इगास पर सीएम ने की प्रदेशवासियों की सुख- समृद्धि एवं खुशहाली की कामना..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी के साथ इगास के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में गौ-पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख- समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की |मुख्यमंत्री ने देवउठनी एकादशी के इस पावन अवसर पर तुलसी पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गाय सनातन संस्कृति के साथ ही समस्त मानव जाति के लिए पूजनीय और आदरणीय है | भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। गाय को सुख, सौभाग्य व समृद्धि प्रदान करने वाली तथा समस्त मनोकामनाएं को पूर्ण करने वाली माना गया है | मुख्यमंत्री श्री धामी ने इगास की बधाई देते हुए लोक पर्व इगास को उत्साह के साथ मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने विशेषकर प्रदेश की युवा पीढ़ी का आह्वान किया है कि वे अपनी प्रकृति-प्रेमी एवं पर्यावरण हितैषी परंपराओं व संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए आगे आएं |
संजय लीला भंसाली की ‘हीरा मंडी’ में नजर आएंगे बिग बॉस फेम जेसन शाह..
देश-विदेश: बॉलीवुड इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशकों में से एक संजय लीला भंसाली किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने इस फिल्म इंडस्ट्री को ऐसी-ऐसी बेहतरीन फिल्मों से नवाजा है, जिन्हें लोग आज भी देखना पसंद करते हैं। जहां बॉलीवुड में संजय लीला भंसाली लंबे समय से अपनी धाक जमाए हुए हैं, वहीं अब वह अपने कदम ओटीटी की दुनिया की तरफ बढ़ा रहे हैं। संजय लीला भंसाली जल्द ही वेब सीरीज ‘हीरा मंडी’ से ओटीटी पर धमाका करने के लिए तैयार हैं। यह सीरीज पिछले काफी समय से अपने कलाकारों को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है। वहीं एक बार फिर इसकी कास्टिंग को लेकर ऐसी खबर आ रही है, जो इसे चर्चाओं में ले आई है।
संजय लीला भंसाली की इस सीरीज में जहां पहले ही बॉलीवुड की दो बड़ी अभिनेत्रियों को कास्ट किया जा चुका है। वहीं अब खबर है कि ‘बिग बॉस 10’ के कंटेस्टेंट और मॉडल जेसन शाह भी ‘हीरा मंडी’ में अहम किरदार निभाते दिखाई देंगे। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो जेसन को ‘हीरा मंडी’ के लिए अप्रोच किया गया है। आपको बता दें जेसन ‘झांसी की रानी’ और ‘बैरिस्टर बाबू’ जैसे कई टीवी सीरियल्स का हिस्सा भी रह चुके हैं। इसके अलावा जेसन ‘पार्टनर’ और ‘फितूर’ जैसी फिल्मों में भी काम करते दिखाई दिए थे।
‘बिग बॉस’ के बाद से ही जेसन शाह अपने हर नए परफॉर्मेंस से दर्शकों को लुभाते आ रहे हैं। जेसन ने टेलीविजन सहित कई इंडस्ट्रीज में काम किया है। इस समय चल रही खबरों के अनुसार जेसन शाह को संजय लीला भंसाली की आगामी सीरीज ‘हीरा मंडी’ के लिए साइन कर लिया गया है। इस सीरीज में मनीषा कोइराला, अदिति राव हैदरी और मुमताज भी हैं। हालांकि, जेसन ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है और न ही संजय लीला भंसाली की तरफ से इसके बारे में कोई बयान जारी किया गया है।
करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रही वेब सीरीज ‘हीरा मंडी’ की कहानी देश के बंटवारे से पहले की है और इसमें कोठों की सियासत, षड्यंत्र और सीनाजोरी के किस्से समेटे गए हैं। इस सीरीज के लिए संजय लीला भंसाली ने 70 करोड़ रुपये फीस ली है। लेखक मोईन बेग की कहानी पर बन रही वेब सीरीज ‘हीरा मंडी’ को भंसाली बीते डेढ़ दशक से एक फिल्म के रूप में बनाने की कोशिश करते रहे हैं।
‘स्पेशल ऑपरेशन’ शुरू होने से पहले मचा बवाल, डीजीपी अशोक कुमार ने शांत कराया विवाद..
उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड में पुलिस के ‘स्पेशल ऑपरेशन’ शुरू होने से पहले ही बवाल मच गया। ‘ऑपरेशन’ के नाम पर विवाद हुआ था। डीजीपी अशोक कुमार ने नाम बदला। उत्तराखंड के तराई-भाबर में अपराधों पर काबू पाने को डीआईजी कुमाऊं नीलेश आनंद भरणे का ऐलान विवादों में आ गया। अपराधों पर नियंत्रण को उन्होंने शुक्रवार सुबह ऑपरेशन ‘ठोको स्क्वॉयड’ का ऐलान किया।
डीजीपी अशोक कुमार के स्क्वॉयड के नाम पर आपत्ति जताने के बाद दोपहर को इसका नाम ‘स्पेशल स्क्वॉयड’ और बाद में ‘एंटी न्यूसेंस स्क्वॉयड’ कर दिया गया। हल्द्वानी में शुक्रवार को पुलिस ब्रीफिंग में डीआईजी कुमाऊं रेंज डॉ.नीलेश आनंद भरणे ने अपराध पर लगाम कसने के लिए स्पेशल ऑपरेशन चलाने का ऐलान किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के लिए 100 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। उनका कहना हैं कि यह ठोको स्क्वॉयड महाराष्ट्र की तर्ज पर काम करेगा। जैसे ही यह बात डीजीपी तक पहुंची, उन्होंने नाम पर आपत्ति जताते हुए इसे बदलने को कहा। इसके बाद अभियान का नाम बदल कर ‘स्पेशल स्क्वॉयड’ कर दिया गया। अंतत ऑपरेशन को ‘एंटी न्यूसेंस स्क्वॉयड’ नाम दिया गया। इस संबंध में डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि स्पेशल स्क्वॉयड का नाम ठोको रखना उचित नहीं था। इस नाम से अच्छा संदेश नहीं जाता। इसके चलते नाम को बदलने के निर्देश दे दिए गए।
हंस-हंसकर लोट-पोट हुए दर्शक, ईशान-सिद्धांत को बताया धांसू..
देश-विदेश: कटरीना कैफ, सिद्धांत चतुर्वेदी और ईशान खट्टर की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘फोन भूत’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यूं तो बॉलीवुड की एक-एक करके लगभग हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फेल हो रही है। लेकिन ‘भूल भुलैया 2’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देख यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ‘फोन भूत’ भी बॉक्स ऑफिस पर वैसा ही कमाल दिखा सकती है। और हुआ भी ऐसा ही। पहले ही दिन फिल्म को दर्शकों से काफी अच्छे रिव्यू मिल रहे हैं। यदि आप वीकएंड पर इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं
आपको बता दें कि फैंस इस फिल्म को देखने के बाद ‘अमेजिंग’, ‘मनोरंजक’ और ‘एक नंबर’ जैसे कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ईशान खट्टर और सिद्धांत चतुर्वेदी की जोड़ी हिस्टेरिकल है। दोनों की एनर्जी की वजह से स्क्रिप्ट में जान डाल दी।” अन्य यूजर ने कमेंट किया, ‘फोन भूत में ईशान, सिद्धांत और कटरीना के ट्रायो ने कमाल कर दिया।’ एक ने लिखा, “फोन भूत काफी अच्छी फिल्म है। कहीं-कहीं तो मैं पागलों की तरह हंस रहा था। कटरीना हमेशा की तरह कमाल कर रही थीं..ईशान भी अच्छे हैं और सिद्धांत- इस आदमी के पास रेंज है।
उत्तराखंड में बनेंगे पांच नए मिनी शहर..
