फरहान अख्तर स्टारर युद्ध पर आधारित फिल्म ‘120 बहादुर’ रिलीज़ के चौथे दिन भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए जूझती दिखाई दे रही है। सोमवार को फिल्म की कमाई केवल 1.40 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जबकि रविवार को इसे 4 करोड़ रुपये का कलेक्शन मिला था। शुरुआती चार दिनों में फिल्म की कुल कमाई 11.50 करोड़ रुपये तक पहुंची है, जो इसके शुरुआती ट्रेंड को कमजोर संकेत दे रही है।
फिल्म के प्रदर्शन को लेकर ट्रेड विश्लेषक चिंतित हैं, क्योंकि शुरुआती कलेक्शन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘120 बहादुर’ लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत में तैयार की गई है, ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर इसका यह स्लो रिस्पॉन्स निर्माताओं के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
रजनीश घई के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1962 में भारत और चीन के बीच हुई रेजांग ला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है, जिसमें भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया था। फिल्म में फरहान अख्तर के साथ राशि खन्ना, विवान भतेना, एजाज खान, स्पर्श वालिया और अंकित सिवाच जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं।
कहानी, संगीत और एक्शन के बावजूद फिल्म अभी तक बड़े स्तर पर दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। आने वाले कुछ दिन फिल्म की किस्मत तय करने में अहम साबित होंगे।
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बालश्रम पर जिला प्रशासन का प्रहार, 07 बालश्रमिक रेस्क्यू, 7 प्रतिष्ठानों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जनपद में व्यापक बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर गठित टीमों द्वारा एक साथ सघन निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार श्रम विभाग ने पुलिस विभाग, डीटीएफ टीम एवं अन्य गैर सरकारी संगठन, बचपन बचाओ आंदोलन एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमें सुबह से ही फील्ड में सक्रिय रहीं और शहर के विभिन्न बाजारों, औद्योगिक इकाइयों, होटल-ढाबों, वर्कशॉपों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत नाबालिग बच्चों की तलाश की गई।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि ‘जनपद प्रशासन बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों से उनका बचपन व शिक्षा छिनने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में किसी भी प्रकार की अवैध, बाल श्रम गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अभियानों को आगे भी नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।” उन्होंने समाज से भी अपील की कि बाल श्रम की सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभागों को उपलब्ध कराएं।
थाना विकासनगर के अन्तर्गत 09 संस्थानों पर छापेमारी की गई जिनमें मै०एबी फैब्रिकेशन जीवनगए में 1 व मै० न्यू भारत टायर पंचर जीवनगढ में 1 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। थाना पटेलनगर अन्तर्गत 12 संस्थानों पर छापेमारी कार्यवाही की गई जिनमें मै० दिल्ली आटो मोबाईल कारगी चौक में 1, मैसर्स सुहेल बॉडी केयर मेंहूवाला में 1 व मै० अख्तर वुड वर्क मेंहूवाला में 1 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। इसी प्रकार थाना सहसपुर अन्तर्गत 02 संस्थानों पर छापेमारी की गई जिनमें मै० श्री बालाजी आटो रिपोयर पार्टस में 1 व मै० ब्रदर्स रेस्टोरेंट लांघा रोड में 01 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। कुल 23 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कार्यवाही की गई जिनमें 07 प्रतिष्ठानों पर 07 बालश्रिमकों को रेस्क्यू किया गया। बाल/किशोर श्रमिकों का मेडिकल कराते हुए बाल कन्याण समिति केदारपुरम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। तथा 07 प्रतिष्ठानों में बालश्रमिक नियोजित पाए जाने पर प्रतिष्ठानों के स्वामियों के विरूद्ध सम्बन्धित थानों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।
अभियान के दौरान कई स्थानों पर नाबालिग बच्चों को कार्यरत पाया गया, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ की गई। टीमों ने मौके पर श्रम कानूनों और बाल अधिकारों से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपराजित रहकर जीता विश्व कप 2025 का ख़िताब
