रील्स और वीडियो बनाना पड़ा भारी, 15 का हुआ चालान..
पुलिस ने आठ घंटे तक जब्त रखे मोबाइल..
उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम में बुधवार को कुछ लोग प्रतिबंध के बाद भी रील्स और वीडियो बना रहे थे। रील्स और वीडियो बनाना श्रद्धालुओं को भारी पड़ गया। पुलिस ने इन पर एक्शन लेते हुए 15 श्रद्धालुओं का चालान किया है। इसके साथ ही पुलिस ने इन सभी लोगों के मोबाइल भी जब्त कर लिए। चारधाम यात्रा में बीते कुछ समय से रील और वीडियो बनाने का ट्रेंड बढ़ गया है। ट्रेंड के बढ़ते चलन के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसे देखते हुए सरकार ने चारों धामों के 50 मीटर के दायरे में में वीडियोग्राफी व रील्स को प्रतिबन्धित कर दिया है। लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोग रील्स और वीडियो बना रहे हैं। चमोली पुलिस ने बुधवार को बद्रीनाथ धाम में रील्स और वीडियो बनाने वाले 15 लोगों का चालान किया। पुलिस ने सभी यात्रियों के मोबाइल करीब आठ घंटे बाद 500-500 रुपए का चालान करने के बाद लौटाए। बताया जा रहा है कि बद्रीनाथ धाम में रील और वीडियो बनाने वालों में गुजरात, मध्यप्रदेश बंगाल, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश के साथ ही अन्य क्षेत्रों के यात्री शामिल थे।
बिना पंजीकरण के चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को होंगी कठिनाइयां, एडवाइजरी जारी..
उत्तराखंड: मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एडवाइजरी जारी की है। चारधाम यात्रा के लिए उमड़ी भारी भीड़ की वजह से सरकार को व्यवस्थाएं बनाने में मुश्किलें हो रही हैं। अब तक चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 31 लाख पार हो चुका है। आपको बता दे कि चारों धाम में भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने पंजीकरण का सख्ती से अनुपालन शुरू कर दिया है। इस कड़ी में बुधवार को मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एडवाइजरी भेजी। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि अगर किसी भी राज्य के तीर्थ यात्री बिना पंजीकरण आते हैं तो उन्हें चेकिंग के बाद रोक दिया जाएगा , और बिना पंजीकरण यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को लौटाया जाएगा।
उन्होंने ये भी अनुरोध किया है कि जो भी चारधाम यात्रा पर आना चाहते हैं, वह पंजीकरण में जो तिथि मिली है, उसी पर आएं। इससे चारधाम यात्रा प्रबंधन में राज्य सरकार को आसानी होगी। उन्होंने सभी टूर ऑपरेटरों व ट्रैवल एजेंटों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वह यात्रा शुरू करने से पहले पंजीकरण जांच लें। ताकि उन्हें बाद में परेशानी न हो। उन्होंने सभी राज्यों से अनुरोध किया है कि वे सभी तीर्थ यात्रियों को इसके प्रति जागरूक करें।
31 लाख से अधिक पंजीकरण..
चारधाम यात्रा के लिए अब तक 31 लाख 18 हजार 926 पंजीकरण हो चुके हैं। केदारनाथ के लिए 10 लाख 37 हजार 700, बद्रीनाथ के लिए नौ लाख 55 हजार 858, गंगोत्री के लिए पांच लाख 54 हजार 656 और यमुनोत्री के लिए चार लाख 86 हजार 285 पंजीकरण हुए हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए अब तक 84 हजार 427 पंजीकरण हो चुके हैं।
शिक्षा मंत्री डा.रावत ने कहा, दिव्यांग छात्रों को मिलेगी सभी सुविधाएं..