उत्तराखंड: राज्य के पांच प्रमुख शहरों में सरकार पांच नई टाउनशिप यानि मिनी शहर विकसित करने जा रही है। वर्तमान शहरों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों की वजह से बढ़ रहे आबादी के दबाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। चंडीगढ़ की मोहाली सिटी की तर्ज पर इन शहरों को विकसित किया जाएगा। इनमें रिहायशी क्षेत्रों के साथ ही आईटी कंपनियों और अन्य रोजगार परक संस्थानों के लिए विशेष रूप से स्थान आरक्षित होगा।
सीएम पुष्कर सिंह धामी के अनुसार इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए विशेषज्ञों की टास्क फोर्स गठित की गई है। ये विशेषज्ञ जिलावार आने वाले प्रस्तावों का अध्ययन करके टाउनशिप के विकास के लिए सुझाव देंगे। सरकार ने पांच साल के भीतर ये पांच शहर विकसित करने का लक्ष्य रखा है। जिलावार अधिकारियों से टाउनशिप के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। इन प्रस्तावों का अध्ययन करने के बाद सबसे उपयुक्त स्थान का चयन किया जाएगा।
इसलिए जरूरत राज्य में इस वक्त नगरीय क्षेत्रों की संख्या 100 से ऊपर है। प्रमुख रूप ये देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और यूएसनगर में ही आबादी का दबाव ज्यादा है। हालिया कुछ वर्षों में औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियां बढ़ी हैं। आईटी, फार्मा समेत विभिन्न सेक्टर में संभावनाओं में भी काफी इजाफा हुआ है। इसे देखते हुए आवश्यक बुनियादी ढांचे और संसाधनों से पूर्ण क्षेत्रों की जरूरत महसूस हो रही है। कुछ राज्यों में पहले ही नई टाउनशिप विकसित करने के प्रयोग हो चुके हैं और काफी सफल भी रहे हैं।
चंड़ीगढ़ पर आबादी का दबाव बढ़ने पर वहां 19 किलोमीटर दूर मोहाली को बसाया गया था। आज मोहाली एक शानदार शहर का रूप से ले चुका है। चंडीगढ़ की तर्ज पर इसे सेक्टरों में विभाजित करते हुए विकसित किया गया। इस वक्त 100 से ज्यादा सेक्टर हैं। मोहाली की पहचान इसके अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम के साथ साथ आईटी सेक्टर के लिए भी है।
नए शहर की योजनाएं परवान नहीं चढ़ी
उत्तराखंड में नई टाउनशिप बनाने की योजना अब तक तक परवान ही नहीं चढ़ पाई। पूर्व में एनडी तिवारी सरकार ने नया देहरादून और हरीश रावत सरकार ने पछवादून क्षेत्र में स्मार्ट सिटी बनाने की तैयारी की गई थी।
नई टाउनशिप योजना की खास बातें..
1- आर्थिक गतिविधियों वाले शहरों में किया जाएगा नई टाउनशिप का विकास
2- मोहाली की तर्ज पर इनका सेक्टर के अनुसार बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा
3- कम से कम भूमि पर ज्यादा से ज्यादा संसाधन विकसित करने पर रहेगा फोकस
4- सड़क,बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधा को दी जाएगी सर्वोच्च प्राथमिकता
5- दूसरे राज्यों के लिए एक माडल सिटी पेश करने की तैयारी
सीएम धामी का कहना हैं कि राज्य के शहरों में आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। भविष्य की संभावनाओं के देखते हुए हमें अपने शहरों को भी विकसित और विस्तारित करना होगा। इसके लिए पांच साल में पांच नए शहर विकसित करने का निर्णय किया गया है। इस योजना पर तेजी से काम जारी है। प्रभारी सचिव आवास एसएन पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यसचिव की अध्यक्षता में विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जो नए शहर बसाने की संभावना तलाशेगी। इसमें अभी विभागों के सचिव शामिल किए गए हैं। टास्क फोर्स सभी विभागों से प्रस्ताव मांग रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले पर लगाया स्टे..
उत्तराखंड: प्रदेश सरकार की नौकरियों में राज्य की महिलाओं के लिए 30% क्षैतिज आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विशेष अनुग्रह याचिका (एसएलपी) पर आज सुनवाई हुई। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। सीएम धामी का कहना हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हैं। राज्य की महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। हमने महिला आरक्षण को यथावत बनाए रखने के लिए अध्यादेश लाने की भी पूरी तैयारी कर ली थी। इसके साथ ही हमने हाईकोर्ट में भी समय से अपील करके प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की थी।
आपको बता दे कि हाईकोर्ट के फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। एक याचिका में उच्च न्यायालय ने प्रदेश की महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण वाले शासनादेशों पर रोक लगा दी थी। कोर्ट के स्टे के बाद राज्य सरकार पर क्षैतिज आरक्षण को बनाए रखने का दबाव था। सीएम धामी का कहना हैं कि सरकार महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण की रक्षा के लिए एक विधेयक पारित करेगी, और सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेगी। राज्य कैबिनेट की बैठक में इन दोनों विकल्पों को स्वीकार किया गया और अध्यादेश लाने का फैसला किया गया।
अध्यादेश के प्रस्ताव को सीएम की मंजूरी..
