बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और तनाव भरी दिनचर्या के कारण हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही। बच्चों और किशोरों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल ही में द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक वैश्विक अध्ययन के अनुसार, पिछले दो दशकों में युवाओं और किशोरों में उच्च रक्तचाप के मामले लगभग दोगुने हो चुके हैं। साल 2000 में जहां यह दर 3.2 प्रतिशत थी, वहीं 2020 तक यह 6 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई।
मोटापे से ग्रस्त हर पांचवां बच्चा हाई बीपी का शिकार
एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार, दुनियाभर में मोटापे से पीड़ित लगभग हर पांचवां बच्चा या किशोर उच्च रक्तचाप से ग्रस्त है। स्वस्थ वजन वाले बच्चों की तुलना में ये खतरा लगभग आठ गुना अधिक पाया गया। शोधकर्ताओं का कहना है कि मोटापा न केवल ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, बल्कि हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी डैमेज जैसी गंभीर स्थितियों की संभावना भी बढ़ा देता है।
अध्ययन में खुलासा: हर दस में से एक बच्चा ‘प्री-हाइपरटेंशन’ की स्थिति में
शोध में यह भी सामने आया कि लगभग 8 प्रतिशत बच्चे और किशोर ‘प्री-हाइपरटेंशन’ की स्थिति में हैं, जो आगे चलकर गंभीर हाई बीपी में बदल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते स्क्रीनिंग और रोकथाम से इस खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।
विशेषज्ञ बोले — खतरे की घंटी है बढ़ता ट्रेंड, समय रहते बदलें आदतें
अध्ययन के प्रमुख लेखक प्रोफेसर इगोर रुडान का कहना है कि पिछले 20 वर्षों में युवा आबादी में हाई ब्लड प्रेशर के मामलों का दोगुना होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “अच्छी बात यह है कि अगर शुरुआती उम्र में ही नियमित जांच, संतुलित आहार और व्यायाम की आदत डाली जाए, तो भविष्य की कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।”
कम उम्र से ही रखें ध्यान: आहार, व्यायाम और तनाव पर नियंत्रण जरूरी
साल 2000 से 2020 के बीच, लड़कों में हाई ब्लड प्रेशर के मामले 3.4% से बढ़कर 6.5% और लड़कियों में 3% से बढ़कर लगभग 6% तक पहुंच गए हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि बच्चों का ब्लड प्रेशर समय-समय पर जांचें, नमक का सेवन घटाएं, फलों-सब्जियों को आहार का हिस्सा बनाएं, तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है — “कम उम्र से अपनाई गई हेल्दी लाइफस्टाइल ही आगे चलकर दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रख सकती है।”
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वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
ऋषिकेश। शिवपुरी में बंजी जंपिंग के दौरान गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। प्रमोशनल वीडियो शूट कर रहा एक युवक जंप के दौरान संतुलन खोकर नीचे टिन की छत पर गिर पड़ा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद युवक को स्थानीय लोगों की मदद से एम्स ऋषिकेश ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की एक टीम उसका उपचार कर रही है।
बताया जा रहा है कि घायल युवक दिल्ली का रहने वाला ब्लॉगर है, जो एक प्रमोशनल शूट के लिए ऋषिकेश आया था। घटना के समय वह बंजी जंपिंग के दौरान खुद का वीडियो रिकॉर्ड करवा रहा था। पूरा हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक को प्लेटफॉर्म से छलांग लगाने के बाद असंतुलित होते और नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है।
हैरानी की बात यह है कि हादसे के बाद अब तक न तो बंजी जंपिंग कंपनी के प्रबंधन ने और न ही घायल पक्ष ने पुलिस में कोई रिपोर्ट दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है और वीडियो की सत्यता की भी जांच कर रही है।
हॉलीवुड की साइंस-फिक्शन एक्शन फिल्म ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर दमदार रही, लेकिन सप्ताह के मध्य तक इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। 7 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने ओपनिंग वीकेंड पर अच्छी कमाई की थी, हालांकि अब इसके कलेक्शन में गिरावट दर्ज की जा रही है।
छठे दिन घटा कलेक्शन, कुल कमाई पहुंची 12 करोड़ पर
पहले दिन 2.4 करोड़ रुपये की ओपनिंग लेने वाली ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ ने दूसरे दिन सर्वाधिक 3.6 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। लेकिन (छठे दिन) को फिल्म का प्रदर्शन फीका रहा और इसने केवल 75 लाख रुपये की कमाई की। इस तरह भारत में फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब तक 12 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
