उत्तराखंड की गरिमा जोशी ने व्हीलचेयर पर बैठकर जीते दो गोल्ड मेडल..
उत्तराखंड: कहते हैं कि सपने उन्हीं के सच होते हैं, जिनके सपनों में जान होती हैं। पंख से कुछ नहीं होता होंसलों में उड़ान होती हैं। इस बात को साबित कर दिखाया है उत्तराखंड की बेटी गरीमा जोशी ने। गरिमा ने दिव्यांग होने के बावजूद भी हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत के दम पर दो गोल्ड मेडल जीत प्रदेश को गौरावान्वित किया है।
उत्तराखण्ड युवा कल्याण, प्रारद एवं खेल उत्तराखण्ड शासन देहरादून द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय खेल महाकुम्भ 2023 में दिव्यांग एथलीट गरिमा जोशी ने दो गोल्ड मेडल जीते है। विगत 21 व 22 फरवरी को दिव्यांग वर्ग की पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गरिमा जोशी ने 2 गोल्ड मेडल जीते है। गरिमा जोशी उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र के छतगुल्ला गांव की रहने वाली है। वह इससे पहले भी कई मेडल जीत चुकी है।
आपको बता दे कि विगत 31 मई 2018 को बंगलूरु में अभ्यास के दौरान अज्ञात वाहन की टक्कर से उन्हें काफी चोटें आयी। लेकिन इसके बावजूद गरिमा ने हार नहीं मानी। अपनी कमजोरी को अपनी ताकर बना कर गरिमा अब व्हीलचेयर के सहारे तमाम प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर अपना डंका बजा रही है। गरिमा लगातार शानदार प्रदर्शन कर कई मेडल अपने नाम कर चुकी है। बेटी की सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है।
मथुरा में इस युवा उद्यमी ने फ्लिपकार्ट के जरिए अपने सपनों को पूरा किया..
देश-विदेश: मथुरा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले पीयूष हमेशा एक उद्यमी बनना चाहते थे। उनका सपना किसी तरह अपना कारोबार शुरू करना था। भले ही पीयूष ने अपनी पढ़ाई एमबीए में पूरी करने के बाद एक एमएनसी के लिए काम किया पर वह अपने काम से संतुष्ट नहीं था। 2020 में, COVID-19 महामारी के प्रकोप से देशव्यापी प्रतिबंध लगाए गए थे और इसी बीच पीयूष की नौकरी भी चली गई और उसे मथुरा में अपने माता-पिता के घर लौटना पड़ा।
पीयूष कहते हैं, ”लॉकडाउन के दौरान, मैं अपने करियर को लेकर बेहद चिंतित था, मैं कुछ भी नहीं कमा रहा था। ऐसी परिस्थितियों ने मुझे उन सभी चीजों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित किया जिनमें मैं अच्छा था। मुझे अपनी जीविका के लिए कुछ करना था।इस तरह के प्रश्नों और चिंताओं ने पीयूष के मन में एक नया दृष्टिकोण पैदा किया और उनका पुराना उद्यमशीलता का सपना एक बार फिर उभरने लगा। अपने सपने को पूरा करने के लिए पीयूष ने नए अवसरों की तलाश शुरू कर दी। उसने महसूस किया कि वह एक ऐसे शहर में रहते हैं जो सदियों से एक तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध है, और यहां पर पूजा संबंधित उत्पादों की मांग है।
पीयूष ने बताया, ”मैंने देखा कि मेरे आसपास बहुत सारे मंदिर हैं और यहां पर बहुत सारे उत्पाद – जैसे सुगंधित अगरबत्ती, धूपबत्ती और पूजा के सामान की काफी डिमांड है। मेरा मानना है कि भारत के बाजारों में इन उत्पादों की हमेशा मांग रहेगी।पीयूष अपने इस विचार पर एकदम सही था और उसने बिल्कुल नए सिरे से अपना नया व्यवसाय शुरू किया। अपने माता-पिता की मदद से उसने शुरुआत में इन उत्पादों को स्थानीय स्तर पर बेचने का काम किया है। साथ ही उन्होंने घर पर उत्पाद बनाना भी शुरू किया। कुछ महीनों के बाद उन्होंने महसूस किया कि वह अपने ग्राहकों की संख्या का विस्तार करना चाहते हैं, और उन्होंने सोचा कि क्यों न ऑनलाइन बिक्री की जाए।
बहुत जल्द ही उन्होंने अक्टूबर 2020 में फ्लिपकार्ट के साथ मिलकर शंख स्टोर नाम से अपना ऑनलाइन वेबसाइट शुरू किया। पीयूष कहते हैं कि ‘फ्लिपकार्ट पर अपना कारोबार शुरू करने के बाद से मेरे पास देश के हर हिस्से से ऑर्डर आने शुरू हो गए। जितना मैं एक पूरे महीने में कमाता था, अब मैं एक सप्ताह में उससे अधिक कमाता हूँ! पीयूष ने अपने व्यवसाय में जो सफलता देखी, वह आज भी उनके विकास को प्रेरित कर रही है। जिस पीयूष ने अपने छोटे से व्यवसाय को सक्रिय रूप से निवेश करके घर पर शुरू किया था, अब उसी पीयूष ने एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी स्थापित कर ली है।
