राज्य निर्वाचन आयोग ने 12 जिलों में उपचुनाव की तारीखों का किया ऐलान
देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायतों के खाली पड़े हजारों पदों को भरने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। हरिद्वार को छोड़कर राज्य के 12 जिलों में ये चुनाव कराए जाएंगे। आयोग ने नामांकन प्रक्रिया 13 और 14 नवंबर को रखी है, जबकि मतदान 20 नवंबर को होगा। मतगणना की प्रक्रिया 22 नवंबर को पूरी की जाएगी। अगस्त-सितंबर में हुए पंचायत चुनावों के बाद राज्य में ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के कई पद खाली रह गए थे। अब आयोग ने इन रिक्त पदों को भरने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही आदर्श आचरण संहिता भी लागू हो गई है, जो मतगणना पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।

32 हजार से अधिक सदस्य पद रिक्त, अब पंचायतों में लौटेगी सक्रियता
राज्य में ग्राम पंचायत सदस्य के 32,934 पद लंबे समय से खाली पड़े थे। इसके अलावा ग्राम प्रधान के 22 पद, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2 पद और एक पद जिला पंचायत सदस्य का भी रिक्त था। रुद्रप्रयाग जिले में जिला पंचायत सदस्य का एक पद खाली है, जबकि उत्तरकाशी और चमोली में एक-एक पद क्षेत्र पंचायत सदस्य का रिक्त है। आयोग के अनुसार, इन सभी पदों पर शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराए जाएंगे।
उपचुनाव कार्यक्रम एक नजर में
नामांकन दाखिल करने की तिथि : 13 और 14 नवंबर (सुबह 10 से शाम 5 बजे तक)
नामांकन पत्रों की जांच : 15 नवंबर
नाम वापसी की अंतिम तिथि : 16 नवंबर दोपहर 3 बजे तक
चुनाव चिन्ह आवंटन : 16 नवंबर दोपहर बाद
मतदान : 20 नवंबर (सुबह 8 से शाम 5 बजे तक)
मतगणना : 22 नवंबर (सुबह 8 बजे से कार्य समाप्ति तक)

नामांकन और खर्च सीमा
ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए सामान्य उम्मीदवारों को नामांकन पत्र का मूल्य 150 रुपये और आरक्षित वर्ग और महिलाओं के लिए 75 रुपये रखा गया है। ग्राम प्रधान पद के लिए सामान्य वर्ग के लिए 300 रुपये और आरक्षित वर्ग व महिला प्रत्याशियों के लिए 150 रुपये नामांकन शुल्क होगा।
निर्वाचन आयोग ने चुनाव खर्च सीमा भी तय की है—
ग्राम पंचायत सदस्य : अधिकतम 10,000
ग्राम प्रधान एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य : अधिकतम 75,000
जिला पंचायत सदस्य : अधिकतम 2,00,000

यहां होंगे उपचुनाव
राज्य के 12 जिलों में सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के रिक्त पदों पर चुनाव होंगे। इनमें अल्मोड़ा (6241 सदस्य पद), पौड़ी (6068 पद), टिहरी (4170 पद), पिथौरागढ़ (2927 पद), चमोली (2812 पद), उत्तरकाशी (1961 पद), बागेश्वर (1610 पद), रुद्रप्रयाग (1436 पद), नैनीताल (2268 पद), चंपावत (1702 पद), ऊधमसिंह नगर (938 पद) और देहरादून (801 पद) शामिल हैं।
आयोग की तैयारी
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में मतदान आवश्यक नहीं होगा, वहां पोलिंग पार्टियों को भेजने से पहले स्थिति स्पष्ट की जाएगी। कई जगहों पर सदस्य निर्विरोध चुने जाने की संभावना भी है। आयोग ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पोलिंग पार्टियों की नियुक्ति आदेश जारी करें।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक- मुख्य सचिव ने सभी विभागों को एजेंडा शीघ्र प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
समाज कल्याण विभाग को अनुसूचित जनजाति मंत्रालय से स्पेलिंग संशोधन और एकलव्य विद्यालय प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आगामी मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राज्य की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले बिंदुओं का एजेंडा तैयार करने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने ऐसे सभी विभागों जिनका अभी तक मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों का एजेंडा अप्राप्त हैं को निर्देशित किया कि राज्य की ओर से विभागों द्वारा मध्य क्षेत्रीय परिषद समिति की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले एजेंडे को तत्काल तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्देशित किया कि एजेंडे में उन सभी पक्षों का स्पष्ट और संक्षिप्त विवरण हो जिसमें भारत सरकार से जिस स्तर का सहयोग अथवा संशोधन अपेक्षित हो।