प्रदेश मंत्रिमंडल ने महिला क्षैतिज आरक्षण के लिए अध्यादेश लाने की सहमति दी थी। प्रस्तावित अध्यादेश को सीएम धामी की मंजूरी मिल गई है। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग की ओर से यह सुझाव विधानसभा को भेजा गया है। बता दे कि सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी के सामने अध्यादेश लाकर पैरवी को मजबूती मिल सकती थी। वर्तमान परिस्थिति में क्षैतिज आरक्षण वाले शासनादेशों के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पैरवी करेगी।
टिहरी जेल शिफ्ट किया गया अंकिता का आरोपी..
उत्तराखंड: अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में जहां एक महीना बीत जाने के बाद भी जांच जारी है। वहीं दो आरोपियों को खांड्यूसैंण पौड़ी के जिला कारागार से शिफ्ट कर दिया गया है। अंकिता के हत्यारे सौरभ को टिहरी जेल भेजा गया है। तो वहीं एक अन्य आरोपी को देहरादून शिफ्ट किया गया है। ऐसे में कई सवाल उठ रहे है कि ये बदलाव क्यों किया गया है। अंकिता मर्डर केस के दो आरोपियों को बुधवार को पौड़ी जिला कारागार से शिफ्ट कर दिया गया है। जबकि एक आरोपी अभी पौड़ी जेल में ही है। हत्याकांड के तीनों आरोपी बीती 23 सितंबर से पौड़ी जिला कारागार में बंद थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 30 अक्तूबर को तीनों आरोपियों पर गैंगस्टर ऐक्ट भी लगा दिया था।हत्याकांड के आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया।
बताया जा रहा है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत उसके दो साथी आरोपी जेल में बंद हैं। वहीं अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब सबको एसआईटी की चार्जशीट दाखिल करने का इंतजार है। इस केस में सबसे अहम चार्जशीट को ही माना जा रहा है। हालांकि हत्याकांड के एक माह गुजर जाने के बाद भी अब तक इस मामले में एसआईटी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। जिसको लेकर लगातार लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
उत्तराखंड में कई IPS अधिकारियों के तबादले..
उत्तराखंड: प्रदेश में शासन से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। शासन ने कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए है। बताया जा रहा है कि पुलिस विभाग में सात आईपीएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। इसके साथ ही तीन अन्य पुलिस अधिकारियों के भी ट्रांसफर किए गए हैं। जिसके आदेश जारी किए गए है।आपको बता दे कि एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह को हरिद्वार जिले का एसएसपी बनाया गया है।
वहीं हरिद्वार के एसएसपी योगेंद्र सिंह रावत को पुलिस उप महानिरीक्षक अभिसूचना एवं सूचना के साथ पुलिस उप महानिरीक्षक कारागार की जिम्मेदारी दी गई है। बताया जा रहा है कि आईपीएस अजय सिंह को बनाया गया हरिद्वार का नया एसएसपी, आईपीएस आयुष अग्रवाल एसएसपी एसटीएफ, आईपीएस योगेंद्र सिंह रावत बने डीआईजी कारागार, आईपीएस हिमांशु कुमार वर्मा एसपी बागेश्वर, आईपीएस प्रमेन्द्र डोभाल प्रभारी एसपी चमोली,आईपीएस अमित श्रीवास्तव एसपी पुलिस मुख्यालय बनाए गए।
योगी की राह पर धामी सरकार, एमबीबीएस पाठ्यक्रम पर यह हो रही तैयारी..
