35 साल से लगातार जीतते आ रहे भाजपा नेता डॉ. प्रेम कुमार, अब बने विधानसभा अध्यक्ष
पटना। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और लगातार नौ बार विधायक चुने गए डॉ. प्रेम कुमार को बिहार की 18वीं विधानसभा का नया अध्यक्ष निर्विरोध चुना गया। सोमवार को प्रोटेम स्पीकर के समक्ष विधायक पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण किया। पहले से ही यह स्पष्ट था कि इस पद को लेकर एनडीए की सहयोगी पार्टियों—जेडीयू और भाजपा—के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है।
नई जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि एनडीए नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसके लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा और सदन की मर्यादा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रहेगी। लगातार नौवीं बार गया टाउन सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रेम कुमार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति भी धन्यवाद व्यक्त किया।
प्रेम कुमार का राजनीतिक और व्यक्तिगत परिचय
गया शहर के नई सड़क इलाके में उनका आवास है। चंद्रवंशी समुदाय के कहार जाति से आने वाले प्रेम कुमार का राजनीतिक सफर बिहार की सबसे स्थिर पहचान में से एक माना जाता है। परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों बच्चे शादीशुदा हैं। उनका बेटा भारतीय जनता युवा मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
अपने सरल स्वभाव और जनता से निरंतर संपर्क बनाए रखने की वजह से ही वह 1990 से अब तक एक बार भी चुनाव नहीं हारे हैं।
गया टाउन का राजनीतिक इतिहास और प्रेम कुमार का वर्चस्व
गया टाउन विधानसभा क्षेत्र कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन 1990 में पहली बार इस समीकरण को डॉ. प्रेम कुमार ने बदल दिया। बिहार की राजनीति में उस समय भाजपा अपने विस्तार की कोशिश कर रही थी और गया टाउन सीट पर मिली जीत पार्टी के लिए अहम साबित हुई।
इसके बाद से पिछले 35 वर्षों में न तो पार्टी ने अपना प्रत्याशी बदला और न ही जनता ने अपने प्रतिनिधि को।
सीपीआई, कांग्रेस और अन्य दलों ने कई बार उम्मीदवार बदले, लेकिन प्रेम कुमार की बढ़त हर चुनाव के साथ और मजबूत होती चली गई। 2015 से अब तक कांग्रेस लगातार प्रत्याशी दे रही है, लेकिन जीत का अंतर ही सिर्फ बढ़ा है—विधायक वही बने रहे।
हिना और कनिका की हैट्रिक
नामीबिया को हराकर भारत ने ग्रुप में किया टॉप
नई दिल्ली। जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में भारत ने अपने अभियान की धमाकेदार शुरुआत करते हुए नामीबिया को 13-0 से मात देकर टूर्नामेंट में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। भारतीय टीम की ओर से हिना बानो और कनिका सिवाच ने हैट्रिक दर्ज कर शानदार लय का प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ भारत ने अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है।
हिना (35′, 35′, 45′) और कनिका (12′, 30′, 45′) ने तीन-तीन गोल कर टीम के आक्रमण को धार दी। वहीं साक्षी राणा (10′, 23′) ने दो गोल किए। बिनीमा धन (14′), सोनम (14′), साक्षी शुक्ला (27′), इशिका (36′) और मनिशा (60′) ने भी एक-एक गोल कर स्कोरबोर्ड को लगातार आगे बढ़ाया।
पहला क्वार्टर: शुरुआती 15 मिनट में 4 गोल
मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। पहले ही क्वार्टर में चार गोल कर भारत ने नामीबिया को बैकफुट पर धकेल दिया।
साक्षी ने रिवर्स फ्लिक से पहला गोल किया
कनिका ने दूसरा गोल दागा
बिनीमा ने तेज आक्रमण के साथ तीसरा गोल किया
सोनम ने चौथा गोल कर 4-0 की बढ़त पक्की कर दी
दूसरा क्वार्टर: बढ़त हुई दुगुनी
दूसरे क्वार्टर में भी भारत का दबदबा जारी रहा।
साक्षी ने शानदार दौड़ के बाद अपना दूसरा गोल दागा
पेनल्टी कॉर्नर पर एक और गोल जुड़ा
हाफ टाइम से पहले कनिका ने अपना दूसरा गोल कर भारत को 7-0 तक पहुंचाया
तीसरा क्वार्टर: दो हैट्रिक और दसवां गोल
तीसरे क्वार्टर में भारत का आक्रमण और तेज हुआ।
हिना ने लगातार दो गोल कर हैट्रिक की ओर कदम बढ़ाए
इशिका ने रिबाउंड पर टीम का दसवां गोल किया
हिना ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की
कनिका ने भी पेनल्टी कॉर्नर पर अपनी हैट्रिक पूरी कर दी
भारत की बढ़त इस समय तक 12-0 हो चुकी थी।
चौथा क्वार्टर: अंतिम क्षणों में 13वां गोल
अंतिम क्वार्टर में भारत ने बेंच खिलाड़ियों को मौका दिया, लेकिन आक्रमण की गति कम नहीं हुई।
मनिशा ने पेनल्टी कॉर्नर पर अंतिम गोल कर भारत की धमाकेदार 13-0 की जीत पर मुहर लगा दी।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से उनके शासकीय आवास में चंपावत निवासी पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत ने भेंट की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने उन्हें माउंट एवरेस्ट फतह कर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित करने पर शॉल एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वीरेंद्र सिंह सामंत के साहस, धैर्य और उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की भूमि वीरों और प्रतिभाओं की जन्मभूमि रही है, और सामंत की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने पर्वतारोही को भविष्य के अभियानों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

