूरा होगा। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 11 दंपति बतौर यजमान शामिल होंगे। सोमवार को सूर्य की राशि परिवर्तन के साथ ही प्रथम स्नान कर सभी यजमान आठ दिवसीय अनुष्ठान का संकल्प लेंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सभी यजमानों को 45 विधि-विधान और नियमावली उपलब्ध कराई गई है।
आठ दिनों तक 45 नियमों का पालन..
जानकारी के अनुसार यजमानों को आठ दिनों तक 45 नियमों का सख्ती से पालन करने का संकल्प दिलाया जाएगा। नियमित पूजन, संध्या के साथ ही आहार-विहार सात्विक रखते हुए अनवरत राम-नाम का जप करना होगा। 22 जनवरी को 84 सेंकेड के अभिजीत मुहूर्त में होने वाले समारोह मे पूरी तरह से सनातनी व वैदिक परंपराओं का पालन होगा।
22 जनवरी को उत्तराखंड में नहीं खुलेंगी शराब की दुकानें- सीएम धामी ने दिए ये निर्देश..
उत्तराखंड: प्रदेश सरकार ने 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन प्रदेश में शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों को इस दिन ड्राइ डे घोषित करने के निर्देश दिए। उनका कहना हैं कि 14 से 22 जनवरी तक सांस्कृतिक उत्सव के तहत प्रदेश में भव्य आयोजन होंगे। इन कार्यक्रमों में जनभागीदारी होगी। राज्य सचिवालय में जिलाधिकारियों से वर्चुअल बैठक में सीएम ने सभी प्रमुख मंदिरों, घाटों, प्रतिष्ठानों, शहरों में बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कहा, यह कार्यक्रम केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रहे। इसमें महिला मंगल दल, युवक मंगल दल, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और आम जन की सहभागिता से दीपोत्सव, रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण, स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाएं। कहा, 22 जनवरी को सभी प्रमुख मंदिरों, गुरुद्वारों में प्रसाद वितरण किया जाए। जनसहभागिता से गरीबों तक प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाए।
प्रसाद के रूप में उत्तराखंड के मिलेट्स को अधिक से अधिक शामिल किया जाए। सभी घरों में दीपोत्सव मनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। भगवान सूर्य उत्तरायण में प्रवेश कर रहे हैं। इस शुभ अवसर पर अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। पूरे प्रदेश में इस अवसर को दीपावली के उत्सव की भांति मनाया जाएगा।
कार्यक्रमों में नवाचार हो, बेस्ट जिला सम्मानित हो..
14 से 22 जनवरी तक जिलों में कई सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन किए जाएं। प्रमुख घाटों पर आरती, राम भजन, कलश यात्रा, वॉल पेंटिंग, कार्यालयों में लाइटिंग और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन कार्यक्रमों में नवाचार हो। सबसे अच्छा कार्यक्रम करने वाला जिला सम्मानित हो। मुख्यमंत्री ने कहा, सभी विभाग भी अपने स्तर से इस उपलक्ष्य में कार्यक्रम करें। वृद्धाश्रमों, नारी निकेतन, कुष्ठाश्रम, अनाथालयों, अस्पतालों में भी सांस्कृतिक उत्सव के तहत कार्यक्रम हों।
कहां क्या होंगे कार्यक्रम..
रघुनाथ मंदिर, देवप्रयाग, पिथौरागढ़ में रामेश्वर एवं पंचेश्वर मंदिर में, चंपावत के छतार स्थित राम मंदिर एवं शारदा घाट में भी कार्यक्रमों होंगे। बागेश्वर में उत्तरायणी कौथिक में राम मंदिर थीम पर झांकियां निकलेंगी। अल्मोड़ा में कटारमल में मुख्य कार्यक्रम होगा। चमोली में प्रयागों और पंचबद्री में कार्यक्रम होंगे। नैनीताल में कैंची धाम और नैना देवी मंदिर में भी कार्यक्रम होंगे।
तेलंगाना में 40 यात्रियों से सवार बस में लगी भीषण आग, एक की मौत..
देश-विदेश: तेलंगाना के जोगुलम्बा गडवाल जिले में शनिवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां एक निजी बस में आग लगने से एक महिला जिंदा जल गई और चार अन्य यात्री घायल हो गए। यह घटना हैदराबाद-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एर्रावल्ली चौराहे के पास देर रात करीब 2.30 पर हुई। बताया जा रहा है कि हैदराबाद से चित्तूर जा रही एक निजी ट्रैवल कंपनी की वोल्वो बस पलट गई और उसमें आग लग गई। बस में 40-50 यात्री सवार थे। जब बस में आग लगी तो लगभग सभी यात्री खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर कूद गए।
आग की लपटों में फंसी महिला..
