ट्रंप ने कहा– रिपब्लिकन साधारण बहुमत से पारित करें कानून, वरना देश को होगा और नुकसान
वॉशिंगटन। अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन को लेकर सियासी टकराव और गहरा गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटरों से अपील की है कि वे ‘परमाणु विकल्प (Nuclear Option)’ अपनाकर फिलिबस्टर नियम को खत्म करें। उनका कहना है कि अगर यह कदम उठाया गया तो शटडाउन तत्काल समाप्त हो सकता है और सरकार सामान्य बहुमत से कानून पारित कर सकेगी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “अब वक्त है कि रिपब्लिकन अपना ‘ट्रंप कार्ड’ खेलें — फिलिबस्टर खत्म करें और शटडाउन का अंत करें।”
उनका यह बयान एशिया दौरे से लौटने के बाद आया है। ट्रंप ने दावा किया कि डेमोक्रेट्स ने सरकार को शटडाउन की स्थिति में पहुंचा दिया है और रिपब्लिकन पार्टी को अब निर्णायक कदम उठाना चाहिए।
फिलिबस्टर विवाद फिर गर्माया
अमेरिकी राजनीति में फिलिबस्टर एक ऐसा नियम है, जिसके तहत सीनेट में किसी भी विधेयक को पारित करने के लिए 60 वोटों की आवश्यकता होती है। यह नियम लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है, क्योंकि इसके जरिए विपक्ष किसी भी विधेयक को रोक सकता है।
ट्रंप ने कहा कि अतीत में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने भी इस नियम को समाप्त करने की बात कही थी, ताकि मतदान अधिकार और गर्भपात से जुड़े कानून पारित किए जा सकें, लेकिन उन्हें अपनी ही पार्टी से पूरा समर्थन नहीं मिला।
“अगर डेमोक्रेट्स सत्ता में होते, तो वे फिलिबस्टर खत्म कर देते” – ट्रंप
राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि अगर डेमोक्रेट्स को मौका मिलता, तो वे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए यह नियम खत्म करने में हिचकिचाते नहीं। उन्होंने कहा कि अब जबकि रिपब्लिकन सत्ता में हैं, उन्हें देशहित में वही कदम उठाना चाहिए।
शटडाउन से अमेरिका की सेवाओं पर असर
सरकारी शटडाउन को एक माह से अधिक हो चुका है। इससे कई फेडरल एजेंसियों के कामकाज प्रभावित हुए हैं और एसएनएपी (खाद्य सहायता) जैसी योजनाओं पर भी असर पड़ने का खतरा है।
कई रिपब्लिकन सीनेटर अस्थायी रूप से 60 वोटों के नियम को निलंबित करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, जबकि डेमोक्रेट्स फंडिंग बिल में अफोर्डेबल केयर एक्ट की सब्सिडी बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं।
सीनेट में फिलहाल रिपब्लिकन के पास 53 सीटें हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि फिलिबस्टर खत्म करने के लिए पार्टी के पास पर्याप्त समर्थन मौजूद है या नहीं।
फूड स्टॉल, ड्रोन कबड्डी, स्पोर्ट्स टेक हैकाथान भी रहेंगे मुख्य आकर्षण
देहरादून। 6 नवंबर से होने वाले तीन दिवसीय युवा महोत्सव में इस साल विभिन्न स्कूलों कॉलेजों और यूनिवर्सिटिययों के बैंड धमाल मचाएंगे। इसके अलावा सांस्कृतिक कलाकारों की प्रस्तुतियां, फूड स्टॉल, ड्रोन कबड्डी, स्पोर्ट्स टेक हैकाथान जैसे आयोजन भी आकर्षण का केंद्र बनेंगे। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों के साथ बैठक में तैयारियों को अंतिम रूप दिया।
यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस बार के युवा महोत्सव में परंपरागत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और युवाओं के आधुनिक संगीत-नृत्य का मिला-जुला संगम देखने को मिलेगा। इस महोत्सव से युवाओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जोड़ने के लिए प्रदेश की विभिन्न निजी और सरकारी यूनिवर्सिटियों, साथ ही देहरादून के प्रतिष्ठित स्कूलों के बैंड को भी आमंत्रित किया गया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि महोत्सव के लिए रजिस्ट्रेशन तेजी से चल रहा है । यहां पर फूड स्टॉल्स, हैंड वर्क टेक्सटाइल व अन्य स्टॉल प्रदर्शित किए जाएंगे । ड्रोन कबड्डी और पारंपरिक खेल पिट्ठू का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ-साथ लोक नृत्य, कविता लेखन, भाषण, लोकगीत प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
