तुंगनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पहली बार एक लाख पार..
अष्टमी पर उमड़ा भक्तों का सैलाब..
उत्तराखंड: पंचकेदार में तृतीय तुंगनाथ की यात्रा ने नया कीर्तिमान बनाया है। पहली बार दर्शनार्थियों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। बाबा के भक्तों के उमड़ने से यात्राकाल में मस्तूरा से तुंंगनाथ तक कारोबार को भी नई गति मिली है। 26 अप्रैल से शुरू हुई तृतीय केदार की यात्रा को नया आयाम मिल रहा है। इस वर्ष प्रतिदिन औसतन 500 श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। रविवार को शारदीय नवरात्र की अष्टमी को सुबह से मंदिर में भक्तों की भीड़ जुटी रही। दोपहर 12 बजे तक तीन हजार श्रद्धालुओं के दर्शन करते ही तृतीय केदार तुंगनाथ में इस वर्ष दर्शनार्थियों की संख्या 1,00,500 पहुंच गई।
उत्तराखंड राज्य निर्माण के 23 वर्षों में यह पहला अवसर है, जब यात्राकाल में तृतीय केदार में इतने श्रद्धालु पहुंचे हैं। यहां चोपता से तुंगनाथ तक पूरे पैदल मार्ग पर रौनक बनी हुई है। मंदिर के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी का कहना हैं कि कपाट खुलने के बाद से प्रतिदिन मंदिर में भक्तों की खूब भीड़ उमड़ रही है। यात्रा के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर कारोबार को भी गति मिली और साथ ही कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। मंदिर के मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी ने बताया, वह पिछले 50 वर्ष से भी अधिक समय से यात्रा को देखते आ रहे हैं, लेकिन तुंंगनाथ में इतने भक्त पहली बार पहुंचे हैं। इससे पूर्व तुंगनाथ में वर्ष 2019 में पूरे यात्राकाल में 25 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए थे।
10,095 श्रद्धालु कर चुके द्वितीय केदार में दर्शन..
बता दे कि पंचकेदार में द्वितीय मद्महेश्वर में इस वर्ष अभी तक 10,095 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। 22 मई से शुरू हुई द्वितीय केदार की यात्रा में भी पहली बार इतनी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं, जबकि अभी एक माह से अधिक की यात्रा शेष है। पंच गौंडारी व ग्राम प्रधान वीर सिंह पंवार का कहना है कि जब से उन्होंने होश संभाला, यह पहला मौका है, जब द्वितीय केदार की यात्रा में दर्शनार्थियों की संख्या 10 हजार के पार पहुंची है। बताया, कपाट बंद होने तक दर्शनार्थियों का आंकड़ा 15 हजार के पार होने की उम्मीद है।
प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा ने किये केदारनाथ धाम के दर्शन..
उत्तराखंड: प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली एवं प्रगति की कामना की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट केदारपुरी को दिव्य एवं भव्य बनाने के लिए चल रहे निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्यों का प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों एवं कर्मचारियों का ध्यान रखने एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा के एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण में पहुंचने पर वीआईपी हैलीपैड़ में जिलाधिकारी डाॅ. सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे ने स्वागत किया। इस अवसर पर मंदिर समिति एवं तीर्थ पुरोहित समाज ने परंपरागत मंत्रोच्चारण एवं रुद्राक्ष की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में प्रवेश कर बाबा श्री केदारनाथ का रुद्राभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कर समस्त देशवासियों की खुशहाली एवं जनकल्याण की कामना की।
एक दिवसीय केदारनाथ भ्रमण पर पहुचें प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा, प्रधानमंत्री जी के सलाहकार अमित खरे, मुख्य सचिव उत्तराखंड सरकार एसएस संधु, उप सचिव पीएमओ मंगेश घिल्डियाल, पर्यटन विभाग उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) भास्कर खुल्बे, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे करीब 9 बजे वायु सेना के हेलिकॉप्टर से वीआईपी हैलीपैड पर पहुचें। जिसके बाद उन्होंने मंदिर में प्रवेश कर धर्मपत्नी के साथ बाबा केदारनाथ का रूद्राभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना कर समस्त विश्व एवं जन कल्याण की कामना की।