उत्तराखंड: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की राह पर अब धामी सरकार भी चल पड़ी है। उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई हिन्दी में कराने के लिए पाठ्यक्रम तैयार करने का काम शुरू हो गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए एक कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी 15 दिन के भीतर पाठ्यक्रम के संदर्भ में सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट देगी। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एमबीबीएस छात्रों की हिन्दी में पढ़ाई की घोषणा की थी। इसी के तहत अब राज्य में इसकी कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एमएसएम रावत की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना की ओर से गठित इस कमेटी में हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के एनॉटामी विभाग के प्रोफेसर डॉ एसके सिंह, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के ही पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ हरिशंकर पांडेय और दून मेडिकल कॉलेज के रेडियोथैरेपी विभाग के प्रोफेसर डॉ दौलत सिंह को सदस्य सचिव बनाया गया है।
15 दिन में तैयार होगी रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना की ओर से गठित समिति 15 दिन में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दे देगी। यह कमेटी इस दौरान मध्य प्रदेश का दौरा कर वहां चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा तैयार एमबीबीएस के हिन्दी पाठ्यक्रम का अध्ययन भी करेगी।स्वास्थ्य महानिदेशक और चिकित्सा शिक्षा निदेशक रहे डॉ आरपी भट्ट का कहना है कि एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में कराना एक बड़ा विचार है। रूस को छोड़कर अधिकांश देश अंग्रेजी में ही डॉक्टरों की पढ़ाई करा रहे हैं। इस कदम से मरीजों को तो फायदा हो सकता है।
लेकिन इंटरनेशनल लेबल पर रिसर्च आदि के काम प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जा सकता है। साथ ही पाठ्यक्रम तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि भाषा की वजह से नई पीढ़ी के डॉक्टरों की क्षमता प्रभावित न हो। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का कहना हैं कि सरकार एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई हिन्दी में कराने के लिए पाठ्यक्रम तैयार करा रही है। इसके लिए मध्य प्रदेश का मॉडल अपनाया जाएगा। इस संदर्भ में एक कमेटी गठित की गई है।
भारत पर चीन के ‘नापाक’ इरादे नहीं होंगे कामयाब- सीएम धामी..
उत्तराखंड: भारत और उत्तराखंड से लगे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर दुश्मन का आंख दिखाना अब संभव नहीं हो पाएगा। उत्तराखंड में चीन सीमाओं पर सुरक्षा के लिए तैनात उत्तराखंड सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सीएम धामी ने उत्तराखंड के सीमांत जिलों में तैनात होने वाले हिम प्रहरियों को पांच- पांच हजार रुपये महीने का मानदेय देने का प्लान बनाया है। आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार सीमांत के जिलों में कुल दस हजार हिम प्रहरियों की तैनाती करने जा रही है। केंद्र से वित्तीय सहायता पर सहमति मिलते ही सरकार योजना को लागू कर दी जाएगी। उत्तराखंड सरकार चीन- नेपाल से सटे गांवों पर पलायन रोकथाम के लिए हिम प्रहरी योजना लागू करने की तैयारी कर रही है।
गृह विभाग ने पिथौरागढ़, चम्पावत, उत्तरकाशी, चमोली और यूएसनगर जिले के सीमांत से सटे ब्लॉकों में प्रस्तावित इस योजना का खाका तैयार कर लिया है। अपर सचिव रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि योजना पर प्रति माह पांच करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। केंद्र की अनुमति के बाद योजना लागू हो जाएगी। देश और उत्तराखंड पर चीन के नापाक इराकों पर नजर रखने को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने फुलप्रूफ बनाया है। किसी भी बाहरी आक्रामण को नाकाम करने को सीएम धामी ने उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके लिए बॉर्डर एरिया पर निगरानी और त्वरित एक्शन के लिए बॉर्डर पर रह रहे युवाओं को हिम प्रहरी योजना से जोड़ा जाएगा।
यही नहीं, सीमांत इलाकों में अभेद सुरक्षा के लिए रिटायर्ड सैन्य कर्मियों की भी मदद ली जाएगी। हिम प्रहरी योजना के तहत करीब 10 हजार सेवानिवृत जवानों, पैरामिलिट्री से रिटायर्ड सैनिक सहित युवाओं को जोड़ा जाएगा। ‘हिम प्रहरी’ योजना से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह सभी हिम प्रहरी जरूरत पड़ने पर बाहरी आक्रमण की स्थिति में दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे सकेंगे। सरकार का मानना है कि इसके लिए लिए प्रतिमाह 5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सीएम धामी ने केंद्र सरकार से मांग भी की है।
