उत्तराखण्ड अपनी सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और परंपराओं के लिए देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है- मुख्यमंत्री
नई दिल्ली। आईजीएनसीए के अध्यक्ष एवं देश के वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री धामी ने राय का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड अपनी सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और परंपराओं के लिए देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस धरोहर को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आईजीएनसीए के माध्यम से उत्तराखण्ड की कला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार को और गति मिलेगी।
अजय देवगन और रकुल प्रीत सिंह की रोमांटिक–कॉमेडी ‘दे दे प्यार दे 2’ वीकेंड पर दर्शकों को उम्मीद के मुताबिक सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रही है। रिलीज़ के तीन दिन बीतने के बाद भी फिल्म अपनी पकड़ मजबूत नहीं बना पाई। रविवार के कलेक्शन ने साफ कर दिया कि पहले वीकेंड पर फिल्म को वह बढ़त नहीं मिली, जिसकी अपेक्षा की जा रही थी।
तीसरे दिन की कमाई उम्मीद से कम
आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने रविवार यानी तीसरे दिन 13.75 करोड़ रुपये का कारोबार किया। आमतौर पर रविवार को कलेक्शन में उछाल देखने को मिलता है, लेकिन इस बार फिल्म को वीकेंड का फायदा उतनी मजबूती से नहीं मिल पाया। शुरुआती उत्सुकता के बाद भी बॉक्स ऑफिस ग्राफ उम्मीद के अनुरूप नहीं बढ़ सका।
धीमी ओपनिंग के बाद मिला मिलाजुला वीकेंड
रिलीज से पहले फिल्म को लेकर चर्चा अच्छी थी और ट्रेलर ने दर्शकों की दिलचस्पी भी बढ़ाई थी। इसके बावजूद पहले दिन की ओपनिंग कमजोर रही। शनिवार को कलेक्शन में लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे टीम को उछाल की उम्मीदें बढ़ीं, मगर रविवार को बॉक्स ऑफिस का तापमान फिर ठंडा पड़ गया।
वीकेंड का कुल कारोबार औसत
तीन दिनों के अंत तक फिल्म का कुल कलेक्शन 34.75 करोड़ रुपये पहुंचा। यह आंकड़ा बुरा नहीं है, लेकिन फिल्म के बजट और फ्रेंचाइज़ी की लोकप्रियता को देखते हुए इसे संतोषजनक भी नहीं कहा जा सकता। ट्रेड एक्सपर्ट का मानना है कि अब फिल्म की असली परीक्षा वीकडेज़ पर होगी, जहां स्थिर कमाई की जरूरत होगी।
दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
फिल्म को लेकर दर्शकों की राय दो हिस्सों में बंटी दिख रही है। कुछ लोग अजय–रकुल की केमिस्ट्री को फ्रेश और मनोरंजक बता रहे हैं, जबकि कई दर्शकों का कहना है कि इस बार कहानी में वह भावनात्मक गहराई नहीं है, जिसने पहले भाग को सफल बनाया था। सोशल मीडिया पर भी रिव्यू सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों तरह के देखने को मिले।
पहले पार्ट की तुलना में कमज़ोर शुरुआत
2019 में रिलीज हुई ‘दे दे प्यार दे’ ने ओपनिंग से ही बेहतरीन प्रदर्शन किया था और जल्दी ही 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई थी। इसके मुकाबले दूसरा भाग बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत के साथ उतरा है। दूसरे दिन की कमाई ने भले ही थोड़ी राहत दी, लेकिन रविवार का गिरा ग्राफ फिर चिंता बढ़ा गया।
नई कास्ट ने जोड़ा ताजगी का तत्व
सीक्वल में आर. माधवन, मीज़ान जाफरी और जावेद जाफरी जैसे कलाकार जुड़े हैं, जिन्होंने अपने किरदारों में नई ऊर्जा लाई है। गौतमी कपूर और इशिता दत्ता ने भी कहानी के भावनात्मक पक्ष में अपनी भूमिका निभाई। हालांकि ड्रामा और एंगल नए दिखते हैं, फिर भी यह बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सके।
कहानी का बदला फोकस
कहानी वहीं से आगे बढ़ती है जहां पहला पार्ट खत्म हुआ था। इस बार फोकस रकुल प्रीत के परिवार पर शिफ्ट हो जाता है, जहां उम्र के अंतर और रिश्ते की स्वीकार्यता को लेकर कई हास्य और भावुक स्थितियां पैदा होती हैं। हालांकि कुछ हिस्सों में कॉमेडी असरदार है, लेकिन कहानी की गूँज पहले पार्ट जितनी मजबूत महसूस नहीं होती।
निर्देशन और तकनीकी पहलू
अंशुल शर्मा ने फिल्म को हल्के-फुल्के टोन में पेश किया है। सिनेमैटोग्राफी और लोकेशन्स आधुनिकता का एहसास कराते हैं। तकनीकी रूप से फिल्म ठीक-ठाक है, लेकिन संगीत के मामले में यह पहले भाग की तुलना में फीकी पड़ती है, जहां कई गीत सुपरहिट हुए थे।
(साभार)
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उद्देश्य, अनुशासन और समय प्रबंधन का महत्व समझाया
नई दिल्ली/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम–2025 में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बहुमूल्य अनुभव अर्जित किए होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण अब राज्य स्तर पर भी शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान, विज्ञान और अनुसंधान नई चीजें सीखने और दृष्टिकोण विस्तृत करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उद्देश्य, अनुशासन और समय प्रबंधन से ही मिलती है सफलता
