जानिए आखिर क्यू मनसा देवी मंदिर में रोपवे के बाद भी पैदल दर्शन कर रहे श्रद्धालु..
उत्तराखंड: मनसा देवी मंदिर तक जाने वाले रोपवे का संचालन बंद हो गया है। जिस वजह से मंदिर आने वाले श्रद्धालु पैदल ही मंदिर तक पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। बता दें रोपवे का संचालन कर रही कंपनी के अनुबंध की समय सीमा खत्म हो गई है। नए साल के पहले दिन ही मनसा देवी की यात्रा करने वाले रोपवे का संचालन बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार रोपवे का संचालन करने वाली उषा ब्रेको कंपनी के महाप्रबंधक मनोज डोभाल का कहना है कि समय बढ़ाने का निर्णय प्रदेश सरकार को करना है। सरकार की ओर से समय बढ़ाया गया तो तभी संचालन शुरू हो पाएगा।
आपको बता दें मनसा देवी मंदिर पर चलने वाले रोपवे की लीज मई 2021 में समाप्त हो गई थी। लेकिन सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए रोपवे का संचालन 31 दिसंबर 2023 तक बढ़ा दिया गया था। जो अब रविवार को समाप्त हो गया है। नए साल के मौके पर मनसा देवी मंदिर पर रोपवे से जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बच्चों, दिव्यांगों और बुजुर्ग रोपवे का अधिक इस्तेमाल करते थे। जानकारी के अनुसार मनसा देवी मंदिर के लिए चलने वाले रोपवे से रोजाना कम से कम दो हजार से लेकर सीजन में आठ हजार तक यात्री आते हैं।
बता दें कि IIT रुड़की की ओर से रोपवे की जांच पड़ताल की गई थी। रोपवे काफी पुराना होने पर इसका संचालन बंद करने की रिपोर्ट सौंपी थी। विशेषज्ञों का कहना था कि रोपवे के संचालन से नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार की ओर से लोगों की जान जोखिम में डालकर रोपवे संचालन का समय बढ़ा दिया गया था।
राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड का मान बढ़ाएंगे प्रवासी खिलाड़ी..
उत्तराखंड: प्रदेश में पहली बार नए साल 2024 में राष्ट्रीय खेल होने जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन खेलों में राज्य को पदक तालिका में सर्वश्रेष्ठ 10 राज्यों में शामिल करने के लिए दूसरे राज्यों से खेल रहे कई खिलाड़ी अपने राज्य उत्तराखंड लौटने को तैयार हैं। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह के मुताबिक संघ की ओर से सभी खेल एसोसिएशनों को पत्र लिखकर कहा गया है कि 15 दिन के भीतर राज्य के अन्य राज्यों से खेल रहे खिलाड़ियों से संपर्क किया जाए। कुछ खिलाड़ी इस पर अपनी सहमति दे चुके हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने खेल विभाग को अगले साल होने जा रहे राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को टॉप 10 राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य दिया है। जिसके बाद खेल विभाग और खेल एसोसिएशनों की ओर से इसके लिए कसरत शुरू कर दी गई है।
राज्य से पलायन करने के बाद अन्य राज्यों से खेल रहे उत्तराखंड के खिलाड़ियों को राज्य से खेलने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह के अनुसार इसकी अच्छी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। अन्य राज्यों से खेल रहे राज्य के कुछ खिलाड़ी अपने राज्य उत्तराखंड लौटने को तैयार हैं। बॉक्सिंग में सर्विसेज से खेल रहे मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले पवन बड़थ्वाल और कपिल पोखरिया उत्तराखंड से खेलने के लिए सहमति दे चुके हैं।
खिलाड़ियों ने दी अपनी सहमति
गोवा से खेल रहे बॉक्सिंग खिलाड़ी हिमांशु नेगी, बीएसएफ से खेल रहे जूडो खिलाड़ी शुभम और सीआरपीएफ से वॉलीबाल खेल रहीं सीखा, एथलीट अंकिता ध्यानी भी इस साल होने वाले राष्ट्रीय खेलों में अपने राज्य से खेलने को तैयार हैं। कुछ अन्य खेल एसोसिएशनों को भी राज्य के खिलाड़ियों से इस संबंध में बात हुई है। इस पर खिलाड़ियों ने अपनी सहमति दी है। राज्य के होने के बावजूद राज्य के बाहर से खेल रहे खिलाड़ियों की सहमति के बाद इनकी सूची तैयार कर राष्ट्रीय खेलों से पहले इनके लिए प्रशिक्षण कैंप लगाए जाएंगे।
राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा से जुड़ा है सवाल
खेल विभाग के अधिकारियों एवं खेल एसोसिएशनों का कहना है कि पहले खिलाड़ियों के लिए राज्य में बेहतर सुविधाएं नहीं थीं, यही वजह है कि कई खिलाड़ी पलायन कर गए। लेकिन अब तमाम तरह की सुविधाएं हैं। राष्ट्रीय खेलों में पदक लाने वाले खिलाड़ियों के लिए सीधे सरकारी नौकरी तक की व्यवस्था है। राष्ट्रीय खेलों में राज्य के लिए पदक दिलाना राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा से जुड़ा सवाल है।
लक्ष्य, बोधित और चिराग भी उत्तराखंड से खेलेंगे
राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता लक्ष्य सेन मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के निवासी हैं। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह के अनुसार लक्ष्य सेन ने उत्तराखंड से खेलने पर सहमति जताई है। इसके अलावा रेलवे से खेलने वाले बोधित जोशी व अल्मोड़ा निवासी चिराग सेन भी उत्तराखंड से खेलेंगे। पदक तालिका में राज्य को टॉप 10 में शामिल करने के लिए खेल विभाग खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा देने के लिए तैयार है। खेल मैदान, खेल प्रशिक्षक एवं अन्य सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
देहरादून में मिले दो कोरोना संक्रमित मरीज..
