मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखण्ड @25 “रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड @25 “रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति में आयोजित होने वाले अल्ट्रा मैराथन रेस के लोगो (logo) का अनावरण एवं पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थ्रोन आफ द गॉड्स कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने नौ नवंबर के स्थापना दिवस कार्यक्रम में आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन रेस का विशेष उल्लेख किया था। इसके बाद अब चमोली की नीति घाटी में दूसरी अल्ट्रा मैराथन रेस आयोजित होगी।
सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैण्ट, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने 13 जिलों के उत्कृष्ट होम स्टे संचालकों को भी पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने राज्यभर के एस्ट्रो टूर गाइड एवं टूर मैनेजर को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने काला नाग चोटी का सफल आरोहण करने वाले पर्यटन विभाग की ओर से चयनित पर्वतारोहियों और आईटीबीपी के 13 सदस्यीय दल को भी सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी लोगों की कड़ी मेहनत से प्रदेशभर में रजत जयंती पर्व के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा 25 वर्ष पूर्व राज्य निर्माण के बाद इस नवोदित राज्य ने तेजी से उन्नति की है। यह तरक्की आंदोलनकारियों की तपस्या का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल औऱ कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा जहाँ कभी सड़कें बनना मुश्किल था, आज उस स्थान पर ऑल-वेदर रोड का निर्माण किया जा रहा है। जहाँ कभी संचार एक सपना हुआ करता था, वहाँ अब डिजिटल उत्तराखंड आकार ले रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा गांव घरों में स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के काम प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन विभाग की अनेक योजनाओं से लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना से हजारों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता प्राप्त हुई है। पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 8 हजार से अधिक युवक-युवतियों को प्रशिक्षित प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा टूर गाइड, नैचुरलिस्ट, टूर मैनेजर, स्ट्रीट फूड वेंडर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। नई पर्यटन नीति बनने के बाद राज्य में 207 से अधिक निवेशकों की ₹ 5,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ प्रगति पर हैं। शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन चारधाम यात्रा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों, जादूंग, दारमा घाटी, पंचाचुली बेस कैम्प में भी गतिविधियाँ प्रारंभ की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड, तीर्थाटन के साथ एडवेंचर टूरिज्म का भी केंद्र बन रहा है। चमोली से टिहरी झील तक, मसूरी से मुनस्यारी तक, प्रत्येक घाटी में रोमांच का नया संसार बस रहा है। पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, माउंटेन बाइकिंग जैसे रोमांचक खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए साहसिक खेलों के क्षेत्र में नए अवसर खोले गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एस्ट्रो टूरिज्म, वेड-इन-उत्तराखंड और स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट राज्य के पर्यटन को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा रविवार को प्रधानमंत्री ने कहा उत्तराखंड की शक्ति इसकी आध्यात्मिक शक्ति है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि धार्मिक स्थान उत्तराखंड के साथ भारत की आस्था और ऊर्जा के भी केंद्र भी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। बीते साढ़े चार वर्षों में प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में हो रही निरंतर प्रगति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। वर्ष 2023 और 2024 में जखोल, हर्षिल, सुपी और गुंजी जैसे गाँवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित किया गया। वर्ष 2024-25 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पांसिबल टूरिज्म द्वारा, स्किल डेवलपमेंट इन रिस्पांसिबल टूरिज्म श्रेणी में उत्तराखंड को विशेष सम्मान प्राप्त किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उत्तराखंड को आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तय करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा हर उत्तराखंडी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान देगा तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य अवश्य बनेगा।
जनपद स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होमस्टे में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अल्मोड़ा जिले से हरेंद्र सिंह बिष्ट, बागेश्वर से मोहन चंद्र कांडपाल , चमोली से श्रीमती सरिता देवी, देहरादून से श्रीमती नीलम चौहान, हरिद्वार से श्रीमती सुनीता सिंह, चंपावत से नीरज जोशी , रुद्रप्रयाग से कैलाश पुष्पवाण, पौड़ी से त्रिभुवन उनियाल, पिथौरागढ़ से मथुरा दत्त कालोनी, नैनीताल से उमंग वासुदेव, टिहरी से जितेंद्र सिंह, उत्तरकाशी से अखिल पंत , उधम सिंह नगर से दीपक चतुर्वेदी हैं।
इस अवसर विधायक खजान दास श्रीमती सविता कपूर, बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रुहेला एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
14 नवंबर को दुनिया भर में वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में सिर्फ डायबिटीज ही नहीं, बल्कि “प्री-डायबिटीज” भी बेहद तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि देश में लाखों लोग इस स्टेज में पहुंच चुके हैं, लेकिन आधे से ज्यादा लोगों को यह एहसास भी नहीं कि उनका ब्लड शुगर सामान्य से ऊपर जा चुका है और उनका शरीर इंसुलिन के प्रति धीरे-धीरे रेजिस्टेंट होता जा रहा है।
चिकित्सा विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है —
प्री-डायबिटीज वह स्थिति है जहां यदि समय रहते जीवनशैली में बदलाव न किया गया तो टाइप-2 डायबिटीज का खतरा अगले कुछ सालों के अंदर ही सामने आ जाता है।
क्यों माना जाता है प्री-डायबिटीज को ‘रिस्क अलर्ट’?
