राइंका कोट बांगर में तहसील दिवस का आयोजन..
50 शिकायतों में 11 का मौके पर किया गया निस्तारण..
रुद्रप्रयाग। क्षेत्रीय जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में उप जिलाधिकारी जखोली परमानंद राम की अध्यक्षता में राइंका कोट बांगर में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जन प्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता ने कुल 50 शिकायतें दर्ज की, जिनमें 11 शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा शेष शिकायतों के निस्तारण को लेकर संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
तहसील दिवस में कोट बांगर के ग्रामीणों ने न्याय पंचायत स्तर पर आधार कार्ड बनाए जाने के लिए जन शिविर संचालित करने की मांग की। गैंठाणा-भेंतुला-सिरवाड़ी के ग्रामीणों ने मोटर मार्ग निर्माण के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत दर्ज की। क्षेत्र पंचायत सदस्य पुनीता देवी ने खंडाला नामी तोक में विद्युत विभाग के पोलों को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की। गेंठाणा प्रधान सरबीर सिंह मेंगवाल ने गेंठाणा के नए तोकों पर विद्युतीकरण करने, सन बांगर निवासी कर्ण सिंह ने मथ्या कोड़ा गदेरा में पुलिया निर्माण तथा मंगला रावत ने नंदा गौरा योजना से लाभान्वित करने, सामाजिक कार्यकर्ता चिरंजीव प्रसाद सेमवाल ने बधाणीताल, क्षीरसागर, गेंठाणा, तडाग ताल, भीम चूल्हा, धारकुड़ी पूर्वी बांगर आदि स्थलों को पर्यटन से जोड़ने और लस्तर नहर पर क्षतिग्रस्त डाट पुलियों के निर्माण को लेकर प्रार्थना-पत्र दिया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश शाह ने बधाणी बांगर के ऊपर बरसात के समय पहाड़ी दरकने के कारण पत्थर गिरने का भय बने रहने, जखवाड़ी मल्ली की प्रधान शशि देवी ने आंगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत किए जाने तथा जखवाड़ी तल्ली की रेखा देवी ने बच्चे की पढ़ाई को लेकर आर्थिक सहायता दिए जाने को लेकर प्रार्थना-पत्र दिया। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवस के अवसर पर जो भी शिकायतें एवं समस्याएं जन प्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय जनता द्वारा दर्ज कराई गई हैं, उन समस्याओं का समय से शीघ्रता से शीघ्र समाधान करें। किसी भी आवेदन पत्र में अनावश्यक विलंब न किया जाए।
तहसील दिवस में भाजपा जिलाध्यक्ष भाजपा महावीर सिंह पंवार, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, जिला होम्योपैथिक अधिकारी डाॅ निशा फत्र्याल, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रेम सिंह रावत, खंड विकास अधिकारी जखोली सूर्य प्रकाश शाह, तहसीलदार जखोली राम किशोर ध्यानी, अपर जिला सहायक कल्याण अधिकारी हर्षवर्धन भट्ट, वीडीओ उत्तम राणा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
फर्जी’ में दमदार पुलिस अफसर की भूमिका में दिखेंगे विजय सेतुपति..
देश-विदेश: वेब सीरीज ‘फर्जी’ का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। हाल ही में इस शो का ट्रेलर रिलीज किया गया था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया है। ट्रेलर देखने के बाद दर्शक शाहिद कपूर और विजय सेतुपति जैसे उम्दा कलाकारों को एक साथ स्क्रीन पर देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। इस बीच विजय सेतुपति के बर्थडे के दिन प्राइम वीडियो ने फैंस को तोहफा देते हुए वेब सीरीज में उनके किरदार से पर्दा उठा दिया है।
प्राइम वीडियो ने उठाया रहस्य से पर्दा..
प्राइम वीडियो की ओर से शेयर किए गए वीडियो में विजय सेतुपति की एक्टिंग देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका किरदार शाहिद कपूर को कड़ी टक्कर दे सकता है। सीरीज में वह माइकल नाम के तेज तर्रार पुलिस अफसर के किरदार में हैं जो सनी नाम के कॉन आर्टिस्ट को पकड़ने की कोशिश में है। सीरीज में माइकल का रफ एंड टफ लुक देखकर पता चल रहा है कि वह केस सॉल्व करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। सीरीज में केके मेनन भी अहम किरदार में नजर आने वाले हैं।
शाहिद कपूर करेंगे डिजिटल डेब्यू..