पीएम मोदी ने दी महिलाओं को बधाई
नई दिल्ली। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया। कबड्डी विश्व कप के खिताबी मुकाबले में भारत ने चीनी ताइपे को 35-28 से हराकर लगातार दूसरी बार विश्व चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का दबदबा देखने को मिला—ग्रुप चरण के सभी मुकाबले जीतकर टीम ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया और वहां ईरान को 33-21 से मात देकर फाइनल में जगह पक्की की। दूसरी ओर चीनी ताइपे ने भी अपराजित रहते हुए ग्रुप से आगे बढ़कर सेमीफाइनल में मेजबान बांग्लादेश को 25-18 से हराकर फाइनल तक पहुंच बनाई।
पीएम मोदी ने दी महिलाओं को बधाई
भारतीय टीम की इस शानदार उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर पूरे दल को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि विश्व कप 2025 जीतकर खिलाड़ियों ने देश को गर्व से भर दिया है।
कोचों ने खिलाड़ियों के जज्बे की तारीफ की
हरियाणा स्टीलर्स के मुख्य कोच मनप्रीत सिंह ने जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि भारतीय महिला टीम का आत्मविश्वास, फिटनेस और टीमवर्क अद्भुत रहा। उनके मुताबिक, इस स्तर पर लगातार प्रदर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है और पूरी टीम व सपोर्ट स्टाफ इसकी हकदार है।
वहीं पुनेरी पल्टन के मुख्य कोच अजय ठाकुर ने कहा कि ढाका में लगातार दूसरा विश्व कप जीतना महिला कबड्डी की मजबूती और विकास का प्रमाण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में यह खेल वैश्विक स्तर पर और अधिक लोकप्रियता हासिल करेगा।
दस क्विंटल फूलों से सजाया गया बद्रीनाथ धाम
चमोली। बद्रीनाथ धाम के कपाट आज यानि मंगलवार दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से एक दिन पहले सोमवार को पंच पूजाओं की श्रृंखला के अंतर्गत माता लक्ष्मी मंदिर में विशेष अनुष्ठानों के साथ कढ़ाई भोग अर्पित किया गया। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी अमरनाथ नंबूदरी ने पारंपरिक रीति के अनुसार माता लक्ष्मी को शीतकालीन अवधि में बदरीनाथ गर्भगृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया।
धाम में बीते एक सप्ताह से पंच पूजाओं का क्रम जारी था, जिसमें गणेश मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के कपाट बंद होने के साथ ही वेद ऋचाओं का वाचन भी विराम में चला गया। सोमवार को आयोजित विशेष पूजा में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
मंगलवार को कपाट बंद होने के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को करीब दस क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कपाट बंद होने के समय धाम में पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं के मौजूद रहने की उम्मीद है।
कपाट बंद होने के बाद परंपरा के अनुसार माता लक्ष्मी, आगामी छह माह तक गर्भगृह में विराजमान रहेंगी, जबकि मुख्य मंदिर क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां शीतकालीन स्थल पर स्थानांतरित हो जाएंगी।
रामलला के दर्शन के बाद पीएम करेंगे ध्वजारोहण, सात हजार अतिथि बनेंगे साक्षी
अयोध्या। अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक आध्यात्मिक उत्सव का केंद्र बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राम मंदिर के शिखर पर स्वर्णमय भगवा ध्वज फहराकर मंदिर निर्माण की पूर्णता का औपचारिक संदेश देंगे। निर्धारित शुभ मुहूर्त 11:58 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा, जो भगवान श्रीराम के जन्म नक्षत्र अभिजीत के विशेष योग से मेल खाता है। पूरे शहर में आध्यात्मिक माहौल, सुरक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक रंगों का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है।
ध्वजारोहण समारोह के लिए 21 नवंबर से चल रहे हैं वैदिक अनुष्ठान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला के गर्भगृह और राम दरबार में दर्शन–पूजन कर अपने आधिकारिक कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वह सप्तऋषि मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर में प्रार्थना कर मुख्य ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगे।