मुर्गा झपट जैसे मनोरंजन खेल होंगे साथ ही स्पोर्ट्स टेक हैकाथान में भी युवा अपना जौहर दिखाएंगे।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, उपनिदेशक एसके जयराज आदि उपस्थित रहे।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कम पर्यटक पहुंचे, फिर भी प्राकृतिक सौंदर्य बना आकर्षण का केंद्र
चमोली। विश्व धरोहर फूलों की घाटी को आज से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। बर्फ की परतों से ढकी घाटी ने सीजन के अंतिम दिनों में सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वन विभाग के अनुसार, इस वर्ष घाटी में कुल 15,934 देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचे, जिससे विभाग को ₹33.28 लाख की आय हुई। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में 19,401 पर्यटक आए थे, जिससे विभाग को ₹39.40 लाख की आय प्राप्त हुई थी।
समय से पहले बर्फबारी बनी आकर्षण का केंद्र
इस बार मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण घाटी में समय से पहले बर्फबारी हो गई। बर्फ की सफेद चादर ने पूरी घाटी को स्वर्गिक रूप दे दिया। हालांकि, बर्फबारी के चलते फूलों की कई प्रजातियां जल्द मुरझा गईं।
स्थानीय टूर ऑपरेटर संजय सती ने बताया कि “इस बार घाटी में फूलों की संख्या भले ही कम रही, लेकिन बर्फ के कारण घाटी का सौंदर्य और भी बढ़ गया। कई पर्यटक सिर्फ बर्फ का नजारा देखने यहां पहुंचे।”
हर दिन पहुंच रहे थे सीमित पर्यटक
वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि “बर्फबारी के बाद भी घाटी में रोज़ाना 8 से 10 पर्यटक पहुंच रहे थे।” उन्होंने बताया कि अब घाटी को आगामी पर्यटक सीजन तक बंद कर दिया गया है, ताकि बर्फ पिघलने के बाद वन क्षेत्र और फूलों की प्रजातियों का प्राकृतिक पुनर्जनन हो सके।
अगले सीजन में फिर दिखेगा रंगों का समंदर
घाटी को अब अगले वर्ष फिर से पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की समयपूर्व बर्फबारी घाटी की जैव विविधता पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। अगले सीजन में यहां नए और दुर्लभ फूलों की प्रजातियों के उभरने की संभावना है।
देश में लिवर से जुड़ी बीमारियां अब गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले जहां यह समस्या 45-50 साल की उम्र के बाद देखने को मिलती थी, वहीं अब 20 साल से कम उम्र के युवा भी फैटी लिवर जैसी जटिल बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
गलत जीवनशैली, जंक फूड, देर रात तक जागना, व्यायाम की कमी और शराब का सेवन इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार लिवर हमारे शरीर का सबसे अहम अंग है जो पाचन, ऊर्जा संचय और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने का काम करता है। लेकिन जब इसमें अत्यधिक चर्बी जमा हो जाती है तो यह फैटी लिवर डिजीज में बदल जाता है — जो आगे चलकर लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी घातक स्थिति पैदा कर सकता है।
नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर भी बना चिंता का कारण
विशेषज्ञ बताते हैं कि फैटी लिवर सिर्फ शराब पीने वालों की बीमारी नहीं है। आजकल नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका कारण है — असंतुलित खानपान, मोटापा और निष्क्रिय दिनचर्या।
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह रोग पूरे शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर देता है और हार्ट डिजीज, डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा देता है।
क्या कह रहे हैं डॉक्टर?
