अल्मोड़ा में सल्ट के पास गहरी खाई में गिरी कार, पांच महीने के मासूम की मौत..
उत्तराखंड: सल्ट में एक कार खाई अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। ये दर्दनाक सड़क हादसा शुक्रवार देर शाम हुआ। जिसमें पांच महीने के एक बच्चे की मौत हो गई। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को रेस्क्यू कर अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र में एक कार हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में पांच महीने के एक बच्चे की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की देर शाम अल्टो कार संख्या UK-15B-8057 सल्ट के झिमार गांव के पास अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में पांच महीने के अंश नेगी पुत्र दीपक नेगी की मौत हो गई।
तीन लोग गंभीर रूप से घायल..
हादसे में कार में सवार अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार किरण पत्नी दीपक नेगी उम्र 26 वर्ष, अमित नेगी पुत्र उमेद सिंह उम्र 26 वर्ष और सरोज पत्नि स्व बालम सिंह उम्र 55 वर्ष गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को रेस्क्यू कर सल्ट के देवालय अस्पताल ले जाया गया। जहां सभी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया है। बता दें कि कार सवार सभी लोग कोटद्वार के रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि अमित नेगी अपनी भाभी को उनके मायके से ससुराल लाने के लिए कार लेकर गए थे। अमित गौलीखाल से अपनी भाभी किरण, भतीजा अंश और भाभी की मां सरोज को साथ लेकर कोटद्वार आ रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उनकी कार हादसे का शिकार हो गई।
आपदा राहत बचाव कार्यों में लगेंगे तीन हेलीकॉप्टर, सरकार अलग से कर रही तैनात..
उत्तराखंड: प्रदेश में मानसून सीजन में आपदा राहत बचाव कार्यों के लिए तीन हेलीकॉप्टर तैनात किए जाएंगे। इनके चयन के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन एवं विकास प्राधिकरण (युकाडा) ने कंपनियों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पहली बार सरकार राहत-बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टर तैनात करने जा रहे हैं।आपदा बाहुल्य उत्तराखंड में हर साल आपदा आने पर राहत-बचाव कार्यों में खासी परेशानी होती है। एक हेलीकॉप्टर से जहां राहत-बचाव चुनौतीपूर्ण है तो वहीं कई बार वायुसेना की मदद भी लेनी पड़ती है। इस बार सरकार ने तय किया है कि आपदा राहत कार्यों के लिए अलग से हेलीकॉप्टर तैनात किए जाएं, जिनका बजट आपदा प्रबंधन विभाग खर्च करेगा। पिछले दिनों युकाडा ने इसका टेंडर जारी किया था। युकाडा के सीईओ सी रविशंकर का कहना हैं कि टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एक सप्ताह के भीतर दो से तीन हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए जाएंगे। गढ़वाल और कुमाऊं में आपदा की सूरत में ये हेलीकॉप्टर तत्काल राहत-बचाव कार्यों में मदद करेंगे।
सीएम धामी के अधिकारियों को निर्देश,सीमांत क्षेत्र विकास से संबंधित योजनाओं का हो प्रभावी क्रियान्वयन..
उत्तराखंड: गुरूवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गुंजी में आयुक्त कुमांऊ, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के साथ सेना, आई.टी.बी.पी. तथा बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन एवं अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ सीमांत क्षेत्र विकास से जुडे विषयों के साथ ही क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की तथा सीमांत क्षेत्र विकास से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये।
उनका कहना हैं कि हमारे सीमान्त क्षेत्रवासी भी हमारी सीमाओं के प्रहरी हैं। उन्होंने क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश देते हुये अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। इससे पूर्व सीएम धामी के गुंजी पहुंचने पर प्रशासन, सेना, आई.टी.बी.पी. व बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन के अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी दिन-रात समर्पण भाव के साथ राष्ट्र सेवा में तैनात जवानों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
यूपीसीएल रोजाना एक करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीद रहा..
