उत्तराखंड के गोल्डन ब्वॉय को राष्ट्रपति ने अर्जुन अवॉर्ड से किया सम्मानित..
उत्तराखंड: प्रदेश के होनहार अपनी प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन कर रहे है। इसी कड़ी में गोल्डन ब्वॉय शटलर लक्ष्य सेन का नाम भी जुड़ गया है। लक्ष्य को प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया है। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया है। अवार्ड मिलने से उनके परिवार और खेल प्रेमियों में हर्ष का माहौल है। वहीं सीएम धामी ने उन्हें बधाई दी है।
आपको बता दे कि लक्ष्य के इस मुकाम तक पहुंचने की कामयाबी दिलचस्प है। वो कहते है न कि सपने उन्हीं के सच होते हैं जिनके सपनों में जान होती हैं पंख से कुछ नहीं होता होंसलों में उड़ान होती हैं। आपको बता दे कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रहने वाले लक्ष्य सेन को देश के सर्वोच्च पदों में से एक अर्जुन अवॉर्ड सम्मानित किया गया। उनको ये अवार्ड उनकी लगन और देश का नाम रोशन कर गोल्ड मेडल जीतने के लिए दिया गया।
बता दें कि हाल ही में हुए कॉमनवेल्थ खेल 2022 में बैडमिंटन के पुरुष एकल फाइनल मुकाबले में उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। लक्ष्य पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में खेलने गए थे और पहली ही बार में उन्होंने सीधा सोने पर निशाना साधा था। लक्ष्य बचपन में पिता व कोच डीके सेन चार बजे स्टेडियम निकल जाते थे, जबकि मां शिक्षिका थीं। ऐसे में तीन साल की उम्र में पिता ने लक्ष्य को एकेडमी ले जाना शुरू किया। वहां एक बार जो लक्ष्य ने रैकेट पकड़ा, इसके बाद बचपन के खेलकूद सब भूल गया। लक्ष्य सेन अब तक अपनी मेहनत और लगन से स्पेन में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीत चुके हैं। तो वहीं, जर्मन ओपन में सिल्वर मेडल, आल इंग्लैंड टूर्नामेंट में सिल्वर, दिल्ली में हुए इंडिया ओपन में गोल्ड मेडल और थॉमस कप में टीम को गोल्ड मेडल मिला था।
लक्ष्य के सम्मानित होने पर सीएम धामी ने बधाई देते हुए कहा कि आज राष्ट्रपति भवन में उत्तराखण्ड के बेटे @lakshya_sen को ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाना प्रत्येक उत्तराखण्डवासी के लिए गौरव का क्षण है। आपकी यह अप्रतिम उपलब्धि प्रदेश के अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। आपके उज्जवल भविष्य हेतु अनंत शुभकामनाएं!
इस योजना के लिए आवेदन की आज लास्ट डेट आज..
उत्तराखंड: प्रदेश की छात्राओं के लिए राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित की जाने वाली नंदा गौरा योजना में इस बार नए प्रारूप में आवेदन मांगे गए हैं। इस योजना के तहत छात्राओं को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। इस योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। बता दे कि इस योजना के तहत इंटर की परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद छात्राओं को 51000 रूपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। ये सहायता राशि सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। शासन ने आवेदन पत्र के साथ मांगे गए अभिलेखों की सूची भी जारी की गई है।
बताया जा रहा है कि नंदा गौरा योजना के तहत 2022-23 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर है। नंदा गौरा योजना के आवेदन के साथ बिजली का बिल, पानी का बिल, कार, आवासीय भूखंड, मनरेगा जॉब कार्ड से संबंधित सूचनाएं भी मांगी गई है। उनका केवल आवेदन में उल्लेख करना है। इस संबंध में किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र या अभिलेख जमा नहीं करना है आवेदन के लिए प्रमाण पत्र की बात करें तो स्थाई निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, 10वीं व 12वीं की मार्कशीट और प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर का नकल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना में परिवार की स्थिति के आकलन के प्रति, अविवाहित होने का प्रमाण, बैंक पासबुक इत्यादि चाहिए होंगे।
इस योजना के लिए कुछ दिन पूर्व विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने आवेदन के समक्ष आ रहे दिक्कतों को देखते हुए कुछ फेरबदल करने के निर्देश दिए थे । शासन की ओर से प्रारूप में फेरबदल तो नहीं किया गया लेकिन स्पष्ट किया गया कि इसमें मांगी गई कुछ जानकारियों के साथ प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है।
विधायकों के सदन में फोन इस्तेमाल करने पर हुई नाराज हुई स्पीकर..