गौरतलब है कि वीरेंद्र सिंह सामंत ने 18 मई 2025 को विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा और एनसीसी का ध्वज फहराकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।
गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद राज्यपाल सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्यपाल के आधिकारिक आवासों के नाम में बड़ा बदलाव करते हुए देहरादून और नैनीताल स्थित राजभवनों को अब ‘लोक भवन’ नाम देने का निर्णय लागू कर दिया है। जारी अधिसूचना के साथ दोनों भवनों का नाम औपचारिक रूप से बदल गया। शासन स्तर पर बीते कुछ समय से इस परिवर्तन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही थी।
गृह मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार देहरादून और नैनीताल के राजभवन अब तुरंत प्रभाव से लोक भवन कहलाएंगे। यह परिवर्तन सरकारी अभिलेखों, पत्राचार और सभी आधिकारिक प्रयोजनों में लागू होगा।
इस नाम परिवर्तन के पीछे ऐतिहासिक संदर्भ भी जुड़ा है। ‘राजभवन’ शब्द की जड़ें ब्रिटिश शासनकाल में हैं, जब अंग्रेजी प्रशासन अपने उच्चाधिकारियों के आवासों को गवर्नमेंट हाउस कहा करता था। स्वतंत्रता के बाद इन्हीं भवनों को राज्यपालों का आवास घोषित किया गया और समय के साथ इन्हें ‘राजभवन’ के नाम से पहचाना जाने लगा। अब राज्य सरकार ने इस औपनिवेशिक पहचान को बदलते हुए इसे जनता-केन्द्रित नाम लोक भवन देने का फैसला लिया है।

देहरादून। नंदा गौरा योजना के लिए अब 20 दिसंबर तक आवेदन किया जा सकता है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के निर्देशों के क्रम में विभाग ने आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने का फैसला किया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पहले इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई थी। कन्या जन्म के आधार पर योजना का लाभ लेने और 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद इस योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए अभी तक 30000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि जन मिलन कार्यक्रमों के दौरान प्रदेश में कई जगह लोगों ने बताया कि पात्र होने की बावजूद में विभिन्न वजहों से अभी तक इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। ऐसे लोगों को अवसर देने के लिए योजना के आवेदन की तारीख को 20 दिसंबर तक बढ़ाने का फैसला किया गया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्राप्त आवेदनों में 21 दिसंबर से 31 दिसंबर तक सुधार का अवसर दिया जाएगा लेकिन इसके बाद यह तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को समय सीमा के अंदर आवेदन करना होगा।
जनसुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्टों की प्रगति का किया सत्यापन, गुणवत्ता–समयबद्धता व आधुनिक जनसुविधाओं पर विशेष जोर
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने डोईवाला, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उपाध्यक्ष द्वारा किए गए इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य था प्राधिकरण की ओर से सम्पन्न हो रहे कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा, उपयोग की जा रही सामग्री का परीक्षण और जनसुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्टों की प्रगति का सत्यापन।
डोईवाला पार्क : पहाड़ी संस्कृति और सौंदर्य विकास पर विशेष ध्यान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने डोईवाला में एमडीडीए द्वारा विकसित किए जा रहे आधुनिक पार्क का निरीक्षण किया, जहां पहाड़ी शैली में बनाए गए म्यूरल्स, सेल्फी प्वाइंट, घास पेंटिंग और देवी–देवताओं के चित्रों की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कलात्मक निर्माण उच्च मानकों के अनुरूप हों और स्थानीय सांस्कृतिक परंपरा का समुचित प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क में किए जा रहे सभी कार्यों की नियमित निगराणी की जाए और आवश्यक सुधार कार्य तुरंत प्रभाव से आरंभ किए जाएं, ताकि स्थानीय नागरिकों और आने वाले पर्यटकों को आकर्षक एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही, उपाध्यक्ष ने नगर पालिका द्वारा निर्मित मोक्ष धाम का भी निरीक्षण किया और वहां प्राधिकरण स्तर से होने वाले कार्यों की भूमिगत संरचना, सौंदर्यीकरण और उपयोगी सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मोक्ष धाम एक संवेदनशील स्थान है, जहां सुविधाओं का उन्नयन सबसे उच्च स्तर की गुणवत्ता के साथ होना चाहिए।
ऋषिकेश में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग
उपाध्यक्ष तिवारी ने ऋषिकेश में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग व कार्यालय भवन का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना स्थानीय निवासियों और प्रतिदिन बड़े पैमाने पर आने वाले पर्यटकों के लिए पार्किंग संकट को दूर करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण सामग्री, संरचना की मजबूती, साइट प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों, अभियंताओं और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि कार्य समयबद्ध पूरा किया जाए निर्माण में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग सुनिश्चित हो स्थल पर सुरक्षा मानकों का पूरी तत्परता से पालन किया जाए कार्य की प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना ऋषिकेश की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगी और आने वाले वर्षों में पर्यटन को और सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ऋषिकेश कैम्प कार्यालय का निरीक्षण
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष ने ऋषिकेश कैम्प कार्यालय का भी अवलोकन किया। यहां उन्होंने कार्यालय व्यवस्था, दस्तावेज प्रबंधन, परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट और जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई एवं फील्ड विज़िट की गति बढ़ाई जाए और सभी निर्माण कार्यों की रिपोर्टिंग नियमित रूप से प्राधिकरण मुख्यालय को भेजी जाए।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारी
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, अवर अभियंता, सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता सुनील उप्रेती, प्रा० उद्यान अधीक्षक भानुप्रिया, उसमान अली, तथा कार्यदायी संस्था के अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष तिवारी ने सभी को स्पष्ट निर्देश दिए कि एमडीडीए की सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और नागरिक सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य है जनहित में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों को समय पर पूरा करना। एमडीडीए द्वारा किए जा रहे निरीक्षणों और निर्देशों का उद्देश्य है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी की गुंजाइश न रहे। प्राधिकरण निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि देहरादून, डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार उच्च मानकों के अनुरूप किया जाए और नागरिकों को बेहतर शहरी अवसंरचना उपलब्ध हो।
विद्यालय में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ पर महिला आयोग की सख्ती—स्कूल प्रबंधन और आरोपी शिक्षक को तलब करने के निर्देश
छात्राओं ने बताया—अभद्र हरकतें, गलत तरीके से छूने और फेल करने की धमकी देता था शिक्षक
देहरादून। जनपद देहरादून के सहसपुर क्षेत्र के एक निजी स्कूल में नवीं व दसवीं कक्षा की छात्राओं द्वारा अपने शिक्षक पर लगाए गए छेड़छाड़ व अनुचित व्यवहार के आरोपों ने पूरे शिक्षा जगत को हिला दिया है। छात्राओं ने बताया कि शिक्षक लंबे समय से गलत नीयत से छूने, अभद्र हरकतें करने और विरोध करने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी देता रहा।
पीड़ित छात्राओं का कहना है कि मामले की शिकायत स्कूल प्रबंधन को दी गई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही डराकर चुप रहने का दबाव बनाया गया। पीड़िताओं के अनुसार, कई अन्य छात्राएं भी पहले ऐसी हरकतों का शिकार हुई हैं, लेकिन डर और शर्म के कारण सामने नहीं आ सकीं। आरोप है कि पूरा स्कूल स्टाफ आरोपी शिक्षक का बचाव कर रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जनपद देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जाये साथ ही जब तक मामला स्पष्ट नही हो जाता उक्त शिक्षक को निलंबित रखा जाए।
साथ ही, पुलिस प्रशासन को भी गंभीरता से जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। महिला आयोग ने स्कूल प्रबंधन, विशेषकर स्कूल के प्रबंधक व समिति को आरोपी शिक्षक के बचाव से जुड़े आरोपों पर तलब करने को कहा है।
अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि इस घटना ने संस्थान में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं और किशोरियों व महिलाओं की सुरक्षा के मामले में आयोग बिल्कुल भी लापरवाही बर्दाश्त नही करेगा। मामले में गंभीर जांच के साथ आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पार्किंग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था से लेकर भीड़ प्रबंधन तक सभी विभागों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के आदेश
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जिला कार्यालय में 06 दिसम्बर को आयोजित होने वाले बूंखाल मेले की तैयारी की बैठक ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मेला स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने के निर्देश दिये हैं।
सोमवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी चेकपोस्ट का समयबद्ध निर्माण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़कों में लिए गए पैचवर्क की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वाहनों को खड़े करने के लिए पार्किंग व्यवस्था हो, इसका विशेष ध्यान दें, जिससे जाम से निजात मिल सके। उन्होंने आरटीओ को साइनेज लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल विभाग को मेला स्थल पर पेयजल की व्यवस्था व उरेड़ा विभाग को लाइट लगाने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को बूंखाल मेले के आयोजन के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित करने व आयोजन स्थल पर लाउडस्पीकर की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने भीड़ प्रबंधन व यातायात व्यवस्था बेहतर तरीके संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला स्थल पर मेडिकल कैम्प लगाए जाने तथा एंबुलेंस की उपलब्धता के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने डोलियों का पंजीकरण तथा दुकानदारों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी को अवैध मदिरा की बिक्री के संबंध में सख़्त कदम उठाते हुए छापेमारी करने के भी निर्देश दिए। सर्दी के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने चौकियों पर तथा जहां आवश्यक हो, ऐसे स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने अग्निशमन व्यवस्था और बायो टायलेट भी स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पंचायत को स्वच्छता और झाड़ी कटान के लिए भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिसके लिए उन्होंने सभी व्यवस्थाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी विभाग नोडल अधिकारी की सूची बनाकर संयुक्त मजिस्ट्रेट से समन्वय करें तथा मेला आयोजन को लेकर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरा करें, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, अधिशासी अभियंता लोनिवि शिवम् मित्तल, एआरटीओ एन के ओझा, एसडीओ वन आएशा बिष्ट, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत भावना रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
11 लाख से अधिक लोग प्रभावित
कोलंबो। श्रीलंका इन दिनों चक्रवात दित्वाह की विनाशकारी मार झेल रहा है, जिसने देश के कई हिस्सों में व्यापक तबाही मचा दी है। लगातार बारिश, तेज हवाओं और भारी बाढ़ के कारण हालात इतने बिगड़ गए हैं कि हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं और कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। देश के डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अब तक 334 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 370 से अधिक लोग लापता हैं। सबसे अधिक नुकसान कैंडी जिला में दर्ज किया गया है, जहां अकेले 88 लोगों की जान गई और 150 लोग अभी भी लापता हैं।
आपदा का असर कई जिलों में गहरा रहा—बादुला में 71, नुवारा एलिया में 68 और मटाले में 23 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। DMC ने बताया कि कुल 3,09,607 परिवारों के 11 लाख से अधिक लोग किसी न किसी रूप में इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ ने नदियों के जलस्तर को ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा दिया, जिससे कई शहर पूरी तरह जलमग्न हो गए है, बड़े पुल बह गए और कई महत्वपूर्ण सड़कें और इमारतें ढह गईं।
नेपाल की आपात सहायता
चक्रवात से जूझ रहे श्रीलंका की कठिनाइयों को देखते हुए नेपाल सरकार ने आगे आकर 2 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह राशि राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए उपयोग की जाएगी। कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण संचार और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
स्टारलिंक की बड़ी घोषणा—मुफ़्त इंटरनेट
आपदा के दौरान संचार व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिश में, स्टारलिंक ने प्रभावित क्षेत्रों में मुफ़्त इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि दिसंबर 2025 तक नए और पुराने सभी उपयोगकर्ताओं को मुफ्त कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी, ताकि राहत और बचाव कार्यों में तेजी आ सके।
भारत का ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू
श्रीलंका की स्थिति को देखते हुए भारत ने मानवीय आधार पर ऑपरेशन सागर बंधु की शुरुआत की है। भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से 21 टन राहत सामग्री, 80 से अधिक NDRF के जवान और 8 टन महत्वपूर्ण उपकरण कोलंबो पहुंचाए गए। इसके अलावा पुणे से भी NDRF की एक टीम और अतिरिक्त उपकरण एयरलिफ्ट किए गए।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत ने मुश्किल हालात में भी तेज और समन्वित राहत कार्य करते हुए अपने पड़ोसी देश के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है।
देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू का देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर स्वागत किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू को उत्तराखंड में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से अवगत कराते हुए गोवा और उत्तराखंड के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने उन्हें बताया कि ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा के पश्चात सरकार ने 24 अक्टूबर 2025 से शीतकालीन यात्रा का श्री गणेश कर दिया है। चारों धामों के कपाट बंद होने के पश्चात परंपरागत रूप से चार धाम के शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए पूजा अर्चना और दर्शनों के लिए सरकार ने विशेष प्रबंध किए हैं।