पीयूष के पिता बालकृष्ण अग्रवाल कहते हैं ”मैं अपने बेटे के काम से बहुत खुश हूं और मैं उसके फैसले पर कायम हूं।पीयूष ने एक उद्यमी बनकर अब तक जो हासिल किया है, उस पर उसे गर्व है, और अब वो सिर्फ यही पर नहीं रुकेगा। पीयूष कहते हैं ‘मैं इस बिजनेस को उस मुकाम तक ले जाना चाहता हूं, जहां मैं हर महीने एक करोड़ रुपये से ज्यादा कमा सकूं और मैं अपने इस उत्पादों को देश के हर घर तक पहुंचते हुए देखना चाहता हूं।
यमुनोत्री धाम के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर आयी सामने..
उत्तराखंड: यमुनोत्री धाम के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है आपको बता दे कि धामी सरकार ने रोपवे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एक एमओयू साईन किया हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में यमुनोत्री रोपवे प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विभाग और निजी निर्माण कंपनी के साथ एमओयू साईन किया गया।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना हैं कि खरसाली से यमुनोत्री धाम तक बनने वाला यह रोपवे मॉ यमुना के ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन धामों को एक साथ जोड़ने और उत्तराखण्ड में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं में एक और नये अध्याय का कार्य करेगा। परियोजना का क्रियान्वयन तय सीमा में पूर्ण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। 3.38 किमी लंबाई का यह रोपवे बनने से मात्र 15 मिनट में श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे. इस रोपवे की यात्री क्षमता एक घंटे में लगभग 500 लोगों को ले जाने की होगी। यह रोपवे पर्यटन विभाग द्वारा पीपीपी मोड पर निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। जिसकी लागत लगभग 166.82 करोड़ रूपये है.
प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति दो मार्च की बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव..
उत्तराखंड: अगले महीने प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति आ सकती है। सभी पहलुओं पर इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। दो मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में यह नीति रखी जाएगी। सरकार ने माना है कि प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में 2000 मेगावाट तक की क्षमता है। इसमें बड़े प्रोजेक्ट के लिए 600 मेगावाट, आवासीय प्रोजेक्ट के लिए 250 मेगावाट, कॉमर्शियल व इंडस्ट्री प्रोजेक्ट के लिए 750 मेगावाट, इंस्टीट्यूशंस के लिए 350 मेगावाट और एग्रीकल्चर के लिए 50 मेगावाट की क्षमता आंकी गई है। इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रख कर सौर ऊर्जा नीति तैयार की जा रही है।
नई पॉलिसी में स्थानीय युवाओं के रोजगार की भी गारंटी दी गई है। इसमें कहा गया है कि जो भी सरकारी भूमि को लीज पर लेकर अपना सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा, उसे 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देना होगा। उरेडा अपने टेंडर में इस शर्त को जारी करेगा। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि सौर ऊर्जा नीति शासन में विभागीय प्रक्रिया में है। उन्होंने बताया कि दो मार्च को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसका मसौदा रखा जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश में सौर ऊर्जा नीति लागू हो जाएगी।
सीएम सौर स्वरोजगार योजना में होगा संशोधन..
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत दस हजार सोलर प्लांट लगाने की योजना थी लेकिन इसके मुकाबले महज 120 प्लांट ही लग पाए हैं। अब सीएम सौर स्वरोजगार योजना में संशोधन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए 27 फरवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हितधारकों के भी सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद योजना में संशोधन का प्रस्ताव दो मार्च की कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा।
एकता कपूर के मशहूर शो में लीड रोल निभाएंगे पारस कलनावत..
