राहुल गांधी की सजा पर रोक से कांग्रेसियों में खुशी की लहर, कहा- सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक निर्णय..
उत्तराखंड: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने के फैसले से उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश में कांग्रेसियों में खुशी की लहर है। उत्तराखंड में राजधानी दून, मसूरी, हरिद्वार, हल्द्वानी, गदरपुर स्थानों पर कांग्रेसी खुशी मना रहे हैं।
राहुल गांधी की सजा पर रोक से कांग्रेसियों में खुशी की लहर..
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद से उत्तराखंड में कांग्रेसियों में खुशी की लहर है। पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाए और एक दूसरे को बधाई दी।उत्तराखंड में देहरादून से लेकर हल्द्वानी तक कांग्रेसियों में खुशी की लहर है। कांग्रेसियों को कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाना लोकतंत्र की जीत है। कांग्रेस पार्टी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करती है।
दिनेशपुर के पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश आया वह बहुत सराहनीय है हम इसका स्वागत करते हैं। इसके साथ ही युवा कांग्रेसियों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाना लोकतंत्र की जीत है और कांग्रेस पार्टी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करती है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक निर्णय..
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सांसद सदस्यता को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहाल किए जाने के बाद हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल एक नेता नहीं है बल्कि वो एक विचार हैं सोच है और देश भर की जनता उन्हें चाहती है।
सुप्रीम कोर्ट में वकीलों द्वारा तमाम दलीलों के बाद ये ऐतिहासिक निर्णय दिया गया है। ये उस जनता की भी जीत है जहां से राहुल गांधी जी चुनकर संसद गए थे। ऐसे लोकतंत्र के प्रेमी और इस देश से प्यार करने वाले राहुल गांधी का लोग बहुत सम्मान करते हैं क्योंकि वो सदन से लेकर सड़क तक जनता के लिए आंदोलन कर रहे हैं और वो आगे भी ऐसे ही देश की जनता के लिए लड़ते रहेंगे।
ड्रोन नीति लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बना उत्तराखंड, आ सकते हैं कई क्रांतिकारी बदलाव..
उत्तराखंड: प्रदेश की पहली ड्रोन नीति से उत्तराखंड निवेश और रोजगार की नई ऊंचाई छुएगा। धामी सरकार ने नीति बनाकर राज्य में जहां एक हजार करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा है तो दूसरी ओर पांच हजार रोजगार और पांच हजार ड्रोन पायलट के स्वरोजगार की भी उम्मीद जताई है। राज्य में ड्रोन निर्माण, ड्रोन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विशेष सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है।
ये हैं ड्रोन नीति की खास बातें
1- नीति को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेट ड्रोन समिति का गठन होगा। इसमें सचिव आईटी, सचिव वित्त, सचिव नियोजन, सचिव गृह, यूकाडा के सीईओ, आईटीडीए निदेशक, ड्रोन इंप्लीमेंटेशन के राज्य ऑफिसर बतौर सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा अन्य जरूरी विभागों के सचिव व मुख्य सचिव की ओर से नामित अधिकारी विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे।
2- ड्रोन निर्माण उद्योग में 500 करोड़ व ड्रोन सर्विस क्षेत्र में 500 करोड़ निवेश होगा। वार्षिक राजस्व 500 करोड़ का होगा। इससे 5000 रोजगार सृजित होंगे। 5000 सर्टिफाइड ड्रोन पायलट तैयार होंगे।
3- ड्रोन सिस्टम डिजाइन व मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को पहले साल में लीज के किराए का 75 प्रतिशत या 20 लाख रुपये तक, दूसरे साल में 50 प्रतिशत या 15 लाख रुपये तक, तीसरे साल में 25 प्रतिशत या 10 लाख रुपये तक सब्सिडी दी जाएगी।