‘हक’ से पिछड़ी, लेकिन टोटल कलेक्शन में अब भी आगे
बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी और यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ से ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ की टक्कर चल रही है। बुधवार को ‘हक’ ने 1.15 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ 75 लाख पर सिमट गई। हालांकि कुल कलेक्शन के लिहाज से ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ अभी भी ‘हक’ से आगे है।
रोमांच और थ्रिल से भरपूर कहानी
फिल्म ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ एक साइंस फिक्शन थ्रिलर है, जिसकी कहानी एक ऐसे भविष्य की दुनिया में सेट है जहां ‘याउतजा’ नामक एलियन प्रजाति दूसरे ग्रहों पर जाकर इंसानों और अन्य जीवों का शिकार करती है। इंसानों और एलियन्स के बीच होने वाली यह जंग दर्शकों को रोमांचित करती है और विजुअल इफेक्ट्स इसे और प्रभावशाली बनाते हैं।
‘प्रेडेटर यूनिवर्स’ की नई कड़ी
फिल्म का निर्देशन डैन ट्रैचनबर्ग ने किया है और इसमें एले फैनिंग तथा दिमित्रियस शूस्टर-कोलोमाटांगी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म ‘प्रेडेटर यूनिवर्स’ की अगली कड़ी है, जिसमें अब तक ‘प्रेडेटर’ (1987), ‘प्रेडेटर 2’ (1990), ‘एलियन वर्सेज प्रेडेटर’ (2004), ‘रेक्वियम’ (2007), ‘प्रेडेटर्स’ (2010), ‘द प्रेडेटर’ (2018), ‘प्रे’ (2022) और ‘किलर्स ऑफ किलर्स’ जैसी हिट फिल्में शामिल हैं।
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निर्यात प्रोत्साहन मिशन’ और ‘ऋण गारंटी योजना’ से MSME सेक्टर को मजबूती, भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता होगी और सशक्त
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार के ताज़ा कैबिनेट फैसले भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को मजबूत करेंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में मील का पत्थर साबित होंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दो महत्वपूर्ण योजनाओं — ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन’ और ‘निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना’ — को मंजूरी दी गई है, जिनका उद्देश्य भारतीय निर्यात को गति देना और एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती प्रदान करना है।
‘मेड इन इंडिया’ की गूंज दुनिया में और तेज हो — प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा,
“सुनिश्चित कर रहे हैं कि ‘मेड इन इंडिया’ की गूंज पूरी दुनिया में और तेज़ी से सुनाई दे। कैबिनेट ने ‘निर्यात प्रोत्साहन मिशन’ को मंजूरी दी है, जो भारत के निर्यात को और प्रतिस्पर्धी बनाएगा तथा एमएसएमई, नए और श्रम-प्रधान क्षेत्रों को सशक्त करेगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मिशन सभी संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाकर परिणाम-आधारित तंत्र तैयार करेगा। वहीं, ‘निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना’ (Credit Guarantee Scheme for Exporters) से व्यापार सुचारू रूप से चलेगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।
खनिज क्षेत्र में भी बड़ा फैसला, हरित ऊर्जा को मिलेगी मजबूती
कैबिनेट ने इसके साथ ही ग्रेफाइट, सीजियम, रुबिडियम और जिरकोनियम जैसे प्रमुख खनिजों की रॉयल्टी दरों को तर्कसंगत करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कदम हरित ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को मजबूत करेगा, रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा और भारत की सतत विकास यात्रा को नई दिशा देगा।
₹45,000 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी — अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निर्यातकों के लिए ₹45,000 करोड़ की दो नई योजनाओं को मंजूरी देने के निर्णय को “ऐतिहासिक कदम” बताया।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने ₹25,060 करोड़ के ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन’ को स्वीकृति दी है, जो भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।
इसके साथ ही, ₹20,000 करोड़ की ‘क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर एक्सपोर्टर्स (CGSE)’ के तहत निर्यातकों को बिना गारंटी के ऋण सुविधा मिलेगी।
अमित शाह ने कहा, “यह कदम एमएसएमई क्षेत्र को नई मजबूती देगा और भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ाएगा।”