आपको बता दें कि इस वेब सीरीज को राज और डीके ने डायरेक्ट किया है। इससे पहले दोनों की जोड़ी ‘द फैमिली मैन’ और ‘द फैमिली मैन 2’ जैसी शानदार वेब सीरीज बना चुकी है। इस सीरीज को प्राइम वीडियो पर 10 फरवरी से स्ट्रीम किया जा सकेगा। अभिनेता शाहिद कपूर इस वेब सीरीज से अपना डिजिटल डेब्यू करने जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि शाहिद इस डेब्यू में धमाल मचा देंगे। वहीं, विजय के अपकिंग प्रोजेक्ट की बात करें तो वह जल्द ही ‘मैरी क्रिसमस’ और ‘जवान’ जैसी बड़े बजट की फिल्मों में नजर आने वाले हैं। जानकारी के अनुसार ‘जवान’ में विजय निगेटिव रोल में दिखेंगे।
देहरादून के बाद अब इस जिले में हुए दरोगाओं के बंपर तबादले..
उत्तराखंड: पुलिस विभाग में लगातार तबादलों का दौर जारी है। देहरादून एसएसपी के बाद अब उधमसिंहनगर एसएसपी ने जिले में दरोगाओं के बंपर तबादले कर दिए है। जिसकी लिस्ट जारी की गई है।बताया जा रहा है कि एसएसपी उधम सिंह नगर डॉ0 मंजूनाथ टीसी ने कई दरोगाओं के कार्यभार में फेरबदल किया है। जनपद में नियुक्त दरोगाओं के स्थानांतरण विभिन्न थानों एवं चौकियों में किए गए है। ट्रासंफर आदेश के साथ ही दरोगाओं की लिस्ट भी जारी की गई है। ट्रांसफर किए गए सभी पुलिसकर्मियों को जल्द से जल्द नये चौकी थाने का प्रभार संभालने का आदेश दिया गया है। इससे पहले देर रात देहरादून एसएसपी ने भी कई पुलिसकर्मियों के तबादले किए थे।
इनका हुआ तबादला
उ0नि0 अर्जुन गिरी को प्रभारी चौकी रमपुरा कोतवाली रुद्रपुर ।
उ0नि0 सतीश चंद्र शर्मा को प्रभारी चौकी लालपुर कोतवाली किच्छा ।
उ0नि0 सुनील बिष्ट को पुलिस लाइन रुद्रपुर ।
उ0नि0 विजय सिंह को प्रभारी चौकी सुल्तानपुर पट्टी कोतवाली बाजपुर ।
उ0नि0 जितेंद्र कुमार प्रभारी चौकी पेगा थाना आईटीआई।
उ0नि0 भगवान गिरी गोस्वामी को प्रभारी चौकी बन्नाखेड़ा कोतवाली बाजपुर ।
उ0नि0 भूपेंद्र सिंह रंसवाल को प्रभारी चौकी सकेनिया थाना गदरपुर ।
उ0नि0 देवेंद्र सिंह मेहता को प्रभारी चौकी बेरिया दौलत थाना केलाखेड़ा ।
उ0नि0 प्रकाश चंद्र को कोतवाली बाजपुर ।
उ0नि0 गिरीश चंद्र पंत को थाना दिनेशपुर
डीएम ने ली जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक..
नाबार्ड की ओर से प्रकाशित पुस्तिका संभाव्यतायुक्त ऋण योजना का डीएम ने किया विमोचन..
रुद्रप्रयाग। जिला कार्यालय सभागर में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें डीएम ने केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित स्वरोजगार परक योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपस्थित बैंक प्रबंधकों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराए गए आवेदन पत्रों पर शीर्ष प्राथमिकता से कार्यवाही कर ऋण स्वीकृत करें तथा किसी भी आवेदन पत्र में अनावश्यक रूप से आपत्ति न लगाई जाए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तिका संभाव्यतायुक्त ऋण योजना का विमोचन भी किया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि किसी आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार की कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित विभाग एवं आवेदनकर्ता को कमी के निराकरण के लिए सूचित किया जाए, ताकि संबंधित द्वारा आपत्ति का निराकरण करते हुए उन्हें स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध किया जाए, जिससे सरकार की मंशा के अनुरूप बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने कृषि विभाग, पशुपालन, मत्स्य व डेयरी आदि विभागों से कहा कि केसीसी कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उपलब्ध कराने के लिए कार्यशाला आयोजित की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिन बैंकों का सीडी रेस्यू कम है, वह इसमें सुधार लाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए कैंप लगाया जाए।
बैठक में अग्रणी बैंक प्रबंधक विवेक कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिले का दिसंबर 2022 का त्रैमासिक अनुपात सितंबर 2022 के त्रैमास के प्रतिशत के सापेक्ष 47 प्रतिशत ज्यादा है। जिले का सीडी अनुपात का लक्ष्य 40 प्रतिशत होना चाहिए। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशलन बैंक, इंडियन बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक का सीडी अनुपात 30 प्रतिशत से भी कम रहा। अधिकतर बैंकों का सीडी अनुपात 40 प्रतिशत से कम रहा।
सभी बैंकों को सीडी अनुपात बढाने के लिए अधिक से अधिक ऋण का वितरण कराने को कहा गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तिका संभाव्यतायुक्त ऋण योजना का विमोचन किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, महाप्रबंधक उद्योग एच.सी. हटवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, जिला उद्यान अधिकारी योगेंद्र चौधरी , जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल सहित संबंधित बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस भर्ती का छूट न जाएं मौका, जल्द करें आवेदन..
