कैंचीधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी निजात..
बाईपास पर बनेगी 325 मीटर लंबी सुरंग..
उत्तराखंड: कुमाऊं के प्रसिद्ध कैंचीधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को जाम से निजात मिलेगी। यहां करीब दो किमी लंबे बाईपास का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 325 मीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी, जो यातायात को सुगम बनाएगी। बाईपास मार्ग और सुरंग की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद लोनिवि के एनएच खंड ने एलाइनमेंट रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है। केंद्र के अनुमोदन के साथ ही परियोजना की डीपीआर बनाने का काम किया जाएगा।
नैनीताल जिले के कैंचीधाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। हर साल 15 जून को मंदिर के स्थापना दिवस पर यहां बड़ा मेला लगता है। इसमें भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसके साथ ही वीकेंड पर भी भीड़ बढ़ जाती है। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और हाईवे से गुजरने वाले अन्य वाहन चालकों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है।
इस समस्या से निजात पाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंचीधाम बाईपास निर्माण की घोषणा की थी। जिस पर अब काम शुरू हो गया है। इसके तहत यहां भवाली सेनेटोरियम एचपी बैंड से बाईपास शुरू होगा, जो दो किमी बाद फिर रातीघाट में पेट्रोल पंप के पास पुरानी सड़क पर मिल जाएगा। इससे कैंचीधाम मंदिर बाईपास हो जाएगा। जिसे मंदिर नहीं जाना है, वह बिना जाम से जूझे सीधा निकल जाएगा।
रामगढ़ से क्वारब तक बनेगी टू-लेन सड़क
इसके साथ ही तल्ला रामगढ़ से क्वारब तक टू-लेन सड़क का निर्माण, विकास खंड भीमताल में देवीधुरा-जमीरा-ज्सूडा- मोटर मार्ग निर्माण, विकास खंड कोटाबाग में ग्राम पंगूठ से गढ़चोली तक मोटर मार्ग निर्माण, विकास खंड बेतालघाट में रेवली 3.5 किमी मोटर मार्ग निर्माण, भवाली पर्यटक आवास गृह का उच्चीकरण एवं मरम्मत काम काम भी किया जाएगा।
कैंचीधाम में मिलेगी पार्किंग की सुविधा
कैंचीधाम मंदिर के पास 500 वाहनों की क्षमता की पार्किंग का भी निर्माण प्रस्तावित है। 15 जून को कैंचीधाम मंदिर के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा की थी। पार्किंग का निर्माण कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से कराया जाना प्रस्तावित है।
अटल ब्रिज पहुंचे सीएम धामी, उत्तराखंड में भी इस तरह के ब्रिज बनाने की संभावनाएं तलाशने को कहा..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अहमदाबाद में स्थित अटल फुट ओवर ब्रिज का किया भ्रमण किया। सीएम धामी ने इस दौरान ब्रिज का भ्रमण करने आए अन्य प्रदेशों के पर्यटकों से भी मुलाकात की।सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को साबरमती रिवरफ्रंट के पश्चिम और पूर्वी हिस्से को जोड़ने वाले प्रतिष्ठित अटल फुट ओवर ब्रिज का भ्रमण किया। उन्होंने इसे आधुनिक तकनीकि का बेजोड़ नमूना बताया। उन्होंने कहा कि यह पुल अपने सुंदर संरचना से साबरमती के सौंदर्य से भी पर्यटकों को आकर्षित कराता है। इसमें लोगों के आवागमन की भी बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं।
उत्तराखंड में ब्रिज बनाने की संभावनाएं तलाशने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने अटल ब्रिज के प्रोजेक्ट हेड सुशांत से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने सचिव विनय शंकर पांडे को उत्तराखंड में भी अटल ब्रिज की तर्ज पर ब्रिज बनाए जाने की संभावनाएं तलाशे जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अटल ब्रिज देखने हेतु विभिन्न प्रदेशों से आए पर्यटकों से भी मुलाकात की।
सीएम धामी ने कहा कि ये उत्कृष्ट ब्रिज ‘गुजरात के विकास मॉडल’ की शानदार मिसाल है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में भी विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों का विकास तेजी से किया जा रहा है। भविष्य में उत्तराखंड में भी विभिन्न नदियों पर रिवर फ्रंट को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