हालांकि एक महिला आग की लपटों में फंस गई और जलकर मर गई। हादसे में चार यात्री भी घायल हो गए। उनमें से तीन को गडवाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि चौथे को हैदराबाद स्थानांतरित किया गया है। सूचना मिलने पर दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पुलिस को संदेह है कि ड्राइवर को गाड़ी चलाते समय नींद आ गई जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
14 से 22 जनवरी तक उत्तराखंड में आयोजित होंगे सांस्कृतिक उत्सव..
उत्तराखंड: 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला विराजमान होंगे। जिसे लेकर उत्तराखंड में 14 से 22 जनवरी तक सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय से सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर इसके निर्देश दिए हैं। सीएम धामी का कहना हैं कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। सभी जनपदों में मंदिरों, घाटों, प्रतिष्ठानों, शहरों में बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए। सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रहे। इसमें महिला मंगल दल, युवक मंगल दल स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और आम जन की सहभागिता से दीपोत्सव, रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण, स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाएं।
सीएम ने कहा 22 जनवरी को सभी प्रमुख मंदिरों, गुरुद्वारों में प्रसाद वितरण किया जाए। जन सहभागिता से गरीबों तक प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाए। प्रसाद के रूप में उत्तराखंड के मिलेट्स को अधिक से अधिक शामिल किया जाए। सीएम ने कहा कि 22 जनवरी को सभी घरों में दीपोत्सव मनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। इस दिन को पूरे प्रदेश में दीपावली के उत्सव की तरह मनाया जाएगा। सीएम ने सभी डीएम को निर्देश दिए कि 14 से 22 जनवरी तक जनपदों में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन किये जाएं। प्रमुख घाटों पर आरती, राम भजन, कलश यात्रा, वॉल पेंटिंग, कार्यालयों में लाइटिंग और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। सबसे अच्छा कार्यक्रम करने वाले जनपद को सम्मानित भी किया जाएगा। 22 जनवरी को राज्य में ड्राई डे घोषित किया जाए। इसके साथ ही वृद्धाश्रमों, नारी निकेतन, कुष्ठाश्रम, अनाथालयों, अस्पतालों में भी सांस्कृतिक उत्सव के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उत्तराखंड में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते रंगेहाथ पीआरडी जवान गिरफ्तार..
उत्तराखंड: प्रदेश में लगातार भ्रष्टाचार के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। एक बार फिर विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार में एक पीआरडी जवान को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। मामला हरिद्वार के बहादराबाद की शांतरशाह चौकी का बताया जा रहा है। यहां मारपीट के मामले में एफआर लगाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में कार्रवाई की गई है। वहीं आरोपी दरोगा फरार हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्प लाईन न० 1064 पर शिकायत अंकित करायी गयी कि उसके गाँव की रहने वाली महिला द्वारा दिनांक 02- 09-2023 को थाना बहादराबाद जनपद हरिद्वार में उसके व 13 अन्य लोगों के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था जिसकी विवेचना शांतरशाह चौकी में तैनात विवेचक एस०आई० पंकज कुमार कर रहे है, दरोगा जी द्वारा मुकदमें में बड़ी धारा लगा कर जेल भेजने का डर दिखाकर बार-बार सेवा करने के नाम पर रिश्वत की मांग कर रहे। जिसमें कुछ समय पहले जरूरी खर्च बताकर 20,000 रु0 ने चुके है।, यह फिर से 30-40 हजार रुपये की माँग मुकदमा खत्म करने की एवज में रिश्वत के रुप में मांग कर रहे है। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि ऐसे भ्रष्ट पुलिस वाले के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चाहता था।
उक्त शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान सैक्टर देहरादून द्वारा गोपनीय जाँच किये जाने पर प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया गया, टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए दिनांक 10.01.2024 को आरोपी एस0आई0 पंकज कुमार की शिकायतकर्ता से चौकी में वार्ता करने के उपरांत एस0आई0 पंकज कुमार के कहने पर पीआरडी जवान सुरेन्द्र कुमार द्वारा शिकायतकर्ता में 30,000/- उत्कोच धनराशि ग्रहण करते हुये गिरफ्तार होते देख एस0आई0 पंकज कुमार लोगो की आवाजाही का फायदा उठाकर चतुराई से मौके से फरार हो गया। तत्पश्चात दोनों अभियुक्तों पीआरडी जवान सुरेन्द्र कुमार एवं एम0आई0 पंकज कुमार चौकी शांतरशाह थाना बहादराबाद जनपद हरिद्वार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना जारी है। विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट शीघ्र माननीय न्यायालय में प्रेषित की जायेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर रील नहीं बना पाएंगे पुलिस वाले, नहीं माने तो होगी सख्त कार्रवाई..