करीब 30 मिनट की पूजा अर्चना के बाद उन्होंने केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण शुरू किया। इसी बीच उन्होंने तीर्थ पुरोहित समाज से मुलाकात कर केदारनाथ धाम के विकास कार्यों के लिए उनके सुझाव लिए एवं समस्याएं भी सुनी। सर्वप्रथम उन्होंने मुख्य सचिव से केदारपुरी में बने पुराने एवं नए आवासों की बनावट एवं क्षमता की जानकारी ली। जिसके बाद उन्होंने ईशानेश्वर मंदिर एवं भीम शिला के दर्शन किए। इस दौरान मुख्य सचिव ने उन्हें आपदा के समय भीम शिला ने कैसे मंदिर की रक्षा की यह जानकारी दी। इसके पश्चात् उन्होंने शंकराचार्य समाधि के दर्शन कर निर्माणाधीन शिव उद्यान का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली।
श्री केदारनाथ मंदिर परिसर के समाने बन रहे भवनों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने संबंधित एजेंसियों एवं जिलाधिकारी से भवनों का उद्देश्य पूछा वहीं सभी एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भवनों के निर्माण में आ रही समस्याओं की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी को भवनों के अधिग्रहण में तेजी लाते हुए गोल चबूतरे से मंदिर परिसर तक कॉरिडोर का कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने रेन शेल्टर, मंदाकिनी एवं सरस्वती नदियों के घाट पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए पूरे क्षेत्र में क्या व्यवस्थाएं और सुविधा दी जाएगी उसकी जानकारी ली।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामग्री की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने समस्त अधिकारियों, कर्मचारी एवं निर्माण एजेंसियों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर सभी के समन्वय से कठिन परिस्थितियों के बीच बेहतरीन कार्य हो रहा है इसे आगे भी जारी रखते हुए समय पर सभी कार्य पूरे किए जाएं। वहीं उन्होंने निर्माण कार्यों में जुटे मजदूरों एवं कर्मचारियों का ध्यान रखने एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर एडीएम बीर सिंह बुदियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी केडीए योगेन्द्र सिंह, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ जितेंद्र वर्मा, सीओ विमल रावत, कार्यकारी अधिकारी आरसी तिवारी, एसएचओ केदारनाथ मंजुल रावत, केदार सभा के राजकुमार तिवारी समेत अन्य तीर्थ पुरोहित, अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
’50 साल बाद पहुचें केदारनाथ’
प्रमुख सचिव प्रधानमंत्री भारत सरकार पीके मिश्रा ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि वह करीब 50 साल बाद श्री केदारनाथ धाम में दर्शनों को पहुंचे हैं। अपनी पिछली यात्रा के दौरान उन्होंने पैदल यात्रा कर केदार घाटी का अनुभव लिया था। उन्होंने कहा कि पिछले 50 सालों में केदार घाटी में बड़े परिवर्तन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यहां बाबा केदारनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करना सौभाग्य की बात है।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस जवानों को दी श्रद्धांजलि..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने का उत्तरदायित्व राज्यों की पुलिस बल व अर्द्धसैनिक बलों का है। अपने इस उत्तरदायित्व को निभाते हुए पुलिस कर्मी अपने जीवन की आहुति को भी तत्पर रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस व्यवस्था किसी भी राज्य की सुरक्षा एवं समृद्धि का एक आवश्यक अंग है।
हमारे राज्य की पुलिस भी सेवा की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए शान्ति एवं कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए अनेकों चुनौतियों नशा, साइबर क्राईम, महिला अपराध, यातायात व्यवस्था, चारधाम यात्रा, आपदा, भूस्खलन, कांवड़ यात्रा आदि का प्रबंधन करती है।
उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा इस वर्ष भी कांवड़ यात्रा में आये करीब 4 करोड़ से अधिक एवं चारधाम यात्रा में अब तक पहुंचे लगभग 50 लाख श्रद्धालुओ को सुगम यात्रा एवं दर्शन कराते हुए गन्तव्य तक सुरक्षित पहुंचाने में सराहनीय योगदान दिया है। जी-20 सम्मेलन, की राज्य में हुई तीन बैठकों में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था को उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा सुनिश्चित कराया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को नशा मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए सरकार द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस के अन्तर्गत एक त्रिस्तरीय एण्टी नारकोटिक फोर्स का गठन किया गया है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए वर्ष 2021 से अब तक 04 हजार से ज्यादा नशे के सौदागरों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए लगभग 40 करोड़ रूपये के नारकोटिक पदार्थ बरामद किए गए हैं।
भू-माफिया तथा नकल माफियाओं से सम्बन्धित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून लाये गये हैं। राज्य में माताओं और बहनों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने पर “महिला हैल्प डेस्क’’ खोले गये हैं। महिला सुरक्षा के लिए उत्तराखण्ड पुलिस एप के अन्तर्गत गौरा शक्ति मॉड्यूल बनाया गया, जिसमें एक लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। वैवाहिक मामलों में काउंसलिंग हेतु प्रत्येक जनपद में महिला काउंसलिंग सेल खोले गये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करते हुए पुलिस जवानों के कार्यस्थल एवं उनके बैरकों को स्मार्ट बनाये जाने के लिए भवन निर्माण के लिए 36 करोड़ रूपये की धनराशि को बढ़ाते हुए 57 करोड़ रूपया स्वीकृत किया गया है।
एनसीआरबी द्वारा जारी क्राइम इन इंडिया 2021 रिपोर्ट के अनुसार चोरी अथवा लूटी गयी सम्पत्तियों की बरामदगी में उत्तराखण्ड राज्य 68 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सम्पूर्ण देश के थानों की स्वच्छता, अपराध एवं कानून व्यवस्था के आधार पर जो समीक्षा की गयी, जिसमें चम्पावत जनपद का ’’थाना बनवसा’’ देश के 16 हजार से अधिक थानों में शीर्ष तीन में स्थान बनाने में सफल हुआ।
पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार ने कहा कि 21 अक्टूबर का दिन राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र बलों एवं सभी केंद्रीय पुलिस संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। 21 अक्टूबर 1959 को भारत की उत्तरी सीमा पर लद्दाख के 16 हजार फीट ऊँचे बर्फीले एवं दुर्गम क्षेत्र हॉटस्प्रिंग में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक गश्ती टुकड़ी के 10 बहादुर जवानों ने एस. आई. करन सिंह के नेतृत्व में चीनी अतिक्रमणकारियों से लोहा लिया और अत्यन्त बहादुरी से लड़ते हुए अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।
इन्ही वीर सपूतों के बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष पूरे देश में 21 अक्टूबर को “पुलिस स्मृति दिवस” के रूप में मनाया जाता है। विगत एक वर्ष में भारत में राज्य पुलिस एवं केन्द्रीय सुरक्षा बलों के कुल 188 कर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है। उत्तराखण्ड पुलिस के 04 जवानों उप निरीक्षक प्रदीप सिंह रावत, आरक्षी लक्ष्मण सिंह, आरक्षी चमन सिंह तोमर और आरक्षी जवाहर सिंह ने इस वर्ष ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी, मेयर श्री सुनील उनियाल गामा, विधायक श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री मुन्ना सिंह चौहान, श्रीमती सविता कपूर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु चौहान, अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राधा रतूड़ी ने दी विभागों को कागजी प्रक्रियाओं को समय में पूरा करने की नसीहत..