सीएम धामी ने गुजरात के मुख्यमंत्री को बाबा केदार का स्मृति चित्र किया भेंट..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ग्लोबल इन्वेस्ट समिट की ब्रांडिंग के लिए दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान सीएम धामी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो दिवसीय गुजरात और अहमदाबाद दौरे के दौरान गांधीनगर में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से शिष्टाचार मुलाकात की। सीएम धामी ने उन्हें बाबा केदार का स्मृति चित्र भेंट किया।इस दौरान सीएम धामी ने उनसे प्रवासी उत्तराखंडियों की मांग पर अहमदाबाद में उत्तराखण्ड भवन बनाए जाने के लिए सहयोग हेतु अनुरोध किया। साथ ही दोनों राज्यों में गतिमान विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा कर उन्हें देवभूमि भ्रमण हेतु आमंत्रित भी किया।
उत्तराखंड शिक्षा विभाग में 692 पदों पर सीधी भर्ती..
उत्तराखंड: प्रदेश के इण्टरमीडिएट कॉलेजों सालों से प्रिसिंपल के पद खाली पड़े हुए हैं। जिसमें से 50 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। इसके लिए शासन ने राज्य लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेज दिया है। प्रदेश के इण्टरमीडिएट कॉलेजों में सालों से खाली पड़े प्रधानाचार्यों के 50 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। इस संबंध में शासन ने राज्य लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेज दिया है। उक्त प्रस्ताव विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा दो महीने पहले ही शासन को उपलब्ध कराया गया था। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि प्रधनाचार्यों के खाली पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने के बाद संबंधित विद्यालयों में पठन-पाठन व प्रशासनिक सुधार होगा।
कैबिनेट में लिया गया था फैसला..
विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग द्वारा विगत दो-तीन सालों में एलटी और प्रवक्ता संवर्ग के हजारों रिक्त पदों को भरा जा चुका है। इसी क्रम में इंटरमीडिएट कॉलेजों में वर्षों से रिक्त प्रधानाचार्य एवं प्रधानाचार्या के 1024 रिक्त पदों को भरने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिसके तहत 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती व 50 फीसदी पद विभागीय पदोन्नति से भरे जाने हैं। शिक्षकों की वरिष्ठता का विवाद उच्च न्यायलय में विचाराधीन होने के कारण विभागीय पदोन्नति के पद नहीं भरे जा सके हैं। जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने विगत वर्ष 50 फीसदी पदों को सीधी भर्ती से भरने का फैसला कैबिनेट में लिया था।कैबिनेट में पदों को सीधी भर्ती से भरने का फैसला लिए जाने के बाद विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा प्रधानाचार्यों के कुल रिक्त 1024 पदों में से 692 पदों को सीधी भर्ती से भरने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को उपलब्ध कराया गया। जिसका अधियाचन शासन द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग को भेज दिया गया है।
जबकि प्रधानाचार्यों के कुल स्वीकृत 1385 पदों में से 361 पद विभागीय पदोन्नति से पहले ही भरे हुए हैं तथा 332 पदोन्नति के पद रिक्त हैं। जिनको शिक्षकों की वरिष्ठता विवाद सुलझने के उपरांत विभागीय पदोन्नति से भरा जाना है। विभाग शिक्षक संगठनों के माध्यम से शिक्षकों के वरिष्ठता विवाद को सुलझाने का भी प्रयास कर रहा है।
ये कर सकते हैं आवेदन
सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन के द्वारा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को भेजे गए अधियाचन में स्पष्ट किया गया है कि सीधी भर्ती के तहत रिक्त कुल 692 पदों में से प्रधानाचार्य के 624 व प्रधानाचार्या के 68 पदों पर भर्ती की जानी है। जिसमें विभागीय पदोन्नति से कार्यरत प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाध्यापिका जिन्होंने दो वर्ष की निरंतर संतोषजनक सेवा पूर्ण कर ली हो तथा विभागीय नियमावली के नियम-08 के तहत शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण योग्यता रखते हों आवेदन कर सकते हैं।
इसी प्रकार मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे प्रवक्ता जिन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज के सामान्य अथवा महिला शाखा में न्यूनतम 10 साल की संतोषजनक सेवा पूर्ण करने के साथ ही नियम-8 के तहत शैक्षणिक व प्रशिक्षण योग्यता धारित करते हों विभागीय परीक्षा हेतु पात्र होंगे। इसी प्रकार मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे प्रवक्ता जो सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता पद पर प्रोन्नत हुए हों और प्रवक्ता के रूप में न्यूनतम 10 वर्ष की निरंतर संतोषजनक सेवा पूर्व कर चुके हों साथ ही नियमावली के तहत शैक्षिक व प्रशिक्षण योग्यता पूर्ण करते हों वो सीधी भर्ती हेतु पात्र माने जाएंगे। बता दें कि आयोग द्वारा की जाने वाली सीधी भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग श्रेणी के पात्र शिक्षक व शिक्षिकाओं के लिए चार प्रतिशत क्षैजित आरक्षण की भी व्यवस्था रखी गई है।
सीएम धामी ने सीएम योगी से की मुलाकात..
उत्तराखंड: मंगलवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी लखनऊ पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। सीएम धामी ने मंगलवार को लखनऊ पहुंचकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। सीएम धामी ने सीएम योगी को बद्री विशाल की प्रतिमा और प्रदेश में उत्पादित श्रीअन्न से बने उत्पाद भेंट किए। बता दें कि शाम को वे उत्तराखंड महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सीएम धामी ने निवेशकों को उत्तराखंड आने के लिए किया आमंत्रित..
उत्तराखंड: प्रदेश में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अहमदाबाद में रोड शो किया। सीएम ने विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बैठक करते हुए सभी निवेशकों को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए उत्तराखंड आने के लिए आमंत्रित भी किया। उत्तराखण्ड में दिसंबर में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अहमदाबाद में आयोजित रोड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बैठक करते हुए सभी निवेशकों को समिट के लिए आमंत्रित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात भगवान श्रीकृष्ण की धरा है। महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महापुरूषों की ये भूमि है। इस भूमि ने भारत को नरेन्द्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री दिए हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक पटल पर एक अलग पहचान बनाई है। आज दुनिया में भारत का मान-सम्मान और स्वाभिमान बढ़ रहा है।सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में उद्योगों के विकास के लिए सरकार द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उद्योग जगत से जुड़े लोगों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए 30 नई नीतियां बनाई गई हैं। कई नीतियों को और सरल बनाया गया है। उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान भी जो सुझाव प्राप्त हो रहे हैं उन सभी पर अमल किया जा रहा है।
राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। इसको और प्रभावी बनाया जा रहा है। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य को बने 23 साल हो गये हैं। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा उत्तराखंड को विशेष औद्योगिक पैकेज दिया गया। जिसके बाद उत्तराखण्ड में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ा है।
उत्तराखण्ड में निवेश के लिए अपार संभावनाएं..
