छात्र-छात्राओं की इन विषयों में भी होगी पढ़ाई, मिलेगी ये सुविधाएं..
उत्तराखंड: अब उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा (चंपावत) में हिंदी, समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान विषयों में भी अब स्नातकोत्तर स्तर पर कक्षाएं संचालित हो सकेंगी। राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा में स्नातकोत्तर स्तर पर उक्त विषयों में पढ़ाई शुरू किए जाने की मांग स्थानीय स्तर पर युवाओं द्वारा काफी समय से की जा रही थी। जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में अब उच्च शिक्षा विभाग ने हिंदी, समाजशास्त्र एवं राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर स्तर पर कक्षाएं प्रारंभ करने को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
स्कूल-कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना..
वहीं प्रदेश में जल्द विद्यालयी शिक्षा विभाग के तहत स्कूल-कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना की जाएगी। विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून में आयोजित बैठक में स्कूल व कॉलेजों में बुक बैंक की स्थापना को लेकर विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुक बैंक की स्थापना से नई कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए पाठ्यक्रम संबंधी पुस्तकें आसानी से उपलब्ध रहेंगी। डॉ. रावत ने राज्य में चयनित पीएम-श्री और कलस्टर विद्यालयों के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।
वहीं दूसरी ओर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय में देवभूमि उद्यमिता केंद्र की स्थापना की गई है। बताया जा रहा है कि ये केंद्र राज्य के युवा उद्यमियों की क्षमता को बढ़ाने और उनके विचारों को वास्तविकता में बदलने का मंच प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि देवभूमि उद्यमिता केंद्र में विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें शिक्षा, प्रशिक्षण और आर्थिक समर्थन की सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता केंद्र छात्रों को विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक ज्ञान, सीख और समर्थन प्रदान करेगा।
धामी सरकार में 11 और नेताओं को दी दायित्वों की सौगात..
उत्तराखंड: धामी सरकार ने गुरुवार रात दायित्वधारियों की तीसरी सूची जारी कर दी। 11 और भाजपा नेताओं को दायित्वों की सौगात दे दी है। इससे पहले जारी हुईं दो सूचियों में कई वरिष्ठ नेताओं को दायित्व दिए जा चुके हैं। गुरुवार रात जारी सूची के अनुसार चंडी प्रसाद भट्ट को सीमान्त क्षेत्र अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, विनोद उनियाल को राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद का उपाध्यक्ष, श्यामवीर सैनी को प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, राजकुमार को उत्तराखंड बागवानी विकास परिषद का उपाध्यक्ष, दीपक मेहरा को उत्तराखंड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, विनय रोहिला को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, उत्तम दत्ता को उत्तराखंड मत्स्य पालक विकास अभिकरण का उपाध्यक्ष, दिनेश आर्य को उत्तराखंड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया है।
वहीं, गणेश भंडारी को राज्य स्तरीय लघु सिंचाई सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष, देवेन्द्र भसीन को उत्तराखंड राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति का उपाध्यक्ष और विश्वास डाबर को अवस्थापना अनुश्रवण परिषद का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन नेताओं में कई भाजपा के जिलाध्यक्ष भी हैं। बता दें कि लंबे समय से दायित्वधारियों की दूसरी सूची का इंतजार किया जा रहा था।
कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के एक्शन से मचा हड़कंप, तहसीलदार को दिया ये निर्देश..