उत्तराखंड: प्रदेश में बिजली की मांग और बढ़ गई है, जिसके चलते यूपीसीएल को आपूर्ति करने में काफी मशक्कत उठानी पड़ रही है। हालात ये है कि दिन में तो बाजार में आसानी से सस्ती बिजली उपलब्ध हो रही है लेकिन शाम को पीक आवर में 10 रुपये प्रति यूनिट की दर पर भी बिजली नहीं मिल पा रही है। हालांकि निगम का दावा है कि मांग के सापेक्ष करीब पूरी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे घोषित कटौती नहीं हो रही।
पहली बार प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची है। बारिश कम होने से यूपीसीएल की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। ऊर्जा निगम मुख्यालय के अनुसार बिजली की मांग जून माह में रिकॉर्ड 6.4 करोड़ यूनिट तक पहुंची है। इसके सापेक्ष उपलब्ध महज 5.8 करोड़ यूनिट तक है। रोजाना 80 लाख से एक करोड़ यूनिट बिजली बाजार से खरीदनी पड़ रही है। दिन में बाजार में उपलब्धता होने की वजह से सस्ती दरों पर बिजली मिल पा रही है लेकिन शाम को पीक आवर में बाजार में भारी शॉर्टेज हो रही है।
इसके चलते 10 रुपये के दाम पर भी बिजली नहीं मिल पा रही है। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि बाजार में पीक आवर में बिजली जुटाना काफी चुनौतीपूर्ण हो रहा है। बुधवार को प्रदेश के मैदानी इलाकों खासतौर से देहरादून व आसपास बारिश हुई, जिसकी वजह से यूपीसीएल को कुछ राहत मिली है। अब आने वाले दिनों में बारिश होने पर ही यूपीसीएल को कुछ उम्मीद है। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, फिलहाल कहीं भी घोषित कटौती नहीं की जा रही है। स्थानीय कारणों से ही कटौती हो रही है।
40 दिन में भारी संख्या में चारधाम यात्रा पर आये श्रद्धालु..
उत्तराखंड: जून की प्रचंड गर्मी और इंद्रदेव की बेरुखी भले ही जनसामान्य को बेचैन किए हुए है, लेकिन चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष चारधाम यात्रा देरी से शुरू हुई है, लेकिन मैदानी क्षेत्रों में पड़ रही प्रचंड गर्मी और पर्वतीय अंचल में सुकून की छांव के कारण इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। वर्षाकाल में विलंब के कारण भी श्रद्धालुओं को यात्रा सुगम एवं सुरक्षित लग रही। इसकी गवाही यात्रा के आंकड़े दे रहे हैं। बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 40 दिन में 6.19 लाख अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंचे हैं
उत्तराखंड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ के दर्शन को हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। लेकिन, इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या बीते वर्षों की अपेक्षा कहीं अधिक है। इस वर्ष यात्रा 10 मई को शुरू हुई और इस दौरान ज्यादातर स्कूल-कालेज में ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते बंद हो चुके थे। इसके साथ ही जून के दूसरे पखवाड़े में भी वर्षा नहीं हुई तो श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुरक्षित और सुलभ हो गई।
पिछले वर्ष 22 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी और 22 अप्रैल से 31 मई के बीच 40 दिनों में 18,91,217 श्रद्धालुओं ने चारों धाम के दर्शन किए। जबकि, इस बार 10 मई से शुरू हुई यात्रा में 18 जून तक (40 दिनों के बीच) 25,10,767 श्रद्धालु चारों धाम में दर्शन को पहुंच चुके हैं। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी। चारों धाम में सबसे अधिक श्रद्धालु केदारनाथ दर्शन को पहुंच रहे हैं। बीते वर्ष से करीब 30 प्रतिशत श्रद्धालु सिर्फ केदारनाथ धाम आ रहे हैं। वर्ष 2023 में 19,61,025 श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचे थे। इस बार 40 दिनों में ही 9,17,413 श्रद्धालु केदारनाथ आ चुके हैं।
पीएम मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का किया उद्घाटन..