उत्तराखंड: राज्य सरकार ने दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रारम्भिक शिक्षा की परीक्षाओं में अतिरिक्त समय प्रदान करने की स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही ऐसे विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान श्रुत लेखक भी मिलेगा, जिसकी व्यवस्था संबंधित संस्थान के द्वारा की जायेगी। शीघ्र ही इस संबंध में शासन स्तर से शासनादेश जारी किया जायेगा। राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी साथ ही वह परीक्षा में और अच्छा प्रदर्शन कर बेहतर अंक प्राप्त कर सकेंगे।
सूबे के विद्यायली शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत का कहना हैं कि राज्य सरकार प्रदेश के नौनिहालों को गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया कराने में जुटी है ताकि प्रदेश के होनहारों को प्राथमिक स्तर से ही बेहतर शिक्षा उपलब्ध हो सके। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने दिव्यांग विद्यार्थियों की समस्या पर गौर करते हुये उन्हें स्कूली परीक्षाओं में अतिरिक्त समय देने की स्वीकृति दे दी है। विभागीय मंत्री डा. रावत ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 में वर्णित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को प्रारम्भिक शिक्षा की परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र हल करने के लिये प्रति घंटा 20 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जायेगा। इसके अलावा ऐसे समस्त बच्चे परीक्षा के दौरान श्रुत लेखक की मदद भी ले सकेंगे, जिसकी व्यवस्था संबंधित संस्थान के द्वारा की जायेगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान दिव्यांग विद्यार्थी जिस श्रुत लेखक की मदद लेगा वह उस कक्षा से निचली कक्षा का विद्यार्थी होना जरूरी है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर परीक्षा के दौरान दिव्यांग विद्यार्थियों को ब्रेलर, अबेकस, ज्योमेट्री और सांकेतिक भाषा की व्यवस्था भी संस्थान द्वारा कराई जायेगी।
प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत कक्षा-03 एवं कक्षा-04 में अध्ययनरत दिव्यांग बालक-बालिकाओं की मौखिक परीक्षा लेकर ही उनका परीक्षा परिणाम घोषित किया जायेगा। डा. रावत ने बताया कि राज्य में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को लेकर राज्य सरकार खासी संवेदनशील है, इसके लिये प्रदेशभर के स्कूलों में सभी छात्र-छात्राओं के लिये एक सक्षम शैक्षिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। खासकर दिव्यांग बच्चों के स्कूलों तक बाधा मुक्त पहुंच के लिये रैंप, रेलिंग और उनके अनुकूल शौचालयों और विशेष शिक्षकों की व्यवस्था विभागीय स्तर पर की जा रही है ताकि बैंचमार्क दिव्यांगता वाले बच्चे अपनी अक्षमताओं की परवाह किये बिना आसानी से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
ये है बेंचमार्क दिव्यांगता के प्रकार..
बेंचमार्क दिव्यांगता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत मान्यता प्राप्त किसी भी प्रकार की विकलांगता से कम से कम 40 फीसदी प्रभावित होने से हैं। इस अधिनियम में अन्धापन, कुष्ठ रोग, बहरापन, लोकोमोटर दिव्यांगता, मानसिक बीमारी, ऑटिज्म, स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, बौनापन, बौद्धिक दिव्यांगता, सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्राफी, क्रोनिक न्यूरोलॉजी, विशिष्ट सीखने की अक्षमता, मल्टीपल स्कलेरोसिस, भाषण और भाषा दिव्यांगता, थेलेसिमिया, हीमोफिलिया, सिकल सेल रोग सहित कई दिव्यांगता के साथ-साथ एसिड अटैक व पार्किसंस रोग शामिल है। इनसे प्रभावित बच्चों को प्राथमिक शिक्षा की परीक्षा में बैठने पर अतिरिक्त समय की छूट प्रदान की जायेगी।
बद्रीनाथ यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं का कर्णप्रयाग पुलिस कर रही स्वागत..
