उत्तराखंड के इन जिलों में होगी बारिश और बर्फबारी..
उत्तराखंड: प्रदेश में एक बार फिर से मौसम बदलने के आसार हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। जिस से मैदानी इलाकों में ठंड में एक बार फिर से इजाफा हो सकता है। प्रदेश में 18 फरवरी से एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी होनी की आशंका है। हालांकि बीते कुछ दिनों से प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। जिस से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। जबकि सुबह और शाम के तापमान में कोई भी बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में 16 और 17 फरवरी को मौसम शुष्क रहेगा। जबकि 18 और 19 फरवरी को 2500-3000 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसके लिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 फरवरी को प्रदेश के पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और चमोली में बारिश हो सकती है। इसके साथ ही बिजली चमकने के भी आसार हैं।
हब एंड स्पोक मॉडल के जरिये घर बैठे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा ऋषिकेश एम्स..
उत्तराखंड: प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। एम्स ऋषिकेश हब एंड स्पोक मॉडल से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इस मॉडल को एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा और अधिक मजबूत करेगी।एम्स ने हब एंड स्पोक मॉडल के तहत प्राथमिक चरण में कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत अभी कुछ मिशनरियों के अस्पतालों को जोड़ा गया है। हब एंड स्पोक मॉडल के तहत उत्तराखंड के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एम्स से जोड़ा जाएगा।
बता दे कि एम्स से सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को टेली मेडिसिन से जोड़ा जाएगा। सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक चिकित्साधिकारी (सीएचओ) तैनात होगा। जिसके माध्यम से एम्स के चिकित्सक मरीजों के रोग की पहचान करेंगे। किसी मरीज को तत्काल दवाई की आवश्यकता होगी तो एम्स की ड्रोन मेडिकल सेवा के तहत उपलब्ध कराई जाएगी। उत्तराखंड में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या करीब 2500 है। इस मॉडल के तहत एम्स उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से में भी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगा।
क्या है हब एंड स्पोक मॉडल..
यह एक संगठनात्मक मॉडल है जो एक प्राथमिक (हब) प्रतिष्ठान और कई माध्यमिक प्रतिष्ठानों (स्पोक) के साथ एक नेटवर्क में सेवा वितरण परिसंपत्तियों की व्यवस्था करता है। इस मॉडल के तहत सभी माध्यमिक प्रतिष्ठान प्राथमिक प्रतिष्ठान से जुड़े रहते हैं।
ड्रोन मेडिकल सेवा की हो चुकी हैं करीब 14 उड़ाने..
एम्स ऋषिकेश ने इसी माह से नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा भी शुरू की है। अब तक करीब 14 उड़ाने हो चुकी हैं। एम्स ड्रोन मेडिकल सेवा के नोडल अधिकारी डाॅ. जितेंद्र गैरोला का कहना हैं कि अब तक चंबा, यमकेश्वर, कोटद्वार, न्यू टिहरी व हिंडोलाखाल दवाइयां भेजी गई हैं। सेवा चारधाम यात्रा में भी काफी महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही हब एंड स्पोक मॉडल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हब एंड स्पोक मॉडल से उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना को प्राथमिक चरण के तहत शुरू कर दिया गया है। योजना के तहत उत्तराखंड के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को जोड़े जाने के साथ यूपी के कुछ आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को जोड़ा जाएगा।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेंगे जौलीग्रांट और पंतनगर के हवाई अड्डे..
