विधानसभा समेत सभी सरकारी भवनों में परोसा जाए मंडुआ और झंगोरा- CS रतूड़ी..
उत्तराखंड: मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मंडुआ, झंगोरा व चौलाई का उत्पादन बढ़ाने तथा सप्लाई चैन को बेहतर करने के सम्बन्ध में आज विधानसभा भवन में House of Himalayas तथा Millet Mission की बैठक ली। बैठक में सीएस ने कृषि एवं उद्यान विभाग को प्रदेश में अनुपयोगी घाटियों एवं जमीनों को चिहिन्त कर उनमें मंडुआ, झंगोरा एवं चौलाई के बड़े स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना हैं कि यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाना है। मुख्य सचिव ने झंगोरा तथा चौलाई की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के सम्बन्ध में प्रस्ताव बनाने के लिए Input Cost (लागत मूल्य) का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने विधानसभा, सचिवालय, सहित GMVN, KMVN जैसे सभी सरकारी भवनों एवं संस्थानों में परोसे जाने वाले खाद्य उत्पादों में मिलेट्स मंडुआ, झंगोरा का उपयोग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने महिला विकास एवं बाल कल्याण विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य विकास के लिए मंडुआ, झंगोरा, चौलाई जैसे स्थानीय मिलेट्स को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में एएनएम, आशा वर्कर्स तथा आंगनबाड़ी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
इस दिन होगी धामी कैबिनेट की बड़ी बैठक..
उत्तराखंड: धामी कैबिनेट की बैठक चार मार्च को होगी। कैबिनेट की बैठक राज्य सचिवालय के विश्वकर्मा भवन में स्थित वीर चन्द्रसिंह गढ़वाली ’सभागार’ (पंचम तल) देहरादून में होगी।धामी कैबिनेट की बैठक चार मार्च यानी सोमवार को होनी है। बैठक सीएम धामी की अध्यक्षता में 10:30 बजे राज्य सचिवालय के विश्वकर्मा भवन में स्थित वीर चन्द्रसिंह गढ़वाली ’सभागार’ देहरादून में होगी। धामी कैबिनेट की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है।
परिवहन निगम चलाएगा दून-हरिद्वार में बसें, एसपीवी ही संभालेगी संचालन की जिम्मेदारी..
उत्तराखंड: देहरादून और हरिद्वार शहरों के भीतर अब परिवहन निगम ही बसों का संचालन करेगा। इसके लिए स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) कंपनी देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड बनाई जाएगी। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार यह कंपनी मुख्य रूप से पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत देहरादून शहर में 100 बसें और हरिद्वार में 50 बसें संचालित करेगी, जिसका ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। देहरादून शहर में 50 सीएनजी बसें चलाने का भी प्रस्ताव है। परिवहन निगम के अधीन एसपीवी बनाकर बसें संचालित करने का प्रारूप तैयार किया गया है।
परिवहन निगम लगातार दो साल से लाभ में चल रहा है। निगम का मुनाफा 2022-23 में 1655.92 करोड़ था। दिसंबर 2023 तक 2934.41 करोड़ का मुनाफा रिकॉर्ड किया गया। निगम की 1309 बसों में से 553 बसें पर्वतीय और 756 मैदानी क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। इनमें से 153 सीएनजी बसों सहित 1242 साधारण बसें, 17 एसी बसें और 50 वॉल्वों शामिल हैं। निगम ने अपनी व्यवस्थाओं में भी सुधार किया है। इसके लिए एचआरएमएस सिस्टम लागू किया गया। दुर्घटना रोकने को हमसफर एप, कार्यशाला की इन्वेंटरी प्रबंधन के लिए एप, बसों में जीपीएस, 1500 एंड्रायड युक्त ई-टिकट मशीनें, ऑनलाइन बुकिंग, ई-ऑफिस आदि शामिल हैं। दूसरी ओर परिवहन विभाग राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य हासिल करने में सुस्त नजर आया है। इस वित्तीय वर्ष में दिसंबर 2023 तक 1475 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष 952.65 करोड़ की ही प्राप्ति हो पाई है। हालांकि 2022 में विभाग ने 1155 करोड़ के सापेक्ष 1158.37 करोड़ राजस्व प्राप्ति की थी।
उत्तराखंड में साइबर हमलों से निपटने के लिए जारी की जाएगी SOP, बनेगी सीईआरटी-यूटीके वेबसाइट..