उत्तराखंड: सीजनल इंफ्लुएंजा के साथ देहरादून में कोविड का खतरा भी बढ़ने लगा है। लगातार दूसरे दिन कोविड का एक और मरीज मिला है। नए मरीज को दून अस्पताल में भर्ती किया गया है। इससे पहले शनिवार को मैक्स अस्पताल में एक मरीज मिला था। कोविड पॉजिटिव दोनों मरीजों की उम्र 70 पार है। वहीं, आठ साल के एक बच्चे को सीजनल इंफ्लुएंजा हो गया है। चिकित्सकों का कहना हैं कि कोविड और सीजनल इंफ्लुएंजा के लक्षण एक जैसे हैं।
दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि शनिवार शाम कोविड पॉजिटिव 72 वर्षीय महिला दून अस्पताल आई थीं। उन्हें निजी अस्पताल में कोविड संक्रमित पाए जाने पर रेफर किया गया था। महिला को थायराइड और हाइपरटेंशन की समस्या भी है। महिला की हालत गंभीर नहीं है इसलिए जनरल आइसोलेशन में इलाज दिया जा रहा है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत का कहना हैं कि शनिवार को इंफ्लुएंजा के पांच संदिग्ध मरीजों की जांच हुई थी। इसमें एक आठ साल के बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसकी रिपोर्ट श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल की ओर से दी गई है। हालांकि, बच्चा अस्पताल में भर्ती नहीं है।
मरीजों की होगी जीनोम सीक्वेंसिंग..
सर्दियों में लोग सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और सांस की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। जिले में पिछले दो दिन में दो कोविड मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। वहीं, इंफ्लुएंजा के मरीज भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीएस रावत ने कहा कि कोविड के दोनों मरीजों की रिपोर्ट पोर्टल पर एक दिन बाद जारी हो रही है। मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग भी करवाई जाएगी। ऐसे में कोविड का वेरिएंट पता चल जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि स्वाइन फ्लू वायरस अब सीजनल इंफ्लुएंजा यानी मौसमी जुकाम-बुखार के रूप में संचारित हो रहा है। यह साधारण उपचार से ठीक हो जाता है।
आज 9500 राशन विक्रेता हड़ताल पर..
मुफ्त बांटे जाने वाले राशन का लाभांश और मानदेय न मिलने से नाराज..
