तांबे के घड़े या पात्र में पानी रखना और सुबह खाली पेट उसे पीना—भारतीय घरों में यह परंपरा आज भी बड़ी मान्यता से निभाई जाती है। आयुर्वेद में इसे ‘ताम्र जल’ कहा गया है और माना गया है कि यह पानी पाचन को दुरुस्त करने, शरीर को डिटॉक्स करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने में मदद करता है। लेकिन आधुनिक शोध यह भी संकेत देते हैं कि तांबे का पानी पीना फायदेमंद तभी है, जब इसे सीमित मात्रा में लिया जाए। लगातार और ज्यादा मात्रा में कॉपर शरीर में जाने पर यह फायदे की जगह नुकसान भी दे सकता है।
यानी इस प्राचीन परंपरा में विज्ञान भी है—बस संतुलन की शर्त के साथ।
क्यों जरूरी है सावधानी?
डॉक्टर्स बताते हैं कि कॉपर हमारे शरीर में बहुत छोटी मात्रा में चाहिए—और यह जरूरत हमारे रोज के भोजन से ही पूरी हो जाती है। ऐसे में अगर दिनभर सिर्फ कॉपर के बर्तन में रखा पानी ही पिया जाए, तो शरीर में कॉपर की ओवरडोज़ का खतरा रहता है, जिसे “कॉपर टॉक्सिसिटी” कहा जाता है। इसकी शुरुआत पेट दर्द, मितली, कमजोरी और थकान जैसे लक्षणों से होती है और यह स्थिति आगे बढ़कर लिवर पर भारी असर डाल सकती है।
सही तरीका क्या है?
रात में पानी तांबे के बर्तन में भरकर रखें
सुबह खाली पेट उसका एक गिलास पीना पर्याप्त है
पूरे दिन सामान्य गिलास या स्टील के बर्तन में पानी पिएं
बच्चों, गर्भवती महिलाओं और जिनका लिवर कमजोर है, उन्हें खास सावधानी रखनी चाहिए
यानी रोज सिर्फ एक बार ताम्र जल पर्याप्त है। उससे ज़्यादा शरीर को लाभ नहीं, बल्कि जोखिम दे सकता है।
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विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्तुत की सात विभागों की उपलब्धियां
2047 तक समाज में लैंगिक भेदभाव शून्य करने पर दिया जोर
उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने का संकल्प लिया
खेल जगत में उत्तराखंड को दिलाएंगे वैश्विक पहचान
देहरादून। उत्तराखंड और देश को विकसित बनाने में युवाओं और महिलाओं का सबसे बड़ा योगदान रहेगा, इसलिए उनका सशक्तिकरण पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को विधानसभा के विशेष सत्र में यह बात कही। उन्होंने कुल सात विभागों की उपलब्धियां सदन के समक्ष रखी और 2047 में देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में राज्य किन लक्ष्यों को लेकर चल रहा है इस पर भी चर्चा की।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य स्थापना के समय प्रदेश में कुल 4243 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित थे । 25 साल में इनकी संख्या बढ़कर 20067 हो गई है, जिनमें बड़ी संख्या में प्रदेश की महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिका के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी साल आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाओं की भर्ती में लगभग 7000 नियुक्तियां की गई है और यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही। उन्होंने कहा कि लैंगिक अनुपात के मामले में प्रदेश में 25 साल में बड़ी प्रगति की है। 2001 में लैंगिक अनुपात 1000 के सापेक्ष 962 था जो बढ़कर अब 984 तक पहुंच गया है। रेखा आर्या ने बताया कि कोविड से प्रभावित कुल 6544 बच्चों को राज्य सरकार ₹3000 प्रति माह आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण देकर और समान नागरिक संहिता लागू करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2047 के विजन के तहत उनका विभाग समाज में लैंगिक असमानता को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियां बताते हुए उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर राज्य गठन के समय 52 प्रति 1000 लाइव बर्थ थी जो कि अब 20 प्रति 1000 रह गई है । इसमें कुल 61% की कमी लाई गई है। राज्य गठन के समय मातृ मृत्यु दर 450 प्रति लाख लाइव बर्थ थी जो अब 91 प्रति लाख लाइव बर्थ हो गई है । यानी इसमें लगभग 80% की गिरावट आई है । संस्थागत प्रसव राज्य गठन के समय 21% था जो आज 83.2% है।
स्वास्थ्य विभाग में आधारभूत संस्थागत संरचना के अंतर्गत 40 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राज्य गठन के समय 134 थे जिनकी संख्या अब 577 हो चुकी है। वर्तमान में राज्य में कुल पांच मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो चुकी है जिसमें 625 एमबीबीएस सीट और 239 पीजी सीट की क्षमता है। इसके अलावा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में दो मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन है । उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में कुल 12 राजकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित किया जा रहे हैं और 82 निजी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हो चुकी है । चार राजकीय पैरामेडिकल कॉलेज और 80 निजी पैरामेडिकल कॉलेज में 13332 युवा अध्ययन कर रही हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2000 में चिकित्सा संवर्ग में कुल 1621 पद स्वीकृत थे वर्तमान में इन पदों की संख्या 2885 हो चुकी है। इसके साथ ही वर्तमान में राज्य में 2718 स्टाफ नर्स, 20490 एएनएम और 12018 आशा कार्यकत्रियां कार्यरत है।
