नेताला से गंगोत्री तक प्लास्टिक नियंत्रित क्षेत्र में QR कोड से ही कर सकेंगे बिक्री..
उत्तराखंड: उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने चारधाम यात्रा को देखते हुए नेताला से गंगोत्री धाम तक के क्षेत्र को प्लास्टिक नियंत्रित क्षेत्र घोषित किया है। इस क्षेत्र में प्लास्टिक की बोतलों और प्लास्टिक के पैकेट पर क्यूआर कोड लगाकर बिक्री करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।एसडीएम का कहना हैं कि गंगोत्री धाम तक सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को प्लास्टिक निर्मित बोतल, पेय पदार्थ, नमकीन बिस्कुट, चिप्स आदि के पैकेट पर न्यूनतम मूल्य का क्यूआर कोड लगाना होगा। यह क्यूआर कोड रिसाइकल कंपनी की ओर से न्यूनतम धनराशि जमा करने पर उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी के डिपॉजिट रिफंड काउंटर पर क्यूआर कोड वाली खाली बोतल व रैपर जमा कराने के बाद जमा राशि वापस कर दी जाएगी। बताया, रिफंड काउंटर उत्तरकाशी से लेकर गंगोत्री तक उपलब्ध होंगे। एसडीएम ने कहा, प्लास्टिक की बोतलों व रैपर की बिना क्यूआर कोड के बिक्री की गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा, यदि इससे किसी को कोई आपत्ति है तो 15 दिनों के अंदर लिखित सूचना दे सकते हैं।
उत्तराखंड में बिजली की मांग बढ़ी, पांच करोड़ यूनिट के करीब पहुंची..
उत्तराखंड: गर्मियों के साथ ही बिजली की मांग में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। इस समय, लगभग पांच करोड़ यूनिट तक की बिजली की आवश्यकता है। यूपीसीएल को रोजाना बाजार से लगभग डेढ़ करोड़ यूनिट बिजली खरीदने का काम करना पड़ रहा है, जो कि एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। प्रदेश में बिजली की मांग विशेष रूप से शुक्रवार को बड़ी मात्रा में बढ़ गई है, जब 4.9 करोड़ यूनिट तक की मांग दर्ज की गई। यहां तक कि यूपीसीएल के पास राज्य, केंद्र और अन्य स्रोतों से कुल 3.2 करोड़ यूनिट की उपलब्धता होने के बावजूद, अत्यधिक बिजली की आवश्यकता के कारण बाजार से बिजली खरीदनी पड़ रही है। यूपीसीएल रोजाना लगभग 1.4 करोड़ यूनिट तक बाजार से बिजली खरीद रहा है, फिर भी मांग को पूरा करने में सांस फूल रही है। इसके परिणामस्वरूप हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के अलावा अन्य मैदानी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कटौती की स्थिति अब भी गंभीर है।
चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद आंदोलन की तैयारी में शिक्षक, इस वजह से हैं नाराज..
उत्तराखंड: राजकीय शिक्षक संघ चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। लंबित मांगों पर अमल न होने से नाराज संगठन का कहना है कि प्रदेशभर में ब्लॉक स्तर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अध्यक्ष और महामंत्री को लिखे पत्र में कहा, वर्तमान में आदर्श आचार संहिता लगी होने की वजह से कई शासनादेश नहीं मिल पाए हैं।
यही वजह है कि आहरण वितरण का अधिकार, चयन, प्रोन्नत वेतन में वृद्धि, कनिष्ठ, वरिष्ठ शिक्षकों की वेतन विसंगति, अटल चयनित शिक्षकों की पदस्थापना समेत कुछ अन्य मांगों पर अमल नहीं हो पाया है। लंबित मांगों को लेकर दोनों मंडल कार्यकारिणी अपने मंडल की बैठक कर धरना-प्रदर्शन करने के लिए आचार संहिता के बाद अपने जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी करेंगी और ब्लॉकों से प्रस्ताव प्राप्त कर मंडल को उपलब्ध कराएंगी। धरना कार्यक्रम सबसे पहले ब्लॉक स्तर पर उसके बाद जिला और फिर प्रांत स्तर पर होगा। संगठन के प्रांतीय महामंत्री रमेश चंद्र पैन्यूली ने कहा, प्रधानाचार्य के पदों पर विभागीय सीधी भर्ती के लिए सरकार की ओर से संगठन को विश्वास में नहीं लिया गया। यदि विभागीय सीधी भर्ती बहुत जरूरी थी तो इसके लिए नियमावली बनाते हुए सभी शिक्षकों को इसमें शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, शिक्षकों की मांग को लेकर मात्र आश्वासन मिल रहा है।
प्रांतीय कार्यकारिणी की होगी बैठक..
