16 दिन तक रिटायर्ड BSF इंस्पेक्टर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा
रुद्रपुर। साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड बीएसएफ इंस्पेक्टर के साथ “डिजिटल अरेस्ट” ठगी करने वाले शातिर को गुरुग्राम से दबोच लिया। आरोपी खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को 16 दिन तक मनोवैज्ञानिक दबाव में रखता रहा और अलग-अलग खातों में 60 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस अब उससे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल को लेकर पूछताछ कर रही है।
एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि नैनीताल जिले के बेतालघाट निवासी रिटायर्ड इंस्पेक्टर ने जुलाई में साइबर थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाला शख्स खुद को महाराष्ट्र साइबर क्राइम और सीबीआई का अधिकारी बताकर यह दावा करने लगा कि उनके नाम पर खुले बैंक खाते से 68 करोड़ रुपये मनी लॉन्ड्रिंग का ट्रांजेक्शन हुआ है।
शातिर ने पीड़ित की संपत्ति और बैंकिंग डिटेल्स की “जांच” करने के नाम पर लगातार वीडियो कॉल पर जोड़े रखा और इसी दौरान पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट कर 16 दिनों में 60 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
शिकायत दर्ज होने के बाद टीम ने टेक्निकल और डॉक्यूमेंट एनालिसिस के आधार पर आरोपी की पहचान की। शुक्रवार को इंस्पेक्टर अरुण कुमार की अगुवाई में टीम ने राजस्थान के अजमेर जिले के जेवाजा थाना क्षेत्र के ग्राम गोहाना, रजियावास निवासी कमल सिंह को हरियाणा के न्यू कॉलोनी, गुरुग्राम से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। आरोपी से उसके गिरोह और बाकी ट्रांजेक्शन्स के बारे में पूछताछ जारी है।
अगर आप दो–चार सीढ़ियाँ चढ़ते ही तेज़-तेज़ साँस लेने लगते हैं, हल्का काम करने पर भी छाती में भारीपन महसूस होता है, या टहलते समय अचानक थकान बढ़ जाती है — तो इसे केवल “कमज़ोरी या साधारण थकान” समझकर अनदेखा करना ख़तरनाक हो सकता है। चिकित्सकों के अनुसार, शरीर का इस तरह जल्दी थक जाना दिल और फेफड़ों से जुड़ी बीमारी का प्रारम्भिक संकेत होता है।
यानी शरीर पहले ही समय पर चेतावनी दे रहा होता है कि दिल पूरा रक्त उतनी क्षमता से पम्प नहीं कर पा रहा, जितनी आवश्यकता है। इसी कारण शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम पड़ जाती है और साँस फूलने लगती है।
साँस फूलने और दिल की सेहत का सम्बन्ध
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुँचता, या दिल में रक्त प्रवाह कम होने की स्थिति शुरू हो जाती है, तब शरीर थोड़ा प्रयास करने पर भी अधिक मात्रा में ऑक्सीजन चाहता है। इस कमी को पूरा करने के लिए दिल तेज़ धड़कने लगता है और साँस लेने की गति अचानक बढ़ जाती है। यही वजह है कि थोड़े से श्रम पर भी साँस फूलने लगती है।
लगातार थकान आना भी चिन्ह
यदि बिना किसी कारण के रोज़-रोज़ थकान बनी रहती है — विशेष रूप से सुबह उठते ही — तो यह भी इसके संकेत हैं कि दिल शरीर के ऊतकों तक उतनी ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पा रहा, जितनी ज़रूरत है। इसलिए सामान्य कार्य भी कठिन लगने लगते हैं।
पैरों में सूजन? अनदेखा न करें
दिल की कमज़ोर कार्यक्षमता का असर पैरों तथा टखनों पर सबसे पहले दिखता है। रक्त और तरल पदार्थ नीचे जमा होने लगते हैं और सूजन दिखाई देने लगती है। यह एक स्पष्ट चेतावनी संकेत है, जिस पर तुरंत हृदय रोग विशेषज्ञ से जाँच करानी चाहिए।
रात को खाँसी या घबराहट भी संकेत
कई लोगों को रात में अचानक खाँसी या बेचैनी महसूस होती है। चिकित्सकों के अनुसार, यह फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होने के कारण होता है — जो दिल के कार्य में दोष का संकेत देता है।
निष्कर्ष
यदि ये लक्षण लगातार दिखाई दें — साँस फूलना, बार-बार थकान, पैरों में सूजन, रात में खाँसी या घबराहट — तो देर न करें। यह शरीर का आपात संकेत है कि दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक से जाँच कराना आवश्यक है।
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सीएम बोले—जनता का दुख मेरा अपना दुख, हर संभव मदद का भरोसा दिलाया