मुख्य सचिव ने समाज कल्याण विभाग को जौनसारी/ जेनसारी शब्द विषयक प्रकरण के संबंध में निर्देश दिए कि उक्त प्रकरण को अनुसूचित जनजाति मंत्रालय को उनके पोर्टल में शब्द की स्पेलिंग को संशोधन करने का अनुरोध तैयार करें। साथ ही कहा कि इस संबंध में यदि विधायिका स्तर का संशोधन भी अपेक्षित हो तो उसका भी लीगल मार्गदर्शन प्राप्त कर लें। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि भोटिया और राजी जनजाति हेतु जनपद पिथौरागढ़ में एक एकलव्य आदर्श विद्यालय की स्थापना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी से संबंधित विषय का एजेंडा भी तैयार करें।
मुख्य सचिव ने ग्राम्य विकास विभाग को SECC (सोशियो इकोनोमिक एंड कास्ट सेंसस) डाटा के स्थान पर अन्य मानक/ विकल्प बनाए जाने पर विचार करने का अनुरोध तैयार करने को कहा ताकि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में आसानी से कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, पेयजल और सिंचाई विभाग को आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मानक में संशोधन करते हुए धनराशि में बढ़ोतरी विषयक एजेंडा तैयार करने, परिवहन विभाग को RRTS ( रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को मोदीनगर, मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारीकरण किए जाने हेतु अनुरोध तैयार करने तथा टनकपुर- बागेश्वर एवं ऋषिकेश- उत्तरकाशी रेल परियोजना में सड़क निर्माण के प्रावधान का भी उल्लेख का एजेंडा तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग को मंडी शुल्क से संबंधित प्रकरण का एजेंडा भी तैयार करने के निर्देश दिए।
इस दौरान बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनोद कुमार सुमन, वी वी आर पुरुषोत्तम, बृजेश संत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए
देहरादून। राज्य की रजत जयंती वर्ष उत्सव के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसंवाद को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में उन्होंने प्रदेशभर से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि फीडबैक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना आवश्यक है, ताकि जनता को यह महसूस हो कि उनकी बात सुनी और समझी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रशासन को जनता के और अधिक करीब लाने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जन समस्याओं का समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण करना है। इसके लिए प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करते हुए जन अपेक्षाओं के अनुरूप सक्रिय, संवेदनशील और पारदर्शी व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने शिकायत निवारण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुलभ बनाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य की रजत जयंती वर्ष जनभागीदारी और संवाद का अवसर है। इस दौरान जनता से प्राप्त सुझावों और मांगों को नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर नागरिक तक विकास योजनाओं का लाभ शीघ्र और सीधे तौर पर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने जनता से भी राज्यहित में रचनात्मक सुझाव देने और जनसेवा के प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रत्येक नीति और निर्णय का मूल उद्देश्य जनता का हित और प्रदेश का समग्र विकास है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने रामलीला मैदान, श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
श्रीनगर। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने रामलीला मैदान, श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया, जो राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रीनगर के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षा मंत्री ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक क्षण बताते हुए कहा कि “महान राष्ट्रभक्त बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा ‘आनंदमठ’ में रचित यह अमर राष्ट्रगीत आज भी देशभक्ति और एकता की भावना को प्रज्वलित करता है।”

डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विकास और समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर है, और ‘वंदे मातरम्’ का भाव हमारे लिए पथप्रदर्शक की तरह कार्य करता है। उन्होंने इस आयोजन में शामिल सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “युवा पीढ़ी जब राष्ट्रभक्ति के इस स्वर में जुड़ती है, तो यह नए भारत की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करती है।”
अंत में मंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और इसे भारतीय एकता, संस्कृति और स्वाभिमान का प्रतीक बताया।
सम्राट राणा ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में चीन के हू काई को मामूली अंतर से दी मात
महिला स्पर्धा में निराशा, मनु भाकर और ईशा सिंह चूकीं पदक से
नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाज सम्राट राणा ने आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हरियाणा के करनाल के रहने वाले सम्राट ने फाइनल में 243.7 अंक हासिल कर चीन के हू काई (243.3) को कड़ी टक्कर दी और मामूली अंतर से पछाड़ दिया।
वरुण तोमर को मिला कांस्य पदक
उत्तर प्रदेश के बागपत के निशानेबाज वरुण तोमर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 221.7 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें तीनों निशानेबाजों की स्थिति आख़िरी राउंड तक लगातार बदलती रही।
शानदार फॉर्म में सम्राट राणा
सम्राट राणा पिछले एक साल से लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। अपने पिता से प्रशिक्षण लेने वाले सम्राट करनाल के डीएवी कॉलेज के छात्र हैं। पिछले वर्ष उन्होंने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं हाल ही में चीन के निंगबो में हुए आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल के लिए वह मामूली अंतर से क्वालीफाई नहीं कर पाए थे। इस बार उन्होंने क्वालीफिकेशन राउंड में 586 का स्कोर बनाकर अपने इरादे साफ कर दिए और फाइनल में दबदबे के साथ गोल्ड अपने नाम किया।
महिलाओं की स्पर्धा में निराशा
महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भारत की स्टार निशानेबाज मनु भाकर और ईशा सिंह से पदक की उम्मीदें थीं, लेकिन दोनों इस बार फाइनल में पदक जीतने से चूक गईं।
मनु भाकर, जो पेरिस ओलंपिक में व्यक्तिगत और मिश्रित टीम इवेंट में कांस्य पदक जीत चुकी हैं, फाइनल में अच्छा प्रदर्शन कर रही थीं, लेकिन 14वें निशाने में 8.8 का स्कोर करने से वह लय खो बैठीं और सातवें स्थान पर फिनिश किया। उन्होंने 139.5 अंक के साथ प्रतियोगिता समाप्त की।
भारतीय टीम का बढ़ा मनोबल
सम्राट राणा और वरुण तोमर के शानदार प्रदर्शन ने भारत के निशानेबाजी दल का मनोबल बढ़ा दिया है। इस सफलता के साथ भारत ने आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में एक और गोल्ड अपने नाम किया, जिससे आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए टीम इंडिया का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है।
ग्राम पंचायत सदस्य 10 हजार, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य 75 हजार तक कर सकेंगे व्यय
देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी पंचायत उपचुनावों को लेकर उम्मीदवारों के खर्च की सीमा निर्धारित कर दी है। आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, ग्राम पंचायत सदस्य अधिकतम 10 हजार रुपये, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य 75 हजार रुपये, जबकि जिला पंचायत सदस्य 2 लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे।
निर्वाचन आयोग ने जारी किए दिशा-निर्देश
प्रदेश में पंचायतों की खाली सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और जिला पंचायत राज अधिकारियों (DPRO) के साथ बैठक कर चुनाव व्यय और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने कहा कि पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक श्रेणी के लिए खर्च सीमा स्पष्ट रूप से तय की गई है।
नामांकन पत्रों की फीस में भी अंतर
आयोग ने विभिन्न पदों और वर्गों के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्रों का मूल्य (फीस) भी निर्धारित किया है।
सामान्य वर्ग के ग्राम पंचायत सदस्य उम्मीदवारों को ₹150 और अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग व महिला उम्मीदवारों को ₹75 शुल्क देना होगा।
ग्राम प्रधान पद के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को ₹300 और अन्य वर्गों के उम्मीदवारों को ₹150 शुल्क देना होगा।
पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव पर जोर
आयोग ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित खर्च सीमा के भीतर हो। चुनाव खर्च की निगरानी के लिए संबंधित ब्लॉक और जिला स्तर पर विशेष टीमें गठित की जा रही हैं।
‘बिग बॉस 19’ का सफर अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। जैसे-जैसे फिनाले नज़दीक आ रहा है, घर के अंदर मुकाबला और टेंशन दोनों बढ़ते जा रहे हैं। इस हफ्ते शो में हुआ एक अप्रत्याशित ट्विस्ट—लाइव ऑडियंस वोटिंग के जरिए मिड-वीक एविक्शन—ने सभी को चौंका दिया। और इस बार घर से बेघर हुए हैं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मृदुल तिवारी।
लाइव ऑडियंस ने किया फैसला, मृदुल को मिले सबसे कम वोट