संगठन ने प्रधानाचार्य के पद पर सीधी भर्ती नियमावली को समाप्त करने के लिए हाईकोर्ट में अलग-अलग दो याचिकाएं दाखिल की हैं। न्यायालय का जो भी निर्णय होगा, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान के मुताबिक 11 मई को प्रांत मुख्यालय में प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक होगी। बैठक में सभी जिलों के अध्यक्ष और मंत्री एवं दोनों मंडलों के अध्यक्ष और मंत्री शामिल होंगे। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्यूली का कहना हैं कि लंबित मांगों को लेकर संगठन शासन व सरकार के साथ समन्वय बनाए हुए हैं, लेकिन कुछ शिक्षक सोशल मीडिया में संगठन के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, जो ठीक नहीं है।
देवभूमि को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन पर कवायद, बैठक में दिए ये निर्देश..
उत्तराखंड: मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सड़क सुरक्षा एवं अनुश्रवण समिति की अति महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने परिवहन, लोक निर्माण, वित्त एवं सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को उत्तराखण्ड को जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाने के विजन के साथ कार्य करने के नसीहत दी।
सीएस का कहना हैं कि संबंधित अधिकारी तत्काल विभिन्न थाना चौकियों में बन्द वाहनों को प्रत्येक जनपद में शहर के नजदीक स्थान चिन्हित करते हुए एक साथ रखने की व्यवस्था करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपदों में इस सम्बन्ध में भूमि चिन्हीकरण/हस्तान्तरण हेतु निर्देश दिए। सीएस ने लोक निर्माण विभाग को प्रोफेशनल एजेंसी के माध्यम से नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट करवाने, परिवहन विभाग को ऑनलाइन चालान व्यवस्था मजबूत करने, शिक्षा विभाग को पाठ्यक्रम में सड़क दुर्घटनाओं के सम्बन्ध में जागरूकता को शामिल करने, गुड समेरिटन योजना को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव का कहना हैं कि राहत राशि की हकदारी हेतु अब मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं है। जिलाधिकारियों को दुर्घटना राहत निधि हेतु 50 लाख रूपये की धनराशि आवंटित है। उन्होंने अधिकारियों को क्रैश बैरियर की गुणवत्ता की थर्ड पार्टी ऑडिट के भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अन्य देशों में क्रैश बैरियर के स्थान अन्य आधुनिकतम टेक्नॉलॉजी व बेस्ट प्रैक्टिसिज का अध्ययन कर राज्य में लागू करने एवं निर्धारित डेडलाइन पर अधिक दुर्घटना वाले स्थानों की मैपिंग कर स्पीड ब्रेकर, क्रैश बैरियर आदि के एक्शन प्लान पर कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डा.पंकज कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।
10वीं, 12वीं में कम अंक पाने वाले विद्यार्थी न हों निराश, कर सकते है ये काम..