उत्तराखंड: जल्द ही जौलीग्रांट और पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। जिसके लिए प्रदेश सरकार सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी हुई है। एयरपोर्ट के निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट प्रशासन ने सीएम को एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर विभिन्न डिस्प्ले बोर्ड भी दिखाए। जिसमें दिखाया गया था कि एयरपोर्ट के पास कुल 326.42 एकड़ जमीन है। वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे कुल 2140 मीटर लंबा है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए रनवे को 650 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए कुल 243 एकड़ जमीन की और आवश्यकता है। जिसके बाद रनवे की लंबाई 2700 मीटर से अधिक हो जाएगी। जिस पर ए 320-200 ए/सी एयरक्राफ्ट आराम से लैंड हो सकेंगे।
सीएम धामी का कहना हैं कि पिथौरागढ़ से हिंडन के लिए जल्द ही फ्लाइट शुरू की जाएगी। इसके लिए नागर उड्डयन मंत्री ने शेड्यूल में डाल दिया है। हिमालय दर्शन सेवा को भी शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में प्रतिवर्ष तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए उड़ान योजना के अंतर्गत 13 हेलीपोर्ट सहस्रधारा, गौचर, हल्द्वानी, नैनीताल, चिल्याणीसौड़, अल्मोडा, नई टिहरी, धारचूला, जोशीमठ, हरिद्वार, श्रीनगर, मसूरी, धारचूला में किया जा रहा है।
तो जंगल की तरफ ही बढ़ेगा एयरपोर्ट..
फेज 2 के शुभारंभ मौके पर टर्मिनल के अंदर एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए जो लेआउट लगाया गया था। उसके अनुसार देहरादून एयरपोर्ट रानीपोखरी की तरफ थानो वन रेंज के जंगल की तरफ बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। जिसमें कुल 243 वन भूमि ली जानी प्रस्तावित है।बता दे कि डेढ़ साल पहले डोईवाला प्रशासन ने विस्तारीकरण को लेकर जौलीग्रांट मुख्य बाजार से लेकर दुर्गा चौक तक का सर्वे किया था। जिसका लोगों ने भारी विरोध किया था।
उत्तराखंड में शुरू होगी भारत की पहली हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस..
उत्तराखंड: भारत की पहली हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा (एचईएमएस) की शुरूआत उत्तराखंड से होने जा रही है। जो कि उत्तराखंड के ऋषिकेश में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से संचालित की जाएगी। ये सर्विस 150 किलोमीटर के दायरे में काम करेगी। भारत की पहली हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवा को उत्तराखंड से शुरू होने जा रही है। एम्स ऋषिकेश से इसे संचालित किया जाएगा। आपको बता दें कि एचईएमएस के माध्यम से सरकार का उद्देश्य हेलीकॉप्टरों का उपयोग करके देशभर में व्यापक आबादी तक चिकित्सा पहुंचाना और आघात देखभाल सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करना है।
उड्डयन मंत्री ने सीएम धामी को दिया आश्वासन..
सीएम पुष्कर धामी को उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड हवाई अड्डे के नए एकीकृत हवाई अड्डे के निर्माण का आश्वासन दिया है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि “एम्स ऋषिकेश से एचईएमएस के लिए अनुरोध चल रहा है, मेरी देखरेख में हेलीकॉप्टर असेंबली और प्रमाणन प्रगति पर है। आपको बता दें कि नई हेलीकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं 150 किलोमीटर के कवरेज दायरे के साथ प्रोजेक्ट ‘संजीवनी’ के तहत संचालित की जाएंगी। एचईएमएस के बारे में उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना हैं कि “परिचालन के बाद, हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश में तैनात किए जाएंगे, जो 150 किमी के दायरे को कवर करेगा। इससे दुर्घटना पीड़ितों और रोगियों को पहाड़ी इलाकों से एम्स तक समय पर परिवहन सुनिश्चित होगा।
हल्द्वानी हिंसा जमीन विवाद को लेकर हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई..
उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट में आज यानी 14 जनवरी को बनभूलपुरा में अवैध अतिक्रमण मामले की सुनवाई होगी। बता दें आठ फरवरी को बनभूलपुरा में जिला प्रशासन ने नजूल की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए अवैध मदरसे और धर्म स्थल को हटाया था। जिसके विरोध में दंगा भड़क गया था। आज सभी की निगाहें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है।
आपको बता दें आठ फरवरी की शाम अतिक्रमण हटाने का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुई भीड़ उपद्रव पर उतर आई थी। क्या बच्चे क्या और महिलाएं। सभी इस हिंसा में शामिल दिखे। उपद्रवी भीड़ ने बनभूलपुरा थाना घेर लिया था। आरोप है कि पेट्रोल बमों से थानों को आग लगा दी गई। जब थाने के अंदर फंसे पुलिसकर्मियों की जान खतरे में आई और दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हो गए तो प्रशासन की और से देखते ही उपद्रवियों को गोली चलाने के निर्देश दिए गए। बता दें हल्द्वानी हिंसा में अभी तक तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। उपद्रवियों ने 70 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। बनभूलपुरा इलाके में आज सातवें दिन भी कर्फ्यू जारी है।
ये है पूरा मामला..
दरअसल बनभूलपुरा इलाके में स्थित रेलवे की जमीन में अतिक्रमण कर बसी 50 हजार की आबादी वाली बस्ती को पिछले साल हाईकोर्ट ने खाली कराने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी। इसी दौरान ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। अभी तक सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है। इधर जनवरी 2024 में हल्द्वानी नगर निगम बनभूलपुरा की जमीन को नजूल की जमीन बताते हुए अतिक्रमण खाली करने के नोटिस जारी किया था।
30 जनवरी को जब नगर निगम की टीम जमीन को सील करने पहुंची तो उस समय भी भारी बवाल हुआ था। अवैध मदरसे और मस्जिद पर बुलडोजर चलने से पहले दूसरे पक्ष ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में नगर निगम की ओर से दावा किया गया कि जमीन से मस्जिद और मदरसे के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिकर्ताओं ने दावा किया था कि उनके पास इस जमीन की 1937 की लीज है। ये लीज अब्दुल मलिक के परिवार से मिली बताई गई।
याचिका में कहा गया था कि सरकार इस जमीन पर कब्जा नहीं ले सकती है। अवकाशकालीन न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता साफिया मलिक और अन्य को किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया था। नैनीताल हाईकोर्ट से दूसरे पक्ष को राहत नहीं मिलने पर नगर निगम ने आठ फरवरी को सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसे और मस्जिद को गिरा दिया था। इसके बाद वहां एकत्रित हुई भीड़ ने जमकर हिंसा की थी। इस मामले में अभी भी गिरफ्तारियां जारी है।
बसंत पंचमी के दिन से कुमाऊं में होता है बैठकी होली का आगाज..
उत्तराखंड: देशभर में बसंत पंचमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है। उत्तराखंड में इस त्यौहार की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। जहां एक ओर बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा की जाती है तो वहीं दूसरी ओर देवभूमि में इस त्यौहार पर प्रकृति का धन्यवाद किया जाता है और सुख समृद्धि की कामना की जाती है। उत्तराखंड के सभी त्यौहारों में भी प्रकृति प्रेम की भावना झलकती है। उत्तराखंड में बसंत पंचमी के त्यौहार को उत्तराखंड के लोक जीवन में जौ त्यार या जौ सग्यान के रूप में भी मनाया जाता है। इसके साथ ही इस दिन दान और स्नान का खासा महत्व होता है। पहाड़ों पर पवित्र नदियों में स्नान या प्राकृतिक जल श्रोतों पर स्नान किया जाता है।
पहाड़ों पर इस समय नई फसल जौ की फसल होती है। नई फसल होने के साथ जौ को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कुमाऊं में बसंत पंचमी के दिन लोग खेत में जाकर पूर्ण विधि-विधान यानि धूप, दीप, अक्षत-पिठ्यां के साथ जौ लेकर आते हैं। जिसके बाद उनकी पूजा की जाती है। इसके बाद इन्हें ईष्ट-देवता, कुल देवता सभी को चढ़ाया जाता है और भोग लगाया जाता है।
बच्चों से लेकर बड़े और बूढ़े सभी लोग स्नान करने के बाद पीले कपड़े पहनते हैं। इसके साथ ही एक पीली रूमाल को पुरूष सिर पर और महिलाएं हाथों पर बांधती हैं। जिसके बाद महिलाएं ‘जी रये, जागी रये…. शुभकामना के साथ घर के सबसे छोटे बच्चों के सिर में जौ के पौधें रखती हैं। जबकि घर की बेटी अपने से बड़ों के सिर में इस जौ के पौधे रखकर आशीर्वाद लेती है। इसके साथ ही इन जौ के पांच-पांच पौधों को लेकर घर के दरवाजों और खिड़कियों पर लगाया जाता है। इन्हें लगाते हुए घर की सुख और समृद्धि की कामना की जाती है।
कुमाऊं में होती है बैठकी होली की शुरूआत..
