बाबरी मस्जिद की नींव रखने के दावे पर भाजपा ने लगाया तुष्टिकरण का आरोप
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। टीएमसी के एक विधायक द्वारा मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखने का दावा सामने आने के बाद प्रदेश में सियासी टकराव तेज हो गया है। विधायक की घोषणा के बाद भाजपा ने तीखी आपत्ति जताते हुए इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया है।
टीएमसी के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हुमायूं कबीर ने कहा है कि 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग और कई प्रमुख शख्सियतें शामिल होंगी। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद का निर्माण लगभग तीन वर्षों में पूरा होगा। कबीर के इस बयान ने बंगाल की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
भाजपा ने तत्काल इस ऐलान पर कड़ा विरोध जताया। भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने कहा कि बाबर एक विदेशी हमलावर था और उसके नाम पर किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि मस्जिद निर्माण की कोशिश हुई तो भाजपा उस स्थान पर राम मंदिर की स्थापना की मांग करेगी।
भाजपा नेताओं ने टीएमसी पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। पार्टी प्रवक्ता अग्निमित्रा पॉल का कहना है कि किसी भी धार्मिक स्थल के निर्माण पर उन्हें आपत्ति नहीं, लेकिन टीएमसी इसे राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। वहीं भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि मस्जिद या मंदिर का निर्माण उचित स्थान पर होना चाहिए और इसका राजनीतिकरण कर समुदाय विशेष को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और समानता के मुद्दों पर राजनीति करती है और चुनाव भी इन्हीं मुद्दों पर लड़े जाने चाहिए। कांग्रेस सांसद उदित राज ने कहा कि मंदिर की नींव रखी जा सकती है तो मस्जिद की रखे जाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, और इस विषय को बेवजह विवाद का रूप दिया जा रहा है।
इधर, 6 दिसंबर को टीएमसी द्वारा कोलकाता में एक बड़ी रैली आयोजित करने की तैयारी है, जिसे ‘समहति दिवस’ नाम दिया गया है। यह रैली आमतौर पर पार्टी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ आयोजित करता है, लेकिन इस बार इसकी जिम्मेदारी छात्र और युवा विंग को सौंपी गई है। संभावना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इसमें संबोधित करेंगे।
राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इस बीच एसआईआर (Special Summary Revision) को लेकर पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को धांधली बताया और चेतावनी दी कि वैध मतदाताओं के नाम हटे तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम होंगे। ऐसे में बाबरी मस्जिद मुद्दा भी आगामी चुनावी माहौल पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
नए एवं पुराने जिला न्यायालय परिसरों में चैंबर निर्माण को लेकर संयुक्त समिति गठित करने की घोषणा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बार एसोसिएशन देहरादून की संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा तथा बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने भेंट की। आंदोलन कर रहे वकीलों के प्रतिनिधिमंडल ने नए जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं हेतु आवंटित भूमि तथा पुराने जिला जज परिसर की भूमि अधिवक्ताओं के पक्ष में आबंटित करने के साथ ही दोनों स्थानों पर अधिवक्ताओं के चैंबरों के निर्माण की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आपसी संवाद और विचार-विमर्श से ही समाधान निकलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के समग्र विकास में अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वित्तीय संसाधनों का संतुलित उपयोग आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से आंदोलन समाप्त करने का आग्रह करते हुए बताया कि समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रशासन और अधिवक्ताओं की संयुक्त समिति गठित की जाएगी, जिसमें किसी आर्किटेक्ट को भी शामिल कर सर्वमान्य समाधान खोजने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी की आख्या एवं संबंधित बिंदुओं को कैबिनेट में प्रस्तुत कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के चैंबर निर्माण हेतु राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहयोग का भी आश्वासन दिया तथा सांसदों और विधायकों से सहयोग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में वे स्वयं भी पहल करेंगे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के पश्चात प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारी संतुष्ट दिखाई दिए और उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगौली, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह सहित अधिवक्ता राजबीर सिंह बिष्ट, मनमोहन लाम्बा, चन्द्रशेखर तिवारी, राजीव शर्मा, राजेश कुमार आर्य, अनुज शर्मा, अनिल पंडित, रंजन सोलंकी एवं भानू प्रताप सिसोदिया उपस्थित रहे।