उत्तराखंड: उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट जारी हो गया है। जहां एक और रिजल्ट आने से कई छात्र अच्छे नंबर से खुश है तो वहीं कई ऐसे है जो न खुश है तो कई फेल भी हो गए है। ऐसे में कम मार्क्स वाले या एक दो विषयों में फेल होने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। उनको बोर्ड मौका दे रहा है। विद्यार्थी अपनी कॉपी भी चेक कर सकते है। आपको बता दें कि उत्तराखंड बोर्ड कम मार्क्स वाले छात्रों के लिए कंपार्टमेंट/ अनुपूरक परीक्षा का आयोजन कराया जाता है।
जिन छात्रों के मार्क्स 33% से कम है ऐसे छात्र उन्हें उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन द्वारा निर्धारित न्यूनतम उत्तीर्ण अंक के मानक के आधार पर उत्तीर्ण नहीं माना जायेगा। ऐसे छात्र Compartment परीक्षा 2024 में शामिल होकर अपने मार्क्स में सुधार कर सकते है। छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा फॉर्म 2024 नहीं भरेंगे उन्हें परीक्षा में शमिल होने का अवसर नहीं प्रदान किया जायेगा। यूके 10वीं कंपार्टमेंट परीक्षा 2024 का आयोजन बोर्ड की ओर से जुलाई माह में आयोजित की जा सकती है। छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा की डेट और शेडयूल की पूरी जानकारी के लिए बोर्ड की ऑफिसियल वेबसाइट (ubse.uk.gov.in) पर विजिट कर सकते है। यूके बोर्ड 10वीं /12वीं कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए जो छात्र आवेदन करेंगे, उनके लिए बोर्ड की ओर से कम्पार्टमेंट परीक्षा 2024 एडमिट कार्ड जारी किया जायेगा। साथ ही परीक्षा का शेड्यूल लगभग दो सप्ताह पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
वहीं उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद् रामनगर, नैनीताल की हाईस्कूल / इण्टरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2024 में सम्मिलित परीक्षार्थियों को अवगत कराया जाता है कि परीक्षाफल घोषणा के उपरान्त यदि कोई परीक्षार्थी अपने किसी विषय/प्रश्न-पत्र की उत्तरपुस्तिका की सन्निरीक्षा कराना चाहते हैं तो वे सन्निरीक्षा शुल्क रुपया 100=00 प्रति प्रश्नपत्र की दर से कोष-पत्र (ई-चालान) के माध्यम से उत्तराखण्ड के किसी भी राजकोष/ भारतीय स्टेट बैंक में सुसंगत लेखाशीर्षक (0202 – शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति, 01 – सामान्य शिक्षा 102 – माध्यमिक शिक्षा, 02 – बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क) के खाते में जमा कर, कोष-पत्र (चालान) की मूल प्रति एवं अंक पत्र की छाया प्रति (इण्टरनेट प्रति भी मान्य) सहित अपना सन्निरीक्षा आवेदन पत्र परिषद् कार्यालय में ऑनलाइन या आफलाइन प्रेषित करें। सन्निरीक्षा आवेदन पत्र समस्त संलग्नकों सहित परीक्षाफल परिणाम घोषित होने की तिथि से 30 दिन के अन्दर अर्थात 29 मई 2024 तक परिषद् कार्यालय में प्राप्त होना अनिवार्य हैं।
चारधाम यात्रा पंजीकरण का आंकड़ा 18 लाख पार, दर्शन के लिए लागू होगा टोकन सिस्टम..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, बुधवार को पंजीकरण का आंकड़ा 18 लाख पार पहुंच गया है। वहीं, चारों धामों में दर्शन के लिए टोकन सिस्टम लागू होगा, इस संबंध में बुधवार को पर्यटन विभाग ने उत्तरकाशी, हरिद्वार, चमोली व रुद्रप्रयाग के डीएम, एसएसपी को पत्र जारी कर दिया है। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.पूजा गर्ब्याल की ओर से भेजे पत्र में कहा गया है कि चारधाम यात्रा में पूर्व की भांति इस बार भी पंजीकरण अनिवार्य है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत अब यह तय किया गया है कि सभी धामों में दर्शन के लिए कतार प्रबंधन या स्लॉट सिस्टम लागू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से इसकी व्यवस्था मजबूती से करने को कहा है। पिछले साल पर्यटन विभाग ने टोकन सिस्टम लागू किया था जो सफल नहीं हो पाया था। इस बार पूरी रणनीति के साथ यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
अब तक हुए पंजीकरण
यमुनोत्री के लिए 2,92,193, गंगोत्री के लिए 3,29,246, केदारनाथ के लिए 6,33,568, बदरीनाथ के लिए 5,33,518, हेमकुंड साहिब के लिए 31,852 पंजीकरण हो चुके हैं। कुल 18 लाख 20 हजार 377 श्रद्धालुओं ने चारधाम के लिए अब तक पंजीकरण करा लिया है।
अब बिजली कर्मचारियों के लिए भी महंगी हुई बिजली..