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में निवेश के लिए अपार संभावनाएं हैं। राज्य में छह हजार एकड़ का लैण्ड बैंक बनाया गया है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश करने वालों के लिए और प्रोत्साहन दिया जाएगा। उत्तराखण्ड का प्राकृतिक सौन्दर्य और बेहतर मानव संसाधन निवेशकों को उत्तराखण्ड आने के लिए आकर्षित कर रहा है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में ईकोलॉजी और ईकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए कार्य किए जा रहे हैं। उत्तराखण्ड कर्मभूमि बनाने के लिए अच्छा डेस्टिनेशन है। राज्य में हवाई, रेल, रोड और रोपवे कनेक्टिविटी के साथ तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तराखण्ड में चारधाम यात्रा में इस वर्ष अभी तक 52 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। कुमांऊ मण्डल में मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के तहत तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण वातावरण है। राज्य में तेजी से निवेश बढ़े इसके लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नीतियों के सरलीकरण एवं नई नीतियों के क्रियान्वयन के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उद्योगों की स्थापना के लिए ट्रांसपोर्टेशन, विद्युत आपूर्ति और बेहतर मानव संसाधन की आवश्यकता होती है, जो सब उत्तराखण्ड के पास हैं। उत्तराखण्ड सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य है। कनेक्टिविटी का राज्य में तेजी से विस्तार हुआ है।
उत्तराखंड सरकार का महिला कर्मचारियों को तोहफा..
उत्तराखंड: करवा चौथ पर उत्तराखंड सरकार ने महिला कर्मचारियों को तोहफा दिया है। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने शासकीय, अशासकीय कार्यालयों व शिक्षा संस्थानों में महिला कर्मचारियों के लिए एक नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मंगलवार दोपहर सचिव विनोद कुमार सुमन ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं।
आज होगी धामी कैबिनेट की बैठक..
उत्तराखंड; सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक होगी। कर्मचारियों को दीपावली बोनस की सौगात मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के कई प्रस्तावों को चर्चा के बाद मंजूरी मिल सकती है। सचिवालय स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में 12 बजे से मंत्रिमंडल की बैठक शुरू होगी। बैठक में औद्योगिक नीतियों में संशोधन, राजाजी टाइगर रिजर्व के कंजर्वेशन फाउंडेशन के गठन, कर्मचारियों के पुरानी पेंशन से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय होने की संभावना है।
2028 में पूरा होगा जमरानी बांध का निर्माण-सिंचाई मंत्री..
उत्तराखंड: सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने जमरानी बांध परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की कमेटी की मंजूरी मिलने को ऐतिहासिक बताया। उनका कहना हैं कि परियोजना के निर्माण में 2584 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। मार्च 2028 तक परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुभाष रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए महाराज ने कहा कि परियोजना से करीब 1.5 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही हल्द्वानी शहर को पर्याप्त पेयजल और 6.3 करोड़ यूनिट जल विद्युत उत्पादन हो सकेगा। महाराज ने कहा कि परियोजना को 45 वर्षों के बाद स्वीकृति मिली, अब इस पर तेजी से काम होगा। उन्होंने कहा कि जमरानी बांध परियोजना के वित्त पोषण के लिए निवेश स्वीकृति एवं जल शक्ति मंत्रालय की स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से मंजूरी दी गई है। इसमें 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार जबकि 10 प्रतिशत खर्च यूपी-उत्तराखंड को उठाना है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग हरिद्वार में दशहरे से दीपावली के बीच सिल्ट सफाई के लिए नहर बंद कर देता है। इस वर्ष भी ऊपरी गंग नहर की वार्षिक बंदी अक्तूबर में कर दी गई है, जो 12 नवंबर तक जारी रहेगी। सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हरिद्वार की हरकी पैड़ी और अन्य गंगा घाटों पर दीपावली तक जलापूर्ति सुचारू रखने का अनुरोध किया है।
हरिद्वार क्षेत्र में सिंचाई के लिए यूपी से मांगा 665 क्यूसेक पानी.