देश-विदेश: छोटे पर्दे के मशहूर कलाकार पारस कलनावत कुछ समय पहले सुर्खियों में छाए हुए थे। पारस को रातों रात अनुपमा शो से बाहर निकाल दिया गया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने तेजी से रिएक्ट किया और अभिनेता के सपोर्ट में आ गए। शो में पारस के किरदार को काफी पसंद किया जाता था और ऐसे में अचानक उन्हें बाहर निकाल देने किसी को भी पच नहीं रहा था। लेकिन इसके बाद पारस झलक दिखला जा में नजर आए और अपने डांस मूव्स के सबका दिल जीत लिया। वहीं, अब पारस के फैंस के लिए एक गुडन्यूज है।
आपको बता दे कि पारस कलनावत जल्द ही कुंडली भाग्य में बतौर लीड नजर आएंगे। दरअसल, शो में लीप आएगा और उसके बाद कई नए किरदारों की एंट्री होगी। पहले शो में लीड एक्ट्रेस के लिए देबत्तमा साहा, सुंबुल तौकीर और सृष्टि जैन का नाम सामने आ रहा था, तो लीड एक्टर के लिए अनुपमा फेम पारस कलनावत और हर्ष राजपूत का नाम लिया जा रहा है। ऐसे में फैंस को जल्द ही पारस एक नए अवतार में देखने को मिल सकते हैं।
बता दें कि अनुपमा से निकाले जाने के चलते पारस कलनावत काफी समय तक सुर्खियों में थे। उस दौरान अभिनेता ने कहा था वह शो में मिल रहे स्क्रीन स्पेस से खुश नहीं थे। ऐसे में जब उन्हें झलक दिखला जा का ऑफर मिला तो उन्होंने उसे हां कह दिया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनका दूसरे चैनल के साथ शो करना मेकर्स को रास नहीं आया और रातों रात उन्हें शो से बाहर कर दिया गया।
इसके बाद शो में उनकी जगह दूसरे सितारे को कास्ट कर लिया गया। झलक दिखला जा में पारस कलनावत ने अपने डांस मूव्स से लोगों को काफी इंप्रेस किया। शो में वह अलग-अलग डांस फॉर्म कर फैंस का दिल जीतने में भी कामयाब रहे। वहीं, इसके बाद वह म्यूजिक वीडियो जरीया तू और गल्लां मिठियां में भी नजर आए। वहीं, अब अभिनेता के कुंडली भाग्य में नजर आने की खबरों से फैंस एक्साइटेड हो गए हैं।
सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी लाखों की सौगात..
उत्तराखंड: सीएम धामी द्वारा की गई घोषणाओं के तहत विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु लगभग 7 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। सीएम द्वारा संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग के अन्तर्गत जनपद अल्मोड़ा में प्राचीन रूद्रेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार व पैदल मार्ग निर्माण हेतु 35.84 लाख एवं जनपद अल्मोड़ा में विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर के अन्तर्गत सोमेश्वर मंदिर के सौन्दर्यीकरण हेतु 92.12 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
विधासभा सोमेश्वर के अन्तर्गत ही बयालाखालसा मंदिर में कार्य हेतु 72.07 लाख तथा जनपद अल्मोड़ा में ग्राम सभा जाख-भगेतिया में स्वर्गाश्रम के सौन्दर्यीकरण हेतु 42.18 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जनपद पिथौरागढ़ में शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत ग्राम ल्न्ठयूड़ा में बहुउद्देशीय मैदान के निर्माण हेतु तथा चण्डाक पिथौरागढ़ में जल संचय, जल क्रीड़ा हेतु मिनी झील का अवशेष कार्य हेतु 01-01 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
जनपद पिथौरागढ़ में पंचायतीराज विभाग के अन्तर्गत चुकानीबगर से नाजरीकोट ट्रेक रूट के निर्माण हेतु 86.34 लाख, पिथौरागढ़ में ग्राम जारजिबली बाननी से छिपला केदार तक ट्रैक रूट के निर्माण हेतु 46 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही जनपद उधम सिंह नगर में समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में पर्वतीय विकास भवन हेतु 40 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र सितारगंज में ही बंग भवन हेतु 91.08 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