उत्तराखंड: प्रदेश में बिजली विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए भी बिजली महंगी हो गई है। ऊर्जा निगम ने हाल में जारी हुए टैरिफ आदेश के आधार पर सभी कर्मचारियों का फिक्स चार्ज बढ़ा दिया है। मंगलवार को इसका आदेश जारी कर दिया गया। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस साल घरेलू श्रेणी में नियामक आयोग ने टैरिफ में 9.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस परिपेक्ष्य में ऊर्जा निगम के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को मिलने वाली बिजली का फिक्स चार्ज भी रिवाइज किया गया है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व ऑपरेटिंग स्टाफ के लिए फिक्स चार्ज 118 से बढ़ाकर 129 रुपये माहवार, तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के लिए फिक्स चार्ज 174 से बढ़ाकर 190 रुपये, जेई व उनके समकक्ष के लिए 315 से बढ़ाकर 344 रुपये, एई, एक्सईएन व उनके समकक्ष अधिकारियों के लिए फिक्स चार्ज 438 से बढ़ाकर 478 रुपये, डीजीएम व समकक्ष अधिकारियों के लिए 612 से बढ़ाकर 668 रुपये, जीएम व समकक्ष अधिकारियों के लिए 746 से बढ़ाकर 814 रुपये प्रतिमाह फिक्स चार्ज हो गया है। ये बढ़ोतरी, यूपीसीएल के अलावा यूजेवीएनएल व पिटकुल के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों पर लागू होगी।
आज से बदल जाएंगे ये जरूरी नियम, आम आदमी की जेब पर पडे़गा सीधा असर..
देश-विदेश: आज से मई शुरू का महीना शुरू हो गया हैं। वैसे तो प्रतिमाह की 1 तारीख कुछ न कुछ बदलाव लेकर आती है। लेकिन 1 मई 2024 कई मायनों में खास है।क्योंकि 1 मई से कई आईसीआईसीआई सहित कई बैंक हैं जिनके सर्विस चार्जेज बढ़ाने की संभावना है। साथ ही एलपीजी के घरेलू सिलेंडर के दामों में पेट्रोलियम कंपनीज कुछ कटौती कर सकती हैं। इसके साथ ही क्रेडिट कार्ड के नियमों में कुछ बदलाव होने की संभावना है। कुछ बैंक ने अपना मिनिमम बैलेंस बढ़ाने की घोषणा भी की है। इन सभी नियमों को 1 मई से लागू कर दिया जाएगा।
इन बैंकों ने बढ़ाए सर्विस चार्जेस..
प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 1 मई से कई चीजों में ज्यादा चार्ज ग्राहक को देना होगा। इसमें चेक बुक, आईएमपीएस, ईसीएस / एनएसीएच डेबिट रिटर्न, स्टॉप पेमेंट शुल्क आदि सेवाएं शाामिल हैं। यही नहीं आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के अनुसार ये बदलाव 1 मई 2024 यानी आज से अमल में आ जाएंगे। इसके साथ ही डेबिट कार्ड एनुअल फीस 200 रुपये होगी। वहीं, ग्रामीण इलाकों के लिए ये 99 रुपये प्रतिवर्ष होगी।
यस बैंक ने भी किया बदलाव..
यस बैंक की बात करें तो कई तरह के चार्ज में बदलाव कर दिया गया है। सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस की धनराशि बढा दी गई है। यस बैंक के सेविंग अकाउंट प्रो मैक्स में मिनिमम एवरेज बैलेंस 50 हजार रखना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों को फॅालो नहीं करने पर अधिकतम चार्ज 1,000 रुपये पे करना होगा। वहीं सेविंग अकाउंट प्रो प्लस में मिनिमम एवरेज बैलेंस 25 हजार रखना अनिवार्य कर दिया गया है। बदले हुए नियम आज से लागू कर दिये जाएंगे। नियम फॅालो नहीं करने वाले को 750 रुपए पैन्लटी देनी होगी।
एलपीजी सिलेंडर के दाम..
आपको बता दें कि हर माह की 1 तारीख को पेट्रोलियम कंपनीज एलपीजी सिलेंडर के दामों को रिवाइज करती है। जिसमें 14 किलो वाले घरेलू और 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत शामिल होती है। अप्रैल की 1 तारीख को 19 किग्रा वाले सिलेंडर के दामों में 30 रुपए का इजाफा किया गया था। बताया जा रहा है कि 1 मई को 14 किग्रा वाले सिलेंडर के दाम घटने की उम्मीद है। हालांकि पेट्रोलियम कंपनीज ने ऐसी कोई घोषणा अभी तक नहीं की है। लेकिन फिर भी बताया जा रहा है कि घरेलू सिलेंडर के दामों में इस बार जरूर कटौती होगी।
क्रेडिट कार्ड..