डॉक्टरों के अनुसार, जीवनशैली में सुधार और संतुलित आहार इस बीमारी की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका है।
रोज़ाना हल्का व्यायाम करें और वजन नियंत्रित रखें।
आहार में फलों, हरी सब्जियों, साबुत अनाज और दालों की मात्रा बढ़ाएं।
रिफाइंड शुगर, नमक और ट्रांस फैट से भरपूर चीजों से बचें।
शराब और जंक फूड को पूरी तरह त्यागें।
कॉफी पीना भी हो सकता है फायदेमंद
शोध बताते हैं कि कॉफी का सीमित सेवन फैटी लिवर के खतरे को कम कर सकता है। यह लिवर एंजाइम्स को नियंत्रित करने और सूजन घटाने में मददगार साबित होती है। हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह के बिना अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदेह हो सकता है।
किन चीजों से बचें
तले हुए भोजन और ट्रांस फैट लिवर में चर्बी बढ़ाते हैं।
मीठे पेय जैसे सोडा, कोल्ड ड्रिंक और डेज़र्ट्स लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं।
जंक फूड में मौजूद सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स भी लिवर को कमजोर बनाते हैं।
शराब का सेवन लिवर सिरोसिस का सबसे बड़ा कारण है।
(साभार)
राष्ट्रीय एकता दिवस पर बोले प्रधानमंत्री — “देश सेवा से बड़ा कोई सुख नहीं”
केवड़िया। गुजरात के केवड़िया में आज देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की प्रतिमा के सामने पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड की सलामी ली। सेना, पुलिस और एनसीसी की टुकड़ियों ने एकता और देशभक्ति का शानदार प्रदर्शन किया, वहीं सांस्कृतिक झांकियों ने भारत की विविधता में एकता का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने जिस भारत की एकता का सपना देखा था, उसे और मजबूत बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की 550 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर सरदार पटेल ने जो कार्य किया, वह अद्वितीय है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि “हर वह विचार और कार्य जो देश की एकता को कमजोर करे, उससे दूर रहना ही सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजलि है।” उन्होंने कहा कि देश आज उन घुसपैठियों और ताकतों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है जो भारत की एकता और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
मोदी ने अपने भाषण में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते दशकों में वोट बैंक की राजनीति के चलते देश की सुरक्षा से समझौते किए गए। लेकिन आज भारत निर्णायक नेतृत्व के साथ आगे बढ़ रहा है और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरदार पटेल का जीवन इस बात की प्रेरणा है कि देश सेवा से बड़ा कोई सुख नहीं होता। उन्होंने देश में तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक हाइवे, एक्सप्रेसवे और वंदे भारत ट्रेनों ने भारत की दूरियों को घटाया है और विकास की गति को नई दिशा दी है।
हर्षवर्धन राणे और सोनम बाजवा स्टारर रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’ दर्शकों के दिलों में जगह बनाती जा रही है। रिलीज के 10 दिन बाद भी फिल्म का क्रेज थमने का नाम नहीं ले रहा है। फिल्म ने लगभग 55 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है।
फिल्म ने अपने 10वें दिन 2.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया, जबकि 9वें दिन 3 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। सिनेमाघरों में दर्शकों की लगातार बढ़ती संख्या यह साबित करती है कि फिल्म ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में सफलता हासिल की है।
हर्षवर्धन राणे के अभिनय की तारीफ
‘सनम तेरी कसम’ फेम हर्षवर्धन राणे ने इस फिल्म में एक जुनूनी कलाकार “विक्रमादित्य” का किरदार निभाया है, जो अदा (सोनम बाजवा) के प्यार में पूरी तरह खो जाता है। दर्शक और समीक्षक दोनों ही उनके इमोशनल और इंटेंस परफॉर्मेंस की सराहना कर रहे हैं। भले ही फिल्म को मिश्रित समीक्षाएं मिली हों, लेकिन राणे के अभिनय ने दर्शकों को प्रभावित किया है।
कहानी और प्रतिस्पर्धा
फिल्म एक दीवाने प्रेमी की कहानी है जो प्यार को जुनून की हद तक जीता है। इस बीच, बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला ‘थामा’ जैसी बड़ी फिल्म से है, लेकिन ‘एक दीवाने की दीवानियत’ अपनी पकड़ बनाए हुए है। फिल्म अब भी कई मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में अच्छी चल रही है।
(साभार)
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता
देहरादून। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग जल्द ही डॉक्टरों के 287 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इसके लिए शासन ने प्रस्ताव उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेज दिया है। इनमें 231 पद सीधी भर्ती और 56 पद बैकलॉग के अंतर्गत शामिल किए गए हैं।