उत्तरकाशी में करंट फैलने से सेना के जवान की मौत..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी के शहीद पार्क ज्ञानसू पुलिस लाइन मार्ग में सेना के एक जवान की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। आंधी चलने से टेंट उड़ने की आशंका पर कुछ जवानों में टेंट पकड़ा हुआ था और हाईटेंशन लाइन उसके ऊपर जा रही थी। आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा टेंट में लगे लोहे के हुक के कारण करंट फैल गया और यह हादसा हो गया। झुलसे लोगों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
बुधवार को शहीद पार्क में पूर्व सैनिकों के लिए एक कार्यक्रम होना था, जिसमें पूर्व सैनिकों की समस्याओं सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की जानी थी। कार्यक्रम के आयोजन के लिए शहीद पार्क में सेना की ओर से मंगलवार सुबह से टेंट लगाने का कार्य शुरू किया गया था। कार्यक्रम की तैयारियों में मदद के लिए जवान हर्षिल से यहां पहुंचे थे। टेंट के ठीक ऊपर हाई टेंशन लाइन थी। शाम साढ़े चार बजे आंधी चलने से टेंट उड़ने की आशंका पर टेंट की बल्लियों को कुछ जवानों ने पकड़ा हुआ था। इसी दौरान अचानक टेंट में करंट फैल गया। जिन जवानों ने टैंट की बल्लियों को पकड़ा था। वह करंट लगने से जोर के झटके के साथ इधर-उधर गिर गए।
घटना में राइफलमैन करण सिंह (22) ग्राम चुनेरा (मड़ापट्टी) तहसील महलपुर जम्मू कश्मीर की मौके पर मौत हो गई जबकि राइफलमैन विशाल शर्मा निवासी ग्राम चाका जनपद सांबा, हवलदार पवन कुमार निवासी ग्राम रामपुर जिला सांबा व दिनेश राज तहसील मारवान जम्मू कश्मीर झुलस गए। उन्हें
जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने झुलसे लोगों की स्थिति को खतरे से बाहर बताया। एसडीएम सीएस चौहान का कहना हैं कि घटना की जानकारी सेना के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। आशंका है कि टैंट में लगे लोहे के हुक के कारण करंट टैंट में फैल गया होगा।
विधायक ने जताया शोक..
घटना पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने दुख जताया। विधायक ने जिला अस्पताल पहुंचकर झुलसे जवानों की मुलाकात की। वहीं श्री विश्वनाथ पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि यह दुखद घटना है।
टिहरी झील के ऊपर बने हेलीपैड में आई दरारें, डीएम ने दिए ये निर्देश..
उत्तराखंड: प्रदेश के कई इलाकों में जोशीमठ जैसे हालात बनते जा रहे हैं। टिहरी से जहां पहले घरों में दरारों की खबर आई थी वहीं अब झील के ऊपर डोबरा चांठी पुल के पास बने हेलीपैड में भी दरारों की खबर आई हैं। आपको बता दे कि टिहरी में आपदा आदि को देखते हुए पर्यटक को बढ़ावा देने के लिए 13 साल पहले हैलिपेड का निर्माण कराया गया था।
लेकिन अब यहां दरारे आ रही है। बताया जा रहा है कि हेलीपैड पर पड़ी दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही है। जो हादसों को न्यौता दें रही है। वहीं लोगों की मांग है कि तत्काल इस हेलीपैड को ठीक कराया जाए। जिस पर जिला अधिकारी डॉ सौरभ गहरवार ने मामले का संज्ञान लिया है। डीएम ने लोक निर्माण विभाग चंबा और पर्यटन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह तत्काल इस हेलीपैड को ठीक करें।
सुर्खियों में रहने को वरुण धवन का नया पैंतरा..
एजेंसी का दावा मिला दादासाहेब फाल्के पुरस्कार..
