सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध- सीएम धामी..
उत्तराखंड: राज्य सरकार हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जो इस दिशा में काम कर रही है। यह कहना है सीएम पुष्कर सिंह धामी का। उन्होंने यह बात विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। सीएम ने इस दौरान अल्पसंख्यक आयोग की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
सीएम धामी का कहना है कि आज का दिन देश की एकता और अखंडता के संरक्षण व संवर्धन के लिए हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। देश की एकता और अखंडता का मूल भी हमारी यही सांस्कृतिक विभिन्नताओं में पाए जाने वाली एकरूपता है। अनेकता में एकता का यही भाव देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी पंथ मार्ग, संप्रदायों का सम्मान करने की रही है। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संस्कृति व सामर्थ्य का विस्तार पूरे विश्व में हो रहा है। उनके दिए गए मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास से नए भारत में हर वर्ग के सशक्तीकरण का प्रयास किया जा रहा है।
अभी तक 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत..
राज्य में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने के लिए मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। सरकार ने अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है, जिसके तहत अभी तक 18 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री हुनर योजना के माध्यम से गांवों की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।
राज्य में जल्द लागू होगी समान नागरिक संहिता..
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में समान नागरिक संहिता को जल्द लागू किया जाएगा। इस दिशा में काम किया जा रहा है। 2025 तक उत्तराखंड को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को सहयोग देना होगा। कार्यक्रम में उत्तराखंड अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष आरके.जैन, उपाध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह, मजहर नईम, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी, डीजीपी अभिनव कुमार आदि मौजूद रहे। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा, विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर सीएम का तोहफा मिला है। सीएम ने मॉडल मदरसों का नाम पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने की अनुमति दी है। यह मदरसे राष्ट्रवादी सोच के मॉडल मदरसे होंगे।
खेल महाकुंभ 2023- न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ी करेंगे प्रतिभाग..
उत्तराखंड: खेल महाकुंभ 2023 का सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया है। इस दौरान खेल मंत्री रेखा आर्य और रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद रहे। खेल महाकुंभ में एथलेटिक्स के साथ 15 प्रतिस्पर्धाओं में स्कूली छात्र प्रतिभाग करते हैं। बता दें कि खेल महाकुंभ में न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ी प्रतिभाग करते हैं। खेल महाकुंभ में इस समय करीब दो लाख खिलाड़ियों ने न्याय पंचायत स्तर पर प्रतिभाग किया है। जबकि राज्य स्तर पर छह हजार खिलाड़ी अपना हुनर दिखाएंगे। बता दें कि उत्तराखंड के छात्रों की प्रतिभा निखारने के लिए हर साल खेल महाकुंभ का आयोजन किया जाता है।
नए साल में रेलवे यात्रियों को मिलेगी बड़ी राह..
मॉडर्न सुविधा से जानें क्या-क्या फायदा मिलेंगे..
उत्तराखंड: देश-दुनिया से रेल यात्रा कर दून आने वाले यात्रियों को नए साल से मॉडर्न सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए रेलवे की ओर से देहरादून रेलवे स्टेशन के पास ही मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। सात मंजिला इस बिल्डिंग को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) में बनाया जा रहा है, जिसमें देशी-विदेशी के साथ ही पहाड़ी व्यंजनों का जायका मिलेगा।
इस बहुमंजिला मल्टीपरपज बिल्डिंग में तकरीबन 64 कमरे होंगे। यात्रियों को इन कमरे की ऑनलाइन बुकिंग कराने की भी सुविधा मिलेगी। रात को रुकने के लिए अभी तक रेलवे यात्रियों को गांधी रोड, प्रिंस चौक, त्यागी रोड, राजपुर रोड समेत कई जगहों पर घूमना पड़ता है। ऐसे में इस बिल्डिंग के बनने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
रेलवे के साइट इंचार्ज वैभव सिंह राणा का कहना हैं कि पीपीपी मोड में बन रहे इस बिल्डिंग पर करीब 10 करोड़ से अधिक खर्च होगा। रेलवे ने कंपनी को 44 साल से जमीन लीज पर दी है। बिल्डिंग का काम तेजी से चल रहा है। अब बिल्डिंग को रंग-रोगन के साथ ही फाइनल टच दिया जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में सीएम धामी ने दिए उत्पादन बढ़ाने के निर्देश..