देश-विदेश: लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पीएम मोदी पहली बार बिहार की यात्रा पर हैं। आज बुधवार को नालंदा पहुंचे जहां उन्होनें विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन कर दिया है। यह विश्व विघालय 455 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें कुल 221 संरचनाएं हैं। तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के द्वारा 19 सितंबर 2014 को इसके निर्माण की नींव रखी गई थी। आर्किटेक्ट बीबी जोशी ने नालंदा विश्वविद्यालय के प्रारुप को डिजाइन किया है।
इस खास मौके पर सीएम नीतिश कुमार ने पीएम मोदी का स्वागत करते हुए खुशी जताई। उन्होनें कहा कि पुराने विश्वविद्यालय के खंडहर आज भी जस के तस है। इसकी पहचान ज्ञान के केंद्र में रही। यहां पहले 15 हजार छात्र पढ़ते थे। देश और दुनिया के लोग यहां आकर पढ़ते थे। 12वीं सदी में यह नष्ट हो गया था।
रात 10 से सुबह 4 बजे तक उत्तरकाशी यात्रा मार्ग पर नहीं चल पाएंगे वाहन, आदेश जारी..
उत्तराखंड: जनपद में रात 10 से सुबह 4 बजे तक वाहनों के आवागमन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। आगामी मानसून सीजन में चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इसी के साथ गंगोत्री हाईवे पर दुर्घटना संभावित क्षेत्र सोनगाड में अस्थायी पुलिस चौकी खोली गई है, जहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
एसपी अर्पण यदुवंशी का कहना हैं कि चारधाम यात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए पूर्व में जारी विशेष कार्य योजना में आंशिक संशोधन किया गया है। नई एसओपी में रात 8 बजे से सुबह 4 बजे तक यातायात प्रतिबंधित रहेगा। इस अवधि में ऐसे यात्री वाहन जिनकी होटल बुकिंग होगी, उन्हीं को बैरियरों से आगे होटल तक भेजा जाएगा। जबकि रात 10 बजे बाद किसी वाहन को आगे नहीं भेजा जाएगा। सुबह 4 बजे के बाद ही यातायात पुन: संचालित किया जाएगा। बताया कि पूर्व में जारी एसओपी के अन्य बिंदू यथावत रहेंगे। एसपी का कहना हैं कि दुर्घटना संभावित क्षेत्र सोनगाड में अस्थाई चौकी भी स्थापित कर दी गई है।
पौड़ी के इन स्कूलों मे भर्ती घोटाला, सीएम ने दिए एसआईटी जांच के आदेश..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जिले के अशासकीय विद्यालयों में लिपिक एवं शिक्षकों की नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसआईटी जांच के निर्देश दिए हैं। सीएम ने शिक्षा सचिव को दिए निर्देश में कहा कि जांच कर मामले में कार्रवाई की जाए। बता दे कि पौड़ी निवासी राजेश सिंह ने सीएम से की शिकायत में कहा कि जिले के कुछ अशासकीय विद्यालयों में वित्तीय अनियमितता के साथ ही नियुक्तियों में गड़बड़ी की गई है। शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच कराने के बाद 4 अक्तूबर 2023 को एसआईटी से जांच कराने की सिफारिश करते हुए इससे जुड़े अभिलेख शासन को भेजे थे, लेकिन शासन स्तर से इस प्रकरण में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना हैं कि हमेशा से हमारी पारदर्शिता , हमारा संकल्प रहा है उसको लेकर सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा की अगर कहीं पर भी इस प्रकार की गलतियां या भ्रष्टाचार का मामला सामने आता है तो निश्चित रूप से उसमें जांच होनी चाहिए, हम जांच कर भी रहे है और इस मामले में भी हमने जांच के लिए कहा है।
प्रदर्शनकारियों ने यमुनोत्री हाईवे पर लगाया जाम..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों पहले चारधाम यात्रा को रामनगर से डायवर्ट करने के निर्देश दिए थे। जिस पर बावला शुरू हो गया है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने सीएम धामी के फैसले का विरोध करते हुए यमुनोत्री हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने धामी सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को काले झंडे दिखाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर चारधाम यात्रा के संचालन में छेड़छाड़ की गई तो उन्हें उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बता दें इससे पहले गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित सीएम धामी के फैसले पर नाराजगी जताते हुए पीएम मोदी को पत्र लिख चुके हैं।
गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित पीएम मोदी को लिख चुके हैं पत्र..
सीएम धामी के फैसले पर बीते दिनों पहले गंगोत्री के तीर्थ पुरोहित पीएम मोदी को पत्र लिख चुके हैं। तीर्थ पुरोहितों ने पत्र में लिखा कि समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि उत्तराखण्ड के सीएम द्वारा चार धाम यात्रा को ऋषिकेश, हरिद्वार से बदलकर रामनगर से यात्रा के संचालन पर विचार किया जा रहा है, जोकि परम्परा एवं आस्था के विरूद्ध है। यदि सरकार द्वारा परम्परागत यात्रा के साथ एवं धार्मिक मर्यादा के साथ छेड़-छाड की जाती है, तो चार धाम के धार्मिक पर्यटन से जुड़े सभी जनमानस इसका पुरजोर विरोध करेंगे। तीर्थ पुरोहितों ने पीएम मोदी से निवेदन कर कहा कि सीएम धामी द्वारा रामनगर से चार धाम यात्रा को निरस्त कर पहले की तरह परम्परानुसार चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से चलने दिया जाए।
बाहरी राज्यों के वाहनों से उत्तराखंड में वसूला जाएगा ग्रीन सेस, ये है तैयारी..
उत्तराखंड: राज्य के बाहर से उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने की प्रक्रिया को परिवहन विभाग फास्टैग से जोड़ने जा रहा है। इसके लिए एक हफ्ते में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी करेगा। सरकार ग्रीन सेस वसूलने के साथ वाहनों का डेटा भी तैयार करना चाहती है, ताकि इसका यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा बनाने के लिए उपयोग में लाया जा सके। हालांकि, परिवहन विभाग लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ग्रीन सेस वसूलने की अधिसूचना जारी कर चुका है, लेकिन यह अधिसूचना प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पाई है। विभाग अभी ग्रीन सेस वसूलने के प्रभावी तरीके पर विचार कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों का कहना हैं कि पड़ोसी राज्य हिमाचल भी वहां प्रवेश करने वाले दूसरे राज्यों के वाहनों से ग्रीन सेस वसूलता है। वहां राज्य की सीमा पर बैरियर बनाकर सेस वसूला जाता है, लेकिन उत्तराखंड सरकार की मंशा इससे जुदा है।
वाहनों को रोके बिना ग्रीन सेस वसूलना चाहती सरकार
प्रदेश सरकार बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करने वालों वाहनों को रोककर ग्रीन सेस वसूलने के पक्ष में नहीं है। इससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसलिए फास्टैग के विकल्प पर विचार हो रहा है। विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में एनएचएआई से भी संपर्क किया है, लेकिन यहां एक पेच फंसा है। एनएचएआई के टोल बैरियरों में फास्ट टैग की व्यवस्था राज्य के भीतर और बाहर दोनों तरह के वाहनों के लिए है, लेकिन उत्तराखंड में केवल राज्य के बाहर से आने वाले वाहनों से ही ग्रीन सेस वसूला जाना है।
एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी करेगी सरकार
इसलिए सरकार ने तय किया है कि वह फास्टैग की सुविधा देने वाले बैंक व अन्य एजेंसियों के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) जारी करेगी। संयुक्त परिवहन आयुक्त एसके सिंह का कहना हैं कि अगले हफ्ते तक एक्सप्रेस ऑफ इंट्रेस्ट जारी कर दिया जाएगा।
ग्रीन सेस वसूली से होंगे दो फायदे
ग्रीन सेस की ऑनलाइन वसूली से दो फायदे होंगे। पहला लाखों की संख्या में राज्य में प्रवेश करने वाले वाहनों से ग्रीन सेस के एवज राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। सरकार के पास उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों के बारे में जानकारी होगी।