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने ताकुला मंडल के गांव चुराड़ी और जाखसौड़ा में आयोजित जन मिलन कार्यक्रमों में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके निराकरण के लिए तत्काल निर्देश दिए। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा ताकि आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य साकार हो सके।
चुराड़ी में लोगों की मांग पर मंत्री ने गांव में सीसी मार्ग निर्माण के लिए विधायक निधि से 2 लाख रुपये और चौड गौलज्यू मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 2 लाख रुपये स्वीकृत किए। शहीद मोहन सिंह मोटर मार्ग के डामरीकरण को लेकर ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने बताया कि इसका शासनादेश एक-दो दिन में जारी होने वाला है।
वहीं, चुराड़ी, मल्ला गांव और गंगा कोटली के लिए सामूहिक पेयजल योजना की मांग पर मंत्री ने कहा कि ग्रामीणों की सहमति मिलते ही इस योजना पर कार्यवाही शुरू की जाएगी। ग्राम प्रधान लीलावती बिष्ट ने इस दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
इसके बाद रेखा आर्या गांव जाखसौड़ा पहुंचीं, जहां उन्होंने पेयजल योजना से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई की और कहा कि प्रस्ताव उन्हें भेजा जाए, ताकि विभागीय कार्यवाही कराई जा सके। उन्होंने कहा कि जो बालिकाएं और महिलाएं कंप्यूटर कोचिंग या सिलाई-कढ़ाई जैसे स्वरोजगार कार्य शुरू करना चाहती हैं, वे उन्हें प्रस्ताव भेजें, सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
गांव में स्ट्रीट लाइट की समस्या के समाधान के लिए उन्होंने विधायक निधि से 15 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की घोषणा की। कपड़खान में स्वास्थ्य केंद्र और गांव में एटीएम खोलने के लिए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और बैंक अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष जगदीश डंगवाल, मंडल महामंत्री वीरेंद्र बिष्ट, भूधर भाकुनी, चंदन सिंह बिष्ट, नारायण सिंह बिष्ट, विकेश बिष्ट, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, पूर्व उपाध्यक्ष कुंदन सिंह नेगी, विजय वर्मा, आशीष भाकुनी, गोविंद प्रसाद, पंकज भाकुनी, योगेश बिष्ट, कुन्नू पांडे, राजू नेगी, राहुल कुमार, प्रकाश राम, लक्ष्मण प्रसाद, जगदीश पंत, शेर सिंह बिष्ट, सुंदर सिंह, दीवान बजौलिया, अर्जुन सिंह, जगमोहन पिलख्वाल, रघुवर सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले – अवैध निर्माण या अवैध प्लॉटिंग नहीं की जाएगी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त
नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय – मोहन सिंह बर्निया
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल रही अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण गतिविधियों पर निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को प्राधिकरण की टीमों ने कई स्थानों पर अभियान चलाकर अवैध निर्माणों पर सील लगाई, प्लॉटिंग स्थलों पर ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी चेतावनी दी। इस संयुक्त कार्रवाई को अब तक के सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है, जिसमें प्राधिकरण पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतरा। यह अभियान राजधानी में तेजी से फैल रही अवैध प्लॉटिंग और निर्माण गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार है। आने वाले दिनों में इसी प्रकार की सख्त कार्रवाइयाँ और तेज की जाएँगी।
पहली बड़ी कार्रवाई कैनाल रोड (विकासनगर) स्थित टाइम्स वर्ल्ड स्कूल के सामने की गई, जहां गुरमीत सिंह, डॉ. अमित राणा एवं अन्य भू-स्वामियों द्वारा लगभग 08 बीघा क्षेत्र में बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के अवैध प्लॉटिंग, सड़क निर्माण और भूखंडों की मार्किंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और अवैध रूप से तैयार की गई सीमांकन रेखाओं और अस्थाई निर्माण को ध्वस्त करते हुए पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। प्राधिकरण द्वारा संबंधित धाराओं के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया गया कि जब तक विधिसम्मत स्वीकृति नहीं मिलती, यहां किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण गतिविधि नहीं चलेगी।