उत्तराखंड: फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आए दिन पुलिसकर्मियों की रील और वीडियो देखने को मिल जातें है। कई बार तो वीडियो देखने में खूब मजेदार लगती है। लेकिन कई बार वर्दी में रील देखने से आरोप लगते हैं कि पुलिस की छवि धूमिल की जा रही है। ऐसे में उत्तराखंड पुलिस ने पुलिसकर्मियों के लिए इंटरनेट मीडिया नीति तैयार कर ली है। आपको बता दे कि इस नीति के तहत कुल 41 तरह के क्रियाकलापों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोई भी पुलिसकर्मी अब वर्दी, सरकारी वाहन या दफ्तर में सोशल मीडिया के लिए रील या फोटो नहीं बना सकेगा। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए पांच क्रियाकलापों को शर्त के साथ छूट प्रदान की गई है। इसके लिए डीजीपी अभिनव कुमार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं।
नियमों का पालन न करने पर होगी कार्रवाई..
पुलिस के मुख्य प्रवक्ता डॉ. निलेश आनंद भरणे का कहना हैं कि बीते कुछ समय से देखने में आ रहा था कि पुलिसकर्मी वर्दी में सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर रहे हैं। इसके साथ ही बहुत से प्लेटफार्म पर सरकारी आदेशों को भी हूबहू प्रसारित किया जा रहा था। जिसे देखते हुए पुलिस कर्मियों के लिए इंटरनेट मीडिया नीति बनाई गई है। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाही की जाएगी।
सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी के लिए दिए हैं सुझाव..
इंटरनेट मीडिया नीति में देश में प्रचलित कई नियमों का भी हवाला दिया गया है। इसके साथ ही ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से निर्धारित दिशा निर्देशों को भी इस नीति में शामिल किया गया है। नई नीति में इंटरनेट मीडिया अकाउंट की सुरक्षा और साइबर सिक्योरिटी के लिए सुझाव भी दिए गए हैं। बता दें बहुत से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के यूट्यूब चैनल हैं। जिससे वह अच्छी खासी कमाई भी कर लेते हैं। इस नीति के अनुसार कोई भी पुलिसकर्मी इस तरह के चैनल या क्रियाकलापों से आय प्राप्त नहीं कर पाएंगे। यदि ऐसा जरुरी भी है तो इसके लिए किसी सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
ये हैं प्रतिबंधित गतिविधियां
ड्यूटी के बाद वर्दी पहने किसी भी प्रकार की ऐसी वीडियो जिससे पुलिस की छवि धूमिल होती हो, इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।
सरकारी कार्य के दौरान अपने कार्यालय व कार्यस्थल पर वर्दी में वीडियो व रील बनाने और किसी भी कार्मिक की ओर से अपने व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया के प्लेटफार्म पर लाइव टेलीकास्ट प्रतिबंधित होगा।
कार्यस्थल से संबंधित किसी वीडियो के जरिए शिकायतकर्ता के संवाद का लाइव टेलीकास्ट या वीडियो इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित करना भी प्रतिबंधित होगा।
थाना, पुलिस लाइन, कार्यालय के निरीक्षण, पुलिस ड्रिल व फायरिंग में भाग लेने का लाइव टेलीकास्ट और कार्रवाई से संबंधित वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित नहीं किए जाएंगे।
पुलिसकर्मी की ओर से सरकारी और व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर किसी प्रकार की कोचिंग, लेक्चर, लाइव प्रसारण, चेट इत्यादि में आमंत्रित किए जाने पर उसमें भाग लेने से पहले अपने वरिष्ठ अधिकारी को सूचित कर अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से किसी भी व्यक्तिगत, व्यवसायिक कंपनी या उत्पाद व सेवा का प्रचार-प्रसार किया जाना प्रतिबंधित किया गया है।
किसी भी गोपनीय सरकारी दस्तावेज, हस्ताक्षरित रिपोर्ट या पीड़ित के प्रार्थनापत्र को सरकारी या व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर नहीं डाला जाएगा।
पुलिस कार्मिकों की ओर से ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की जाएगी, जो उन्हें अपनी विभागीय नियुक्ति के कारण प्राप्त हुई हो।
किसी भी गोपनीय सरकारी दस्तावेज, हस्ताक्षरित रिपोर्ट या पीड़ित के प्रार्थनापत्र को सरकारी या व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर नहीं डाला जाएगा।
किसी भी यौन शोषित पीड़िता या किशोर व किशोरी और विधि विवादित किशोर (जुवेनाइल आफेन्डर्स) की पहचान या नाम व अन्य संबंधित विवरण सरकारी और व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर उजागर नहीं किया जाएगा।
पुलिस के ‘सराहनीय कार्य’ से संबंधित पोस्ट में आरोपियों की फोटो व वीडियो सरकारी और व्यक्तिगत इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर ब्लर करने के बाद ही प्रसारित होगी।