4- ड्रोन सर्विस से जुड़े उद्योगों पर भी पहले साल अधिकतम 10 लाख, दूसरे साल 7.5 लाख और तीसरे साल अधिकतम पांच लाख की सब्सिडी दी जाएगी।
5- स्टार्टअप नीति के तहत 200 करोड़ के वेंचर फंड में से 15 प्रतिशत राशि ड्रोन से जुड़े निर्माण या सर्विस क्षेत्र के स्टार्टअप को दिए जाएंगे।
6- ड्रोन स्कूल, रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन व ड्रोन कोर्स चलाने पर 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी जो कि अधिकतम एक करोड़ के निवेश पर मिलेगी।
7- आईटीडीए की ओर से ड्रोन निर्माण व ड्रोन सेवा से जुड़े उद्योगों को सर्किल रेट से 50 प्रतिशत कम दरों पर जगह उपलब्ध करानी होगी।
8- ऐसे उद्योगों को एसजीएसटी प्रतिपूर्ति दी जाएगी।
9- परियोजना की डीपीआर बनाने पर 50 प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी, जिसकी अधिकतम सीमा पांच लाख रुपये है।
10 – न्यूनतम 100 करोड़ या सीधे 250 लोगों को हर साल रोजगार देने वाले उद्योगों को एमएसएमई नीति के अंतर्गत राहत प्रदान की जाएगी।
ड्रोन यहां भी काम करेगा..
कृषि, खनन, बुनियादी ढांचे, परिसर निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, परिवहन, भू-स्थानिक मानचित्रण, यातायात प्रबंधन, कानून के प्रवर्तन जैसे अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में। राज्य में ड्रोन निर्माण, अनुसंधान, विकास, प्रशिक्षण, मरम्मत और रखरखाव को प्रोत्साहन मिलेगा।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में इन पदों पर निकली भर्ती..
उत्तराखंड: इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने उत्तराखंड सहित कई राज्यों में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर भर्ती निकाली है। जिसके लिए इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 16 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं।
भर्ती से जुड़ा नोटिफिकेशन https://www.ippbonline.com/ पर पढ़ा जा सकता है। मिली जानकारी के अनुसार इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक लिमिटेड (IPPB) ने कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर एग्जीक्यूटिव के पदों पर भर्तियां निकली हैं। इन पदों पर आवेदन 26 जुलाई से शुरू हो गया है।
जिसके तहत कुल 132 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। बताया जा रहा है कि एग्जीक्यूटिव पदों के लिए चयन ऑनलाइन परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने 30000 रुपए दिए जाएंगे। इस दौरान चयनित को अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।
भर्ती के लिए आयु सीमा और शैक्षिक योग्यता..
जिन अभ्यर्थियों ने ग्रेजुएशन कर लिया है वे भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि अभी ग्रेजुएशन फाइनेंस और सेल्स से करने वाले अभ्यर्थियों को प्रियॉरिटी दी जाएगी। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 21 वर्ष से 35 वर्ष होनी चाहिए। अधिक जानकारी अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकेंगे। इस भर्ती के लिए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए 100 रुपए, जबकि अन्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 300 रुपए आवेदन शुल्क देने होंगे।
इन पदों पर निकली भर्ती
जनरल वर्ग- 56
शेड्यूल कास्ट- 19
शेड्यूल ट्राइब – 09
ओबीसी- 35
इकोनॉमिलकली वीकर सेक्शन- 13
जानें किस राज्य में कितने पदों पर निकली भर्ती
असम: 26
उत्तराखंड: 12
छत्तीसगढ़: 27
हिमाचल प्रदेश: 12
जम्मू और कश्मीर: 7
लद्दाख: 1
अरुणाचल प्रदेश: 10
मणिपुर: 9
मेघालय: 8
मिजोरम: 6
नागालैंड: 9
त्रिपुरा: 5
ऐसे करें अप्लाई
सबसे पहले अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
इसके बाद भर्ती लिंक पर क्लिक करें।
पर्सनल डिटेल्स दर्ज करके यूजर आईडी और पासवर्ड क्रिएट करें।
इसके बाद फॉर्म भरें और सबमिट करें।
इसके बाद फॉर्म की एक प्रति डाउनलोड कर अपने पास रख लें।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम तैयारियों की समीक्षा की..