उत्तराखंड: विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गयी है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ने पीठ से कड़ी चेतावनी दी। विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को सदन में रहने के दौरान फोन का इस्तेमाल नहीं करने को कहा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूडी का कहना हैं कि सत्र के पहले दिन कई विधायक फोन इस्तेमाल कर रहे थे। उनका कहना हैं कि अगर कोई विधायक फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े गए तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए। आपको बता दें कि वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन पटल पर वित्तीय वर्ष 2022-23 के पहले अनुपूरक बजट के तहत 5440.43 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान रखा है।
इस राशि से सरकार अपनी नई योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी ला सकेगी। इसके अतिरिक्त यह उन केंद्रीय पोषित योजनाओं में राज्य का अंशदान शामिल कर सकेगी, जिनकी स्वीकृति बाद में मिली। वित्त मंत्री अग्रवाल का कहना हैं कि 2022-23 का शुरुआती बजट 65,000,571 करोड़ था। कुछ केंद्रीय पोषित योजनाओं में मूल बजट के बाद केंद्र सरकार द्वारा बजट जारी किया। कुछ योजनाओं में सरकार बजट की उम्मीद कर रही थी। इसके लिए सरकार ने फंडिंग की व्यवस्था की है। अनुपूरक बजट के जरिये सरकार इस धनराशि की प्रतिपूर्ति भी कर सकेगी।
अनुपूरक बजट में कुछ इस तरह हुआ प्रावधान
कुल अनुपूरक बजट- 5440.43 करोड़
पूंजीगत मद- 3164.00 करोड़
राजस्व मद- 2276.43 करोड़
भर्तियां करने वाले राज्य लोक सेवा आयोग में ही 63 पद खाली..
उत्तराखंड: प्रदेश में अपनी स्थापना से लेकर आज तक 6308 पदों पर भर्तियां कर चुके उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में ही 63 पद खाली पड़े हुए हैं। आयोग के विधानसभा पटल पर रखे गए वर्ष 2021-22 के वार्षिक प्रतिवेदन में यह तथ्य सामने आया है। आयोग में समूह-क, ख, ग और घ के कुल 199 पद सृजित हैं। इनके सापेक्ष यहां 136 अधिकारी, कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। 63 पद खाली पड़े हुए हैं। समूह-क के कुल 12 सृजित पदों में से संयुक्त सचिव और सिस्टम एनालिस्ट के दो पद खाली हैं। समूह-ख के कुल 25 में से 24 पद भरे हैं लेकिन अनुभाग अधिकारी का एक पद खाली है। समूह-ग के कुल 140 में से 41 पद रिक्त हैं। समूह-घ के कुल 22 में से 19 पद खाली हैं। इन पर आउटसोर्सिंग से काम चलाया जा रहा है।
छह साल में पिछले साल सबसे कम भर्तियां निकाली..
राज्य लोक सेवा आयोग की मई 2001 से 31 मार्च 2022 तक 6925 पदों के लिए 14 लाख 45 हजार 143 आवेदन आए। इनमें से 6308 युवाओं का चयन नौकरी के लिए किया गया। पिछले छह साल में देखें तो इस साल सबसे कम भर्तियां निकाली गई। वर्ष 2016-17 में आयोग ने 236, 2017-18 में 795, 2018-19 में 367, 2019-20 में 455, 2020-21 में 164 और 2021-22 में 122 पदों पर भर्तियां निकाली। 2013-14 में आयोग ने सर्वाधिक 1400 पदों पर भर्तियां निकाली थी, जिनमें से 1333 को नौकरी मिली थी।
एक साल में पांच अधियाचन लौटाए..
आयोग ने त्रुटियां होने पर वर्ष 2021-22 में पांच भर्तियों के अधियाचन शासन को लौटाए। किसी में सेवा नियमावली से संबंधित गलती थी तो किसी में अर्हता से जुड़ी हुई त्रुटि। इनमें 14 पदों की ज्येष्ठ वैज्ञानिक सहायक, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, 25 पदों की उच्च शिक्षा पुस्तकालयाध्यक्ष भर्ती, 70 पदों की पशुपालन विभाग में पशु चिकित्साधिकारी ग्रेड-2 भर्ती, छह पदों की ग्राम विकास विभाग में प्रसार प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती और चार पदों की सहायक नगर आयुक्त की भर्ती मिलाकर कुल 119 पदों की भर्तियां शामिल हैं।
कश्मीर फाइल्स पर बयान देना इस्राइली फिल्म मेकर को पड़ा भारी..