हाल ही में हुए एपिसोड में बिग बॉस ने घोषणा की कि इस हफ्ते का एविक्शन दर्शकों के वोट पर निर्भर करेगा। लाइव ऑडियंस को घर के अंदर बुलाया गया, जहां उन्होंने कंटेस्टेंट्स की परफॉर्मेंस देखकर वोटिंग की। नतीजों में सबसे कम वोट मृदुल तिवारी को मिले, जिसके चलते उन्हें फिनाले से ठीक चार हफ्ते पहले बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। मृदुल के एलिमिनेशन से उनके करीबी दोस्त गौरव खन्ना टूट गए और शो में भावुक दृश्य देखने को मिला।
कैप्टेंसी टास्क बना एविक्शन का मोड़
इस हफ्ते के एपिसोड में एक खास कैप्टेंसी टास्क हुआ था, जिसमें तीन टीमें बनीं—टीम गौरव, टीम कुनिका और टीम शहबाज। म्यूजिक डायरेक्टर अमाल मलिक इस टास्क के संचालक रहे। शुरुआती दो राउंड में कुनिका और गौरव की टीम आगे रहीं, लेकिन तीसरे राउंड में गेम का रुख पूरी तरह बदल गया, जब बिग बॉस ने फैसला लाइव दर्शकों पर छोड़ दिया।
वीकेंड के डबल एविक्शन के बाद फिर झटका
पिछले वीकेंड पर ही शो ने दर्शकों को बड़ा सरप्राइज दिया था, जब अभिषेक बजाज और नीलम गिरी को घर से बाहर कर दिया गया। उस समय कैप्टन प्रणित मोरे को होस्ट सलमान खान ने यह अधिकार दिया था कि वह बॉटम 3 में से एक को बचा सकते हैं। उन्होंने अशनूर को सेफ किया, जिससे अभिषेक और नीलम को बाहर जाना पड़ा।
फिनाले के करीब पहुंचा शो, अब हर कदम जोखिम भरा
मृदुल तिवारी के एविक्शन के साथ अब बिग बॉस 19 का माहौल और भी तीखा हो गया है। हर कंटेस्टेंट अपनी रणनीति और परफॉर्मेंस दोनों पर काम कर रहा है। मिड-वीक एविक्शन ने साफ संकेत दे दिया है कि अब कोई भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। दर्शकों को आने वाले एपिसोड्स में और भी चौंकाने वाले ट्विस्ट देखने को मिल सकते हैं।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर सभी एंगल से कर रहीं जांच
नई दिल्ली। दिल्ली में सोमवार शाम हुए भीषण विस्फोट के बाद पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। दिल्ली समेत देश के कई शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इन राज्यों में दिल्ली- NCR समेत राज्य के बॉर्डर से लगने वाले हरियाणा और यूपी के अलावा पंजाब, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड और राजस्थान शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देर रात दिल्ली में उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई, जिसमें गृह सचिव, आईबी प्रमुख, दिल्ली पुलिस आयुक्त, विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी भी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में घटना की जांच, सुरक्षा व्यवस्था और देशभर में सतर्कता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
शवों की पहचान जारी, लाल किला और आसपास का क्षेत्र सील
घटना के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं से जांच जारी है। अब तक दस में से छह मृतकों की पहचान हो चुकी है, जबकि तीन शवों की डीएनए जांच से पुष्टि की जाएगी। सुरक्षा कारणों से लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 और 4 को बंद कर दिया गया है, वहीं किले के आसपास के सभी मार्ग और क्षेत्र आम जनता के लिए प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। फोरेंसिक और एनएसजी टीमें घटनास्थल पर जांच में जुटी हैं।
UAPA के तहत मामला दर्ज, संदिग्धों से पूछताछ जारी
पहले पुलिस ने मामला विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में दर्ज किया था, लेकिन प्रारंभिक जांच के बाद अब इसे गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस, एनएसजी और फोरेंसिक विशेषज्ञ साक्ष्य जुटाने में लगे हैं। वहीं, राजधानी के भीड़भाड़ वाले इलाकों—बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों—पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रभावित संपत्तिधारकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है- बंशीधर तिवारी
सड़क चौड़ीकरण के साथ क्षेत्र होगा और सुंदर, बनेगा फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग की होगी व्यवस्था- मोहन सिंह बर्निया