डॉक्टर बताते हैं कि इस अवस्था में ब्लड शुगर बढ़ना शुरू हो चुका होता है और यही चुपचाप शरीर के अंगों पर असर डालना शुरू कर देता है। यही वजह है कि इसे “साइलेंट स्टेज” कहा जाता है। यही स्टेज आगे जाकर हार्ट डिसीज़, स्ट्रोक, किडनी डैमेज की नींव रखती है।
किन लोगों में बढ़ चुका है खतरा?
जिनका वजन अधिक है, विशेषकर पेट पर
जिनकी लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटी कम है
जिनके परिवार में डायबिटीज का इतिहास है
हाई BP / हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीज
PCOS वाली महिलाएं
अक्सर लक्षण नहीं दिखते — फिर भी इन संकेतों पर ध्यान दें
गर्दन / बगल की त्वचा का काला पड़ना
जल्दी थकान होना
प्यास ज्यादा लगना
बार-बार पेशाब आना
विजन ब्लर होना
ऐसे संकेत मिलें तो डॉक्टर से ब्लड टेस्ट — Fasting Plasma Glucose या Oral Glucose Tolerance Test — जरूर करवाएं
कैसे बचाव हो सकता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक प्री-डायबिटीज को रिवर्स करना संभव है।
तीन बदलाव सबसे प्रभावी माने जा रहे हैं—
वजन में 5%–7% की कमी
रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक/कसरत
रिफाइंड कार्ब्स (चीनी, मैदा, प्रोसेस्ड) घटाएं और फाइबर व प्रोटीन बढ़ाएं
(साभार)
मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित
गैरसैंण। मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि, आंदोलनकारियों को किया सम्मानित किया। उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में दो दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद की 142.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनमें 43.63 करोड़ की 27 योजनाओं का लोकार्पण तथा 98.62 करोड़ रुपये की 33 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और खेल, शिक्षा, कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया।
आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी, फायर सर्विस और एनसीसी महिला दस्ते ने 46वीं वाहिनी पीएसी बैंड की धुन पर आकर्षक रैतिक परेड का प्रदर्शन किया, जिसका निरीक्षण मुख्यमंत्री ने किया।
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती की बधाई देते हुए देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों और राज्य निर्माण में योगदान देने वाले सभी अमर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होकर राज्य का गौरव बढ़ाया है और 8,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए केदारखण्ड और मानसखण्ड के मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि अटल जी ने उत्तराखण्ड को नया राज्य देने के साथ विशेष औद्योगिक पैकेज प्रदान कर राज्य को नई दिशा दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। सारकोट गांव को गोद लेकर मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य के समग्र विकास के लिए नई नीतियों व योजनाओं का नियोजन किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड अनेक योजनाओं में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। विकास दर में वृद्धि, कृषकों की आय में बढ़ोतरी और बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि सतत विकास सूचकांक में उत्तराखण्ड देश में प्रथम स्थान पर है और राज्य को ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड’ भी प्राप्त हुआ है। केंद्र सरकार के सहयोग से बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू कर भू-माफियाओं पर अंकुश लगाया गया है तथा नकल विरोधी कानून से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में उत्तराखण्ड अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार करने और चौखुटिया, ज्योतिर्मठ एवं घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, विधायक अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, भरत सिंह चौधरी, प्रमोद नैनवाल, सुरेश गड़िया, प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष बीकेटीसी ऋषि प्रसाद सती, राज्यमंत्री रामचंद्र गौड़, हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह, ब्लॉक प्रमुख दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान सारकोट प्रियंका नेगी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, भाजपा महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
तेजस्वी यादव ने कहा- वह केवल विकास के मुद्दे पर बात कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री कई विवादित चेहरों के लिए कर रहे प्रचार
बिहार। पटना के पोलो रोड स्थित आरजेडी कार्यालय में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दूसरे चरण के मतदान से पहले कई सवाल उठाए। उनके साथ सांसद मीसा भारती भी मौजूद रहीं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने सुरक्षा बल मुख्यतः भाजपा शासित राज्यों से बुलाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कुल 208 कंपनियां भाजपा शासित राज्यों से तैनात की गई हैं और करीब 68% पुलिस ऑब्जर्वर भी उन्हीं प्रदेशों से आए हैं। तेजस्वी ने पूछा कि “फिर बंगाल, तमिलनाडु, झारखंड से बल क्यों नहीं बुलाए गए?”