जिन आरोपियों की शिनाख्त परेड बाकी है उनका चेहरा इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित नहीं होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राप्त पोस्ट, फोटो, वीडियो को बिना सत्यापन के फॉरवर्ड नहीं किया जाएगा।
पुलिस कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर किसी भी व्यक्ति को ट्रोल या बुली नहीं किया जाएगा।
सरकारी और व्यक्तिगत सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पुलिस कार्मिकों द्वारा मित्रों का चयन करते समय सतर्कता बरतना अपेक्षित है। पुलिसकर्मी ऐसे किसी व्यक्ति को मित्र न बनाए या फॉलो न करें जो असामाजिक और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो।
पुलिसकर्मियों द्वारा गश्त या वाहन चैकिंग के दौरान मौके पर मोबाइल से फोटो या वीडियो लेते समय Geo Tagging के विकल्प को बंद रखा जाएगा।
बाल श्रम और बाल विवाह से मुक्ति को लेकर बनेगा राज्यस्तरीय रिसोर्स सेंटर, समिति की गई गठित..
उत्तराखंड: मिशन शक्ति योजना के साथ मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना की समीक्षा एवं अनुश्रवण के लिए राज्यस्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति का गठन कर दिया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित इस समिति में 24 सदस्य हैं। सरकार ने बाल श्रम एवं और बाल विवाह से मुक्ति के लिए राज्यस्तरीय रिसोर्स सेंटर बनाने का भी निर्णय लिया है। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने इन संबंध में आदेश जारी किए। राज्यस्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, न्याय एवं विधि परामर्शी विभाग, वित्त विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, युवा कल्याण एवं खेल, पंचायती राज ग्राम्य विकास, कौशल विकास, आवास एवं शहरी विकास, श्रम विभाग, पेयजल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता, समाज कल्याण, कृषि के प्रमुख सचिव या सचिव सदस्य होंगे।
गजेंद्र नौटियाल को बनाया गया सदस्य..
इनके साथ ही डीन गो.ब.पंत विवि के होम साइंस के नामित प्रतिनिधि, निदेशक महिला कल्याण, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, मिशन निदेशक एनआरएचएम, निपसिड के प्रतिनिधि, पर्वतीय बाल मंच की प्रतिनिधि अदिति पी कौर व बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक गजेंद्र नौटियाल को सदस्य बनाया गया है। प्रमुख सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग समिति के सदस्य सचिव होंगे।
समिति बाल श्रम, बाल विवाह, स्कूल ड्रॉप आउट, बालिका सुरक्षा विषय पर विभागों व जिलाधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा करेगी। बचपन बचाओ आंदोलन के साथ मिलकर बाल श्रम एवं बाल विवाह से बच्चों की मुक्ति एवं संरक्षण के लिए राज्यस्तरीय रिसोर्स सेंटर भी स्थापित होगा। यह सेंटर राज्य, जिले, ब्लाॅक व ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं एवं मुद्दों पर सहायता उपलब्ध कराएगा।
छह महीने के अंदर होंगे निकाय चुनाव, हाईकोर्ट में पेश हुए शहरी विकास सचिव ने दी जानकारी..
उत्तराखंड: मंगलवार को नैनीताल हाईकोर्ट में उत्तराखंड के शहरी विकास सचिव नितिन भदौरिया पेश हुए। उन्होंने हाईकोर्ट को कहा कि छह महीने में प्रदेश में नगर निकायों का चुनाव करा लिए जाएंगे। प्रदेश में अगले छह महीने के अंदर स्थानीय निकाय चुनाव करवा लिए जाएंगे। मंगलवार को हाईकोर्ट में शहरी विकास सचिव नितिन भदौरिया ने कोर्ट को इस बारे में आश्वस्त किया। कोर्ट ने सचिव के बयान रिकॉर्ड कर दोनों याचिकाओं को लंबित रखा है। राज्य में समय पर निकाय चुनाव न कराए जाने पर दायर अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर मंगलवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई की। मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को होगी।
राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि निकाय चुनावों को कराने की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही आरक्षण तय करने के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन भी किया गया है। आपको बता दें कि जसपुर निवासी मो. अनीश और नैनीताल निवासी राजीव लोचन साह ने समय पर निकाय चुनाव ना होने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी सरकार निकायों का चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं कर रही है।