उत्तराखंड: फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून ने ग्रुप सी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस भर्ती के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर आवदेन की अंतिम तिथि 19 जनवरी 2023 हैं। बताया जा रहा है कि इन पदों पर 10वीं से लेकर बीएससी पास आवेदन कर सकते है। सब पदों के लिए अलग-अलग योग्यता है। आपको बता दे कि फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट भर्ती 2023 के तहत कुल 72 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें टेक्नीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, लोअर डिविजन क्लर्क, फॉरेस्ट गार्ड, स्टेनोग्राफर, स्टोरकीपर, ड्राइवर, मल्टी टास्किंग स्टाफ के पद सम्मिलित हैं। फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट भर्ती 2023 के लिए कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम का आयोजन फरवरी 2023 में किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट भर्ती 2023 में टेक्नीशियन पद हेतु आयु सीमा 18 से 30 वर्ष तक रखी गई है। टेक्निकल असिस्टेंट हेतु आयु सीमा 21 से 30 वर्ष तक रखी गई है। लोअर डिवीजन क्लर्क, फॉरेस्ट गार्ड, स्टेनोग्राफर, स्टोर कीपर, ड्राइवर और मल्टी टास्किंग स्टाफ के लिए आयु सीमा 18 से 27 वर्ष तक रखी गई है। वहीं आरक्षित वर्गों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी गई है।
फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट भर्ती 2023 के लिए अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर बेस्ड रिटन टेस्ट, स्किल टेस्ट या पोस्ट से संबंधित प्रेक्टिकल टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जाम के आधार पर किया जाएगा। फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट भर्ती 2023 में सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 700 रुपए रखा गया है। जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आवेदन शुल्क 300 रुपए रखा गया है। अभ्यर्थी आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं।
उत्तराखंड में नर्सिंग में प्रवेश की तिथि बढ़ी, 25 जनवरी तक करें आवेदन…
उत्तराखंड: प्रदेश में नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया ने नर्सिंग कोर्स में एडमिशन की लास्ट डेट बढ़ा दी है। एडमिशन की लास्ट डेट को अब 15 जनवरी से 25 जनवरी तक बढ़ा दिया है। युवा इसके लिए आवेदन कर सकते है। आपको बता दे कि राज्य में 35 सरकारी एवं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में 1200 के करीब नर्सिंग की सीटें खाली है। नर्सिंग में प्रवेश की तिथि काउंसिल ने 25 जनवरी तक बढ़ा दी है । ऐसे में अब बीएससी नर्सिंग की सीटों पर प्रवेश लेने के इच्छुक युवाओं को प्रवेश का मौका मिल गया है । बीएससी नर्सिंग की सीटों पर प्रवेश के लिए पहले 31 दिसंबर अंतिम तिथि थी । बाद में उस तिथि को 15 जनवरी तक बढ़ाया गया । लेकिन अब प्रवेश के मानकों में बदलाव को देखते हुए एडमिशन की अंतिम तिथि 25 जनवरी तक बढ़ा दी गई है ।
रिपोर्टस की माने राज्य में 35 सरकारी एवं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में 1200 के करीब नर्सिंग की खाली सीटों के लिए हुई प्रवेश परीक्षा में 5000 युवाओं ने भाग लिया था। लेकिन परीक्षा में 50 फ़ीसदी अंक लाने की शर्त की वजह से केवल डेढ़ सौ छात्र ही पास हो पाए। अधिकांश युवाओं के फेल होने के बाद राज्य सरकार ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल से परीक्षा में कट ऑफ 50% से घटाकर 40% किए जाने का अनुरोध किया था, लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं आया है।
जोशीमठ प्रभावितों को 5000 रुपए किराए सहिता मिलेगा ये सब कुछ..