उत्तराखंड: प्रदेश के 9500 राशन व्रिकेता आज से हड़ताल पर रहेंगे। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी का कहना हैं कि राशन विक्रेता मुफ्त बांटे जाने वाले राशन का लाभांश और मानदेय न मिलने से नाराज हैं। राष्ट्रीय संगठन के कहने पर यह निर्णय लिया गया है।फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार राज्य के राशन विक्रेता पिछले कई साल से मानदेय की मांग कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार इसकी अनदेखी कर रही है। राशन विक्रेताओं को कोरोना काल के दौरान बांटे गए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भी लंबित भुगतान नहीं हुआ। जबकि एक्ट में व्यवस्था है राशन विक्रेताओं को नियमित रूप से इसका लाभांश मिलना चाहिए।
राशन विक्रेताओं को समय पर राशन ढुलान का भी भुगतान नहीं मिलता। खासकर पहाड़ में कई ऐसे राशन विक्रेता हैं, जिन्हें इतना लाभांश नहीं मिलता जितना ढ़ुलान में खर्च हो जाता है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, हालांकि सरकार की ओर से हड़ताल पर रोक लगाई गई है, लेकिन राशन विक्रेता फिलहाल हड़ताल पर रहेंगे।
नए साल पर राज्य कर्मचारियों को मिल सकती है चार फीसदी डीए की सौगात…
उत्तराखंड: राज्य कर्मचारियों को न्यू ईयर पर चार फीसदी महंगाई भत्ते की सौगात मिल सकती है। डीए की फाइल सीएम के पास अनुमोदन के लिए गई है। माना जा रहा है कि सीएम धामी राजधानी पहुंचने के बाद फाइल पर अनुमोदन मिल जाएगा। इस बीच राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने भी सीएम से चार फीसदी महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने का अनुरोध किया है।
आपको बता दें कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने डीए के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है। वित्त विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। अब मुख्यमंत्री को निर्णय लेना है। सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री से प्रस्ताव पर पहले ही अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। माना जा रहा है कि सीएम के अनुमोदन के साथ ही सरकार डीए का आदेश जारी कर देगी। सोमवार को महंगाई भत्ते की किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है। कर्मचारी हित में सरकार ने पदोन्नति में शिथिलीकरण का लाभ का आदेश शुक्रवार को जारी कर दिया है।
अब सभी कर्मचारियों की निगाहें चार फीसदी डीए पर लगी है। उत्तराखंड संयुक्त कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के प्रांतीय प्रवक्ता आरपी जोशी ने मुख्यमंत्री से चार फीसदी महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी करने और10,16,26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत वेतनमान लागू करने का शासनादेश भी जारी करने का अनुरोध किया है।
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने दिया उत्तराखंड आंदोलनकारी को समर्थन..
उत्तराखंड: शहीद स्मारक देहरादून में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सयुंक्त मंच के तत्वावधान में राज्य आंदोलनकारियों को राजकीय सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण बहाल करने व चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने की माँग को लेकर आंदोलन आज चौथे दिवस भी जारी रहा। आंदोलन को समर्थन देने के लिए राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवप्रसाद सेमवाल के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने क्षैतिज आरक्षण बहाल करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और देर तक धरने पर डटे रहे। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि आंदोलनकारियों की आवाज पर राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी रात के बारह बजे भी खड़ी मिलेगी। उनके हर संघर्ष में हम साथ हैं। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पंत और सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष बीपी नौटियाल ने भी हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया।
आंदोलन को समर्थन देने हेतु पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हीरा सिंह बिष्ट पहुँचे। हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री को विज्ञापन बाजी नहीं बल्कि गम्भीरता से काम करना चाहिए और तत्काल सदन का विशेष सत्र आहूत करना चाहियें और राज्य आंदोलनकारियों का क्षैतिज आरक्षण बहाल करना चाहिए। सयुंक्त मंच के संयोजक क्रांति कुकरेती ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि उत्तराखंड की एक बेटी ने सरकारी झूठ से त्रस्त होकर 1 जनवरी को अपना जीवन समाप्त करने की चेतावनी दी है, इसलिए प्रदेश भर के आंदोलनकारियों से आग्रह है कि 31 दिसम्बर (रविवाऱ) को अपने जिला अथवा तहसील मुख्यालय में इकत्रित हो कर शंखनाद् ,घण्टे घड़ियाल बजाकर इस अन्धी-बहरी सरकार को जगाने के लिए एकजुट हो जाये।
देश में 24 घंटे में मिले कोरोना के 797 मामले, JN.1 का बढ़ रहा खतरा..
देश-विदेश: देश में नए वैरिएंट JN.1 का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कोरोना के बढ़ते मामले भी लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के कुल 797 नए मामले मिले हैं। बता दें कि यह बीते करीब साल महिने में एक दिन में मिले मरीजों का सबसे बड़ा आकंड़ा है। इसके साथ ही देश में कोरोना से पांच लोगों की मौत हुई है। वहीं देश में कोरना के एक्टिव मामले बढ़कर 4091 हो गए हैं।
नया वैरिएंट JN.1 का खतरा..
देश में कोरोना का नया वैरिएंट JN.1 का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। देश में गुरुवार तक जेएन.1 से संक्रमित मरीजों की संक्या 145 तक पहुंच गई है। जेएन.1 के मरीजों का यह आंकड़ा 21 नवंबर से लेकर 18 दिसंबर के बीच का है। इससे पहले देश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट देखी गई, उसके बाद से देश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट देखी गई, लेकिन 5 दिसंबर के बाद से फिर कोरोना के मामले बढ़ने शुरु हो गए और अब फिर यह चिंताजनक रुप से रफ्तार पकड़ता दिख रहा है।
PM ग्राम सड़क योजना के तहत पांच सड़कों के अपग्रेडेशन कार्य का शुभारंभ..