रुद्रप्रयाग। लोकपर्व इगास (बूढ़ी दिवाली) के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को रुद्रप्रयाग पहुँचे। उन्होंने हालिया आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस दौरान सीएम धामी ने माताओं–बहनों से भेंट की और उन्हें फल व उपहार भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने परिवारों के बीच बैठकर भोजन भी किया।
सीएम धामी ने इस मुलाकात को भावुक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों के दुःख की अनुभूति उनकी अपनी पीड़ा के समान है और राज्य सरकार हर स्तर पर संकटग्रस्त परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए उनका संकल्प और अधिक दृढ़ हुआ है। उन्होंने कहा—“जनता का विश्वास मेरी सबसे बड़ी शक्ति है और जन-जन के चेहरे पर मुस्कान लाना ही मेरा उद्देश्य।”
कार्यक्रम में विधायक भरत सिंह चौधरी भी मौजूद रहे।
सीएम नायडू ने जताया शोक
श्रीकाकुलम। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। एकादशी के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक धक्का-मुक्की बढ़ने से भगदड़ मच गई। शुरुआती सूचना के मुताबिक 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। सभी घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार के पास भीड़ का दबाव अचानक बढ़ने से अफरा-तफरी मची और कई लोग गिरते-पड़ते रौंदे गए।
मुख्यमंत्री का बयान — शोक व्यक्त, अधिकारियों को मिले निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने प्रशासन को घायलों को तत्काल और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सीएम ने स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी मौके पर जाकर स्थिति की समीक्षा करने को कहा है।
मंत्री मौके पर पहुंचे, सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कृषि मंत्री के. अत्चन्नायडू भी घटनास्थल पहुंचे और मंदिर प्रबंधन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से कहा गया कि भारी भीड़ की वजह से हालात बेकाबू हुए। फिलहाल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर निगरानी रखी जा रही है।
गणेश जोशी ने कहा- आजादी के महानायक और उत्तराखंड के लाल, शहीद केसरी चंद का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज गांधी पार्क में आजाद हिंद फौज के महानायक वीर शहीद केसरी चंद की 106वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मंत्री जोशी ने वीर केसरी चंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आजादी के महानायक और उत्तराखंड के लाल, शहीद केसरी चंद का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। बहुत कम उम्र में उन्होंने देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी। मंत्री जोशी ने बताया कि देहरादून जनपद के जौनसार-बावर क्षेत्र के क्यावा गांव में 01 नवम्बर 1920 को वीर केसरी चंद का जन्म हुआ था।
उन्होंने कहा कि आजाद हिंद फौज की ओर से लड़ते हुए वीर केसरी चंद को ब्रिटिश सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें ब्रिटिश शासन के विरुद्ध युद्ध करने के आरोप में आर्मी एक्ट की धारा 41 के तहत 03 फरवरी 1945 को मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई और 3 मई 1945 को मात्र 24 वर्ष 6 माह की आयु में फांसी पर लटका दिया गया।
मंत्री जोशी ने कहा कि वीर केसरी चंद की शौर्यगाथा देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों और बलिदानियों की भूमि है, चाहे प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में पराक्रम दिखाने की बात हो या आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व अर्पित करने का प्रसंग, हर युग में उत्तराखंड के वीरों ने देश की सेवा में अद्भुत साहस और बलिदान का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि 1962 और 1971 के युद्ध से लेकर गलवान घाटी और ताज होटल पर हुए आतंकी हमले तक, उत्तराखंड के वीर सपूतों ने हमेशा अपनी जान की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की है। वीर केसरी चंद जैसे महानायकों का बलिदान सदा राष्ट्र को प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर अमित पांडे, राजेश चौहान, अमित जोशी, जयवीर चौहान, सतपाल चौहान, रविंद्र भंडारी, सरदार चौहान सहित कई लोग उपस्थित रहे।