उत्तराखंड: एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने विभागों को कागजी प्रक्रियाओं को कम से कम समय में पूरा करने की कड़ी नसीहत दी है। योजनाओं के सम्बन्ध में विभागों से कार्यवृत (मिन्ट्स) समय पर न मिलने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने सभी विभागों को स्पष्ट किया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए विभागीय प्रक्रियाओं को निर्धारित डेडलाइन पर पूरा करें। उन्होंने अधिकारियों को अर्न्तविभागीय समन्वय पर विशेष ध्यान देने की कड़ी हिदायत दी है।
सचिवालय में प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में पिथौरागढ़ भ्रमण के दौरान घोषित की गयी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा शिलान्यास एवं लोकार्पित की गई योजनाओं की क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा की जा रही है इसके साथ ही उत्तराखण्ड के 51 सीमान्त गांवों के विकास के लिए संचालित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की सीधी मॉनिटरिंग गृह सचिव भारत सरकार द्वारा की जा रही है तथा इस सम्बन्ध में प्रत्येक सप्ताह समीक्षा बैठक की जा रही है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत चयनित इन 51 गांवों की अर्थव्यवस्था, आजीविका, सामाजिक संरचना, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, बिजली और दूरसंचार सुविधाओं को मजबूत करने एवं इनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के सभी विभागों को मिशन मोड पर कार्य करना होगा।
चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को मानसखण्ड मंदिरों एवं आदि कैलाश हेतु प्रोत्साहित करने के विषय पर चर्चा करते हुए एसीएस श्रीमती रतूड़ी ने लोक निर्माण विभाग को गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने हेतु कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास के सम्बन्ध में केन्द्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करने, राज्य सरकार द्वारा इन क्षेत्रों में किये जा रहे प्रयासों को त्वरित करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और पुलों के निर्माण के प्रस्ताव तत्परता से केन्द्र को भेजने के निर्देश दिए हैं।
एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने पर्यटन विभाग को आदि कैलाश व ओम पर्वत की यात्रा हेतु बेहतर सुविधाएं व कनेक्टिविटी मजबूत करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं। पर्यटन विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस सम्बन्ध में एक एमओयू आईटीबीपी के साथ किया गया है। इसके साथ ही श्री केदारनाथ एवं श्री हेमकुण्ड साहिब में प्रस्तावित रोपवे हेतु निविदा हो चुकी है।
बैठक में एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने ग्राम्य विकास विभाग को राज्य में रिवर्स पलायन हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किये जाने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य में बी पी एल परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत वर्ष 2022-23 में 40 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया गया। वर्ष 2023-24 में 50 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाये जाने का लक्ष्य है तथा 2025 तक एक लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव ने खेल विभाग को ओलम्पिक, एशियन गेम, कॉमनवेल्थ गेम व अन्य अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों हेतु पुरस्कार एवं बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव श्री आर मीनाक्षी सुन्दरम, श्री सचिन कुर्वे, अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्री जितेन्द्र कुमार सोनकर, निदेशक संस्कृति सुश्री बीना भट्ट तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सरकार ने इन देशों को दी गैर-बासमती चावल के निर्यात की मंजूरी..
देश-विदेश: सरकार ने नेपाल, कैमरून और मलेशिया सहित सात देशों को 10,34,800 टन गैर-बासमती चावल के निर्यात की मंजूरी दे दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय की जारी अधिसूचना के अनुसार यह निर्यात राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. एनसीईएल के जरिए किया जा सकता है। हालांकि भारत ने घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के लिए 20 जुलाई से गैर-बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, लेकिन कुछ देशों की खाद्य सुरक्षा जरूरत के मद्देनजर सरकार उनके लिए गैर-बासमती चावल के निर्यात की अनुमति देती है।
आपको बता दे कि सरकार ने जिन देशों को अनुमति दी है उनमें नेपाल, कैमरून, कोटे डी आइवर, गिनी, मलेशिया, फिलिपीन और सेशल्स शामिल है। जानकारी के अनुसार नेपाल को 95,000 टन, कैमरून को 1,90,000 टन, कोटे डी आइवर को 1,42,000 टन गिनी को 1,42,000 टन, मलेशिया को 1,70,000 टन, फिलिपीन को 2,95,000 टन और सेशेल्स को 800 टन गैर-बासमती चावल का निर्यात किया जाएगा।
आरआईएमसी सर्वश्रेष्ठ सरकारी बोर्डिंग स्कूल..
एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया की रैंकिंग में मिला सम्मान..