चार से पांच मिनट तक चलने वाले ध्वजारोहण अनुष्ठान में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रधानमंत्री इलेक्ट्रॉनिक तंत्र से ध्वज फहराएंगे। समारोह में लगभग सात हजार आमंत्रित उपस्थित रहेंगे, जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विभिन्न धर्माचार्य, सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधि, किन्नर समुदाय, दलित समाज और व्यापार जगत के प्रमुख लोग शामिल होंगे।
इस अवसर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भव्य मंगल–स्वस्ति गान की विशेष प्रस्तुति तैयार की है। देशभर के विख्यात कलाकार श्रीरामचरितमानस के चयनित प्रसंगों और विविध संत–परंपराओं के मंगलमय काव्यों का सामूहिक गायन करेंगे, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर होगा।
राम मंदिर में प्रवेश और ध्वजारोहण कार्यक्रम
राम मंदिर के निर्माण प्रभारी गोपाल राव के अनुसार, प्रधानमंत्री और संघ प्रमुख सुबह 10 बजे मंदिर परिसर पहुंचेंगे। यहां वह क्रमशः सप्तऋषि मंदिर, शेषावतार मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, रामलला और राम दरबार के दर्शन करेंगे। दर्शन और परिसर भ्रमण के बाद वह ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगे, जो शुभ मुहूर्त—11:58 बजे से 1 बजे—के बीच सम्पन्न होगा। समारोह के बाद प्रधानमंत्री का सार्वजनिक संबोधन भी प्रस्तावित है। दोपहर 1:30 बजे वह पुनः एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे।
स्वर्णमय ध्वज दंड बना आकर्षण
ध्वजारोहण के लिए तैयार किए गए 161 फीट ऊंचे ध्वज दंड पर लगभग 21 किलो सोना मढ़ा गया है, जिसे मुंबई से आए कारीगरों ने तैयार किया है। यह वही स्थल है, जहाँ 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन हुआ था। नाभि दंड की कुल ऊंचाई भूमि तल से 211 फीट है, जिसमें ऊपर का हिस्सा स्वर्ण पत्र से सजाया गया है। मंदिर के पश्चिमी हिस्से से इस ध्वज दंड का स्वर्णमय स्वरूप स्पष्ट दिख रहा है।
चिकित्सा प्रबंधन पूरी तरह तैयार
प्रधानमंत्री और आरएसएस प्रमुख के काफिलों के साथ तीन–तीन एंबुलेंस और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम तैनात की गई है। श्रीराम अस्पताल में 40 बेड का विशेष वार्ड, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में 60 बेड आरक्षित किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज में बनाए गए सेफ हाउस में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम चौबीसों घंटे उपलब्ध है।
सीएम धामी ने ‘लोकल फॉर वोकल’ को बताया विकास की कुंजी
गोपेश्वर। पुलिस लाइन मैदान गोपेश्वर में सात दिवसीय सहकारिता मेला 2025 का शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में थराली विधायक श भूपाल राम टम्टा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद गोपेश्वर के अध्यक्ष संदीप रावत ने की। मेले में भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश में सहकारिता को आर्थिक व्यवस्था से परे समाज को जोड़ने और छोटे किसानों, महिला समूहों, श्रमिकों और ग्रामीण समुदाय को सशक्त बनाने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 और राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह मेला “लोकल फॉर वोकल” को बढ़ावा देने और सामूहिक विकास को गति देने का महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को तकनीकी सशक्तीकरण, डिजिटलीकरण, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने के माध्यम से राष्ट्रीय विकास की मुख्य धारा में नई ऊर्जा मिल रही है।
वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारी मेला सामूहिक चेतना का उत्सव है और चमोली जिला अपनी प्राकृतिक विविधता और सामूहिकता की भावना के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के छह जनपदों में आयोजित सहकारिता मेलों में एक लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया है। सहकारी समितियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के परिणामस्वरूप 281 महिलाएं अध्यक्ष, 159 उपाध्यक्ष और 2517 महिलाएं संचालक चुनी गई हैं।
चमोली जिला सहकारी बैंक द्वारा अब तक 1370 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है और जिले में तीन नई शाखाएं खोली जानी हैं। दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को शून्य ब्याज पर ऋण दिया गया है, जिसमें चमोली के 25,767 किसान शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य 10,000 से अधिक “लखपति दीदी” तैयार करना है।