उत्तराखंड: कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंगलवार को भीमताल के समीप जंतवाल गांव के तीन निर्माणाधीन भवनों का औचक निरीक्षण किया। जिसमें आयुक्त को कई अनियमिताएं दिखी। निरीक्षण में जंतवाल गांव में निर्माणाधीन भवन के पास अवैध खनन करने पर दो बिल्डरों और जे सी बी संचालक के खिलाफ तहसीलदार, पटवारी को जांच और चालान काटने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में उन्होंने पाया कि वन विभाग की जमीन में बन रहे बिना आज्ञा के निर्माणाधीन होम स्टे और अवैध तरीके से चीड़ के करीब 6 पेड़ काटे गए। जिस पर आयुक्त ने होम स्टे निर्माण में रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सम्बंधित अधिकारियों को अवैध खनन करने पर चालान, दो माह से निर्माणाधीन होम स्टे में चोरी की बिजली पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
साथ ही तहसीलदार, वन विभाग, विद्युत विभाग के अधिकारियों मामले की जांच करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए पटवारी और अधिकारियों को ग्रामीण इलाकों में समय समय में निरीक्षण और कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करने की बात कही। उन्होंने पुलिस कर्मियों को पर्वतीय इलाकों में जे सी बी के कार्यों का विवरण रखने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसीलदार संजय कुमार समेत सम्बंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
समान नागरिक संहिता- 22 जनवरी के बाद आयोजित होगा विशेष सत्र..
उत्तराखंड: नए साल में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू हो सकता है। 22 जनवरी के बाद प्रदेश सरकार कभी भी विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कर सकती है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर जल्द यूसीसी लागू करने के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को होना है। इस राम भक्ति के बीच सीएम धामी यूसीसी लागू करने की कवायद शुरू कर देंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति नए साल में सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। विशेषज्ञ समिति ने पहले ही ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार होने के संकेत दिए हैं। जनवरी महीने के तीसरे हफ्ते में समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि विस का विशेष सत्र 27 जनवरी से पांच फरवरी के बीच हो सकता है। लेकिन सबकुछ तात्कालिक राजनीतिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता से प्रदेश में यूसीसी लागू करने का वादा किया था। सत्ता की बागडोर हाथों में थामने के बाद अपनी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में धामी ने सबसे पहला फैसला यूसीसी को लेकर किया। 27 मई 2022 को विशेषज्ञ समिति बनी थी। सरकार ने समिति का कई बार कार्यकाल बढ़ाया। अब 27 जनवरी को समिति का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएम धामी प्रदेश में यूसीसी लागू करने का वादा पूरा सकते हैं।
नए साल में सीएम दे सकते हैं ये तीन बड़े तोहफे..
लोकसभा चुनाव से पहले सीएम राज्य आंदोलनकारियों, पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को तोहफे दे सकते हैं। इनमें मंत्रिमंडल विस्तार, दायित्वों का आवंटन और राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों के लिए सरकारी सेवा में प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का मसला है। पार्टी के कई वरिष्ठ विधायकों की मंत्रिमंडल में खाली पड़ी चार सीटों पर नजर है। वे लोस चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। भाजपा नेतृत्व भी इसका संकेत दे चुका है। दायित्वों के आवंटन पर भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर लगी है। राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के मसले पर प्रवर समिति अपनी रिपोर्ट स्पीकर को सौंप जा चुकी है। अब विधानसभा सत्र आहूत होने का इंतजार हो रहा है। सूत्रों के अनुसार सीएम इन तीनों फैसलों पर भी नए साल में निर्णय ले सकते हैं।
7708 करोड़ की लागत से टिहरी झील के चारों ओर बनेगी सड़क..
उत्तराखंड: टिहरी झील में कई विकास योजनाएं धरातल पर उतरने वाली है। बताया जा रहा है कि जिले 7708 करोड़ की लागत से टिहरी झील विकास परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा इस परियोजना की डीपीआर तैयार किया जा रहा है। परियोजना निर्माण से जहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं, टिहरी जिले के 173 गांवों के 84 हजार आबादी को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार गढ़ी कैंट स्थित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के सभागार में पर्यटन मंत्री ने पर्यटन और संस्कृति विभाग के कार्यों की समीक्षा के साथ 7708.27 करोड़ की लागत से टिहरी झील के चारों ओर रिंगरोड हेतु फिजीबिलिटी, संरेखण, सर्वेक्षण, भूमि अधिग्रहण की अभी तक की प्रगति की भी समीक्षा की। मंत्री का कहना हैं कि टिहरी झील के 42 किमी क्षेत्रफल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित रिंग रोड के निर्माण से देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों के लिए टिहरी पहुंचना आसान होगा। झील में सालभर जलक्रीड़ा और साहसिक खेलों का आयोजन को बढ़ावा मिलेगा। इससे सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। कहा, वर्तमान में परियोजना की फिजिबिलिटी सर्वेक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है। परियोजना में कोठी से डोबरा चांटी पुल तक के क्षेत्र को विकसित करने को विभाग डीपीआर तैयार कर रहा है।
वहीं उन्होंने कहा, झील के चारों ओर सड़क का निर्माण और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं के विकास कार्य किए जाएंगे। कहा, परियोजना के बनने से 173 गांव की लगभग 84 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। कहा, चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्री भी रिंग रोड का मुख्य व वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग कर सकेंगे। वहीं कैबिनेट मंत्री महाराज ने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग में पंजीकृत कलाकारों के लंबित भुगतान शीघ्र किया जाए। इसके साथ ही राजकीय मेलों को मिलने वाले अनुदान का भुगतान तत्काल करें।
गढ़वाल केंद्रीय विवि में 150 से अधिक हुई शिक्षकों की संख्या..
उत्तराखंड: गढ़वाल केंद्रीय विवि के बिड़ला, पौड़ी एवं टिहरी परिसर में चार विभागों में 23 नई फैकल्टी नियुक्त हुई है। इससे पूर्व विवि में करीब 130 से अधिक नई फैकल्टी नियुक्त हो गई है। अभी कई विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। मिशन मोड के तहत विवि में चल रही शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के तहत अलग-अलग विभागों में अभी तक करीब 150 से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियां हो गई है। विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल के निर्देशन में ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर के पदों पर साक्षात्कार के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। अभी हाल ही में अर्थशास्त्र, मानव विज्ञान विभाग, भूगर्भ विज्ञान विभाग व रक्षा एवं स्त्रांतेजिक विभाग में 23 पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न हुई।
साक्षात्कार में सफल रहे अभ्यर्थियों के लिफाफे गत छह दिसंबर को खोले गए जिनमें अर्थशास्त्र विषय में 10 पदों में से दो एसोसिएट प्रोफेसर व आठ असिस्टेंट प्रोफेसर, मानव विज्ञान विभाग में एक एसोसिएट प्रोफेसर व दो असिस्टेंट प्रोफेसर, भूगर्भ विज्ञान विभाग में एक प्रोफेसर व एक एसोसिएट प्रोफेसर, रक्षा एवं स्त्रांतेजिक विभाग में दो एसोसिएट प्रोफेसर व छह असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां हुई। कुलसचिव डाॅ. धीरज शर्मा ने कहा कि विवि में मिशन मोड में नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। करीब दो सौ से अधिक शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियां होनी है। उन्होंने बताया कि अन्य विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया अभी जारी है।
कर्मचारियों की पदोन्नति व नई नियुक्तियों को लेकर युद्धस्तर पर हो रहा कार्य..
गढ़वाल विवि में शिक्षकों के पदों पर नियुक्तियों के साथ ही कर्मचारियों की पदोन्नति व नए पदों पर नियुक्तियां किए जाने को लेकर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। कुलसचिव डाॅ. धीरज शर्मा ने कहा कि विवि में सभी श्रेणियों के पदों पर नई नियुक्तियां होनी है, जबकि कई पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी होगी। उन्होंने बताया कि वित्त अधिकारी व खेल निदेशक सहित अन्य पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की जा रही है। विवि का प्रयास है कि जनवरी तक यह प्रक्रिया संपन्न हो जाए।
26 से 28 दिसंबर तक विंटर लाइन कार्निवल में झलकेगी उत्तराखंड की लोक संस्कृति..