उत्तराखंड: जोशीमठ भू धंसाव को लेकर शासन-प्रशासन अलर्ट पर है। सीएम धामी ने आपात बैठक में कई अहम मुद्दों पर मुहर लगाई है। प्रभावित परिवारों को किराया राशि को 4000 से बढ़ाकर 5000 कर दिया गया है। साथ ही 6 महीने तक बिजली-पानी बिल माफ कर दिया गया है। वहीं, तत्काल राहत देने के लिए दिए जाने वाले डेढ़ लाख रुपये के लिए 45 करोड़ जारी करने पर मुहर लगाई गई है।
आपको बता दे कि जोशीमठ के विस्थापन के लिए 15000 प्रति जानवर दिए जाएंगे। बड़े पशु के चारे के लिए प्रतिदिन 80 और छोटे पशुओं के लिए सम्बन्धित व्यक्तियों को प्रतिदिन ₹45 दिया जाएगा। नवंबर महीने से अगले 6 महीने तक के लिए बिजली पानी के बिल को माफ किया गया।वहीं, प्रभावित परिवारों को दिया जाने वाला किराया भी बढ़ाया गया है। पुनर्वास को लेकर कोटि फार्म, पीपलकोटी, गौचर, ढाक और एक अन्य स्थान को चिन्हित किया गया।
वहीं राहत शिविरों को लेकर मानक तय, वास्तविक रेंट या 950 रुपए प्रतिदिन अधिकतम तय किया गया। 450 रुपए खाने के लिए प्रति व्यक्ति प्रति दिन तय किया गया। बताया जा रहा है कि भारत सरकार से एक सप्ताह के भीतर संभावित मांग भेजी जाएगी विस्थापित परिवारों को जिंदगी बसर के लिए एसडीआरएफ की गाइडलाइन के अनुसार परिवार के दो व्यक्ति को मनरेगा के नियमानुसार मजदूरी दी जाएगी।
जोशीमठ के आपदा प्रभावित व्यक्तियों के बैंक इत्यादि से लिये गये ऋण की वसूली को एक साल के स्थगित किये जाने के संबंध में यह निर्देश दिये गये कि सहकारी बैंकों की ऋण वसूली तत्काल प्रभाव से स्थगित की जाए और अन्य कमर्शियल बैंक के स्तर से भी ऋण वसूली स्थगित किये जाने का अनुरोध भारत सरकार से किया जाए। वहीं प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए उत्तराखंड के सभी कैबिनेट मंत्री अपने एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे।
जोशीमठ-औली रोपवे पर आई दरारें, खतरे को देखते हुए संचालन बंद..
उत्तराखंड: भू-धंसाव से एशिया के सबसे बड़े जोशीमठ-औली रोपवे की प्लेटफार्म पर दरारें आ गई है। खतरे की वजह से रोपवे का संचालन निलंबित कर दिया गया है। कल शुक्रवार रात को रोपवे पर ये दरारें आई है।रोपवे का एक टावर प्रशासन की ओर से असुरक्षित घोषित किए क्षेत्र में है जिसके चलते रोपवे को लेकर भी आशंकाएं तेज हो गई थी।
जोशीमठ भू-धंसाव का असर जोशीमठ और औली के बीच रोपवे पर भी पड़ा है। इससे पहले प्रशासन ने जहां चार वार्डो को असुरक्षित घोषित किया है उसमें मनोहर बाग वार्ड भी है और रोपवे का एक नंबर टावर यहीं लगा है। रोपवे प्रबंधक दिनेश भट्ट का कहना हैं कि रोपवे टावर की रोजाना नियमित निगरानी की जा रही है।
जोशीमठ से औली तक चार किलोमीटर के इस रोपवे के पूरे सफर में दस टावर हैं। रोपवे से जोशीमठ से औली जाने में 15 मिनट का समय लगता है। औली जाने के लिए पर्यटकों की पहली पसंद रोपवे ही रहता है। जोशीमठ शहर में असुरक्षित भवनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जोशीमठ आपदा से सबक लेते हुए प्रदेश मंत्रिमंडल ने सभी पर्वतीय शहरों की धारण क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) का सर्वे कराने का फैसला किया है।पहले चरण में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत क्षेत्रों में सर्वे कराने की मंजूरी दे दी है। आबादी और बेतरतीब ढंग से हो रहे निर्माण कार्यों से पर्वतीय शहरों में धारण क्षमता से अधिक दबाव बढ़ रहा है। जोशीमठ भू धंसाव के पीछे एक वजह शहर की भार वहन क्षमता से अधिक निर्माण को भी ठहराया जा रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का निधन..