मुख्यमंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन का प्रसंग साझा करते हुए बताया कि पिताजी के सेना से सेवानिवृत्त होने के समय वे कक्षा 9 में थे और कक्षा 10 की परीक्षा देने के लिए अकेले खटीमा से नैनीताल एक्सप्रेस पकड़कर सागर गए थे। यह उनका पहला शैक्षिक भ्रमण था, जिसने उन्हें सतत सीखने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में स्पष्ट उद्देश्य, स्वअनुशासन और लक्ष्य के प्रति निरंतरता अत्यंत आवश्यक है। स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य के अंदर असीम शक्ति होती है, जो आत्मविश्वास, एकाग्रता और निरंतर प्रयास से प्रकट होती है।

मुख्यमंत्री ने समय प्रबंधन के महत्त्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थी अपनी गलतियों में सुधार कर पाते हैं और समय का सर्वोत्तम उपयोग कर सकते हैं। जीवन में चुनौतियां और प्रतिस्पर्धा जरूरी हैं, क्योंकि इन्हीं से प्रेरणा मिलती है।
उल्लेखनीय है कि देवप्रयाग विधानसभा से विधायक विनोद कंडारी ने आठ वर्ष पूर्व इस पहल की शुरुआत की थी। इस वर्ष भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण–2025 के तहत देवप्रयाग के मेधावी विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक साबरमती आश्रम का भ्रमण किया। विद्यार्थियों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया शुभारंभ
देहरादून। तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने क्षेत्रीय बोली-भाषाओं के संवर्धन एवं संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘पहाड़ी AI’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक, ‘गढ़ रत्न’ नरेंद्र सिंह नेगी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
‘पहाड़ी AI’ तकनीक में रुचि रखने वाले युवाओं, छात्रों एवं विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया एक अभिनव प्रयास है, जिसका उद्देश्य हमारी स्थानीय भाषाओं को डिजिटल युग में नई पहचान और वैश्विक मंच पर नई दिशा प्रदान करना है। यह पहल भाषा सीखने, समझने और संरक्षित करने को सरल बनाते हुए आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पहाड़ी भाषाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत की आत्मा हैं, और डिजिटल नवाचारों के माध्यम से इनका संरक्षण समय की आवश्यकता है। ‘पहाड़ी AI’ हमारी भाषाई धरोहर को सशक्त बनाते हुए युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।
मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को समन्वय व व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए
देहरादून। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यमुना कालोनी स्थित शासकीय आवास पर सहकारिता मेलों की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली।
जिसमें सहकारिता सचिव एवं निबंधक सहकारिता ने विभागीय गतिविधियों, मेलों की तैयारियों सहित आगामी कार्यक्रमों के बारे में विभागीय मंत्री को अवगत कराया। डॉ रावत ने सभी जनपदों में सहकारिता मेलों से संबंधित तैयारियों, व्यवस्थाओं और समन्वय को और प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।
सहकारी मेलों में जुटे एक लाख से अधिक किसान, 4 लाख की भागीदारी का लक्ष्य
सहकारिता मंत्री ने बताया कि अब तक जिन जनपदों में सहकारिता मेले संपन्न हुए हैं, उनमें एक लाख से अधिक किसानों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया है। उन्होंने कहा कि आगामी जनपदों में आयोजित होने वाले मेलों में लगभग चार लाख किसानों की सहभागिता का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता, ग्राम स्तर तक सूचना प्रसार तथा स्थानीय समितियों के माध्यम से किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। उन्होंने ने बताया कि पौड़ी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जनपदों में सहकारिता मेले सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि पिथौरागढ़ एवं उत्तरकाशी में मेले वर्तमान में संचालित हैं। अन्य जनपदों में आयोजित होने वाले मेलों की तैयारी के लिये अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं।
बैठक में पैक्स कंप्यूटराइजेशन की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा भी हुई। डॉ. रावत ने कहा कि कंप्यूटराइजेशन सहकारिता प्रणाली के आधुनिकीकरण, पारदर्शिता और दक्षता का आधार है। उन्होंने सभी जनपदों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश देते हुए किसी भी प्रकार की देरी को अस्वीकार्य बताया।
समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. वी. वी. आर. पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, तथा आनंद शुक्ल उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस–2025: बढ़ती भ्रामकता के बीच प्रेस की विश्वसनीयता पर केंद्रित सारगर्भित गोष्ठी