उत्तराखंड: बद्रीनाथ यात्रा पर आ रहे श्रद्धालुओं का कर्णप्रयाग थाना पुलिस स्वागत कर रही है। कर्णप्रयाग पुलिस श्रद्धालुओं के लिए पथ प्रदर्शक बन रही है। तीर्थ यात्रियों को पुलिस कोतवाल देवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखंड में स्थित पंचबद्री और पंचकेदारों सहित अनेक मंदिर और मठों के बारे में जानकारी दी।कर्णप्रयाग के पंचपुलिया में पुलिस टीम द्वारा वाहनों की चेकिंग भी की जा रही है। कोतवाल देवेन्द्र सिंह रावत का कहना हैं कि अतिथि देवो भव: की राह पर हम चलते हैं। मित्र पुलिस तीर्थयात्रियों की सेवा में सदैव तत्पर है।
बद्रीनाथ धाम की यात्रा शुरू हुए 10 दिन हो गए हैं। शुरू के पांच दिनों में जहां धाम में 50 हजार श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे, वहीं पिछले पांच दिनों में धाम में आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया। धाम के कपाट 12 मई को खोले गए थे। शुरू के पांच दिन यात्रा अपेक्षाकृत धीमी रही। पहले पांच दिन धाम में 57,867 श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे, लेकिन उसके बाद यात्रा ने रफ्तार पकड़ी और अगले पांच दिन में धाम में 1,00,474 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। धाम में अब तक कुल 1,58,341 यात्रियों ने दर्शन किए हैं।
शुरू में यात्रा के रुझान को देखते हुए बद्रीनाथ से लेकर यात्रा मार्ग पर कारोबारियों में मायूसी दिख रही थी, लेकिन अब जिस तरह से यात्रा ने रफ्तार पकड़ी है उससे यात्रा मार्ग से लेकर बद्रीनाथ धाम में चहल पहल बनी हुई है।उधर, बदरीनाथ में मंगलवार को 18,685 श्रद्धालु पहुंचे। मंगलवार को भी धाम में करीब एक किमी तक श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। अब विद्यालयों में गर्मियों की छुट्टियां पड़ने वाली हैं, जिसके बाद यात्रियों की संख्या में और तेजी आने की उम्मीद है।
विभागीय अनुदान पास कराने के एवज में रिश्वत लेते वन विभाग का दरोगा गिरफ्तार..
उत्तराखंड: विजिलेंस की टीम ने वन विभाग चाकीसैंण सैक्सन पावौ रेन्ज पौड़ी के वन दरोगा को सरकारी कार्य की एवज में 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत सही पाई जाने पर विजिलेंस की टीम ने आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। शिकायतकर्ता का कहना हैं कि बीते 2 मार्च 2024 को पैठाणी पौड़ी गढवाल में वन पंचायत पाबो की सभा हुई थी। जिसमें वन पंचायत के अन्तर्गत आने वाले गांवों की आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगो को मुर्गी, बकरी पालन जैसे कार्यो को विभागीय अनुदान दिये जाने के संबंध में जानकारी दी गई।
शिकायतकर्ता ने बकरी पालन के लिए 50 हजार का अनुदान मांगा। जिसके बाद विभाग ने उसके खाते में राशि जमा करा दी। इस बीच वह मौजूद वन दरोगा हंस राज पंत ने शिकायतकर्ता से उस सम्बन्ध में फार्म भरवाने और विभागीय अनुदान पास करवाने की एवज में रिश्वत की मांग की। प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए गए। जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को चाकीसैंण सैक्सन पावौ रेन्ज पौड़ी के वन दरोगा हंस राज पंत को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पैठाणी बाजार पौड़ी गढवाल से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। फिलहाल आरोपी दरोगा से पूछताछ जारी है।
नहीं थम रही जंगलों की आग, 24 घंटे में 23 जगह धधके जंगल..
उत्तराखंड: प्रदेश में जंगल की आग का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे में वनाग्नि की 23 घटनाएं सामने आई हैं। लगातार आग की घटनाओं रो रोकने की कोशिशों के बाद भी आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। जिस कारण अब तक हजारों हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया है। सोमवार को भी प्रदेश के जंगल धधकते रहे। बीते 24 घंटे में 23 जगह जंगल धधके हैं। इसमें से 22 आग की घटनाएं गढ़वाल से और एक घचना वन्यजीव क्षेत्र से सामने आई है। जबकि बीते 24 घंटे में कुमाऊं से आग लगने की एक भी घटना सामने नहीं आई है। बता दें कि सोमवार को जंगल में आग लगाने के आरोप में वन विभाग ने अज्ञात पर तीन मुकदमे दर्ज किए हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ फिर बढ़ीं वनाग्नि की घटनाएं..