देश-विदेश: जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव नहीं रहे। गुरुवार रात गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह 75 साल के थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी ने निधन की जानकारी दी। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के छतरपुर स्थित उनके निवास स्थान पर रखा गया, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे। शरद यादव की बेटी शुभाषिनी यादव ने ट्वीट करके पिता के निधन की जानकारी दी। शुभाषिनी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘पापा नहीं रहे।’ सूत्रों के मुताबिक, अपने अंतिम समय में वे बीमार चल रहे थे और उनका इलाज गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था। शरद यादव के निधन से पूरे राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
मध्य प्रदेश में पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार..
शरद यादव के दामाद राज कमल राव ने कहा, उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था, हम उन्हें अस्पताल लेकर गए। वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्हें किडनी की समस्या थी और डायलिसिस पर थे। उनके पार्थिव शरीर को मध्य प्रदेश में उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके थे
शरद यादव जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनका नाम देश के बड़े समाजवादी नेताओं में शुमार किया जाता था। उनके करीबियों के मुताबिक, शरद यादव का राजनीतिक कद इतना ऊंचा था कि जब वे बोलते थे तो पूरा देश सुनता था। मंत्री रहे हों या विपक्ष के सांसद, उनके सामने कभी कोई ऐसा सवाल नहीं आया जिसका जवाब उन्हें नहीं सूझा हो। उनका जवाब सुनकर प्रश्न पूछने वाले चुप रह जाया करते थे।
शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के बंदाई गांव में किसान परिवार में हुआ था। किसान के घर जन्मे शरद पढ़ने लिखने में काफी तेज थे। छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने वाले शरद यादव ने बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुकाम हासिल किया था। शरद यादव ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और फिर बिहार में अपना राजनीतिक परचम लहराया था। नीतीश कुमार से हुए विवाद के बाद उन्होंने जदयू का साथ छोड़ दिया था। वो बिहार की मधेपुरा सीट से कई बार सांसद रह चुके थे।
वे डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से बहुत प्रेरित थे। उन्हीं से प्रेरणा पाकर शरद यादव ने कई आंदोलनों में हिस्सा लिया था। इतना ही नहीं, वे MISA के तहत 1969-70, 1972 और 1975 में जेल भी गए। सक्रिय राजनीति में शरद यादव ने साल 1974 में कदम रखा था तब वे वे पहली बार जबलपुर लोकसभा सीट से सांसद बने। वे कुल सात बार यूपी एमपी और बिहार से चुनकर लोकसभा पहुंचे थे। उनके राजनीतिक कद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे कई सरकारों में केंद्रीय मंत्री भी रहे।
शरद यादव ने अपनी खुद की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल शुरू की थी। मार्च 2020 में उन्होंने लालू यादव के संगठन राजद में विलय कर लिया। उन्होंने कहा था कि एकजुट विपक्ष की ओर पहला कदम था।
सीडीओ ने मनरेगा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर किया जारी..
उत्तराखंड: जनपद टिहरी में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से जुड़ा अपडेट आ रहा है। जिले में मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल मनीष कुमार ने मनरेगा से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होने हेल्पलाइन जारी कर समस्याओं के समाधान के लिए लोगों से शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
मुख्य विकास अधिकारी टिहरी गढ़वाल मनीष कुमार ने सर्वसाधारण को सूचित करते हुए कहा कि अन्तर्गत किसी भी प्रकार की समस्या एवं शिकायत के निवारण हेतु विकासखण्डवार हेल्पलाईन नम्बर/वाट्सएप्प नम्बर निर्गत किये गये हैं, जिन पर शासकीय अवकाश के दिवसों में प्रातः 10 बजे से सांय 05 बजे तक अपने-अपने विकासखण्ड से संबंधित समस्याओं/ शिकायतों को दर्ज करवाकर निस्तारित करवा सकते हैं।
उनका कहना हैं कि विकासखण्ड भिलंगना हेतु हैल्प डेस्क में तैनात मनरेगा कार्मिक के हेल्पलाईन नम्बर/वाट्सएप नम्बर 9997160644, कीर्तिनगर में 9634877702, देवप्रयाग में 9917181330 व 7500607900, जाखणीधार में 7456999764, प्रतापनगर में 8077360771, चम्बा में 8077140195, जौनपुर में 9557864749 व 9528309402, थौलधार में 9458964521 तथा नरेन्द्रनगर में 8077640494 पर कॉल कर समस्या का निस्तारण करवाया जा सकता है।