सेलाकुई के डांडापुर–हसनपुर क्षेत्र में भी एमडीडीए ने सख्त कार्रवाई की। यहां लगभग 100 बीघा भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। टीम ने मौके पर मौजूद निर्माण सामग्री हटवाई, बनाया जा रहा सड़क मार्ग रुकवाया और अवैध सीमांकन को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध डेवलपमेंट आम नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर संकट पैदा करता है। इसलिए इस स्थान को “उच्च संवेदनशील श्रेणी” में रखते हुए कड़ी कार्रवाई की गई है।
ए.पी. टावर, मेन चकराता रोड, सेलाकुई में भी एमडीडीए ने बड़ा कदम उठाया है। यहां स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर पार्किंग क्षेत्र में दो अवैध दुकानों का निर्माण किया गया था, और चौथे तल पर टिनशेड बनाकर अवैध रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। प्राधिकरण ने मौके पर पहुंचकर दोनों दुकानों को सील कर दिया और अवैध रेस्टोरेंट संचालन को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। अधिकारियों के अनुसार व्यावसायिक भवनों में पार्किंग में छेड़छाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि इससे ट्रैफिक प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित होती है।
रानीपोखरी क्षेत्र में मनमोहन सिंह रावत द्वारा स्वीकृत मानचित्र से विचलन कर किए गए निर्माण के मामले में भी ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्राधिकरण ने पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को आगे बढ़ाते हुए अवैध हिस्सों को गिराने का निर्देश दिया। मौके पर पहुंचकर एमडीडीए की टीम ने अवैध निर्माण हटवाया और शेष निर्माण को रोक दिया।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस व्यापक कार्रवाई पर कहा कि प्राधिकरण जनहित में सख्त रुख अपनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध निर्माण, मानचित्र विचलन या अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तिवारी ने कहा देहरादून का योजनाबद्ध और सुरक्षित विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी चलाया जाएगा और जहां भी जरूरत होगी, सीलिंग व ध्वस्तीकरण दोनों किए जाएंगे।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई कॉलोनियां भविष्य में नागरिकों के लिए बड़ी समस्याएं पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे विकास कार्यों पर रोक और कार्यवाही अनिवार्य है। उन्होंने सभी डेवलपर्स व भू-स्वामियों को चेतावनी दी कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही मानचित्र स्वीकृति प्राप्त करें, अन्यथा प्राधिकरण द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य सरकार ने उत्तराखंड के वाहन स्वामियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए पुराने (15 वर्ष) कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में वृद्धि को आगामी 01 जुलाई 2026 तक स्थगित कर दिया है। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत द्वारा जारी की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में 15 वर्ष पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में 10 गुना तक की वृद्धि की गई थी। प्रदेश की जनभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि उत्तराखंड के वाहन स्वामियों पर इसका तात्कालिक बोझ नहीं डाला जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार आमजन के हितों को सर्वोपरि रखते हुए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा जनता-जनार्दन की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करती रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “ हमारी सरकार का संकल्प जनता को राहत देना और जनहित में त्वरित निर्णय लेना है। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में की गई वृद्धि को देखते हुए हमने इसे उत्तराखंड में एक वर्ष के लिए स्थगित कर दिया है। इस अवधि में पूर्व निर्धारित फीस ही लागू रहेगी। हम नहीं चाहते कि प्रदेश के वाहन स्वामियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े। आने वाले समय में केंद्र सरकार द्वारा किये जाने वाले पुनरीक्षण के अनुसार ही राज्य में नई दरें लागू की जाएंगी।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “ हमारी सरकार जनता के लिए संवेदनशील है। गरीब, मध्यम वर्ग, टैक्सी व ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों का हित सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है। जनहित के निर्णयों में हम किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने देंगे।”
भारत स्काउट्स एंड गाइड का सबसे बड़ा सम्मान है ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’
आगामी 26 नवम्बर को उत्तर प्रदेश राजभवन में दिया जायेगा सम्माान
देहरादून। भारत स्काउट एंड गाइड उत्तराखंड के प्रादेशिक अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री व डॉ. धन सिंह रावत को स्काउट एंड गाइड आंदोलन में उनके उत्कृष्ट योगदान और नेतृत्व के लिए भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार आगामी 26 नवम्बर को उत्तर प्रदेश राजभवन, लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा उन्हें प्रदान किया जाएगा।
भारत स्काउट्स एंड गाइड्स द्वारा दिया जाने वाला ‘सिल्वर एलीफेंट अवार्ड’ देश में स्काउट एंड गाइड आंदोलन का सबसे बड़ा सम्मान है। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने संगठन के विस्तार, चरित्र निर्माण तथा राष्ट्र निर्माण हेतु विशेष योगदान दिया हो।
डॉ. रावत को यह प्रतिष्ठित सम्मान उत्तराखण्ड में स्काउट-गाइड आंदोलन को मजबूत बनाने, इसे व्यापक स्तर पर लागू करने तथा युवाओं में अनुशासन, एकता और देशभक्ति का भाव विकसित करने के उद्देश्य से किये गये उनके प्रयासों के लिये दिया जा रहा है।
अपने कार्यकाल में डॉ. रावत ने प्रदेश के सभी निजी एवं राजकीय शिक्षण संस्थानों में स्काउट एंड गाइड गतिविधियों को अनिवार्य रूप से लागू करने, साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों में इसकी इकाइयां स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये। उन्होंने स्काउट्स एंड गाइड्स की संख्या को बढ़ाकर दो लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संगठन के विस्तार को नई दिशा दी।
इसके अतिरिक्त डॉ. रावत ने स्काउट एंड गाइड के माध्यम से साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, राज्य में विभिन्न सामाजिक सरोकार पर आधारित अभियानों के संचालन तथा युवाओं को जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने में विशेष पहल की।
सिल्वर एलीफेंट अवार्ड के लिए चुने जाने पर डॉ. धन सिंह रावत ने भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संस्था देश के असंख्य युवाओं को एक जिम्मेदार, सक्षम और संवेदनशील नागरिक के रूप में तैयार करने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड गतिविधियाँ विद्यार्थियों में शारीरिक, बौद्धिक, आध्यात्मिक और सामाजिक क्षमताओं के विकास के साथ-साथ विश्वव्यापी भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा- संत समाज जीवंत तीर्थ होता है, जो समाज को सद्पथ की ओर प्रेरित करता है
रुड़की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की स्थित जीवनदीप आश्रम में आयोजित पाँच दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक महोत्सव में हिस्सा लिया। उन्होंने संत-महात्माओं और उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संत समाज जीवंत तीर्थ होता है, जो समाज को सद्पथ की ओर प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी को नमन करते हुए उपस्थित संतजनों को प्रणाम किया और कहा कि उनकी दिव्य उपस्थिति मन और आत्मा में नई ऊर्जा भरती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवनदीप सेवा न्यास द्वारा आयोजित इस महोत्सव में शतचंडी महायज्ञ, भक्तमाल कथा, 1100 बालिकाओं का पूजन, पाठ्य सामग्री वितरण और पाँच कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम समाज में सेवा और संस्कार का महत्वपूर्ण संदेश दे रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सत्यमित्रानंद गिरी सभागार, सिद्धबली हनुमान द्वार और शहीद चौक का लोकार्पण किया। उन्होंने घोषणा की कि मैंन मार्ग से सुनहरा मार्ग चौराहे को अब शहीद चौक के नाम से जाना जाएगा। कहा कि यह चौक अमर शहीदों के साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का स्मारक बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी ने धर्म, राष्ट्र और मानवता की सेवा में जीवन समर्पित कर समाज को करुणा, सेवा और त्याग का मार्ग दिखाया। उनके मार्गदर्शन में जीवनदीप सेवा न्यास शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, संस्कार और गौ–संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।
“प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वभर में भारत की सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण, बद्रीनाथ–केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसी पहलें सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण की ऐतिहासिक मिसालें हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य के साथ सरकार निरंतर कार्यरत है। यमुनातीर्थ पुनरुद्धार, हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर निर्माण और दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सांस्कृतिक संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि—
धर्मांतरण विरोधी और सख्त दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं।
लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी मानसिकताओं पर सख्त कार्रवाई हुई है।
9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को लैंड जिहाद से मुक्त कराया गया है।
समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
नकल विरोधी कानून से 26,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया है। नया कानून लागू होने के बाद 1 जुलाई 2026 से गैर-मानक मदरसे स्वतः बंद हो जाएंगे।
‘‘ऑपरेशन कालनेमि’’ के तहत सनातन विरोधी गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई की गई है।
उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘‘विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखंड एक आदर्श और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता धामी भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि जीवनदीप आश्रम द्वारा आयोजित यह पंचदिवसीय महोत्सव समाजहित के कार्यों का श्रेष्ठ उदाहरण है। उन्होंने 1100 कन्याओं के पूजन, भोजन तथा 6 कन्याओं के सामूहिक विवाह को पावन आयोजन बताते हुए सभी कन्याओं के सुखमय जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री ने स्वयं 11 कन्याओं का पूजन कर उन्हें उपहार और दक्षिणा दी तथा 6 कन्याओं के सामूहिक विवाह पर आशीर्वाद प्रदान किया।
अंत में महामंडलेश्वर यतिंद्रानंद गिरी ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और संतजनों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विभिन्न अखाड़ों के महामंडलेश्वर, साधु–संत, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कृषि, उद्यान एवं ग्रामीण विकास को नयी गति देने पर कैबिनेट मंत्री का ज़ोर
जनपद में क्लस्टर फार्मिंग व फ्लोरीकल्चर के विस्तार को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
पौड़ी। एचएनबी परिसर सभागार श्रीनगर में आयोजित समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कृषि, उद्यान, ग्राम्य विकास एवं सैनिक कल्याण विभागों के कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक की शुरुआत में ही मंत्री जोशी ने कहा कि जनपद के विकास के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और उनका लाभ सही व्यक्ति तक पहुँचना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वय बनाकर जमीनी स्तर पर परिवर्तन लाने के लिए ठोस प्रयास सुनिश्चित करें।
उन्होंने परियोजना निदेशक, डीआरडीए को निर्देशित किया कि दीनदयाल उपाध्याय कौशल विकास कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार केंद्रित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाय, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को गति मिले।
कृषि और उद्यान विभागों को एकीकृत क्लस्टर फार्मिंग को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए उन्होंने बताया कि कीवी और सेब उत्पादन के साथ-साथ फ्लोरीकल्चर (पुष्प उत्पादन) में अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। मंत्री ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती की संभावनाओं को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें।
उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार नही होने के कारण कई पात्र लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं। मंत्री ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि न्याय पंचायत स्तर पर कार्यशालाएँ आयोजित कर योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि योजनाओं की जानकारी पहुँचाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कोटद्वार–दुगड्डा मार्ग के आमसौड़ क्षेत्र में सड़क सुधारीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जिन मरम्मत या सुधारीकरण कार्यों हेतु अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है, उन्होंने उन प्रस्तावों को तुरंत शासन को भेजने को कहा।
उन्होंने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन परिसंपत्तियों का नामकरण शहीदों के सम्मान में करने में कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन आ रही हो, वे सभी प्रकरण सीधे उनके समक्ष प्रस्तुत किए जाएँ, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुनवन्त, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (नि.) मेजर करन रावत, जिला परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पीलिया को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि त्वचा और आंखों का पीला पड़ना शरीर में किसी गंभीर विकार का शुरुआती संकेत हो सकता है। चिकित्सा भाषा में जॉन्डिस के नाम से पहचानी जाने वाली यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब शरीर में बिलीरुबिन नामक पिगमेंट की मात्रा असामान्य रूप से बढ़ जाती है। सामान्य स्थिति में लिवर इस पदार्थ को पित्त के माध्यम से बाहर निकाल देता है, लेकिन लिवर की कार्यप्रणाली प्रभावित होने या पित्त नलिकाओं में रुकावट आने पर यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है।
पीलिया कैसे विकसित होता है?