उत्तराखंड: वैश्विक निवेशक सम्मेलन में ऊर्जा क्षेत्र में एक लाख करोड़ के निवेश पर करार हुआ है। इससे राज्य ऊर्जा क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। उन्होंने उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) से 2030 तक विद्युत उत्पादन के लक्ष्य 2200 मेगावाट को और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा, प्रदेश में स्थापित और नई परियोजना से उद्योगों की बिजली जरूरतों पर ध्यान देना होगा। शनिवार को शाम को यूजेवीएनल के 23वें स्थापना दिवस समारोह में सीएम धामी ने यूजेवीएनएल के नए कारपोरेट भवन का लोकार्पण किया। साथ ही निगम की ओर से सीएसआर फंड के तहत सरस्वती विद्या इंटर कॉलेज भानियावाला को दी गई बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने सीएम को 20.9 करोड़ लाभांश का चेक भेंट किया।
सीएम ने सभी विभागों और संस्थानों से बेहतर वर्क कल्चर के साथ जीरो पेडेंसी का संकल्प लेने को भी कहा। राज्य गठन के बाद यूजेवीएनएल का गठन उत्तराखंड को ऊर्जा राज्य बनाने के लिए किया गया था। ऊर्जा क्षेत्र की विकास योजनाओं को समय पर पूर्ण करने में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है।लखवाड़ बहुउद्देश्यीय जल विद्युत परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना से करीब 475 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो सकेगा। जो प्रदेश के लिए ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा। जमरानी बांध परियोजना के लिए भी केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर शीघ्र काम शुरू किया जाएगा।
सरकार किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेगी..
सीएम ने सरकार ने नई जल विद्युत नीति लागू की है। जिसमें यूजेवीएनएल सहित अन्य संस्थानों को अपनी संपत्तियों का भी ध्यान रखने को कहा। ऐसे कई मामले संज्ञान में आ रहे है, जिनमें संस्था की जमीन पर अवैध अतिक्रमण हुआ है। संस्थानों को सरकार की जमीन मिलती है तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उनकी है। इसलिए सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र का अवलोकन करें और जमीनों को कब्जा मुक्त कराएं। सरकार किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निगम की योजनाओं की जानकारी दी।
5433 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन..
उत्तराखंड जलविद्युत निगम लिमिटेड(यूजेवीएनएल) के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को सरकार के अंश पूंजी पर लाभांश के रूप में 20.9 करोड़ का चेक भेंट किया। उन्होंने कहा कि निगम की परियोजनाओं में वर्ष 2022-23 में 5433 मिलियन बिजली का उत्पादन किया गया। इससे 115.64 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया गया। यूजेवीएन लगातार पिछले सात वर्षों से प्रदेश सरकार को लाभांश दे रहा है। हनोल त्यूणी जल विद्युत परियोजना व लखवाड़ पंप स्टोरेज परियोजना समेत यूजेवीएन लिमिटेड व टीएचडीसी के संयुक्त उपक्रम को 489 मेगावाट की तीन जल विद्युत परियोजनाएं व 1230 मेगावाट की दो पंप स्टोरेज परियोजनाएं आवंटित किया गया। 2022-23 में सराहनीय प्रदर्शन पर विभिन्न विद्युतगृहों एवं परियोजनाओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
उत्तराखंड में एकल महिलाओं को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देने की योजना..
उत्तराखंड: धामी सरकार एकल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत लाथार्थी महिलाओं को सस्ता लोन दिया जाएगा। इस योजना के तहत सस्ती दरों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। जिसके लिए आगामी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार महिला बाल विकास विभाग इस संबंध में अगली कैबिनेट में प्रस्ताव लाने जा रहा है। इसके तहत अधिकतम दो लाख रुपये वाली परियोजना की लागत पर प्रदेश सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दिए जाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि महकमे के सर्वे के अनुसार प्रदेश में लगभग चार लाख एकल महिलाएं है। लेकिन प्रस्तावित योजना में 25 वर्ष से 45 वर्ष तक की एकल महिलाओं को शामिल किया जाएगा। ऐसी महिलाओं की कुल संख्या डेढ़ लाख तक पहुंच रही है।
विभाग चयनित महिलाओं को स्वरोजगार करने में मदद करेगा। उन्हें सहकारी बैंक से 50 हजार से दो लाख रुपये तक लागत वाली परियोजना पर अधिकतम 75% तक सब्सिडी दी जाएगी। शेष 25% धनराशि भी बिना गारंटर के लोन स्वरूप दी जाएगी। इसके लिए महिला की सालाना आय 72 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। एकल महिलाओं में विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता व अविवाहित महिलाएं शामिल होंगी।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एकल महिलाओं के लिए यह योजना घोषित की गई थी, जिसे अब धरातल पर उतारा जाना है। इस योजना के तहत महिलाएं अपना कोई भी स्वरोजगार शुरू करने के साथ ही अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकेंगी। इसके लिए कैबिनेट मंत्री ने प्रस्ताव बना कर अगली कैबिनेट बैठक में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
ये हैं पात्रता की शर्तें..