वैश्विक मंच पर भारत की पहचान को और सशक्त बनाने की तैयारी
सरकार का उद्देश्य है कि इन नीतिगत निर्णयों के माध्यम से भारत न केवल अपने निर्यात प्रदर्शन को दोगुना करे, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ को विश्व स्तर पर गुणवत्ता और विश्वसनीयता का प्रतीक बनाया जाए।
क्वार्टरफाइनल में अब पूर्व विश्व चैंपियन लो कियान यू से भिड़ेंगे लक्ष्य सेन
नई दिल्ली। भारत के युवा बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने जापान में जारी कुमामोटो मास्टर्स 2025 में एक और धमाकेदार जीत दर्ज की है। पुरुष एकल वर्ग के प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उन्होंने सिंगापुर के जिया हेंग जेसन तेह को सीधे सेटों में 21-13, 21-11 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। यह मुकाबला महज 39 मिनट चला, जिसमें लक्ष्य ने शुरुआत से अंत तक अपने आक्रामक खेल और बेहतरीन नियंत्रण से विरोधी को कोई मौका नहीं दिया।
पहले गेम में संघर्ष, फिर छाई भारतीय शटलर की बादशाही
पहले गेम की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। जेसन तेह ने शुरुआत में कुछ बेहतरीन रिटर्न लगाकर लक्ष्य को रोकने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने लय पकड़ते ही शानदार स्मैश और नेट प्ले से बढ़त बना ली। ब्रेक तक स्कोर 11-10 था, जिसके बाद लक्ष्य ने लगातार 7 अंक हासिल करते हुए पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में लक्ष्य का दबदबा, सटीक शॉट्स से किया मैच पर कब्जा
दूसरे गेम में लक्ष्य सेन ने पूरी तरह से एकतरफा खेल दिखाया। शुरुआती दौर में ही उन्होंने 5-0 की लीड बनाकर सिंगापुर के खिलाड़ी को दबाव में ला दिया। इंटरवल तक स्कोर 11-3 पहुंच चुका था। इसके बाद लक्ष्य ने लगातार सटीक ड्रॉप शॉट्स और स्मैश के साथ मुकाबले को 21-11 से खत्म किया।
अब मुकाबला पूर्व विश्व चैंपियन लो कियान यू से
क्वार्टरफाइनल में लक्ष्य सेन का अगला सामना सिंगापुर के ही पूर्व विश्व चैंपियन लो कियान यू से होगा। यह मैच टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मुकाबला माना जा रहा है।
वहीं, भारत के एचएस प्रणय भी दिन के दूसरे मुकाबले में डेनमार्क के रास्मस जेम्के से भिड़ेंगे। भारतीय प्रशंसकों को दोनों खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
“खेल और पर्यावरण संरक्षण, दोनों हैं राष्ट्र निर्माण के आधार”- मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर (देहरादून) में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं श्रीमती कल्पना सैनी, तथा विधायक उमेश शर्मा ‘काउ’, खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
देवभूमि में खिलाड़ियों और वन अधिकारियों का स्वागत
मुख्यमंत्री ने मंच से देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वन अधिकारियों, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की मेजबानी का सौभाग्य उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है। उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया तथा वन विभाग और आयोजकों को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
3390 खिलाड़ी, 42 टीमें, 700 से अधिक महिला प्रतिभागी
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष प्रतियोगिता में देशभर के 42 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 से अधिक महिला खिलाड़ी, भाग ले रही हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “खेल केवल शारीरिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का भी आधार हैं।”
खेल संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के दोहरे संकल्प पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का फिट रहना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वही वन और पर्यावरण की रक्षा के असली प्रहरी हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सतत प्रयासरत है।
स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान और खिलाड़ियों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय, और महिलाओं के लिए महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को हमारी सरकार ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति दे रही है और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की बेटी स्नेहा राणा को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है।