विशेषज्ञों के अनुसार पीलिया अपने आप में कोई बीमारी नहीं, बल्कि किसी गहरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत है। लिवर का कमजोर होना, पित्त नलिकाओं में अवरोध या लाल रक्त कोशिकाओं का तेजी से टूटना—ये सभी स्थितियां रक्त में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ा देती हैं। बढ़ा हुआ बिलीरुबिन त्वचा और आंखों को पीला कर देता है। यह समस्या शिशुओं से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी प्रभावित कर सकती है।
शुरुआती लक्षणों पर रखें ध्यान
पीलिया का प्रमुख लक्षण आंखों का पीला होना है, लेकिन इसके साथ कई अन्य संकेत भी दिखाई देते हैं। त्वचा का पीला या नारंगी दिखने लगना, पेशाब का गहरा रंग और मल का हल्का रंग होना इसके आम संकेत माने जाते हैं। कई मरीजों को तेज खुजली, थकान, हल्का बुखार और पेट दर्द जैसी समस्याएं भी महसूस होती हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
लिवर पर असर और पाचन समस्याएं
लिवर पर भार बढ़ने के कारण मरीजों को पाचन संबंधी परेशानियां होने लगती हैं। लगातार मतली, उल्टी, भूख में भारी कमी और पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द इसके सामान्य लक्षण हैं। यदि पीलिया पित्त नलिकाओं में रुकावट की वजह से है, तो दर्द और ज्यादा तीव्र हो सकता है, जिसके लिए तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।
विटामिन B12 की कमी भी बन सकती है कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन B12 की भारी कमी से उत्पन्न पर्निशियस एनीमिया भी पीलिया की वजह बन सकता है। इस स्थिति में लाल रक्त कोशिकाएं असामान्य रूप से बड़ी और कमजोर बन जाती हैं, जो जल्दी टूटती हैं और बिलीरुबिन का स्तर बढ़ा देती हैं। हालांकि, एक बार पीलिया हो जाने के बाद केवल B12 सप्लीमेंट लेने से समस्या ठीक नहीं होती—उपचार उसके मूल कारण पर आधारित होना जरूरी है।
कब लें डॉक्टर की मदद?
यदि आंखों या त्वचा में पीलापन दिखाई दे, पेशाब का रंग असामान्य रूप से गहरा हो या बिना वजह तेज खुजली हो रही हो, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से तत्काल जांच कराने की सलाह देते हैं। लिवर फंक्शन टेस्ट और संबंधित ब्लड टेस्ट के जरिए पीलिया के पीछे छिपे कारणों का शीघ्र पता लगाया जा सकता है। समय पर की गई जांच से हेपेटाइटिस, लिवर सिरोसिस या पित्त नलिकाओं की रुकावट जैसी गंभीर स्थितियों को नियंत्रित करना संभव होता है।
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FASTag से होगी ऑटोमेटिक वसूली, राज्यभर में 40 से अधिक ANPR कैमरे सक्रिय
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों पर ग्रीन सेस लागू करने का निर्णय लिया है। यह प्रावधान दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा, जिसके तहत राज्य की सीमा में प्रवेश करते ही सभी बाहरी वाहन एंट्री टैक्स के रूप में यह सेस अदा करेंगे।
सूचना के अनुसार, ग्रीन सेस की वसूली पूरी तरह डिजिटल होगी और राशि सीधे वाहनों के FASTag से स्वतः कट जाएगी। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रदेशभर में 40 से अधिक ANPR (ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे स्थापित किए गए हैं।
RTO देहरादून संदीप सैनी ने बताया कि परिवहन विभाग ने इस संपूर्ण व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक निजी कंपनी से करार किया है। यह कंपनी उत्तराखंड की सीमाओं पर लगे 16 ANPR कैमरों के माध्यम से बाहरी राज्यों के वाहनों की पहचान कर ग्रीन सेस की वसूली सुनिश्चित करेगी। प्रमुख कैमरों में पांवटा साहिब (हिमाचल सीमा) समेत यूपी बॉर्डर के कई प्रवेश बिंदु शामिल हैं।
बॉर्डर पॉइंट्स पर लगाए गए कैमरे
गढ़वाल क्षेत्र:
कुल्हाल (यूके-एचपी सीमा), तिमली रेंज, आशारोड़ी, नारसन बॉर्डर, गोवर्धनपुर, चिड़ियापुर आदि।
कुमाऊं क्षेत्र:
खटीमा, काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर, पुल भट्टा (बरेली रोड) सहित कई स्थानों पर ANPR कैमरे सक्रिय किए गए हैं।
सरकार के अनुसार, ग्रीन सेस से प्रति वर्ष 100 से 150 करोड़ रुपये तक का राजस्व मिलने का अनुमान है, जो पर्यावरण संरक्षण और परिवहन प्रबंधन को मजबूत करने में उपयोग होगा।
किन वाहनों को मिलेगी छूट?
दो पहिया वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, CNG वाहन, सरकारी वाहन, एंबुलेंस और अग्निशमन वाहन इस सेस से मुक्त रहेंगे।
वाहन श्रेणी के अनुसार तय की गई सेस दरें
चार पहिया वाहन: 80 रुपये
डिलीवरी वैन: 250 रुपये
भारी वाहन: 120 रुपये प्रति दिन
बस: 140 रुपये
ट्रक: आकार के अनुसार 140 से 700 रुपये तक
