मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बदल रही बच्चों की दुनिया, स्पोर्ट्स डे में दिखा आत्मविश्वास और अनुशासन
देहरादून- राज्य के प्रथम आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में बाल दिवस के अवसर पर “स्पोर्ट्स डे–2025” का भव्य आयोजन किया गया। मा. मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का यह परिणाम है कि भिक्षावृत्ति, बाल मजदूरी और कूड़ा बीनने में संलिप्त बच्चे अब शिक्षा व खेलों के माध्यम से मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं। कभी सड़क पर मायूस और उपेक्षित दिखता बचपन अब आत्मविश्वास के साथ पदक जीतने की राह पर है।
इंटेंसिव केयर सेंटर में बच्चों को उत्तराखंड की दो नदियों और दो पर्वत चोटियों के नाम पर चार सदनों—
नंदा (लाल), अलकनंदा (हरा), पिंडर (पीला) और त्रिशूल (नीला) में विभाजित किया गया है।
मार्च पास्ट, पीटी डिस्प्ले और स्वागत नृत्य ने जीता दिल
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। चारों सदनों ने आकर्षक मार्च पास्ट किया और पीटी डिस्प्ले में प्रभावशाली फिटनेस का प्रदर्शन किया। स्वागत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
बच्चों का जोश और प्रदर्शन—सड़क से स्टेडियम तक की कहानी
नन्हे बच्चों ने उत्साहपूर्वक सभी खेल स्पर्धाओं में भाग लिया। कुछ प्रमुख परिणाम इस प्रकार रहे—
लेमन रेस (छोटे बच्चे)
स्वर्ण: —
रजत: सुनाक्षी (नंदा)
कांस्य: ब्यूटी, शिवानी (अलकनंदा/पिंडर)
स्प्रिंट रेस (छोटे बच्चे)
स्वर्ण: आर्यन (अलकनंदा)
रजत: तन्नू (पिंडर)
कांस्य: मनप्रीत (त्रिशूल)
सैक रेस
कांस्य: करण (त्रिशूल)
100 मीटर दौड़ (बालक)
स्वर्ण: लक्ष्मण (त्रिशूल)
रजत: शिवा (पिंडर)
कांस्य: हरीश (अलकनंदा)
100 मीटर दौड़ (बालिका)
स्वर्ण: सोनम (अलकनंदा)
रजत: गुडिया (पिंडर)
कांस्य: मीनाक्षी (त्रिशूल)
400 मीटर रिले रेस
स्वर्ण: अलकनंदा
रजत: त्रिशूल
कांस्य: नंदा
खो-खो (मिक्स टीम)
अलकनंदा और पिंडर ने शानदार प्रदर्शन किया।
हर्डल रेस
स्वर्ण: अमित (त्रिशूल)
रजत: आदित्य (पिंडर)
कांस्य: चांदनी (अलकनंदा)
अलकनंदा हाउस बना ओवरऑल चैंपियन
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद अलकनंदा हाउस 255 अंक लेकर ओवरऑल हाउस चैंपियन बना।
प्रथम: अलकनंदा – 255 अंक
द्वितीय: त्रिशूल – 232 अंक
तृतीय: पिंडर – 185 अंक
कार्यक्रम ने दिया आत्मविश्वास — सड़क के बच्चों का बदलता भविष्य
खेलों का संचालन प्रोजेक्ट लीडर संचित कुमार और शिक्षक कुलदीप सिंह चौहान ने रेफरी की भूमिका में किया। यह आयोजन बच्चों के लिए प्रेरणा, अनुशासन और खुशी का संगम साबित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे—
जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रीमती मीना बिष्ट,श्रवण कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य साधुराम इंटर कॉलेज,विवेक कुमार, अशोक बिष्ट (मैनेजर),संचित कुमार (आसरा ट्रस्ट),मानसी शर्मा (कॉर्डिनेटर—समर्पण), दीक्षा धीमान (असिस्टेंट कॉर्डिनेटर—उदयेनि शालिनी फाउंडेशन) आदि
बिग बॉस 19 का नया वीकएंड एपिसोड दर्शकों के लिए मनोरंजन का डबल डोज़ लेकर आने वाला है। शो के ताज़ा प्रोमो में फिल्ममेकर और एक्शन के बादशाह रोहित शेट्टी बतौर स्पेशल गेस्ट नजर आ रहे हैं। सेट पर आते ही उन्होंने माहौल ऐसा बना दिया कि प्रतियोगियों के साथ-साथ दर्शकों की हंसी भी नहीं रुक रही।
वीडियो में दिखता है कि रोहित शेट्टी, स्टैंड-अप कॉमेडियन और कंटेस्टेंट प्रणीत मोरे से मजाकिया अंदाज़ में कहते हैं—“चलो, मेरे ऊपर तुरंत स्टैंड-अप करके दिखाओ।” इसके बाद प्रणीत अपनी चुटीली शैली में शुरू हो जाते हैं और कहते हैं कि रोहित शेट्टी को ‘खतरों के खिलाड़ी’ होस्ट करते देख लगता है जैसे वे किसी भी स्टंट में खुद कूद पड़ेंगे। यह सुनकर पूरा घर ठहाकों से गूंज उठता है।
इसके बाद प्रणीत फिल्म दिलवाले का जिक्र करते हुए कहते हैं कि शूटिंग में रोहित शेट्टी ने भारी भरकम बजट लगा दिया था। इस पर रोहित हंसते हुए उन्हें सुधारते हैं—“100 नहीं, पूरे 150 करोड़!” उनके यह कहते ही माहौल और भी मजेदार हो जाता है।
प्रणीत यहीं नहीं रुकते। वे मजाक करते हुए कहते हैं कि रोहित की फिल्मों की शूटिंग के दौरान इतनी सिक्योरिटी होती है कि ऐसा लगता है जैसे खुद निर्देशक पुलिस की गाड़ियों की जांच कर रहे हों। इस पर भी सभी जोर-जोर से हंस पड़ते हैं।
ध्यान रहे कि दिलवाले का निर्देशन और निर्माण दोनों की जिम्मेदारी रोहित शेट्टी ने ही संभाली थी, और उनके आने से बिग बॉस 19 का वीकएंड एपिसोड धमाकेदार होने वाला है।
शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर पर उठी बहस को बताया संवेदनशील मुद्दा, राजनीति से ऊपर रखी राष्ट्रीय सुरक्षा
तिरुवनंतपुरम- कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में आतंकवाद पिछले तीन दशकों से चुनौती बना हुआ है और इसे अत्यधिक गंभीरता से समझने की जरूरत है। थरूर के अनुसार, आतंकवाद की जड़ें 1989-90 के आसपास जम्मू-कश्मीर से पनपीं और धीरे-धीरे यह खतरा देश के कई हिस्सों—मुंबई, पुणे और दिल्ली तक—फैलता गया।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े तथ्यों की जांच अभी जारी है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने में जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए। थरूर के मुताबिक, “जिम्मेदारी से काम लेते हुए यह समझना जरूरी है कि घटना क्यों हुई और आगे ऐसी स्थितियों से बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।”
फारूक अब्दुल्ला के बयान के बाद शुरू हुई चर्चा
दरअसल, पूरा मामला तब सामने आया जब जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इस ऑपरेशन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वे उम्मीद करते हैं कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान उनके 18 लोग मारे गए और सीमा सुरक्षा को नुकसान हुआ। साथ ही उन्होंने भारत-पाकिस्तान संबंधों में सुधार की आवश्यकता पर बात करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस संदेश को भी याद किया कि “पड़ोसी बदले नहीं जा सकते।”
थरूर बोले—पहली प्राथमिकता देशवासियों की सुरक्षा
फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी के जवाब में थरूर ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में भारत के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद पर कठोर कार्रवाई जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही देश के व्यापक विकास लक्ष्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने पर भी दिया बयान
इस दौरान थरूर से लालू यादव की बेटी और तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य के राजनीति से दूर होने को लेकर भी सवाल पूछा गया। उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनका निजी फैसला है और इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। थरूर ने साफ किया कि उन्होंने बिहार में चुनाव प्रचार नहीं किया, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों को लेकर टिप्पणी करना उनके लिए सही नहीं होगा।
केरल में आरएसएस कार्यकर्ता की मौत—थरूर ने निष्पक्ष जांच की मांग की
केरल में आरएसएस कार्यकर्ता की कथित आत्महत्या के मामले पर भी थरूर ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि घटना की तुरंत और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा नेतृत्व से अपने अंदरूनी मामलों की भी समीक्षा करने की सलाह दी। थरूर ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को किसी भी हालत में राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
देहरादून- प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल आज को अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ ही प्रदेश इलेक्शन कैम्पेंन कमेटी के चेयरमैन एवं सीईसी सदस्य प्रीतम सिंह, सीडब्लूसी सदस्य करन माहरा एवं चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ0 हरक सिंह रावत के भव्य स्वागत की तैयारी हेतु आज कांग्रेस पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं की निगरानी में तैयारी को अंतिम रूप दिया गया।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने बताया कि गणेश गोदियाल कल प्रातः 9ः30 बजे नई दिल्ली से चलकर जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पहुंचेंगे जहां पर कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जायेगा। इसके उपरान्त प्रदेश अध्यक्ष का काफिला भानियावाला, डोईवाला, मियांवाला, रिस्पिना, धर्मपुर होते हुए अपराह्र 12ः05 बजे कांग्रेस कार्यालय पहुंचेगा जहां पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित समारोह में कांग्रेस नेताओं का भव्य स्वागत किया जायेगा।
कार्यक्रम की तैयारियों में विधायक लखपत सिंह बुटोला, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, विजय सारस्वत, अश्विनी बहुगुणा, आमेन्द्र बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता डॉ0 प्रतिमा सिंह, अखिलेश उनियाल, मुकेश नेगी, प्रदीप थपलियाल, रधुवीर बिष्ट, सुरेन्द्र सिंह रांगड़, महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविन्दर सिंह गोगी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, हंसपाल बिष्ट देर रात्रि तक कांग्रेस मुख्यालय में मौजूद थे।
देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित आदि गौरव महोत्सव में भगवान बिरसा मुंडा जी को कोटि-कोटि नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “आदि गौरव महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं, वीरता, संस्कृति और आस्था का उत्सव है। ऐसे आयोजन जनजातीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करते हैं तथा समाज के अन्य वर्गों को जनजातीय समुदाय की समृद्ध कला और संस्कृति से परिचित कराते हैं।”
जनजातीय समाज देश की विविधता की सबसे बड़ी ताकत – मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी संघर्ष, स्वाभिमान और संगठित शक्ति के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि “जब तक समाज की सबसे कमजोर कड़ी मजबूत नहीं होती, तब तक देश वास्तविक रूप से मजबूत नहीं हो सकता।”
उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार जनजातीय समाज के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय बजट को तीन गुना तक बढ़ाना, जनजातीय समुदाय के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक है।
128 जनजातीय गांवों का चयन – शिक्षा, स्वास्थ्य व आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत उत्तराखंड के 128 जनजातीय गांवों को चिह्नित किया गया है, जहां आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में विशेष कार्य किए जा रहे हैं।
जनजातीय समाज की प्रमुख पहल
मुख्यमंत्री ने जनजातीय समुदाय के कल्याण हेतु राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का विवरण भी साझा किया । उन्होंने बताया कि प्रदेश में चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय — कालसी, मेहरावना, बाजपुर व खटीमा में संचालित हैं, पिथौरागढ़ जिले में भोटिया तथा राजी जनजाति के लिए नया एकलव्य विद्यालय खोलने हेतु केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। प्राथमिक से स्नातकोत्तर तक छात्रवृत्ति योजना, जिससे हजारों जनजातीय छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।
प्रदेश में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हैं । शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए 3 आईटीआई कॉलेज, तकनीकी प्रशिक्षण हेतु समर्पित हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग व छात्रवृत्ति, जनजातीय समाज की बेटियों के विवाह हेतु ₹50,000 अनुदान,जनजातीय कला, संस्कृति व खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य जनजाति महोत्सव व खेल महोत्सव का नियमित आयोजन,
जनजातीय शोध संस्थान के लिए ₹1 करोड़ का कॉर्पस फंड की व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रयास जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
जनजातीय गौरव दिवस का महत्व
मुख्यमंत्री ने स्मरण कराया कि वर्ष 2021 में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। यह दिवस केवल भगवान बिरसा मुंडा जी के योगदान को याद करने का ही नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी अवसर है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार इस महोत्सव के आयोजन के लिए 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि जनजातीय संस्कृति का संरक्षण और विस्तार सुनिश्चित हो सके।
पहली बार जनजातीय इतिहास को मिला राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान को कभी पर्याप्त स्थान नहीं दिया। लेकिन आज मोदी जी के नेतृत्व में देश जागृत है और जनजातीय नायकों के महान योगदान को इतिहास में उचित सम्मान मिल रहा है।
जनजातीय समाज के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि हमारी सरकार उत्तराखंड के आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर संकल्पित है। हम ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं।”
कार्यक्रम में देशभर और राज्य के विभिन्न जनजातिया एवं सांस्कृतिक समूहों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये ।
कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, सचिव एवं अपर सचिव समाज कल्याण व विभाग के अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
भूकंप राहत तैयारी को परखने हेतु जिले में व्यापक मॉक ड्रिल संपन्न