1 मई से क्रेडिट कार्ड के नियमों में भी कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है। ज्यादातर बैंक के क्रेडिट कार्ड युटिलिटी बिल भुगतान पर 1% एक्स्ट्रा चार्ज वसूलेंगे। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने घोषणा की कि वे 1 मई, 2024 से अपने क्रेडिट कार्ड से यूटिलिटी बिल के भुगतान पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लेंगे।
देहरादून अग्निकांड में 15 परिवार हुए बेघर, सीएम ने लिया मामले का संज्ञान..
उत्तराखंड: देहरादून में सोमवार 29 अप्रैल को हुए भीषण अग्निकांड में अब सीएम धामी ने संज्ञान लिया है। सीएम ने हादसे में बेघर हुए परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने देहरादून जिलाधिकारी सोनिका को निर्देश दिए हैं कि वो प्रभावित परिवारों को यथासंभव मदद उपलब्ध कराएं। सीएम के निर्देश पर जिलाधिकारी की तरफ से प्रभावित परिवारों के लिए 40 पैकेट राशन मौके पर भेजा है।
आपको बता दे कि देहरादून के खुड़बुड़ा मोहल्ले में कई मजदूर झोपड़ियां बनाकर अपने परिवार के साथ रहते है। यहां कुछ मजदूर झोपड़ियां के पास ही तांबा जला रहे थे। उसी से आग एक झोपड़ी में लग गई। इससे पहले मौके पर मौजदू लोग कुछ कर पाते आग देखते ही देखते अन्य झोपड़ियों तक भी फैल गई। जिसकी चपेट में देखते ही देखते करीब 22 झोपड़ियां आ गई। इस दौरान झोपड़ियों में रखे 8 गैस सिलेंडर भी फट गए थे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया था। इस अग्निकांड में इन झोपड़ियों में रहने वाले कई परिवार बेघर हो गए। मामले में प्रशासन हरकत में आया। बताया जा रहा है कि मामले का सीएम पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि इस घटना के पीड़ितों की यथासंभव मदद की जाए। तत्क्रम में जिलाधिकारी की ओर से गोविंदगढ़ में प्रभावित लोगों को 40 पैकेट राशन के भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही पीड़ितों की हर संभव मदद जिला प्रशासन के स्तर से की जाएगी।
डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन..
उत्तराखंड: बढ़ती गर्मी और डेंगू और चिकनगुनिया के खतरे को लेकर उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। विभाग ने उत्तराखंड के सभी जिला अधिकारियों को अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने ये अलर्ट जारी कर डेंगू और चिकनगुनिया को लेकर 20 बिंदुओं की गाइडलाइन भी जारी की है। ये अलर्ट स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने उत्तराखंड के सभी जिलों के डीएम, सीएमओ और नगर निगम को जारी किए हैं।
- डेंगू मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए की जाने वाली समस्त गतिविधियां समस्त विभाग निरन्तर करते रहें ताकि डेंगू के मच्छर को पनपने से रोका जा सकें और इसकी सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरन्तर प्राप्त की जाए।
- डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग पर रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु ब्लाक वार Micro Plan बनाकर कार्यवाहिया करना सुनिश्चित करे व उक्त माइक्रोप्लान राज्य एन०वी०बी०डी०सी०पी० यूनिट को प्रेषित किये जायें।
- नगर निगमों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जाये ताकि डेंगू रोग के मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।
- डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग पर नियंत्रण हेतु लार्वा निरोधात्मक कार्यवाहियां (सोर्स रिडक्शन) एक कारगर व उपयुक्त उपाय है, जिसके लिए नगर निगम/नगर पालिका आशा कार्यकत्री व अन्य विभागों के सहयोग से टीमें बनाकर क्षेत्र में कार्यवाही की जाए।
- डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग को महामारी का रूप लेने से रोकने के लिए नगर निगम/नगर निकाय द्वारा आवश्यकतानुसार फॉगिग की जाये।