सिंचाई मंत्री महाराज ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में हरिद्वार के भगवानपुर क्षेत्र में सिंचाई के लिए 665 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से यूपी को 4879 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, इसमें उत्तराखंड को 665 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे भगवानपुर और अन्य क्षेत्रों में सिंचाई की कमी को पूरा किया जा सकेगा।
जोशीमठ: जोखिम संभावित भवनों की होगी पहचान, असुरक्षित ढहाए जाएंगे..
उत्तराखंड: जोशीमठ आपदा को देखते हुए सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में जोखिम संभावित भवनों की तलाश शुरू करने का फैसला किया है। ऐसे असुरक्षित भवन यदि रेट्रोफिटिंग के माध्यम से भी सुरक्षित नहीं होंगे, तो उन्हें ढहा दिया जाएगा।असुरक्षित भवनों की चिन्हित करने और रेट्रोफिटिंग की कार्रवाई के लिए शासन ने सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ और तकनीकी समिति का गठन कर दिया है। इस संबंध में आवास विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि जोशीमठ नगर क्षेत्र भू-धंसाव के कारण भवनों में दरारें आ गई हैं।
रेट्रोफिटिंग का फैसला पहले ले चुकी..
तीखे ढलान पर बसे इस नगर में कई आवासीय और व्यावासयिक भवन जोखिम की दृष्टि बेहद संवेदनशील हैं। विशेषज्ञों के सुझाव पर सरकार जोशीमठ में असुरक्षित और संवेदनशील भवनों के रेट्रोफिटिंग का फैसला पहले ले चुकी है।
इसके लिए निविदा तक हो चुकी है। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में असुरक्षित भवनों के चिह्निकरण का काम शुरू किया है। यह कार्य डीएम की अध्यक्षता में गठित एक कमेटी करेगी। आवास विभाग ने समिति के गठन को लेकर आदेश जारी कर दिया है।राज्य के प्रत्येक जिले में डीएम की अध्यक्षता गठित समिति कुल छह सदस्य हैं। इनमें एमडीडीए व हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व सचिव, सभी जिला विकास प्राधिकरण से संबंधित क्षेत्र उप जिलाधिकारी, लोनिवि, सिंचाई, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता, संबंधित जिले में भू तत्व व खनिकर्म विभाग के सहायक भू-वैज्ञानिक व नगरी स्थानीय निकाय के नगर आयुक्त या अधिशासी अधिकारी समिति के सदस्य बनाए गए हैं।
ऐसे असुरक्षित भवनों का होगा चिह्निकरण..
राज्य में प्राकृतिक आपदाओं मसलन भूकंप, हिमस्खलन, भूस्खलन, भू-धंसाव, अतिवृष्टि व बाढ़ की दृष्टिगत आपदा को कम करने के लिए वर्तमान में बने ऐसे भवनों की पहचान करेगी, जो जोखिम संभावित की श्रेणी में आते हैं।
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समिति ऐसे भवनों की पहचान करेगी जो 30 डिग्री से अधिक ढाल पर बनाए गए हैं या फ्लड जोन में बने हैं
ऐसे भवन भी जो हिमस्खलन या भूस्खल प्रभावित या संभावित क्षेत्र में बने हैं
15 मीटर ऊंचे ऐसे भवन जो ढांचागत रूप से असुरक्षित हैं
भूकंपीय फाल्ट लाइन से 30 मीटर की दूरी में बने भवन या किन्हीं कारणों से असुरक्षित भवन
समिति ये कार्रवाई करेगी
1. असुरक्षित भवनों का चिह्निकरण के साथ ही समिति भवन स्वामी को रेट्रोफिटिंग के जरिये भवन को सुरक्षित बनाने के सुझाव देगी और इसका अनुपालन सुनिश्चित कराएगी।
2. जिन भवनों को रेट्रोफिटिंग के जरिये सुरक्षित नहीं किया जा सकता है उनको, विद्यमान नियमों के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी।
3. इस कार्य के लिए विषय विशेषज्ञों को समिति में सदस्य के रूप में आमंत्रित किया जा सकेगा।