एसएस राजामौली की ‘बाहुबली’ फ्रेंचाइजी एक बार फिर चर्चा में है। लगभग आठ साल बाद मेकर्स ने ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ और ‘बाहुबली: द कन्क्लूजन’ को मिक्स एडिट करके नए सिनेमेटिक फॉर्मेट में ‘बाहुबली: द एपिक’ नाम से थिएटर में उतारा है। रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस नंबर भी सामने आ गए हैं।
पहले दिन का बॉक्स ऑफिस
रिपोर्ट्स के अनुसार ‘बाहुबली: द एपिक’ ने ओपनिंग डे पर 9.25 करोड़ रुपए की कमाई की है। हालांकि इसे फ्रेश कंटेंट वाली नई फिल्म नहीं बल्कि कम्पाइंड एडिट कहा जा रहा है, फिर भी यह कलेक्शन बताता है कि बाहुबली फ्रेंचाइजी को लेकर आज भी दर्शकों में उत्सुकता कायम है।
कास्ट वही, मैजिक भी वही
इस एडिट वर्जन का निर्देशन भी एसएस राजामौली ने किया है और कास्ट भी पहले जैसी ही रखी गई है — प्रभास, राणा दग्गुबाती, राम्या कृष्णन और अनुष्का शेट्टी। फिल्म के अनाउंसमेंट से ही सोशल मीडिया पर फैंस की बहस जारी थी कि क्या फ्रेंचाइजी में अब भी पोटेंशियल बचा है — शुरुआती कमाई इसका जवाब ‘हां’ में देती दिख रही है।
रिलीज कैलेंडर में इस सप्ताह ‘बाहुबली: द एपिक’ के सामने कोई मेजर फिल्म नहीं है। ‘द ताज स्टोरी’, ‘मास जतारा’, ‘एक कुड़ी’ और ‘सिंगल सलमा’ जैसी स्मॉल/मिड स्केल रिलीज़ से इसे वीकेंड में अच्छा स्पेस मिलता दिख रहा है। ट्रेड सर्किल की मानें तो शनिवार-रविवार की ग्रोथ फिल्म के वर्ड ऑफ माउथ पर निर्भर करेगी।
8 साल बाद फिर बड़ी स्क्रीन पर बाहुबली
बाहुबली फ्रेंचाइजी 2015 में पहली फिल्म के साथ शुरू हुई थी। 2017 में आया दूसरा पार्ट बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता बन गया था। अब करीब आठ साल बाद ये “एपिक एक्सपीरियंस” फॉर्मेट में फैंस को थिएटर में वापस खींचने की कोशिश है।
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मुख्यमंत्री ने कहा- इगास-बग्वाल उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक पर्व है
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को लोक पर्व इगास बग्वाल (बूढ़ी दिवाली) की बधाई व शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इगास-बग्वाल उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक पर्व है, जो हमें अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश देता है।
CM धामी ने ये भी कहा कि राज्यवासियों की खुशहाली और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और आरोग्यता लेकर आए।
देवभूमि रजत उत्सव 2025: हरिद्वार में सीएम धामी ने राज्य आंदोलनकारियों को किया नमन
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्य निर्माण में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले राज्य आंदोलनकारियों, मातृशक्ति को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का ये रजत उत्सव एक उत्सव मात्र नहीं, बल्कि उन राज्य आंदोलनकारियों, माताओं-बहनों और युवाओं के प्रति अपनी भावांजलि अर्पित करने का पावन अवसर है जिन्होंने उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया।
अनेक चुनोतियों से घिरा हुआ था राज्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड अस्तित्व में आया तब ये नवजात राज्य भौगोलिक कठिनाइयों, सीमित संसाधनों समेत अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ था, लेकिन हमारी देवभूमि की जनता में ये अटूट विश्वास था कि कुछ भी हो जाए हम इस राज्य को आगे बढ़ाकर ही दम लेंगे और आज जब 25 वर्षों बाद हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो ये गर्व से कह सकते हैं कि इन वर्षों में उत्तराखंड न केवल इन चुनौतियों से लड़कर आगे बढ़ा, बल्कि आज विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है।
गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है रजत उत्सव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान केवल हमारी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता से ही नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और अटूट आस्था से भी है। कहा कि ये देवभूमि रजत उत्सव उसी गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, जो हमारी सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत बना रहा है। कहा कि यहां आयोजित प्रदर्शनी और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हम देश-दुनिया को ये संदेश देना चाहते हैं कि उत्तराखंड अपनी परंपराओं में रचा-बसा होने के साथ ही भविष्य की ओर भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
