शिक्षण संस्थानों में खेलों का बनेगा संयुक्त कैलेंडर,पांच सदस्यीय कमेटी गठित..
उत्तराखंड: प्रदेश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने एवं शैक्षिक कार्य दिवस में वृद्धि के लिए शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग संयुक्त रूप से वार्षिक खेल कैलेंडर तैयार किया जायेगा। इसके लिए महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। समिति एक माह के भीतर वार्षिक खेल कैलेंडर का प्रारूप तैयार शासन को उपलब्ध कराएगी। शिक्षा मंत्री के शासकीय आवास पर हुई शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तीनों विभाग मिलकर खेलों का वार्षिक कैलेंडर तैयार करेंगे, जिसमें इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि खेल गतिविधियों में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में कोई व्यवधान न आए।
शिक्षा मंत्री का कहना है कि इच्छुक छात्र-छात्राएं खेल गतिविधियों में भी प्रतिभाग कर सकें। डॉ. रावत ने कहा कि वार्षिक संयुक्त खेल कैलेंडर तैयार करने के लिए महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में तीनों विभागों की एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिसमें निदेशक उच्च शिक्षा, निदेशक विद्यालयी शिक्षा, निदेशक खेल एवं युवा कल्याण को बतौर सदस्य नामित किया गया है। संयुक्त समिति वार्षिक खेल कैलेंडर का प्रारूप तैयार कर इसे शासन को उपलब्ध कराएगी। परीक्षण के बाद इसे राज्य में लागू कर दिया जाएगा। वर्तमान में तीनों विभागों का अलग-अलग खेल कैलेंडर लागू होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में व्यवधान पैदा होता है, जबकि एनईपी-2020 के प्रावधानों के तहत प्रत्येक छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 220 दिन होनी जरूरी है। तीनों विभागों का संयुक्त खेल कैलेंडर तैयार करना जरूरी हो गया है।
95 ब्लॉकों में बनेंगे खेल मैदान और मिनी स्टेडियम..
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 95 ब्लॉकों में खेल मैदान और मिनी स्टेडियम बनेंगे। इसके लिए धनराशि खेल एवं युवा कल्याण विभाग मुहैया कराएगा। भविष्य में स्टेडियम के रखरखाव एवं कई खेलों के कोच की व्यवस्था भी खेल विभाग की ओर से की जाएगी। खेल विभाग के अफसरों ने का कहना हैं कि अब तक राज्य में 27 मिनी स्टेडियम व खेल मैदान का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। बैठक में विभागीय मंत्री ने खेल विभाग को शिक्षा विभाग के आवासीय विद्यालय में भी कोच उपलब्ध करने के लिए कहा।
राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान, उत्तराखंड में इस दिन होगा मतदान..
उत्तराखंड: प्रदेश में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी का कार्यकाल खत्म होने के चलते रिक्त हुई एक राज्यसभा सीट के लिए मतदान 27 फरवरी को होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय आठ फरवरी को इसकी अधिसूचना जारी करेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. वी षणमुगम का कहना हैं कि 15 फरवरी तक राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन होगा। 16 फरवरी को स्क्रूटनी होगी। 20 फरवरी को नाम वापसी का अवसर मिलेगा। 27 फरवरी को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक विधानसभा में मतदान होगा। शाम पांच बजे से मतगणना होगी।
जानिए पीसीएस मुख्य परीक्षा का परिणाम कब जारी करेगा आयोग..
उत्तराखंड: पीसीएस मुख्य परीक्षा परिणाम का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। राज्य लोक सेवा आयोग फरवरी में परिणाम जारी करेगा, जिसकी तैयारी तेजी से चल रही है। रिजल्ट जारी होने के एक सप्ताह बाद सफल अभ्यर्थियों का अभिलेख सत्यापन होगा। फिर 15 दिन बाद साक्षात्कार कराया जाएगा। आयोग ने पीसीएस मुख्य परीक्षा पिछले साल 23 से 26 फरवरी के बीच कराई थी। तब से अभ्यर्थी लगातार इसके परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। तमाम अभ्यर्थियों ने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की। आयोग से बात की। शासन में भी मामला रखा। आयोग के सचिव जीएस रावत की ओर से जारी सूचना के अनुसार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन संबंधी काम होने के बाद अब स्क्रूटनी और रैंडम चेकिंग का काम किया जा रहा है। फरवरी के तीसरे सप्ताह से पहले आयोग इस परीक्षा का परिणाम जारी कर देगा। मुख्य परीक्षा परिणाम जारी होने के एक सप्ताह बाद सफल अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन का काम होगा। इसके 15 दिन बाद साक्षात्कार होंग। सभी अभ्यर्थियों को अपने दस्तावेज तैयार रखने को कहा गया है।
हरिद्वार से आज रवाना होगी आस्था स्पेशल ट्रेन, पहली बार में जाएंगे 1500 रामभक्त..