उत्तराखंड: ‘मेरी माटी मेरा देश’ अभियान को उत्तराखण्ड राज्य में सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सरकार के विभिन्न विभाग जिला प्रशासन के साथ मिलकर मिशन मोड पर कार्य कर रहे हैं। देशभर की तरह ही उत्तराखण्ड में भी इस अभियान में वसुधा वंदन, शिलाफलकम (स्मारक) को शामिल करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारी की समीक्षा करने के लिए एक बैठक का आयोजन आज अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी अध्यक्षता में सचिवालय में किया गया। बैठक में राज्य में मेरी माटी मेरा देश अभियान के आयोजन की रूपरेखा पर गहन चर्चा की गई।
एसीएस श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को अपने अपने जनपदों के हर गांव में वसुधा वंदन कार्यक्रम के तहत पौधारोपण सुनिश्चित करने हेतु पर्याप्त संख्या में पौधों की व्यवस्था करने एवं नर्सरी मैपिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में वन विभाग, उद्यान विभाग, शिक्षा विभाग, संस्कृति विभाग, खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, सैनिक कल्याण विभाग तथा जनजागरूकता में सूचना विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को स्कूली बच्चों, वॉलियन्टर्सं, स्वयं सेवी संगठनों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों तथा अधिकाधिक स्थानीय लोगों को इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जनपद स्तर पर दीया एवं कलश बनाये जाने हेतु स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग को मेरी माटी मेरा देश अभियान से सम्बन्धित विशेष मार्च आयोजन तथा वीरो का सम्मान के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने वसुधा वंदन और शिलाफलकम के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत/गांव वसुधा वंदन के अंतर्गत स्वदेशी प्रजातियों के 75 पौधे लगाकर धरती का नवीनीकरण और पुनः पूर्ति करेगा। एसीएस ने शिलाफलकम के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य उन सभी वीरों के प्रति अपना हार्दिक भाव व्यक्त करना है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से इस आयोजन में अधिकाधिक जन भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही सभी क्षेत्रों के लोगों से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने का अनुरोध किया है।
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में मेरी माटी मेरा देश अभियान के तहत 9 से 15 अगस्त के मध्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर के किनारे, अन्य जल निकाय, पंचायत कार्यालय, स्कूल अथवा अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर शहीद वीरों के नाम पर स्मारक पटिट्का की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में मिट्टी या मिट्टी का दीया लेकर पंचप्रण शपथ ली जायेगी। शपथ के दौरान सेल्फी अभियान भी चलेगा। इस सेल्फी को http://merimaatimeradesh.Gov.inवेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
वसुधा वन्दन के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत वाटिका बनाई जाएगी। कम से कम 75 स्थानीय प्रजाति के पौधों का रोपण इस अमृत वाटिका में किया जाएगा। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीदों के परिवारों को सम्मानित करने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर इस कार्यक्रम में उनके साथ-साथ सेवानिवृत रक्षाकर्मियों, राज्य एवं केन्द्रीय सुरक्षा बलों, राज्य पुलिस कर्मियों एवं इनमें ड्यूटी के समय शहीद हुए बहादुरों के परिवारों को भी सम्मानित किया जा सकता है। प्रत्येक कार्यक्रम में झण्डा रोहण एवं राष्ट्रगान का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत से विकासखण्ड एवं विकासखण्ड से नई दिल्ली कर्तव्य पथ तक मिट्टी यात्रा निकाली जायेगी।
छोटे शहरी निकायों/कैन्टोनमैंट बोर्ड एवं नगर पंचायतों में ग्रामीण क्षेत्रों हेतु यह समस्त कार्यक्रम 9 अगस्त से 15 अगस्त तक आयोजित किया जायेगा तथा बड़ी नगर पालिकाओं में यह कार्यक्रम 16 अगस्त से 20 अगस्त तक आयोजित किया जायेगा। छोटे शहरी निकायों से मिट्टी कलश बड़ी नगर पालिकाओं एवं निगमों में समारोहपूर्वक जाए जाएगें। बैठक में सचिव श्रीमती राधिका झा, श्री हरीचंद सेमवाल, श्री दीपेन्द्र कुमार चौधरी अपर सचिव श्री विनीत कुमार, श्री जितेन्द्र सोनकर, महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी, निदेशक संस्कृति सुश्री बीना भट् तथा अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
केंद्र ने दी राज्य सरकार को 951 करोड़ की विशेष सहायता की मंजूरी..
