आयोग ने इस भर्ती परीक्षा को लेकर जारी किया बड़ा अपडेट..
उत्तराखंड: लोक सेवा आयोग ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यदेशक / सर्वेयर शिशिक्ष (फोरमैन अनुदेशक) परीक्षा- 2023 से जुड़ा अपडेट जारी किया है। जिसमें लिखा है कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर दिया गया है। वह Online Edit Window पर जाकर अपनी गलती सुधार सकते है।
बता दें कि जारी आदेश में लिखा है कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कार्यदेशक / सर्वेयर शिशिक्षु (फोरमैन अनुदेशक) के रिक्त 37 पदों हेतु प्रकाशित विज्ञापन संख्या: A-2/DR(F.I)/E-5/2023-24 दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के सापेक्ष पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन दिनांक 10 नवम्बर 2023 तक आमंत्रित किये गये थे।
उक्त विज्ञापन के अति महत्वपूर्ण निर्देश के बिन्दु संख्या-5 के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 नवम्बर, 2023 तक आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए अपने ऑनलाईन आवेदन पत्र में की गयी प्रविष्टियों में संशोधन / परिवर्तन ( Edit/Correction) किये जाने हेतु केवल एक बार के लिए आयोग की वेबसाइट http://psc.uk.gov.inपर Online Edit Window लिंक दिनांक 16.11.2023 से दिनांक 25.11.2023 (रात्रि 11:59:59 बजे) तक खोला गया है। अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी हेतु आयोग की वेबसाईट http://psc.uk.gov.in का अवलोकन अवश्य करें।
तीन धामों के कपाट हुए बंद, पंजीकरण पोर्टल बद्रीनाथ धाम के लिए खुला..
उत्तराखंड: केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद पर्यटन विभाग ने यात्रा पंजीकरण बंद कर दिया है। पंजीकरण पोर्टल बद्रीनाथ धाम के लिए खुला है। अब तक चारधाम यात्रा के लिए 75 लाख यात्रियों ने पंजीकरण किया है। इसमें 55.80 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा के लिए इस बार प्रदेश सरकार ने पंजीकरण अनिवार्य किया था। यात्रा शुरू होने से पहले पर्यटन विभाग ने पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सरकार को बीच-बीच में पंजीकरण रोकना पड़ा था।
बुधवार को विधि-विधान से केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो गए। जबकि बीते दिन गंगोत्री धाम के कपाट बंद हुए हैं। पर्यटन विभाग ने तीन धामों की यात्रा के लिए पंजीकरण बंद कर दिया है। बद्रीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद होंगे। तब तक बद्रीनाथ की यात्रा के लिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक योगेंद्र गंगवार का कहना हैं कि चारधाम यात्रा के लिए अब तक 75 लाख यात्रियों ने वेबसाइट, वाट्सएप और मोबाइल एप से पंजीकरण कराया है। जिसमें 55.80 लाख यात्रियों ने दर्शन किए हैं।
बाबा केदार के दरबार में 19.61 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई हाजिरी..
बाबा केदार के दरबार में इस बार 19.61 लाख श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई है। बुधवार को विधि विधान से बाबा केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। चारधाम यात्रा में अब तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 55.78 लाख हो गई है। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। केदारनाथ में सर्वाधिक 19.61 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि बद्रीनाथ धाम में 18 लाख, गंगोत्री में 9.05 लाख, यमुनोत्री में 7.35 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं। केदारनाथ, यमुनोत्री व गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो गए हैं। जबकि 18 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे।
टनल में फंसी 40 जिंदगियों को बचाने की जंग जारी, मौके पर पहुंची गठित समिति ने शुरू की जांच..