प्रेस की स्वतंत्रता बनाम स्वच्छंदता: पौड़ी में राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर गहन विचार-विमर्श
पौड़ी- राष्ट्रीय प्रेस दिवस–2025 के उपलक्ष्य में सूचना विभाग के तत्वाधान में जिला मुख्यालय पौड़ी में “बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता का संरक्षण” विषय पर एक विस्तृत एवं सारगर्भित गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला सूचना अधिकारी व सभी पत्रकारों द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित गोष्ठी में सभी पत्रकारों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए जिला सूचना अधिकारी योगेश पोखरियाल ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना प्रसार की गति बढ़ी है, लेकिन इसी तेज़ी के साथ गलत, अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं का फैलाव एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे समय में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। पत्रकारिता का आधार सत्य, सटीकता और संतुलन पर टिका होता है, और इन्हीं सिद्धांतों का पालन करके मीडिया समाज में अपनी विश्वसनीय छवि बनाए रख सकता है।
उन्होंने कहा कि संविधान को समझना आवश्यक है, तभी प्रेस की स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। हम अक्सर शब्दों पर ध्यान देकर भावनाओं को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जबकि हर घटना को संवेदनशीलता और आत्मविश्लेषण के साथ समझने पर भ्रम की गुंजाइश कम हो जाती है।
वरिष्ठ पत्रकार अनिल बहुगुणा ने कहा कि आज की पत्रकारिता केवल ख़बर लिखने भर का कार्य नहीं रह गयी है, बल्कि यह समाज को दिशा देने वाला माध्यम बन चुकी है। फेक न्यूज, आधी-अधूरी सूचनाएं और बिना पुष्टि किए वायरल सामग्री बड़ी सामाजिक चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को चाहिए कि वे हर सूचना की दो-स्तरीय पुष्टि करें, संदर्भ को समझें और पाठकों तक वही जानकारी पहुँचाएं जो प्रमाणित हो। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वसनीयता किसी भी मीडिया संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी है जिसे बचाए रखने के लिए कठोर अनुशासन, नैतिकता और तथ्यपरकता अनिवार्य है।
वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन उनियाल ने कहा कि प्रेस दिवस पत्रकारिता जगत के लिए आत्मचिंतन और आत्ममूल्यांकन का दिन होता है। मीडिया का लोकतंत्र से गहरा रिश्ता है और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में पत्रकार की जिम्मेदारी केवल समाचार देने तक सीमित नहीं, बल्कि जनमत को सही दिशा देने में भी होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गलत सूचना का प्रभाव इतना तेज है कि वह समाज में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में पत्रकारों को न केवल तथ्यपरकता, बल्कि संवेदनशीलता और पारदर्शिता को भी समान महत्व देना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार अजय रावत ने कहा कि सोशल मीडिया ने सूचना की पहुँच को अत्यंत व्यापक बना दिया है, लेकिन यही विस्तृत पहुँच कई बार अपुष्ट सामग्री को भी तेजी से आगे बढ़ा देती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को तकनीक के साथ तालमेल बिठाते हुए डिजिटल मंचों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मीडिया कर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षण, वर्कशॉप और तथ्य-जांच संबंधी मॉड्यूल अपनाने चाहिए ताकि वे बदलते दौर की चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने प्रेस दिवस के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सूचना विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम अत्यंत सामयिक और उपयोगी है। उन्होंने कहा कि गोष्ठी में रखे गए विचार न केवल पत्रकारिता के मानकों को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि विश्वसनीय और जिम्मेदार मीडिया के निर्माण में भी सहायक होंगे। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद बर्तवाल ने किया। इस अवसर पर दो दर्जन से अधिक पत्रकार उपस्थित रहे।
लिवर के नीचे मौजूद छोटा अंग पित्ताशय (Gallbladder) शरीर में वसा को पचाने के लिए आवश्यक पित्त को सुरक्षित रखता है। लेकिन जब पित्त में मौजूद तत्व—जैसे कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन—अपने सामान्य अनुपात से बिगड़ जाते हैं, तो ये जमकर छोटे–बड़े कठोर कणों में बदल जाते हैं, जिन्हें गॉलस्टोन कहा जाता है। यह समस्या कई बार बिना किसी लक्षण के बनी रहती है और तभी सामने आती है जब पथरी नलिकाओं में फंसकर तेज दर्द उत्पन्न करती है।
आधुनिक जीवनशैली और गलत खान–पान इस समस्या को तेजी से बढ़ा रहे हैं। समय रहते इन कारणों को समझना जरूरी है ताकि आगे चलकर सर्जरी जैसे बड़े उपचार की जरूरत न पड़े।
कौन-सी गलत आदतें बढ़ाती हैं पित्ताशय की पथरी का खतरा?