उत्तराखंड: केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने प्रदेश को विशेष सहायता (ऋण) के लिए 951 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। केंद्र सरकार की ओर से 48 महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए ये स्वीकृतसी गई है। जिसके बाद सीएम धामी ने पीएम मोदी और केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से प्रदेश सरकार को महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए विशेष सहायता की मंजूरी दी गई है।
इन योजनाओं में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की सुविधा के लिए 110 करोड़ रुपए , नैनीताल में मॉडल कॉलेज अपग्रेडेशन के लिए 61 करोड़ रुपए, 500 बेड के दून मेडिकल कॉलेज के लिए 60 करोड़ एवं दून मेडिकल कॉलेज कैम्पस के लिए 33.98 करोड़ रूपये की विशेष सहायता दी है।
इसके अलावा पीएमजीएसवाई स्टेट शेयर के लिए 56 करोड़ रुपए , रूड़की देवबंद रेल लाईन के लिए 55 करोड़ रुपए, सहसपुर में स्किल हब के लिए 25.91 करोड़ रुपए, फार्म मशीनरी बैंक के लिए 25 करोड़ रुपए, टनकपुर आईएसबीटी के लिए 25 करोड़ रुपए, देहरादून में बस डिपो के लिए 25 करोड़ रुपए और अल्मोड़ा सीवरेज स्कीम के लिए 20.16 करोड़ की विशेष सहायता प्रदान की गई है।
सीएम धामी ने जताया आभार..
सीएम धामी ने कहा टकेंद्र सरकार ने उत्तराखण्ड को विशेष सहायता के लिए 951 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि का उपयोग प्रदेश की विभिन्न 48 योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाएगा। ‘समस्त प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार।
धामी अब तक के ऐसे मुख्यमंत्री जिनके कार्यकाल मे राज्य को मिली सर्वाधिक केंद्रीय परियोजनाएं..
राज्य के केंद्र से बेहतर रिश्ते बनाने मे भी कामयाब..
भाजपा या गैर भाजपा सरकारों के दौर से इतर अब मिल रही तवज्जो बड़ी उपलब्धि..
देहरादून। विपक्षियों की राय कुछ भी हो, लेकिन जिस तरह से राज्य पर केंद्र की और से सौग़ातें बरस रही है वह राज्य हित मे सुखद ही कही जायेगी। पुष्कर सिंह धामी राज्य के अब तक एकमात्र ऐसे मुख्यमंत्री साबित हुए है जिनके कार्यकाल मे राज्य को सबसे अधिक केंद्रीय सहायता से विकास की योजनाए मिली।
बेशक, उनके कुशल नेतृत्व क्षमता से इन योजनाओं को अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी का मार्गदर्शन भी अधिक अहम है। राज्य मे इस समय डेढ़ लाख करोड़ से अधिक की सड़क, वायु और रेलवे सहित पर्यटन की अनेक योजनाएं चल रही है। प्रधानमंत्री अनेकों बार कह चुके है कि उनका उत्तराखंड से विशेष लगाव है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अक्सर इस बात को दोहराते रहे हैं कि मोदी उनके और राज्य के अभिभावक और मार्गदर्शक है।
पीएम के मार्गदर्शन मे राज्य आगामी दशक का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा। जल प्रलय के बाद उजड़े केदारनाथ की जो तस्वीर आज विश्व पटल पर उभरी है उसके पीछे मोदी के अध्यात्मिक स्वरूप और राज्य के प्रति विशेष लगाव ही रहा। हेमकुंड साहिब तक रोप वे लगाने का हो या आल वेदर रोड से आसान सफर अथवा कर्णप्रयाग तक रेल संपर्क इसी काल खंड मे साकार हो पाया।