विधायक भूपाल राम टम्टा ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं और कोविड-19 के बाद हुए रिवर्स पलायन को सहकारिता ने स्थायी आजीविका में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल ने महिला समूहों द्वारा गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को सराहनीय बताया। जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेन्द्र रावत ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने शून्य ब्याज ऋण लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है और पैक्स के माध्यम से ग्रामीणों को जरूरी सामान अब गांव में ही उपलब्ध हो पा रहा है।
मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिनमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज द्वारा स्वागत बंधन, राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर द्वारा लोकनृत्य, टंगसा महिला मंगल दल द्वारा लोकगीत तथा रूद्रेश कला मंच द्वारा वित्तीय समावेशन और साइबर सुरक्षा पर आधारित नृत्य-नाट्य शामिल रहे। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने वित्तीय समावेशन, डिजिटल सुरक्षा और सहकारी व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
कार्यक्रम में मातृशक्ति सशक्तिकरण ऋण योजना और भारत दर्शन ऋण योजना का विमोचन किया गया। बहुउद्देशीय साधन सहकारी समितियों के माध्यम से 19 लाभार्थियों को 21 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए, जबकि एम-पैक्स, मैठाणा, गौणा, पीपलकोटी, छिनका, गोपेश्वर, मुन्दोली, नलधूरा और तुंगेश्वर समितियों को माइक्रो एटीएम मशीनें प्रदान की गईं। मेले के प्रथम दिवस में बड़ी संख्या में किसानों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एक माह के भीतर सभी लैब चालू करने और पुस्तकालयों हेतु तुरंत बजट जारी करने को कहा
देहरादून। पीएमश्री स्कूलों में कम्प्यूटर लैब एवं पुस्तकालयों के स्थापना में तेजी लायी जाए। कम्प्यूटर लैब अगले एक माह में स्थापित की जाए। यह निर्देश मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएमश्री स्कूलों की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पुस्तकालयों के लिए शीघ्र बजट आवंटित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि 32 पीएमश्री स्कूलों में एकीकृत विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना में भी तेजी लायी जाए। जिनका बजट जारी किया जाना है । एक माह के भीतर बजट जारी कराया जाए। उन्होंने टिंकरिंग लैब शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के लिए आईआईटी कानपुर से लगातार संवाद कर निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी पीएमश्री स्कूलों में खेल के मैदान उपलब्ध कराए जाने पर भी शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान बताया गया कि प्रदेश में कुल 226 विद्यालयों को पीएमश्री विद्यालयों के रूप में चुना गया है। इसमें 34 प्राथमिक एवं 192 माध्यमिक विद्यालया शामिल हैं। इसके साथ ही 15 और अन्य विद्यालयों को स्वीकृति मिली है। बताया गया कि पीएमश्री के 22 कम्पोनेंट्स में से 16 को 100 प्रतिशत लागू कर लिया गया है। बाकि 6 कम्पोनेंट्स का कार्य विभिन्न चरणों में गतिमान है।
बिग बॉस 19 अपने फाइनल की ओर तेजी से बढ़ रहा है और हर बीतते एपिसोड के साथ माहौल और भी तनावपूर्ण होता जा रहा है। वीकएंड का वार में एक और बड़ा मोड़ आया, जब शो से एक कंटेस्टेंट को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। नौ खिलाड़ियों वाली यह रेस अब केवल आठ प्रतियोगियों तक सिमट गई है।
कुनिका सदानंद की बिग बॉस यात्रा हुई खत्म
पिछले हफ्ते जहां किसी भी सदस्य का एविक्शन नहीं हुआ था, वहीं इस बार वीकएंड के एपिसोड में कुनिका सदानंद शो से बाहर हो गईं। उनके बाहर होने के साथ ही बिग बॉस का खिताब जीतने का उनका सपना भी अधूरा रह गया। इस फैसले ने दर्शकों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं—कुछ लोग उनके बाहर होने से खुश हैं, जबकि कई दर्शक उन्हें और समय देना चाहते थे।
सोशल मीडिया पर फैन्स की मिश्रित प्रतिक्रियाएं
एविक्शन की जानकारी सामने आते ही इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक दर्शक ने लिखा—“कुनिका जी, कुछ बाकी कंटेस्टेंट से बेहतर थीं।” वहीं एक अन्य यूजर ने तंज कसते हुए कहा—“मैं खुश नहीं हूं, इन्हें तो काफी पहले निकल जाना चाहिए था।” कई लोगों ने उनकी रणनीति और गेमप्ले की तारीफ भी की, जबकि कुछ ने इसे ‘अपेक्षित परिणाम’ बताया। सोशल मीडिया कमेंट्स में “बल्ले-बल्ले” जैसे मज़ेदार रिएक्शन्स भी देखने को मिले।
अब किसके बीच होगी खिताब की जंग?