ग्रीन गेम्स और खेल वन की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में संपन्न 38वें राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखंड ने ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया, जहाँ सभी सामग्री ई-वेस्ट और रिसाइकल्ड मटेरियल से तैयार की गई। उन्होंने बताया कि 2.77 हेक्टेयर भूमि पर ‘खेल वन’ विकसित किया गया है, जहाँ पदक विजेताओं के नाम पर 1600 से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष लगाए गए हैं। “यह स्थल खेल उत्कृष्टता के साथ हरित चेतना का प्रतीक बनेगा।”
वन्यजीव संरक्षण में आधुनिक तकनीक का प्रयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लगभग 71% क्षेत्र वनाच्छादित है, जो इसे देश का ‘ऑक्सीजन बैंक’ और ‘वाटर टॉवर’ बनाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र हैं — जो पूरे देश के औसत से कहीं अधिक है। उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस, डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की हैं। साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना और इको-टूरिज्म
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” के तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, “कैन्टर राइड” जैसी पहलों से स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से जोड़कर उनकी आजीविका सशक्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट में ‘वन्यजीवों का एम्स’ कहे जाने योग्य आधुनिक रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से से हल्द्वानी जू सफारी परियोजना और उत्तरकाशी में प्रस्तावित स्नो लेपर्ड कंज़र्वेशन सेंटर की स्वीकृति हेतु सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा “ये दोनों परियोजनाएं राज्य के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से आग्रह किया कि “यदि आप इस स्टेडियम परिसर में अपनी माता जी के नाम एक पौधा लगाएंगे, तो यह माँ के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक होगा और इस आयोजन को यादगार बनाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देशभर से आए वन अधिकारी और खिलाड़ी अपनी अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना से न केवल खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि वन संपदा के संरक्षण और हरित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को भी साकार करेंगे। “आप सभी अपने परिश्रम से न केवल राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड का निर्माण कर रहे हैं।”
14 सीएमएसडी टैक्नीशियन और 7 प्रोफेसरों को भी मिले नियुक्ति पत्र
राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्ध है- डॉ. धन सिंह
देहरादून। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित 28 नर्सिंग अधिकारियों एवं 14 सीएमएसडी टैक्नीशियन को प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नियुक्ति पत्र वितरित किये। इसके अलावा उन्होंने एसोसिएट प्रोफेसर व प्रोफेसर (नर्सिंग) के सात अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र बांटे। डॉ. रावत ने कार्यक्रम के दौरान राजकीय स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग में रूपये 456.15 लाख की लागत से तैयार व्याख्यान कक्षों एवं लैब का भी लोकार्पण किया।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने व प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिये प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से चयनित 28 नर्सिंग अधिकारियों, 14 सीएमएसडी टैक्नीशियन एवं 06 एसोसिएट प्रोफेसर (नर्सिंग) व 01 प्रोफेसर (नर्सिंग) को नियुक्ति पत्र सौंपे। डॉ. रावत ने कहा कि नर्सिंग अधिकारी एवं सीएमएसडी टैक्नीशियन की नियुक्ति से राजकीय मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी, साथ ही मरीजों को उनकी बीमारियों से संबंधित पैथोलॉजी जांचे भी समय पर मिल सकेगी। जबकि राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर की नियुक्ति होने से जहां सकाय सदस्यों की कमी दूर वहीं वहीं नर्सिंग छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षण-प्रशिक्षण मिलेगा।
डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं के साथ-साथ उच्च गुणवत्तायुक्त चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सरकार जहां स्वास्थ्य उपकेन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों में आधुनिक तकनीक युक्त चिकित्सा सुविधाएं व मानव संसाधन जुटा रही है। वहीं राजकीय मेडिकल कॉलेजों व नर्सिंग कॉलेजों में संकाय सदस्यों, नर्सिंग अधिकारियों सहित प्रशिक्षित कार्मिकों की निरंतर नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 1248 नर्सिंग अधिकारी नियुक्त किये जा चुके हैं जबकि 587 नर्सिंग अधिकारियों के पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचन चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा जा चुका है। इसके अलावा 439 असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में 170 टैक्नीशियनों की नियुक्ति की जा चुकी है। जिसमें लैब, ओटी, ईसीजी एवं रेडियोग्राफिक टैक्नीशियन शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रावत ने राजकीय स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग देहरादून में रूपये 456.15 लाख की लागत से निर्मितव्याख्यान कक्षों व लैब का भी लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में और अधिक सुधार के लिये सरकार आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता के साथ-साथ शिक्षकों की भी नियुक्ति कर रही है। डॉ. रावत ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुये उम्मीद जताई कि सभी नव नियुक्त कार्मिक पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों और कर्तव्यों का पालन कर सरकार का सहयोग करेंगे।
‘उतरांगन 2025’ मेले में महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या बनीं मुख्य अतिथि
देहरादून। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी परिसर में ‘उतरांगन 2025’ हस्तशिल्प एवं शिल्पकला मेले का आयोजन उत्साह एवं सांस्कृतिक समृद्धता के साथ किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजातीय समुदायों के युवा अपने हस्तशिल्प उत्पादों के साथ कला का प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मेले का उद्घाटन करते हुए कहा, कि उत्तराखंड की जनजातियां स्वरचित हस्तशिल्प और कलात्मक उत्पादों की समृद्ध परंपरा का निरंतर विस्तार कर रही हैं। जब यहां आए युवा वापस जाएं, तो वे उत्तराखंड की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और हस्तशिल्प समृद्धता की याद एवं सीख लेकर जाएं।

रेखा आर्या ने कहा कि सरकार वोकल फॉर लोकल, स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प की वैश्विक ब्रांडिंग के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस अनूठे मेले को उन्होंने प्रदेश के हस्तशिल्प विकास की दिशा में ‘मील का पत्थर’ बताया।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने युवाओं द्वारा लगाए गए सभी स्टालों पर जाकर उत्पादों की जानकारी हासिल की और युवाओं को उत्तराखंड के विभिन्न पर्यटन स्थल व मंदिरों में आने का निमंत्रण भी दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. अमित आर भट्ट, एचओडी फैशन डिजाइनिंग डॉ. ज्योति छाबड़ा, डायरेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर ग्राफिक एरा ग्रुप डॉ. सुभाष गुप्ता सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
साइबर क्राइम और साइबर कानूनों को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
नई दिल्ली/ देहरादून। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से शिष्टाचार भेंट की।
भेंट के दौरान दोनों नेताओं के बीच साइबर क्राइम और साइबर कानूनों को सशक्त बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान सतपाल महाराज ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा समाज की मूल आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों के प्रति जनता में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कड़े कानूनी प्रावधानों के माध्यम से ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
बैठक में दोनों मंत्रियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर विचार साझा करते हुए राज्य और केंद्र के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरक संदेशों से उत्तराखंड को मिली नई दिशा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में राज्य स्थापना रजत जयंती (राज्योत्सव) के विशेष अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य को दिए गए मार्गदर्शन के लिए कैबिनेट ने आभार व्यक्त किया।
मंत्रिमंडल ने कहा कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी मार्गदर्शन से उत्तराखंड को सतत विकास, लोककल्याण और नवाचार के पथ पर आगे बढ़ाने का संकल्प और भी सुदृढ़ हुआ है।
कैबिनेट ने विश्वास व्यक्त किया कि रजत जयंती वर्ष में मिले इन प्रेरक संदेशों से राज्य गठन के मूल उद्देश्यों की प्राप्ति और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर तत्पर रहेगी। साथ ही, मंत्रिमंडल ने समस्त कर्मचारियों व जनता से सहयोग और सहभागिता सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।