जहाँ तक सीएम की कार्यशैली का सवाल है तो वह केंद्र की अपेक्षाओं पर खरे उतरते दिख रहे हैं। उत्तराखंड के लिए अब केंद्र के द्वार सुलभ हो चुके है। राज्य मे हाइवे से लेकर संचार और मेडिकल सुविधाएं अब आम आदमी की पहुँच मे आसानी से आ रही है। वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तरह से धामी ताबड़तोड़ बैटिंग कर रहे है उससे एक बात साफ है कि वह दबावमुक्त होकर पारी खेल रहे है। घपले घोटालों के खिलाफ जो कार्यवाही अब तक सामने आयी वह नजीर भी है।
धामी की सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक भी खासी चर्चाओं मे रही। लंबी बैठक मे राज्य मे चल रही विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई और सीएम ने बाद मे प्रेस वार्ता मे कुछ मुद्दों को लेकर खुलासा किया। वार्ता के दौरान उन्होंने यह संकेत जरूर दिये कि राज्य को केंद्रीय परियोजनाओं की एक बड़ी खेप मिलने वाली है। हालांकि उनकी पीएम से मुलाकात को मंत्रिमंडल के विस्तार और दायित्व बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा था। राजधानी मे संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष द्वारा ली गयी कोर कमेटी की बैठक मे शिरकत के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और पीएम के साथ लंबी मैराथन बैठक मे पीएम को विकास योजनाओं की नई सूची थमा दी।
युवा चेहरे के तौर पर हाई कमान की पसंद बने सीएम पुष्कर सिंह धामी का पार्टी मे भी कद बढ़ रहा है। विगत माह पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम उन्हे देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री कह चुके है। पार्टी मे अंदरूनी स्थिति जो भी हो, लेकिन पीएम मोदी और केंद्र के साथ वह अल्प समय मे उत्तराखंड के नजदीक रिश्ते स्थापित करने मे कामयाब हुए हैं उससे निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि इसका लाभ राज्य को मिल रहा है और भविष्य मे अधिक संभावना है। भाजपा या गैर भाजपा सरकारों मे उत्तराखंड को इस समय जो तवज्जो मिल रही है उसे भी पुष्कर सिंह धामी की एक बड़ी उपलब्धि माना जा सकता है।
केदारनाथ बद्रीनाथ धाम में VIP दर्शन से BKTC ने कमाए 91 लाख से अधिक
उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में वीआईपी अतिथियों के दर्शन से बीकेटीसी ने अभी तक 91.63 लाख से अधिक की कमाई हुई है। बता दें पहले बार बीकेटीसी की ओर से वीआईपी श्रद्धालुओं से दर्शन के लिए 300 रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय का कहना हैं कि अभी तक केदारनाथ धाम में 8,198 वीआईपी श्रद्धालु और बद्रीनाथ धाम में 22,348 हजार वीआईपी श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। केदारनाथ में वीआईपी दर्शन से 24,59,400 रुपए का लाभ हुआ है। जबकि बद्रीनाथ धाम से 67,04,400 रुपए का लाभ हुआ है।
अन्य बड़े मंदिरों का अध्यन कर लिया फैसला
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ का कहना हैं कि इस वर्ष यात्राकाल से पहले बीकेटीसी ने देश के चार बड़े मंदिरों श्री वैष्णोदेवी, श्री तिरूपति बाला जी, श्री सोमनाथ और श्री महाकाल मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए एक- एक अध्ययन दल भेजे थे।इन दलों ने वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर मंदिरों में आने वाले वीआईपी व वीवीआईपी श्रद्धालुओं श्रद्धालुओं से दर्शनों के लिए शुल्क निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा था। बीकेटीसी ने अध्ययन दलों के सुझाव पर प्रति व्यक्ति से 300 रूपये निर्धारित किया था।
सीएम धामी की काटी थी पहली पर्ची..