उत्तराखंड: अब देवभूमि उत्तराखंड के रामभक्तों को अयोध्या दर्शन कराने के लिए आस्था स्पेशल ट्रेन आज हरिद्वार से रवाना होगी। अयोध्या में राम जन्मभूमि के दर्शन के बाद 31 जनवरी की शाम को ट्रेन अयोध्या से वापस हरिद्वार के लिए चलेगी। ट्रेन में 1500 आरएसएस, विहिप व भाजपा कार्यकर्ताओं को अयोध्या दर्शन को ले जाया जाएगा।
इससे पूर्व 25 जनवरी को हरिद्वार से आस्था स्पेशल ट्रेन अयोध्या के लिए रवाना होनी थी। भक्तों की सीट बुक हो चुकी थी। लेकिन अयोध्या में भक्तों की संख्या बढ़ने के कारण ट्रेन को रद्द कर दिया गया था। अब ट्रेन का नया शेड्यूल तय किया गया है। 29 जनवरी को दोपहर साढ़े तीन बजे आस्था स्पेशल ट्रेन 1500 रामभक्तों को अयोध्या लेकर जाएगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख संजय कुमार का कहना हैं कि आस्था स्पेशल ट्रेन में जाने के लिए देहरादून से बड़ी संख्या कार्यकर्ता जाएंगे। 29 को रवाना होकर 30 की सुबह 10 बजे ट्रेन अयोध्या पहुंचेेगी। 30 व 31 जनवरी को अयोध्या में दर्शन करने के बाद 31 की शाम को पांच बजे रामभक्त हरिद्वार के लिए वापस चलेंगे। आरएसएस के प्रांत मीडिया संवाद प्रमुख बलदेव पाराशर ने कहा कि सभी सीटों को लेकर बुकिंग हो चुकी है। ट्रेन में सभी के लिए समान सीटों की व्यवस्था है। किसी रामभक्त में कोई अंतर नहीं किया गया है।
अब शासन करेगा दरोगाओं के भविष्य का फैसला, विजिलेंस ने सौंपी जांच रिपोर्ट..
उत्तराखंड: दरोगा भर्ती धांधली में विजिलेंस ने जांच पूरी कर शासन को सौंप दी है। विजिलेंस को कई दरोगाओं के खिलाफ पैसे देकर भर्ती होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं, जबकि कई दरोगाओं पर आरोप साबित हुए हैं। 20 दरोगा पिछले साल जनवरी से सस्पेंड चल रहे हैं। अब इन दरोगाओं के भविष्य का फैसला शासन में ही किया जाना है। बताया जा रहा है कि जल्द सतर्कता समिति की बैठक में इन दरोगाओं के खिलाफ मुकदमे या अन्य कार्रवाई पर फैसला किया जाना है।
आपको बता दे कि मई 2022 में एसटीएफ ने यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा धांधली की जांच शुरू की थी। इस जांच में कई आरोपियों और नकल माफिया को गिरफ्तार भी किया गया। इस बीच पहले कुछ और भर्तियों में धांधली की बात सामने आई। पता चला कि 2015 में हुई दरोगा सीधी भर्ती परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई थी। यह परीक्षा पंत नगर विवि ने आयोजित कराई थी। पुलिस मुख्यालय की संस्तुति के बाद इस मामले को विजिलेंस को सौंपा गया था। विजिलेंस ने आठ अक्तूबर 2022 को नकल माफिया समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ हल्द्वानी सेक्टर में मुकदमा दर्ज किया था।
तब से इस मामले की जांच चल रही थी। शक के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने जनवरी 2023 में 20 दरोगाओं को निलंबित कर दिया था। इस पूरे मामले में दरोगाओं और उनके परिजनों की संपत्तियों की जांच भी की गई। इसमें पता चला कि कुछ दरोगा ऐसे थे, जिन्होंने अपने परिवार की संपत्तियां गिरवी रखकर माफिया को पैसे दिए थे। उस वक्त तक ये सब आरोप थे। बताया जा रहा है कि विजिलेंस को इनमें से कुछ दरोगाओं के खिलाफ ऐसे साक्ष्य मिल भी चुके हैं, लेकिन कई दरोगा ऐसे भी हैं जिनका इस मामले में बेवजह नाम घसीटा गया। वह अपने स्तर से परीक्षा में पास हुए थे। अब विजिलेंस ने पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
33 प्रतिशत दरोगा बताए गए थे नाकाबिल
जांच की शुरूआत में शक जताया गया था कि कुल भर्ती दरोगाओं में से कम से कम 33 फीसदी दरोगा नाकाबिल हैं। इनमें से ज्यादातर को अपनी केस डायरी तक लिखना नहीं आता है। इन सब कामों के लिए भी वह दूसरों का सहारा लेते हैं। बता दें कि 2015 में कुल 339 दरोगा सीधी भर्ती के माध्यम से भर्ती हुए थे।
उत्तराखंड लोकसेवा आयोग ने जेल बन्दीरक्षक परीक्षा को लेकर जारी किया अपडेट..