उत्तराखंड: प्रदेश में चारधाम परियोजना के तहत निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोल गांव सुरंग में हुए हादसे से जुड़ा बड़ा अपडेट आ रहा है। सुरंग में जहां पिछले 50 घंटे से अधिक समय से 40 श्रमिकों की जिंदगी कैद है। इन श्रमिकों को निकालने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। टनल में बड़े स्टील पाइप डालने की तैयारी पूरी हो गई है तो वहीं अब मौके पर विशेषज्ञों की टीम पहुंच गई। जांच के लिए गठित की गई समिति ने स्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि सिलक्यारा टनल के अंदर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए ऑगर मशीन की सहायता से बड़े व्यास के एमएस पाईप डालने की तैयारी अंतिम दौर में है। टनल से मजदूरों को रेस्क्यू करने के लिए मौके पर 900 मिमी व्यास वाले ह्यूम पाइप और ड्रिल मशीन पहुंच गए हैं। वहीं टनल में फंसे मजदूरों को लिए ऑक्सीजन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में एसडीआरएफ की बचाव टीमों ने उत्तरकाशी में सिल्कयारा सुरंग के अंदर फंसे 40 मजदूरों को बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सीएम धामी खुद हर पल की अपडेट ले रहे है। उन्होंने बैठक कर अधिकारियों को नि लगातार नजर बनाए हुए हैं। सीएम धामी ने कहा कि मैं स्थिति पर करीब से नजर रख रहा हूं।
बता दें कि सिलक्यारा सुरंग में हुए भूस्खलन के अध्ययन एवं कारणों की जाँच के लिए निदेशक उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र की अध्यक्षता में गठित समिति में शामिल विशेषज्ञों ने स्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। जाँच दल द्वारा सुरंग एवं ऊपर की पहाड़ी का सर्वेक्षण किया जा रहा है। विशेषज्ञों में यूएसडीएमए के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार, वाडिया इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालय के वैज्ञानिक डॉ. खइंग शिंग ल्युरई, जीएसआई के वैज्ञानिक सुनील कुमार यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक सीबीआरआई कौशिल पंडित, उपनिदेशक भूतत्व एवं खनिजकर्म जी.डी प्रसाद और भूवैज्ञानिक तनड्रिला सरकार शामिल हैं।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन के माध्यम से उत्तरकाशी के सिल्क्यारा के पास टनल में फंसे श्रमिकों के बारे में जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है। अब तक प्रधानमंत्री दो बार उनसे स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और रेल मंत्री भी उनसे बात कर चुके हैं।
पीएम मोदी ने सीएम धामी से ली रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिवाली के मौके पर सिलक्यारा से डंडालगांव तक निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा टूट गया है। सुरंग के अंदर करीब 40 मजूदर फंसे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली है।सीएम धामी ने ट्विटर पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पीएम मोदी ने उत्तरकाशी में हुए टनल हादसे को लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत और बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हुए हैं। बचाव कार्य के लिए बड़े व्यास के ह्यूम पाइप हरिद्वार और देहरादून से भेजे जाने की व्यवस्था कर दी गई है। सीएम ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं। सभी को जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है।बता दें अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी सीएम धामी से हादसे के बारें में जानकारी ले चुके हैं।
शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट,फूलों सजाया गया धाम..
उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट आज मंगलवार को शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं। कपाट बंदी के लिए गंगोत्री व यमुनोत्री धाम को फूलों सजाया गया है। मां गंगा के शीतकालीन पड़ाव मुखवा स्थित गंगा मंदिर को भी फूलों से सजाया गया है।अन्नकूट के पर्व पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 11 बजकर 45 बजे पर बंद किए गए। मंदिर के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की डोली जयकारों के साथ मुखबा के लिए रवाना हुई। वहीं कपाट बंद होने से अब श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन शीतकालीन प्रवास मुखीमठ (मुखबा) में कर सकेंगे। जहां मां गंगा की रोजाना पूजा-अर्चना की जाएगी। आपको बता दे कि 15 नवंबर को माँ गंगा की उत्सव डोली 6 महीने बाद अपने मायके मुखीमठ (मुखवा) पहुंचेगी। जहां पर ग्रामीण माँ गंगा का स्वागत एक बेटी की तरह करेंगे। वही केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 15 नवंबर को भैयादूज पर बंद होंगे।वहीं शीतकाल के लिए भगवान बद्री नारायण के कपाट बंद होने की प्रक्रिया मंगलवार यानी आज से शुरू होगी। बद्री-केदार मंदिर समिति के कार्याधिकारी आरसी तिवारी का कहना है कि केदारनाथ के कपाट बंद करने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। भगवान बद्री नारायण के कपाट बंद की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होगी। 18 नवंबर को बद्रीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
दिवाली के बाद लोकसभा चुनाव के लिए ताकत झोंकेगी भाजपा,मैदान में उतरेंगे सीएम..
उत्तराखंड: दिवाली के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत झोंकेगी। एक मोर्चा सीएम पुष्कर सिंह धामी संभालेंगे और दूसरे मोर्चे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में संगठन की टीम डटेगी।पार्टी सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों को 2022 के विधानसभा चुनाव में 23 हारी हुई विधानसभा सीटों पर प्रवास करेंगे और पार्टी के पक्ष में वातावरण बनाने में जुटेंगे। पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश के दौरे पर निकलेंगे। इस दौरान वह विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। सीएम के ये कार्यक्रम लोकसभा वार करने का प्रस्ताव है।
मुख्यमंत्री कार्यालय सीएम के इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहा है। सीएम दफ्तर ने सभी विभागों और जिलाधिकारियों से उन सभी योजनाओं की जानकारी मांगी हैं, जिनके जल्द शिलान्यास होने और जो योजनाएं तकरीबन पूरी हो चुकी हैं। उधर, संगठन ने लोकसभा चुनाव से पूर्व समाज के हर वर्ग को साधने के लिए अलग-अलग सम्मेलनों की कार्ययोजना तैयार कर ली है। पहले जातिगत सम्मेलन होंगे और उसके बाद अलग-अलग वर्गों के लिए सम्मेलन कराए जाएंगे। 19 नवंबर को देहरादून और 21 नवंबर को हल्द्वानी में अनुसूचित जाति के जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन होंगे। 20 नवंबर को विकासनगर और 22 नवंबर को नानकमत्ता में अनुसूचित जनजाति जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन होंगे। इसके बाद पार्टी समुदाय और वर्ग विशेष आधारित सम्मेलन करेगी।
हारी हुई सीटों पर पार्टी के लिए काम करने की जिम्मेदारी..