महिला उत्तराखंड की मूल निवासी हो
न्यूनतम आयु 25 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष
मासिक आय छह हजार रुपये से अधिक न हो
किसी भी संगठित सेवा, सरकारी, गैर सरकारी उपक्रम में कार्यरत न हो
राजकीय व पारिवारिक पेंशन प्राप्त न करती हो
विधवा, विकलांग जैसी कल्याणकारी योजनाओंं से पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी पात्र होंगी।
सर्दी में बेघरों के लिए व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त, धामी सरकार ने जारी किये 1.35 करोड़..
उत्तराखंड: प्रदेश में ठंड का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते बेसहारा और बेघर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पढ़ रहा है। बीते मंगलवार को सीएम ने देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया था। इसके साथ ही ISBT के पास स्थित मलिन बस्ती में रह रहे लोगो का हालचाल जाना और वहां की व्यवस्थाओं को परखा। सीएम धामी ने प्रदेश में बेसहारा एवं बेघर लोगों को सर्दी से बचाव की कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के लिए सभी जिलाधिकारियों एवं नगर आयुक्तों को निर्देश दिए। सीएम ने तहसील एवं विकासखण्ड स्तर पर यह व्यवस्था बनाये जाने को भी कहा था।
निरिक्षण के दौरान दिए थे निर्देश..
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सर्दी के मौसम में विभिन्न स्थलों पर अलाव की व्यवस्था के साथ बेसहारा लोगो को कंबल व कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान सीएम ने अधिकारियों को रैन बसेरों की स्थिति में और सुधार किये जाने के साथ ही शहर में जगह-जगह अलाव जलाने की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए थे।
सरकार ने जारी की 1.35 करोड़ की धनराशि..
सीएम के निर्देशों के बाद सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने प्रदेश के सभी डीएम को 1.35 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। रंजीत सिन्हा ने कहा कि इस संबंध में डीएम हरिद्वार द्वारा शीतलहर के प्रकोप से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने तथा निशुल्क कम्बल वितरण, रेनबसेरों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित किये जाने के लिए 15 लाख की धनराशि आवंटित किये जाने के लिए कहा गया था।
पौड़ी के लिए जारी की 15 लाख की धनराशि..
इसी क्रम में राज्य में शीतलहर के प्रकोप से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने और निशुल्क कम्बल वितरण, रैनबसेरों में व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि मद के रिस्पॉन्स और रिलीफ मद से एक करोड़ 35 लाख की धनराशि सभी डीएम को स्वीकृत की गई है। जिसमें जनपद पौड़ी को 15 लाख तथा जनपदों को 10-10 लाख की धनराशि शामिल है।
उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिलेगा JRD टाटा मेमोरियल अवार्ड..