गर्मी बढ़ने के साथ ही वनाग्नि की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को भूमि संरक्षण कालसी वन प्रभाग में 2, लैंसडाउन वन प्रभाग में एक, भूमि संरक्षण लैंसडाउन वन प्रभाग में एक, नरेंद्रनगर वन प्रभाग में 2, सिविल वन पंचायत क्षेत्र में 2, मसूरी वन प्रभाग में 8, सिविल वन पंचायत क्षेत्र में 4, रुद्रप्रयाग वन प्रभाग में 2 और केदारनाथ वन्य जीव वन पंचायत क्षेत्र में आग लगी।
आपको बता दें कि इस फायर सीजन में अब तक प्रदेश में कुल 1121 आग की घटनाएं सामने आई हैं। जिसमें 1520 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो गया है। जंगल में लगी आग की सूचना देने के लिए वन विभाग द्वारा नंबर जारी किए गए हैं। आग लगने की सूचना 18001804141, 01352744558 पर दे सकते हैं। इसके साथ ही 9389337488 और 7668304788 पर वाट्सएप के माध्यम से भी वनाग्नि की घटनाओं की जानकारी दी जा सकती है।
गंगोत्री व यमनुोत्री के लिए नई एसओपी जारी..
उत्तराखंड: चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए उत्तरकाशी पुलिस ने यात्रा को लेकर एसओपी (विशेष कार्य योजना) जारी की है। जिसके तहत अब रात आठ बजे के बाद किसी भी वाहन को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम नहीं जाने दिया जाएगा। रात 11 बजे के बाद यात्रा प्रतिबंधित रहेगी। वहीं, शाम पांच बजे बाद कोई भी यात्री जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम दर्शन के लिए नहीं जा पाएगा।
एसपी अर्पण यदुवंशी की ओर से जारी एसओपी के अनुसार यमुनोत्री धाम जाने वाले वाहनों को रात आठ बजे के बाद डामटा, नौगांव, बड़कोट, दोबाटा, खरादी, पालीगाड से आगे जाने नहीं दिया जाएगा। इसी तरह गंगोत्री धाम जाने वाले वाहनों को रात आठ बजे बाद नगुण, उत्तरकाशी शहर, हीना, भटवाड़ी व गंगनानी से आगे नहीं भेजा जाएगा।
वहीं यमुनोत्री पैदल मार्ग पर सुबह चार बजे से ही आवागमन शुरू होगा। शाम पांच बजे के बाद किसी को भी पैदल मार्ग पर नहीं भेजा जाएगा। इस दौरान डंडी-कंडी व घोड़ा-खच्चर भी प्रतिबंधित रहेंगे। वहीं डंडी-कंडी व घोड़ा खच्चर के लिए रोटेशन की व्यवस्था लागू रहेगी। भीड़ बढ़ने पर घोड़ा-खच्चरों को वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा। दोनों ही धामों में रात साढ़े आठ बजे के बाद गंगा व यमुना आरती के उपरांत कोई भी अनावश्यक रूप से मंदिर परिसर में नहीं रह सकेगा। किसी भी पड़ाव पर यात्री वाहनों को दो घंटे से ज्यादा नहीं रोका जाएगा।
प्रत्येक दिन सुबह पांच बजे से यातायात व्यवस्था का आवागमन सुचारू रूप से होगा। हालांकि आपातकालीन स्थिति में यात्री व श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधाार पर आकस्मिक सेवा स्थल तक जाने दिया जाएगा। इसके अलावा धाम जाने वाले श्रद्धालु रात आठ बजे के बाद होटल बुकिंग तक जा सकेंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं को बैरियरों पर तैनात पुलिसकर्मी को होटल बुकिंग के संबंध में जानकारी व आवश्यक प्रमाण उपलब्ध कराना जरूरी होगा। रात 11 बजे के बाद यात्रा पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी।
संकरे स्थानों पर लागू रहेगा गेट सिस्टम..
यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़ से जानकीचट्टी के बीच 25 किमी संकरे हिस्से में जाम से निपटने के लिए बड़े वाहनों को लिए गेट सिस्टम लागू रहेगा। बड़े वाहनों को रोककर एक निश्चित समय बाद छोड़ा जाएगा। जबकि छोटे वाहन चलते रहेंगे। इधर, गंगोत्री हाईवे पर गंगनानी से डबरानी पांच किमी, सुक्की से झाला सात किमी तथा हर्षिल से झाला 14 किमी तक वन-वे प्रभावी रहेगा।
25 मई से गौचर से बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए शुरू होगी हेली सेवा..
उत्तराखंड: तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए इस बार गौचर से बद्रीनाथ और हेमकुंड साहेब के लिए हेली सेवा की सुविधा मिलेगी। आगामी 25 मई से गौचर हवाई पट्टी से सेवा के शुरू होने की उम्मीद है। सरकार की उड़ान योजना के तहत देहरादून से गौचर तक हवाई सेवा संचालित हो रही है, जिससे यात्री गौचर आ सकते हैं। 25 मई से यहां से बद्रीनाथ और हेमकुंड साहेब के लिए हेली सेवा शुरू होगी। गुरुद्वारा हेमकुंड साहेब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा का कहना हैं कि 25 मई को हेमकुंड साहेब की यात्रा शुरू होने पर सरकार ने यहां हेली सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। यात्री दिन में हेलीकॉप्टर से गौचर से गोविंदघाट, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब आ जा सकेंगे।
पहली बार एक दिन में बद्रीनाथ पहुंचे 28 हजार श्रद्धालु..
एक लाख पार हुई दर्शनार्थियों की संख्या..
उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम की यात्रा ने अब रफ्तार पकड़ ली है। रविवार को बद्रीनाथ धाम में 28 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। यात्रा के इतिहास में यह पहली बार है जब धाम में एक दिन में इतने अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। वहीं बद्रीनाथ में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक लाख के पार हो गई है। बद्रीनाथ धाम की यात्रा 12 मई से शुरू हुई थी। शुरू के चार दिन यात्रा की रफ्तार धीमी रही, लेकिन अब यात्रा नए रिकॉर्ड बना रही है। शनिवार और रविवार को धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आलम यह रहा कि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की करीब ढाई किमी लंबी लाइन लगी हुई थी। बद्रीनाथ मंदिर से इंद्रधारा तक (माणा की ओर) श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। सुबह लगी लाइन देर शाम तक खत्म नहीं हो पाई थी। धाम में रविवार को 28,055 श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे। वहीं अब तक धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1,20,757 हो गई है। बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ का कहना हैं कि रविवार को बद्रीनाथ धाम में 28 हजार श्रद्धालु पहुंचे। धाम में एक दिन में आने वाले श्रद्धालुओं की यह अभी तक की सबसे अधिक संख्या है। धाम में अब तक एक लाख 20 हजार तक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।
नहाते समय गंगा के तेज बहाव में बहा विदेशी पर्यटक, तलाश में जुटी एसडीआरएफ..
उत्तराखंड: ऋषिकेश के मुनि की रेती क्षेत्र में एक विदेशी पर्यटक गंगा नदी में नहाते समय अचानक तेज बहाव में फंस गया और बह गया। इस घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम तुरंत उसकी तलाश में जुट गई है। हालांकि, कई घंटों की कड़ी मेहनत और प्रयास के बावजूद अभी तक पर्यटक का कोई पता नहीं चल सका है। टीम द्वारा तलाशी अभियान जारी है, लेकिन अब तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार घटना सुबह 7:45 बजे की है। थाना प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह का कहना हैं कि प्रग्नेश औंधिया (59) पुत्र नटवरलाल निवासी 38 एलिमेंट, लंदन यूके अपनी पत्नी पिंकी व पुत्र आनंद के साथ स्वामी नारायण आश्रम घाट पर नहा रहे थे।