समाज कल्याण विभाग के बारे में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्ष 2000 में समाज कल्याण द्वारा दी जाने वाली पेंशन राशि 125 प्रति माह थी जिसे बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद तीलू रौतेली, बौना, किसान एवं परित्यकता पेंशन जैसी नई योजनाएं शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय राज्य में पेंशनरों की संख्या 1,20,000 थी जो वर्तमान में बढ़कर 9,38,000 हो गई है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्य गठन के बाद खेल विभाग का बजट एक करोड रुपए से बढ़कर वर्तमान में 275 करोड रुपए से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम, 17 अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंदौर कीड़ा हाल, 6 स्विमिंग पूल, 31 इंडोर हाल, 28 आउटडोर स्टेडियम, तीन स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने के लिए खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है और 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक हासिल करने वाले विजेताओं को दोगुनी इनाम राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न जॉब और सरकारी नौकरियों में 4% आरक्षण भी दिया जा रहा है। प्रतिभावान बच्चों को कुशल खिलाड़ी के रूप में विकसित करने की दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से हजारों बच्चों को प्रति माह खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय सिर्फ 150 पीआरडी स्वयंसेवकों को रोजगार उपलब्ध होता था वर्तमान में 8000 से ज्यादा स्वयंसेवक विभिन्न ड्यूटी पर तैनात है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अक्टूबर 2015 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया है ।जिसके अंतर्गत ग्रामीण आबादी का 75% और शहरी आबादी का 50% शामिल है। राशन वितरण प्रणाली को दुकानों के डिजिटलीकरण के माध्यम से और ईपीओएस मशीनों के जरिए सुगम और प्रभावी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री अंत्योदय निशुल्क गैस रिफिल योजना के तहत 1.84 लाख राशन कार्ड धारकों को वर्ष में तीन गैस रिफिल निशुल्क वितरित की जा रही है।
खरीफ फसलों की खरीद पर प्रश्नों का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि भारत सरकार से इस वर्ष उत्तराखंड को 7.50 लाख मैट्रिक धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। जिसमें से 3 नवंबर तक 5.15 लाख मैट्रिक टन धान खरीद की जा चुकी है। इस प्रकार 3 नवंबर तक लक्ष्य का लगभग 70% धान खरीद की जा चुकी है। इसके सापेक्ष 1131.30 करोड़ का भुगतान प्रक्रियाधीन है जबकि 755 करोड़ रुपए (लगभग 62%) का भुगतान किया जा चुका है।
आवास विभाग की उपलब्धियां पर चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 15960 आवास स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से विकास प्राधिकरण के माध्यम से 314 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।
नर्व सिस्टम फेल, डॉक्टरों की तमाम कोशिशें रही बेअसर
लोको पायलट पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज
गूलरभोज। चार दिन की जद्दोजहद के बाद उस घायल हाथी ने आखिरकार दम तोड़ दिया, जो रेलगाड़ी से टकराने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया था। डॉक्टरों के अनुसार लगातार इलाज चलने के बावजूद उसका नर्व सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया था, जिससे पिछला हिस्सा सुन्न हो गया और हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
दुर्घटना शुक्रवार रात गूलरभोज-लालकुआं रेलवे लाइन पर हुई थी। स्पेशल ओएमएस (ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम) ट्रेन हाथी से टकरा गई, जिसके बाद वह पानी भरे गढ्ढे में गिर पड़ा। करीब 15 घंटे तक वह वहीं पड़ा रहा। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने रेस्क्यू कर उसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला। पैरों में गहरी चोट, टूटे दांत और अंदरूनी जख्म ने उसकी स्थिति और खराब कर दी थी।
चार दिन तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा लगातार इलाज किया गया। उसे लेजर थेरेपी, इंजेक्शन और ड्रिप दी गई। एक्स-रे में हड्डी टूटने के स्पष्ट संकेत तो नहीं मिले, लेकिन नर्व सिस्टम डैमेज होने की वजह से वह भोजन भी नहीं ले पा रहा था। सिर्फ फ्लूड थेरेपी के सहारे उसे बचाने की कोशिश जारी थी। लेकिन मंगलवार को उसकी सांसें थम गईं।