पौड़ी- शनिवार को राज्य स्तर पर भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए व्यापक मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। जनपद पौड़ी में भी यह अभ्यास आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वयं मुख्य सचिव आनंद वर्धन इसकी मॉनिटरिंग कर रहे थे।
मॉक अभ्यास के तहत सुबह 9:56 बजे श्रीनगर स्थित एनआईटी मैदान के स्टेजिंग एरिया को स्वीत गाँव में भूकंप आने और जनहानि की आशंका की सूचना मिली। संबंधित टीमों ने बिना विलंब के राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
इसी दौरान सुबह 10:18 बजे न्यू बस अड्डा पौड़ी स्थित स्टेजिंग एरिया को मैसमोर इंटर कॉलेज का भवन भूकंप से ध्वस्त होने और छात्र फंसे होने की सूचना मिली। सूचना पर तत्परता से प्रतिक्रिया देते हुए एसडीआरएफ, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत बचाव कार्य हेतु मौके पर पहुंची और त्वरित खोज एवं राहत कार्य प्रारंभ किया।
मॉक ड्रिल के दौरान कलेक्ट्रेट स्थित नियंत्रण कक्ष से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने स्वयं पूरे अभ्यास की निगरानी की। उन्होंने लगातार विभागीय अधिकारियों से अपडेट प्राप्त किए और राहत कार्यों के समन्वय एवं समयबद्धता का आकलन किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और विभागों के बीच बेहतर तालमेल अनिवार्य है। यह मॉक ड्रिल वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार रहने और संभावित कमजोरियों को पहचानने में मदद करती है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि राहत उपकरणों, मानव संसाधन और संचार प्रणाली की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देरी नहीं हो। मॉक ड्रिल में पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व, फायर सर्विस, नगर निकाय तथा अन्य विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
पौड़ी और श्रीनगर दोनों स्थानों में एक साथ भूकंप की स्थिति का सिमुलेशन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों ने रेस्क्यू, राहत एवं उपचार की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया।
पौड़ी स्थित मैसमोर इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल के दौरान 80 छात्र–छात्राएं मौजूद थे। भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति में 8 छात्र घायल हो गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। राहत कार्य के दौरान 2 छात्रों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि एक गंभीर छात्र को हेली सेवा के माध्यम से ऋषिकेश एम्स भेजा गया। अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार स्कूल परिसर में ही किया गया।
इसी दौरान टेका मार्ग पर 33 केवी विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी, जिससे पौड़ी–सतपुली की बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी। फायर सर्विस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान वन विभाग का एक कार्मिक घायल हुआ, जिसे जिला अस्पताल ले जाया गया। विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में श्रीनगर लाइन से विद्युत आपूर्ति बहाल की गयी। पौड़ी में पूरे राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी इंसिडेंट कमांडर एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने की।
वहीं श्रीनगर में मॉक ड्रिल के दौरान सूचना मिली कि भूकंप से कीर्तिनगर का पुल ध्वस्त हो गया है। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने रूद्रप्रयाग और चमोली से आने वाले वाहनों को पौड़ी–सबदरखाल–देवप्रयाग मार्ग से डायवर्ट किया। इसी क्रम में श्रीकोट स्थित विशाल मेगा मार्ट मॉल में सौर शॉर्ट सर्किट होने से लिफ्ट बंद हो गयी, जिसमें 20 लोग फंस गए थे। राहत एवं बचाव दल ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
श्रीनगर के स्वीत गांव में भूकंप से चार मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर राहत टीमें मौके पर पहुँचीं। यहां 18 लोग घायल हुए, जिन्हें श्रीनगर बेस अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में आईसीयू वार्ड को भी क्षतिग्रस्त दिखाया गया, जिसमें 17 मरीज थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 12 मरीजों को आपातकालीन वार्ड में, जबकि 5 मरीजों को मिनी आईसीयू में शिफ्ट किया। श्रीनगर क्षेत्र के राहत एवं बचाव कार्यों की कमान इंसिडेंट कमांडर एवं उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा ने संभाली।