उत्तराखंड: स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिये उत्तराखंड को जे.आर.डी. टाटा मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। आगामी 18 दिसम्बर को इंडिया हैबिटैट सेंटर नई दिल्ली में आयोजित 7वें जेआरडी टाटा अवार्ड कार्यक्रम में सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत इस सम्मान को प्राप्त करेंगे। आपको बता दें यह पुरस्कार राज्य को 42 विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये दिया जा रहा है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिये उत्तराखंड को यह सम्मान मिलना अपने आप में गौरव की बात है।
राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के प्रयास में जुटी है। इसी का परिणाम है कि हाई फोकस बड़े राज्यों की श्रेणी में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रदर्शन के लिये प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर 7वें जे.आर.डी. टाटा मेमोरियल अवार्ड के लिये चयनित किया गया है। जिसमें उत्तराखंड को अवार्ड के साथ-साथ पांच लाख की धनराशि भी वित्तीय सहायोग के तौर पर दी जायेगी। पुरस्कार के लिये उत्तराखंड का चयन भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 एवं 2019-21 में देशभर में कराये गये नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे चार व पांच में विभिन्न स्वास्थ्य सूचकांकों में बेहतर प्र्रदर्शन एवं सैम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के माध्यम से आंकड़ों में दर्ज प्रगति के आधार पर किया गया है।
जिसके अंतर्गत प्रजनन स्वास्थ्य, किशोर-किशोरी स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन, जल स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, लिंग आधारित हिंसा, जनसंख्या उर्वरता स्तर पर आधारित 42 सूचकांक शामिल हैं। देशभर से हाई फोकस बड़े राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड के साथ ही असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, उडीसा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश भी प्रतिस्पर्धा में सम्मिलित रहे हैं।
जानिए 16 दिसंबर को मनाया जाता है विजय दिवस..
देश-विदेश: देश में आज विजय दिवस मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने 1971 युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत के नायकों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज विजय दिवस पर हम उन सभी बहादुर नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होनें 1971 में भारत की सेवा करते हुए निर्णायक जीत सुनिश्चित की थी। उनकी वीरता और समर्पण देश के लिए बेहद गर्व का स्रोत है। उनके बलिदान और अटूट भावना हमेशा लोगों के दिलों और हमारे राष्ट्र के इतिहास में अंकित रहेगी। भारत उनके साहस को सलाम करता है और उनकी अदम्य भावना को याद करता है। आपको बता दें कि 1971 की जंग में भारत ने पाकिस्तान सेना को आत्मसमर्पण करने पर मजबूर कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए थे और बांग्लादेश नाम का नया देश अस्तित्व में आया था। हर साल 16 दिसंबर को देश में विजय दिवस मनाया जाता है।
अब घर बैठे ऐसे बनाएं डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र..
उत्तराखंड: प्रदेश के करीब सवा लाख पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागारों के चक्कर नहीं काटने होंगे। अब वे घर पर बैठे ऑनलाइन डिजिटल प्रमाणपत्र जनरेट कर सकेंगे और यह प्रमाण पत्र स्वतः ही एकीकृत वित्त प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस) के माध्यम से कोषागार पहुंच जाएगा।
अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के संबंध में अफसरों को पत्र जारी कर दिया है। जीवन प्रमाणपत्र की चालू व्यवस्था के साथ-साथ विकल्प के रूप ई-जीवन प्रमाणपत्र की व्यवस्था भी लागू की गई है। यूआईडीएआई द्वारा तैयार आधार फेस आरडी एप्लीकेशन में चेहरे के सत्यापन के माध्यम से डिजिटल प्रमाणपत्र जमा होगा। जो पेंशनर एप्लीकेशन के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जनरेट करेंगे, उन पर कोषागार में उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं होगी।
जीवन प्रमाणपत्र जमा होने के बाद एसएफटीपी सर्वर के माध्यम से आईएफएमएस सर्वर को उपलब्ध हो जाएगा। उपलब्ध डाटा के आधार पर वित्तीय डाटा सेंटर से कोषागार स्तर पर एक एमआईएस रिपोर्ट होगी। एमआईएस रिपोर्ट के आधार पर पेंशनरों के प्रमाणपत्र स्वीकृत या अस्वीकृत होंगे। जिसकी सूचना एसएमएस के माध्य पेंशनर को मिल जाएगी।
पेंशनरों को ये करना होगा..