कुनिका के बाहर होने के बाद बिग बॉस 19 में आठ प्रतियोगी बचे हैं—
गौरव खन्ना, फरहाना भट्ट, अमाल मलिक, तान्या मित्तल, प्रणीत मोरे, अशनूर कौर, शहबाज बदेशा और मालती चाहर।
सूत्रों के अनुसार इस सप्ताह सभी सदस्यों को नॉमिनेशन में डाल दिया गया है, जिससे आने वाला हफ्ता और भी धमाकेदार होने वाला है।
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लंबे समय से बीमार चल रहे थे धर्मेंद्र
मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और करोड़ों दिलों की धड़कन धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। सोमवार, 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में मुंबई के जुहू स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे धर्मेंद्र को कुछ सप्ताह पहले सांस लेने में दिक्कत के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें 12 नवंबर को ब्रीच कैंडी अस्पताल से घर लाया गया, जहां परिवार की देखरेख में उनका उपचार जारी रहा। आज उनके निधन की खबर ने परिवार समेत उनके सभी फैन्स को बड़ा सदमा दे दिया है।
धर्मेंद्र का जाना हिंदी सिनेमा के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत जैसा है। संयोग यह भी रहा कि जिस दिन उनका निधन हुआ, उसी दिन उनकी आगामी फिल्म ‘इक्कीस’ का मोशन पोस्टर जारी किया गया। करीब एक महीने से वह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ रहे थे, लेकिन उम्र और बीमारी के आगे उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति भी टिक न सकी।
पांच दशक से अधिक लंबे फिल्मी करियर में धर्मेंद्र ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और हर चरित्र में अपनी सादगी, ऊर्जा और सच्चाई को जिया। ‘शोले’ के वीरू से लेकर ‘चुपके चुपके’ के प्रोफेसर परिमल तक—उन्होंने हर भूमिका को दिल से निभाया और दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए दर्ज हो गए।
मिट्टी की खुशबू से जुड़े, सरल स्वभाव वाले धर्मेंद्र सिर्फ पर्दे के हीरो नहीं थे, बल्कि असल जिंदगी में भी उतने ही भावुक और इंसानियत से भरे हुए व्यक्ति थे। पद्म भूषण से सम्मानित यह महान कलाकार जल्द ही अपनी अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ में नजर आएंगे, जो 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली है।
धर्मेंद्र की विदाई ने भारतीय सिनेमा को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है—एक ऐसा सितारा बुझ गया है जिसकी चमक हमेशा दिलों में मौजूद रहेगी।
कुंजापुरी मंदिर दर्शन के लिए आए थे यात्री, कई घायल, बचाव कार्य जारी
टिहरी। टिहरी जनपद में कुंजापुरी मंदिर के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब गुजरात से आए श्रद्धालुओं से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई और राहत-बचाव कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया।
एसडीआरएफ को सूचना मिली कि नरेंद्रनगर क्षेत्र के कुंजापुरी–हिंडोलाखाल मार्ग पर एक यात्री बस करीब 70 मीटर गहरी खाई में गिर गई है। बताया गया कि बस में कुल 29 यात्री सवार थे, जो गुजरात से कुंजापुरी दर्शन के लिए पहुंचे थे। सूचना मिलते ही सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर ढालवाला, कोटि कॉलोनी और वाहिनी मुख्यालय से एसडीआरएफ की पाँच टीमें राहत-बचाव कार्य के लिए भेजी गईं।
स्थानीय ग्रामीण भी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस–प्रशासन के साथ मिलकर घायलों को बाहर निकालने में सहायता करने लगे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने पुष्टि की कि दुर्घटना में अब तक पाँच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं।
घायल यात्रियों में से तीन को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है, जबकि चार अन्य का उपचार श्रीदेव सुमन उप जिला अस्पताल, नरेंद्रनगर में चल रहा है। शेष 17 यात्रियों को सामान्य चोटें आई हैं और उनकी प्राथमिक चिकित्सा की जा रही है।