देश-विदेश: इस्राइल के फिल्म मेकर नादव लैपिड ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर बयान देकर विवादों में फंस गए हैं। फिल्म निर्माता 53वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) के जूरी हेड हैं और उन्होंने अपने स्पीच में ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ‘वल्गर’ बताया था, जिस वजह से सोशल मीडिया पर बवाल खड़ा हो गया। लेकिन अब नादव लैपिड अपने इस बयान की वजह से कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के वकील ने शिकायत दर्ज करवाई है।
सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे वकील विनोद जिंदल ने मंगलवार को नादव लैपिड के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। इस दौरान विनोद जिंदल ने आईएफएफआई के जूरी हेड नादव लैपिड पर आरोप लगाया है कि फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ‘अश्लील’ और ‘दुष्प्रचार’ कहकर कश्मीर में किए गए हिंदू समुदाय के बलिदान को कथित रूप से गाली दी है। विनोद जिंदल की शिकायत आईपीसी की धारा 121,153,153A और B, 295, 298 and 505 के तहत दर्ज की गई है।
एडवोकेट विनीत जिंदल ने अपने बयान में कहा कि नादव लैपिड द्वारा दिया गया बयान समूहों के बीच दुश्मनी भड़काने के उनके इरादे को दर्शाता है। एक सामाजिक कार्यकर्ता और हिंदू होने के नाते नादव लैपिड द्वारा दिए गए बयान से मेरी धार्मिक भावनाएं बहुत आहत हुई हैं। इसके आगे विनीत जिंदल ने यह भी कहा कि इस्राइली फिल्म मेकर के इस बयान पर आईएफएफआई बाकी जूरी सदस्यों ने भी कुछ नहीं किया।
आपको बता दें कि नादव लैपिड ने आईएफएफआई में कहा, ‘फिल्म द कश्मीर फाइल्स से हम सभी परेशान और हैरान थे। यह मुझे एक प्रचार और अश्लील फिल्म की तरह लगी, जो इस तरह के प्रतिष्ठित फिल्म समारोह के कलात्मक प्रतिस्पर्धी वर्ग के लिए जरूरी नहीं है। मैं यहां पर आपके साथ इन भावनाओं को खुले तौर पर साझा करने में पूरी तरह से सहज महसूस कर रहा हूं। इस उत्सव की भावना में, हम निश्चित रूप से एक आलोचनात्मक चर्चा को भी स्वीकार कर सकते हैं, जो कला और जीवन के लिए आवश्यक है।’
वरुण धवन की ‘भेड़िया’ से पहले इन वेब सीरीज में दिखी वेयरवुल्फ की कहानी..
देश-विदेश: बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन और अभिनेत्री कृति सेनन इन दिनों अपनी फिल्म ‘भेड़िया’ के चलते सुर्खियों में बने हुए हैं। वेयरवुल्फ की कहानी दिखाती इस फिल्म को दर्शकों का भी बढ़िया रिस्पांस मिल रहा है। लेकिन यह पहली बार नहीं है कि पर्दे पर वेयरवुल्फ की कहानी को दिखाया गया हो, इससे पहले भी कई वेब सीरीज और टीवी शोज में वेयरवुल्फ को दिखाया है। इन सीरीज का आप छुट्टी के दिन पर घर बैठे आनंद ले सकते हैं।
द ऑर्डर
रहस्यमयी दुनिया को दिखाती इस सीरीज की कहानी एक कॉलेज के स्टूडेंट पर आधारित है, जो एक गुप्त आदेश मानता है और छिपी दुनिया में चला जाता है। इसके बाद वह ऐसी दुनिया में पहुंच जाता है, जिसके बारे में वह नहीं जानता था। यह एक ऐसी दुनिया है जहां पहले से ही वेयरवोल्फ और काले जादू के क्षेत्र में विशेषज्ञ लोगों के बीच लड़ाई चल रही होती है। यह नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।
टीन वुल्फ
टीन वुल्फ एक हाई स्कूल में पढ़ने वाले युवा की कहानी है, जिसका जंगल में एक वेयरवुल्फ से सामना हो जाता है। इसके बाद से ही उसकी जिंदगी बदल जाती है। इस शो को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।
द वैंपायर डायरीज
यह सीरीज दो भाइयों के बीच चल रहे झगड़े पर आधारित है, जो वैम्पायर हैं। दोनों भाई एक लड़की के प्यार के लिए एक-दूसरे से लड़ते हैं। इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको एक अलग रोमांच देखने को मिलेगा। इसे भी आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं।
ट्रू ब्लड
ट्रू ब्लड में एक ऐसी लड़की की कहानी दिखाई गई है, जो एक वैम्पायर के करीब आ जाती है। इसके बाद लड़के की जिंदगी मे रहस्यमयी घटनाएं घटती हैं। यह सीरीज डिज्नी हॉटस्टार पर उपलब्ध है।
लेगेसीज..