उत्तराखंड: पहाड़ों की रानी मसूरी में 26 से लेकर 28 दिसंबर तक विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन के स्तर पर इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। विंटर लाइन कार्निवल मसूरी महोत्सव समिति की ओर से किया जाएगा। विंटर लाइन कार्निवल 2023 में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मसूरी महोत्सव समिति ने कार्निवल के लिए विभिन्न स्थलों की सजावट, प्रकाश व्यवस्था एवं मंच तैयार करने समेत अन्य कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की हैं।
मसूरी होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना हैं कि सोमवार को जिलाधिकारी ने कार्निवल की तैयारी को लेकर देहरादून में बैठक बुलाई है। कार्निवल भव्य तरीके से किया जाएगा और इससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। पर्यटन के ऑफ सीजन में कार्निवल से पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
लोक संस्कृति कर्मी प्रदीप भंडारी का कहना हैं कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विंटर लाइन कार्निवल का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। कहा कि कार्निवल में उत्तराखंड के लोक कलाकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे पर्यटक उत्तराखंड की लोक संस्कृति से रूबरू हो सकें। मसूरी महोत्सव समिति सचिव एवं एसडीएम मसूरी डॉ. संदीप सैनी ने बताया कि कार्निवल की प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं।
मोदी सरकार को राहत, बरकरार रहेगा 370 हटाने का फैसला..
देश-विदेश: सुप्रीम कोर्ट से पीएम मोदी की सरकार को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले को बरकरार रखा है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इसकी कोई आंतरिक संप्रभुता नहीं है। आपको बता दें कि 5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रभाव को खत्म कर दिया था, साथ ही राज्य को 2 हिस्सो जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था और दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था। केंद्र के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 23 अर्जियां दी गई थी। सभी को सुनने के बाद सितंबर में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
370 हटने के 4 साल, 4 महिने, 6 दिन बाद आज सुप्रीम कोर्ट मे पांच जजों जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा, जम्मू कश्मीर के संविधान में संप्रभुता का कोई जिक्र नहीं था। हालांकि भारत के संविधान की प्रस्तावना में इसका उल्लेख है। भारतीय संविधान आने पर अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर पर लागू हुआ। अनुच्छेद 370 पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आर्टिकल 370 हटाने का फैसला बरकरार रहेगा। उन्होनें कहा कि 370 को हटाना संवैधानिक तौर पर सही है। हालांकि उन्होनें कहा कि राष्ट्रपति के पास फैसले लेने का अधिकार है।
‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ नए निर्माण की शुरुआत, मंजिल तक पहुंचाएंगे- सीएम धामी..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को एफआरआई में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की पुस्तिका ‘सशक्त नेतृत्व समृद्ध उत्तराखंड’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि विकास पुस्तिका राज्य सरकार की संचालित योजनाओं, नीतियों को जन-जन तक पंहुचाने का माध्यम होती है। उनका कहना हैं कि सूचना तकनीकी के इस दौर में विकास पुस्तिकाओं को ई-बुक के रूप में भी प्रस्तुत करें। जिससे लोग अपने मोबाइल एवं अन्य माध्यमों से भी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें और योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना हैं कि देहरादून में आयोजित वैश्विक निवेशक सम्मेलन की सफलता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा रही है। निवेशक सम्मेलन को सफल बनाने में निवेशकों, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों ने भी सहभागिता सुनिश्चित कर इसे सफल बनाने में पूर्ण सहयोग एवं योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समिट में साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
समिट में इंग्लैंड, आबूधाबी समेत अन्य देशों के साथ-साथ भारत के विभिन्न राज्यों के लोगों ने भी प्रतिभाग किया। यह उत्तराखंड की अनंत संभावनाओं को तलाशने की शुरुआत है। प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री ने ‘डेस्टिनेशन उत्तराखंड’ को एक नए उत्तराखंड के निर्माण की शुरूआत बताया है। हम इस शुरूआत को इसकी मंजिल तक पहुंचाएंगे। इस दौरान पांडवाज बैं, प्रीतम भरतवाण एवं लोक कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुति दी। सभी ने लोक कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए मीडिया और सभी का धन्यवाद व्यक्त किया। कहा कि सरकार और जनता के बीच मीडिया महत्वपूर्ण कड़ी है। मीडिया ही सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और नीतियों को जनता तक ले जाती है। जनहित के मुद्दों और आम लोगों की समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करती है। सचिव सूचना शैलेश बगौली, महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
श्रमिकों के साथ भोजन कर सीएम ने दिया धन्यवाद..