उत्तराखंड: एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया की ओर से राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी) को सर्वश्रेष्ठ सरकारी बोर्डिंग स्कूल के रूप में मान्यता दी है। आरआईएमसी के कमांडेंट कर्नल विक्रम कादियान ने कहा, यह सम्मान छात्रों, कर्मियों और प्रबंधन के समर्पण और मेहनत को दर्शाता है। कहा, हम भविष्य के लीडर्स को तैयार करने के अपने मिशन को जारी रखेंगे, जो विशिष्टता के साथ हमारे राष्ट्र की सेवा करेंगे। कहा, 1922 में स्थापित राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज का भारत के भावी लीडर्स को तैयार करने का समृद्ध इतिहास रहा है। आरआईएमसी दशकों से युवाओं को कर्तव्यनिष्ठा, सम्मान और देशभक्ति की मजबूत भावना के साथ एक पूर्ण व्यक्तित्व के रूप में तैयार करता आ रहा है।
आरआईएमसी का गहन शैक्षणिक पाठ्यक्रम चरित्र निर्माण और नेतृत्व प्रशिक्षण पर जोर के साथ, पाठ्यपुस्तकों से परे शिक्षा प्रदान करता है। बताया, प्रमुख शिक्षा पत्रिका एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया देशभर के शैक्षणिक संस्थानों का वार्षिक सर्वेक्षण और रैंकिंग करती है। रैंकिंग अभिभावकों एवं छात्रों को विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों द्वारा दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करती है।
एजुकेशन वर्ल्ड की ओर से राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज को भारत में सर्वश्रेष्ठ सरकारी बोर्डिंग स्कूल के रूप में मान्यता दी गई है। कहा, स्कूल का शानदार इतिहास, शीर्ष स्तर की फैकल्टी, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा और अनुशासन और नेतृत्व को बढ़ावा देने वाला वातावरण सम्मान को प्राप्त करने में सहायक रहा है।
उत्तराखंड में जूनियर इंजीनियर के एक हजार से ज्यादा पद पर निकली भर्ती..
उत्तराखंड: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे इंजीनियर्स उत्तराखंड में जूनियर इंजीनियर पद पर एक हजार से ज्यादा पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार, यूकेपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट http://psc.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उत्तराखंड शासन के विभिन्न विभागों के अंतर्गत इंजीनियरिंग की शाखाओं के लिए कुल 1097 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती द्वारा चयन हेतु ‘उत्तराखंड सम्मिलित राज्य कनिष्ठ अभियन्ता सेवा परीक्षा-2023’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं ऑनलाइन आवेदन 14 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं। योग्य उम्मीदवारों को 03 नवंबर तक आवेदन करने का मौका दिया गया है। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा की तारीख उचित समय पर अधिसूचित की जाएगी। पूरी जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट http://psc.uk.gov.inपर जाकर आवेदन करें।
बॉलीवुड सितारों के बीच चमकी उत्तराखंड की सृष्टि..
‘एक था गांव’ के लिए राष्ट्रपति ने किया सम्मानित..
उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड के टिहरी जिले की रहने वाली सृष्टि लखेड़ा ने कमाल कर दिया। सृष्टि को उनकी फिल्म ‘एक था गांव’ के लिए नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। बेस्ट नॉन फीचर फिल्म की केटेगरी में उन्हें ये पुरस्कार मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को सृष्टि को सम्मानित किया। बता दे कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स(ट्विटर) प्लेटफार्म पर एक विडियो शेयर किया।
ट्वीट में सृष्टि की उपलब्धि के बारे में बताया। उन्होंने लिखा “मुझे खुशी है कि महिला फिल्म निर्देशक सृष्टि लखेरा ने ‘एक था गांव’ नामक अपनी पुरस्कृत फिल्म में एक 80 साल की वृद्ध महिला की संघर्ष करने की क्षमता का चित्रण किया है। महिला चरित्रों के सहानुभूतिपूर्ण और कलात्मक चित्रण से समाज में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान में वृद्धि होगी।
आपको बता दे कि 35 साल की सृष्टि लखेड़ा उत्तराखंड के टिहरी जिले के कीर्तिनगर ब्लॉक के सेमला गांव की रहने वाली है। फिल्म ‘एक था गांव’ नेशनल अवार्ड से पहले मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेज (MAMI) फिल्म महोत्सव में गोल्ड की श्रेणी मिल चुकी है। इस फिल्म को सृष्टि ने ही प्रड्यूस और डायरेक्ट किया है। घोस्ट विलेज यानी गांवों से हुए पलायन की कहानी को गढ़वाली और हिंदी भाषा में बनाया गया है।
सृष्टि का परिवार ऋषिकेश में रहता है।उत्तराखंड में हो रहे पलायन के देखते हुए सृष्टि ने इस पर फिल्म बनाई। जिसमें उन्होंने बताया की उनके गांव में पहले करीब 40 परिवार रहते थे। लेकिन अब केवल पांच से सात लोग ही गांव में रहते है।किसी न किसी वजह से लोगों को अपना गांव छोड़कर जाना पड़ता है। इस पीड़ा को उन्होंने अपनी फिल्म में दर्शाया है। फिल्म में दो मुख्य कलाकार है एक 80 साल की लीला देवी और 19 साल का किशोरी गोलू।
खेल महाकुंभ 2023 के आयोजन 31 अक्टूबर से शुरू होंगे..