बसंत पंचमी को खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पहाड़ में शुभ काम किए जाते हैं। इसके साथ ही कुमाऊं में बैठकी होली की शुरूआत हो जाती है। वैसे तो पूस के रविवार से इसकी शुरूआत हो जाती है। लेकिन होली गायन की शुरूआत बसंत पंचमी के दिन से श्रृंगार रस की होली गाने से होती है। इसके बाद होली के पहले जिस दिन रंग पड़ता है उस दिन से पूरे कुमाऊं में रंगों की होली की शुरुआत होती है। जो छलड़ी के दिन तक चलती है।
हरिद्वार पहुंचे नितिन गडकरी, दी 4750 करोड़ परियोजनाओं की सौगात..
उत्तराखंड: परिवहन और राजमार्ग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी आज हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्हांने तीर्थनगरी में 4750 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 30 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से उत्तराखंड की सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
उनका कहना हैं कि हम सभी का सौभाग्य है कि गडकरी जैसे केंद्रीय मंत्री से प्रेरणा लेने का अवसर मिल रहा है। मानव सभ्यता में सड़क निर्माण महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्रीय मंत्री ने न केवल सड़कों से देश को जोड़ा कई संस्कृति और सभ्यता को भी जोड़ा है। विकास का नया अध्याय शुरू किया गया है। राज्य आध्यात्म की भूमि तो है ही अब विकास की भूमि के रूप में पहचान बनी है। चारधाम यात्रा में जहां कम यात्री आते थे, आज सड़कों के जाल बिछने से 56 लाख यात्री आए। ऑल वेदर रोड इसमें महत्वपूर्ण पहल है।
उत्तराखंड में प्रत्येक दिन चार किमी सड़क निर्माण हो रहा है। सीमांत क्षेत्रों में पूछा गया कि सड़कें क्यों नहीं बन रही तो बताया गया कि पूर्व की सरकारें डरती थीं कि दुशमन देश में आसानी से घुस जाएंगे। इस मिथक को तोड़ा गया। आज ऋषिकेश चीन की सीमा से सीधे जुड़ रहा है । तीन लाख पचास हजार करोड़ का निवेश हो रहा है। देश दुनिया के लोग आज उत्तराखंड से जुड़ रहे हैं। एचआरडीए की योजनाओं का भी लोकार्पण किया गया है। यह सौभाग्य का विषय है कि इन योजनाओं से देश दुनियां के लोगों को लाभ मिलेगा । उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रीमंडल में आज कुछ मांगने के लिए नहीं जाना पड़ता, खुद ही मिल रहा है। यह विकास की एक कड़ी है। जिससे हम सभी जुड़ रहे हैं।
आज घृत कमल से बाहर आएंगे बाबा जागनाथ..
उत्तराखंड: अल्मोड़ा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्द जागेश्वर धाम में आज एक महीने के बाद जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव घी की गुुफा (घृत कमल) से बाहर निकलेंगे और अपने भक्तों को दर्शन देंगे। बता दें कि हर साल एक महीने के लिए बाबा जागनाथ तपस्या करते हैं। एक महीने के बाद आज जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव घी की गुुफा जिसे घृत कमल कहा जाता है इस से बाह निकलकर अपने भक्तों को दर्शन देंगे। आपको बता दें कि हर साल भगवान जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव एक महीने के लिए साधना में लीन हो जाते हैं। परंपरा के मुताबिक बाबा जागनाथ एक महीने पहले 120 किलो से ज्यादा घी से तैयार गुफा में साधनालीन हो गए थे।
मकर संक्रांति पर्व पर सदियों से जुड़ी है अनूठी परंपरा..