इन सम्मेलनों में सीएम, प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही पार्टी प्रभारी व केंद्रीय नेता भी शामिल होंगे। प्रदेश की उन विधानसभा सीटों में जहां पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी को हार मिली या पार्टी की जीत का अंतर कम रहा, उनमें सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसद प्रवास करेंगे। लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा सीटों के पार्टी विधायकों को उनके आसपास की हारी हुई सीटों पर पार्टी के लिए काम करने की जिम्मेदारी दी गई है।
लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत सरकार और संगठन के स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम बनाए गए हैं। सभी सांसदों को प्रवास करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस महीने पार्टी अलग-अलग कई सम्मेलन करेगी। पार्टी के सभी सांसद, विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में प्रवास करेंगे और सांगठनिक गतिविधियों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी की जानकारी देंगे। दिवाली के बाद पार्टी कार्यकर्ता पूरे जोश और उत्साह के साथ चुनाव की तैयारी में जुट जाएंगे।
उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजे की राशि में की जाएगी बढ़ोतरी, केंद्र सरकार ने संशोधित की दरें..
उत्तराखंड: प्रदेश में मानव वन्यजीव संघर्ष के तहत दी जाने वाली मुआवजा राशि में बढ़ोतरी की जाएगी। वन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। अब इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा। राज्य वन्यजीव बोर्ड प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे चुका है। इसमें मानव वन्यजीव संघर्ष में व्यक्ति के घायल होने, अपंग होने, फसलों की क्षति और संपत्ति के नुकसान पर दिए जाने वाले मुआवजे में संशोधन किया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि नियमावली 2023 की प्रस्तावित दरों में केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से निर्धारित दरों में जुलाई 2023 में संशोधन किया जा चुका है।
अब राज्यों को भी इसी के अनुरूप अपने यहां दरों में संशोधन करना अनिवार्य है। पूर्व में यह प्रस्ताव कैबिनेट में पास हो गया था, लेकिन इस बीच केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से दरों में संशोधन के बाद इसका शासनादेश जारी नहीं किया गया। अब संशोधित प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है।
प्रस्तावित दरें..
मानव वन्यजीव संघर्ष में मृत्यु होने पर दी जानी वाली मुआवजा राशि को चार लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाना प्रस्तावित। इस प्रस्ताव में 18वीं वन्यजीव बोर्ड की बैठक में पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है।
साधारण घायल होने पर मिलने वाला मुआवजा 15 हजार से बढ़ाकर 16 हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है।
गंभीर रूप से घायल होने पर 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रस्तावित।
पूर्ण रूप से अपंग होने पर दो लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये प्रस्तावित।
दुधारू पशु की मृत्यु पर 30 हजार से बढ़ाकर 37 हजार 500 रुपये किया जाना प्रस्तावित।इसके अलावा फसलों के नुकसान और भवन, कच्चे-पक्के मकान इत्यादि की दरों में भी संशोधन का प्रस्ताव है।
दो नए पशु भी शामिल, मृत्यु पर मुआवजा..
वन्यजीवों की ओर से पशु क्षति में पहली बार उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले दो नए पशुओं को भी शामिल किया गया है। इसमें जबू (ज्वाॅ) और जुमो की मृत्यु होने पर 37 हजार 500 रुपये मुआवजे का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को भी राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मंजूरी प्रदान की जा चुकी है।मानव-वन्यजीव संघर्ष के तहत दी जाने वाली मुआवजा राशि में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को 24 अगस्त 2023 को हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई थी, लेकिन इस बीच केंद्र सरकार ने निधि की दरों में संशोधन कर दिया। इसके चलते पुन: प्रस्ताव को संशोधित कर शासन को भेजा गया है।
दिवाली पर उत्तराखंड में बड़ा हादसा, संकट में कई जानें..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव तक निर्माणाधीन सुरंग का हिस्सा टूट गया है। सुरंग के अंदर 36 से ज्यादा मजूदर फंसे होने की सूचना है। हादसे पर सीएम पुष्कर सिंह धामी भी अपनी नजर बनाए हुए हैं। रेस्क्यू टीम भी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाए हुए है। सीएम धामी भी हादसे पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। सीएम धामी ने कहा कि वो खुद जिला प्रशासन के साथ संपर्क में हैं।
सीएम धामी ने जिलाधिकारी से बात कर रेस्क्यू मिशन को तेज करने के निर्देश भी दिए हैं। सीएम ने कहा ईश्वर से टनल में फंसे सभी कर्मचारियों के सकुशल बाहर निकलने की कामना करता हूं। जिला आपदा प्रबंधन उत्तरकाशी ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि अभी इसकी सटीक सूचना नहीं है कि सुरंग के अंदर कितने मजदूर फंसे हुए हैं। कंपनी की ओर से मलबे को हटाने का कार्य किया जा रहा है। मौके पर पांच 108 एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
सुरंग में फंसे श्रमिकों के लिए डाला ऑक्सीजन पाइप..