उत्तराखंड: पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत ने बौंसाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत कल्जीखाल विकासखण्ड की लगभग 6495 लाख की लागत से पांच सड़कों का अपग्रेडेशन कार्य का शुभारम्भ किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत बौंसाल-कल्जीखाल 34 किमी लगत 2636 लाख, पीपलाबैण्ड-मलाऊ मोटर मार्ग 18 किमी 1493 लाख, कल्जीखाल नलाई 14 किमी लगत 1109 लाख, बनेख-थनुल मोटरमार्ग 12 किमी लगत 889 लाख और पैडुलपुल से जाखखाली 5 किमी मोटरमार्ग का अपग्रेडेशन 368 लाख की लागत से की जाएगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अपग्रेडेशन कार्य का शुभारंभ करते हुए सांसद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में यह सबसे लंबी सड़क है जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सम्मिलित की गई है। इस विकासखण्ड में एक साथ पांच सड़के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल की गई हैं जो इस क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। क्षेत्रीय विधायक राजकुमार पोरी का कहना हैं कि बौंसाल-कल्जीखाल पौड़ी मोटरमार्ग इस जनपद की लाइफ लाईन है। कोटद्वार पाटीसैण पौड़ी मोटरमार्ग में व्यवधान होने पर यह मोटरमार्ग वैकल्पिक मोटरमार्ग भी है। इन मार्गों का उच्चीकरण होने से विकासखण्ड के 86 से भी अधिक गांवों के लोगों को सुविधा मिलेगी।
ईओआइ के तहत अब उत्तराखंड में निजी जमीनों पर भी बना सकते हैं हेलीपैड और हेलीपोर्ट..
उत्तराखंड: प्रदेश में हवाई सेवाओं को बेहतर करने के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में शासन ने जहां राज्य में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए उत्तराखंड हेलीपैड व हेलीपोर्ट नीति को मंजूरी दी तो वहीं अब उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) निजी क्षेत्र से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआइ) आमंत्रित करने जा रहा है। जिसके तहत निजि भूमि पर लोग हेलीपैड बनवा सकते है। इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।
आपको बता दे कि राज्य सरकार के अनुसार पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही आपातकाल की स्थिति में चिकित्सा और रेस्क्यू का काम आसानी से किए जाने के लिए हेलीपैड बनाने के लिए यह नीति बनाई है. इसके तहत हेलीपैड बनाने के लिए अब निजी जमीन को लीज पर दे सकते हैं या फिर खुद अपना बना सकते हैं। बताया जा रहा है कि निजी जमीन पर खुद से हेलीपैड बनाने पर सरकार उन्हें 50% की सब्सिडी देगी। अब इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ये हेलीपैड कहां बनने हैं, इसके लिए जल्द ही इसके तहत यूकाडा बताएगा कि किन क्षेत्रों में हेलीपैड बनाने की जरूरत है। यूकाडा जगह तय कर आवेदन आमंत्रित करेगा।इसके लिए इच्छुक व्यक्तियों स्वयं अथवा सरकार के सहयोग से हेलीपैड बनाने के आवेदन दे सकेंगे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में अधिकांश जगहों पर हेलीपैड की व्यवस्था नहीं है. जिससे कई बार वीआईपी लोगों के आने या फिर किसी बड़ी घटना के हो जाने पर हेलीपैड बनाने में बड़ा वक्त गुजर जाता है। अब इसको लेकर उत्तराखंड सरकार ने फैसला किया था कि निजी लोग भी अपनी जमीनों पर हेलीपैड बना सकते हैं। इसके साथ ही यह व्यवस्था भी की गई है कि यदि कोई स्वयं हेलीपैड अथवा हेलीपोर्ट बनाने में सक्षम नहीं है तो वह सरकार को यह भूमि 15 वर्ष की लीज पर दे सकता है। इसके लिए उसे वार्षिक शुल्क के साथ ही इससे होने वाले लाभ का एक हिस्सा भी दिया जाएगा। ऐसे में अगले माह स्थानों की सूची जारी कर ईओआई आमंत्रित किए जाएंगे।
उत्तराखंड में नए साल का आगाज होगा कड़ाके की ठंड के साथ..
उत्तराखंड: नए साल पर उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग ने 30-31 दिसंबर और एक जनवरी को पांच पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया गया है। जबकि प्रदेश के मैदानी इलाकों में कोहरा छाए रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के कार्यवाहक निदेशक डॉ. रोहित थपलियाल का कहना है कि उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर 30 दिसंबर से दिखाई देगा। जिसकी वजह से 31 और एक जनवरी तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेग। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। इसके साथ ही इन जिलों के तीन हजार मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। जहां एक ओर पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मैदानी इलाकों में कोहरा छाया रहने की संभावना जताई गई है। रिद्वार और यूएसनगर जनपदों में सुबह-शाम कोहरा छाया रहेगा। तीन दिनों तक दोनों जिलों में ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी।