उत्तराखंड: युवाओं के लिए आयोग ने जेल बन्दीरक्षक परीक्षा-2022 को लेकर अपडेट जारी किया है। आयोग ने इस भर्ती के लिए अभिलेख सत्यापन में रिजेक्ट हुए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। अभ्यार्थी आयोग की वेबसाइट पर सूची देख सकते है। बता दे कि जेल बन्दीरक्षक परीक्षा-2022 के सापेक्ष अभिलेख सत्यापन कार्यक्रम दिनांक 28.11.2023 से 30.11.2023 में सम्मिलित अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों/प्रमाण पत्रों की सन्निरीक्षा की गयी। बताया जा रहा है कि उक्त सन्निरीक्षा टीप में अनर्ह घोषित अभ्यर्थियों की सूची आयोग की वेबसाइट http://psc.uk.gov.inपर प्रकाशित की गयी है। बताया जा रहा है कि उत्तराखण्ड कारागार विभाग में जेल बंदीरक्षक के 238 पदों पर भर्ती के लिए पुरुष व महिला उम्मीदवारों के लिए भर्ती निकाली गई थी। कुल रिक्तियों की संख्या में से 113 सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 12 सामान्य वर्ग की महिला उम्मीदवारों के लिए थी।
अब अरबी मदरसों में श्रीराम को पढ़ेंगे छात्र..
यहां पहली बार दरगाह कार्यालय किया गया ध्वजारोहण..
उत्तराखंड: अरबी मदरसों में अब श्री राम के किरदार की जानकारी छात्रों को दी जाएगी। हिंदी इंग्लिश के साथ-साथ छात्र संस्कृत की पढ़ाई भी कर सकेंगे। साथ ही मॉडर्न मदरसों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। यह सभी बातें उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कलियर में ध्वजारोहण के दौरान कही। बता दे कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दिवेश शाशनी और सीईओ सैय्यद सिराज उस्मान ने दरगाह साबिर पाक कार्यालय पर ध्वजारोहण किया। इस दौरान वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा की गणतंत्र दिवस पर पहली बार दरगाह कार्यालय पर ध्वजारोहण किया गया है।
मॉडर्न मदरसों में एनसीआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा..
अब यहां स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर हमेशा झंडा फहराया जाता रहेगा। उनका कहना हैं कि सूफी संतो की दरगाहों से मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम और आपसी भाईचारे का संदेश दिया जाता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड के अरबी मदरसों में भी श्रीराम के बारे में पढ़ाया जाएगा। श्री राम के चरित्र के बारे में सभी को जानकारी होनी चाहिए। कहा कि नबियों और पैगंबरों के बारे में जानकारी के साथ-साथ श्री राम के किरदार को छात्र नजदीकी से जानेंगे।
अरबी मदरसों के छात्रों को उर्दू, अरबी, हिंदी, इंग्लिश की पढ़ाई के साथ संस्कृत भी पढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि श्री राम का किरदार नबियों वाला है। ऐसे बड़े किरदार को समझने के लिए उन्हें पढ़ना चाहिए। मॉडर्न मदरसों में एनसीआरटी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। उत्तराखंड के सभी मदरसों को हाईटेक बनाया जा रहा है। कहा कि इस राष्ट्र को मजबूत बनाना है। देश को खुशहाल बनाना है। जो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।
पेट में गोली लगने के बाद भी घायल अफसर ने फहराया तिरंगा..
