श्रीनगर गढ़वाल की स्नेहा नेगी ISRO में बनी वैज्ञानिक..
उत्तराखंड: अपनी प्रतिभा के दम पर देवभूमि उत्तराखंड की बेटियां हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं। सेना, खेल, थिएटर, प्रशासनिक पदों में अग्रणी रहकर ये बेटियां देवभूमि का नाम रोशन कर रही हैं। अब एक और बेटी ने उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। श्रीनगर गढ़वाल की रहने वाली स्नेहा नेगी ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। स्नेहा नेगी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान यानी इसरो में वैज्ञानिक बनी है। स्नेहा की उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। स्नेहा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है।
आपको बता दे कि स्नेहा नेगी का परिवार मूलरूप से रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला है। स्नेहा ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान में कंप्यूटर साइंस से संबंधित वैज्ञानिकों के पदों के लिए भर्ती में भाग लिया था, इस भर्ती का परिणाम आ गया है और इसमें स्नेहा को सफलता मिली है। स्नेहा नेगी ने सरस्वती विद्या मंदिर श्रीकोट से अपनी पढ़ाई की। हाल में उनका परिवार श्रीकोट में रहता है। उन्होंने यही से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने 2021 में ऑल इंडिया गेट एक्जाम में 80वीं रैंक हासिल की। अब वो इसरो में वैज्ञानिक बन गयी है।
इंडिगो फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान टला बड़ा हादसा.
जमीन से टकराया विमान का पिछला हिस्सा..
देश-विदेश: रविवार को इंडिगो का एक विमान बड़े हादसे का शिकार होने से बच गया। दरअसल दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान इंडिगो के विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया। गनीमत ये रही कि हादसे में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। डीजीसीए ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। डीजीसीए ने कहा है कि हादसे के बाद विमान की उड़ान पर रोक लगा दी गई है और घटना की जांच की जा रही है।
घटना 11 जून की है। डीजीसीए ने बताया कि इंडिगो का विमान A321-252NX (Neo) एयरक्राफ्ट फ्लाइट संख्या- 6ई-6183 की उड़ान पर कोलकाता से दिल्ली आ रहा था। दिल्ली में लैंडिंग के दौरान विमान का पिछला हिस्सा जमीन से टकरा गया। घटना दिल्ली एयरपोर्ट के रनवे 27 पर हुई। विमान के क्रू के सदस्यों को लैंडिंग में कुछ गड़बड़ी महसूस हुई तो लैंडिंग के बाद विमान की जांच की गई, जिसमें विमान के पिछले हिस्से की जमीन से टक्कर होने का पता चला। इसके बाद डीजीसीए ने कार्रवाई करते हुए विमान के क्रू के सदस्यों के उड़ान पर जाने से रोक लगा दी है और घटना की जांच की जा रही है।
शनिवार को एक अन्य मामले में इंडिगो की फ्लाइट खराब मौसम के कारण रास्ता भटककर पाकिस्तान के एयरस्पेस में दाखिल हो गई थी। जानकारी के अनुसार अमृतसर से अहमदाबाद जा रही इंडिगो एयरलाइन की एक फ्लाइट पाकिस्तान के गुंजरावाला तक पहुंच गई थी। हालांकि रास्ता भटकने के बावजूद फ्लाइट सुरक्षित अहमदाबाद में उतर गई। विमान के पाकिस्तानी एयरस्पेस में जाने के चलते अमृतसर एटीसी लगातार पाकिस्तानी एजेंसियों के संपर्क में रही और विमान की सुरक्षित वापसी कराई।
अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिरा वाहन, तीन की मौत, तीन घायल..
उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड का टिहरी जिला हादसों का जिला बनता जा रहा है। आये दिन यहाँ कही न कही से सड़क हादसे की खबर सामने आ रही हैं। ऐसी ही खबर बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग से भी सामने आयी हैं। जहां सड़क हादसा होने से तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन घायल हो गए हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखे गए हैं। जानकारी के अनुसार मंगलवार यानी आज सुबह करीब पौने चार बजे पिकअप गिरेछीना मोटर मार्ग से होते हुए बागेश्वर की ओर आ रही थी।
फल्याटी बैंड के पास पिकअप ऊपर की रोड से नीचे रोड पर गिर गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर गई और खोज बचाव का काम शुरू किया। कोतवाल केएस नेगी का कहना हैं कि हादसे में इरशाद अहमद, असलम और साजिद की मौत हो गई है। मोहम्मद सुलेमान, जहरान खान और आकाश घायल हो गए हैं। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटी देहरादून से उत्तरकाशी जा रही डॉक्टरों की कार, चार घायल..