देश-विदेश: हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे अभिनेता वरुण धवन को यहां मुंबई में हुए एक पुरस्कार समारोह में ‘क्रिटिक्स च्वाइस बेस्ट एक्टर’ अवार्ड मिला और इसे हाथ में लहराकर वह काफी खुश भी नजर आए।पुरस्कार समारोह का पूरा नाम है, दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स 2023 और इस पुरस्कार समारोह में रणबीर कपूर से लेकर रेखा तक तमाम सितारों के नाम स्टेज से पुकारे गए।
पुरस्कार समारोह के अगले दिन मंगलवार को वरुण धवन की टीम की तरफ से उनकी फोटो के साथ जो रिलीज जारी की गई है, उसमें इस पुरस्कार समारोह का पूरा नाम जानबूझकर नहीं लिखा गया और ये जताने की कोशिश की गई है कि वरुण धवन ने दादा साहेब फाल्के पुरस्कार जीत लिया है।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार देश में सिनेमा का सबसे बड़ा राष्ट्रीय सम्मान है जो हर साल किसी ऐसे शख्स को दिया जाता है जिसने सिनेमा की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया हो।वरुण धवन को ‘क्रिटिक्स च्वाइस बेस्ट एक्टर’ देने वाली संस्था ने ये पुरस्कार दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स के नाम से दिए हैं।
यहां गौरतलब है कि दादा साहेब फाल्के के नाम से एक पुरस्कार भारत सरकार हर साल सिनेमा की किसी ऐसी शख्सीयत को देती है जो किवदंती बन चुका हो। सबसे बड़े राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार यानी दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से मिलते जुलते पुरस्कार मुंबई में कई संस्थाएं दादा साहेब फाल्के के नाम से देती रही हैं। इन्हीं में से एक संस्था दादासाहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स के नाम से कई साल से पुरस्कार देती रही है। हालांकि पुरस्कार पाने वाले अधिकतर कलाकार या तकनीशियन इस समारोह में पहुंचते नहीं हैं।
दादा साहब फाल्के के नाती चंद्रशेखर पुसालकर बताते हैं, ‘मुझे मुंबई में बंटने वाले दादा साहेब फाल्के अवार्ड्स में खास मेहमान के तौर पर लोगों ने खूब आमंत्रित किया। मैने देखा कि लोग पैसे लेकर ऐसे लोगो को अवार्ड दे रहे है जो उस काबिल नहीं। उसी के बाद से मैने ऐसे किसी भी अवार्ड समारोह में जाना बंद कर दिया।
आपको जानकर हैरानी होगी कि एक बार मराठी की एक मशहूर अभिनेत्री का मेरे पास फोन आया कि अमेरिका में उनसे कोई दादा साहेब फाल्के अवार्ड का आयोजक मिला है और अवार्ड के लिए दस लाख की मांग कर रहा है। मैं तो यह सुनकर भौचक्का रह गया और बहुत दुखी हुआ।’
दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स 2023 का आयोजन मुंबई के एक पंचसितारा होटल में हुआ। तमाम कंपनियां इसमें प्रायोजक के तौर पर हर साल जुड़ती भी हैं। इस साल के पुरस्कार समारोह में हिंदी सिनेमा के सितारों में जिन प्रमुख सितारों ने हिस्सा लिया उनमें वरुण धवन के अलावा आलिया भट्ट और आर बाल्की शामिल हैं। इन सितारों का प्रचार कार्य भी वही एजेंसी देखती है जिसने मंगलवार की सुबह वरुण धवन के ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ जीत लेने को लेकर सूचना जारी की।
किसी भी पुरस्कार की गुणवत्ता, प्रतिष्ठा और उसका महत्व पुरस्कार समारोह में रेड कारपेट पर दिखे सितारों से तय होता है। दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अवार्ड्स 2023 में रोनित रॉय और श्रेयस तलपडे ही दिखे। रेखा और हरिहरन को इस समारोह में सिनेमा में उनके अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मोहित चौहान ने कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के मनोरंजन के लिए अपनी प्रस्तुति भी दी।
हरिद्वार और देहरादून में छात्रवृत्ति की 50 फीसदी रकम डकार गए घोटालेबाज..
उत्तराखंड: शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर अधिकारी हरिद्वार और देहरादून जिलों से जारी छात्रवृत्ति की रकम में से 50 फीसदी का गबन कर गए। इन दोनों जिलों से करीब 200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति शिक्षण संस्थानों को भेजी गई थी। इसमें से 100 करोड़ रुपये अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों ने तमाम तिकड़म लगाते हुए खुद के प्रयोग में ले लिए।
आपको बता दे कि शुरुआत में यह घोटाला 400 करोड़ रुपये का बताया जा रहा था। इसके लिए कुमाऊं और गढ़वाल में जांच टीम लगाई थी। हरिद्वार और देहरादून के कॉलेजों की जांच के लिए एसआईटी हरिद्वार में बनाई गई थी। एसआईटी ने पाया कि दोनों जिलों से देहरादून, हरिद्वार, सहारनपुर, मेरठ आदि शहरों के करीब 150 शिक्षण संस्थानों को उत्तराखंड के छात्रों के लिए 200 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति जारी की थी। एसआईटी के अनुसार, जब इसका सत्यापन किया गया तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आई थीं। अधिकारियों और शिक्षण संस्थानों ने कई तरीके अपनाते हुए इसमें से 100 करोड़ रुपये का गबन कर डाला।
इस मामले में समाज कल्याण विभाग के बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से कई को जमानत मिल चुकी है। वर्तमान में कई अधिकारी बहाल होकर शासन में उच्च पदों पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि एसआईटी के रडार पर अब भी कई अधिकारी हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति का एसआईटी इंतजार कर रही है।