उत्तराखंड: प्रदेश में 31 अक्तूबर से खेल महाकुंभ 2023 का आगाज होगा। खेल मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को इसके लिए सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना हैं कि चार लाख से अधिक प्रतिभागी इसमें प्रतिभाग करेंगे, जिसमें पहली बार न्याय पंचायत स्तर पर पहले, दूसरे व तीसरे स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि दी जाएगी।
विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में मंत्री ने कहा, हर साल खेल महाकुंभ अक्तूबर के पहले सप्ताह में शुरू होता है, लेकिन इसे इस बार 31 अक्तूबर से दिसंबर आखिर तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री का कहना हैं कि खेल महाकुंभ के लिए स्थान चयन, मुख्य अतिथि और आयोजित होने वाले प्रतियोगिताओं के बारे में जल्द स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
वही विभागीय अधिकारियों का कहना हैं कि खेल महाकुंभ में ब्लॉक से राज्य स्तर तक होने वाली प्रतियोगिताओं में पुरस्कार की राशि बढ़ाई गई है। ब्लॉक स्तर पर पहले स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को पांच सौ, दूसरे पर रहने वाले को चार सौ और तीसरे स्थान पर रहने वाले को तीन सौ रुपये की राशि दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य स्तर पर भी पुरस्कार की धनराशि बढ़ाई गई है। राज्य स्तर पर प्रतियोगिताओं में पहले स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को 1500 रुपये, दूसरे पर एक हजार और तीसरे पर सात सौ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि प्रति खिलाड़ी भोजन की राशि को 225 रुपये किया गया है।
बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम में बर्फबारी देख उत्साहित हुए श्रद्धालु..
उत्तराखंड: बद्रीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। खराब मौसम में भी धामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। धाम में पहुंचे श्रद्धालु बर्फबारी देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। दूसरी और कई श्रद्धालु ऐसे भी है जो सुविधाओं के अभाव के चलते परेशान है।बता दें यमुनोत्री सहित यमुना घाटी में पिछले एक घंटे से झमाझम बारिश हो रही है। यमुनोत्री धाम के ऊपर बुग्यालों चोटियों सप्त ऋषि कुंड, बंदरपूंछ, कालिंदी पर्वत, गरुड़ गंगा टाप पर बर्फबारी जारी है। बारिश और बर्फबारी के चलते ठण्ड बढ़ गई है। धाम में पहुंचे तीर्थयात्री बर्फबारी का लुत्फ उठा रहे हैं।
कई यात्रियों को हो रही दिक्कते
कई श्रद्धालु ऐसे भी है जो ठंड से दुबकने को मजबूर हो गए हैं। पर्याप्त सुविधाएं न होने से श्रद्धालुओं को बारिश और बर्फबारी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वही केदारनाथ धाम में भी बारिश और बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के दौरान भी श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए लंबी कतार में खड़े हैं।वहीं दोपहर बाद बद्रीनाथ धाम में बर्फबारी शुरू हुई। बर्फबारी के बाद बद्रीनाथ धाम में ठण्ड बढ़ गई। भगवान बद्री विशाल के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु भी बर्फ देखकर उत्साहित नजर आए।