यह सीरीज लेगेसीज की अगली पीढ़ी के वेयरवुल्फ, पिशाचों और चुड़ैलों के बारे में है। रहस्यवादी कलाओं की स्टडी के लिए सभी द सल्वाटोर स्कूल फॉर द यंग एंड गिफ्टेड इन मिस्टिक फॉल्स में आते हैं। यह भी नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।
टिहरी को सीएम धामी ने दी 126 करोड़ की सौगात..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी सोमवार को टिहरी जिले पहुंचे। सीएम ने अपने दौरे पर जिले को करोड़ो की सौगात दी है। इस दौरान उन्होंने धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र में 12658.40 लाख की लागत से 29 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही कई बड़ी घोषणाएं भी की है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को टिहरी जनपद के धनोल्टी विधान सभा के तहत नैनबाग के परोगी गांव में पहुंचे।यहां इन्होंने खेल संस्कृति समारोह में विकास गोष्ठी का शुभारंभ किया। इसका आयोजन अठजूला क्रीडा एवं सांस्कृतिक विकास समिति ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने करोड़ों की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
बताया जा रहा है कि सीएम पुष्कर धामी ने परोगी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की स्वीकृति प्रदान करने और अठजूला क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समिति, परोगी नैनबाग जौनपुर, टिहरी गढ़वाल को इस साल महोत्सव के लिए 2 लाख रुपया देने की घोषणा की। सीएम ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उसमे 2152.68 लाख की 7 योजनाएं और 10505.72 लाख की 22 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। जिसमें लम्बे समय से मांग की जा रही कांडी पम्पिंग पेयजल योजना भी शामिल है। सभी योजना जिसका शिलान्यास किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सीएम धामी ने कहा एनएच 507 लगवाड़ा बांध प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग को परोगी से लिंक करते हुए खरसोन क्यारी तक जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जा रहा है कि उनको पूर्ण किया जायेगा। राज्य सरकार सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक लोगों की सेवा के लिए तत्पर है।
देहरादून में 29 नवंबर को ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का आह्वान..
उत्तराखंड: केंद्र सरकार की अधिसूचना के खिलाफ देहरादून में स्वचालित फिटनेस स्टेशन खोले जाने का विरोध करते हुए निजी ट्रांसपोर्टरों ने मंगलवार 29 नवंबर को जिले में नाकाबंदी कर विधानसभा तक मार्च निकालने का आह्वान किया है। ट्रांसपोर्टरों का कहना हैं कि एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग के अधिकारियों ने फिटनेस स्टेशन बनाया है और वहां वाहनों को ले जाने का दबाव बनाया जा रहा है.
देहरादून महानगर सिटी बस सर्विस फेडरेशन ने गढ़वाल के सभी वाहनों को एक ही फिटनेस सेंटर में जांच के लिए भेजने का विरोध किया है। महासंघ के मुताबिक इसके विरोध में 29 नवंबर को परिवहन व्यवसायी विधानसभा तक मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना को लागू करने में परिवहन आयुक्त कार्यालय असमर्थता दिखा रहा है। जबकि केंद्र की गाइडलाइन में स्पष्ट है कि भारी वाहनों के लिए एक अप्रैल 2023 से और छोटे वाहनों के लिए एक जून 2024 से फिटनेस सेंटर अनिवार्य रूप से शुरू हो जाएं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डोईवाला के लालतपड़ में वाहनों की फिटनेस के लिए पीपीपी मोड पर बने ऑटोमेटेड फिटनेस स्टेशन का उद्घाटन किया था।इस स्टेशन के बनने के बाद आरटीओ कार्यालय में हो रहे फिटनेस कार्य को बंद कर दिया गया है।ट्रांसपोर्टर शुरू से ही इसका विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि डोईवाला पहुंचने के लिए डीजल के दाम बढ़ रहे हैं और प्रत्येक वाहन पर पांच से छह हजार रुपये अतिरिक्त खर्च हो रहे हैं. इसके विरोध में ट्रांसपोर्टरों ने एक दिन पहले शुक्रवार को परिवहन मुख्यालय जाकर परिवहन आयुक्त से मुलाकात की थी, लेकिन आयुक्त ने निर्णय पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
केंद्र ने आदेश दिया है कि 1 अप्रैल 2023 से सभी बड़े वाहनों, बसों और ट्रकों को फिटनेस के लिए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर जाना होगा।बाकी छोटे वाहनों पर यह नियम 1 जून 2024 से लागू होगा। आरोप है कि यहां तक कि इससे पहले उत्तराखंड के परिवहन अधिकारी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए मनमानी कर रहे हैं।
स्कूली छात्रों को उद्यमी बनाएगी सरकार..