1. अत्यधिक फैट वाला भोजन
अगर भोजन में वसा की मात्रा अधिक और फाइबर कम है, तो पित्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। यही अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे पथरी बनाने लगता है।
2. तेजी से वजन कम करना
बहुत सख्त डाइट, लंबा उपवास या अचानक वजन कम करना पित्त में कोलेस्ट्रॉल बढ़ा देता है और पित्ताशय सही ढंग से खाली नहीं होता। इससे गॉलस्टोन बनने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
3. हार्मोन से जुड़ी दवाएं
एस्ट्रोजन वाली दवाएं—जैसे कुछ गर्भनिरोधक गोलियां या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी—पित्त में कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ा देती हैं। गर्भावस्था के दौरान भी हार्मोनल बदलाव यह जोखिम बढ़ा सकते हैं।
4. शारीरिक गतिविधि की कमी
लंबे समय तक बैठे रहना या व्यायाम न करना पित्ताशय को पूरी तरह खाली नहीं होने देता। इससे पित्त गाढ़ा हो जाता है और पथरी बनने की स्थिति पैदा होती है।
5. मोटापा
अधिक वजन होने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है, जो सीधे-सीधे गॉलस्टोन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
कैसे बचा जा सकता है इस समस्या से?
संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, नियंत्रित वजन और विशेषज्ञ की सलाह से दवाओं का सेवन पित्ताशय की पथरी के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। जीवनशैली में छोटे-मोटे सुधार इस दर्दनाक बीमारी से बचाव में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
सोमेश्वर के धूमण और सतरासी अरडिया में हुआ जन मिलन कार्यक्रम
मंत्री रेखा आर्या ने की विकास कार्यों की घोषणाएं
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धूमण और सतरासी अरडिया में आयोजित जन मिलन कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान क्षेत्रवासियों ने संपर्क पुल निर्माण, मंदिरों के सौंदर्यीकरण, पेयजल योजना शुरू करने तथा सड़क मार्गों के निर्माण की मांग रखी।
रेखा आर्या ने कहा कि ये सभी कार्य विधायक निधि और जिला योजना के माध्यम से शीघ्र पूरे कराए जाएंगे। उन्होंने जन मांगों को देखते हुए पेयजल योजना समेत अन्य विकास कार्यों के लिए विधायक निधि से ढाई-ढाई लाख रुपये देने की घोषणा की।

मंत्री ने बताया कि सोमेश्वर क्षेत्र में उप जिला चिकित्सालय, त्रिवेणी घाट, पुल और गैस गोदाम जैसे महत्वपूर्ण कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास कार्यों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करती रही है और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10 की परीक्षा में पूरे ब्लॉक में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा दिया जीना को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, ग्राम प्रधान विमला आर्या, जिला मंत्री अंजलि जोशी, बच्ची राम, पूर्व मंडल महामंत्री उमेश मिश्रा, राजेंद्र खेड़ा, रंजीत रावत, खड़क सिंह नेगी, गोपाल, शंकर मेहरा, नरेंद्र नेगी, कृष्णा भंडारी, गोविंद सिंह, सुरेश बोरा, डॉक्टर देवेंद्र जोशी, भूपाल मेहरा, प्रकाश नेगी, किशनराम, जवाहर सिंह बिष्ट, नारायण सिंह बिष्ट, विशन सिंह बिष्ट, अमर सिंह मेहरा, राम सिंह, पूर्ण सिंह, कृष्ण, विनोद पांडे समेत क्षेत्र के अनेक लोग मौजूद रहे।
देहरादून- कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आज पदभार ग्रहण कर लिया। इस दौरान कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। निवर्तमान अध्यक्ष करन माहरा ने विधिवत रूप से गोदियाल को कार्यभार सौंपा। बता दें कि गोदियाल दूसरी बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए हैं। इससे पहले वह 22 जुलाई 2021 से 10 अप्रैल 2022 तक यह दायित्व निभा चुके हैं।
इससे पहले नए प्रदेश अध्यक्ष का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत हुआ। इसके साथ ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट से पार्टी मुख्यालय देहरादून तक जगह-जगह गोदियाल का स्वागत किया गया।
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका/ मिनी कर्मचारी संगठन के सदस्यों ने भेंट की।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठन ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया। जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।