उत्तराखंड: प्रदेश में साइबर हमलों से निपटने के लिए एसओपी जारी की जाएगी। पांच करोड़ तक के साइबर मामलों का राज्य में ही निस्तारण होगा। वहीं, गांवों तक भी साइबर जागरुकता के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों की मदद ली जाएगी। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार राज्य के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की साइबर सुरक्षा के लिए साइबर क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान और क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर गाइडलाइंस को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राज्य में साइबर हमलों से निपटने के लिए सेक्टोरल सेर्ट और सेर्ट यूटीके का गठन किया गया है।
साइबर हमलों से निपटने के लिए केंद्रीय आईटी मंत्रालय के निर्देशों के तहत निर्णायक प्राधिकरण कार्यालय का गठन किया गया है। इसमें पांच करोड़ तक के साइबर मामलों का निपटान होगा। साइबर हमलों से निपटने के लिए इंसीडेंट रिस्पांस मैकेनिज्म और एप्लीकेशन सिक्योरिटी एंड ऑडिट से संबंधित एसओपी जारी की जाएगी।राज्य की साइबर सुरक्षा संबंधी मामलों के लिए सीईआरटी-यूटीके की वेबसाइट बनाई जाएगी। वहीं, साइबर सुरक्षा को लेकर साइबर सिक्योरिटी सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाने का काम गतिमान है। गांव-गांव तक साइबर सुरक्षा को पहुंचाने के लिए सीएससी से एमओयू किए जा रहे हैं।
क्या आपके राशन कार्ड में भी नहीं हो रही यूनिट दर्ज ?
मंत्री रेखा आर्य ने बताया क्यों हो रहा ऐसा..
उत्तराखंड: विधानसभा सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। उत्तराखंड विधानसभा में राशन कार्ड में यूनिट दर्ज ना होने का मुद्दा उठाया गया है। जिस पर मंत्री रेखा आर्य ने बताया है कि ऐसा क्यों हो रहा है। क्यों राज्य में राशन कार्ड नें यूनिट दर्ज नहीं हो पा रही है।विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन में राशन कार्ड में यूनिट दर्ज ना होने का मुद्दा उठा है। विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने सदन में ये मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय इलाकों में खासकर इस से लोग परेशान है। उन्हें बार-बार इस बारे में लोग पूछ रहे हैं। जिस पर मंत्री रेखा आर्य ने सदन में बताया कि ऐसा क्यों हो रहा है।
प्रदेश में यूनिट का टारगेट चल रहा है फुल..
मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा खाध योजना के तहत केंद्र ने यूनिट फिक्स की हैं। अंत्योदय और प्राथमिक परिवार कार्ड धारकों के लिए यूनिट फिक्स हैं। प्रदेश में यूनिट का टारगेट फुल चल रहा है। जिस कारण नई यूनिट दर्ज नहीं हो पा रही हैं।
गरीबों को साल में तीन गैस सिलिंडर मुफ्त, जानें बजट में क्या और खास..
उत्तराखंड: सरकार ने गरीबों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के लिए भारी राशि का प्रावधान किया है। गरीबों को साल में तीन गैस सिलिंडर मुफ्त मिलते रहेंगे तो सस्ती दरों पर नमक भी मिलेगा। बजट में गरीबों के कल्याण से जुड़ी इन योजनाओं के लिए सरकार ने 5658 करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें से समाज कल्याण के लिए 2756 करोड़, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 2184 करोड़ और जनजाति कल्याण के लिए 718 करोड़ का प्रावधान शामिल है।
आपको बता दे कि समाज कल्याण के अंतर्गत आठ लाख वृद्धजन, निराश्रित विधवा, दिव्यांग, परित्यक्त निराश्रित महिलाओं आदि की विभिन्न पेंशन योजनाओं के लिए 1783 करोड़ 28 लाख, अन्नपूर्ति योजना के लिए 600 करोड़, ईडब्ल्यूएस आवासों के लिए 93 करोड़, 1,83,419 अंत्योदय कार्डधारकों को साल में तीन गैस सिलिंडर निशुल्क देने के लिए सरकार 55 करोड़ खर्च करेगी।
राज्य आंदोलानकारियों की पेंशन के लिए कारप्स फंड की स्थापना की गई है, जिसके लिए 48 करोड़ का प्रावधान किया गया है। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्राथमिक व अंत्योदय राशनकार्ड धारकों को सस्ती दरों पर नमक उपलब्ध कराने के लिए सरकार 34 करोड़ 36 लाख खर्च करेगी। राज्य खाद्यान्न योजना के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
स्मार्ट सिटी योजना में 50 प्रतिशत बजट केंद्र और 50 प्रतिशत राज्य खर्च कर रहा है। सरकार ने बजट में स्मार्ट सिटी के लिए 46 करोड़ पांच लाख रुपये का प्रावधान किया है।सरकार ने विभिन्न विभागों की उन योजनाओं के लिए भी बजट प्रावधान किए हैं, जिन पर सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी के इस खर्च पर सरकार ने 679 करोड़ 34 लाख का प्रावधान किया है।
जागेश्वर धाम में सड़क चौड़ीकरण के लिए एक हजार पेड़ काटने की तैयारी, विरोध में उतरे ग्रामीण..