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, सीओ तुषार बोरा, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को दून इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने वेणु अग्रहारा ढींगरा द्वारा लिखित पुस्तक लीडिंग लेडीज ऑफ इंडिया का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। सामाजिक व सांस्कृतिक चेतना के प्रसार में भी साहित्य की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आशा जताई कि यह पुस्तक विशेष रूप से महिलाओं को आगे बढ़ने और नेतृत्व की दिशा में प्रेरणा देगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए महिलाओं का मजबूत होना आवश्यक है और आज उत्तराखण्ड की बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की आत्मा उसकी संस्कृति और परंपराओं में बसती है, जिसे संरक्षित रखने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों से प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ना है। इसके बाद अनेक प्रवासियों ने अपने मूल गांवों के विकास और राज्य निर्माण में सहयोग की इच्छा जताई है।
कार्यक्रम में गीता पुष्कर धामी, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, दून इंटरनेशनल स्कूल समूह के संस्थापक डी.एस. मान सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
देहरादून। प्रसिद्ध पर्वतारोही एवं पद्मभूषण सम्मान प्राप्त बछेंद्री पाल ने शनिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 10 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। यह चेक उनकी ओर से राज्य महिला उद्यमिता परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती विनोद उनियाल द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री ने बछेंद्री पाल के इस सामाजिक योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सहयोग एवं सेवा की भावना ही समाज को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसे योगदान न केवल ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं, बल्कि जनहित के कार्यों के प्रति लोगों को प्रेरित भी करते हैं।
आजकल युवाओं में समय से पहले बाल सफेद होने की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है। मेडिकल साइंस में इसे प्रिमेच्योर हेयर ग्रेइंग कहा जाता है। जहां सामान्यतः बालों का रंग 30 वर्ष की उम्र के बाद बदलना शुरू होता है, वहीं अब कई लोग 18–20 वर्ष की उम्र में ही सफेद बालों का अनुभव करने लगे हैं। इसका सीधा संबंध मेलानिन नामक पिगमेंट के कम बनने या पूरी तरह रुक जाने से है, जो बालों को उनका मूल रंग देता है।
जैसे ही हेयर फॉलिकल में मौजूद मेलानोसाइट कोशिकाएं मेलानिन उत्पादन घटा देती हैं, बाल अपना रंग खोने लगते हैं और सिल्वर स्ट्रैंड्स दिखाई देने लगते हैं। यह बदलाव केवल उम्र की वजह से नहीं होता, बल्कि कई आंतरिक और बाहरी कारण इस प्रक्रिया को तेज़ कर देते हैं।
1. पारिवारिक इतिहास सबसे बड़ा कारण
कम उम्र में सफेद बाल होने में जेनेटिक्स का सबसे मजबूत रोल माना जाता है। यदि परिवार में पहले भी किसी के बाल जल्दी सफेद हुए हैं, तो यही प्रवृत्ति अगली पीढ़ी में भी देखने को मिल सकती है।
हालांकि जेनेटिक फैक्टर को पूरी तरह रोकना संभव नहीं, लेकिन हेल्दी डायट, अच्छी नींद और सही देखभाल से इसकी गति कम की जा सकती है।
2. लाइफस्टाइल और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस
लंबे समय तक तनाव, देर रात तक जागना, स्मोकिंग, और पोषणहीन आहार शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा देते हैं। यह स्ट्रेस मेलानोसाइट्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे बाल समय से पहले ही रंग खोने लगते हैं। तनाव कम करने की तकनीकों और पोषक तत्वों से भरपूर आहार से इस प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
3. पोषण की कमी
बालों के पिगमेंटेशन के लिए विटामिन B12, आयरन और कॉपर अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनकी कमी मेलानिन उत्पादन को प्रभावित करती है और ग्रेइंग की प्रक्रिया को तेज कर देती है। ऐसे में संतुलित भोजन और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर द्वारा सुझाए गए सप्लीमेंट्स सहायक हो सकते हैं।
4. छुपी हुई मेडिकल कंडीशन का असर
कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी पिगमेंटेशन में हस्तक्षेप करती हैं—
थायराइड विकार
एनीमिया
विटिलिगो जैसी ऑटोइम्यून बीमारियां
इन समस्याओं में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मेलानिन बनाने वाली कोशिकाओं पर हमला कर सकती है। यदि बालों का सफेद होना अचानक बहुत तेज़ी से बढ़े, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर इलाज से स्थिति को सुधारा जा सकता है।