आपको बता दें कि जागेश्वर ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिर में मकर संक्रांति पर्व पर सदियों से एक अनूठी परंपरा चली आ रही है। परंपरा के अनुसार हर साल भगवान शिव मकर संक्रांति पर्व पर एक महीने के लिए घी की गुफा में साधना में लीन हो जाते हैं। इस घी की गुफा को बाबा के भक्त ही तैयार करते हैं। गाय के दूध से बने शुद्ध घी से घृत कमल बनाया जाता है। जिसके बाद वेदमंत्रों के पाठ के साथ भगवान शिव को इसके भीतर विराजमान किया जाता है। एक महीने के बाद परंपरा के अनुसार बाबा जागनाथ को जागेश्वर धाम के पुजारी विधि-विधान से बाहर निकालते हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से 40 किलो मीटर की दूरी पर शिव का पावन धाम जागेश्वर मंदिर समूह बसा है। जहां पर साक्षात शिव विराजते हैं। ऐसा कहा जाता है कि दुनिया के सबसे पहले शिवलिंग की उत्पत्ति जागेश्वर में ही हुई थी और यहीं से शिवलिंग की पूजा और दर्शन करने का प्रचलन भी प्रारम्भ हुआ था।
आज हरिद्वार में दूधाधारी फ्लाई ओवर का उद्घाटन करेंगे नितिन गडकरी..
उत्तराखंड: परिवहन और राजमार्ग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तीर्थनगरी में 4750 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 30 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं लोकार्पण करने आज हरिद्वार पहुंच रहे हैं। भाजपा पदाधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पावन धाम के सामने स्थित मैदान में तैयारियों का जायजा लिया।
भाजपा नेता अनिरूद्ध भाटी का कहना हैं कि पावन धाम तिराहे से शांतिकुंज तक पिलर पर फ्लाई ओवर का निर्माण होने से दुर्गानगर, मुखिया गली, शिवनगर, मस्तराम गली, उत्तम बस्ती, सप्तसरोवर मार्ग को डूबने से बचाने का काम होगा। फ्लाई ओवर का निर्माण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। भाजयुमो मंडल अध्यक्ष अंकुश भाटिया और आकाश भाटी ने कहा कि नितिन गडकरी और सीएम पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में दूधाधारी फ्लाई ओवर के उद्घाटन समारोह को लेकर उत्तरी हरिद्वार में अपार उत्साह देखा जा रहा है।
बदलने वाला है मौसम का हाल, जानें अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम..
उत्तराखंड: प्रदेश में बीते कुछ दिनों से चटख धूप खिली हुई है। तेज धूप के कारण अब तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। कुछ इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी होने से ठंड की विदाई हो रही है। प्रदेश में सात साल में पहली बार फरवरी के महीने में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। चटख धूप से दून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में तापमान चढ़ने लगा है। रविवार को देहरादून का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। साल 2020 के बाद से प्रदेश में पहली बार 15 फरवरी से पहले ही तापमान 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। । मौसम वैज्ञानिकों का कहना है बदलते मौसम चक्र और जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह के बदलाव देखे जा रहे हैं। जिसके बाद माना जा रहा है कि ठंड की जल्द ही विदाई हो सकती है।
मंगलवार से बदलेगा मौसम का मिजाज..
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मंगलवार को मौसम एक बार फिर से करवट लेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। इसके साथ ही कहीं-कहीं पर चोटियों पर हल्के हिमपात की संभावना भी है। पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी से अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।
दिन में बढ़ रहा तापमान..
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह का कहना हैं कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ गई है। जिस कारण सतही स्तर पर हवा का रुख बदलने लगा है। मैदानी इलाकों में कोहरा छटने से दिन में पहाड़ से लेकर मैदान तक अच्छी धूप खिल रही है। बिक्रम सिंह का कहना है कि दिन में तापमान बढ़ने के साथ रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं।