पीएम के कैंपेन को लेकर निशाना
तेजस्वी यादव ने कहा कि वह केवल विकास के मुद्दे पर बात कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री ने मंच साझा करते हुए कई विवादित चेहरों के लिए प्रचार किया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि पीएम कुछ मामलों में संदिग्ध छवि वाले लोगों से मंच पर जुड़े दिखे।
“लोग बदलाव के मूड में हैं”
तेजस्वी ने दावा किया कि उन्होंने चुनाव प्रचार में 171 से अधिक सभाएं की हैं और हर ब्लॉक/जिला में जनसमर्थन मिला है। उनके मुताबिक बिहार की 20 साल पुरानी व्यवस्था से जनता बदलाव चाहती है और इस बार नतीजे “ऐतिहासिक” होंगे। उन्होंने कहा कि 14 तारीख को सरकार गठित होने के बाद बिहार को तेज रफ्तार विकास देने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा।
तेजस्वी के चुनावी वादे
आरजेडी नेता ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कई वादों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही महिलाओं के खातों में 30 हजार रुपये देने, जीविका दीदियों का ब्याज माफ करने, ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने, किसानों को फ्री बिजली देने और नई सामाजिक योजनाएँ शुरू करने का रोडमैप तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर “ज़ीरो टॉलरेंस” अपनाया जाएगा।
समस्तीपुर घटना का मुद्दा भी उठाया
तेजस्वी ने कहा कि समस्तीपुर में फेंकी गई पर्चियों से लोगों में भय का वातावरण बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़े अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए जा रहे हैं। तेजस्वी ने चुनाव आयोग से यह भी सवाल किया कि पहले चरण में पुरुष/महिला वोटर टर्नआउट का डेटा 4 दिन बाद भी क्यों जारी नहीं हुआ।
फाइनल में दो शूट-ऑफ जीतकर अनीश ने किया कमाल, फ्रांस के बेसागेट ने जीता गोल्ड
नई दिल्ली। भारत को आईएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप (पिस्टल/राइफल) में बड़ा पॉज़िटिव रिज़ल्ट मिला है। 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल इवेंट में हरियाणा के 23 वर्षीय अनीश भानवाला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। अनीश ने इतिहास रचते हुए पहली बार इस वर्ल्ड चैंपियनशिप के पिस्टल वर्ग के फाइनल में जगह बनाई और फाइनल में दो शूट-ऑफ जीतकर सिल्वर मेडल पक्का किया।
फाइनल राउंड में अनीश ने कुल 28 अंक हासिल किए। स्वर्ण पदक फ्रांस के क्लेमेंट बेसागेट के खाते में गया, जिन्होंने 31 अंक प्राप्त किए थे। क्वालिफिकेशन में भी बेसागेट ने 589 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया था। वहीं अनीश ने 585 अंक (291+294) के साथ दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल का टिकट पाया था।
फाइनल की शुरुआती राउंड में अनीश लगातार टॉप पोज़ीशन पर बने रहे। एक समय वह चीन के निशानेबाज नी झिक्सिन से सिर्फ एक अंक पीछे थे। तीसरे एलिमिनेशन राउंड में थोड़ी चूक हुई, लेकिन निर्णायक चरण में उन्होंने मजबूत वापसी की और शूट-ऑफ में यूक्रेन के मैक्सिम होरोडीनेट्स को हराकर रजत मेडल सुरक्षित कर लिया।
दूसरे भारतीय निशानेबाज आदर्श सिंह 575 अंक के साथ 22वें स्थान पर और समीर 571 अंक के साथ 35वें स्थान पर रहे। टीम इवेंट में अनीश, आदर्श और समीर की तिकड़ी कुल 1731 अंक जुटाकर पांचवें स्थान पर रही।
फरीदाबाद में 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप
नई दिल्ली। देश की सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते दो बड़े आतंकवादी प्लान को नाकाम कर दिया है। गुजरात एटीएस ने जहां केमिकल अटैक की साजिश का पर्दाफाश करते हुए तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यूपी से एक डॉक्टर को दबोचने के बाद फरीदाबाद में छापेमारी कर 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया है। यह वही केमिकल है जिसका इस्तेमाल बड़े विस्फोटक तैयार करने में होता है। दोनों प्रकरणों में जो चीज सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है वो यह कि पकड़े गए मुख्य आरोपियों में मेडिकल की पढ़ाई कर चुके डॉक्टर शामिल हैं।