देहरादून। आढत बाजार तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ी प्रगति की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों और जनहित को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए ने एक अहम कदम उठाया। आढत बाजार क्षेत्र के दाहिनी ओर स्थित दो परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के पक्ष में कराई गई। साथ ही, इन परिसम्पत्तियों के प्रभावितों को लगभग कुल 5 करोड़ का मुआवजा चैक के माध्यम से प्राधिकरण द्वारा रजिस्ट्री के समय कर दिया गया। भुगतान प्रभावितों को मौके पर ही चेक के माध्यम से किया गया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह एमडीडीए की कोशिश है कि आढ़त बाजार शिफ्टिंग, सड़क चौड़ीकरण जैसे सार्वजनिक कार्यों में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी को समय पर उचित मुआवजा मिले। सड़क चौड़ीकरण के पहले चरण में लगभग 80 प्रभावित परिसम्पत्तियाँ की रजिस्ट्री में आने वाले व्यय 25 हजार रुपये प्रति रजिस्ट्री की दर से लगभग 20 लाख रुपये की राशि प्राधिकरण द्वारा लोक निर्माण विभाग को हस्तांरिंत कर दी गई है। आढत बाजार-तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना शहर के लिए बहुत अहम है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि बाजार क्षेत्र का सौंदर्य भी बढ़ेगा। प्रभावित संपत्तिधारकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय पर पूरे हों। उन्होंने कहा कि यह सड़क चौड़ीकरण देहरादून के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात दबाव को कम करेगा। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग, और सौंदर्यीकरण की भी योजना है। यह परियोजना देहरादून को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि नागरिकों के लिए शहर को और भी सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण ने प्रभावित संपत्तियों के प्रतिकरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया है। लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाया गया है, ताकि कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सके। उन्होंने आगे बताया कि अगले चरण में शेष प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री और मुआवजा प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। एमडीडीए लगातार ऐसे विकास कार्य कर रहा है जो शहर की सूरत निखारने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने में मददगार हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासनिक पहल पर जताया भरोसा, समस्याओं के समाधान से प्रसन्नता व्यक्त की
सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम में जनसमस्याओं की सुनवाई और विकास कार्यों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकासखण्ड जयहरीखाल के काण्डाखाल गांव में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में प्रतिभाग कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। सोमवार को सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत काण्डा मल्ला की सड़क समस्या पर लोनिवि लैंसडाउन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को सतपुली–काण्डाखाल–सिसल्डी ग्राम पंचायत मोटर मार्ग का संयुक्त रूप से सर्वेक्षण करने के निर्देश दिये। इसी दौरान काण्डा तल्ला की भूमा देवी ने अपने जीर्ण-शीर्ण आवासीय भवन की समस्या बतायी, जिस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को तत्काल निरीक्षण कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु प्रस्तावित सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गांव की महिलाओं से उनकी आजीविका को लेकर चर्चा की, जिसमें विभिन्न विकल्पों पर संवाद के दौरान महिलाओं ने सिलाई प्रशिक्षण में रुचि दिखाई। इस पर की जिलाधिकारी ने जिला पंचायतराज अधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को मनरेगा योजनाओं में प्रस्तावित करने हेतु ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने जनता की अन्य समस्याओं को भी सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र काण्डाखाल का निरीक्षण किया। उन्होंने तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि आरोग्य मंदिर में जीवनरक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार संभव हो सके।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक परामर्श प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है, अतः शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र में संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने हेतु व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी प्रसव असुरक्षित परिस्थितियों में न हो। जिलाधिकारी ने एएनएम को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर गर्भवती महिलाओं से संवाद बनाए रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही, उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन के मरम्मत कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
मौके पर जिला पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, खण्ड विकास अधिकारी जयहरीखाल रवि सैनी, ग्राम प्रधान संजू देवी, पूर्व प्रधान सुरेश कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