उत्तराखंड: देहरादून से उत्तरकाशी जा रही कार ऋषिकेश-गंगोत्री हाइवे पर कंडीसौड़ के पास सुनारगांव में सड़क पर पलटने से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें सवार दो महिला डॉक्टर सहित चार लोग घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची थाना छाम पुलिस द्वारा सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छाम पहुंचाया गया। कार में चार लोग सवार थे चारों को एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हादसा सोमवार सुबह सात बजे टिहरी के थाना छाम क्षेत्रान्तर्गत सुनारगांव में हुआ। बताया जा रहा है कार में सवार दो महिला डॉक्टर जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में सेवारत हैं। दोनों ड्यूटी के लिए देहरादून से उत्तरकाशी जा रही थी।
हादसे में डॉ सबिता चौधरी (31), डॉ प्रिया त्यागी (35), अजय (4), सविता (60) निवासी देहरादून घायल हो गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जानकारी के अनुसार थानाध्यक्ष एसएचओ प्रदीप पंत ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद बुजुर्ग सविता के पांव में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें हायर सेन्टर रेफर कर दिया है।
केदारघाटी के चोराबाड़ी क्षेत्र में फिर हुआ हिमस्खलन, एक सप्ताह में दूसरी घटना आई सामने..
उत्तराखंड: सुबह 8:56 बजे केदारनाथ के चोराबाड़ी इलाके में हिमस्खलन हुआ। एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब हिमस्खलन सामने आया है। इससे पहले 8 जून को केदारनाथ के चोराबाड़ी ग्लेशियर जोन में हिमस्खलन हुआ था। इससे काफी देर तक बर्फ का गुबार उठता रहा। इस दौरान केदारनाथ धाम में मौजूद कई श्रद्धालुओं ने इस घटना को अपने मोबाइल में कैद किया था।
इसी रास्ते से जून 2013 की आपदा में भी भारी मात्रा में मलबा और पानी आया था। पिछले 10 महीनों में हिमस्खलन की पांच घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले साल सितंबर और अक्टूबर में इसी क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ था। इस दौरान पांच से सात मिनट के लिए क्षेत्र में बर्फ का गुबार उठा। जिस तरह से बर्फ का गुबार तेजी से नीचे की तरफ खिसक रहा था, उससे अनुमान लगाया गया कि काफी ऊंचाई से भारी मात्रा में नई बर्फ टूटकर गिरी है।
इस दौरान केदारनाथ मंदिर, मंदिर परिसर और गोल चबूतरे में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस घटना को अपने मोबाइल में कैद किया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार का कहना हैं कि हिमस्खलन से केदारनाथ मंदिर समेत केदारपुरी के किसी भी प्रकार से कोई नुकसान नहीं पहुंचा हैं। यह घटना मंदिर परिसर से करीब छह किमी दूर हुई है। उनका कहना हैं कि कपाट खुलने के बाद से केदारनाथ क्षेत्र में बर्फबारी के चलते एवलांच की घटना हुई है, जो सामान्य प्रक्रिया है। दूसरी ओर देहरादून में वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनीष मेहता का कहना हैं कि हिमालय क्षेत्र में हिमस्खलन सामान्य घटना है।
बीते साल तीन बार हुआ था हिमस्खलन
आपको बता दे कि 22 सितंबर को शाम साढ़े चार बजे केदारनाथ मंदिर से लगभग तीन से चार किमी पीछे पहाड़ी से आंशिक हिमस्खलन हुआ है। इसके बाद एक अक्तूबर को शाम साढ़े पांच बजे के आसपास मंदिर से छह से सात किमी पीछे फिर से आंशिक हिमस्खलन हुआ है। इसके बाद दो अक्तूबर को भी चोराबाड़ी ताल से लगभग तीन किमी ऊपर हिमस्खलन हुआ था।
सहारा समूह में पैसा लगाने वाले निवेशकों को जल्द ब्याज सहित वापस मिलेगी जमा राशि..
उत्तराखंड: प्रदेश सहित देशभर में सहारा समूह की सहकारी समितियों में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से अब उन्हें उनका जमा पैसा ब्याज सहित वापस मिल सकेगा। इसके लिए केंद्र के स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है।
केंद्र के स्तर पर इसके लिए एक पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से जमाकर्ता अपनी जमा राशि को वापस पाने के लिए ऑनलाइन दावा कर सकते हैं।
नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (एनसीसीटी) की ओर से आयोजित कार्यशाला में सहकारिता मंत्रालय के उप सचिव अनिल कुमार सिंह ने जानकारी दी। बताया, सहारा ग्रुप ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज (सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड) में जमाकर्ताओं को जमा राशि का भुगतान नहीं करने के संबंध में बड़ी संख्या में शिकायतें मिलीं थीं।
भुगतान के निर्देश..