गांव से शहर तक, मातृशक्ति से श्रमशक्ति तक के लिए बनाई योजनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज हम गांवों से लेकर शहरों तक, किसानों से लेकर युवाओं तक, मातृशक्ति से लेकर श्रमशक्ति तक, व्यापारियों से लेकर कमचारियों तक प्रत्येक क्षेत्र और वर्ग के लिए कई नई योजनाएं बनाकर प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। आज प्रदेश में जहां एक ओर शहरों से लेकर सुदूर सीमावर्ती व पर्वतीय गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में सार्थक प्रयास किया जा रहा है, वहीं, लोकल फॉर वोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से विकसित भारत एवं विकसित उत्तराखंड बनाने के स्वप्न को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।
4 वर्षो के कठोर निर्णयों को बताया जनहित के निर्णय
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने चार वर्षों में लिए गए कठोर निर्णयों को जहित के निर्णय बताया। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी, सख्त दंगारोधी कानून, लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद सहित नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता कानून, अवैध मदरसों पर की गई कार्यवाही सहित ऑपरेशन कालनेमि अभियान का भी बखान किया। उन्होंने भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ‘ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की जा रही कार्यवाही की भी बात कही।
हरिद्वार के चहुंमुखी विकास के लिए अनेक परियोजनाओं पर चल रहा कार्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के चहुंमुखी विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दौहराते हुए कहा कि हम हरिद्वार शहर में जहां एक ओर 186 करोड़ रुपए से सीवरेज नेटवर्क निर्माण के साथ ही पूरे शहर में 187 करोड़ रुपए से अधिक की पेयजल परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृण बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज के निर्माण के साथ ही लालढांग क्षेत्र में मॉडल डिग्री कालेज की स्थापना की और हरिद्वार में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए भी हर संभव प्रयास किए हैं।
कहा कि हमारी सरकार धर्मनगरी को काशी विश्वनाथ एवं उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की भांति भव्य और दिव्य रूप देने के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर का निर्माण भी करा रहे हैं, जिसकी डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इसके साथ ही हरिद्वार में हेली सेवाओं के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण करने की कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। कहा कि हम हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी तक रोपवे के निर्माण और लालढ़ांग की बरसाती नदी में पुल का निर्माण करवा रहे हैं।
कुंभ के कार्यों में न बरतें अनियमितता, अन्यथा होगी कार्यवाही
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धर्मनगरी में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ के लिए हम अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। लेकिन, उनके संज्ञान में कुंभ के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों में कुछ अनियमितताएं बरतने की शिकायत आई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में लगे अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाएं या तो गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करें, अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें। क्योंकि हमारी सरकार धर्मनगरी हरिद्वार को एक विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
एआई रोबोट ने सुनाई डिजिटल इंडिया की गाथा