सुनिश्चत करेंगे कि आधार संख्या कोषागार में पंजीकृत हो। यदि आधार संख्या प्रोफाइल में उपलब्ध नहीं है तो पेंशनर को पेंशन प्राधिकार पत्र, आधार कार्ड व बैंक पासबुक की प्रति लेकर नजदीकी कोषागार में आधार पंजीकृत कराना होगा। कोषागार संबंधित पेंशनर का जीआरडी नंबर का प्रयोग कर पेंशन मास्टर खोलेगा और उसमें आधार नंबर व मोबाइल नंबर सेव करेगा। पेंशनर गूगल प्ले स्टोर पर जाकर जीवन प्रमाणपत्र व आधार फेस आरडी एप्लीकेशन इंस्टाल करेगा। एप के प्रयोग से अपने चेहरे को मोबाइल फोन की सहायता से स्कैन कर ऑपरेटर के रूप में स्वयं को पंजीकृत किया जाएगा।
जो पेंशनर http://www.jeevanpramaan.gov.inमें पंजीकृत हो जाएंगे, वे भविष्य में जीवन प्रमाणपत्र स्मार्ट फोन, टेबलेट पर एप्लीकेशन से डाउनलोड कर फिंगर प्रिंट स्कैनर/ आधार फेस आरडी एप का प्रयोग कर घर से भी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र दे सकेंगे। वे नजदीकी जीवन प्रमाणपत्र केंद्र या नागरिक सुविधा केंद्र में भी संपर्क कर सकते हैं।
उत्तराखंड में यहां स्थापित होगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक..
उत्तराखंड: थलीसैंण व गुप्तकाशी में उप जिला चिकित्सालय बनेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक बनाने को भी मंजूरी मिली है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड के लिये दो वर्षीय पीआईपी को भारत सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए करीब 1100 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ब्लड बैंक के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है।
थलीसैंण व गुप्तकाशी में बनेंगे उप जिला चिकित्सालय
पौड़ी जिले में आईपीएचएस मानकों के तहत थलीसैंण और रूद्र्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी में 50-50 बेड के उप जिला चिकित्सालयों के निर्माण की स्वीकृत प्रदान की गई है। जबकि एल.डी. भट्ट उप जिला चिकित्सालय काशीपुर में 200 शैयायुक्त चिकित्सालय के निर्माण को मंजूरी मिली है। नेशनल प्रोग्राम कोर्डिनेशन कमेटी (एनपीसीसी) भारत सरकार की दिल्ली में सम्पन्न बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 हेतु द्विवर्षीय पीआईपी को दे दी गई है। राज्य की ओर से एनएचएम के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं के लिये आगामी दो वर्षों के लिए करीब 1100 करोड़ के प्रस्ताव की पीआईपी (प्रोग्राम इम्पलीमेंटेशन प्लान) भेजी गई थी। जिस पर दो दिन पूर्व नई दिल्ली में आयोजित एनपीसीसी की बैठक में कुछ संशोधनों के साथ सभी प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
जी.बी. पंत चिकित्सालय नैनीताल में मिलेंगी ये सुविधाएं
आपको बता दें कि जी.बी. पंत चिकित्सालय नैनीताल में टाईप-4 व टाईप-3 आवास तथा बी.डी. पाण्डेय चिकित्सालय नैनीताल में टाईप-4 आवास, ट्रांजिस्ट हॉस्टल, मेडिसिन स्टोर, कार्डिक केयर यूनिट, न्यू ओपीडी ब्लॉक व पार्किंग की स्वीकृति मिली है। इसके साथ ही रूद्रप्रयाग जिले कें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों फाटा तथा गुप्तकाशी में एक-एक एमओ ट्रांजिस्ट हॉस्टल की स्वीकृति दी गई है। जबकि टीबी सेनिटोरियम भंवाली नैनीताल व उप जिला चिकित्सालय हल्द्वानी में नवीनीकरण कार्यों की स्वीकृति दी गई है।
दुर्गम क्षेत्र से डोली से अस्पताल लाने के लिए मिली सहायता
एनपीसीसी भारत सरकार द्वारा आगामी दो वर्षों हेतु मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नई गतिविधियों के संचालन हेतु 412.32 लाख रूपए, गर्भवती महिलाओं को दुर्गम क्षेत्र से रोड साइड और घर पहुंचाने के लिए 262 अतिरिक्त डोली-पालकी के लिए 78.60 लाख रूपए, 34 एफआरयू के सुदृढ़ीकरण हेतु 89.90 लाख रूपए, आशा एवं एनएनएम को एडवोकेसी टूल के लिए 41.44 लाख रूपए की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 13 वन स्टॉप सेंटर एवं 27 सीएचसी बर्थ वेटिंग होम के संचालन हेतु 34 लाख रूपए की धनराशि तथा यूबीटी किट एवं ट्रेनिंग हेतु 4 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।