इसके बाद केंद्रीय रजिस्ट्रार ने सहकारी समितियों के सहारा समूह की व्यक्तिगत सुनवाई के लिए नोटिस जारी किए। सुनवाई के दौरान समितियों को शिकायत निवारण प्रणाली को सुव्यवस्थित करने और जमाकर्ताओं को भुगतान करने का निर्देश दिया गया। जब इन सोसाइटियों से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो केंद्रीय रजिस्ट्रार ने सोसाइटियों को नए डिपॉजिट लेने या मौजूदा डिपॉजिट का नवीनीकरण करने से रोक दिया।
इन सोसाइटियों ने केंद्रीय रजिस्ट्रार के आदेश को दिल्ली और तेलंगाना उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी। उच्च न्यायालयों ने केंद्रीय रजिस्ट्रार के आदेश के क्रम में अंतरिम रोक लगा दी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 29 मार्च 2023 को एक आदेश पारित कर निर्देश दिए। इसमें कहा गया कि सहारा-सेबी रिफंड खाते से पांच हजार करोड़ रुपये केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को हस्तांतरित किए जाएंगे। यह पैसा एक सुरक्षित प्रणाली के माध्यम से जमाकर्ताओं को दिया जाएगा।
सीएम धामी ने जिलाधिकारियों को दिए ये सख्त निर्देश,अब इन पर होगी कार्रवाई..
उत्तराखंड: देहरादून सचिवालय में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग की पहली समीक्षा बैठक ली। बैठक में सभी जिलाधिकारियों एवं एस.एस.पी ने वर्चुअली माध्यम से प्रतिभाग किया।
बैठक में सीएम ने निर्देश दिए कि आमजन को केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले इसके लिए सभी नियमित बहुद्देशीय शिविर लगायें जाए। साथ ही उनका कहना हैं कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए टोल फ्री नम्बर 1064 का बोर्ड सभी कार्यालयों में लगे, इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
सीएम धामी ने सभी एस.एस.पी को निर्देश दिये कि जनपद स्तर पर विवेचना से संबंधित जो मामले एक साल से अधिक समय से लम्बित हैं, अभियान चलाकर तीन माह के अन्दर उनकों निस्तारित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि विवेचना सबंधित मामलों का त्वरित निस्तारण हो। सीएम धामी ने निर्देश दिए कि ग्राम चौपालों में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा माह में कितनी बार भ्रमण किया जा रहा है। इसका भी कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग पूरा अपडेट रखे।
जिलाधिकारी नियमित ग्रामसभा चौपालों में जाएं और अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को भी वहां भेजें। सीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि जन समस्याओं के निस्तारण के लिए जन प्रतिनिधियों एवं आम जन के फोन रिसीव न करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए।
यदि किसी कारणवश अधिकारी फोन रिसीव न कर पा रहे हैं, तो बाद में अवश्य कॉल बैक करें। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात का समय शुरू होने वाला है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में जल भराव होता है या मलवा आने की संभावनाएं होती हैं, इनके समाधान के लिए अभी से पूरी कार्ययोजना बना लें। व
वर्षाकाल के दृष्टिगत सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखें। उनका कहना हैं कि मुख्यमंत्री घोषणाओं पर जनपदों में प्रगति की नियमित समीक्षा कर रिपोर्ट भेजी जाए। जनपदों में जिन दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य किये जा रहे हैं, उनमें तेजी लाई जाए।
तात्कालिक रूप वाले कार्यों को समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए। सभी जनपदों में जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए और डेंगू एवं मलेरिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए अभी से पूरी तैयारियां की जाएं।
उच्च शिक्षा विभाग में छह मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों सहित 85 के तबादले..