गुजरात में केमिकल अटैक की साजिश बेनकाब
गुजरात एटीएस की टीम ने खुफिया इनपुट पर अहमदाबाद-मेहसाणा रोड पर अदलाज टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को पकड़ा। आरोप है कि ये लोग ‘राइसिन’ जैसे बेहद घातक रसायन के जरिए बड़े पैमाने पर लोगों को नुकसान पहुंचाने की तैयारी में थे। राइसिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘रासायनिक हथियार’ की कैटेगरी में माना जाता है। पकड़े गए आरोपियों में एक ऐसा डॉक्टर भी शामिल है, जिसने चीन से मेडिकल की पढ़ाई की है। टीम ने आरोपियों से पिस्टल, कारतूस और अरंडी का तेल भी बरामद किया है।
अफगान हैंडलर से लिंक
पूछताछ में सामने आया कि डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैयद का संपर्क अफगानिस्तान में मौजूद अबु खदीजा नाम के आतंकी से था, जिसका ISKP से कनेक्शन बताया जा रहा है। इसके अलावा कुछ पाकिस्तानी नंबरों व मॉड्यूल से भी कड़ी मिली है। पूछताछ के बाद यूपी से दो और युवकों को भी उठाया गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद में रेकी की थी।
फरीदाबाद से 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट
इधर दूसरी बड़ी कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर से अरेस्ट किए गए डॉक्टर आदिल की निशानदेही पर फरीदाबाद के धौज इलाके में एक घर से 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट और हथियार बरामद किए हैं। यहां से दो ऑटोमैटिक पिस्टल, 84 कारतूस, 5 लीटर केमिकल और AK-47 भी मिली है। यह बरामदगी संकेत देती है कि किसी बड़े धमाके की तैयारी चल रही थी।
हाफिज सईद का एंगल
इंटेलिजेंस एजेंसियों को इनपुट मिला है कि हाफिज सईद से जुड़े नेटवर्क भारत में आतंकी घटना का प्लान बना रहे हैं। बांग्लादेश से ऑपरेट करने की आशंका जताई गई है। हाल में एक ISI समर्थित आतंकी कमांडर ने खुले मंच पर दावा किया कि भारत के खिलाफ नई साजिशें चल रही हैं।
कई फिल्में शुरू में ज्यादा ध्यान नहीं खींच पातीं और पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर औसत प्रदर्शन करती हैं। लेकिन मजबूत कहानी और कलाकारों की दमदार अदाकारी धीरे-धीरे दर्शकों तक असर छोड़ती है और कमाई में सुधार नजर आने लगता है। यामी गौतम और इमरान हाशमी की फिल्म ‘हक’ भी अब उसी श्रेणी की फिल्म साबित होती दिख रही है।
ओपनिंग डे पर औसत शुरुआत
पिछले शुक्रवार रिलीज हुई यह कोर्टरूम ड्रामा फिल्म पहले दिन सिर्फ 1.75 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी। लेकिन शनिवार को दर्शकों की संख्या बढ़ी और फिल्म की कमाई उछलकर 3.35 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
कुल कलेक्शन 7.92 करोड़ पर पहुंचा
रविवार को भी अच्छे संकेत मिले और तीसरे दिन फिल्म ने 3.8 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया। इस तरह तीन दिन का कुल कलेक्शन 8.9 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म का बजट लगभग 35 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
दर्शकों की तारीफ से मिला फायदा
फिल्म की कमाई में दूसरे और तीसरे दिन दिखाई दी बढ़त सिर्फ वीकेंड की वजह से नहीं है, बल्कि दर्शकों की पॉजिटिव प्रतिक्रिया भी इसके पीछे एक बड़ा कारण है। खुद यामी गौतम ने भी कलेक्शन बढ़ने पर कहा कि यह ‘वर्ड ऑफ माउथ’ की ताकत का नतीजा है। उम्मीद की जा रही है कि आगे के दिनों में भी यह ट्रेंड जारी रह सकता है।
वास्तविक घटना से जुड़ी कहानी
इस फिल्म का निर्देशन सुपर्ण वर्मा ने किया है और निर्माण हरमन बावेजा व रोवेना बावेजा द्वारा किया गया है। ‘हक’ एक सच्ची घटना से प्रेरित कहानी है, जिसमें एक महिला अपने सम्मान और अधिकार के लिए समाज और कानून से संघर्ष करती है।
(साभार)
लच्छीवाला टोल प्लाजा व आशा रोडी बैरियर 13 घंटे तक रहे निशुल्क