उत्तराखंड: 10वीं से 12वीं तक के छात्र भी बिजनेस के नए आइडिया से उद्यमी बन सकेंगे। इसके लिए स्टार्टअप नीति में बदलाव किया जा रहा है। नई नीति के तहत सरकार स्कूली छात्रों को भी उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करेगी। उत्तराखंड में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2018 में स्टार्टअप नीति लागू की थी। इस नीति में तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्रों को ही स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने पर फोकस है।
अब सरकार नए बिजनेस आइडिया के साथ सामने आने वाले स्कूली छात्रों को उद्यमी बनने में मदद करेगी। शासन स्तर पर नई नीति के प्रस्ताव का वित्त विभाग को प्रस्तुतिकरण दिया गया। आइडिया चयन के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाने का प्रावधान किया जा रहा है। स्टार्टअप में वित्तीय सहायता के लिए सरकारी क्षेत्र में वेंचर फंड बनाया जाएगा। इससे नए उद्यमियों को निवेशक नहीं ढूंढने पड़ेंगे। स्टार्टअप को सरकार की ओर से प्रति माह दिए जाने वाला भत्ता भी बढ़ाया जाएगा।
नहीं रहेगी कंपनी बनाने की अनिवार्यता..
अभी तक स्टार्टअप के लिए छात्रों को सबसे पहले कंपनी का पंजीकरण करना होता है। इसके बाद ही बिजनेस आइडिया के आधार पर सरकार स्टार्टअप की मान्यता देती है। नई नीति में स्कूली छात्रों के लिए यह शर्त नहीं रहेगी।
स्टार्टअप नीति-2018..
बिजनेस स्थापित करने के लिए स्टार्टअप को एक साल तक 10 हजार रुपये प्रति माह भत्ता दिया जाता है। एससी, एसटी, महिला, दिव्यांगों के स्टार्टअप को ए श्रेणी के जनपदों में 15 हजार प्रति माह भत्ता मिलता है। स्टांप शुल्क में शत प्रतिशत छूट, उत्पाद का पेटेंट कराने के लिए एक से पांच लाख की वित्तीय सहायता, मार्केटिंग के लिए पांच से 7.50 लाख सहायता दी जाती है। इन्क्यूबेटर सेंटर के लिए पूंजीगत व्यय पर 50 प्रतिशत या अधिकतम एक करोड़ की वित्तीय सहायता मिलती है।
उत्तराखंड पुलिस के 1611 कांस्टेबल को मिला बड़ा तोहफा..
उत्तराखंड: उत्तराखंड पुलिस में सेवा दे रहे 1611 कांस्टेबलों को प्रमोशन का तोहफा दिया गया है। इन कांस्टेबलों की सूची जारी की गई है। प्रमोशन पाकर अब ये कांस्टेबल हेड कांस्टेबल बन गए हैं। जिससे पुलिस कर्मियों में खुशी की लहर है। पुलिस मुख्यालय द्वारा हेड कांस्टेबल पद पर प्रोन्नत हुए जवानों की सूची जारी हो गयी है। बताया जा रहा है कि प्रथम चरण में नागरिक पुलिस के 1611 कांस्टेबल प्रमोशन पाकर हेड कांस्टेबल बन गए हैं।
सशस्त्र पुलिस, पी0ए0सी0 में शीघ्र पदोन्नित की जाएगी।वहीं डीजीपी अशोक कुमार ने सभी पदोन्नत पुलिस कर्मियों को बधाई दी। उनका कहना हैं कि हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति मिलने से पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ा है। जल्द ही नागरिक पुलिस के शेष 380 पदों को शिथिलीकरण लेकर भरने का प्रयास किया जाएगा।
