Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home/u464115256/domains/himdoot.com/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131

इंडोनेशिया में बड़ा हादसा, भारी बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर ढहा, पांच लोगों की मौत

मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी

जकार्ता। इंडोनेशिया में भारी बारिश के बाद एक बड़े लैंडफिल में कचरे का विशाल ढेर अचानक ढह गया, जिससे बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव दल मौके पर लगातार अभियान चला रहे हैं।

यह हादसा इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के पास बेकासी शहर में स्थित बंटारगेबांग वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी में हुआ। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कचरे का विशाल ढेर अचानक खिसककर गिर गया और आसपास मौजूद कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

घटना के बाद प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए 300 से अधिक बचावकर्मियों को तैनात किया गया है। बचाव दल भारी मशीनों और खोजी कुत्तों की मदद से मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं।

जकार्ता सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस की प्रमुख देसियाना कार्तिका बहारी के मुताबिक कचरे के ढेर अभी भी अस्थिर स्थिति में हैं, इसलिए बचावकर्मी बेहद सावधानी के साथ काम कर रहे हैं ताकि किसी और हादसे से बचा जा सके।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में जान गंवाने वालों में दो कचरा ट्रक चालक और दो खाद्य स्टॉल संचालक शामिल हैं, जो उस समय लैंडफिल के पास मौजूद थे। वहीं चार लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। पुलिस, सेना और स्वयंसेवी संगठनों की टीमें अभी भी तीन लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

बंटारगेबांग लैंडफिल जकार्ता का सबसे बड़ा कचरा निस्तारण स्थल है, जहां शहर का अधिकांश घरेलू कचरा डाला जाता है। लंबे समय से इसकी क्षमता से अधिक कचरा जमा होने को लेकर चेतावनी दी जाती रही है। इससे पहले भी ऐसे हादसों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए पिछले साल के अंत में इस लैंडफिल को साफ करने की योजना बनाई थी, जिसके तहत कचरे को ऊर्जा में बदलने की परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि खुले में कचरा जमा करने की पुरानी व्यवस्था को धीरे-धीरे खत्म किया जा सके।

Share Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *