अध्यक्ष–उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा ने दर्ज की निर्णायक विजय
देहरादून। प्रदेश में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों (एम-पैक्स) के प्रबंध समितियों के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपना परचम लहराया है। राज्य की कुल 671 सहकारी समितियों में से 668 समितियों में कोरम पूर्ण कर प्रबंध कमेटियों का गठन किया गया है, जिनमें भाजपा समर्थित उम्मीदवार भारी बहुमत से निर्वाचित हुए हैं। इतना ही नहीं, सहकारी समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भी भाजपा ने निर्णायक विजय दर्ज कर प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र में अपना कब्जा किया है।
सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेश में 671 एम-पैक्स में कुल 7381 वार्ड हैं। इनमें से 6235 वार्डों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ, जबकि शेष वार्डों पर मतदान संपन्न कराया गया। अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के लिये आज मतदान एवं मतगणना पूर्ण की गई, जिसमें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने एकतरफा जीत हासिल की।
सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने इस ऐतिहासिक जीत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और आम लोगों, किसानों, काश्तकारों, कारीगिरों व महिलाओं को सहकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने का प्रतिफल है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जनादेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, सहकारी समितियों को आत्मनिर्भर और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है और यह भाजपा के जनविश्वास का भी प्रतीक है।
जनसहभागिता से बदलेगा आईएसबीटी का चेहरा
देहरादून। देहरादून का आईएसबीटी शहर का सबसे व्यस्त परिवहन केंद्र है, जहां रोजाना हजारों यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में स्वच्छता और सुव्यवस्थित प्रबंधन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विगत दिनों आईएसबीटी में औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था को बारीकी से परखा। उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी मशीनरी का कार्य नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और आईएसबीटी जैसे महत्वपूर्ण स्थल पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) एक्शन मोड में आ गया। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने एमडीडीए और आईएसबीटी के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के साथ विस्तृत बैठक कर पूरे परिसर की सफाई व्यवस्था को लेकर समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आईएसबीटी में 24 घंटे साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर उदासीनता की गुंजाइश न रहे।
आईएसबीटी में चलाया गया व्यापक स्वच्छता अभियान
इसी दिशा में आईएसबीटी परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में एमडीडीए और आईएसबीटी कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने सहभागिता निभाई। अभियान के दौरान न केवल आईएसबीटी परिसर, बल्कि उसके बाहर मुख्य मार्ग तक सफाई कार्य किया गया। कूड़ा हटाने के साथ-साथ नालियों की सफाई, बस स्टैंड के विभिन्न ब्लॉकों और प्रतीक्षालयों की सफाई भी की गई ताकि यात्रियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। स्वच्छता अभियान के दौरान परिवहन निगम और अन्य बस ऑपरेटरों के ड्राइवरों और कंडक्टरों को भी जागरूक किया गया। उन्हें पॉलिथीन बैग प्रदान कर समझाया गया कि बसों का कचरा खुले में न फेंकें, बल्कि पॉलिथीन बैग में इकट्ठा कर निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। इससे न केवल परिसर में गंदगी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि यात्रियों के लिए बेहतर वातावरण भी सुनिश्चित होगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि वाहन कर्मी नियमित रूप से इस प्रक्रिया का पालन करें तो आईएसबीटी परिसर की सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
नियमित और सघन स्वच्छता अभियान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशानुसार आईएसबीटी के समस्त कर्मचारी अब प्रत्येक बुधवार को सघन स्वच्छता अभियान चलाएंगे। यह अभियान केवल एक औपचारिकता न होकर नियमित और संगठित प्रयास के रूप में किया जाएगा। इसमें न सिर्फ सफाई की जाएगी बल्कि शौचालयों, पेयजल स्थलों, प्रतीक्षालयों और बस प्लेटफॉर्म्स की विशेष सफाई की जाएगी। इससे आईएसबीटी परिसर हमेशा स्वच्छ, सुव्यवस्थित और यात्रा के अनुकूल बना रहेगा।
स्वच्छता में सहयोग देना हर नागरिक की जिम्मेदारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि आईएसबीटी जैसे सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ रखने में जन-जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए अभियान के दौरान यात्रियों, वाहन चालकों और कर्मचारियों को लगातार जागरूक किया गया कि स्वच्छता को आदत बनाना आवश्यक है। कूड़ा डस्टबिन में डालना, गंदगी न फैलाना, बसों का कचरा सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना और परिसर की स्वच्छता में सहयोग देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को केवल सरकारी दायित्व न मानकर सामुदायिक दायित्व के रूप में स्थापित करना है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा समग्र रूप से देखा जाए तो मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण ने जहां पूरे प्रशासन को सक्रिय कर दिया है, वहीं एमडीडीए द्वारा चलाया जा रहा नियमित स्वच्छता अभियान यह दर्शाता है कि जब प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिवर्तन निश्चित होता है। यह पहल केवल आईएसबीटी को स्वच्छ रखने तक सीमित नहीं, बल्कि देहरादून शहर की समग्र छवि को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मजखाली मंडल के अंतर्गत दुगौड़ा, बिष्ट कोटुली और गोंडली-चमना गांवों में आयोजित जन मिलन कार्यक्रमों के दौरान कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई विकास कार्यों की घोषणाएं कीं।
रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव-गांव तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में पीछे नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि हर ग्राम क्षेत्र में सड़क, पेयजल, शिक्षा और कृषि सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ठोस काम किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने दुगौड़ा गांव में लोगों की मांग पर धुणी में टीन शेड के लिए विधायक निधि से 3 लाख रुपये, सड़क निर्माण के लिए 2 लाख रुपये, भंडार कक्ष के लिए 1 लाख रुपये, सीसी रोड के लिए डेढ़ लाख रुपये और दुगौडाकोट स्थित हरज्यू मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए 2 लाख रुपये की घोषणा की।
बिष्ट कोटुली गांव में खेतों की सुरक्षा को लेकर महिलाओं की प्रमुख मांग पर तारबाड़ के लिए 6 लाख रुपये, जबकि प्राथमिक विद्यालय तक मार्ग निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपये स्वीकृत किए।
उन्होंने मौके पर पेयजल और हैंडपंप से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों से बात कर समाधान भी कराया।
गोंडली-चमना गांव में ग्रामीणों ने फसल की सुरक्षा के लिए तारबाड़ निर्माण की मांग रखी। इस पर मंत्री ने 4 लाख रुपये की स्वीकृति विधायक निधि से दी और गांव के विद्यालय तक जाने वाले रास्ते के निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही आसपास के गांवों को जोड़ने वाले 18 किमी लंबे मोटर मार्ग की मरम्मत के लिए शासन स्तर पर वित्तीय स्वीकृति दिलाने का भरोसा दिया।
जन मिलन कार्यक्रमों में मंडल अध्यक्ष दीपक बोरा, मंडल महामंत्री राज अधिकारी, दीपक रावत, दीवान जलाल, भुवन जोशी, मंटू वर्मा, दिनेश वर्मा, राजू रावत, कैलाश, जीवन बिष्ट, ग्राम प्रधान सुरेश कार्की, हेमा बिष्ट, राकेश कुमार, खड़क सिंह नेगी, कुशाल सिंह बिष्ट, हिमांशु कुमार, गोविंद सिंह बिष्ट सहित कई कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
6 दिवसीय कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स को भूकंप, बाढ़, CBRN डिजास्टर और फर्स्ट एड की दी गई विशेष ट्रेनिंग
चमोली। भारत सरकार की युवा आपदा योजना के तहत जनपद चमोली में आयोजित व्यापक आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया है। यह कार्यक्रम 14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ था और 20 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक समाप्त हुआ। प्रशिक्षण भारत सरकार, उत्तराखंड शासन के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग तथा जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया।
छह दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में एनसीसी कैडेट्स को आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां और व्यावहारिक अभ्यास कराए गए। प्रशिक्षकों ने कैडेट्स को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तैयारी और सुरक्षा के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके अलावा कैडेट्स को फर्स्ट एड, केमिकल, न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल आपदाओं में बचाव के उपाय, रोड सेफ्टी, रस्सी बांधने की तकनीकें, गहरी खाइयों व नदियों को पार करने के तरीके, सैटेलाइट फोन का उपयोग, जंगल की आग नियंत्रण, स्ट्रेचर बनाना और घायलों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने जैसी आवश्यक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स ने विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित की। अधिकारियों का मानना है कि ये प्रशिक्षित एनसीसी कैडेट्स भविष्य में आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में स्थानीय प्रशासन की मदद कर सकेंगे, जिससे राहत और बचाव कार्यों की गति और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।
समापन समारोह में आपदा प्रबंधन मास्टर ट्रेनर राजू शाही, सुशील सिंह कैन्तुरा, किशन राजगुरु, युवा आपदा मित्र टीम, तथा 01 यूके बटालियन गोपेश्वर के कर्नल शराजेश रावत, सूबेदार समर सिंह, सूबेदार जगदीश सिंह, हवलदार वीरेंद्र, ललित, साजिद अली, अजय उपस्थित रहे।
इसके अलावा जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून की ओर से जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
माणा बाजार में मंत्री गणेश जोशी ने स्थानीय उत्पादों की खरीददारी डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भुगतान कर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का संदेश दिया
चमोली। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी आज जनपद चमोली स्थित देश के प्रथम गांव माणा पहुंचे। मंत्री जोशी ने माणा आगमन पर भारतीय सेना के जवानों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उनके उत्साह एवं सेवा भाव की सराहना की।
इसके उपरांत ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने माणा बाजार का भ्रमण किया, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों, तीर्थयात्रियों एवं दुकानदारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं व सुझावों पर संवाद किया। उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर यात्रा व्यवस्था एवं सुविधाओं की भी जानकारी ली। माणा बाजार में मंत्री गणेश जोशी ने स्थानीय उत्पादों की खरीददारी करते हुए डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भुगतान किया और लोगों को डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
मंत्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि अंतिम गांव माणा गांव देश का प्रथम गांव बनाया। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की संस्कृति, परंपरा एवं देशभक्ति पूरे उत्तराखण्ड के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने क्षेत्र में पर्यटन एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश में 1.65 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। जो राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण व आजीविका वृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने बदरीनाथ धाम से लौटते समय वृद्ध बद्री के पास अपने काफिले को रोक कर बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कार्य कर रहे श्रमिकों को मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सभी कार्मिकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि कठोर परिस्थितियों में भी आप सभी जिस भावना और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं, वह वास्तव में प्रशंसनीय है।
इस दौरान बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
दर्शकों को एक बार फिर पेट पकड़कर हंसाने के लिए पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा पूरी तरह तैयार हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘राहु केतु’ का टीज़र रिलीज हो चुका है, जिसमें कॉमेडी और अफरा-तफरी से भरी कहानी की पहली झलक देखने को मिली। खास बात यह है कि गंभीर भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता अमित सियाल भी इस बार फिल्म में एक अलग किरदार में नजर आ रहे हैं।
टीज़र में दिखा तांडव—जहां जाते हैं, मुसीबत साथ ले जाते हैं
टीज़र के अनुसार, पुलकित और वरुण ऐसे दो किरदार निभा रहे हैं, जिन्हें गांव वाले मनहूस मानते हैं। इनके आसपास पहुँचते ही लोगों की जिंदगी में मुसीबतों की बारिश होने लगती है। कहानी में ‘राहु–केतु’ का दिलचस्प कनेक्शन भी दिखाया गया है, जो हास्य के साथ मिस्ट्री का तड़का लगाता है।
अमित सियाल की खास भूमिका—कॉमेडी में गहराई जोड़ता नया ट्विस्ट
टीज़र के आगे बढ़ते ही अमित सियाल की दमदार एंट्री होती है। उनका किरदार पुलकित और वरुण की वजह से परेशान हो जाता है और बाद में दोनों के बीच तीखी टकराव भी दिखाई देता है। कॉमेडी सेटअप के बीच अमित सियाल का नेगेटिव शेड कहानी में एक नया रंग भरता है।
16 जनवरी 2026 को रिलीज होगी फिल्म
‘राहु केतु’ में पुलकित सम्राट, वरुण शर्मा, अमित सियाल के साथ शालिनी पांडे, पीयूष मिश्रा और चंकी पांडे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म का निर्देशन विपुल विग ने किया है और यह 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
(साभार)
सीएम धामी ने समस्त नए मंत्रिमंडल को भी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी
कहा- डबल इंजन सरकार बिहार में सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करेगी
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर नीतीश कुमार को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने समस्त नए मंत्रिमंडल को भी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की डबल इंजन सरकार बिहार में सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करेगी। उन्होंने बिहार की जनता को भी इस अवसर पर बधाई दी और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शपथ समारोह में प्रधानमंत्री मोदी समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद
पटना। बिहार की सत्ता में एक बार फिर अनुभवी नेतृत्व की वापसी हुई है। 2025 के विधानसभा चुनाव में NDA की जीत के साथ नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड बनाते हुए दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लंबे राजनीतिक अनुभव, संतुलित नेतृत्व और प्रशासनिक सुधारों के कारण वे देश के सबसे स्थायी और प्रभावशाली मुख्यमंत्रियों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। पटना के गांधी मैदान में हुए भव्य समारोह में 26 नवनियुक्त मंत्रियों ने भी शपथ ली। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्र व राज्यों के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
एनडीए की हालिया जीत के बाद आयोजित इस कार्यक्रम ने बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर को साफ कर दिया है। 243 सीटों वाली विधानसभा में NDA गठबंधन ने 202 सीटें हासिल की हैं, जिनमें भाजपा को 89, जदयू को 85, लोजपा (रामविलास) को 19, हम (सेक्युलर) को 5 और रालोमो को 4 सीटें मिलीं।
शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बनाया। माना जा रहा है कि यह शपथ ग्रहण बिहार की भविष्य की शासन-व्यवस्था और राजनीतिक दिशा को नए आयाम देगा।
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर साधारण पृष्ठभूमि से शुरू होकर राज्य के पुनर्निर्माण के प्रतीक तक पहुँचा है। पटना जिले के बख्तियारपुर में 1951 में जन्मे नीतीश ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद 70 के दशक में जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। इसी दौर ने उनके भीतर सामाजिक न्याय और प्रशासनिक सुधारों के लिए ठोस दृष्टि विकसित की।
1985 में पहली बार लोकसभा पहुँचे नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई। रेल मंत्री, कृषि मंत्री और सड़क परिवहन मंत्री जैसे अहम मंत्रालय उनके कार्यकाल में पारदर्शिता और आधारभूत सुधारों के लिए जाने जाते हैं। रेल मंत्रालय में उनके प्रयासों ने यात्री सुविधाओं को नई दिशा दी, जिसकी खूब सराहना हुई।
हालाँकि, उनका असल प्रभाव बिहार की सत्ता में दिखाई देता है। 2005 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कानून-व्यवस्था, सड़क नेटवर्क, बिजली आपूर्ति और शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार शुरू किए। इनके परिणामों ने बिहार की छवि को काफी हद तक सकारात्मक दिशा में बदला।
महिला सशक्तिकरण को उनकी नीतियों ने विशेष पहचान दिलाई—चाहे पंचायतों में 50% आरक्षण हो या कन्या उत्थान जैसी योजनाएँ। ग्रामीण विकास के लिए “सात निश्चय” कार्यक्रम ने कई बुनियादी सुविधाओं तक पहुँच आसान की। शराबबंदी जैसे निर्णयों ने उन्हें सामाजिक सुधारक की छवि भी दी, भले ही यह फैसला विवादों में रहा हो।
सबसे विशेष बात यह है कि गठबंधन राजनीति में उनकी समझ और संतुलन बनाने की क्षमता ने उन्हें वर्षों तक सत्ता में बनाए रखा। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच भी वे हमेशा प्रशासन के केंद्र में रहे, जो उनकी रणनीति और जनस्वीकार्यता को दर्शाता है।
दसवीं बार मुख्यमंत्री बनकर नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि बिहार की आधुनिक राजनीति के प्रमुख नायक हैं, जिनके फैसले आने वाले समय में भी राज्य की दिशा तय करेंगे।
अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिए गहन जांच के निर्देश, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने को आयोग की ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू
ऋषिकेश। दहेज उत्पीड़न से जुड़े एक गंभीर मामले में उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सीओ ऋषिकेश डॉ. पूर्णिमा गर्ग और एडिशनल एसपी जया बलूनी को तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने पुलिस को मामले की गंभीर जांच कर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
शिकायत पत्र के अनुसार, ऋषिकेश निवासी उमेश कुमार ने अपनी पुत्री सोनी की दहेज उत्पीड़न और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुत्री की शादी 02 जुलाई 2023 को सुमित पुत्र विनोद निवासी जाटव बस्ती, रेलवे रोड, ऋषिकेश से हुई थी। शादी के शुरुआत से ही पुत्री को उसके पति व ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। इस संबंध में 30 सितंबर 2023 को थाना पुलिस को तहरीर भी दी गई थी।
पीड़ित पिता के अनुसार 18 नवंबर 2025 की शाम करीब 6 बजे पुत्री के ससुराल वालों—पति सुमित, सास जसवंती, ससुर विनोद, जेठ अमित, जेठानी रूबी, ननद कामिनी, शिया सहित अन्य रिश्तेदार ने मिलकर सोनी की हत्या कर दी। आरोप है कि घटना के बाद सभी आरोपी शव को सरकारी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए।
गंभीर आरोपों को देखते हुए महिला आयोग ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला मानते हुए पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और दोषियों को कानूनन कठोर सजा दिलाई जाए।
आयोग का कहना है कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले ऐसे अपराधों पर ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिम्बाब्वे-नामीबिया करेंगे मेजबानी, 41 मैचों में भिड़ेंगी 16 टीमें
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने 2025 में होने वाले अंडर-19 विश्व कप का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। आगामी टूर्नामेंट 15 जनवरी से 6 फरवरी तक जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा। 16 टीमों के इस बड़े आयोजन में कुल 41 मुकाबले होंगे और फाइनल का रोमांचक मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में संपन्न होगा। खास बात यह है कि भारत और पाकिस्तान को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है।
टूर्नामेंट की संरचना के अनुसार, सभी 16 टीमों को चार ग्रुपों में बांटा गया है, जहां हर ग्रुप में चार टीमें शामिल होंगी। लीग चरण के बाद सुपर सिक्स फॉर्मेट होगा, जिसके आधार पर चार टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी और अंततः विजेता का फैसला फाइनल में होगा। टूर्नामेंट के पहले दिन भारत अपना अभियान अमेरिका के खिलाफ शुरू करेगा, जबकि मेजबान जिम्बाब्वे का मुकाबला स्कॉटलैंड से होगा। वहीं तंजानिया इस विश्व कप में अपना डेब्यू वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच से करेगी।
आईसीसी अंडर-19 विश्व कप का पूरा कार्यक्रम-

मैचों का आयोजन पांच अलग-अलग स्थलों पर होगा। जिम्बाब्वे में हरारे स्पोर्ट्स क्लब, ताकाशिंगा स्पोर्ट्स क्लब और क्वींस स्पोर्ट्स क्लब को तैयार किया गया है। वहीं नामीबिया में एचपी ओवल और नामीबिया क्रिकेट ग्राउंड मुकाबलों की मेजबानी करेंगे।
ग्रुपिंग इस प्रकार है—भारत को ग्रुप ए में अमेरिका, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है। ग्रुप बी में जिम्बाब्वे, पाकिस्तान, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड शामिल हैं। मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ग्रुप सी में आयरलैंड, जापान और श्रीलंका के साथ है। ग्रुप डी में अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और तंजानिया को शामिल किया गया है।
ICC द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, भारत 15 जनवरी को अमेरिका, 17 जनवरी को बांग्लादेश और 24 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। टीम इंडिया के तीनों लीग मैच बुलावायो में आयोजित किए जाएंगे। पहले दौर से प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष तीन टीमें सुपर सिक्स में पहुंचेंगी और वहां दो समूह बनाए जाएंगे, जिनमें से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी।