उत्तराखंड: गणतंत्र दिवस पर राजधानी देहरादून में सुरक्षाकर्मी की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। सुरक्षाकर्मी ने ध्वजारोहण के समय गोली चला दी। गोली के छर्रे सीधे शुगर मिल के अधिशासी निदेशक वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी दिनेश प्रताप सिंह को जा लगी। जिससे शुगर मिल के अधिशासी निदेशक घायल हो गए। लेकिन घटना होने के बावजूद भी उन्होंने ध्वजारोहण किया। साथ ही राष्ट्रगान के पश्चात संविधान की शपथ भी दिलाई। इसके बाद अधिक खून बहने व दर्द बढ़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। जहां डॉक्टर ने उनका उपचार किया है। लेकिन अधिकारी के देश प्रेम के जज्बे को देखकर हर कोई हैरान रह गया।
सुरक्षा कर्मचारी को किया गया निलंबित..
पेट में लगे गोली के छर्रे को निकलवाने के बाद उन्होंने पूरे मामले को लेकर मिल प्रशासन टीम की बैठक बुलाई और सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। जिसमें सुरक्षा कर्मी की लापरवाही सामने आई। जिसके बाद कर्मचारी को निलंबित कर दिया है और आरोपी के खिलाफ एक जांच बैठा दी गई है। आपको बता दे कि शुगर मिल में पहले से ही ध्वजारोहण के बाद हर्ष फायरिंग की परंपरा चली आ रही है। इसी के चलते कर्मचारी ने हर्ष फायरिंग की थी। अधिशासी निदेशक का कहना हैं कि इस परंपरा को आगे से खत्म किया जाएगा। ताकि आगे से कोई हादसा ना हो सके।
प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम का हाल..
उत्तराखंड: प्रदेश में ठंड का सितम जारी है। गुरुवार को मैदानी इलाकों में सुबह की शुरुआत कोहरे के साथ हुई। लेकिन सुबह और शाम के समय कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। जिस वजह से लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। जनवरी में अब तक ऊंचाई वाले इलाकों में एक-दो दिन छोड़कर विंटर बारिश नहीं हुई है। जिसके चलते मैदानी इलाकों में कोहरे का प्रकोप बढ़ गया है। कोहरे की वजह से मैदानी इलाकों में पहाड़ों के मुकाबले अधिक ठंड पड़ रही है। हालांकि मौसम विभाग ने 28 जनवरी के बाद मौसम में बदलाव की आशंका जताई है।
28 जनवरी के बाद बारिश के आसार..
मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह का कहना हैं कि 25 जनवरी के बाद कोहरे से राहत मिलने के आसार हैं। अगले कुछ दिनों में प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। जिसके बाद 28 जनवरी के बाद मौसम में बदलाव होने से बारिश की संभावना है। बारिश होने के बाद ही सूखी और गलन वाली ठंड से राहत मिलेगी। वहीं 25 जनवरी के लिए मौसम विभाग ने उधमसिंह नगर और हरिद्वार में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।
बुधवार को ऐसा था मौसम का हाल..
बुधवार को देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 22.1 और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि पंतनगर का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 16.6 और न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री अधिक 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। वहीं मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 11.4 और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम माइनस 0.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
सीएम धामी ने प्रवासियों उत्तराखंडियों से की अपील, साल में एक बार जरूर आएं उत्तराखंड..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मुंबई कौथिग सीजन 15 में प्रवासी उत्तराखंडियों से साल में एक बार मातृभूमि आने की अपील की। उनका कहना हैं कि खुद को तथा अपने बच्चों को अपने गांव से, अपने मूल निवास से जोड़े रखिए। अपने ग्राम देवता, अपने कुल देवी-देवता से जोड़े रखिए। उन्होंने वहां मौजूद मुंबई वासियों से कहा कि वे सभी उत्तराखंड अवश्य आएं और प्रदेश की विशेषताओं का आनंद लें।
सीएम का कहना हैं कि मुंबई में देवभूमि स्पोर्ट्स फाउंडेशन जैसी संस्थाएं न केवल अपने सामाजिक दायित्व को पूरा कर रही हैं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश में जो सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महाअभियान चल रहा है, उसमें उत्तराखंड भी योगदान दे रहा है। उत्तराखंड में अब हम जल्द समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। हमने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, परन्तु राज्य के संर्वागीण विकास का लक्ष्य अभी भी दूर है। इसको प्राप्त करने के लिए हम सबको मिलकर कार्य करना है