- जनजागरूकता व जनसहभागिता हेतु आई०ई०सी० संसाधनो का समुचित्त व समयान्तर्गत उपयोग करें।
- डेंगू एवं चिकनगुनिया रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों जैसे नगर निगम, शिक्षा विभाग, ग्राम्य एवं शहरी विकास, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लोक निर्माण, जल संस्थान, जल निगम आदि के सहयोग व अंतर्विभागीय समन्वय हेतु जनपद स्तर पर बैठकों का समय से आयोजन किया जाए व उनके कार्यवृत्त राज्य एन०वी०बी०डी०सी०पी० यूनिट को प्रेषित किये जायें।
- डेंगू के उपचार एवं नियंत्रण हेतु भारत सरकार की गाईडलाइन “National Guidelines for Clinical Management of Dengue fever” (संलग्न) को समस्त राजकीय एवं निजी चिकित्सालायों/चिकित्सकों को आवश्यक कार्यवाहियों हेतु उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
- जनपदों के चिकित्सालयों (जिला/बेस व मेडिकल कालेज) में भारत सरकार की गाईडलाइनके अनुसार आवश्यक कार्यवाही जैसे पृथक डेंगू आईसोलेशन यार्डतैयार करमच्छरदानी (LLIN) युक्त पर्याप्तबेड की उपलब्धता, Standard Case Management आदि सुनिश्चित करें एवं डेंगू आइसोलेशन वार्ड के लिए नोडल अधिकारी नामित करें।
- डेंगू एवं चिकनगुनिया रोगियों के समुचित प्रबन्धन हेतु अपने जनपद में चिकित्सा केन्द्रों को पूर्ण रूप से कार्यशील रखें व उनमें पर्याप्त स्वास्थ्य मानव संसाधन जैसे चिकित्सक, नर्स आदि की व्यवस्था सुनिश्चित रखें।
- डेंगू पीडित गम्भीर रोगियों (DHF/DSS) हेतु Platelets की उपलब्धता सुनिश्चित करें। 12. डेंगू जांच केन्द्रो में समय से आवश्यक सामग्री जैसे ELISA जांच किट व अन्य जांच सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।
- डेंगू रोगियों की शुरूआती चरण में पहचान हेतु, फीवर सर्वे किये जायें, लक्षणों के आधार पर डेंगू रोग की संदिग्धता होने पर जांच की जाये।
- डेंगू एवं चिकनगुनिया रोगी पाये जाने की स्थिति में रोगी के घर के आस-पास लगभग 50 घरों की परिधि में आवश्यक रूप से Space/ Focal Spray कराने के साथ साथ जनपदीय आर०आर०टी० द्वारा क्षेत्र में सघन फीवर सर्विलेन्स एवंलार्वा निरोधात्मक कार्यवाहियां (सोर्स रिडक्शन) कराएँ।
- डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग की रोकथाम के लिए आम जनमानस का सहयोग अत्यन्त आवश्यक है व जन जागरूकता ही एक कारगर उपाय है। अतः आप अपने स्तर से प्रभावी प्रचार प्रसार करवायें। प्रचार प्रसार सामग्री की सापट प्रति संलग्न।
- स्वास्थ्य विभाग व आई०एम०ए० प्रतिनिधियों / निजी चिकित्सालयों/पैथोलोजी लैबों के मध्य समन्वय बैठक (CME Meeting/Workshop) की जाये ताकि आमजन में डेंगू एवं चिकनगुनिया रोग के प्रति व्यापत भ्रान्ति/भय को दूर किया जा सके। दृष्टिगत जनपद स्तर पर जिला कार्ययोजना मे भी
- किसी भी प्रकार की आकस्मिक / आपातकालीन आवश्यकता के डेंगू के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जाये।
- मीडिया को डेंगू एवं चिकनगुनिया सम्बन्धित संवेदनशील सूचनायें व सकारात्मक जानकारी सम्बोधित करने हेतु जनपद स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के किसी एक अधिकारी को Media Spokes person अधिकृत किया जाये।
- जनमानस को डेंगू सम्बन्धित जागरूकता एवं समुचित जानकारी प्रदान करने के लिये राज्य मुख्यालय पर Integrated Helpline क्रियाशील है जिसका टोल फ्री नं० 104 है। इसी प्रकार जनपद स्तर पर डेंगू के संक्रमण काल (माह जून से नवम्बर तक) के दौरान कन्ट्रोल रूम स्थापित कर उक्त दूरभाष न० से राज्य एन०वी०बी०डी०सी०पी० यूनिट को अवगत करायें।
- डेंगू एवं चिकनगुनिया की दैनिक रिर्पोट (केस शून्य होने पर भी) संलग्न प्रारूप पर सायं 4:00 बजे तक नियमित रूप से राज्य स्तर पर E-mail- uknvbdcp@gmail.com पर भेजना सुनिश्चित करें। अतः उपरोक्तानुसार समयबद्ध कार्यवाही कर, कृत कार्यवाही से अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराना सुनिश्चित करें।