सरकार का उद्देश्य राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना है। जहां डॉक्टरों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, वहां अब नई नियुक्तियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं और यह भर्ती अभियान उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि वह जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करे, ताकि राज्य के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सक तैनात किए जा सकें और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
जेमिमा-हरमनप्रीत की 167 रनों की साझेदारी ने पलटा मैच
अब दक्षिण अफ्रीका से होगी खिताबी जंग, टीम इंडिया के पास सूखा खत्म करने का मौका
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक रोमांचक मुकाबले में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर उसका विजयी अभियान थाम दिया और महिला वनडे विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि एकता, जज्बे और आत्मविश्वास की मिसाल भी पेश की।
भारत की जीत की नायिका रहीं जेमिमा रॉड्रिग्ज और कप्तान हरमनप्रीत कौर, जिन्होंने तीसरे विकेट के लिए 167 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की। जेमिमा ने नाबाद 127 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया, जबकि हरमनप्रीत ने 89 रन बनाए। जीत के बाद भावुक हुईं जेमिमा अपनी खुशी के आंसू नहीं रोक सकीं।
मैच का रोमांच
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 338 रन बनाए। जवाब में भारत की शुरुआत भले ही धीमी रही, लेकिन जेमिमा और हरमनप्रीत ने मोर्चा संभाला। इन दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ को नाकाम करते हुए एक-एक कर चौके-छक्के बरसाए।
48.3 ओवर में भारत ने 5 विकेट पर 341 रन बनाकर शानदार जीत हासिल की।
ऑस्ट्रेलिया की पारी
ऑस्ट्रेलिया की ओर से फोएबे लिचफील्ड ने शानदार 119 रन की पारी खेली। एलिस पैरी (77) और एश्ले गार्डनर (63) ने भी टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत की ओर से दीप्ति शर्मा और श्री चरण ने दो-दो विकेट झटके, जबकि अमनजोत कौर और राधा यादव ने एक-एक विकेट लिया।
भारत का फाइनल सफर
भारत अब रविवार को फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगा, जिसने दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराया। यह भारत का तीसरा वनडे विश्व कप फाइनल होगा — टीम इससे पहले 2005 और 2017 में भी खिताबी मुकाबले तक पहुंची थी। इस बार टीम इंडिया के पास पहली बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने का सुनहरा मौका है।
सीएम धामी ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने जनता को स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त भारत का संकल्प दिलाया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित पदयात्रा में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ने का संकल्प भी दिलाया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारत की एकता, अखंडता और संकल्प के प्रतीक हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान और रियासतों के भारत में विलय की उनकी ऐतिहासिक भूमिका के कारण उन्हें सच्चे अर्थों में “लौह पुरुष” कहा जाता है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, रेखा आर्या, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, और सविता हरबंस कपूर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने जनता से NDA उम्मीदवार को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने की अपील की
मोतिहारी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को बिहार के कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी सचिन्द्र प्रसाद सिंह के समर्थन में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सभा में मुख्यमंत्री धामी ने जनता से NDA उम्मीदवार को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जब राजनीति में सिद्धांतों की जगह परिवारवाद और स्वार्थ हावी हो जाते हैं, तो लूट-खसोट और भ्रष्टाचार स्वाभाविक हो जाता है। सीएम धामी ने कहा कि RJD और कांग्रेस की राजनीति इसका स्पष्ट उदाहरण है — जहाँ टिकटों की बिक्री से लेकर सत्ता में आने पर घोटालों की बरसात तक सब कुछ देखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “बिहार में RJD का परिवार अब भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुका है, इनके अधिकांश सदस्य जमानत पर हैं। वहीं कांग्रेस का परिवार देश का सबसे बड़ा भ्रष्ट राजनीतिक कुनबा है, जहाँ नेता जनता से नहीं बल्कि अदालतों से राहत मांगते फिरते हैं। इनके लिए लोकतंत्र जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सत्ता लूट का जरिया बन चुकी है।”
सीएम धामी ने विश्वास जताया कि बिहार की जागरूक, राष्ट्रवादी और विकासप्रिय जनता एक बार फिर राज्य के समग्र विकास और सुशासन के लिए NDA को चुनने जा रही है।