हरिद्वार में आयोजित देवभूमि रजत उत्सव 2025 के दौरान आधुनिक तकनीक और परंपरा का संगम भी देखने को मिला, जब एक अत्याधुनिक एआई रोबोट ने मंच से “डिजिटल इंडिया” की सफलता गाथा सुनाई। रोबोट ने आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारत आज विश्व का टेक्नोलॉजी हब बन चुका है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
कार्यक्रम में हरिद्वार मेयर किरण जैसल,रुड़की मेयर अनीता अग्रवाल,जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी,,रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री/प्रदेश उपाध्यक्ष स्वामी यतीश्वरानंद, दर्जाधारी राज्य मंत्री विनय रुहेला, राज्यमंत्री सुनील सैनी, राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि, अजीत सिंह, ब्लॉक प्रमुख कविंद्र, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा,भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ मधु सिंह, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, एपीडी नलिनीत घिल्डियाल, संजीव चौधरी,पूर्व विधायक संजय गुप्ता,पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा,युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रम भुल्लर उपस्थित रहे |
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सिल्वर सिटी मल्टीप्लेक्स में आयोजित जागरण फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय इस फिल्म फेस्टिवल में देश-विदेश की विभिन्न भाषाओं की चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। साथ ही फिल्मकारों और दर्शकों के बीच संवाद सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम में मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि फिल्में संवाद का एक सशक्त माध्यम हैं, इसलिए फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों का बड़ा सामाजिक दायित्व भी होता है।
उन्होंने कहा कि फिल्मों के माध्यम से समाज को प्रेरक संदेश और सीख देने की दिशा में कार्य होना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि फिल्में मनोरंजन का साधन होने के साथ-साथ समाज का दर्पण भी हैं। इसलिए फिल्मकारों को अपनी रचनात्मकता में सामाजिक सरोकार और सकारात्मक दृष्टिकोण को भी शामिल करना चाहिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ अभिनेता रजत कपूर, अभिनेत्री अहाना कुमरा, निर्माता शरद मित्तल, दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक मनोज झा, महाप्रबंधक अनुराग गुप्ता, देवेंद्र सती सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
2021 से 2025 तक पेट्रोल वाहनों के सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन, इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री घटी
रुड़की। तकनीक के इस दौर में जहां दुनिया तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर बढ़ रही है, वहीं रुड़की के लोगों की पसंद अब भी पेट्रोल वाहन ही बने हुए हैं। पिछले पांच वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पेट्रोल वाहनों का ही सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुआ है।
आरटीओ के आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 तक पेट्रोल वाहनों की संख्या हर साल बढ़ती रही, जबकि डीजल वाहनों का रुझान सीमित रहा। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई।
एआरटीओ (प्रशासन) एल्विन रॉक्सी ने बताया कि पेट्रोल वाहनों को लेकर लोगों की प्राथमिकता अब भी मजबूत है। हल्के और भारी वाहनों दोनों में पेट्रोल इंजन सबसे आगे हैं। वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद में लोगों की रुचि बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी इसकी सबसे बड़ी बाधा है।
आरटीओ के मुताबिक, 2025 में अब तक पेट्रोल वाहनों के 12,540, डीजल वाहनों के 1,676 और इलेक्ट्रिक वाहनों के 603 रजिस्ट्रेशन दर्ज किए गए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट आई है।
स्थानीय वाहन डीलरों का कहना है कि पेट्रोल वाहन फिलहाल लोगों के बजट और सुविधा दोनों के लिहाज से सबसे उपयुक्त विकल्प हैं, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर झुकाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