डॉ. ललित (एसओएस वाइल्ड लाइफ, मथुरा) और डॉ. राहुल सती की टीम ने पोस्टमार्टम कर उसे जंगल में अंतिम विदाई दी। जिसे वन विभाग “जंगल का प्रहरी” कहता था, वह अब उसी धरती में सदा के लिए समा गया।
जांच और कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।
डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग यूसी तिवारी ने बताया कि लोको पायलट के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
500 वोटर एक ही पते पर, फर्जी फोटो वाले हजारों नाम – राहुल का दावा
राहुल बोले- हर आठ में से एक मतदाता नकली, मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को एआईसीसी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और चुनाव प्रक्रिया में “वोट चोरी” के आरोपों को दोहराते हुए कई उदाहरण सामने रखे। राहुल ने दावा किया कि हरियाणा सहित कुछ राज्यों में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता जोड़े गए और कई वोट काट दिए गए। उन्होंने इसे “सेंट्रलाइज्ड ऑपरेशन” बताते हुए कहा कि यह अलग–अलग बूथ की नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर की गई गड़बड़ी है।
एग्जिट पोल का हवाला, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ राज्यों के एग्जिट पोल दिखाए और कहा कि हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश में वोटिंग के बाद जो शिकायतें आईं, वो एग्जिट पोल और रिजल्ट में अंतर की ओर संकेत करती हैं। उन्होंने एक महिला की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि एक ही व्यक्ति ने अलग–अलग नाम से हरियाणा में कई बार वोट डाला।
“H फाइल्स” का जिक्र
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के पास “H फाइल्स” हैं, जिनमें हरियाणा में कथित अनियमितताओं से जुड़े डॉक्यूमेंट्स मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि हर आठ में से एक वोटर फर्जी है और हरियाणा में करीब 1 लाख से ज्यादा मतदाता ऐसे मिले जिनके फोटो संदिग्ध हैं। राहुल ने यह भी कहा कि 25 लाख वोट चोरी हुए और बड़ी संख्या में मतदाताओं के वोट “काटे” गए।
500 वोटर एक ही पते पर — राहुल का दावा
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कई लोगों के मकान नंबर 0 दर्ज हैं और जांच में 500 मतदाताओं का एक ही पता सामने आया है। उन्होंने कहा कि फर्जी नामों की पहचान करना मुश्किल है क्योंकि उनका कोई सत्यापित एड्रेस नहीं है।
पहले भी दे चुके हैं संकेत
राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर 1 सितंबर को भी बयान दिया था और कहा था कि “वोट चोरी” को लेकर वे “हाइड्रोजन बम” फोड़ेंगे। कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी आने वाले समय में इस मुद्दे पर और दस्तावेज़ व विवरण सार्वजनिक कर सकते हैं।
बॉलीवुड की क्लासिक वॉर ड्रामा ‘बॉर्डर’ के सीक्वल को लेकर फैन्स की उत्सुकता एक बार फिर बढ़ गई है। ‘बॉर्डर 2’ से वरुण धवन का पहला लुक मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। पोस्टर में वरुण भारतीय सेना की वर्दी में नजर आ रहे हैं, चेहरा धूल-धुएं से ढका और एक्सप्रेशन पूरी तरह युद्ध मोड में। लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर यह पोस्टर ट्रेंड करने लगा।
फैंस कह रहे- वरुण का करियर का सबसे इंटेंस लुक
वरुण की इस तस्वीर को देखकर कई यूज़र्स ने कमेंट किया कि यह रोल एक्टर के करियर की दिशा बदल सकता है। कुछ फैन्स ने तो इस फिल्म को “100 करोड़ ओपनर” तक बताना शुरू कर दिया है। पोस्टर में वरुण धवन हाथ में राइफल लिए रणभूमि के बैकड्रॉप में दिखाई दे रहे हैं, जिससे साफ है कि फिल्म में उनका किरदार बेहद उग्र और तीखा नजर आएगा।
23 जनवरी 2026 को होगी रिलीज
फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह कर रहे हैं और रिलीज डेट 23 जनवरी 2026 तय की गई है। यानी रिपब्लिक डे वीकेंड पर फिल्म सिनेमाघरों में पहुंचेगी। मेकर्स का फोकस केवल मनोरंजन नहीं बल्कि भारतीय सेना के साहस और शौर्य को बड़े पर्दे पर नए अंदाज़ में पेश करना है।
भूषण कुमार – जेपी दत्ता की बड़ी कोलैबोरेशन
इस बार फिल्म में केवल सनी देओल ही नहीं बल्कि वरुण धवन के साथ दिलजीत दोसांझ, आहान शेट्टी, मेधा राणा, मोना सिंह और सोनम बाजवा जैसी कास्ट भी शामिल है। फिल्म का प्रोडक्शन भूषण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता कर रहे हैं। टीम का दावा है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा में वॉर जॉनर की नई परिभाषा तय करेगी।
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आढ़त बाजार से तहसील चौक तक चौड़ीकरण परियोजना को मिली गति, एमडीडीए ने शुरू की रजिस्ट्री प्रक्रिया
सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री हेतु मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा और संयुक्त सचिव गौरव चटवाल अधिकृत