उत्तराखंड: उच्च शिक्षा विभाग में छह मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों सहित 85 के तबादले किए गए हैं। संयुक्त निदेशक एएस उनियाल का कहना हैं कि मिनिस्ट्रीयल संवर्ग में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक प्रशासनिक अधिकारी, 10 प्रधान सहायक, सात वरिष्ठ सहायक और 11 कनिष्ठ सहायकों के तबादले किए गए हैं। इसके साथ ही 27 प्रयोगशाला सहायकों एवं सात पुस्तकालय सहायक सहित अन्य के तबादले किए गए हैं।
पुरोला में नहीं थम रहा सांप्रदायिक तनाव, बीजेपी नेता को भी रातों रात करना पड़ा गांव खाली..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी के पुरोला में सांप्रदायिक तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पुरोला में नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण की कोशिश के आरोप में दो समुदाय विशेष के युवकों की गिरफ्तारी के बाद माहौल दिन पर दिन खराब होता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से समुदाय विशेष के व्यापारी अपनी दुकान खाली कर पलायन कर चुके हैं। शहर छोड़ने वालों में बीजेपी नेता भी शामिल हैं।
आपको बता दे कि बीजेपी नेता मोहम्मद जाहिद पुरोला में करीब 25 सालों से रह रहे थे। वह बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अपने कपड़े की दुकान खाली कर परिवार के साथ बुधवार रात पुरोला से निकल गए। बताया है रहा है कि इससे तीन दिन पहले भी एक समुदाय विशेष व्यापारी ने अपनी दुकान खाली कर गांव से चले गए थे।
तीन साल पहले हुए थे भाजपा में शामिल..
बता दें कि बीजेपी नेता जाहिद तीन साल पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे और पार्टी में खूब सक्रिय भी रहे हैं। तीन फरवरी 2023 को उन्हें उत्तरकाशी का जिला अध्यक्ष बनाया गया था। एक व्यापारी का कहना हैं कि ‘जिला अध्यक्ष बनाए जाने से पहले वह कई पदों पर रहे हैं। उनका दुर्भाग्य ये रहा की पार्टी भी उनकी कोई मदद नहीं कर सकी। भाजपा अध्यक्ष को आधी रात गांव से जाना पड़ा। यदि सत्ताधारी दल के किसी व्यक्ति का ये हाल है तो आम आदमी का क्या होगा ?
ये था मामला..
आपको बता दे कि उत्तरकाशी के पुरोला में बीते 26 मई को एक नाबालिग छात्रा को भगाने के आरोप में एक मुस्लिम और हिन्दू युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से ही पुरोला में मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध ग्रामीणों और व्यापारियों ने मोर्चा खोला हुआ है।
भारत में पहली बार मलेरिया के वायरस में मिला नया म्यूटेशन..
53 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग से हुआ खुलासा..
देश-विदेश: भारत में पहली बार वैज्ञानिकों को मलेरिया संक्रमण के नए म्यूटेशन का पता चला है। आशंका जताई जा रही है कि यह मरीजों में दवा प्रतिरोध की वजह से हो सकता है। भारतीय मरीजों में मिलने वाला यह बदलाव दक्षिण पूर्व एशिया और अफ्रीकी देशों की तुलना में एकदम नया है।
शोधकर्ताओं ने यहां तक कहा है कि भारत में मलेरिया परजीवी की अपनी एक अनूठी आबादी है। ड्रग्स एंड ड्रग रेजिस्टेंस में प्रकाशित अध्ययन पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), कोलकाता स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन, विद्यासागर विश्वविद्यालय और पुणे के ही सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने किया है। इसमें 53 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई, जिसमें वायरस की आनुवंशिक संरचना और नए म्यूटेशन का पता चला है।
विशेष परजीवी मार्कर की पहचान हुई..
शोधकर्ताओं का कहना है कि अध्ययन से भारत में मलेरिया के विशेष परजीवी मार्कर की पहचान हुई है, जिसका मुख्य कारण दवा प्रतिरोध हो सकता है। इससे रोगियों के उपचार में काफी मदद मिल सकती है। साथ ही, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के 2030 तक मलेरिया से मुक्ति पाने के लक्ष्य को सफल बनाने में मदद मिलेगी। अध्ययन में प्रमुख शोधकर्ता डॉ. कृष्णपाल करमोदिया का कहना हैं कि यह भारत का पहला बड़े पैमाने पर किया गया अध्ययन है, जो भारतीय आबादी में मलेरिया परजीवी की अनूठी आबादी होने की पुष्टि कर रहा है। इस अध्ययन के लिए पश्चिम बंगाल के कोलकाता से मरीजों के सैंपल एकत्रित करने के बाद आईआईएसईआर की लैब में जीनोम सीक्वेंसिंग की गई।
भारत में स्थिति..
प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण होने वाला रोग मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। मरीज के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करता है। बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द एवं थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
विश्व मलेरिया रिपोर्ट वर्ष 2022 के अनुसार, 2015-2022 के दौरान भारत में मलेरिया के मामलों में 85.1% की गिरावट और मौतों में 83.36 फीसदी की गिरावट दर्ज की।
भारत में मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों की नौ प्रजातियां हैं।
अभी तक मलेरिया का टीका नहीं आया है। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक कंपनी टीका खोज में लगी हुई हैं।