बीकेटीसी द्वारा नयी व्यवस्था कायम किए जाने के बाद वीआईपी व वीवीआईपी के नाम पर अनावश्यक रूप से दर्शनों के लिए घुसने वालों पर भी रोक लगी है। बीकेटीसी ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत इस साल केदारनाथ धाम से शुरू की थी। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर बीकेटीसी ने पहली पर्ची मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की काटी थी। सीएम धामी ने 300 रूपये का शुल्क चुका कर दर्शन किये थे।
प्रदेश में बनाएं जाएंगे 13 निर्भया हॉस्टल, केंद्र ने दी 48 करोड़ की मंजूरी..
उत्तराखंड: केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय ने प्रदेश में 13 निर्भया हॉस्टल बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए केंद्र की और से 48 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी गई है। जानकारी के अनुसार 50 बेड के ये निर्भया हॉस्टल उत्तरकाशी, पौड़ी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, भीमताल, हल्द्वानी, भगवानपुर, सेलाकुई, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, कर्णप्रयाग और टिहरी में बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इन छात्रावासों के निर्माण से राज्य के अलग-अलग जनपदों में कामकाजी महिलाओं और हायर एजुकेशन के लिए आने वाली युवतिओं को आवासीय सुविधा मिलेगी। केंद्र की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद सीएम ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
मुख्य सचिव डॉ संधु को लेकर बड़ी खबर, केंद्र ने जारी किया बड़ा आदेश..
उत्तराखंड: मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि केंद्र ने मुख्य सचिव का कार्यकाल 6 महीने बढ़ा दिया गया। जिसके आदेश जारी किए गए है। मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के मुख्य सचिव एसएस संधू का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है।
वह इसी महीने रिटायर होने वाले थे। उन्हें 6 माह का सेवा विस्तार मिला है। 1 अगस्त 2023 से 30 जनवरी 2024 तक कार्यकाल बढ़ाया गया है। 20 जुलाई को एक्सटेंशन के आदेश किये गए।बताया जा रहा है कि उन्हें बद्रीनाथ, केदारनाथ पुनर्निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। गौरतलब है कि एसएस संधू की ईमानदार कार्यप्रणाली को लेकर नौकरशाही में चर्चा होती रहती हैं। उनका नाम प्रधानमंत्री की गुड बुक में हैं।
चमोली हादसे के बाद बड़ी कार्रवाई: यूपीसीएल और जल संस्थान के दो अधिकारी सस्पेंड..
उत्तराखंड: चमोली हादसे के प्रकरण में बड़ी कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। प्रारंभिक जांच में इन अधिकारियों की लापरवाही पाई गई। जिसके बाद कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही एसटीपी प्लांट का संचालन व रखरखाव का काम देख रही ज्वाइंट वेंचर कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
जानकारी के अनुसार शासन ने मुख्य महाप्रबंधक उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा एस०टी०पी० का संचालन एवं रख-रखाव करने वाली फर्म के कार्यों के समुचित अनुश्रवण का दायित्व देख रहे हरदेव लाल, अपर सहायक अभियन्ता को निलम्बित किया गया है। साथ ही इस प्रकरण में महाप्रबंधक उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लि. द्वारा कुंदन सिंह रावत, प्रभारी अवर अभियंता विद्युत वितरणखण्ड गोपेश्वर को भी प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सीएम धामी के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक तहसील चमोली द्वारा सुपरवाइजर ज्वाइन्ट वेन्चर कम्पनी एवं अन्य संबंधित के विरूद्ध नमामि गंगे के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरते जाने के संबंध में एफआईआर भी दर्ज कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती चमोली हादसे के बाकी सभी 5 घायलों को भी एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया गया है। सीएम ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में घायलों को मानसिक दबाव से मुक्त करने और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा गया है।