देहरादून। मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना को साकार करने पर जुटा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) शहर के यातायात दबाव को कम करने और सड़क ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आढ़त बाजार से तहसील चौक तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत प्रभावित परिसम्पत्तियों के सापेक्ष प्रतिकर वितरण एवं भूखंड आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। रजिस्ट्री के कार्य निष्पादन हेतु मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा व संयुक्त सचिव गौरव चटवाल को अधिकृत किया गया है। प्रति प्रभावित परिसम्पति की रजिस्ट्री व प्रप्तिकर का कार्य एक साथ प्रारम्भ कर दिया गया है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह परियोजना देहरादून के केंद्रीय क्षेत्र में यातायात सुगमता के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रभावित संपत्तियों के स्वामियों को उचित प्रतिकर एवं वैकल्पिक भूखंड प्रदान करने की दिशा में पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में नागरिकों के सहयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और एमडीडीए सभी प्रभावितों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने जानकारी दी कि सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग (प्रान्तीय खंड), देहरादून के पक्ष में प्रारंभ हो चुकी है। सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक के क्षेत्र में बायीं ओर की संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा को अधिकृत किया गया है, वहीं दायीं ओर की संपत्तियों के लिए संयुक्त सचिव गौरव चटवाल को नामित किया गया है। रजिस्ट्री विलेखों को उपनिबंधन कार्यालय, देहरादून में प्रस्तुत करने हेतु लिपिक धन सिंह चौहान और दिव्यान्श श्रीवास्तव को प्रस्तुतकर्ता के रूप में अधिकृत किया गया है।
यह परियोजना देहरादून शहर के यातायात प्रबंधन और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और शहर के सतत विकास के सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा जाए। आने वाले समय में इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
एफआरआई परिसर में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा
देहरादून। राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती महोत्सव पर प्रधानमंत्री के एफआरआई परिसर में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल आज तड़के सुबह 5:30 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करने और स्थल पर 24×7 कार्यों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देशों के क्रम में डीएम ने एफआरआई परिसर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा- गुरु नानक देव जी मानवता, समानता और सद्भावना के आदर्श प्रतीक
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर देहरादून के रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी मानवता, समानता और सद्भावना के आदर्श प्रतीक हैं। उन्होंने अपने जीवन सिद्धांतों से समाज को “एक ओंकार सतनाम” के भाव से जोड़ते हुए सत्य, ईमानदारी और सेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएँ सदैव मानवता को सही दिशा दिखाती रहेंगी और समाज को एकजुट रखेगीं।
इस मौके पर गुरुद्वारा प्रबंधन समिति व श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही।
मुख्यमंत्री ने 46 करोड़ 24 लाख रुपये की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
काशीपुर। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को काशीपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने प्रथम राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 46 करोड़ 24 लाख रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही दिव्यांग सशक्तिकरण कौशल विकास वाहन तथा नगर निगम काशीपुर के कूड़ा एकत्रित करने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के शुरूआती वर्षों में संसाधन बेहद सीमित थे और भौगोलिक परिस्थितियाँ भी चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन उत्तराखंड ने निरंतर संघर्ष में भी प्रगति और सुशासन की मिसाल कायम की है। उन्होंने बताया कि राज्य निर्माण के समय शहरी विकास विभाग का बजट मात्र 55 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 1300 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। पिछले 25 वर्षों में राज्य के शहरों ने अर्थव्यवस्था को गति दी है तथा रोजगार के नए अवसर बनाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मार्गदर्शन में उत्तराखंड ने विकास की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, मुकेश कुमार, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, गुंजन सुखीजा, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल, महापौर दीपक बाली सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की उपस्थिति में मेले का हुआ भव्य शुभारंभ