उत्तराखंड: जागेश्वर में मास्टर प्लान के तहत हो रहे सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब एक हजार देवदार के पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने चौड़ीकरण की जद में आ रहे पेड़ों का चिह्नीकरण करना शुरू कर दिया है। हालांकि स्थानीय लोग इसके विरोध में उतर आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह देवदार के पेड़ों की पूजा करते हैं।
बता दे कि जागेश्वर धाम देवदार के जंगल के बीच स्थित है। इसे दारूक वन के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यही दारुक वन भगवान शिव का निवास स्थान है। जागेश्वर धाम के विकास के लिए मास्टर प्लान को धरातल पर उतारा जा रहा है। मास्टर प्लान के तहत आरतोला से जागेश्वर तक तीन किमी सड़क का चौड़ीकरण होना है।
सड़क चौड़ीकरण के लिए काटे जा रहे एक हजार पेड़..
टू-लेन सड़क बनाने के लिए इसकी जद में आ रहे एक हजार से अधिक देवदार के पेड़ों का कटान होना है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने सोमवार को बैठक में कहा कि यहां स्थित देवदार के पेड़ों को शिव-पार्वती, गणेश, पांडव वृक्ष के रूप में पूजा जाता है। ऐसे में इनका कटान नहीं होने दिया जाएगा। मामले को लेकर उन्होंने एसडीएम एनएस नगन्याल को भी ज्ञापन दिया है। स्थानीय लोग पेड़ काटने के विरोध में उतर आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की तरफ से एक तरफ जंगल बचाओ अभियान चल रहा है। वहीं जागेश्वर धाम में पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देवदार के पेड़ों को काटने की तैयारी हो रही है। लोगों का कहना है कि जागेश्वर धाम तक सड़क जरूरी है, इसके लिए सड़क का एलाइनमेंट बदला जा सकता है ताकि पेड़ को कटने से बच सकें। ग्रामीणों ने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर पेड़ काट कर उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरना होगा।
उत्तराखंड के इन जिलों में बारिश के साथ बर्फबारी के आसार..
उत्तराखंड: प्रदेश में मौसम का मिजाज मंगलवार को भी बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आज भी कई पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश के साथ-साथ बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह का कहना हैं कि मंगलवार को रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही गर्जन के साथ बारिश के आसार हैं। जबकि इन जिलों में तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पर्वतीय जिलों में मौसम बदलने का असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलेगा। जबकि राजधानी देहरादून में 27 फरवरी को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। बता दें फरवरी माह के आखिरी सप्ताह में भी बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है।
रामनगर के कॉर्बेट पार्क से देहरादून भेजे गए 2 बाघ, बढ़ाएंगे चिड़ियाघर की शोभा..
उत्तराखंड: नैनीताल के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखे गए दो बाघों को देहरादून भेजा गया है। अब ये दोनों बाघ Dehradun Zoo की शोभा बढ़ाएंगे। आपको बता दें कि बीते रविवार को देहरादून से एक टीम रामनगर पहुंची थी। सोमवार सुबह दोनों बाघों को लेकर वन विभाग की टीम देहरादून के लिए रवाना हो गई है। किसी भी वक्त वन विभाग की टीम देहरादून पहुंचने वाली होगी। चीफ वाइल्ड वार्डन की अनुमति पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेस्क्यू सेंटर से दो बाघों को देहरादून के चिड़ियाघर भेजा गया है। मिली जानकारी के अनुसार सीटीआर निदेशक डॉ. धीरज पांडेय ने कहा कि दोनों बाघों का नियमानुसार स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। जिसमें वह दोनों स्वस्थ पाए गए। दोनों नर बाघों की उम्र चार से छह साल बताई जा रही है। बता दें देहरादून आने वाले एक बाघ को कार्बेट टाइगर रिजर्व के सर्पदुली रेंज के अंतर्गत धनगढ़ी क्षेत्र से रेस्क्यू किया था। जबकि दूसरे बाघ को तराई पूर्वी वन प्रभाग के दानीबंगार क्षेत्र से रेस्क्यू किया था।
लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का सदस्यता अभियान तेज, BJP में शामिल कई लोग..
उत्तराखंड: लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने सदस्यता अभियान तेज कर दिया है। रविवार को हल्द्वानी में सैकड़ों लोगों ने भारतीय जनता पार्टी की सदयता ली। हल्द्वानी स्थित कुमाऊं संभाग कार्यालय में आज भाजपा सदस्यता अभियान के संयोजक पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में सैकड़ो लोगों ने पार्टी की सदस्यता ली। पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कई अधिवक्ताओं व सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाजपा जॉइन की। पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट का कहना हैं कि भाजपा की रीति नीति से प्रभावित होकर सभी ने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है। उनका कहना हैं कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में पुष्कर सिंह धामी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर लोग भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं। सदस्यता अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