हादसे को लेकर एसपी उत्तरकाशी अर्पण यदुवंशी ने बताया कि रेस्क्यू किया जा रहा है। अंदर फंसे लोगों के लिए ऑक्सीजन पाइप डाल दिया गया है। फिलहाल किसी तरह की जनहानि की कोई सूचना नहीं है। जल्द ही सभी को सुरक्षित निकाला जाएगा।हादसे की वजह भूस्खलन होना बताई जा रही है। सिलक्यारा की ओर सुरंग के द्वार से 200 मीटर की दूरी पर यह भूस्खलन हुआ है। जबकि जो मजदूर काम कर रहे थे वो वाहन द्वार के 2800 मीटर अंदर हैं। रेस्क्यू के लिए जिला प्रशासन के साथ एसडीआरएफ की टीम और पुलिस भी मौके पर ही मौजूद है।
दिल्ली मेट्रो में छाया डेस्टिनेशन उत्तराखंड..
उत्तराखंड: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सूचना विभाग की पहल से दिल्ली मेट्रो में भी डेस्टिनेशन उत्तराखंड अपनी पहचान बना रहा है। दिल्ली मेट्रो में सूचना विभाग की ओर से किए प्रयास रंग लाते दिख रहे हैं। जिस वजह से उत्तराखंड में रहने वाला हर एक प्रदेशवासी गौरवान्वित महसूस कर रहा है।अगला दशक उत्तराखंड का दशक की परिकल्पना को साकार करते हुए देश एवं प्रदेश के सैलानियों के लिए डेस्टिनेशन उत्तराखंड अपनी विशेष जगह बना रहा है। दिल्ली मेट्रो में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।दिल्ली मेट्रो में डेस्टिनेशन उत्तराखंड से देवभूमि उत्तराखंड का हर एक प्रदेशवासी जुड़कर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डेस्टिनेशन उत्तराखंड की सार्थक पहल से सभी से जुड़ने और योगदान देने की अपील की है।
छोटी दिवाली पर क्यों जलाया जाता है यम का दीपक,जानें शुभ मुहूर्त..
उत्तराखंड: खुशियों के त्योहार दीपावली की धनतेरस से शुरुआत हो चुकी है। धन त्रयोदशी के बाद यानि कि दीपावली के एक दिन पहले मनाई जाती है छोटी दीवाली। बता दें कि कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि को प्रदोष काल में छोटी दिवाली मनाते हैं। इस दिन यम का दीपक जलाते हैं। छोटी दीपावली को नरक चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है।
आज होती है मां काली और श्री कृष्ण की पूजा..
छोटी दीपावली पर मां काली की पूजा की जाती है। पुराणों के मुताबिक मां काली ने कई राक्षसों का वध कर अपने भक्तों को उनके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। जिस कारण दिवाली की अमावस्या तिथि पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। बड़ी दीपावली से ठीक एक दिन पहले छोटी दीपावली पर मां काली की पूजा की जाती है। आज 11 नवंबर को छोटी दीवाली मनाई जा रही है और आज मां काली की पूजा की जाएगी। इसके साथ ही आज भगवान श्री कृष्ण की पूजा भी की जाती है।
आज जलाया जाता है यम का दीपक..
ऐसा कहा जाता है कि कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ही भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। इस राक्षस ने देवताओं के साथ ही ऋषियों को भी बेहद ही परेशान किया हुआ था और 16000 कन्याओं को इसने बंधक बना लिया था।चतुर्दशी तिथि के दिन इसका वध होने के कारण ही आज के दिन को नरक चतुर्दशी और नरक चौदस भी कहा जाता है।
11 नवंबर 2023 को दोपहर 1:57 से कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी और 12 नवंबर 2023 को दोपहर 2:44 तक रहेगी। नरक चतुर्दशी पर यमराज पूजन और चौमुखी दीपक जलाने का शुभ समय 5:40 से लेकर शाम 7:36 तक है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन यमराज की पूजा करने से और दीप जलाने से परिवार के ऊपर आने वाला अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है।