परंपरा और विकास का संगम है श्रीनगर का बैकुंठ चतुर्दशी मेला: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
पौड़ी। श्रीनगर स्थित आवास विकास मैदान में आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
मेयर ने मुख्यमंत्री को आभासी रूप में शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृतिचिह्न भेंट कर स्वागत किया। पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने अतिथियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को बैकुंठ चतुर्दशी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीनगर का यह मेला उत्तराखंड की प्राचीन परंपरा, आस्था और लोकसंस्कृति का जीवंत उदाहरण है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने, पारंपरिक कला, संस्कृति और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने का भी माध्यम बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए सतत प्रयासरत है। श्री बद्रीनाथ एवं केदारनाथ मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य हों या ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेललाइन निर्माण कार्य सभी योजनाएँ तीव्र गति से प्रगति पर हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीनगर क्षेत्र में भी व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसमें रोडवेज बस स्टेशन में पार्किंग का निर्माण, अलकनंदा नदी के तट पर गंगा संस्कृति केंद्र की स्थापना, तथा श्रीनगर पालिका को नगर निगम का दर्जा देकर नगर के पार्कों, पार्किंग स्थलों और सड़कों का सुधार कार्य शामिल है। उन्होंने कहा कि बिलकेदार एवं बेलकंडी क्षेत्र में नयी टाउनशिप विकसित करने का कार्य भी प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर गढ़वाल शिक्षा, संस्कृति और आध्यात्मिकता का केंद्र रहा है। बैकुंठ चतुर्दशी मेला यहां की ऐतिहासिक पहचान है, जिसे संजोकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस मेले में हर वर्ग की सहभागिता सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि ऐसे पारंपरिक मेलों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंच रही है, जिससे जनसहभागिता और पारदर्शिता दोनों को बल मिलेगा। उन्होंने श्रीनगर में हो रहे नगर विकास कार्यों की भी सराहना की और कहा कि स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यटन की दिशा में नगर निगम के प्रयास अनुकरणीय हैं।
मेयर आरती भंडारी ने मेले की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में श्रीनगर नगर क्षेत्र में अनेक विकास कार्य हुए हैं, जिनमें डंपिंग जोन को वेस्ट टू वंडर पार्क में परिवर्तित करना, पार्किंग व सामुदायिक भवन का निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट एवं पोलों का सुदृढ़ीकरण प्रमुख हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए भगवान कमलेश्वर महादेव को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मेला समर्पण, आस्था एवं सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन न रहकर सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न जनपदों से व्यापारी, शिल्पकार एवं स्वयं सहायता समूह इसमें भाग ले रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मेले में कई नयी गतिविधियाँ जोड़ी गयी हैं, जिनमें बेबी शो, फन गेम्स, पारंपरिक परिधानों की प्रदर्शनी, महिला स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएँ तथा विभिन्न विषयों पर गोष्ठियों का आयोजन शामिल है, जिससे कार्यक्रम और अधिक आकर्षक बना है। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल आमजन को शासन की योजनाओं की जानकारी देने और लाभान्वित करने का कार्य कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने नगर निगम, विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय जनता के सहयोग की सराहना की तथा मेयर एवं नगर आयुक्त के साथ गुब्बारे उड़ाकर मेले का शुभारंभ किया। तत्पश्चात उन्होंने डाक विभाग सहित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद कर उनके उत्पाद भी खरीदे।
कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी तथा मेयर ने कमलेश्वर महादेव मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना की एवं भगवान कमलेश्वर से लोककल्याण और समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम का मंच संचालन सरिता उनियाल व बबीता थपलियाल ने किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त नूपुर वर्मा, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, बीडीओ यमकेश्वर दृष्टि आनंद, डीपीओ देवेंद्र थपलियाल, बीईओ खिर्सू अश्विनी रावत, तहसीलदार दीपक भंडारी सहित विभिन्न वार्डों के वार्ड मेंबर व जनसमूह उपस्थित रहा।