सीएम धामी ने पिछले एक सप्ताह से ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की व्यवस्थाओं से जुड़े श्रमिकों एवं पर्यावरण मित्रों के साथ भोजन कर उनके अथक परिश्रम की सराहना कर धन्यवाद दिया। सीएम ने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता में हमारे श्रमिक भाइयों का विशेष योगदान रहा है, उनके श्रम की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
फरवरी से अप्रैल 2024 तक होंगी बोर्ड CBSE परीक्षाएं..
उत्तराखंड: जल्द ही 10वीं और 12वीं कक्षा दोनों के छात्रों के लिए http://www.cbse.gov.inपर व्यापक सीबीएससी डेटशीट 2024 प्रकाशित की जाएगी। 15 फरवरी से 10 अप्रैल, 2024 के बीच निर्धारित, कक्षा 10वीं और 12वीं के थ्योरी एग्जाम होंगे, जबकि प्रैक्टिकल एग्जाम 01 जनवरी से 14 फरवरी, 2024 के बीच होंगे। 2023 के CBSE के परीक्षा परिणामों की घोषणा करते हुए, CBSE ने पुष्टि की थी कि 2024 की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी 2024 से शुरू होंगी। बाद में, बोर्ड ने कहा कि ये परीक्षाएं लगभग 55 दिनों तक चलेंगी और इनके 10 अप्रैल, 2024 तक समाप्त होने की उम्मीद है।CBSE आमतौर पर परीक्षा से लगभग 1 से 1.5 महीने पहले डेट शीट या टाइम टेबल जारी करता है।
CBSE दिसंबर में कक्षा 10 CBSE बोर्ड परीक्षा तिथि पत्र 2024 और CBSE कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा तिथि पत्र 2024 के लिए विषय-विशिष्ट कार्यक्रम की घोषणा करने की तैयारी के अंतिम चरण में है। 2023 में, CBSE डेटशीट दिसंबर में जारी की गई थी। पेपर के सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होने की संभावना है। छात्र सीधे आधिकारिक वेबसाइट – http://cbse.gov.in से बोर्ड परीक्षाओं के लिए विस्तृत विषय-वार डेट शीट पीडीएफ आसानी से पा सकेंगे और डाउनलोड कर सकेंगे। इस डेट शीट में प्रत्येक विषय की परीक्षा तिथियों, परीक्षा समय और महत्वपूर्ण निर्देशों के बारे में विशिष्ट विवरण होंगे जिनका छात्रों को परीक्षा देते समय पालन करना होगा।
CBSE और UPMSP द्वारा प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखों की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। झारखंड, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे बोर्ड पहले ही अपनी 2024 बोर्ड परीक्षाओं के लिए विस्तृत डेटशीट जारी कर चुके हैं।CBSE कक्षा 10 की परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और अन्य सहित कई विषय शामिल होते हैं। इन परीक्षाओं में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों घटक शामिल हैं। CBSE बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं की डेटशीट में सभी विषयों, जैसे हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और अन्य के लिए विषयवार परीक्षा तिथियां शामिल होंगी। इसी तरह, कक्षा 12वीं के लिए, डेट शीट में तीनों स्ट्रीम – कला, विज्ञान और वाणिज्य के विषयों को शामिल किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक स्ट्रीम के विभिन्न विषयों के लिए परीक्षा कार्यक्रम का विवरण होगा