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर देहरादून स्थित एफआरआई परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्थाएं कीं।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भारी संख्या में वाहनों के आगमन को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी देहरादून ने लच्छीवाला टोल प्लाजा और आशा रोडी बैरियर को 9 नवंबर को प्रातः 5 बजे से सायं 6 बजे तक निशुल्क रखने के आदेश दिए थे। इस अवधि में किसी भी निजी, वाणिज्यिक या अन्य वाहन से टोल टैक्स नहीं वसूला गया।
जिलाधिकारी के इस निर्णय के परिणामस्वरूप राजधानी देहरादून पूरे दिन जाम मुक्त रही। सीमावर्ती और पर्वतीय जनपदों से बड़ी संख्या में बसों व निजी वाहनों के आगमन के बावजूद शहर में यातायात सुचारू बना रहा।
डीएम द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया था, जिससे कानून-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण दोनों सुनिश्चित रहे। शाम छह बजे के बाद टोल प्लाजा पर सामान्य रूप से टोल वसूली दोबारा शुरू कर दी गई।
हर जिले में बनेगी वर्चुअल लैब, कॉलेजों को मिलेगी आधुनिक सुविधा
देहरादून। उत्तराखंड सरकार अब उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम को समय के अनुरूप अपडेट करने जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने रजत जयंती के मौके पर ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समेत कई नए विषय छात्रों की पढ़ाई में शामिल होंगे। अधिकारियों का कहना है कि आज स्वास्थ्य, शिक्षा, शोध और डिजिटल सेक्टर में एआई तेजी से उपयोग हो रहा है, इसलिए युवा पीढ़ी को इसकी बेसिक नॉलेज दिलाना बेहद जरूरी है।
संयुक्त निदेशक आनंद सिंह उनियाल ने बताया कि कॉलेज स्तर पर छात्रों को एआई की मूल जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही भारतीय ज्ञान प्रणाली के तहत दर्शन, विज्ञान, गणित, कला, साहित्य और आयुर्वेद जैसे पारंपरिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में एकीकृत किया जाएगा, ताकि छात्रों को आधुनिकता के साथ नैतिक और समग्र शिक्षा मिले। आयुर्वेद को शामिल करने का उद्देश्य छात्रों को खान-पान, प्राथमिक देखभाल और जीवनशैली के वैज्ञानिक पहलुओं से भी जोड़ना है।
हर जिले में वर्चुअल लैब
विभाग का फोकस सिर्फ विषय जोड़ने तक सीमित नहीं है। प्रत्येक जिले के एक महाविद्यालय में वर्चुअल लैब स्थापित करने की तैयारी चल रही है, ताकि शैक्षणिक एवं अकादमिक माहौल को उत्कृष्ट बनाया जा सके।
25 साल की उपलब्धियां — 25 साल का नया विज़न
राज्य गठन से लेकर अब तक की उपलब्धियों के साथ-साथ अगले 25 साल का विज़न डॉक्यूमेंट भी विभाग ने तैयार किया है। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए विषयों को शामिल करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें।
“समय की मांग के अनुरूप विषयों को शामिल किया जाएगा।”
— डॉ. रंजीत सिन्हा, उच्च शिक्षा सचिव
राज्य स्थापना रजत जयंती पर पीएम मोदी का बड़ा उपहार
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह के अवसर पर आज देहरादून आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड डाक परिमंडल द्वारा राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों एवं सांस्कृतिक प्रतीकों पर आधारित विशेष डाक टिकट श्रृंखला का विमोचन किया। इस विशेष डाक टिकट श्रृंखला के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान की गई है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत राज्य के 28,000 से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹62 करोड़ से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से जारी की। इस पहल से राज्य के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं एवं फसल क्षति से सुरक्षा का लाभ प्राप्त होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ पर आधारित एक विशेष प्रतीक चिन्ह भेंट किया
